Category: Crime News

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  • UP Viral Drama: रातों रात लड़की कैसे बन गई नागिन ?

    UP Viral Drama: रातों रात लड़की कैसे बन गई नागिन ?

    उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक युवती ने प्रेमी से भागने के लिए बिस्तर पर 5-फीट सांप की केंचुल रखकर सनसनीखेज ड्रामा रचा, गांव में नागिन बनने की अफवाह फैली। पुलिस ने खुलासा किया कि यह सोच समझकर किया गया नाटक था।

    उत्तर प्रदेश: औरैया के फफूंद पुलिस थाना क्षेत्र के सींगनपुर गांव में एक 20-25 साल की युवती ने घर से भागने के लिए ऐसा ड्रामा रचा कि पूरा गांव हैरान रह गया। उसने अपने कमरे के बिस्तर पर 5 फीट लंबी सांप की केंचुल, कपड़े, चूड़ियां और सिंदूर सजाकर छोड़ दिया, जिससे लोग यह मान बैठे कि वह ‘नागिन’ बन गई।

    🐍 नागिन अफवाह क्यों फैली?

    सुबह जब परिवार ने कमरे में देखा तो बिस्तर पर सांप की केंचुल और उसके सामान रखे थे, लेकिन लड़की गायब थी। इस नज़ारे को देखकर कई ग्रामीणों ने आशंका जताई कि वह कोई रहस्यमयी शक्ति का शिकार हो गई है या ‘नागिन’ बन गई है। अफवाह इतनी तेज़ी से फैली कि लोग उसके घर के बाहर इकट्ठा होने लगे।

    👮 पुलिस ने किया खुलासा: यह कोई सुपरनेचुरल नहीं था

    जब परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, तो फफूंद थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने साफ कर दिया कि यह कोई नाग-अभिनय नहीं, बल्कि युवती द्वारा सोचा-समझा नाटक था।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लड़की ने सांप की केंचुली, कपड़े और गहने इस तरह सजाए कि ग्रामीणों के मन में भ्रम पैदा हो और उसकी असली ठिकाने की पहचान मुश्किल हो जाये।

    ❤️ असली वजह: शादी से नाराज होकर प्रेमी के साथ भागी

    पुलिस और जांच में यह भी सामने आया कि युवती का गांव के ही एक युवक से लंबे समय से प्रेम प्रसंग था। परिजन उसके लिए पहले से कहीं और शादी तय कर रहे थे, जिससे वह नाखुश थी। इसी के चलते उसने यह नाटक रचा और प्रेमी के साथ घर छोड़ दिया।

    📱 मोबाइल सर्विलांस से ट्रेसिंग जारी

    पुलिस ने युवती और उसके प्रेमी के मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लिया है और लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही उन्हें ढूंढ निकालने की कोशिश की जाएगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1: या पूरा मामला सच में नागिन बनने का था?

    नहीं, पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई सुपरनेचुरल घटना नहीं, बल्कि लड़की का सोचा-समझा नाटक था।

    Q2: लड़की ने ऐसा क्यों किया?

    वह अपनी मनचाही शादी करने के लिए घर से भागना चाहती थी और शादी कहीं और तय होने से नाराज थी।

    Q3: क्या पुलिस ने कोई FIR दर्ज की है?

    हाँ, परिजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    Q4: क्या लड़की और उसके प्रेमी को पुलिस पकड़ पाई है?

