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मुंबई के एक स्कूल से सनसनीखेज मामला सामने आया है। परीक्षा दे दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर चार बच्चों में झड़प हो गई। इसी बीच एक ने अपने स्कूली बैग से चाकू निकालकर हमला कर दिया। घायल बच्चों का सायन के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस्माईल शेख मुंबई- प्रीमियर बोर्ड परीक्षा के दौरान मुंबई के एक स्कूल में स्टूडेंट्स के बीच मामूली झगड़े ने खौफनाक रूप ले लिया जब दो नाबालिग छात्रों ने अपने साथियों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर एंटॉप हिल पुलिस ने दो नाबालिग लड़कों हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से एक ने अपने स्कूल बैग में चाकू रखा था और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के लिए बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई बहस के बाद उसने पीड़ित पर हमला कर दिया।
क्या है पूरा मामला ?
मुंबई पुलिस परिमंडल-4 के पुलिस उपायुक्त आर रागसुधा ने जानकारी देते हुए बताया, कि घटना सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे की है। जब हमें दो स्कूली लड़कों के घायल होने की सूचना मिली। दोनों लड़कों को सायन अस्पताल ले जाया गया और उनका इलाज चल रहा है। दो अन्य लड़कों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच कर रहे हैं। वे सभी एक ही स्कूल में पढ़ते हैं और परीक्षा के लिए बैठने की व्यवस्था को लेकर उनमें विवाद हुआ था।
हिंदी और अंग्रेजी की लड़ाई
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों लड़के हिंदी मीडियम के सेक्शन में पढ़ते हैं जबकि दो घायल उसी स्कूल के अंग्रेजी मीडियम के सेक्शन में पढ़ते हैं। डीसीपी रागसुधा ने कहा, “सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर उनमें झगड़ा हुआ और जब स्थिति बिगड़ी, तो मुख्य आरोपी ने अपने स्कूल बैग से चाकू निकाला और पीड़ितों पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा, “दूसरे आरोपी नाबालिग लड़के ने हमले के दौरान उसकी मदद की, इसलिए दोनों को हिरासत में लिया गया है।”
अधिकारी ने आगे कहा कि “मुख्य आरोपी गुस्सैल स्वभाव का है। ऐसे ही झगड़ैल स्वभाव के कारण उसे पहले भी स्कूल ने निलंबित किया गया था। जबकि सिर्फ प्री-बोर्ड परीक्षा देने के लिए वह आया हुआ था।” उन्होंने यह भी बताया, कि “दोनों पीड़ितों की उम्र 15 साल है। हमले में एक लड़के के हाथ में कई जगह चोटें आई हैं और दूसरे के पेट में लगी है। सायन अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है।” एंटॉप हिल पुलिस स्टेशन में 15 साल की उम्र के आरोपी लड़कों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “दोनों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109 हत्या के प्रयास और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मुंबई समुद्र तटीय क्षेत्र में बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। 102 फर्जी प्रॉपर्टी नकशे के आधार पर अवैध निर्माण किए गए। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बीएमसी तथा भूमि रिकॉर्ड विभाग के 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
इस्माईल शेख मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने जांच में खुलासा किया है कि उसने मुंबई समुद्र तटरेखा के किनारे मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड और वर्सोवा के तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) की जमीन पर बड़े स्तर पर कंस्ट्रक्शन पाया। इतना ही नहीं जमीन में निर्माण के लिए संपत्ति रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच के बाद सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के साथ बड़े स्तर पर जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
इस घोटाले में कथित तौर पर एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड, वर्सोवा और अन्य पर्यावरण के लिए संवेदनशील स्थानों में भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किया। मालाड़ पश्चिम एरंगल के एक किसान वैभव ठाकुर ने सबसे पहले इस हेराफेरी के मामले को उजागर किया। वैभव एक खानदानी किसान है और एक खेती की जमीन के मालिक भी हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
