न्यूज़ डेस्क पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की एक पहाड़ी कस्बे में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना प्रकाश में आ रही है। बलात्कार करने के बाद पीड़ित महिला को सड़क किनारे फेंक दिया गया। रातभर चलती रही इस बलात्कार की घटना में पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया, कि घटना शुक्रवार और शनिवार के दरमियानी रात की है। जब महिला अपने घर जाने के लिए सड़क पर चल रही थी।
लोकप्रिय पर्यटक स्थल
मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित लोनावला के मावला इलाके में तुंगरली एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां एक राह चलती महिला का अपहर कर बलात्कार की घटना से इलाके में घबराहट और सनसनी फैल गई है। पुलिस ने बताया, कि घटना के सिलसिले में तुंगरली के निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। महिला की शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महिला उसी इलाके में रहती है और शुक्रवार रात को वह अपने घर जा रही थी।
घटना की जानकारी क्या है?
अधिकारी ने बताया, कि एक कार उसके पास रुकी और एक आदमी ने उसे जबरन अंदर खींच लिया। इसके बाद आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां चलती कार में उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे तुंगरली में विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और बार-बार यौन हमला करने के बाद उसे शनिवार तड़के सड़क किनारे फेंक दिया गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला ने लोनावाला सिटी पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) (बलात्कार) और 138 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया गया है। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road
क्या है हकीकत?
पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि पीड़िता के दावों की पुष्टि की जा रही है। महिला ने शुरू में दावा किया था कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे जबरन कार में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि कार में केवल एक ही व्यक्ति था। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी और महिला एक दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एक बार फिर अवैध निर्माण पर जबरदस्त तोड़क कार्रवाई कर अवैध निर्माणकर्ताओं मे हडकंप मचा दिया है। बोरीवली मनपा आर/मध्य बिल्डिंग एन्ड फैक्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा गोराई बीच में बने अवैध होटलों को ध्वस्त कर दिया है। बोरीवली पश्चिम के गोराई बीच के पास सर्वे क्रमांक 41 में बीच रिसॉर्ट नामक 40 कमरों का अवैध निर्माण तैयार किया गया था। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
छुटभैये नेता हुए गायब
इसकी कार्रवाई में इलाके के छुटभैये नेताओं के हंगामे के बाद अवैध निर्माणकर्ताओं ने कोर्ट का दामन थाम लिया था। लेकिन कोर्ट ने भी उन्हें खदेड़ दिया। जिसके बाद दम खम के साथ बुलडोजर लेकर बीएमसी ने पूरे स्ट्रक्चर को जमीदोंस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अवैध निर्माणकर्ताओं में खलबली मच गई है। इसके साथ ही जो छुटभैया नेताओं का समूह इन अवैध निर्माणों को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था, नदारद हो गया है। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
शहर में अवैध निर्माणों का खतरा
मनपा नियमों को अनदेखी कर शहर भर में अवैध निर्माण कराना अब आम हो गया है। लोगों को पता नहीं, कि यह अवैध निर्माण सिर्फ सरकारी कर व्यवस्था के साथ ही धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि इन्हीं अवैध निर्माणों के निचे दबने से निर्दोष लोगों की मौत हो जाती है। कहीं अवैध निर्माण के ढह जाने पर प्रशासन को कोसा जाता है। सरकारी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही भी होती है। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
लेकिन जब लोगों के नजरों के सामने निर्माण कार्य हो रहा हो, तो रोका नही जाता। ऐसे ही इस अवैध निर्मित “बीच रिसोर्ट” के खिलाफ आरटीआइ कार्यकर्ता चन्द्रकान्त गुप्ता ने शिकायत की थी। लेकिन उसे धमकाया गया। एक्ट्रोशन और जान से मारने की धमकी दी गई। छुटभैये नेताओं का उन अवैध निर्माणकर्ताओं को साथ मिला। सारा खेल पैसों पर चलता रहा। लेकिन मनपा आर/मध्य विभाग ने तोड़क कार्यवाही कर ही दी। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
BMC ने क्या कहा?
