Category: Crime News

Read the latest crime news, investigations and exclusive reports from India and around the world. Stay informed with coverage on police investigations, court cases, cybercrime, fraud, murders, theft, organized crime and major law enforcement developments, only on Indian FastTrack.

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया।

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा।

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया।

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया।

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया।

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी।

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी।

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी।

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा।

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं।

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया।

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं।

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए।

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है।

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए।

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी।

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई।

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके।

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए।

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई।

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया।

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Mumbai के Borivali में Fake KYC Update Scam का बड़ा मामला सामने आया है। Tata Power के नाम पर आए फोन कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए 69 वर्षीय Senior Citizen के बैंक खाते से ₹9.75 लाख उड़ा लिए गए। Borivali Police और Cyber Cell मामले की जांच में जुटी है।

    मुंबई: Online Fraud और KYC Scam का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय Senior Citizen को Fake KYC Update के नाम पर ठग लिया गया। ठग ने खुद को Tata Power का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा और KYC अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 निकाल लिए।

    इस मामले में Mumbai Police के Borivali Police Station में केस दर्ज कर लिया गया है और Cyber Cell आरोपी की तलाश में जुट गई है।

    फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा Online Fraud

    पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग Borivali इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं।

    24 फरवरी को जब वह घर पर थे, तभी उन्हें एक अनजान नंबर से फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को Tata Power Electricity का अधिकारी बताया और कहा कि उनका KYC Update Pending है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी है।

    WhatsApp पर भेजा गया Fake KYC Link

    फोन कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित को WhatsApp पर एक लिंक भेजा और कहा कि उसी लिंक पर जाकर KYC Update Process पूरा करें।

    क्योंकि बुजुर्ग को इस प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलर के बताए अनुसार लिंक ओपन किया और अपनी Personal Details भर दीं।

    ₹10 UPI ट्रांजेक्शन के बहाने शुरू हुई ठगी

    फर्जी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बाद पीड़ित से कहा गया कि KYC Verification के लिए ₹10 का UPI Payment करना होगा।

    बुजुर्ग ने निर्देशों का पालन करते हुए ₹10 ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कॉलर ने फोन काट दिया।

    दोस्त की चेतावनी के बाद डिलीट किया चैट

    बाद में जब पीड़ित ने इस घटना के बारे में अपने एक दोस्त को बताया तो उसने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसे लिंक अक्सर Cyber Fraud के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

    इस बात से घबराकर पीड़ित ने WhatsApp चैट और लिंक दोनों डिलीट कर दिए।

    3 मार्च को बैंक मैसेज देख उड़े होश

    कुछ दिन बाद 3 मार्च को पीड़ित के मोबाइल पर Bank Transaction Alerts आने लगे।

    जब उन्होंने मैसेज चेक किए तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये डेबिट हो चुके थे।

    Borivali Police में दर्ज हुई शिकायत

    अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित तुरंत Borivali Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।

    पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ Cheating और Information Technology Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    Cyber Cell कर रही आरोपी की तलाश

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक Borivali Police Station की Cyber Cell टीम इस मामले की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी लिंक कहां से भेजा गया और बैंक खाते से पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए।

    पुलिस की नागरिकों को चेतावनी

    पुलिस ने इस मामले के बाद एक बार फिर नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है।

    अधिकारियों का कहना है कि:

    • किसी भी Unknown Caller पर भरोसा न करें
    • KYC Update Link पर बिना जांच क्लिक न करें
    • Banking Details, OTP या Personal Information किसी से साझा न करें
    • संदेह होने पर तुरंत Police या Cyber Cell से संपर्क करें

    FAQ (People Also Ask)

    1. Borivali KYC Scam में कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये निकाल लिए गए।

    2. आरोपी ने ठगी कैसे की?

    आरोपी ने खुद को Tata Power अधिकारी बताकर Fake KYC Link भेजा और उसी के जरिए बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए।

    3. घटना कब हुई?

    फोन कॉल 24 फरवरी को आया था, जबकि 3 मार्च को बैंक मैसेज से ठगी का पता चला।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    इस मामले में Borivali Police Station में केस दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस क्या जांच कर रही है?

