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Mumbai में स्कूल, StockExchange और MetroStations को BombThreat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। DindoshiPolice अब Malad–Goregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।
मुंबई:Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।
Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।
इन शहरों में शामिल हैं:
Mumbai
Delhi
Punjab
Ahmedabad
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।
ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।
पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।
Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस
मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।
पुलिस कर रही है Motive की जांच
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:
क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
या फिर किसी को डराने की कोशिश
या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है
जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
FAQ (People Also Ask)
1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?
इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?
उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।
3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?
मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।
4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?
स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।
5. क्या धमकी सच थी?
नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।
Malad West के Malvani इलाके में 48 वर्षीय Actor ने Society Secretary Firoz Khan, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई। मामला Renovation के दौरान Electric Wire काटने के विवाद से जुड़ा है। Malvani Police जांच में जुटी।
मुंबई: Malad West इलाके से एक नया Mumbai Crime News सामने आया है। Malvani में रहने वाले 48 वर्षीय Actor ने अपनी Housing Society के Secretary और उनके बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ Criminal Intimidation, Trespass और Abuse का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है।
शिकायत मिलने के बाद Malvani Police Station ने 3 मार्च को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
📍 Actor और Society Secretary के बीच कैसे शुरू हुआ विवाद
FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता विश्वभानु रवीभूषण शर्मा Samuha Co-operative Society, Room No. C/24, MHADA Gate No. 8, Malvani Malad West में रहते हैं।
उन्होंने पुलिस को बताया कि पिछले एक महीने से उनके घर में Renovation Work चल रहा है। इसी कारण वह और उनका परिवार फिलहाल उसी सोसायटी के परिसर में Room No. D/01, K.G.N Guest House में अस्थायी रूप से रह रहे हैं।
⚡ Electric Wire काटने को लेकर बढ़ा झगड़ा
शर्मा के मुताबिक, उनके किचन के पीछे खुले स्थान में MHADA द्वारा लगाए गए Common Electric Wiring के कारण Renovation का काम रुक रहा था।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस बारे में Society Secretary फिरोज खान (56) को पहले ही सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि इसी वजह से शर्मा और उनकी पत्नी ने वह Electric Wire काट दिया।
🗣️ 1 मार्च को घर पहुंचकर हुआ विवाद
FIR के अनुसार, 1 मार्च को शाम करीब 5 बजे फिरोज खान और उनका बेटा आयाज़ खान (29) शर्मा के घर पहुंचे और उनसे Electric Wire काटने के बारे में सवाल किया।
शर्मा ने बताया कि 2 मार्च को करीब 12:30 बजे एक व्यक्ति, जो खुद को आयाज़ का दोस्त बता रहा था, उनके घर पहुंचा और दरवाजा खोलने को कहा।
जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो वह व्यक्ति दो महिलाओं और एक अन्य व्यक्ति के साथ वापस आया।
🏠 कमरे पर कब्जे का दावा, घर खाली करने की धमकी
FIR के मुताबिक, उन महिलाओं में से एक की पहचान सुरैया हुसैन के रूप में हुई।
आरोप है कि सुरैया ने खुद को उस कमरे की मालिक बताते हुए शर्मा से तुरंत घर खाली करने को कहा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद सभी लोगों ने उन्हें गालियां दीं और धमकियां दीं।
🔌 बिजली-गैस बंद कर घर बाहर से लॉक करने का आरोप
शर्मा का कहना है कि समूह में शामिल एक महिला ने बाकी लोगों को घर में घुसने, हथियारों के साथ अंदर आने, लाइट और गैस बंद करने और घर को लॉक करने के लिए उकसाया।
FIR के अनुसार:
एक व्यक्ति घर के अंदर घुस गया
उसने बिजली और गैस सप्लाई बंद कर दी
फिर घर को बाहर से लॉक कर दिया
इसके बाद कथित तौर पर समूह वहां से भाग गया।
⚖️ किन लोगों पर दर्ज हुई FIR
शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है।
आरोपी:
फिरोज खान
आयाज़ खान
सुरैया हुसैन
दो अज्ञात व्यक्ति
इन पर Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिनमें शामिल हैं:
Section 329(4) – Criminal Trespass / House Trespass
Section 189(2) – Unlawful Assembly
Section 190 – Common Object of Unlawful Assembly
Section 351(2) – Criminal Intimidation
Section 352 – Intentional Insult to Provoke Breach of Peace
पुलिस ने कहा है कि मामले की Further Investigation जारी है।
❓ FAQ Section
1. यह मामला मुंबई के किस इलाके का है?