    पुलिस अब भी मोबाइल ट्रेसिंग और लोकेशन के आधार पर उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रही है।

  • UP Train Rape Case: अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में TTE पर रेप का आरोप, NCC कैडेट बनी शिकार

    UP Train Rape Case: अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में TTE पर रेप का आरोप, NCC कैडेट बनी शिकार

    यूपी के गोरखपुर में अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन के AC कोच में TTE द्वारा NCC कैडेट युवती से रेप का मामला सामने आया है। बिना टिकट यात्रा के दौरान सीट दिलाने के बहाने वारदात। आरोपी फरार, GRP ने दर्ज किया केस।

    उत्तर प्रदेश: यूपी से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में एक टीटीई पर एनसीसी कैडेट युवती से रेप करने का आरोप लगा है। युवती परीक्षा देकर मऊ से गोरखपुर लौट रही थी। भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह टिकट नहीं ले सकी थी। इसी दौरान सीट दिलाने के बहाने आरोपी टीटीई उसे एसी फर्स्ट क्लास कोच के केबिन में ले गया और कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया।

    🚆Train Rape Case क्या है पूरा मामला?

    घटना रविवार की बताई जा रही है। पीड़िता मऊ से परीक्षा देकर Gorakhpur लौट रही थी। ट्रेन में भारी भीड़ होने के कारण वह टिकट नहीं ले पाई और सीधे एसी कोच में चढ़ गई।

    ट्रेन में मौजूद टीटीई राहुल कुमार ने उससे पूछताछ की। आरोप है कि उसने सीट दिलाने और टिकट बनाने के नाम पर युवती को एसी प्रथम श्रेणी के केबिन में बुलाया।

    ⚠️ सीट दिलाने के बहाने केबिन में ले गया

    पीड़िता का आरोप है कि केबिन में बैठाने के बाद आरोपी ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पहले सामान्य बातचीत की, फिर जबरदस्ती की कोशिश की। विरोध करने पर बिना टिकट यात्रा का केस बनाने और कार्रवाई की धमकी दी।

    युवती के मुताबिक, घटना इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच हुई।

    📞 112 पर कॉल के बाद आरोपी फरार

    पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। जैसे ही मामला खुला, आरोपी टीटीई देवरिया स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया।

    मामले की जांच अब जीआरपी द्वारा की जा रही है।

    👮 GRP एसपी ने क्या कहा?

    Lakshmi Nivas Mishra (एसपी जीआरपी) ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित कर दी गई है। पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मामले को आगे की जांच के लिए देवरिया ट्रांसफर किया गया है।

    🎓 कौन है पीड़िता?

    पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली बताई जा रही है। वह गोरखपुर में किराए पर रहकर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही है। वह एनसीसी का ‘C’ सर्टिफिकेट एग्जाम देने मऊ गई थी।

    भीड़ और जल्दबाजी के कारण टिकट न ले पाना उसके लिए भारी पड़ गया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: घटना किस ट्रेन में हुई?

    अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में यह घटना हुई।

    Q2: आरोपी कौन है?

    पीड़िता के अनुसार आरोपी टीटीई राहुल कुमार है, जो घटना के बाद फरार हो गया।

    Q3: पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

    जीआरपी ने केस दर्ज कर लिया है, मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और आरोपी की तलाश जारी है।

    Q4: घटना कहां हुई?

    इंदारा और देवरिया स्टेशन के बीच एसी फर्स्ट क्लास कोच में वारदात हुई।

    Q5: पीड़िता कौन है?

    पीड़िता मऊ जिले की रहने वाली एनसीसी कैडेट है, जो परीक्षा देकर लौट रही थी।

  • Lilavati Hospital में भर्ती Salim Khan, शूटिंग छोड़ पहुंचे Salman Khan

    Lilavati Hospital में भर्ती Salim Khan, शूटिंग छोड़ पहुंचे Salman Khan

    बॉलीवुड के दिग्गज लेखक सलीम खान को शरीर में सूजन की शिकायत के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया। शूटिंग छोड़कर सलमान खान पहुंचे अस्पताल। जानिए हेल्थ अपडेट और पूरी खबर।

    मुंबई: हिंदी सिनेमा के मशहूर लेखक और सलमान खान के पिता सलीम खान को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें शरीर में सूजन (Swelling) की शिकायत थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने एहतियातन उन्हें निगरानी में रखा है। जैसे ही खबर सामने आई, परिवार के सदस्य तुरंत अस्पताल पहुंच गए। सलमान खान और बेटी अलवीरा खान को भी अस्पताल में देखा गया। फिलहाल डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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    🚨 क्या है पूरा मामला? | Salim Khan Health Update