    Cyber Cell आरोपी की पहचान और पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए, इसकी जांच कर रही है।

  • Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai के Western Express Highway पर e-challan के विरोध में बसें खड़ी कर Traffic Block करने वाले 46 Bus Drivers और Cleaners को Vile Parle Police ने गिरफ्तार किया। इस Protest की वजह से Malad तक लंबा Traffic Jam लग गया।

    मुंबई: Western Express Highway Traffic Jam को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। e-challan system और commercial vehicles पर लगने वाले टैक्स-टोल के विरोध में बस ड्राइवरों और क्लीनरों ने हाईवे पर गाड़ियां खड़ी कर दीं। इस वजह से Vile Parle से लेकर Malad तक भारी Traffic Jam लग गया।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार कर लिया है।

    WEH पर बसें खड़ी कर किया गया Protest

    घटना Western Express Highway के Vile Parle East इलाके की है।

    पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने Southbound Carriageway पर अपनी बसें और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए थे।

    इस वजह से Andheri–Bandra stretch पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया और कुछ ही देर में गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई।

    बिना अनुमति के हाईवे पर प्रदर्शन

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के हाईवे पर यह विरोध प्रदर्शन किया।

    बसों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया और कई ड्राइवर सड़क पर जमा होकर e-challan fines माफ करने और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग करने लगे।

    सुबह 9 बजे हुआ पूरा घटनाक्रम

    पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।

    उस समय पुलिस अधिकारी मुंबई में होने वाली एक अहम यात्रा की तैयारी कर रहे थे। दरअसल, Prime Minister of Finland के शुक्रवार को मुंबई दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस rehearsal arrangements और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रही थी।

    इसी दौरान Police Control Room को सूचना मिली कि लगभग 25 से 30 ड्राइवरों ने हाईवे पर बसें खड़ी कर दी हैं और रास्ता ब्लॉक कर दिया है।

    पुलिस के समझाने के बावजूद नहीं हटाए वाहन

    सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने ड्राइवरों को कई बार बसें हटाने और सड़क खाली करने के लिए कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में ऐसा करने से इनकार कर दिया।

    इसके बाद Traffic Police भी मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने की कोशिश की।

    हजारों यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

    इस विरोध प्रदर्शन के कारण Western suburbs में भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

    पुलिस के अनुसार:

    • हजारों commuters ट्रैफिक में फंस गए
    • कई ambulances भी जाम में अटक गईं
    • Class 10 और Class 12 board exams देने जा रहे कई छात्र भी इस ट्रैफिक में फंस गए

    इस वजह से पूरे इलाके में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ड्राइवरों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों से बहस भी की।

    कुछ लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनके वाहन हटाए गए तो वे मुंबई के दूसरे इलाकों में भी सड़कें जाम कर देंगे।

    15 मिनट में हटाई गई बसें

    पुलिस ने बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

    इसके बाद हाईवे पर खड़ी बसों को हटाकर करीब 15 मिनट के अंदर सड़क साफ कर दी गई, जिससे ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।

    46 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

    पुलिस ने कुल 46 Bus Drivers और Cleaners के खिलाफ FIR दर्ज की है।

    उन पर निम्न आरोप लगाए गए हैं:

    • Unlawful Assembly
    • Public Servants को काम करने से रोकना
    • Public Traffic में बाधा डालना

    सभी आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 मार्च तक Police Custody में भेज दिया गया।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai WEH Protest में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार किया गया।

    2. Protest कहां हुआ था?

    यह विरोध प्रदर्शन Western Express Highway के Vile Parle East इलाके में हुआ।

    3. Protest का कारण क्या था?

    ड्राइवर e-challan fines माफ करने, और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग कर रहे थे।

    4. Traffic Jam कितनी दूर तक लगा?

    गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई थी।

    5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    पुलिस ने FIR दर्ज कर 46 लोगों को गिरफ्तार किया और कोर्ट से 8 मार्च तक पुलिस कस्टडी ली।

  • Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai में स्कूल, Stock Exchange और Metro Stations को Bomb Threat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। Dindoshi Police अब Malad–Goregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।