समिति के निष्कर्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में तब प्रस्तुत किए गए जब मूल शिकायतकर्ता वैभव ठाकुर ने सरकार के निष्कर्षों के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की। अक्टूबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित SIT को कुल चार FIR की जांच करने का काम सौंपा गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के नेतृत्व में चार गिरफ्तारियां की हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
आरटीआइ के आड़ मे घोटाले
एसआईटी के अनुसार, चारों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों में 102 प्रॉपर्टी नकशे और अभिलेखों में हेराफेरी की। इसमें फर्जी सिटी सर्वे नंबर, गैर-मौजूद निर्माण और बदली हुई सीमाएं जैसे गलत विवरण शामिल थे। आरटीआई अनुरोध दाखिल करने की आड़ में जाली मानचित्र वितरित किए गए। बीएमसी अधिकारियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण और बिक्री को मंजूरी दी, इन सरकारी विभाग मे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार को काफी हद तक राजस्व का नुकसान और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
1955 से 1984 के दस्तावेजों में हेरफेर
जांच में पाया गया कि उप अधीक्षक के कार्यालय में रखे गए 1955-1984 के 884 स्थायी गणना मानचित्रों में से 102 फर्जी थे। इन मानचित्रों के आधार पर निर्माण किया गया, जो 1964 से पहले अस्तित्व में ही नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी के निष्कर्षों के बाद, शहरी विकास के प्रमुख सचिव और पुणे में भूमि अभिलेखों के निदेशक को सार्वजनिक अभिलेखों में हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
नागपुर से मूल मानचित्र जब्त
एसआईटी ने नागपुर में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से सभी 884 मूल मानचित्र और उनकी डिजिटल प्रतियां जब्त कर ली हैं। आगे की जांच में अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान करने और सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले गुरुवार को, एसआईटी ने 50 वर्षीय अवैध ठेकेदार नरशिम पुत्तवल्लू को गिरफ्तार किया, जो सभी चार एफआईआर में आरोपी है, साथ ही सिटी सर्वे ऑफिस के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों देवदास जाधव और मरडे और रियल एस्टेट एजेंट इमाम शेख को भी गिरफ्तार किया है। उन पर बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में जालसाजी करने का मामला दर्ज किया गया था। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)
मुंबई के एक सरकारी स्कूल में महज़ 12 साल की बच्ची के साथ 38 साल के पीटी के टीचर द्वारा कमरे का दरवाजा बंद कर छेड़खानी का मामला दर्ज हुआ है। पीटी टीचर ने बच्ची को अकेला पाकर कहने लगा मुझे गले लगाओ ..
मुंबई- दादर की एक सरकारी स्कूल में क्लास का रूम बंद कर 12 साल की छात्रा से छेड़छाड़ की घटना प्रकाश में आ रही है। इस घटना ने गुरू और शिष्य के रिश्ते को तार-तार कर दिया। स्कूल प्रशासन भी इसके खिलाफ खड़ा हो गया। पुलिस ने घटना की जानकारी प्राप्त होते ही छेड़छाड़ के आरोप में 38 साल के पीटी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना 27 दिसंबर को हुई है।
बच्ची को अकेली पाकर कमरा बंद किया
पीड़ित बच्ची की मां ने FIR में कहा, “जब लड़की क्लास में अकेली थी, तो आरोपी पीटी टीचर वहां आया गया। उसने इधर-उधर देखा और फिर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद आरोपी शिक्षक ने लड़की को गले लगाने के लिए कहा और उसके बाद उसके साथ छेड़छाड़ की।”
आरोपी पीटी शिक्षक ने कथित तौर पर लड़की से यह भी कहा कि वह किसी को इस बारे में न बताए। लड़की स्वभाव से शर्मीली है। वो घटना के बाद डरी हुई थी और उसने तुरंत किसी को इस घटना के बारे में नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद उसने अपनी सहेली को बताया, जिसने फिर अपने क्लास के टीचर को इस बारे में बता दिया।
आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
क्लास टीचर ने लड़की के माता-पिता से संपर्क किया और स्कूल के प्रिंसिपल के साथ माता-पिता की बात करवाई। फिर पुलिस से संपर्क किया गया और शुक्रवार को मामले में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, आरोपी शिक्षक को तुरंत डिटेक्शन के स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
पुलिस ने क्या कहा?
