Category: Crime News

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  • गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव दिंडोशी में ‘मासूम’ का आतंक खत्म, गणतंत्र दिवस की चाकूबाजी लूट के आरोपी की गिरफ्तारी

    गोरगांव पूर्व के दिंडोशी में चाकू की नोक पर लूट करने वाला ‘मासूम’ नाम से कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, रिपब्लिक डे पर की थी वारदात, इलाके में दहशत का माहौल खत्म।

    मुंबई: गोरगांव पूर्व के दिंडोशी इलाके में लंबे समय से दहशत फैलाने वाले ‘मासूम’ नाम के कुख्यात बदमाश का आतंक आखिरकार खत्म हो गया है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमले की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी साबिर इस्लाम शेख (26) को दिंडोशी पुलिस ने 31 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खुद को लोकल डॉन बताकर लोगों को डराता था, जिससे इलाके के लोग पुलिस तक जाने से भी घबराते थे।

    😨 ‘मासूम’ नाम, लेकिन काम से दहशत

    दिंडोशी और आसपास के संकरे इलाकों में ‘मासूम’ नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। विडंबना यह थी कि मासूम नाम रखने वाला यह युवक चोरी और चाकू की नोक पर लूट की घटनाओं से पूरे इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके डर से कई वारदातें रिपोर्ट तक नहीं हो पाती थीं।

    🇮🇳 गणतंत्र दिवस पर हुई चाकू की नोक पर लूट

    पुलिस के अनुसार, रिपब्लिक डे के दिन 52 वर्षीय शिकायतकर्ता, जो आरे मिल्क कॉलोनी में एक होटल में वेटर का काम करता है, ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर लौट रहा था। संतोष नगर इलाके में बाइक पार्क करते ही आरोपी ने उसे जानबूझकर गिराया, गाली-गलौज की और चाकू दिखाकर ₹1500 नकद और आधार कार्ड लूट लिया।

    🔪 बेटे ने किया बचाव, पिता पर चाकू से हमला

    जब शिकायतकर्ता का 18 वर्षीय बेटा बीच-बचाव के लिए आगे आया, तो आरोपी और ज्यादा हिंसक हो गया। आरोप है कि आरोपी ने खुद को लोकल डॉन बताते हुए धमकाया और शिकायतकर्ता के दाहिने हाथ पर चाकू से वार कर दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

    🚔 पुलिस ने ऐसे दबोचा आरोपी

    घटना की शिकायत दिंडोशी पुलिस स्टेशन में दर्ज होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और लोकल इन्फॉर्मेशन के आधार पर जांच शुरू की। 31 जनवरी की शाम को पुलिस ने आरोपी साबिर इस्लाम शेख को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    ⚖️ इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 311, 309(6), 351 और 352 के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(A)/135 भी लगाई गई है।

    🏘️ इलाके के लोगों ने ली राहत की सांस

    ‘मासूम’ की गिरफ्तारी के बाद दिंडोशी इलाके में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब वे बिना डर के बाहर निकल पा रहे हैं और पुलिस पर भरोसा बढ़ा है।

    🔍 पुलिस का कहना – आगे भी होगी सख्त कार्रवाई

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा है या नहीं। पुलिस ने साफ किया है कि इलाके में अपराध और गुंडागर्दी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ‘मासूम’ कौन है?
    ➡️ ‘मासूम’ गोरगांव दिंडोशी इलाके में सक्रिय 26 वर्षीय बदमाश साबिर इस्लाम शेख का उपनाम है।

    Q2. आरोपी ने कौन-सी वारदात की थी?
    ➡️ रिपब्लिक डे के दिन चाकू की नोक पर लूट और हमला।

    Q3. आरोपी को कब गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ 31 जनवरी को गोरगांव ईस्ट के संतोष नगर से।

    Q4. मामला कहां दर्ज हुआ है?
    ➡️ दिंडोशी पुलिस स्टेशन में।

  • मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मुंबई के मालाड ईस्ट में कुरार पुलिस और ATC की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को ये कार्रवाई विश्वसनीय मुखबिर की सूचना के आधार पर करनी पड़ी। आरोपियों के पास से बांग्लादेश के नागरिकता से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    📍 कैसे मिली पुलिस को सूचना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2, 5 और 6 फरवरी को कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात अधिकारी रफीक मुजावर को एक भरोसेमंद मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं।