    मुंबई: Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।

    Mumbai-Bomb-Threat-Case-hoax-email-news

    Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।

    इन शहरों में शामिल हैं:

    • Mumbai
    • Delhi
    • Punjab
    • Ahmedabad

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

    Mumbai के Malad-Goregaon इलाके में भेजे थे ईमेल

    मुंबई में यह मामला Dindoshi Police Station के अधिकार क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

    पुलिस के अनुसार आरोपी ने 26 फरवरी को ईमेल भेजकर धमकी दी थी कि स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations पर बम धमाके होंगे।

    ये सभी संस्थान मुख्य रूप से Malad-Goregaon belt में आने वाले इलाकों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    सभी जगहों की हुई जांच, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

    ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।

    पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।

    Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।

    पुलिस कर रही है Motive की जांच

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
    • या फिर किसी को डराने की कोशिश
    • या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है

    जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?

    इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?

    उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।

    3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?

    मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।

    4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?

    स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।

    5. क्या धमकी सच थी?

    नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।

  • Mumbai Crime: Actor ने Society Secretary पर दर्ज कराई FIR, Trespass और धमकी का आरोप

    Mumbai Crime: Actor ने Society Secretary पर दर्ज कराई FIR, Trespass और धमकी का आरोप

    Malad West के Malvani इलाके में 48 वर्षीय Actor ने Society Secretary Firoz Khan, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। मामला Renovation के दौरान Electric Wire काटने के विवाद से जुड़ा है। Malvani Police जांच में जुटी।

    मुंबई: Malad West इलाके से एक नया Mumbai Crime News सामने आया है। Malvani में रहने वाले 48 वर्षीय Actor ने अपनी Housing Society के Secretary और उनके बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ Criminal Intimidation, Trespass और Abuse का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।

    शिकायत मिलने के बाद Malvani Police Station ने 3 मार्च को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📍 Actor और Society Secretary के बीच कैसे शुरू हुआ विवाद

    FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता विश्वभानु रवीभूषण शर्मा Samuha Co-operative Society, Room No. C/24, MHADA Gate No. 8, Malvani Malad West में रहते हैं।

    उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले एक महीने से उनके घर में Renovation Work चल रहा है। इसी कारण वह और उनका परिवार फिलहाल उसी सोसायटी के परिसर में Room No. D/01, K.G.N Guest House में अस्थायी रूप से रह रहे हैं।

    ⚡ Electric Wire काटने को लेकर बढ़ा झगड़ा

    शर्मा के मुताबिक, उनके किचन के पीछे खुले स्थान में MHADA द्वारा लगाए गए Common Electric Wiring के कारण Renovation का काम रुक रहा था।

    उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस बारे में Society Secretary फिरोज खान (56) को पहले ही सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    आरोप है कि इसी वजह से शर्मा और उनकी पत्नी ने वह Electric Wire काट दिया।

    🗣️ 1 मार्च को घर पहुंचकर हुआ विवाद

    FIR के अनुसार, 1 मार्च को शाम करीब 5 बजे फिरोज खान और उनका बेटा आयाज़ खान (29) शर्मा के घर पहुंचे और उनसे Electric Wire काटने के बारे में सवाल किया।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि:

    • फिरोज खान ने उन्हें धमकी दी
    • बाद में सोसायटी परिसर में बुलाकर गाली-गलौज की
    • आयाज़ खान ने कथित तौर पर हमला करने की कोशिश की

    ⚠️ अगले दिन स्थिति और बिगड़ी

    शर्मा ने बताया कि 2 मार्च को करीब 12:30 बजे एक व्यक्ति, जो खुद को आयाज़ का दोस्त बता रहा था, उनके घर पहुंचा और दरवाजा खोलने को कहा।

    जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो वह व्यक्ति दो महिलाओं और एक अन्य व्यक्ति के साथ वापस आया।

    🏠 कमरे पर कब्जे का दावा, घर खाली करने की धमकी

    FIR के मुताबिक, उन महिलाओं में से एक की पहचान सुरैया हुसैन के रूप में हुई।

    आरोप है कि सुरैया ने खुद को उस कमरे की मालिक बताते हुए शर्मा से तुरंत घर खाली करने को कहा।

    शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी लोगों ने उन्हें गालियां दीं और धमकियां दीं।

    🔌 बिजली-गैस बंद कर घर बाहर से लॉक करने का आरोप

    शर्मा का कहना है कि समूह में शामिल एक महिला ने बाकी लोगों को घर में घुसने, हथियारों के साथ अंदर आने, लाइट और गैस बंद करने और घर को लॉक करने के लिए उकसाया।

    FIR के अनुसार:

    • एक व्यक्ति घर के अंदर घुस गया
    • उसने बिजली और गैस सप्लाई बंद कर दी
    • फिर घर को बाहर से लॉक कर दिया

    इसके बाद कथित तौर पर समूह वहां से भाग गया।

    ⚖️ किन लोगों पर दर्ज हुई FIR

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    आरोपी:

    • फिरोज खान
    • आयाज़ खान
    • सुरैया हुसैन
    • दो अज्ञात व्यक्ति

    इन पर Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिनमें शामिल हैं:

    • Section 329(4) – Criminal Trespass / House Trespass
    • Section 189(2) – Unlawful Assembly
    • Section 190 – Common Object of Unlawful Assembly
    • Section 351(2) – Criminal Intimidation
    • Section 352 – Intentional Insult to Provoke Breach of Peace

    पुलिस ने कहा है कि मामले की Further Investigation जारी है।


    ❓ FAQ Section

    1. यह मामला मुंबई के किस इलाके का है?

    यह मामला Malvani, Malad West का है।

    2. FIR किसने दर्ज कराई?

    48 वर्षीय Actor विश्वभानु रवीभूषण शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई।

    3. विवाद किस वजह से हुआ?

    Renovation के दौरान Common Electric Wire काटने को लेकर विवाद हुआ।

    4. पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?

    Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं में Criminal Trespass, Intimidation और Unlawful Assembly के आरोप लगाए गए हैं।

  • Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Court का बड़ा फैसला: मां की हत्या में बेटे को Life Imprisonment

    Mumbai Session Court ने Dahisar में मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को IPC Section 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। Court ने Circumstantial Evidence के आधार पर दोषी ठहराया, Police Confession को सबूत नहीं माना।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक सनसनीखेज Crime News सामने आई है। मुंबई की सेशन कोर्ट ने अपनी मां की हत्या करने वाले बेटे को Life Imprisonment की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि Circumstantial Evidence के आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ही हत्या के लिए जिम्मेदार है।

    🏛️ Court का फैसला: “Homicidal Death हुई, आरोपी जिम्मेदार”

    Additional Sessions Judge M Mohiuddin ने 24 फरवरी के अपने Judgment में कहा कि मृतका ललिता शेनॉय की मौत आरोपी की कस्टडी में हुई और यह Homicidal Death है।

    कोर्ट के मुताबिक:

    • घटना के समय घर में सिर्फ आरोपी मौजूद था
    • Crime Scene से Blood-Stained Items बरामद हुए
    • आरोपी यह नहीं बता सका कि मां को चोटें कैसे आईं

    जज ने कहा कि आरोपी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण झूठा प्रतीत होता है, जो उसके खिलाफ मजबूत परिस्थिति जन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) है।

    📍 Dahisar की Chawl में रहता था आरोपी

    यह मामला मुंबई के Dahisar इलाके का है। आरोपी अपनी मां के साथ एक Chawl में रहता था।

    कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार:

    • घटना के समय घर में कोई अन्य परिवार सदस्य मौजूद नहीं था
    • पड़ोसियों ने बताया कि मां-बेटे के बीच कभी-कभी झगड़ा होता था

    📞 सुबह पुलिस को दी थी “Unknown Person” वाली जानकारी

    हत्या की रात के बाद अगली सुबह आरोपी ने पुलिस को फोन कर बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की हत्या कर दी है।

    जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मां अपने कमरे में मृत पाई गई। कमरे से कई खून से सने सामान बरामद हुए, जिनमें शामिल थे:

    • Paper Cutter
    • खून से सने कपड़े
    • Pillow Cover

    🧾 कथित कबूलनामा, लेकिन Court ने नहीं माना

    कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी ने पुलिस के सामने कथित रूप से कबूल किया था कि:

    • उसने मां को 30 Sleeping Tablets दीं
    • तकिए से मुंह दबाया
    • Paper Cutter से गला काटा

    उसने कहा कि झगड़े के बाद उसने “हमेशा के लिए बहस खत्म करने” के लिए यह कदम उठाया।

    लेकिन Indian Evidence Act की Section 25 और Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita की Section 23 के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession अदालत में मान्य नहीं होता।

    इसलिए कोर्ट ने आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं किया और फैसला Circumstantial Evidence के आधार पर सुनाया।

    🔬 Forensic Report और Medical Evidence

    जांच के दौरान पुलिस ने कमरे से कई सामान जब्त किए:

    • Paper Cutter
    • Blood-Stained Clothes
    • Pillow
    • Mattress का टुकड़ा

    Forensic Tests में कुछ सामान पर Human Blood की पुष्टि हुई। Medical Examination में पाया गया कि मौत गर्दन पर गहरे कट (Deep Incised Neck Injuries) के कारण हुई।

    हालांकि Paper Cutter पर आरोपी के Fingerprints नहीं मिले, लेकिन कोर्ट ने कहा कि घटना के समय घर में और कोई नहीं था।

    ❗ आरोपी का “Unnatural Conduct” भी बना सबूत

    कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।

    जज ने कहा:

    • अगर कोई अज्ञात व्यक्ति हत्या करता, तो आरोपी शोर मचाता
    • पड़ोसियों को बुलाता
    • मां को अस्पताल ले जाने की कोशिश करता

    लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया और सुबह तक चुप रहा। कोर्ट ने इसे “Unnatural Conduct” मानते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत परिस्थिति माना।

    ⚖️ सजा और जुर्माना

    कोर्ट ने आरोपी को Indian Penal Code की Section 302 के तहत Murder का दोषी ठहराया।

    सजा:

    • Life Imprisonment
    • ₹5,000 Fine
    • Fine नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा

    कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी 29 नवंबर 2018 से न्यायिक हिरासत में है और Code of Criminal Procedure की Section 428 के तहत जेल में बिताया गया समय सजा में Adjust किया जाएगा।

    👩‍⚖️ कौन थे वकील?

    • आरोपी की ओर से Advocate Shashikant Damodarlal Chandak (Legal Aid) और Kanchan Chandak पेश हुए।
    • राज्य की ओर से Additional Public Prosecutor PS Rathod ने पैरवी की।

    ❓ FAQ Section

    1. आरोपी को किस धारा में सजा मिली?

    IPC Section 302 (Murder) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

    2. क्या आरोपी का Confession कोर्ट में माना गया?

    नहीं, Indian Evidence Act और BNSS Act के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession मान्य नहीं होता।

    3. सजा क्या है?

    Life Imprisonment और ₹5,000 जुर्माना।

    4. घटना कब की है?

    आरोपी को 29 नवंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है।

  • Mumbai Traffic Police ने Holi पर 16,727 Challans जारी किए; ₹1.99 करोड़ से ज़्यादा Fines Recovery — Drunk Driving एवं Overspeeding पर सख्त कार्रवाई

    Mumbai Traffic Police ने Holi पर 16,727 Challans जारी किए; ₹1.99 करोड़ से ज़्यादा Fines Recovery — Drunk Driving एवं Overspeeding पर सख्त कार्रवाई

    Mumbai Traffic Police ने होली (Holi 2026) और Dhulivandan के दौरान city-wide special enforcement drive चलाकर 16,727 challans जारी किए और ₹1,99,91,650 से अधिक जुर्माना वसूला। इसके तहत ड्रंक ड्राइविंग, हेल्मेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग, सिग्नल जंपिंग जैसे violations पर कड़ी कार्रवाई हुई।

    मुंबई: होली (Holi 2026) और धुलिवंदन के त्योहार के दौरान Mumbai Traffic Police ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए city-wide special traffic enforcement drive चलाया, जिसमें 16,727 challans जारी किए गए और लगभग ₹1.99 करोड़ का जुर्माना (penalty/fine) वसूला गया। जांच में drunk driving, overspeeding, helmet-less riding, triple riding और traffic signals के उल्लंघन जैसे मुख्य violations पर कड़ी कार्रवाई की गई।