स्कूल के सीसीटीवी फुटेज से 27 दिसंबर को लड़की और आरोपी पीटी टीचर के स्कूल में मौजूद होने की पुष्टि हुई। आरोपी पीटी टीचर पिछले 7 सालों से स्कूल में काम कर रहा है। पुलिस ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा, “हम अदालत से उसकी हिरासत की मांग करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने स्कूल में अन्य लड़कियों को निशाना बनाया है या नहीं और क्या उसके खिलाफ पहले से कोई अपराधिक मामला दर्ज है।”
मुंबई एयरपोर्ट पर सोने की तस्करी करते हुए दो कर्मचारियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मौके पर एयरपोर्ट में काम करने वाले दो कर्मचारी तस्करी का सोना लेकर एयरपोर्ट से बाहर ले जा रहे थे। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
विशेषसंवाददाता मुंबई– छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ये लोग एयरपोर्ट के ड्यूटी फ्री शॉप मे काम करते थे। इसके साथ ही तस्करी का सोना खरीदने वाले दो ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 6.05 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। जिसकी बाज़ार मूल्यांकन लगभग 4.84 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
मुंबई में सोने की तस्करी
मुंबई एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सोने की बड़ी तस्करी का खुलासा किया है। डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को सोने की तस्करी करते हुए पकड़ा है। साथ ही 6.05 किलोग्राम सोना भी जब्त किया है। जिसकी कीमत 4.84 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एयरपोर्ट के स्टाफ सोना चुराकर गिरफ्तार ग्राहकों को बेचने के लिए जा रहे थे। पुलिस इस मामले को लेकर जांच पड़ताल कर रही है। डीआरआई के सूत्रों के अनुसार इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
दो एयरपोर्ट स्टाफ और दो ग्राहक गिरफ्तार
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर “ड्यूटी फ्री शॉप” मे काम करने वाले गिरफ्तार दोनो कर्मचारी एयरपोर्ट पर काम करने के अलावा सोने की तस्करी भी कर रहे थे। ये लोग सोने की छोटी-छोटी खेप को इंटरनेशनल ट्रांजिट टर्मिनल से निकालकर इकट्ठा करते थे। जिसके बाद उसे बाहर ले जाकर बेच देते थे। डीआरआई के अधिकारियों ने दो एयरपोर्ट स्टाफ मेंबर्स को तस्करी किया हुआ सोना हवाई अड्डे से बाहर ले जाते समय गिरफ्तार किया है। जिसके बाद दो ग्राहकों को भी गिरफ्तार किया गया। ये ग्राहक यानी रिसीवर इन एयरपोर्ट स्टाफ के साथ एक सिंडीकेट बनाकर काम कर रहे थे।
डीआरआई और एयरपोर्ट के कस्टम्स विभाग ने सोने की जांच मे पांच बड़ी गोलियां और दो पैकेट मे सोने का पाउडर बरामद किया है। डीआरआई ने कहा कि कुल 6.05 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि कस्टम एक्ट 1962 के तहत तस्करी का सोना जब्त किया गया है। साथ ही सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की और अधिक तहकीकात की जा रही है।
इस्माईल शेख मुंबई- मिरारोड पूर्व रेलवे स्टेशन के नजदीक शांति शॉपिंग सेंटर में कल यानी शुक्रवार रात लगभग 9:30 के करीब गोलीबारी की घटना में एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई है। इसके बाद से मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। इसके पहले शुक्रवार को नवी मुंबई के सानपाडा में दो बाइक सवारों ने गोलीबारी कर फरार हो गए हैं। (Late night firing in Mira Road, death due to bullet on head)
मिरारोड की घटना में हमलावर ने सीधे सर पर गोली मार दी, जिस वजह से 35 वर्षीय तबरेज अंसारी उर्फ सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस उपायुक्त प्रकाश गायकवाड़, नया नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमर जगदाळे और मिराभाईंदर क्राईम ब्रांच के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अविराज कुराळे अपनी टीम के साथ मौके पर आ गए और घटना स्थल का जायजा लिया। नया नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी।(Late night firing in Mira Road, death due to bullet on head)
