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  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ जमीन SRA को सौंपी। 10 लाख लोगों के पुनर्वास, 1.5 लाख नए घर और अडानी ग्रुप की भूमिका पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: शहर के सबसे बड़े और चर्चित धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर इलाके में स्थित 118 एकड़ जमीन का कब्जा आधिकारिक तौर पर Slum Rehabilitation Authority (SRA) को सौंप दिया है। यह जमीन खास तौर पर उन धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी के भीतर “इन-सीटू” पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

    📍 मलाड की जमीन पर क्यों हुआ फैसला?

    सूत्रों के मुताबिक, मुक्तेश्वर (मलाड-मालवणी) में कुल 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें से 118 एकड़ जमीन SRA को ट्रांसफर कर दी गई है, जबकि 22 एकड़ जमीन अब भी कानूनी विवाद में है।

    इस जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। विकास अधिकार (Development Rights) के बदले प्रोजेक्ट की SPV ने ₹135 करोड़ प्रीमियम भी जमा कर दिया है।

    🏢 किसे मिलेगा यहां घर?

    सरकारी प्लान के मुताबिक:

    • जो लोग 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे हैं
    • जो ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं और इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं

    उन्हें मलाड साइट पर शिफ्ट किया जाएगा।

    महाराष्ट्र के स्लम रिहैबिलिटेशन एक्ट के अनुसार, हर पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का घर मिलेगा, जो पहले के 300 वर्गफुट से बड़ा अपग्रेड है।

    🤝 अडानी ग्रुप की क्या भूमिका है?

    यह मेगा प्रोजेक्ट Adani Group की कंपनी Navbharat Mega Developers Pvt Ltd (NMDPL) द्वारा किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार के साथ जॉइंट वेंचर है।

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    जमीन का मालिकाना हक SRA के पास रहेगा, लेकिन डेवलपमेंट राइट्स NMDPL के पास होंगे।

    जानकारी के मुताबिक, मलाड की जमीन के एक हिस्से पर ओपन मार्केट में बेचने के लिए सेल कंपोनेंट के फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

    🌆 540 एकड़ जमीन और 1.5 लाख नए घर

    धारावी प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में करीब 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इसमें शामिल हैं:

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    • कुर्ला की जमीन
    • कांजूर, भांडुप और मुलुंड के सॉल्ट पैन
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड के हिस्से

    अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.25 से 1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास होगा।

    ⏳ टाइमलाइन क्या है?

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    • NMDPL को रिहैब के घर बनाने के लिए 7 साल की डेडलाइन
    • पूरे धारावी रिडेवलपमेंट को पूरा करने के लिए 17 साल का मास्टर प्लान

    यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रीजुवेनेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है और इसे “मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम” कहा जा रहा है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मलाड की 118 एकड़ जमीन किसके लिए है?
    यह जमीन धारावी के उन निवासियों के पुनर्वास के लिए है जो इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं।

    Q2: हर पात्र परिवार को कितना बड़ा घर मिलेगा?
    प्रत्येक पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का फ्लैट मिलेगा।

    Q3: क्या इस जमीन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट भी होगा?
    हां, एक हिस्सा सेल कंपोनेंट के तहत ओपन मार्केट के लिए इस्तेमाल होगा।

    Q4: प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    रिहैब हाउसिंग 7 साल में और पूरा प्रोजेक्ट 17 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

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    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    ललितपुर की 20 वर्षीय हिमांशी सेंगर लापता होने के बाद वायरल वीडियो में प्रेमी राहुल यादव के साथ आई सामने। लव मैरिज का दावा, पुलिस और परिवार पर उत्पीड़न के आरोप, आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप।

    उत्तर प्रदेश: ललितपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हलचल मचा दी है। 13 फरवरी को लापता हुई 20 वर्षीय युवती हिमांशी सेंगर अब एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। वीडियो में वह राहुल यादव नाम के युवक के साथ नजर आ रही है और उसे अपना पति बता रही है। युवती ने साफ कहा है कि उसने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है और उसे किसी ने अगवा नहीं किया।