    📍 Drive का Scope और Enforcement Strategy

    Special nakas और check posts city के बुधवारियों, junctions, मुख्य arterial roads और high-traffic highways पर लगाए गए थे। CCTV surveillance, e-challan systems और मोबाइल enforcement tools के ज़रिये violations का real-time पता लगाया गया और तुरंत challan जारी किये गए।

    🚔 मुख्य Viola­tions और Challans की संख्या

    Drive के दौरान अलग-अलग traffic offences पर challans इस प्रकार जारी किए गये:

    • 🏍️ Without Helmet: 4,317 challans — ₹42,97,000 approx
    • 🚗 Speed Limit Violation (Overspeeding): 4,486 challans — ₹8,29,100 approx
    • 🚦 Jumping Signal: 610 challans — ₹5,90,000 approx
    • 🧑‍✈️ Triple Seat Riding: 530 challans — ₹5,27,000 approx
    • 📄 Without Valid Driving Licence: 431 challans — ₹3,89,500 approx
    • 🚧 Obstructing Traffic Flow: 2,532 challans — ₹29,64,000 approx
    • ⛔ No Entry in One-Way: 278 challans — ₹3,12,500 approx
    • 🚘 Wrong Side Driving: 20 challans — Sent to court
    • 📢 Honking Violation: 2 challans — ₹1,000
    • 🧾 Other Violations: 2,603 challans — ₹18,67,650 approx

    (कुल: 16,727 challans — ₹1,99,91,650+ fines)

    🍷 Drunk Driving (DUI) पर Zero Tolerance Policy

    Drive के दौरान 159 motorists/drivers को Drunk Driving के आरोप में FIR के तहत booked किया गया और उनकी Driving Licence suspension की कार्रवाई भी शुरू की गई। DUI जैसी गंभीर违规 गतिविधियों पर legal penalty और Licence suspension procedures लागू किये गये।

    📈 Mumbai City में Traffic Discipline और Safety Awareness

    Mumbai Traffic Police ने citizens से appeal की है कि हर ड्राइवर और commuter safety first रखें, traffic rules को strictly follow करें और खासकर त्योहारों के समय reckless driving से बचें ताकि road accidents और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

    📊 ये डेटा क्यों ज़रूरी है?

    गाड़ियों की बढ़ती संख्या और holiday season में reckless driving के कारण city में accidents की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ये special drive public safety और law enforcement को balance करने का एक अहम प्रयास है।

    ❓ Holi Traffic Enforcement – FAQs (Frequently Asked Questions)

    Q1. होली enforcement drive कब और क्यों चलाया गया?
    👉 Holi 2026 और Dhulivandan के दौरान increased traffic violations और accidents की आशंका को देखते हुए specially traffic enforcement drive Mumbai Traffic Police द्वारा चलाया गया।

    Q2. सबसे ज़्यादा challans किस उल्लंघन के लिए जारी हुए?
    👉 Without helmet और overspeeding violations के लिए सबसे ज़्यादा challans जारी हुए।

    Q3. Drunk driving पर क्या कार्रवाई हुई?
    👉 159 drunk drivers को booked किया गया और licence suspension proceedings शुरू की गई।

    Q4. Wrong side driving के मामलों में क्या कार्रवाई?
    👉 Wrong side driving के 20 मामलों को court भेजा गया।

    Q5. E-challan system कैसे मदद करता है?
    👉 CCTV footage, e-challan digital tools से real-time violation detection होता है जिससे on-spot enforcement आसान होता है।

  • Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali IC Colony के My Gold Point jewellery shop से ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी मामले में MHB Colony Police की बड़ी कार्रवाई। 45 दिन की technical investigation के बाद Rajasthan के Rajsamand जंगल से 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹4.65 करोड़ का माल बरामद।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित IC Colony में My Gold Point jewellery shop से करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। MHB Colony Police ने लगातार 45 दिन की investigation के बाद राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक ₹4.65 करोड़ का चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि बाकी की recovery जारी है।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news1

    📍 कैसे सामने आया Jewellery Theft Case?