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने बताया कि मृतक 35 वर्षीय तबरेज अंसारी उर्फ सोनू शांति शॉपिंग सेंटर के ‘बी’ विंग इमारत के एक दुकान भाड़े पर लेकर व्यवसाय करता था। तबरेज की किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक एक अपराधिक मामले मे विटनस भी रह चुका है। शायद उसी केस के सिलसिले में हमला होने की भी संभावना है।फिलहाल नया नगर पुलिस हर ऐंगल से घटना की पड़ताल कर रही है। (Late night firing in Mira Road, death due to bullet on head)
इसके पहले शुक्रवार को नवी मुंबई मे दिन-दहाड़े गोलीबारी की घटना से पूरे राज्य में दहशत का माहौल फैल गया। नवी मुंबई के सानपाडा इलाके में डी-मार्ट के सामने राहचलते एक युवक पर दो बाईक सवारों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर फरार हो गए। 5 से 6 राउंड की फायरिंग में एक युवक गंभीर रूप से घायल घायल हो गया है। इसके पेट और कंधे के अलावा पैर में गोली लगी है। (Late night firing in Mira Road, death due to bullet on head)
नवी मुंबई में दो अज्ञात लोगों ने एक पुलिसकर्मी की हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच कर रही पुलिस टीम को बस इतना ही पता है कि हत्या करने वाले सफेद पोशाक धारण किए हुए थे। (Two people killed the police Navi Mumbai News)
विशेष संवाददाता नवी मुंबई- साल के पहले ही दिन एक पुलिसकर्मी को ट्रेन के आगे धकेल कर हत्या का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आ रहा है। घटना 1 जनवरी 2025 की है। गुरूवार को एक पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दो अज्ञात लोगों ने एक पुलिसकर्मी की रबाले और घनसोली के बीच ट्रेन के आगे कथित तौर पर धक्का देकर हत्या कर दी। इसके पहले पुलिसकर्मी पर किसी चीज से हमला किया गया था
ट्रेन के आगे धकेला
साल के शुरुआत ने ही पुलिस महकमे मे खलबली मचाकर रख दी है। घनसोली के रहने वाले 42 वर्षीय पुलिसकर्मी रमेश चव्हाण की ट्रेन के आगे धक्का देने से मौत हो गई है। वाशी रेलवे पुलिस थाने के अधिकारी ने गुरूवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि सफेद पोशाक पहने हुए दो लोगों ने पहले तो पुलिसकर्मी पर किसी अज्ञात वस्तु से हमला किया और बाद में तेज रफ्तार ट्रेन के आगे धकेल दिया।
अधिकारी ने बताया, कि घटना बुधवार की है। सीसीटीवी की मदद से इसकी जानकारी मिली। हालांकि सीसीटीवी में कुछ साफ नजर नही आ रहा है। इसके साथ ही, हत्या के पीछे का मकसद पता नहीं चल पाया है। अभी तक कोई गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। साथ ही घटना स्थल पर पडताल की जा रही है।
रिडेवलपमेंट के तहत निर्माण किए जा रहे म्हाडा के प्रोजेक्ट में मकान मालिक को किराये का पैसा देने की जगह म्हाडा के अधिकारी द्वारा मार पीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जबकि पीड़ित एक पूर्व पुलिस अधिकारी है। ऐसे में आम नागरिकों के साथ कैसा सलुक किया जाता होगा? इसपर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस्माईल शेख मुंबई- खेरवाड़ी पुलिस ने म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक पूर्व पुलिस अधिकारी (शिकायतकर्ता) पर शारीरिक हमला करने और गैरकानूनी तरीके से लोगों को इकट्ठा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। कथित तौर पर जायसवाल ने म्हाडा कार्यालय में शिकायतकर्ता को थप्पड़ मारा, जिसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों और अधिकारियों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। इसके साथ ही जायसवाल ने कथित तौर पर उसे जान से मारने की धमकी दी। मामला 26 दिसंबर को दर्ज हुआ। लेकिन, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)
क्या है मामला?