बृहन्मुंबई महानगर पालिका परिमंडल-7 के मनपा उपायुक्त संजय कुर्हाडे ने बताया, कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के सख्त आदेश जारी किए गए है। माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसको लेकर निर्देश दिये हुए हैं। एसआईटी के तहत अवैध निर्माणों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसकी कार्रवाई के पीछे भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। लेकिन लोगों की सुरक्षा के लिए हमें सख्ती बरतनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा, कि अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने के लिए एमआरटीपी कानून के तहत पुलिसिया कार्रवाई भी हो सकती है। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
खर्च की वसूली
मनपा आर/मध्य विभाग की सहायक आयुक्त संध्या नांदेड़कर ने बताया, कि तोड़क दस्ते में वार्ड के इमारत कारखाना विभाग से अभियंता शिवराज, अभियंता बाघमारे, दुय्यम अभियंता राजाराम जगताप, कनिष्ठ अभियंता सुरज पावले और बाकी कर्मचारी ने भरपूर तत्परता दिखाई। मौके पर पुलिस बंदोबस्त के साथ बुलडोजर का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस तोड़क कार्रवाई का खर्च अवैध निर्माणकर्ताओं से वसूला जाना अभी बाकी है।जिसे फिलहाल ध्वस्त कर दिया गया है। Mumbai BMC once again took a big action. 40 illegal constructions were demolished in Borivali
इसके बाद से गोराई गांव के अवैध बंगले, अवैध मकान, अवैध हुक्का पार्लर, अवैध गेस्ट हाउस, रो हाउस काफी सारे बने हुए हैं। इनके खिलाफ भी तोड़क कार्रवाई होने वाली है। इन अवैध निर्माणों के मालिकों मे हडकंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि अपने अवैध निर्माणों को बचाने के लिए छुटभैया नेताओं और माननीय कोर्ट का सहारा लेने के लिए भगदड़ मची हुई है। लेकिन राज्य में भ्रष्टाचार को लेकर एसआईटी की टीम काम कर रही है। सदन में मौजूदा विधायकों ने इसको लेकर मुद्दा उठाया था। तब से मनपा आयुक्त भुषण गगरानी ने सभी 26, वार्ड में जांच शुरू कर अवैध निर्माण कार्य को ध्वस्त कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।
कैसे बनता था शिकार ?
अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।
कैसे हुई आरोपी की पहचान ?
क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।
क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।
नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.
मुंबई: एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान में उस वक्त एक भावुक और अद्भुत क्षण सामने आया, जब मस्कट से मुंबई आ रही एक फ्लाइट में एक महिला यात्री ने बच्चे को जन्म दिया। यह घटना फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए बेहद खास बन गई, क्योंकि यह बच्चा हवा में, 30,000 फीट की ऊंचाई पर जन्मा। खास बात यह रही कि पैसेंजर में एक नर्स भी मौजूद थी।
जैसे ही थाईलैंड की एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, कैबिन क्रू ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग के अनुसार स्थिति को संभाला। फ्लाइट में मौजूद एक नर्स ने भी महिला की सहायता की। पेशेवर तरीके से काम करते हुए क्रू ने नतो केवल सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को भावनात्मक सहयोग भी दिया। फ्लाइट के अंदर जन्मे बच्चे और मां को तुरंत देखभाल मिली।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने कराई लैंडिंग
पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और मुंबई एयरपोर्ट पर प्राथमिक लैंडिंग की अनुमति मांगी। जैसे ही विमान ने लैंड किया, पहले से तैनात मेडिकल टीम और एम्बुलेंस ने मां और नवजात बच्चे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। एयरलाइंस की एक महिला कर्मचारी उनके साथ गई ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके।
टीमवर्क ने बचाई जान
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को संकट में सेवा का प्रतीक बताया। क्रू मेंबर्स की सूझबूझ, ट्रेनिंग और इंसानियत ने मिलकर एक संभावित आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। केबिन और कॉकपिट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट प्रशासन और इमरजेंसी सेवाओं के बीच समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहें।
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह मुंबई स्थित थाईलैंड के कॉन्सुलेट जनरल से संपर्क में है ताकि महिला को उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। फ्लाइट की कमान कैप्टन आशीष वाघानी और कैप्टन फराज अहमद के हाथों में थी, जबकि केबिन क्रू मेंबर्स स्नेहा नागा, ऐश्वर्या शिर्के, आसिया खालिद और मुस्कान चौहान ने अद्भुत संयम और सेवा भाव दिखाया। A baby was born on board an Air India flight, the plane was at an altitude of 30 thousand feet
एयर इंडिया की सफलता
यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित डिलीवरी भर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि जब सेवा भावना, पेशेवरता और टीमवर्क एक साथ होते हैं, तो आकाश में भी जीवन के चमत्कार संभव हो सकते हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में वह अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।
भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए। BJP governments saffronising and destroying education
मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।
देश में शिक्षा का भगवाकरण
विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है। BJP governments saffronising and destroying education
शिक्षा और परीक्षा का सौदा
सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।
विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा
इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education
शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
धर्म की राजनीति
हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।
मानसिक गुलामी
सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education
जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।
मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार
तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।
कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?
एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।
राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।
सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान
दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।
मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला
दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र: मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीडित छात्र से आरोपियों ने मराठी में बात करने को कहा था, जिसकी वजह से उनके बीच बहस हुई।
इस घटना के बाद से लोग मराठी भाषा विवाद के नाम पर आपसी रंजीश को अंजाम देने का हथियार बताने लगे हैं। लोगों का कहना है कि समाज में अचानक इतना गुस्सा कहां से आ गया। जो एक दूसरे को लोग अपने गुस्से का शिकार बना रहे हैं। किसी का तिरस्कार और मार पीट यह मानवता के खिलाफ सरारस हमले हैं, जो कतई बर्दाश्त के बाहर है। समय रहते इसपर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick
न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। मुख्य न्यायधीश (CJI) भूषण आर. गवई की बेंच के सामने इस मुद्दे को लेकर दिलचस्प बहस हुई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणियां कर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस दौरान CJI गवई ने महिला को नसीहत दी कि वो पढ़ी लिखी है तो उसे पति के गुजारे- भत्ते के भरोसे नहीं रहना चाहिए। खास बात ये है कि महिला अपने केस की खुद पैरवी कर रही है।
18 महीने की शादी में करोड़ों की डिमांड
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर गवई ने महिला से पूछा, ‘आपकी क्या मांग है?’ इस पर महिला ने कहा कि बस मुंबई वाला घर और 12 करोड़ रुपये का गुजारा भत्ता चाहिए। इस पर CJI गवई ने कहा, ‘वह घर तो कल्पतरु में है। जो अच्छे बिल्डरों में से एक है और आप तो IT एक्सपर्ट हैं, आपने MBA किया है। जबकि बेंगलुरु, हैदराबाद नौकरी के क्षेत्र में आपकी डिमांड है! कभी भी आप नौकरी शुरू कर सकती हैं तो आप नौकरी भी क्यों नहीं करतीं?’ उन्होंने यह भी कहा, कि ‘आपकी शादी सिर्फ़ 18 महीने चली और अब आप एक BMW भी चाहती हैं? 18 महीने की शादी और आप हर महीने एक करोड़ चाहती हैं।’ महिला ने जवाब दिया, ‘लेकिन वो बहुत अमीर आदमी हैं। उसने मुझे सिजोफ्रेनिया का शिकार बताकर शादी रद्द करने की मांग की।’
कोर्ट ने मांगा आयटी रिटर्न
इस दौरान पति की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा, ‘उसे भी काम करना पड़ता है। हर चीज की मांग ऐसे नहीं पूरी की जा सकती।’ महिला ने सवाल किया, ‘क्या मैं सिजोफ्रेनिया से पीड़ित दिखती हूं ?’ CJI गवई ने कहा, ‘आयटी रिटर्न दाखिल करें। लेकिन समझ लीजिए कि आप उसके पिता की संपत्ति पर भी दावा नहीं कर सकतीं’ लंच के बाद फिर सुनवाई शुरू हुई। CJI गवई की बेंच ने पति का आयटी रिटर्न देखा। Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised
वरिष्ठ वकील दीवान ने कहा, ‘कृपया पूरी कॉपी दें। 2015-16 में आय ज्यादा है क्योंकि उस समय वो नौकरी करते थे। 2 करोड़ 50 लाख और 1 करोड़ का बोनस, प्रॉक्सी बिजनेस के भी आरोप हैं। चलिए इसे भी उदाहरण के तौर पर लेते हैं। वो बैलेंस शीट भी है। जिस फ्लैट में वह रह रही हैं, उसके अलावा। दो कार पार्किंग भी हैं। वह उससे कमाई कर सकती है।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने हामी भरी, ‘हां हां, मुंबई में सभी जगहों से पैसा कमाया जा सकता है।’ दीवान ने आगे कहा, ‘जिस BMW का वह सपना देख रही हैं, वह 10 साल पुरानी है और बहुत पहले ही बंद हो चुकी है।’ Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised
खुद कमाकर खाइए
CJI गवई मे महिला से कहा, ‘या तो आपको बिना किसी बोझ के फ्लैट मिलेगा या कुछ भी नहीं मिलेगा। जब आप उच्च शिक्षित हों और अपनी इच्छा से काम न करने का फैसला करें।या तो आप वो 4 करोड़ रुपये ले लें, पुणे/हैदराबाद/बेंगलुरु में कोई अच्छी नौकरी ढूंढ लें। आईटी केंद्रों में आप जैसी होनहार लोगों की मांग है।’ इस पर याचिकाकर्ता महिला ने शिकायत की, ‘मेरी नौकरी भी इन्हीं ने छुड़वा दी। मुझ पर FIR भी दर्ज करा दी।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा, ‘आप FIR दे दीजिए, हम वो भी रद्द कर देंगे। हम निर्देश देंगे कि कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करेगा।’ इस पर पति की वकील ने बताया कि ये तो समझौते में है ही। फैसला सुरक्षित रखते हुए CJI गवई ने महिला से कहा, ‘आपको खुद मांगना नहीं चाहिए बल्कि, आपको खुदको कमाकर खाना चाहिए।’
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/पालघर: मुंबई से सटे विरार पश्चिम की एक रेसिडेंटल बिल्डिंग में ब्लिंकिट कंपनी के एक डिलीवरी एजेंट द्वारा लिफ्ट में पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह घटना पालघर जिले के विरार पश्चिम में सीडी गुरुदेव बिल्डिंग की है, जहां पूरी वारदात की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
सीसीटीवी कैमरे मे क्या देखा?
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि डिलीवरी बॉय बाएं हाथ में एक पार्सल लेकर लिफ्ट के अंदर गया। इसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए पैंट की चेन खोला और लिफ्ट के सामने के गेट पर ही पेशाब करने लगा। दोपहर का समय होने के कारण सोसायटी में सन्नाटा छाया हुआ था। मौका पाकर डिलीवरी बॉय ने पार्सल दिया और वहां से निकल गया।
विरार पश्चिम स्थित तुलिंज पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और आगे की जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग इस असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/ पालघर: मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।
वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।
मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़
यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
नेशनल डेस्क Encounter in Jammu and Kashmir: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में रविवार को सुरक्षा बलों के जवानों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है। बताया गया, कि घटना खानकू वन क्षेत्र की है। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय सेना को गुप्त सूचना मिली थी कि दच्छन और नागसेनी क्षेत्रों के बीच आतंकवादियों की मौजूदगी है। इसके बाद इंडियन आर्मी और पुलिस सहित सुरक्षा बलों की टीम ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस बीच आतंकियों के साथ गोलिबारी शुरू हो गई।
बताया गया, कि सेना के जवानों को करीब आता हुआ देख आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी गोली चलाकर जवाब दिया। दोनों ओर से कुछ देर तक गोलीबारी चली। रविवार शाम तक किसी के मरने की खबर नहीं है। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर रखा है। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अतिरिक्त बल भेज दिया गया है। आतंकवादियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। Terrorist Encounter: Terrorists opened fire upon seeing Indian Army