    सूत्रों के अनुसार, सलीम खान को पिछले कुछ दिनों से शरीर में सूजन की समस्या थी। मंगलवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें तुरंत बांद्रा स्थित लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की स्पेशल टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है।

    परिवार की ओर से आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन करीबी सूत्रों का कहना है कि घबराने की कोई बड़ी बात नहीं है।

    🎬 शूटिंग छोड़ अस्पताल पहुंचे Salman Khan

    जानकारी के मुताबिक, सलमान खान मालाड़ पश्चिम के मढ़ आइलैंड इलाके में अपनी अपकमिंग फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। पिता की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही उन्होंने शूटिंग रोक दी और सीधे अस्पताल पहुंचे।

    सलमान खान को अस्पताल के बाहर मीडिया कैमरों ने कैद किया। बहन अलवीरा खान भी पिता की देखभाल के लिए अस्पताल पहुंचीं।

    ✍️ सलीम खान: हिंदी सिनेमा का वो नाम जिसने बदली फिल्मों की तस्वीर

    🎭 अभिनय से लेखन तक का सफर

    सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत 1960 के दशक में एक अभिनेता के तौर पर की थी। हालांकि, उन्हें अभिनय में बड़ी सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और यहीं से उनका असली करियर चमक उठा।

    🤝 सलीम-जावेद की ऐतिहासिक जोड़ी

    लेखन की दुनिया में उनकी मुलाकात गीतकार Javed Akhtar से हुई। दोनों की जोड़ी ‘सलीम-जावेद’ के नाम से मशहूर हुई।

    इस जोड़ी ने बॉलीवुड को ऐसी फिल्में दीं, जो आज भी ‘कल्ट क्लासिक’ मानी जाती हैं।

    🎥 वो फिल्में जिन्होंने रचा इतिहास

    • Zanjeer
    • Deewaar
    • Sholay
    • Don

    इन फिल्मों ने हिंदी सिनेमा को नया मोड़ दिया। खासकर ‘जंजीर’ और ‘दीवार’ ने Amitabh Bachchan को ‘एंग्री यंग मैन’ की पहचान दिलाई।

    सलीम खान की लेखनी ने आम आदमी के गुस्से, संघर्ष और सपनों को बड़े पर्दे पर उतारा।

    ❤️ फिल्म इंडस्ट्री में दुआओं का दौर

    जैसे ही सलीम खान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई, फिल्म इंडस्ट्री और फैंस के बीच चिंता की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर #SalimKhan और #SalmanKhan ट्रेंड करने लगे। फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।


    ❓ FAQ Section

    1️⃣ सलीम खान को किस वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया?

    उन्हें शरीर में सूजन (Swelling) की शिकायत थी, जिसके बाद एहतियातन ICU में भर्ती किया गया।

    2️⃣ क्या सलीम खान की हालत गंभीर है?

    डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और निगरानी में रखी गई है।

    3️⃣ सलमान खान कहां थे जब यह खबर मिली?

    सलमान खान मढ़ इलाके में शूटिंग कर रहे थे और खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे।

    4️⃣ सलीम खान किस वजह से मशहूर हैं?

    वह हिंदी सिनेमा के दिग्गज पटकथा लेखक हैं और ‘सलीम-जावेद’ जोड़ी के लिए जाने जाते हैं।

  • गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में पुरानी दुश्मनी के चलते फायरिंग की वारदात। 33 वर्षीय नितिन शिरसाठ की मौत, सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल। पुलिस जांच में जुटी, महाराष्ट्र क्राइम न्यूज।

    महाराष्ट्र: अहिल्यानगर के गोरगांव इलाके में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस गोलीबारी में 33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 वर्षीय सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से आपसी दुश्मनी चल रही थी। शुक्रवार शाम दोनों आमने-सामने आए और कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने गोली चला दी। फायरिंग में नितिन शिरसाठ को गंभीर गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं सूरज फुलमाली भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

    👮 पुलिस क्या कह रही है?

    अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ पद्मावती शिदोजीराव घार्गे ने मीडिया को बताया कि यह घटना गोरगांव के एक अस्पताल के पास हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पुराना विवाद था, जो हिंसक झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏥 घायल का इलाज जारी

    घायल सूरज फुलमाली की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है। पुलिस अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

    🚨 इलाके में तनाव, पुलिस की सख्ती

    फायरिंग की खबर फैलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    📊 घटना से जुड़े अहम बिंदु

    • 📍 स्थान: गोरगांव, अहिल्यानगर जिला, महाराष्ट्र
    • 🕒 समय: देर शाम
    • 👤 मृतक: नितिन विलास शिरसाठ (33)
    • 👤 घायल: सूरज फुलमाली (23)
    • 🔫 कारण: पुरानी रंजिश
    • 👮 कार्रवाई: मामला दर्ज, जांच जारी

    ❓ FAQ Section

    Q1: गोरगांव फायरिंग घटना कब हुई?

    यह घटना शुक्रवार देर शाम अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में हुई।

    Q2: इस घटना में कौन मारा गया?

    33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की गोली लगने से मौत हुई।

    Q3: क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

    फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    Q4: घटना की वजह क्या थी?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी थी।

  • Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?

    पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।

    उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।

    📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर

    विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।

    साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।

    🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन

    महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।

    तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।

    📞 ऐसे खुला मामला

    छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।

    🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)

    • किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
    • पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
    • कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
    • कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
    👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है?
    👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।

    Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।

  • Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।

    कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR

    राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।

    यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।

    भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद

    पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।

    भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।

    डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर देकर मारा

    इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।

    अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

    बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

    शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

    घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।

    प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?

    MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

    Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।

    Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?

    आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।

    Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।

    Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?

    हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

  • चारकोप में MNS-शिवसेना नेताओं ने बिल्डर और उसके बेटे को पीटा, 10 लाख की हफ्ता वसूली का आरोप

    चारकोप में MNS-शिवसेना नेताओं ने बिल्डर और उसके बेटे को पीटा, 10 लाख की हफ्ता वसूली का आरोप

    कांदिवली वेस्ट के चारकोप में मनसे नेता विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख की हफ्ता वसूली का मामला दर्ज। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने FIR 60/2026 के तहत कार्रवाई शुरू की।

    मुंबई: कांदिवली वेस्ट स्थित चारकोप सेक्टर 8 में कथित गुंडागर्दी और हफ्ता वसूली का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता विश्वास मोरे और शिवसेना के नेता किशोर दलवी सहित 15 लोगों पर मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने का केस दर्ज हुआ है। मामला चारकोप पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्रमांक 60/2026 के तहत दर्ज किया गया है।

    📹 वायरल वीडियो से खुला मामला

    13 फरवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग एक कंस्ट्रक्शन साइट के अंदर घुसकर वॉचमैन और कर्मचारियों से बहस और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि यह घटना कांदिवली वेस्ट के चारकोप सेक्टर 8 स्थित जायसवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के कंपाउंड की है।

    💰 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली का आरोप

    कंस्ट्रक्शन कारोबारी बंश बहादुर जायसवाल और उनके बेटे मुकेश जायसवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली की मांग की।

    शिकायत के अनुसार, पैसे न देने पर काम रुकवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इसी आधार पर पुलिस ने मारपीट और हफ्ता वसूली जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

    📝 एफआईआर 60/2026 के तहत केस दर्ज

    चारकोप पुलिस ने 15 फरवरी को औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की।

    इस केस में विश्वास मोरे, किशोर दलवी, अशोक मंडल, पांडुरंग देसाई, राजेंद्र धनेकर सहित अन्य 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

    👮 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जा सकती है।

    राजनीतिक नेताओं के नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।

    📍 कांदिवली-चारकोप में बढ़ते हफ्ता वसूली के मामले?