यह मामला Malvani, Malad West का है।
2. FIR किसने दर्ज कराई?
48 वर्षीय Actor विश्वभानु रवीभूषण शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई।
3. विवाद किस वजह से हुआ?
Renovation के दौरान Common Electric Wire काटने को लेकर विवाद हुआ।
4. पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?
Bharatiya Nyaya Sanhita की कई धाराओं में Criminal Trespass, Intimidation और Unlawful Assembly के आरोप लगाए गए हैं।
Mumbai Session Court ने Dahisar में मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे को IPCSection 302 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई। Court ने CircumstantialEvidence के आधार पर दोषी ठहराया, PoliceConfession को सबूत नहीं माना।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक सनसनीखेज Crime News सामने आई है। मुंबई की सेशन कोर्ट ने अपनी मां की हत्या करने वाले बेटे को Life Imprisonment की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि Circumstantial Evidence के आधार पर यह साबित होता है कि आरोपी ही हत्या के लिए जिम्मेदार है।
🏛️ Court का फैसला: “Homicidal Death हुई, आरोपी जिम्मेदार”
Additional Sessions Judge M Mohiuddin ने 24 फरवरी के अपने Judgment में कहा कि मृतका ललिता शेनॉय की मौत आरोपी की कस्टडी में हुई और यह Homicidal Death है।
कोर्ट के मुताबिक:
घटना के समय घर में सिर्फ आरोपी मौजूद था
Crime Scene से Blood-Stained Items बरामद हुए
आरोपी यह नहीं बता सका कि मां को चोटें कैसे आईं
जज ने कहा कि आरोपी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण झूठा प्रतीत होता है, जो उसके खिलाफ मजबूत परिस्थिति जन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) है।
📍 Dahisar की Chawl में रहता था आरोपी
यह मामला मुंबई के Dahisar इलाके का है। आरोपी अपनी मां के साथ एक Chawl में रहता था।
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार:
घटना के समय घर में कोई अन्य परिवार सदस्य मौजूद नहीं था
पड़ोसियों ने बताया कि मां-बेटे के बीच कभी-कभी झगड़ा होता था
📞 सुबह पुलिस को दी थी “Unknown Person” वाली जानकारी
हत्या की रात के बाद अगली सुबह आरोपी ने पुलिस को फोन कर बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की हत्या कर दी है।
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मां अपने कमरे में मृत पाई गई। कमरे से कई खून से सने सामान बरामद हुए, जिनमें शामिल थे:
Paper Cutter
खून से सने कपड़े
Pillow Cover
🧾 कथित कबूलनामा, लेकिन Court ने नहीं माना
कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी ने पुलिस के सामने कथित रूप से कबूल किया था कि:
उसने मां को 30 Sleeping Tablets दीं
तकिए से मुंह दबाया
Paper Cutter से गला काटा
उसने कहा कि झगड़े के बाद उसने “हमेशा के लिए बहस खत्म करने” के लिए यह कदम उठाया।
लेकिन Indian Evidence Act की Section 25 और Bhartiya Nagrik Suraksha Sanhita की Section 23 के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession अदालत में मान्य नहीं होता।
इसलिए कोर्ट ने आरोपी के बयान पर भरोसा नहीं किया और फैसला Circumstantial Evidence के आधार पर सुनाया।
Forensic Tests में कुछ सामान पर Human Blood की पुष्टि हुई। Medical Examination में पाया गया कि मौत गर्दन पर गहरे कट (Deep Incised Neck Injuries) के कारण हुई।
हालांकि Paper Cutter पर आरोपी के Fingerprints नहीं मिले, लेकिन कोर्ट ने कहा कि घटना के समय घर में और कोई नहीं था।
❗ आरोपी का “Unnatural Conduct” भी बना सबूत
कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
जज ने कहा:
अगर कोई अज्ञात व्यक्ति हत्या करता, तो आरोपी शोर मचाता
पड़ोसियों को बुलाता
मां को अस्पताल ले जाने की कोशिश करता
लेकिन उसने ऐसा कुछ नहीं किया और सुबह तक चुप रहा। कोर्ट ने इसे “Unnatural Conduct” मानते हुए आरोपी के खिलाफ मजबूत परिस्थिति माना।
⚖️ सजा और जुर्माना
कोर्ट ने आरोपी को Indian Penal Code की Section 302 के तहत Murder का दोषी ठहराया।
सजा:
Life Imprisonment
₹5,000 Fine
Fine नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा
कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी 29 नवंबर 2018 से न्यायिक हिरासत में है और Code of Criminal Procedure की Section 428 के तहत जेल में बिताया गया समय सजा में Adjust किया जाएगा।
👩⚖️ कौन थे वकील?