    ललितपुर से लापता हुई थी युवती

    यह मामला ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 13 फरवरी की रात हिमांशी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। बेटी के अचानक लापता होने पर परिवार ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।

    वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ आई नजर

    लापता होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में हिमांशी सेंगर राहुल यादव नाम के युवक के साथ दिखाई दे रही है। युवती ने कैमरे के सामने कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी इच्छा से शादी की है।

    उसने दावा किया कि यह “लव मैरिज” है और उसे किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं है। वीडियो में वह भावुक नजर आई और बोली कि उसके इस फैसले की सजा उसके पति और ससुराल वालों को न दी जाए।

    पुलिस और मायके पक्ष पर गंभीर आरोप

    वीडियो में हिमांशी ने आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन और मायके पक्ष के लोग उसके ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

    उसका कहना है कि उसके पति के दोस्तों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उसने पुलिस से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए।

    आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

    वीडियो के अंत में हिमांशी ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। उसने कहा कि अगर उसके ससुराल वालों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।

    उसने साफ कहा कि ऐसी किसी भी घटना के लिए उसके मायके वाले और स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #LalitpurCase और #LoveMarriageCase जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    ससुराल पक्ष की स्थिति भी बताई

    हिमांशी ने वीडियो में यह भी बताया कि उसकी सास गर्भवती हैं और इस हालात में भी उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। युवती का कहना है कि उसने पूरी समझदारी से अपना जीवनसाथी चुना है और वह अपने फैसले पर कायम है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, युवती बालिग है तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अब सबकी नजर पुलिस की अगली कानूनी कार्रवाई और युवती की सुरक्षा पर टिकी है।


    ❓ FAQ Section

    1. हिमांशी सेंगर कब लापता हुई थी?

    वह 13 फरवरी की रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई थी।

    2. क्या हिमांशी ने शादी की है?

    वायरल वीडियो में उसने राहुल यादव को अपना पति बताया है और लव मैरिज का दावा किया है।

    3. पुलिस का क्या कहना है?

    पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

    4. युवती ने आत्महत्या की चेतावनी क्यों दी?

    उसका आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष को परेशान किया जा रहा है। यदि यह बंद नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है।

  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

  • Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    मुंबई लोकल के कल्याण स्टेशन पर फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर विवाद हिंसक हो गया। अज्ञात महिला ने यात्री प्रियंका थोरात के हाथ पर काटा और उंगली मरोड़ दी। GRP CCTV के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Kalyan railway station पर First Class डिब्बे में चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक अज्ञात महिला ने क्रूरता की हद पार कर दी। महिला यात्री के हाथ पर जोर से काटने और उंगली मरोड़ने का मामला सामने आया है।

    🚆 भीड़ में भड़का विवाद, First Class बना रणक्षेत्र

    मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 6 से मुंबई की ओर जाने वाली फास्ट लोकल में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

    इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने दूसरी महिला यात्री को अंदर आने से रोका और “जगह नहीं है” कहकर धक्का देने लगी। देखते ही देखते मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।

    👩‍💼 कौन हैं पीड़िता?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय प्रियंका थोरात, जो कल्याण पूर्व के मलगंगड रोड इलाके में रहती हैं, अंधेरी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। रोज की तरह वह काम पर जा रही थीं और फर्स्ट क्लास डिब्बे से सफर कर रही थीं।

    विवाद के दौरान आरोपी महिला ने उनके हाथ के दंड पर जोर से काट लिया और फिर उनकी उंगली पकड़कर बुरी तरह मरोड़ दी।

    🩺 काम के दबाव में जारी रखा सफर

    अचानक हुए हमले से प्रियंका को तेज दर्द हुआ, लेकिन ऑफिस पहुंचने की जल्दी और भीड़ के माहौल में उन्होंने सफर जारी रखा।

    शाम को घर लौटने के बाद दर्द बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच करवाई। जांच में उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान की पुष्टि हुई।