    🚔 ATC और कुरार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    सूचना के आधार पर कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) की टीम ने मालाड़ पूर्व पठान वाड़ी के हुमेरा पार्क गार्डन, टूबा होटल और साहिल होटल जैसे संवेदनशील इलाकों में जाल बिछाया। सतर्कता के साथ की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को बिना भागने का मौका दिए हिरासत में लिया गया।

    🕵️‍♂️ पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपनी पहचान और नागरिकता को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और ठिकानों का खुलासा कर दिया, जो कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

    👥 गिरफ्तार किए गए आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने कुल चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

    • तूहिनुर जयनाल सरदार (30) – चिकन शॉप संचालक
    • मोहम्मद अब्दुल मोमिन लतीफ सरदार (52) – व्यवसायी
    • नज़रुल इस्लाम शोर अली बिस्वास (41) – कबाड़ व्यापारी
    • मोहम्मद इमामुल हक तैबुर रहमान (46) – व्यवसायी

    📄 बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और बांग्लादेश नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बरामद किए हैं, जिससे उनकी विदेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

    ⚖️ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    🔍 मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बढ़ी सख्ती

    इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज की जा रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके से।

    Q2. कार्रवाई किसने की?
    ➡️ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने संयुक्त रूप से।

    Q3. आरोपियों के पास कौन से दस्तावेज मिले?
    ➡️ बांग्लादेशी नागरिकता और पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    ➡️ कानूनी प्रक्रिया के बाद डिपोर्टेशन।

  • मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड वेस्ट में स्कूल के पास 5 साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल के चपरासी को गिरफ्तार किया है, जबकि कार्रवाई में देरी के आरोप में स्कूल के CEO पर भी केस दर्ज किया गया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक स्कूल के पास 5 साल की मासूम बच्ची से कथित यौन दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। मालाड पुलिस ने इस मामले में स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी अनिल पांचाळ को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को धमकाया और गलत तरीके से छुआ। शिकायत स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO अनंत यज्ञीक के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है।

    📍 कहां और कैसे हुआ मामला

    यह कथित घटना मालाड वेस्ट के एसवी रोड स्थित एक शैक्षणिक संस्थान के पास हुई। पीड़ित बच्ची रोज़ की तरह स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी कर्मचारी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की, ऐसा मां का आरोप है।

    🚨 स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की डिटेक्शन टीम ने शुक्रवार को 30 साल के आरोपी स्कूल चपरासी को उसके रिहायशी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्कूल में निचले स्तर पर काम करता था और बच्चों की आवाजाही से अच्छी तरह वाकिफ था।

    🏫 स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

    पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, उन पर समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का आरोप है।

    👮 पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और कहां-कहां लापरवाही हुई। पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है।

    ⚖️ कानूनी धाराएं और बच्चों की सुरक्षा

    इस मामले में POCSO Act की धारा 10, 17 और 21(2) एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां हुई है?
    मालाड वेस्ट, एसवी रोड के पास एक स्कूल के नजदीक।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी 30 वर्षीय स्कूल का चपरासी है।

    Q3. क्या स्कूल प्रशासन पर भी केस दर्ज हुआ है?
    हां, स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
    POCSO Act और IPC की संबंधित धाराओं के तहत।

    Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
    पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है।

  • बांद्रा वेस्ट में 14 घंटे पानी बंद, 10 फरवरी को जलापूर्ति प्रभावित

    बांद्रा वेस्ट में 14 घंटे पानी बंद, 10 फरवरी को जलापूर्ति प्रभावित

    बांद्रा पश्चिम में 900 मिमी पानी की पाइपलाइन की मरम्मत के चलते 10 फरवरी 2026 को 14 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी। BMC ने पानी का स्टॉक रखने की अपील की है।

    मुंबई: बांद्रा (पश्चिम) इलाके में रहने वाले नागरिकों के लिए जरूरी सूचना है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा पाली हिल जलाशय से जुड़ी 900 मिमी व्यास की इनलेट जलवाहिनी में गड़बड़ी की मरम्मत का काम किया जा रहा है। यह काम मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान एच वेस्ट वार्ड के कई इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा, जबकि कुछ इलाकों में कम दबाव से पानी सप्लाई की जाएगी।

    🔧 क्यों किया जा रहा है यह काम?