खेरवाड़ी पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता, 60 वर्षीय विजय चालके, अंधेरी पश्चिम में रहने वाले एक सेवानिवृत्त सहायक पुलिस अधिकारी हैं। जो पहले डीएन नगर में स्थित म्हाडा (महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के तहत मंगलमूर्ति सोसाइटी नामक एक इमारत में रहते थे। इमारत का म्हाडा द्वारा पुनर्विकास किया जा रहा है। 2016 से चालके और 12 अन्य परिवारों को म्हाडा से उनका किराया नहीं मिला है। चालके ने इसको लेकर म्हाडा में शिकायत दर्ज कराई थी।
26 दिसंबर को चालके और बाकी परिवार के अन्य सदस्य पिछला किराया के बारे में पूछताछ करने म्हाडा कार्यालय गए हुए थे। विजिटिंग रूम में प्रतीक्षा करते समय, जायसवाल शाम करीब 5 बजे पहुंचे और चालके से कहा, कि वह फिर से कार्यालय नहीं आएंगे और अन्य लोगों से बाद में आने के लिए कहा। जब चालके ने इस पर सवाल उठाया, तो कथित तौर पर जायसवाल नाराज हो गए और उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके तुरंत बाद, लगभग 10 से 12 सुरक्षा कर्मचारी और अन्य कर्मचारी विजिटिंग रूम में पहुंचे। वे चालके को दूसरे कमरे (कमरा नंबर 520) में ले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। कथित तौर पर कुछ सुरक्षा गार्डों ने चालके के हाथ और पैर पकड़ लिए, जबकि जायसवाल और अन्य ने उन्हें मुक्कों और लात-घूंसों से पीटा। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)
जायसवाल ने चालके को कथित तौर पर धमकाया और कहा कि वह पुलिस आयुक्त को सूचित करेंगे, उन्हें मुठभेड़ में मार देंगे और उनकी पेंशन बंद कर देंगे। कथित तौर पर आरोपियों ने चालके की सोने की चेन और ईयरफोन भी तोड़ दिए। पुलिस जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और चालके को इलाज के लिए सांताक्रूज ईस्ट के वी.एन. देसाई अस्पताल ले गई। इसके बाद चालके ने जायसवाल और 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। (Mumbai news When he went to ask for fare, he beat up the police, commotion in MHADA office)
महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम (मकोका) की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निकालजे उर्फ छोटा राजन को अंधेरी के एक बिल्डर पर 2008 में की गई गोलीबारी के मामले में बरी कर दिया है।
इस्माईल शेख मुंबई– महाराष्ट्र संगठित अपराध अधिनियम (मकोका) की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन राजेंद्र सदाशिव निकालजे उर्फ छोटा राजन को अंधेरी के एक बिल्डर पर 2008 में की गई गोलीबारी के मामले में बरी कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार राजन के चार कथित सहयोगी पहले ही मुकदमे का सामना कर चुके हैं। इनमें 22 वर्षीय कमर रशीद उर्फ मोनू उर्फ मुन्ना अब्दुल रशीद सिद्दीकी, 34 वर्षीय परवेज अख्तर तजमुल हुसैन सिद्दीकी, 34 वर्षीय अनीस अनवर उल हक खान और 30 वर्षीय असगर राजाबली खान के नाम दर्ज हैं। सुनवाई के दौरान 2010 में, उनमें से तीन को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जबकि चौथा आरोपी असगर खान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
गोलीबारी के मामले में बिल्डर के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें राजन के सहयोगियों को नामजद किया गया था और उन पर भारतीय शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या के प्रयास सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, मुंबई अपराध शाखा (मुंबई क्राईम ब्रांच) ने पाया कि गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी छोटा राजन के नेतृत्व वाले एक संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य थे, जिसके बाद उन्होंने मामले में मकोका के प्रावधानों को लागू किया।
कहां से हुआ गिरफ्तार?
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जिसने छोटा राजन के खिलाफ सभी मामलों को अपने हाथ में लिया था। सीबीआई ने अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से भारत में प्रत्यर्पित किए जाने के बाद गैंगस्टर के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र (supplementary charge sheet) दायर किया था।
राजन के वकील ने तर्क देते हुए कोर्ट में कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया था और दावा किया कि कथित अपराध से उसे जोड़ने के लिए कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं था। उन्होंने आगे दावा किया कि शिकायतकर्ता पुलिस का एक मुखबिर था और पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का करीबी दोस्त था, जिसने गैंगस्टर को कई बार निशाना बनाया था। विशेष सत्र न्यायाधीश एएम पाटिल ने शुक्रवार को आदेश का क्रियाशील भाग जारी किया।
क्या है मामला?