आरोपी की ओर से Advocate Shashikant Damodarlal Chandak (Legal Aid) और Kanchan Chandak पेश हुए।
राज्य की ओर से Additional Public Prosecutor PS Rathod ने पैरवी की।
❓ FAQ Section
1. आरोपी को किस धारा में सजा मिली?
IPC Section 302 (Murder) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
2. क्या आरोपी का Confession कोर्ट में माना गया?
नहीं, Indian Evidence Act और BNSS Act के तहत पुलिस के सामने दिया गया Confession मान्य नहीं होता।
3. सजा क्या है?
Life Imprisonment और ₹5,000 जुर्माना।
4. घटना कब की है?
आरोपी को 29 नवंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है।
Mumbai Traffic Police ने होली (Holi 2026) और Dhulivandan के दौरान city-wide special enforcement drive चलाकर 16,727 challans जारी किए और ₹1,99,91,650 से अधिक जुर्माना वसूला। इसके तहत ड्रंक ड्राइविंग, हेल्मेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग, सिग्नल जंपिंग जैसे violations पर कड़ी कार्रवाई हुई।
मुंबई: होली (Holi 2026) और धुलिवंदन के त्योहार के दौरान Mumbai Traffic Police ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए city-wide special traffic enforcement drive चलाया, जिसमें 16,727 challans जारी किए गए और लगभग ₹1.99 करोड़ का जुर्माना (penalty/fine) वसूला गया। जांच में drunk driving, overspeeding, helmet-less riding, triple riding और traffic signals के उल्लंघन जैसे मुख्य violations पर कड़ी कार्रवाई की गई।
📍 Drive का Scope और Enforcement Strategy
Special nakas और check posts city के बुधवारियों, junctions, मुख्य arterial roads और high-traffic highways पर लगाए गए थे। CCTV surveillance, e-challan systems और मोबाइल enforcement tools के ज़रिये violations का real-time पता लगाया गया और तुरंत challan जारी किये गए।
🚔 मुख्य Violations और Challans की संख्या
Drive के दौरान अलग-अलग traffic offences पर challans इस प्रकार जारी किए गये:
🏍️ Without Helmet: 4,317 challans — ₹42,97,000 approx
⛔ No Entry in One-Way: 278 challans — ₹3,12,500 approx
🚘 Wrong Side Driving: 20 challans — Sent to court
📢 Honking Violation: 2 challans — ₹1,000
🧾 Other Violations: 2,603 challans — ₹18,67,650 approx
(कुल: 16,727 challans — ₹1,99,91,650+ fines)
🍷 Drunk Driving (DUI) पर Zero Tolerance Policy
Drive के दौरान 159 motorists/drivers को Drunk Driving के आरोप में FIR के तहत booked किया गया और उनकी Driving Licence suspension की कार्रवाई भी शुरू की गई। DUI जैसी गंभीर违规 गतिविधियों पर legal penalty और Licence suspension procedures लागू किये गये।
📈 Mumbai City में Traffic Discipline और Safety Awareness
Mumbai Traffic Police ने citizens से appeal की है कि हर ड्राइवर और commuter safety first रखें, traffic rules को strictly follow करें और खासकर त्योहारों के समय reckless driving से बचें ताकि road accidents और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।
📊 ये डेटा क्यों ज़रूरी है?