    BMC के मुताबिक:

    • पाली हिल जलाशय की 900 मिमी इनलेट पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है
    • यह पाइपलाइन कुरैशी नगर झोपड़पट्टी (बांद्रा वेस्ट) के पास
    • MHADA के खुले भूखंड और
    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास से गुजरती है

    भविष्य में बड़ी समस्या से बचने के लिए तत्काल मरम्मत जरूरी थी।

    मरम्मत का समय और अवधि

    • 📅 दिनांक: मंगलवार, 10 फरवरी 2026
    • ⏱️ समय: सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक
    • कुल अवधि: लगभग 14 घंटे

    इन इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा

    बांद्रा (पश्चिम) और खार (पश्चिम) के कई हिस्सों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी:

    1. हिल रोड, पेरी रोड, मैन्युअल गोन्साल्विस रोड, सेंट एंड्रूज रोड, सेंट पॉल रोड, कार्टर रोड, पाली गांव, चिंबई गांव, शर्ली गांव, कांत्वाड़ी इलाका
    2. खार दांडा, कोळीवाड़ा, दांडा पाडा, चुईम गांवठाण, गझदरबंद झोपड़पट्टी, खार पश्चिम का कुछ हिस्सा
    3. हनुमान नगर झोपड़पट्टी, लक्ष्मी नगर, कार्टर रोड, यूनियन पार्क रोड नंबर 1 से 4, पाली हिल
    4. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड, पाली पठार झोपड़पट्टी, खार के 15वें से 20वें रोड तक का इलाका
    5. चैपल रोड, वेरोनिका रोड, डॉ. पीटर डायस रोड, सेंट जॉन बैप्टिस्ट रोड का कुछ हिस्सा
    6. माउंट मेरी चर्च और आसपास का इलाका
    7. के. सी. रोड, एल. के. मेहता रोड, बाजार रोड का कुछ हिस्सा, ए. के. वैद्य रोड
    8. झिगझैग रोड, कोलडोंगरी, नरगिस दत्त रोड, पाली माला रोड

    ⚠️ इन इलाकों में कम दबाव से पानी मिलेगा

    • हिल रोड के आखिरी सिरे से
    • ताज लैंड्स एंड
    • बी. जे. रोड
    • एच. के. भाभा रोड
    • काणे रोड
    • गणेश झोपड़पट्टी

    ➡️ इन इलाकों में रात 1 बजे से सुबह 4:30 बजे तक कम दबाव में पानी दिया जाएगा।

    🧴 BMC की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि:

    • पहले से जरूरी पानी का स्टॉक करके रखें
    • मरम्मत के दौरान पानी का किफायती इस्तेमाल करें
    • एहतियातन अगले कुछ दिनों तक
      👉 पानी उबालकर या छानकर पिएं

    BMC ने इस दौरान नागरिकों से पूरा सहयोग करने की अपील की है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. बांद्रा में पानी कब बंद रहेगा?
    ➡️ 10 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे से रात 12 बजे तक।

    Q2. पानी बंद होने की वजह क्या है?
    ➡️ 900 मिमी इनलेट पाइपलाइन में लीकेज की मरम्मत।

    Q3. किन इलाकों में पानी पूरी तरह बंद रहेगा?
    ➡️ बांद्रा वेस्ट और खार वेस्ट के कई रिहायशी इलाके।

    Q4. क्या कहीं पानी मिलेगा भी?
    ➡️ कुछ इलाकों में रात 1 से सुबह 4:30 बजे तक कम दबाव में पानी मिलेगा।

    Q5. BMC ने क्या सलाह दी है?
    ➡️ पानी जमा करने, किफायत से उपयोग करने और उबालकर पीने की सलाह।

  • मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात से 1.3 किलो सोना हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस ने 1.3 किलो सोने की धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी दिनेश गोस्वामी को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पत्नी अब भी फरार।