मकोका मामले में विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी राजेंद्र सदाशिव निकलजे उर्फ छोटा राजन को धारा 307 के साथ 120(बी) के तहत दंडनीय अपराधों से बरी कर दिया। वैकल्पिक रूप से धारा 307 के साथ 34 आईपीसी के साथ आर्म्स एक्ट के साथ 3, 25, 27 के साथ एमसीओसी अधिनियम, 1999 की धारा 3(1)(ii), 3(2), 3(4) के तहत मामला दर्ज था।
सरकारी वकील ने क्या कहा?
विशेष अदालत के सरकारी वकील प्रदीप घरात ने कहा कि छोटा राजन खिलाफ दर्ज 71 मामलों में से उसे सात मामलों में दोषी ठहराया गया है और करीब चार मामले अभी भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कई मामले सबूतों के अभाव में बंद कर दिए गए हैं। राजन को 25 अक्टूबर, 2015 को इंडोनेशिया के बाली हवाई अड्डे पर वहां की पुलिस ने गिरफ्तार किया और भारत वापस भेज दिया था। उसके वापस भेजे जाने के बाद, केंद्र सरकार ने नवंबर 2015 में एक अधिसूचना जारी कर छोटा राजन से संबंधित सभी मामलों को सीबीआई को सौंप दिया।
मुंबई के कांदीवली इलाके में रहस्यमयी शक्तियों के जरिए पैसों की बरसात करने का मामला सामने आया है। स्वयं घोषित बाबा ने अपने कला जादू का इस्तेमाल कर पैसा दोगुना करने का झांसा दिया। जिसके 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। समतानगर पुलिस ने संबंधित मामले में शिवकुमार यादव, राजेश विश्वकर्मा और सूर्यबाबा समेत दो और लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। (Fraud in the name of doubling money through black magic in Mumbai Kandivali news)
इस्माईल शेख मुंबई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई में रहस्यमयी शक्तियों का इस्तेमाल कर पैसे डबल करने का मामला प्रकाश में आया है। यहां कांदिवली पूर्व के इलाके में पच्चास लाख रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। रहस्यमयी शक्तियों के बाबा ने ऐसा प्रसाद खिलाफ की प्रसाद खाने के बाद सभी बेहोश हो गए और अगले दिन खुद को अस्प्ताल में पाया। स्वयं घोषित बाबा ने अपने कला जादू का इस्तेमाल कर पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था। जिसके बाद समतानगर पुलिस ने संबंधित मामले में शिवकुमार यादव, राजेश विश्वकर्मा और सूर्यबाबा समेत दो और लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। (Fraud in the name of doubling money through black magic in Mumbai Kandivali news)
पैसों की बरसात ..
पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी के पांचों आरोपी फरार हैं जिन्हें पकड़ने के लिए स्थानीय अपराध शाखा के अधिकारियों के साथ एक विशेष टीम बनाई है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित कैलाश लालराम चौधरी कांदिवली में किराना दुकान चलाते हैं। सितंबर 2024 में प्रमोद त्रिभुवन उपाध्याय उर्फ डब्बू नाम का एक ग्राहक उनकी दुकान पर आया और उसने एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताया जो रहस्यमय शक्तियों का इस्तेमाल कर पैसों की बरसात करता है और पैसों को दोगुना कर देता है। (Fraud in the name of doubling money through black magic in Mumbai Kandivali news)
धोखाधड़ी के जाल में कैसे फंसाया?
शुरुआत में चौधरी ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया लेकिन बाद में जिज्ञासावश अक्टूबर में उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की। तीन दिन बाद डब्बू, शिवकुमार यादव को कैलाश लालराम चौधरी की दुकान पर लेकर आया, जिसने दावा किया कि सूर्यबाबा वाकई पैसे दोगुना कर सकते हैं और इस प्रक्रिया को दिखाने की पेशकश भी की। (Fraud in the name of doubling money through black magic in Mumbai Kandivali news)
50 लाख रूपये का इंतेज़ाम ..