    🚔 GRP ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस

    घटना के बाद प्रियंका ने Government Railway Police (GRP) में शिकायत दर्ज करवाई।

    पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्लेटफॉर्म नंबर 6 के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी और उसकी पहचान क्या है, इसकी तलाश जारी है।

    ⚠️ मुंबई लोकल में बढ़ती मारपीट की घटनाएं

    मुंबई लोकल में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। भीड़, सीट को लेकर विवाद और चढ़ने-उतरने की हड़बड़ी के कारण कई बार झगड़े होते हैं। लेकिन इस तरह हाथ पर काटने और उंगली मरोड़ने जैसी घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर।

    Q2. किस बात पर विवाद हुआ?
    👉 फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान।

    Q3. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 GRP ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

    Q4. पीड़िता की हालत कैसी है?
    👉 डॉक्टरों के मुताबिक उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान हैं।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।

  • BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    BMC ने लगाया ₹50 लाख जुर्माना, Goregaon-Mulund Flyover में देरी पर सख्ती

    मुंबई के Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट में देरी पर BMC ने ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया। 31 मई 2026 तक फ्लाईओवर खोलने का लक्ष्य, जानिए पूरी अपडेट।

    मुंबई: शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने वाले अहम Goregaon-Mulund Link Road (GMLR) प्रोजेक्ट पर अब बीएमसी ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने फ्लाईओवर निर्माण में देरी करने पर ठेकेदार पर ₹50 लाख का जुर्माना लगाया है। यह फ्लाईओवर दिंडोशी कोर्ट से Dadasaheb Phalke Film City तक बनाया जा रहा है।

    🔎 निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में BMC

    BMC के अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijit Bangar ने साइट का दौरा कर काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में फ्लाईओवर को 31 मई 2026 तक, यानी मॉनसून से पहले, ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाए।

    उन्होंने ठेकेदार को अतिरिक्त मजदूर और मशीनरी लगाने का आदेश दिया ताकि बाकी बचा काम समय पर पूरा हो सके।

    🏗️ GMLR प्रोजेक्ट का फेज 3(a) क्या है?

    GMLR प्रोजेक्ट को चार चरणों में बनाया जा रहा है।
    Phase 3(a) में शामिल हैं:

    BMC-imposes-50-lakh-fine-strict-action-against-delay-in-Goregaon-Mulund-Flyover-2
    • 1.26 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड फ्लाईओवर
    • रोटरी जंक्शन
    • एक्सेस रैंप

    अब तक:

    • 31 पिलर पूरे
    • 30 में से 20 स्पैन पूरे
    • करीब 75% काम पूरा

    अब डेक स्लैब कास्टिंग और एक्सेस रैंप का काम तेजी से किया जाएगा।

    🚰 अड़चन बन रहे पाइपलाइन और ट्रांसफॉर्मर

    फ्लाईओवर की लाइनिंग में कई यूटिलिटी बाधाएं सामने आई हैं। इनमें शामिल हैं:

    • पानी की पाइपलाइन
    • सीवेज लाइन
    • Adani Power के ट्रांसफॉर्मर

    BMC ने संबंधित विभागों को तुरंत इन्हें शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं ताकि काम में और देरी न हो।

    🚇 डबल टनल प्रोजेक्ट की भी तैयारी तेज

    फ्लाईओवर के साथ-साथ ट्विन टनल का काम भी तेजी से चल रहा है।
    Abhijit Bangar ने फिल्म सिटी में टनल के ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का भी निरीक्षण किया।

    • दो अत्याधुनिक Tunnel Boring Machines (TBM) तैनात होंगी
    • 10 मार्च से पहली TBM को शाफ्ट में उतारने की तैयारी

    यह टनल मुंबई के वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगी।

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    🚦 मुंबई ट्रैफिक के लिए क्यों अहम है GMLR?