    मुंबई: मालाड पुलिस स्टेशन ने आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में वॉन्टेड आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने मुंबई के एक ज्वेलर से करीब 1.3 किलो सोना (कीमत लगभग ₹1.5 करोड़) हड़प लिया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश डांगीरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जिसे अहमदाबाद (गुजरात) से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसकी पत्नी और सह-आरोपी अमिता दिनेश गोस्वामी अब भी फरार है।

    कैसे सामने आया मालाड का पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता कुनाल शाह, कंदिवली में रहने वाले एक जाने-माने ज्वेलर हैं। वह पिछले 30 वर्षों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़े हुए हैं।
    उनकी कंपनी P.H. Ornament Private Limited, मालाड के मारवे रोड स्थित प्रेस्टिज इंडस्ट्रीज एस्टेट में स्थित है। इसके अलावा उन्होंने 2018 में Zara Design नाम से एक और फर्म भी शुरू की थी।

    भरोसे से शुरू हुआ कारोबार

    साल 2022 में ममता नरेंद्र गोस्वामी नाम की महिला कुनाल शाह की कंपनी में ज्वेलरी डिजाइनिंग सीखने आई थी। इसी दौरान कुनाल शाह की पहचान उसके पति नरेंद्र गोस्वामी से हुई, जिसने खुद को टाइटन कंपनी से जुड़ा बताया।
    नरेंद्र ने कुनाल शाह को Arya Jewels नाम की कंपनी से मिलवाया, जिसे दिनेश और अमिता गोस्वामी चलाते थे। दावा किया गया कि यह कंपनी बड़े-बड़े ब्रांड्स के लिए ज्वेलरी बनाती है।

    कई ऑर्डर समय पर पूरे, बढ़ा भरोसा

    जांच में सामने आया कि जुलाई 2022 से सितंबर 2024 के बीच दोनों कंपनियों के बीच कई छोटे-बड़े ऑर्डर हुए, जो समय पर पूरे किए गए। इससे दोनों पक्षों के बीच भरोसा मजबूत हो गया।

    1.3 किलो सोना लेकर आरोपी फरार

    इस भरोसे के चलते अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान कुनाल शाह की कंपनी ने 1,338 ग्राम शुद्ध सोना, जिसकी कीमत करीब ₹1.5 करोड़ है, ज्वेलरी बनाने के लिए Arya Jewels को सौंपा।
    लेकिन तय समय पर न तो ज्वेलरी तैयार हुई और न ही कोई जवाब मिला। जब कुनाल शाह ने संपर्क किया तो दोनों आरोपियों के मोबाइल बंद मिले। ऑफिस पहुंचने पर पता चला कि कंपनी बंद कर दी गई है।

    शिकायत के बाद शुरू हुई तलाश

    इसके बाद कुनाल शाह ने मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की।

    अहमदाबाद से आरोपी गिरफ्तार

    करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दिनेश गोस्वामी अहमदाबाद में छिपा है।
    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुश्यंत चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहमदाबाद जाकर दिनेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में कबूलनामा

    पुलिस पूछताछ में दिनेश गोस्वामी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह वारदात अपनी पत्नी अमिता गोस्वामी के साथ मिलकर की। उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।

    पत्नी फरार, जल्द गिरफ्तारी संभव

    पुलिस ने बताया कि सह-आरोपी अमिता गोस्वामी को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी संभव है


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आरोपी पर कितने सोने की धोखाधड़ी का आरोप है?
    👉 करीब 1,338 ग्राम सोना, जिसकी कीमत लगभग ₹1.5 करोड़ है।

    Q2. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    👉 अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. शिकायतकर्ता कौन है?
    👉 कंदिवली निवासी ज्वेलर कुनाल शाह।

    Q4. आरोपी की पत्नी का क्या स्टेटस है?
    👉 वह सह-आरोपी है और फिलहाल फरार है।

    Q5. किस पुलिस स्टेशन में केस दर्ज है?
    👉 मालाड पुलिस स्टेशन।

  • मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू में घर के अंदर रखा मगरमच्छ और कछुआ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

    मुंबई के जूहू इलाके में एक घर से अवैध रूप से रखे गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग और क्राइम ब्रांच ने रेस्क्यू किया। वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत युवक पर केस दर्ज।