    स्थानीय व्यापारियों और बिल्डरों का कहना है कि इलाके में पहले भी वसूली के आरोप सामने आते रहे हैं। इस घटना के बाद “Mumbai Extortion Case” और “Kandivali Hafta Vasooli” जैसे कीवर्ड सोशल मीडिया और गूगल सर्च में ट्रेंड कर रहे हैं।


    ❓ FAQ Section

    1. चारकोप में किस मामले में केस दर्ज हुआ?

    मारपीट और 10 लाख रुपये की हफ्ता वसूली मांगने के आरोप में केस दर्ज हुआ है।

    2. किन नेताओं के नाम एफआईआर में हैं?

    मनसे नेता विश्वास मोरे और शिवसेना नेता किशोर दलवी समेत 15 लोगों के नाम शामिल हैं।

    3. एफआईआर कब दर्ज हुई?

    15 फरवरी को एफआईआर क्रमांक 60/2026 दर्ज की गई।

    4. मामला कैसे सामने आया?

    13 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मामला सुर्खियों में आया।

  • पुणे बुधवार पेठ में रेड: 4 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, मानव तस्करी का शक

    पुणे बुधवार पेठ में रेड: 4 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू, मानव तस्करी का शक

    पुणे के बुधवार पेठ इलाके में पुलिस की बड़ी कार्रवाई में बंद कमरे से 4 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया। मानव तस्करी, फर्जी आधार कार्ड और बांग्लादेशी कनेक्शन की जांच तेज।

    महाराष्ट्र: पुणे शहर के कुख्यात माने जाने वाले बुधवार पेठ इलाके में पुलिस की छापेमारी ने सबको चौंका दिया। एक बंद कमरे से चार नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। कमरे को बाहर से ताला लगाया गया था और अंदर लड़कियों को छिपाकर रखा गया था। पूरे मामले में मानव तस्करी का एंगल सामने आ रहा है और जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

    🔎 कैसे खुला पूरा मामला?

    पुलिस को इलाके में अवैध गतिविधियों की सूचना मिली थी। रेड के दौरान एक कमरे पर बाहर से बड़ा ताला लगा मिला। पूछताछ में कहा गया कि अंदर सिर्फ पुराना सामान रखा है, लेकिन शक होने पर जब दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर चार नाबालिग लड़कियां मिलीं।

    सूत्रों के मुताबिक, उसी इमारत से कुछ ग्राहक और महिलाएं भी हिरासत में ली गईं। लेकिन इन चारों लड़कियों को जानबूझकर छिपाकर रखने की बात सामने आई है।

    ⚖️ मेडिकल जांच पर क्यों हुआ विवाद?

    रेस्क्यू के बाद पुलिस ने मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू की। शुरुआत में दो लड़कियों ने जांच से इनकार किया। बाद में जो लोग खुद को उनका माता-पिता बता रहे थे, उन्होंने भी मेडिकल टेस्ट का विरोध किया।

    पुलिस को शक हुआ क्योंकि कथित माता-पिता के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। न तो पहचान पत्र, न रिश्ते का सबूत। इसी वजह से मामला और गंभीर हो गया। अब पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) से अनुमति मांगी है।

    🧒 फर्जी पैरेंट्स या तस्करी गैंग?