गाड़ियों की बढ़ती संख्या और holiday season में reckless driving के कारण city में accidents की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ये special drive public safety और law enforcement को balance करने का एक अहम प्रयास है।
❓ Holi Traffic Enforcement – FAQs (Frequently Asked Questions)
Q1. होली enforcement drive कब और क्यों चलाया गया? 👉 Holi 2026 और Dhulivandan के दौरान increased traffic violations और accidents की आशंका को देखते हुए specially traffic enforcement drive Mumbai Traffic Police द्वारा चलाया गया।
Q2. सबसे ज़्यादा challans किस उल्लंघन के लिए जारी हुए? 👉 Without helmet और overspeeding violations के लिए सबसे ज़्यादा challans जारी हुए।
Q3. Drunk driving पर क्या कार्रवाई हुई? 👉 159 drunk drivers को booked किया गया और licence suspension proceedings शुरू की गई।
Q4. Wrong side driving के मामलों में क्या कार्रवाई? 👉 Wrong side driving के 20 मामलों को court भेजा गया।
Q5. E-challan system कैसे मदद करता है? 👉 CCTV footage, e-challan digital tools से real-time violation detection होता है जिससे on-spot enforcement आसान होता है।
Borivali IC Colony के My Gold Point jewellery shop से ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी मामले में MHB Colony Police की बड़ी कार्रवाई। 45 दिन की technical investigation के बाद Rajasthan के Rajsamand जंगल से 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹4.65 करोड़ का माल बरामद।
मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित IC Colony में My Gold Point jewellery shop से करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। MHB Colony Police ने लगातार 45 दिन की investigation के बाद राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक ₹4.65 करोड़ का चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि बाकी की recovery जारी है।
📍 कैसे सामने आया Jewellery Theft Case?
14 जनवरी 2026 को MHB Colony Police Station में शिकायतकर्ता राकेश शांतिलाल पोरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 की रात 10:30 बजे से 14 जनवरी 2026 दोपहर 1:26 बजे के बीच BorivaliWest, IC Colony, Holy Cross Road स्थित My Gold Point ज्वेलरी शॉप की तिजोरी से सोना, चांदी और डायमंड के दागिने चोरी हो गए।
चोरी की कुल अनुमानित कीमत ₹6,79,85,000 बताई गई। पुलिस ने इस मामले में BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत FIR (CR No. 23/2026) दर्ज की।
🕵️♂️ दुकान के ही सेल्समैन निकले मास्टरमाइंड
शिकायत के मुताबिक, दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करने वाले प्रभू सिंग नारायण सिंग ने साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तिजोरी से कीमती ज्वेलरी चुरा ली और बिना मालिक की जानकारी के फरार हो गए।
🎥 CCTV और Technical Surveillance से मिला सुराग
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज और technical investigation के जरिए पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभू गोप सिंग दसाणा और नारायण मोहन सिंग राजस्थान भाग गए हैं।
तुरंत एक Crime Detection Team को राजस्थान रवाना किया गया।
🌲 राजसमंद के जंगल में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन
28 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली कि एक आरोपी राजसमंद जिले के कुवारीया गांव के पास घने जंगल में एक मंदिर में छिपा है। पुलिस ने वहां trap बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में पता चला कि चोरी की साजिश में गणपत सिंह मोहन चंदाना, विशन सिंह वग्गालाल रेवारी, मोडसिंग चुनसिंग दसाना और देवी सिंह गोपसिंग दसाणा (सभी निवासी राजसमंद, राजस्थान) शामिल थे।
राजस्थान पुलिस की मदद से राजसमंद जिले के तीन जंगल इलाकों में joint search operation चलाया गया। इस दौरान private thermal drone का भी इस्तेमाल किया गया। सर्च के दौरान मोडसिंग को भी पकड़ा गया।
लगातार human intelligence और technical surveillance के जरिए 1 मार्च 2026 को खबर मिली कि फरार आरोपी गणपत सिंह और किशन सिंह कुवारीया गांव के आसपास देखे गए हैं।
पुलिस ने गांव के जंगल से आने-जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर trap लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
💰 ₹4.65 करोड़ का माल बरामद
अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब:
3 किलोग्राम सोने के दागिने (कीमत लगभग ₹4.50 करोड़)
5 किलोग्राम चांदी के दागिने (कीमत लगभग ₹15 लाख)
कुल ₹4,65,00,000 की संपत्ति बरामद की गई है। बाकी चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई जारी है।
👮♂️ किन अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला Borivali Operation?