    बॉबी शेख
    मुंबई: विलेपार्ले पश्चिम के जूहू इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी घर के अंदर मगरमच्छ और कछुए को अवैध रूप से रखा गया था। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और NGO की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों जानवरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    गुप्त सूचना के बाद हुई संयुक्त कार्रवाई

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, वन विभाग को सूचना मिली थी कि जूहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज के फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया।
    इसके बाद पुलिस, वन विभाग और NGO ‘Serp India’ की संयुक्त टीम बनाई गई।

    जूहू के रुइया पार्क इलाके में छापा

    संयुक्त टीम ने जूहू स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चॉल, जे.आर. म्हात्रे मार्ग पर छापा मारा।
    कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र गवाह भी मौजूद थे। जैसे ही टीम ने घर का दरवाजा खोला, अंदर एक महिला और युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उसके भाई इमरान शेख के रूप में हुई।

    कांच के टैंक में रखा था मगरमच्छ

    घर की तलाशी के दौरान एक छोटे कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ (Indian Spotted Turtle) बरामद किया गया।
    दोनों जानवरों को तुरंत सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर सुरक्षित पिंजरों में रखा गया।

    शेड्यूल-1 में शामिल हैं दोनों जानवर

    पुलिस ने बताया कि मगरमच्छ और कछुआ दोनों ही वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की शेड्यूल-1 सूची में शामिल हैं।
    इस श्रेणी के जानवरों को निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

    भाई पर लगाया आरोप, जानकारी देने से बचा

    पूछताछ के दौरान शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उसके भाई इमरान घर लेकर आया था। वहीं इमरान शेख ने यह बताने से बचने की कोशिश की कि उसने ये जानवर कहां से और कैसे हासिल किए

    वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत मामला दर्ज

    मुंबई पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत केस दर्ज किया है।
    पूरी कार्रवाई की डिजिटल रिकॉर्डिंग भी की गई है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।

    वन विभाग को सौंपे गए जानवर

    रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जानवरों को अब उचित देखभाल और पुनर्वास दिया जाएगा।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह मामला मुंबई के किस इलाके से सामने आया?
    👉 जूहू इलाके से।

    Q2. घर से कौन-कौन से जानवर मिले?
    👉 एक भारतीय मगरमच्छ और एक भारतीय धब्बेदार कछुआ।

    Q3. किस कानून के तहत केस दर्ज हुआ है?
    👉 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act)।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख।

    Q5. रेस्क्यू किए गए जानवरों का क्या हुआ?
    👉 दोनों को वन विभाग को सौंप दिया गया है, जहां उनका पुनर्वास किया जाएगा।

  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।

  • नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    नकली ट्रेडिंग ऐप से 48.5 लाख की ठगी, मुंबई साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा

    मुंबई के बोरीवली के व्यापारी से नकली ट्रेडिंग ऐप और WhatsApp ग्रुप के जरिए 48.5 लाख की साइबर ठगी। नॉर्थ साइबर पुलिस ने पुणे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: साइबर पुलिस ने नकली शेयर मार्केट ट्रेडिंग ऐप स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए पुणे के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बोरीवली के एक बिजनेसमैन को WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप और नकली ट्रेडिंग ऐप के जरिए 48.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच जारी है।

    📍 कैसे शुरू हुई ठगी की कहानी

    पीड़ित, 43 वर्षीय कारोबारी, बीकेसी के डायमंड मार्केट में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर काम करता है।
    अक्टूबर 2025 में उसे एक अंजान महिला का कॉल आया, जिसने अपना नाम “रिया” बताया और खुद को SEBI से जुड़े ब्रोकर्स के साथ काम करने वाला बताया।

    इसके बाद पीड़ित को “Daily Recommendations 602” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां रोज़

    • शेयर टिप्स
    • IPO अपडेट
    • QIB इन्वेस्टमेंट
    • मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट

    शेयर किए जाते थे।

    📲 VIP ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप का जाल

    विश्वास बढ़ाने के लिए पीड़ित को बिना अनुमति “VIP Study Group” में भी जोड़ दिया गया।
    यहां उसे एक लिंक भेजकर TMGPLUS नाम का ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया गया।

    यह ऐप दिखने में असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा था और उसमें