    जांच में सामने आया है कि जो लोग खुद को लड़कियों का अभिभावक बता रहे थे, उनके पास कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं था। नाबालिगों की उम्र, व्यवहार और कथित परिजनों के बीच साम्य न होने से पुलिस का शक और गहरा गया है।

    लड़कियों के स्कूल में पढ़ने का दावा किया गया, लेकिन कोई स्कूल रिकॉर्ड या दस्तावेज नहीं दिखाए गए। फिलहाल लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है ताकि सच सामने आ सके।

    🌍 बांग्लादेशी कनेक्शन और फर्जी आधार कार्ड

    कार्रवाई के दौरान दो महिलाएं बांग्लादेशी नागरिक पाई गईं जो अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। उनके पास मिले आधार कार्ड फर्जी निकले हैं। अब पुलिस उस गैंग की तलाश में है जो नकली दस्तावेज तैयार कर रहा है।

    मानव तस्करी के साथ-साथ अमली पदार्थ विरोधी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। जांच कई एंगल से आगे बढ़ रही है।

    👮 क्या पुलिस सिस्टम में भी मिलीभगत?

    सूत्रों के अनुसार, इस इलाके में लंबे समय से अवैध धंधे चल रहे थे। कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। नियमित वसूली या दिखावटी कार्रवाई की शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची हैं।

    एक ही जगह पर लंबे समय से तैनात अधिकारियों की ट्रांसफर और दलालों से संबंधों की जांच शुरू कर दी गई है।

    📊 क्यों अहम है ये मामला?

    • नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा का बड़ा मुद्दा
    • मानव तस्करी का इंटर-स्टेट या इंटरनेशनल कनेक्शन
    • फर्जी दस्तावेज रैकेट
    • पुलिस सिस्टम में संभावित भ्रष्टाचार

    ❓ FAQ Section

    1. पुणे बुधवार पेठ में क्या हुआ?

    पुलिस रेड में बंद कमरे से चार नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया। मानव तस्करी का शक है।

    2. क्या इस मामले में कोई गिरफ्तार हुआ है?

    कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच जारी है और आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    3. क्या विदेशी नागरिक भी शामिल हैं?

    दो बांग्लादेशी महिलाओं के अवैध रूप से रहने और फर्जी आधार कार्ड रखने की पुष्टि हुई है।

    4. क्या पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी?

    वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

  • Parbhani Mayor Controversy: मुस्लिम महापौर पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान

    Parbhani Mayor Controversy: मुस्लिम महापौर पर महाराष्ट्र में सियासी घमासान

    Parbhani महानगरपालिका में शिवसेना (UBT) के मुस्लिम महापौर चुने जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बवाल मच गया। अंबादास दानवे ने BJP पर पलटवार करते हुए सिकंदर बख्त से मुख्तार अब्बास नकवी तक का नाम लिया। पढ़ें पूरी खबर।

    महाराष्ट्र: Parbhani महानगरपालिका में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के समर्थन से मुस्लिम नेता सय्यद इकबाल महापौर चुने गए। इसके बाद BJP और विरोधी दलों ने हिंदुत्व के मुद्दे पर ठाकरे गुट को घेरा। जवाब में अंबादास दानवे ने BJP पर पलटवार करते हुए पार्टी के मुस्लिम नेताओं की लंबी लिस्ट गिना दी और पूछा – “तब आपका हिंदुत्व कहां था?” इस मुद्दे ने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति का पारा बढ़ा दिया है।

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    🏛️ Parbhani में मुस्लिम महापौर, क्यों मचा सियासी तूफान?

    Parbhani महानगरपालिका में शिवसेना (UBT) की तरफ से मुस्लिम उम्मीदवार को महापौर बनाए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में जबरदस्त बहस छिड़ गई है।

    सोशल मीडिया पर “हिंदुत्व बनाम सेक्युलर राजनीति”, “जनाब सेना” जैसे कीवर्ड ट्रेंड करने लगे। सवाल उठाया गया कि मुंबई में मराठी और हिंदुत्व की बात करने वाली पार्टी परभणी में मुस्लिम महापौर कैसे चुन सकती है?