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (Law & Order) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव (परिमंडल 11), एसीपी संतोष धनवटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी के मार्गदर्शन में हुई।
Operation में PI (Crime) अतुल आव्हाड, PSI निलेश पाटील, संदीप गोरडे, वसीम शेख, मंगेश किरपेकर, संतोष भोसले, API संभाजी खरात, हवालदार बबलू सालुंखे, संदीप परिट, तिरुपती रेकुळवाड, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।
🔎 Mumbai Crime News में बड़ा खुलासा
Borivali IC Colony Jewellery Theft Case ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंदरूनी साजिश (insider conspiracy) किस तरह बड़े crime को अंजाम दे सकती है।
Police investigation, technical surveillance और drone search operation की मदद से 45 दिन में आरोपियों को पकड़ना Mumbai Police के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
❓ FAQ Section
Q1. चोरी कितनी रकम की थी? करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी हुई थी।
Q2. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया? राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से।
Q3. अब तक कितना माल बरामद हुआ है? करीब ₹4.65 करोड़ का सोना और चांदी बरामद हुआ है।
Q4. क्या दुकान के कर्मचारी शामिल थे? हाँ, दुकान के सेल्समैन पर साजिश रचने का आरोप है।
Q5. कौन सी धाराओं में केस दर्ज हुआ? BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।
Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreementbreach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।
मुंबई:Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।
📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?
MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।
लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।
💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।
इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।
MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।
📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice
इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।
Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।
⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति
सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।
मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।
🤝 Consent Agreement में क्या था?
Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।
साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।
❌ फिर हुआ Agreement Breach
MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।
40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।
इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।
🏠 Retired Employees से Recovery की मांग
MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।
🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action
राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।
Samant के अनुसार:
MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।
🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल
Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।
❓ FAQ Section
Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है? Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।
Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं? Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।
Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है? आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।
Q4. मामला किस कोर्ट में है? Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।
Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है? MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।
Bandra (W) की St Andrew’s Road एक बार फिर खुदाई की वजह से चर्चा में। Bandra Gymkhana के बाहर carriageway का हिस्सा excavate, traffic single lane पर। BMC ने Chimbai pumping stationupgradation और micro-tunnelling बताया कारण।
मुंबई: शहर के पॉश इलाकों में गिने जाने वाले Bandra (West) में एक बार फिर सड़क खुदाई को लेकर residents में गुस्सा देखने को मिल रहा है। Bandra Gymkhana के बाहर स्थित StAndrew’s Road का एक हिस्सा दोबारा खोद दिया गया है, जिससे traffic single lane तक सिमट गया है और रोजाना आने-जाने वाले motorists को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पहले भी कई बार मरम्मत और निर्माण के नाम पर खोदी जा चुकी है, और अब फिर से excavation शुरू होने से “never-ending road work” जैसा हाल बन गया है।
📍 St Andrew’s Road पर क्या हुआ?
ताजा घटनाक्रम में St Andrew’s Road के एक हिस्से, खासकर Bandra Gymkhana के बाहर के stretch को दोबारा excavate किया गया। carriageway का बड़ा हिस्सा खोद दिए जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही सिर्फ एक लेन तक सीमित हो गई है।
इस वजह से peak hours में लंबा traffic jam लग रहा है और local commuters को देरी का सामना करना पड़ रहा है। Residents का कहना है कि बिना proper advance notice और clear signage के खुदाई शुरू कर दी गई।
😡 Residents का गुस्सा: “कब खत्म होगा ये road work?”
Bandra (W) के कई स्थानीय निवासियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह सड़क पिछले कुछ सालों से बार-बार खोदी जा रही है। एक resident ने कहा,
“हर कुछ साल में यही सड़क खोद दी जाती है। पहले repair, फिर concretisation, अब pumping station का काम। आखिर planning है या नहीं?”
लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही narrow roads और heavy traffic के लिए जाना जाता है। ऐसे में एक लेन कम हो जाने से हालात और बिगड़ जाते हैं।
अगर पीछे की कहानी देखें तो May 2018 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने St Andrew’s Road पर paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था।
लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया। Residents की शिकायतों के बाद contractor की services terminate कर दी गई थीं। आरोप था कि काम की quality shoddy थी और execution में कई खामियां थीं।
यानी 2018 में शुरू हुआ road repair project अधूरा ही छूट गया, जिससे लोगों में पहले से ही नाराज़गी थी।
🛣️ 2021 में Concretisation का प्लान
इसके बाद 2021 में civic body ने इस सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी। यानी asphalt की जगह पूरी concrete road बनाने की बात कही गई थी ताकि लंबे समय तक durability बनी रहे।
हालांकि, अब जो खुदाई हो रही है, वह उस concretisation plan से जुड़ी नहीं बताई जा रही है।
🏭 BMC का स्पष्टीकरण: Road Repair नहीं, Pumping Station Upgrade
Civic officials का कहना है कि वर्तमान excavation का road repair या resurfacing से कोई संबंध नहीं है।
BMC अधिकारियों के अनुसार, यह काम Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है। इसमें micro-tunnelling तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और जो हिस्सा खोदा गया है, वह एक chamber बनाने के लिए है।
यानी, सड़क को पूरी तरह से तोड़ने के बजाय एक specific section में chamber construction के लिए excavation किया गया है।
🔧 Micro-Tunnelling क्या है और क्यों जरूरी?