    • फर्जी मुनाफा
    • बढ़ती हुई रकम
      दिखाई जाती थी, जिससे पीड़ित और ज्यादा निवेश करने लगा।

    💰 48.50 लाख रुपये कैसे निकाले गए

    पुलिस के अनुसार,
    18 नवंबर से 12 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित ने

    • IMPS
    • NEFT
    • RTGS

    के जरिए 48.50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए।

    शुरुआत में छोटी रकम निकालने दी गई, ताकि भरोसा बने।
    लेकिन जब बड़ी रकम निकालने की कोशिश की गई, तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।

    🧾 IPO अलॉटमेंट का बहाना

    जब पीड़ित ने अपनी रकम और मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने कहा कि

    • पैसा IPO अलॉटमेंट में फंसा है
    • रकम रिलीज करने के लिए 50 लाख रुपये और जमा करने होंगे

    इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने

    • साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की
    • फिर पुलिस से संपर्क किया।

    👮‍♂️ मुंबई पुलिस की कार्रवाई कैसे हुई

    बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp ग्रुप्स, मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रेल की तकनीकी जांच के बाद
    नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने
    30 जनवरी 2026 को पुणे के अंबेगांव पुलिस स्टेशन की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

    टीम का नेतृत्व

    • इंस्पेक्टर किरण आहेर
    • एपीआई सुदर्शन पाटिल

    ने किया।

    🧑‍⚖️ गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:

    • अमर बापू शिंदे (31)
    • प्रशांत सुनील कडव (33)
    • प्रणिल संजय राठोड (25)

    तीनों पुणे के रहने वाले हैं और पढ़े-लिखे हैं।

    🔍 आरोपियों की भूमिका

    पुलिस जांच में सामने आया कि:

    • शिंदे ने अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराए
    • कडव ने मिडलमैन बनकर दूसरे अकाउंट्स जुटाए
    • राठोड ने खातों से पैसा निकालकर मास्टरमाइंड तक पहुंचाया

    तीनों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था।

    🏦 33 लाख का अहम ट्रांजैक्शन ट्रेस

    पुलिस ने RBL बैंक के एक अकाउंट से जुड़े
    33 लाख रुपये के ट्रांजैक्शन को ट्रेस किया,
    जो Sunenergier Solutions Pvt Ltd, पुणे के नाम पर रजिस्टर्ड था।

    इससे तीनों की संलिप्तता पुख्ता हुई।

    ⚠️ पुलिस की जनता से अपील

    मुंबई साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:

    • अनजान WhatsApp स्टॉक टिप्स ग्रुप से दूर रहें
    • किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच करें
    • बिना वेरिफिकेशन निवेश न करें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. ठगी की रकम कितनी है?
    👉 48.50 लाख रुपये।

    Q2. ठगी कैसे की गई?
    👉 WhatsApp ग्रुप और फेक ट्रेडिंग ऐप के जरिए।

    Q3. आरोपी कहां के रहने वाले हैं?
    👉 पुणे के।

    Q4. शिकायत कहां दर्ज की गई थी?
    👉 साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और नॉर्थ साइबर पुलिस स्टेशन।

    Q5. क्या जांच अभी जारी है?
    👉 हां, मास्टरमाइंड और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

  • Maharashtra: बार काउंसिल चुनाव पर हाईकोर्ट में याचिका, वोटर लिस्ट पर सवाल

    Maharashtra: बार काउंसिल चुनाव पर हाईकोर्ट में याचिका, वोटर लिस्ट पर सवाल

    बार काउंसिल ऑफ Maharashtra चुनाव 2026 की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर एडवोकेट नितिन सतपुते की याचिका, 2.70 लाख वकीलों का सत्यापन बाकी।

    मुंबई: महाराष्ट्र बार काउंसिल चुनाव 2026 को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। एडवोकेट नितिन शिवराम सतपुते ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर 24 मार्च 2026 को प्रस्तावित चुनाव की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है। याचिका में दावा किया गया है कि करीब 2 लाख 70 हजार वकीलों का अभी तक सत्यापन नहीं हुआ, जिससे वे आगामी चुनाव में मतदान से वंचित रह जाएंगे।

    ⚖️ किसके खिलाफ दायर हुई याचिका

    Petition-in-High-Court-on-Maharashtra-Bar-Council-elections-question-on-voter-list