चौधरी को लेकर शिवकुमार गोरेगांव की एक इमारत के आठवें मंजिल पर गया, जहां सूर्यबाबा नामक शख्स ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति का हवाला देते हुए किसी टेकनिक के जरिए 100 रुपये की नोट को डबल करके दिखाया। जिसे देखकर पीड़ित कैलाश लालराम चौधरी आश्चर्य चकित हो गया। इसके बाद उसने और पैसों पर चमत्कार दिखाने की पेशकश की तो बाबा और उसके साथियों ने बताया कि ये तो सिर्फ डेमो दिखाने के लिए था। कम से कम 50 लाख रूपये होंगे तब बाबा काम कर पाएंगे इससे कम पैसों में शक्ति काम नही करेगी। पीड़ित ने लालच में आकर 30 लाख रुपये अपने पास से और 20 लाख रुपये दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 50 लाख रुपये का इंतजाम किया और बाबा को दे दिया। (Fraud in the name of doubling money through black magic in Mumbai Kandivali news)
बॉम्बे हाईकोर्ट में अरुण भेलके द्वारा दायर की गई याचिका में उसकी पत्नी कंचन नानावरे को 2014 में गिरफ्तार किया गया था। नानावरे को 2020 में एक गंभीर बीमारी का पता चला, लेकिन उसे जमानत नहीं दी गई और उसकी मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई– बॉम्बे हाईकोर्ट ने गंभीर बीमारी से ग्रस्त कैदियों के जेल में बंद रहने पर चिंता जताई है। इन कैदियों को चिकित्सा के लिए जमानत दी जाए या उन्हें नजरबंदी में रखा जाए इसको लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से विचार करने को कहा है। (Maharashtra Big news for prisoners, bail petition will be heard soon)
कैदियों से मुलाकात
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि वे रविवार को पुणे की यरवदा केंद्रीय कारागार गए थे और वहां के कैदियों में खासकर महिलाओं से मुलाकात की और हालात का जायजा लिया। अदालत ने अगस्त 2010 में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई एक सलाहकार रिपोर्ट का उल्लेख किया, जिसमें गंभीर बीमार कैदियों के इलाज की नीति पर चर्चा की गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की सलाहकार रिपोर्ट के अनुसार, कोई भी कैदी जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त पाया जाता है, उसे चिकित्सा कारणों से जमानत, पैरोल, फर्लो (अवकाश), या घर में नजरबंदी या परिवार के सदस्यों की निगरानी में रखा जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में, ऐसे कैदियों को जेल में ही विशेष चिकित्सा देखभाल दी जा सकती है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से इस मुद्दे पर और सलाहकार रिपोर्ट के कार्यान्वयन पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
क्या है मामला?
यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में अरुण भेलके द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया है, जिनकी पत्नी कंचन नानावरे के साथ 2014 में गंभीर कानून विरोधी गतिविधियों के तहत गिरफ्तार किया गया था और उन्हें यरवदा जेल में बंद किया गया था। याचिका के अनुसार, नानावरे को 2020 में एक गंभीर बीमारी का पता चला, लेकिन उन्हें जमानत नहीं दी गई। (Maharashtra Big news for prisoners, bail petition will be heard soon)
जब उन्होंने चिकित्सा कारणों से जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया, तो उन्हें मेडिकल बोर्ड के पास भेज दिया गया, जिसने ‘हृदय और फेफड़े’ का प्रत्यारोपण करने की सिफारिश की गई थी। हालांकि, किसी भी आदेश के पारित होने से पहले ही, जनवरी 2021 में उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि उन्होंने जेल में लगभग सात साल बिताए थे। इसके बाद उनके पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें राज्य से 2010 की सलाहकार रिपोर्ट और महाराष्ट्र प्रोविजन (सजा की समीक्षा) नियमों के तहत दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की मांग की,
भेलके की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गायत्री सिंह ने अदालत को बताया कि नियमों के तहत जेल अधीक्षक को एक गंभीर रूप से बीमार कैदी को उसके रिश्तेदारों के पास सौंपने का अधिकार होता है, ताकि वह अपने अंतिम दिन अपने परिवार के साथ बिता सके। उनकी दलालों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि याचिका की अगली सुनवाई जनवरी 2025 में होगी। (Maharashtra Big news for prisoners, bail petition will be heard soon)