Micro-tunnelling एक modern underground construction technique है, जिसमें बिना पूरी सड़क तोड़े जमीन के नीचे pipeline या drainage system बिछाया जाता है।
Chimbai pumping station upgrade का मकसद reportedly drainage और stormwater management system को बेहतर बनाना है। Bandra जैसे coastal और low-lying areas में monsoon के दौरान waterlogging बड़ी समस्या रहती है।
Officials का दावा है कि यह project long-term flood mitigation के लिए जरूरी है।
🚗 Traffic Impact और Daily Commuters की परेशानी
हालांकि BMC का तर्क है कि काम जरूरी है, लेकिन ground reality यह है कि traffic single lane पर आ जाने से रोजाना सैकड़ों motorists प्रभावित हो रहे हैं।
School buses को देरी
Office commuters को लंबा जाम
Local deliveries पर असर
Residents का कहना है कि अगर यह project unavoidable है, तो proper traffic management plan और clear timeline दी जानी चाहिए।
📣 Transparency और Coordination पर सवाल
Local नागरिकों का सवाल है कि जब 2018 में asphalt work अधूरा रह गया और contractor terminate हुआ, और 2021 में concretisation plan आया, तो क्या इन projects के बीच proper coordination हुआ था?
Experts का मानना है कि Mumbai में multiple infrastructure projects अक्सर अलग-अलग departments के बीच coordination की कमी के कारण overlapping हो जाते हैं।
Residents की मांग है कि future planning में integrated approach अपनाई जाए ताकि एक ही सड़क बार-बार न खोदी जाए।
🌧️ Monsoon से पहले काम पूरा होगा?
Bandra (W) के लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर excavation लंबा चला तो monsoon के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं।
Waterlogging और potholes का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल BMC ने work completion timeline को लेकर कोई सार्वजनिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
🏙️ Bigger Urban Issue: Mumbai Road Digging Cycle
St Andrew’s Road का मामला सिर्फ एक isolated incident नहीं है। Mumbai के कई इलाकों में residents अक्सर “dig, repair, re-dig” cycle की शिकायत करते रहे हैं।
Urban infrastructure experts का कहना है कि long-term planning, utility mapping और centralized approval system से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
❓ FAQ Section
Q1. St Andrew’s Road को फिर से क्यों खोदा गया है? BMC के अनुसार यह road repair नहीं, बल्कि Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है, जिसमें micro-tunnelling और chamber construction शामिल है।
Q2. 2018 में क्या हुआ था? BMC ने paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था, लेकिन quality issues की शिकायत के बाद contractor की services terminate कर दी गईं और काम अधूरा रह गया।
Q3. 2021 में क्या योजना थी? Civic body ने सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी।
Q4. अभी traffic पर क्या असर है? Carriageway का हिस्सा खोद दिए जाने से traffic single lane तक सीमित है, जिससे जाम और देरी हो रही है।
Q5. Residents की मुख्य मांग क्या है? Proper planning, transparency, timeline और बेहतर traffic management।
Mumbai में MNS activist Ravindra Shinde की गिरफ्तारी को कोर्ट ने अवैध माना। BNSS Section 35(3) के तहत notice न देने पर magistrate court ने दी रिहाई। Extortion case में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल।
मुंबई: मुंबई में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। South Mumbai में रोड वर्क ठेकेदार से कथित तौर पर धमकी देकर वसूली (extortion) करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को अदालत ने रिहा कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने माना कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में BNSS के तहत जरूरी notice नहीं दिया गया, जिससे arrest अवैध हो गया।
⚖️ Court का बड़ा फैसला: Arrest को बताया Illegal
मामले की सुनवाई के दौरान magistrate court ने कहा कि चूंकि आरोपी को Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance नहीं दिया गया, इसलिए गिरफ्तारी वैध नहीं मानी जा सकती।
यह मामला उन अपराधों से जुड़ा है जिनमें अधिकतम सजा सात साल तक की है। ऐसे मामलों में Supreme Court के आदेश के मुताबिक पहले notice जारी करना जरूरी है।
👤 कौन हैं आरोपी?