    यह रिट याचिका
    Adv. Nitin Shivram Satpute & Others बनाम Bar Council of Maharashtra एवं संबंधित प्राधिकरणों के खिलाफ दायर की गई है।

    याचिका का मुख्य तर्क है कि मौजूदा वोटर लिस्ट में गंभीर विसंगतियां हैं और बड़ी संख्या में पात्र वकीलों को मतदाता सूची से बाहर रखा गया है।

    📋 Maharashtra कितने वकील अब भी वेरिफाई नहीं

    याचिका के अनुसार, महाराष्ट्र भर में
    👉 2,70,000 से अधिक वकीलों का सत्यापन अभी अधूरा है
    👉 ये वकील फिलहाल वोटर नहीं हैं
    👉 चुनाव तय तारीख पर हुए तो हजारों अधिवक्ताओं का मताधिकार खत्म हो जाएगा

    याचिकाकर्ता का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया और वकीलों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

    🧾 वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का आरोप

    याचिका में यह भी कहा गया है कि:

    • वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम हैं
    • कई सक्रिय वकीलों के नाम गायब हैं
    • कुछ अयोग्य नाम सूची में शामिल हैं

    इन खामियों को दूर किए बिना चुनाव कराना अन्यायपूर्ण और अवैध होगा।

    🏛️ किस बेंच में होगी सुनवाई

    यह मामला
    सीनियर नंबर 912
    WPL/3468/2026
    कोर्ट रूम नंबर 52 में सूचीबद्ध है।

    मामले की सुनवाई
    👉 जस्टिस रविंद्र वी. घुगे
    👉 एवं माननीय डिवीजन बेंच द्वारा की जाएगी।

    👨‍⚖️ याचिकाकर्ता की ओर से पेश होने वाले वकील

    एडवोकेट नितिन सतपुते की ओर से निम्न वरिष्ठ वकील पेश होंगे:

    • एडवोकेट श्रवण गिरी
    • एडवोकेट एजाज नकवी
    • एडवोकेट शोभा बुद्धिवंत
    • एडवोकेट रचित सिंह
    • एडवोकेट अभिषेक बांदेकर
    • एडवोकेट दयानंद उडबाले
    • एडवोकेट मानाली गवली
    • एडवोकेट दीपक जगदेव

    📌 क्यों अहम है यह मामला

    बार काउंसिल चुनाव केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि पूरे वकील समुदाय की लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा विषय है। अगर समय रहते सत्यापन और वोटर लिस्ट सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर चुनाव की वैधता पर पड़ सकता है।


    ❓ FAQ

    Q1. बार काउंसिल चुनाव कब होने हैं?
    24 मार्च 2026 को प्रस्तावित हैं।

    Q2. याचिका किसने दायर की है?
    एडवोकेट नितिन शिवराम सतपुते ने।

    Q3. मुख्य आपत्ति क्या है?
    2.70 लाख वकीलों का सत्यापन पूरा नहीं हुआ और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हैं।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    बॉम्बे हाईकोर्ट, कोर्ट रूम नंबर 52।

  • Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    Borivali: बिल्डर-बाप बेटे पर करोड़ों की ठगी, कई FIR दर्ज

    मुंबई के Borivali में रियल एस्टेट डेवलपर अशोक जेठवा और बेटे मिहिर पर करीब 3 करोड़ की ठगी का आरोप। फर्जी दस्तावेज, फ्लैट का झांसा, कई केस दर्ज।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में एक बड़े रियल एस्टेट फ्रॉड का खुलासा हुआ है। रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी और अन्य निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने के आरोप में डेवलपर अशोक जेठवा (55) और उसका बेटा मिहिर जेठवा (35) पुलिस के शिकंजे में आ गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने फर्जी दस्तावेज, झूठे वादे और रेरा रजिस्ट्रेशन का हवाला देकर कई लोगों को ठगा।

    🔍 क्या है पूरा मामला

    कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रज्योत डाभोलकर (60), जो कांदिवली ईस्ट के निवासी और रिटायर्ड शिपिंग कर्मचारी हैं, वर्ष 2015 में एक फ्लैट खरीदने की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात ब्रोकर नवीनचंद्र बरखड़ा से हुई, जिसने उन्हें मिहिर जेठवा से मिलवाया।