    14 जनवरी 2026 को MHB Colony Police Station में शिकायतकर्ता राकेश शांतिलाल पोरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 की रात 10:30 बजे से 14 जनवरी 2026 दोपहर 1:26 बजे के बीच Borivali West, IC Colony, Holy Cross Road स्थित My Gold Point ज्वेलरी शॉप की तिजोरी से सोना, चांदी और डायमंड के दागिने चोरी हो गए।

    चोरी की कुल अनुमानित कीमत ₹6,79,85,000 बताई गई। पुलिस ने इस मामले में BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत FIR (CR No. 23/2026) दर्ज की।

    🕵️‍♂️ दुकान के ही सेल्समैन निकले मास्टरमाइंड

    शिकायत के मुताबिक, दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करने वाले प्रभू सिंग नारायण सिंग ने साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तिजोरी से कीमती ज्वेलरी चुरा ली और बिना मालिक की जानकारी के फरार हो गए।

    🎥 CCTV और Technical Surveillance से मिला सुराग

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज और technical investigation के जरिए पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभू गोप सिंग दसाणा और नारायण मोहन सिंग राजस्थान भाग गए हैं।

    तुरंत एक Crime Detection Team को राजस्थान रवाना किया गया।

    🌲 राजसमंद के जंगल में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन

    28 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली कि एक आरोपी राजसमंद जिले के कुवारीया गांव के पास घने जंगल में एक मंदिर में छिपा है। पुलिस ने वहां trap बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news2

    पूछताछ में पता चला कि चोरी की साजिश में गणपत सिंह मोहन चंदाना, विशन सिंह वग्गालाल रेवारी, मोडसिंग चुनसिंग दसाना और देवी सिंह गोपसिंग दसाणा (सभी निवासी राजसमंद, राजस्थान) शामिल थे।

    राजस्थान पुलिस की मदद से राजसमंद जिले के तीन जंगल इलाकों में joint search operation चलाया गया। इस दौरान private thermal drone का भी इस्तेमाल किया गया। सर्च के दौरान मोडसिंग को भी पकड़ा गया।

    🚨 1 मार्च को दो और आरोपी दबोचे

    लगातार human intelligence और technical surveillance के जरिए 1 मार्च 2026 को खबर मिली कि फरार आरोपी गणपत सिंह और किशन सिंह कुवारीया गांव के आसपास देखे गए हैं।

    पुलिस ने गांव के जंगल से आने-जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर trap लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    💰 ₹4.65 करोड़ का माल बरामद

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब:

    • 3 किलोग्राम सोने के दागिने (कीमत लगभग ₹4.50 करोड़)
    • 5 किलोग्राम चांदी के दागिने (कीमत लगभग ₹15 लाख)

    कुल ₹4,65,00,000 की संपत्ति बरामद की गई है। बाकी चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई जारी है।

    👮‍♂️ किन अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला Borivali Operation?

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (Law & Order) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव (परिमंडल 11), एसीपी संतोष धनवटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी के मार्गदर्शन में हुई।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news

    Operation में PI (Crime) अतुल आव्हाड, PSI निलेश पाटील, संदीप गोरडे, वसीम शेख, मंगेश किरपेकर, संतोष भोसले, API संभाजी खरात, हवालदार बबलू सालुंखे, संदीप परिट, तिरुपती रेकुळवाड, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।

    🔎 Mumbai Crime News में बड़ा खुलासा

    Borivali IC Colony Jewellery Theft Case ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंदरूनी साजिश (insider conspiracy) किस तरह बड़े crime को अंजाम दे सकती है।

    Police investigation, technical surveillance और drone search operation की मदद से 45 दिन में आरोपियों को पकड़ना Mumbai Police के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. चोरी कितनी रकम की थी?
    करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी हुई थी।

    Q2. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से।

    Q3. अब तक कितना माल बरामद हुआ है?
    करीब ₹4.65 करोड़ का सोना और चांदी बरामद हुआ है।

    Q4. क्या दुकान के कर्मचारी शामिल थे?
    हाँ, दुकान के सेल्समैन पर साजिश रचने का आरोप है।

    Q5. कौन सी धाराओं में केस दर्ज हुआ?
    BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।