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम Ravindra Shinde है, जो MNS (Maharashtra Navnirman Sena) से जुड़े कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। उन्हें शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
उन पर आरोप है कि उन्होंने South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर पैसे की मांग की थी।
📜 Defence ने Supreme Court Order का दिया हवाला
Shinde की ओर से वकील Rajendra Shirodkar, साथ में Archit Sakhalkar ने कोर्ट में दलील दी। उन्होंने Supreme Court के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि जिन अपराधों में सात साल तक की सजा है, उनमें Section 35(3) BNSS के तहत पहले notice देना अनिवार्य है।
डिफेंस का तर्क था कि पुलिस ने यह जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की।
🏛️ Police ने कहा – Process Follow किया
Public Prosecutor R A Patil ने अदालत में कहा कि पुलिस ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है।
हालांकि कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सके कि आरोपी को Section 35(3) के तहत notice जारी किया गया था।
📌 BNSS की किन धाराओं का पालन हुआ?
डिफेंस वकील Shirodkar ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने माना कि पुलिस ने:
Section 47(1) BNSS के तहत गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी
Section 48(2) और 48(3) BNSS के तहत आरोपी के रिश्तेदारों को सूचना दी
लेकिन सबसे अहम Section 35(3) notice for appearance जारी करने का कोई प्रमाण पेश नहीं किया जा सका।
इस फैसले के बाद Mumbai Police की arrest procedure और BNSS compliance को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। Legal experts का मानना है कि Supreme Court guidelines का पालन न करना जांच पर असर डाल सकता है।
❓ FAQ Section
Q1. किसे रिहा किया गया है? MNS कार्यकर्ता Ravindra Shinde को कोर्ट ने रिहा किया।
Q2. कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना? क्योंकि BNSS Section 35(3) के तहत अनिवार्य notice for appearance जारी नहीं किया गया था।
Q3. आरोपी पर क्या आरोप हैं? South Mumbai में एक road work contractor को धमकाकर extortion करने का आरोप है।
Q4. पुलिस ने कौन सी कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी? Section 47(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण बताए और Section 48(2)(3) के तहत रिश्तेदारों को सूचना दी।
Q5. Supreme Court का क्या आदेश है? जिन मामलों में सजा सात साल तक है, उनमें पहले notice जारी करना जरूरी है।
Andheri West के Seven Bungalows इलाके में Ratan Kunj building demolition का shocking videoviral। Residents ने महसूस किए ‘earthquake like tremors’, BMC पर उठे safety norms और illegalconstruction के सवाल।
मुंबई:Andheri West के Seven Bungalows इलाके में रविवार को एक demolition drive ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। Ratan Kunj building को गिराते वक्त का एक shocking viral video सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा एक ही झटके में नीचे गिरता दिख रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गिरने के समय उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए।
📹 Viral Video में क्या दिखा?
वायरल वीडियो, जिसे Instagram अकाउंट Andheriloca ने शेयर किया है, उसमें Ratan Kunj building के ऊपरी हिस्से का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरता दिख रहा है। वीडियो में कहीं भी साफ तौर पर protective barricading, safety net या dust control measures नजर नहीं आ रहे।
Debris सीधे नीचे गिरता दिखाई दे रहा है, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या demolition के दौरान BMC safety guidelines और controlled dismantling norms का पालन किया गया था या नहीं।
🏢 Residents बोले – ‘भूकंप जैसा लगा’
घटना के बाद कई लोकल residents ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक निवासी ने लिखा,
“हम यहीं पास में रहते हैं। गिरने के वक्त सच में tremors महसूस हुए, ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। ये सिर्फ demolition नहीं, इसकी construction भी illegal लगती है, क्योंकि इसे बने ज्यादा समय भी नहीं हुआ।”
दूसरे यूज़र ने civic body को टैग करते हुए लिखा कि गिरने के impact से “earthquake-like effect” हुआ और यह परिवारों के लिए बेहद डरावना अनुभव था।
स्थानीय लोगों ने सिर्फ demolition की safety पर ही नहीं, बल्कि excessive dust pollution और रविवार को भी construction activities जारी रहने पर भी आपत्ति जताई। एक कमेंट में लिखा गया,
“ये आसपास रहने वाले लोगों के लिए बिल्कुल safe नहीं है। Sunday को भी काम कैसे चल रहा है? BMC इसे कैसे allow कर रही है?”