    🔥 BJP का हमला: हिंदुत्व पर उठे सवाल

    BJP और कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों ने आरोप लगाया कि यह फैसला शिवसेना (UBT) की बदली हुई विचारधारा को दिखाता है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “Shiv Sena UBT Muslim Mayor”, “Parbhani Mayor Controversy”, “Hindutva Politics Maharashtra” जैसे सर्च टर्म्स गूगल पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।


    🗣️ अंबादास दानवे का पलटवार: BJP को दिखाया आईना

    इस पूरे विवाद पर अंबादास दानवे ने BJP पर सीधा हमला बोला।

    दानवे ने कहा:

    “परभणी में मुस्लिम महापौर बनते ही BJP के कई विद्वानों को अचानक दर्द शुरू हो गया। लेकिन जब आपके ही दल में मुस्लिम नेता बड़े पदों पर थे, तब आपका हिंदुत्व कहां था?”

    📜 BJP के मुस्लिम नेताओं की लिस्ट गिनाई

    दानवे ने BJP के कई मुस्लिम चेहरों का नाम लेकर सवाल खड़ा किया:

    • सिकंदर बख्त
    • शाहनवाज हुसैन
    • मुख्तार अब्बास नकवी
    • नजमा हेपतुल्ला
    • एम.जे. अकबर
    • सैयद जफर इस्लाम
    • जमाल सिद्दीकी

    दानवे ने कहा कि जब इन नेताओं को मंत्री और सांसद बनाया गया, तब किसी ने हिंदुत्व पर सवाल नहीं उठाया।

    🤝 हिंदू नगरसेवकों ने भी किया समर्थन

    दानवे ने यह भी साफ किया कि महापौर के चुनाव में कई हिंदू नगरसेवकों ने भी समर्थन दिया। उनके मुताबिक यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, न कि धर्म का मुद्दा।

    🌾 सय्यद इकबाल कौन हैं?

    नवनियुक्त महापौर सय्यद इकबाल को शिवसेना का पुराना और जमीनी कार्यकर्ता बताया जा रहा है।

    जानकारी के मुताबिक वे लंबे समय से तालुका प्रमुख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि सांसद संजय जाधव के शिवपुराण कथा आयोजन के लिए इकबाल ने अपनी जमीन उपलब्ध कराई थी।

    🌡️ महाराष्ट्र में बढ़ा सियासी तापमान

    यह मुद्दा अब सिर्फ परभणी तक सीमित नहीं रहा। “Maharashtra Political Controversy 2026”, “Shiv Sena vs BJP Latest News”, “Muslim Mayor Maharashtra Debate” जैसे कीवर्ड ट्रेंड कर रहे हैं।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले चुनावों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. परभणी में कौन महापौर बने हैं?
    परभणी महानगरपालिका में शिवसेना (UBT) समर्थित सय्यद इकबाल महापौर चुने गए हैं।

    Q2. विवाद क्यों शुरू हुआ?
    मुस्लिम महापौर चुने जाने के बाद BJP और अन्य दलों ने हिंदुत्व के मुद्दे पर सवाल उठाए।

    Q3. अंबादास दानवे ने क्या कहा?
    अंबादास दानवे ने BJP के मुस्लिम नेताओं की लिस्ट गिनाते हुए पलटवार किया।

    Q4. क्या यह मामला चुनावों को प्रभावित करेगा?
    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा फैक्टर बन सकता है।

  • Dhule Murder Case: कबूतरों के विवाद में दोस्त की हत्या, न्यायालय के सामने मामू को पीटा

    Dhule Murder Case: कबूतरों के विवाद में दोस्त की हत्या, न्यायालय के सामने मामू को पीटा

    धुले के साकरी में कबूतरों के लेनदेन विवाद में युवक की गला रेतकर हत्या। आरोपी ने लूट की फर्जी कहानी गढ़ी, माता-पिता पर भी केस दर्ज। कोर्ट परिसर में आरोपी के रिश्तेदार की पिटाई से मचा हड़कंप।