    Goregaon-Mulund Link Road बनने के बाद:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक सीधा कनेक्शन
    • ट्रैफिक जाम में भारी कमी
    • सफर का समय कम
    • मॉनसून में सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेम चेंजर साबित होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC ने ठेकेदार पर कितना जुर्माना लगाया है?
    👉 ₹50 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

    Q2. फ्लाईओवर कब तक चालू होने की उम्मीद है?
    👉 31 मई 2026 तक ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य है।

    Q3. GMLR प्रोजेक्ट का फायदा क्या होगा?
    👉 वेस्टर्न और ईस्टर्न सबर्ब्स के बीच सफर तेज और आसान होगा।

    Q4. टनल प्रोजेक्ट कब शुरू होगा?
    👉 पहली TBM को 10 मार्च तक लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की तैयारी है।

  • UP Viral Drama: रातों रात लड़की कैसे बन गई नागिन ?

    UP Viral Drama: रातों रात लड़की कैसे बन गई नागिन ?

    उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवती ने प्रेमी से भागने के लिए बिस्तर पर 5-फीट सांप की केंचुल रखकर सनसनीखेज ड्रामा रचा, गांव में नागिन बनने की अफवाह फैली। पुलिस ने खुलासा किया कि यह सोच समझकर किया गया नाटक था।

    उत्तर प्रदेश: औरैया के फफूंद पुलिस थाना क्षेत्र के सींगनपुर गांव में एक 20-25 साल की युवती ने घर से भागने के लिए ऐसा ड्रामा रचा कि पूरा गांव हैरान रह गया। उसने अपने कमरे के बिस्तर पर 5 फीट लंबी सांप की केंचुल, कपड़े, चूड़ियां और सिंदूर सजाकर छोड़ दिया, जिससे लोग यह मान बैठे कि वह ‘नागिन’ बन गई।

    🐍 नागिन अफवाह क्यों फैली?

    सुबह जब परिवार ने कमरे में देखा तो बिस्तर पर सांप की केंचुल और उसके सामान रखे थे, लेकिन लड़की गायब थी। इस नज़ारे को देखकर कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वह कोई रहस्यमयी शक्ति का शिकार हो गई है या ‘नागिन’ बन गई है। अफवाह इतनी तेज़ी से फैली कि लोग उसके घर के बाहर इकट्ठा होने लगे।

    👮 पुलिस ने किया खुलासा: यह कोई सुपरनेचुरल नहीं था

    जब परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, तो फफूंद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने साफ कर दिया कि यह कोई नाग-अभिनय नहीं, बल्कि युवती द्वारा सोचा-समझा नाटक था।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लड़की ने सांप की केंचुली, कपड़े और गहने इस तरह सजाए कि ग्रामीणों के मन में भ्रम पैदा हो और उसकी असली ठिकाने की पहचान मुश्किल हो जाये।

    ❤️ असली वजह: शादी से नाराज होकर प्रेमी के साथ भागी

    पुलिस और जांच में यह भी सामने आया कि युवती का गांव के ही एक युवक से लंबे समय से प्रेम प्रसंग था। परिजन उसके लिए पहले से कहीं और शादी तय कर रहे थे, जिससे वह नाखुश थी। इसी के चलते उसने यह नाटक रचा और प्रेमी के साथ घर छोड़ दिया।

    📱 मोबाइल सर्विलांस से ट्रेसिंग जारी

    पुलिस ने युवती और उसके प्रेमी के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया है और लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही उन्हें ढूंढ निकालने की कोशिश की जाएगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1: या पूरा मामला सच में नागिन बनने का था?

    नहीं, पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सुपरनेचुरल घटना नहीं, बल्कि लड़की का सोचा-समझा नाटक था।

    Q2: लड़की ने ऐसा क्यों किया?

    वह अपनी मनचाही शादी करने के लिए घर से भागना चाहती थी और शादी कहीं और तय होने से नाराज थी।

    Q3: क्या पुलिस ने कोई FIR दर्ज की है?

    हाँ, परिजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    Q4: क्या लड़की और उसके प्रेमी को पुलिस पकड़ पाई है?

    पुलिस अब भी मोबाइल ट्रेसिंग और लोकेशन के आधार पर उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही है।

  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
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    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।