🏛️ BMC पर उठे सवाल, कोई आधिकारिक बयान नहीं
वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि demolition “dangerous manner” में किया गया और BMC द्वारा तय norms का खुला उल्लंघन हुआ।
फिलहाल, खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
⚠️ Densely Populated Area में Safety Concerns
Seven Bungalows जैसे densely populated residential area में इस तरह की demolition ने एक बार फिर Mumbai demolition safety norms, illegal construction और public safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Residents का साफ कहना है कि accountability तय होनी चाहिए और developer के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
❓ FAQ Section
Q1. Andheri West में कौन सी बिल्डिंग का demolition हुआ? Seven Bungalows इलाके में स्थित Ratan Kunj building का demolition किया जा रहा था।
Q2. Viral video में क्या दिख रहा है? वीडियो में बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा एक ही बार में गिरता दिख रहा है, जहां कोई साफ safety barricading नजर नहीं आती।
Q3. Residents ने क्या आरोप लगाए? लोगों का कहना है कि उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए और demolition safety norms का पालन नहीं हुआ।
Q4. क्या BMC ने इस मामले में बयान दिया है? खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Q5. लोगों की मुख्य चिंता क्या है? Safety norms का उल्लंघन, dust pollution, Sunday को काम और illegal construction को लेकर चिंता जताई गई है।
Mumbai के Andheri East में 46 वर्षीय Rajesh Eknath Chhatre ने पत्नी Panchbhila Chhatre की stabbing कर हत्या की। MIDC Police ने आरोपी को गिरफ्तार किया, CCTV और eyewitness के आधार पर FIR दर्ज।
मुंबई:Mumbai Crime की एक दिल दहला देने वाली घटना में Andheri East में 46 साल के शख्स ने अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। Domestic Dispute के बाद आरोपी ने सरेआम हमला किया। MIDC Police ने आरोपी RajeshEknath Chhatre को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात कैमरे में कैद होने की भी जानकारी सामने आई है।
Aradhya Hospital के सामने हुआ हमला
पुलिस के मुताबिक यह घटना 28 फरवरी को शाम करीब 4:30 बजे Sagbaug Road स्थित Aradhya Hospital के सामने हुई।
आरोपी Rajesh Eknath Chhatre (46) ने अपनी पत्नी Panchbhila Rajesh Chhatre (38) पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
Eyewitness Auto Driver ने दी पुलिस को सूचना
इस मामले में शिकायत Powai निवासी 27 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक Rahil Riyaz Lokhande ने दर्ज कराई। उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
उनके बयान के आधार पर MIDC Policeने मामला दर्ज किया।
साथ रहने को लेकर था विवाद
FIR के मुताबिक आरोपी इस बात से नाराज था कि उसकी पत्नी उसके साथ रहने को तैयार नहीं थी। बहस के दौरान उसने एक हाथ से पत्नी को पकड़ा और धमकी दी कि वह उसे छोड़ेगा नहीं।
इसके बाद उसने तेज धारदार चाकू से बार-बार हमला किया। महिला को कई गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
Post-mortem के दौरान मृतका के कपड़े और घटनास्थल से अन्य सैंपल सबूत के तौर पर जब्त किए गए।
आरोपी की गिरफ्तारी के समय पहने गए कपड़े भी पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं। हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है।
Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत केस दर्ज
MIDC Police ने आरोपी के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें मौत या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
इसके अलावा Maharashtra Police Act की धारा 37(1)(a) और 135 भी लगाई गई है।
मामला 28 फरवरी रात 11:32 बजे दर्ज किया गया। आरोपी को 1 मार्च को रात 12:09 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच जारी है।
FAQ Section
Q1. Andheri Murder Case कब हुआ? 28 फरवरी को शाम 4:30 बजे के आसपास।
Q2. आरोपी कौन है? Rajesh Eknath Chhatre (46), जो मृतका का पति है।
Q3. हत्या की वजह क्या थी? Domestic Dispute और साथ रहने को लेकर विवाद।
Q4. केस किस कानून के तहत दर्ज हुआ? Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 103(1) और Maharashtra Police Act की धाराएं।
Q5. आरोपी कब गिरफ्तार हुआ? 1 मार्च को रात 12:09 बजे।