    महाराष्ट्र: धुले जिले के साकरी शहर में कबूतरों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। आरोपी नूर भटू पिंजारी ने अपने ही दोस्त शोएब सईद शेख की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी के परिवार ने पुलिस को गुमराह करने के लिए ‘लूट की झूठी कहानी’ रची, लेकिन सख्त पूछताछ में सच सामने आ गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और माता-पिता के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। वहीं, कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी के मामू की भीड़ ने पिटाई कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।

    कबूतरों के शौक ने ली दोस्ती की जान

    धुले के साकरी स्थित महाराणा प्रताप चौक इलाके में रहने वाले शोएब शेख और नूर पिंजारी गहरे दोस्त बताए जाते हैं। दोनों को कबूतर पालने और उनके लेनदेन का शौक था।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कबूतरों की खरीद-फरोख्त और पुराने पैसों के विवाद को लेकर दोनों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही थी। घटना वाले दिन यह विवाद इतना बढ़ गया कि नूर ने अपने घर की छत पर शोएब पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।

    छत पर मिला खून से लथपथ शव

    हमला इतना घातक था कि शोएब की मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव आरोपी के घर की छत पर खून से सना मिला। इलाके में इस ‘ब्रूटल मर्डर केस’ की खबर फैलते ही सनसनी मच गई।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों की दोस्ती मिसाल मानी जाती थी, लेकिन कबूतरों के लेनदेन का विवाद जानलेवा बन गया।

    लूट की फर्जी कहानी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

    हत्या के बाद मामले ने तब नया मोड़ लिया जब आरोपी के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि अज्ञात लुटेरे घर में घुसे और हमला कर फरार हो गए।

    लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर कई संदिग्ध बातें मिलीं:

    • जबरन घुसने के कोई स्पष्ट निशान नहीं
    • आरोपी के बयान में विरोधाभास
    • वारदात के तुरंत बाद कपड़े बदलना

    कड़ाई से पूछताछ और फॉरेंसिक जांच के बाद झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई, माता-पिता पर भी केस

    साकरी पुलिस ने मुख्य आरोपी नूर पिंजारी को हिरासत में ले लिया है।

    साथ ही, साक्ष्य मिटाने, पुलिस को गुमराह करने और अपराधी को संरक्षण देने के आरोप में आरोपी के माता-पिता के खिलाफ भी IPC की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    यह मामला अब “Dhule Murder Case”, “Sakri Kabootar Dispute Murder” और “Maharashtra Crime News” जैसे कीवर्ड्स के साथ तेजी से सर्च किया जा रहा है।

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    Dhule कोर्ट के सामने ‘सिनेस्टाइल’ हंगामा

    इस केस ने और तूल तब पकड़ लिया जब आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।

    न्यायालयीन कोठडी सुनाए जाने के बाद जैसे ही आरोपी को बाहर लाया गया, वहां मौजूद भीड़ भड़क गई। आरोपी का बचाव करने आए उसके मामू नबू पिंजारी को भीड़ ने साकरी-धुले महामार्ग पर बीच सड़क पर घेरकर पीट दिया।

    इस घटना से कोर्ट परिसर और हाईवे पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त करना पड़ा।


    ❓ FAQ Section

    Q1. धुले में हत्या किस वजह से हुई?.

    कबूतरों के लेनदेन और पुराने विवाद को लेकर झगड़ा हुआ, जो हत्या में बदल गया।

    Q2. मुख्य आरोपी कौन है?

    नूर भटू पिंजारी।

    Q3. क्या परिवार के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ?

    हाँ, पुलिस को गुमराह करने और सबूत मिटाने के आरोप में माता-पिता पर भी मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. कोर्ट में क्या हुआ?

    आरोपी के मामू की भीड़ ने पिटाई कर दी, जिससे कोर्ट परिसर में तनाव फैल गया।

    Q5. आरोपी को कौन सी सजा हो सकती है?

    अगर दोष साबित हुआ तो IPC 302 के तहत उम्रकैद या कठोर सजा हो सकती है।