    मिहिर ने खुद को और अपने पिता अशोक जेठवा को बोरीवली इलाके का नामी रियल एस्टेट डेवलपर बताते हुए कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी।

    🏗️ फ्लैट नहीं पसंद आए, निवेश का लालच दिया

    डाभोलकर को शुरू में दिखाए गए फ्लैट्स पसंद नहीं आए। इसके बाद मिहिर ने उन्हें “आने वाले प्रोजेक्ट्स” में निवेश करने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि बदले में उन्हें बोरीवली वेस्ट में पांच फ्लैट मिलेंगे।

    अक्टूबर 2015 से दिसंबर 2019 के बीच डाभोलकर ने अलग-अलग किश्तों में ₹2.12 करोड़ निवेश कर दिए। वहीं उनकी सास से भी ₹85 लाख लिए गए।

    ❌ पैसे गए, न फ्लैट मिला न रिफंड

    पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने यह रकम प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी इस्तेमाल में लगा दी। न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए। जब शिकायतकर्ता ने दबाव बनाया तो टालमटोल शुरू हो गई।

    👤Borivali दूसरा निवेशक भी ठगा गया

    इसी तरह खार वेस्ट के रहने वाले एक 50 वर्षीय निवेशक ने भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जेठवा पिता-पुत्र ने उन्हें बोरीवली ईस्ट के नील आकाश को-ऑप हाउसिंग सोसायटी प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट देने का झांसा दिया।

    उन्हें बताया गया कि:

    • इमारत को 10 मंज़िलों की मंज़ूरी है
    • 3 अतिरिक्त मंज़िलों का प्रस्ताव BMC में लंबित है
    • प्रोजेक्ट RERA रजिस्टर्ड है
    • 31 दिसंबर 2018 तक कब्ज़ा मिलेगा

    इन बातों पर भरोसा कर उन्होंने ₹1.74 करोड़ ट्रांसफर कर दिए।

    🏚️ साइट पर सिर्फ 6 मंज़िल, काम बंद

    जब निवेशक ने दिसंबर 2018 में साइट देखी, तो केवल 6 मंज़िलें बनी थीं और निर्माण पूरी तरह बंद था। बाद में आरोपियों ने कांदिवली में फ्लैट देने का वादा किया, जो कभी नहीं मिला। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर जवाब मिला –
    “जो करना है कर लो।”

    🚓 केरल से गिरफ्तारी, फर्जी पहचान का खुलासा

    पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर अलग-अलग राज्यों में छिपते फिर रहे थे।
    जोन-12 की स्पेशल टीम ने उन्हें केरल के एर्नाकुलम स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया और मुंबई लाया गया।

    📂 एक नहीं, कई मामले दर्ज

    पुलिस के अनुसार, जेठवा पिता-पुत्र के खिलाफ 6 से अधिक केस दर्ज हैं।

    📌 प्रमुख केस डिटेल्स

    • Cr No. 177/25 – ₹1.17 करोड़
    • Cr No. 488/25 – ₹1.51 करोड़
    • Cr No. 351/25 – ₹1.74 करोड़
    • Cr No. 852/23 (MPID) – ₹13.52 करोड़
    • Cr No. 288/23 – ₹75 लाख
    • Cr No. 108/23 – ₹1.20 करोड़
    • बोरीवली: Cr No. 75/21, 464/24
    • MHB कॉलोनी: Cr No. 356/23

    ⚠️ पुलिस की अपील

    पुलिस ने आशंका जताई है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति से आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।


    ❓ FAQ

    Q1. आरोपी कौन हैं?
    अशोक जेठवा और उनका बेटा मिहिर जेठवा, दोनों रियल एस्टेट डेवलपर बताए जा रहे हैं।

    Q2. कुल कितनी रकम की ठगी का आरोप है?
    अलग-अलग मामलों में ₹20 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है।

    Q3. गिरफ्तारी कहां से हुई?
    केरल के एर्नाकुलम से, जहां वे फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे।

    Q4. क्या और पीड़ित सामने आ सकते हैं?
    पुलिस के मुताबिक, संभावना है कि और निवेशक भी ठगे गए हों।