Category: Maharashtra Crime

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  • अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    अपहरण और रेप के बाद हुई शादी से 4 बच्चे, लेकिन कोर्ट में चलता रहा केस, 40 साल बाद आया फैसला

    मुंबई में कोर्ट ने अपहरण और रेप के 40 साल बाद फैसला सुनाया है। इस केस में रेप पीड़िता की मौत हो चुकी है। रेप पीड़िता से ही आरोपी ने शादी की थी। दोनों के 4 बच्चे हुए। लेकिन रेप का केस कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुनाया है। जाने क्या है ये पूरा मामला ? (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – 40 साल पहले एक लड़की से रेप हुआ था। मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक, जिसने लड़की से रेप किया, उसने उससे शादी भी कर ली। लेकिन ये केस कोर्ट में चलता रहा। दंपति को चार बच्चे भी हुए। इसके बाद पीड़िता की मौत भी हो गई। इस बीच आरोपी भी मुंबई से फरार हो गया। लेकिन 38 साल बाद पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अब कोर्ट ने अपहरण और रेप के मामले में फैसला सुनाया है। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    नवंबर 1984 में डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक मां ने अपनी बेटी के साथ रेप होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा कि उसकी बेटी का जन्म 1969 में हुआ था और वह उर्दू मीडियम के स्कूल में पढ़ रही थी। मां ने कहा कि आरोपी उसके परिवार को जानता था। पीड़िता घर से यह कहकर निकली थी कि वह शौचालय जा रही है। हालांकि, वह वापस नहीं लौटी। मां ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने लड़की को किडनैप कर उसके साथ बलात्कार किया था। आरोपी पर आईपीसी के तहत अपहरण और रेप का आरोप लगाया गया था। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    रेप के बाद हुई शादी और 4 बच्चे ..

    खबरों के मुताबिक, बाद में पता चला कि आरोपी ने पीड़िता से शादी कर ली और उनके 4 बच्चे भी हुए। सत्र न्यायालय ने अब सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया। बताया गया कि आरोपी लगभग 40 साल तक लापता रहा, मगर यह पूरा मुकदमा केवल चार तारीखों में पूरा हो गया। पीड़िता से उसने बाद में शादी की थी, उसकी भी मुकदमे के दौरान मौत हो गई। उनके चार बच्चों में से दो की भी मौत हो गई। मामले में शिकायत करने वाली मां की भी मौत हो गई। वह शख्स 1986 से फरार था। उसे आखिरकार 2024 में यूपी में पकड़ लिया गया। (Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

    कोर्ट ने क्या कहा ?

    जज ने कहा कि चूंकि मामला बहुत पुराना है, अभियोजन पक्ष के अधिकांश गवाह या तो लापता हैं या उनकी मौत हो चुकी है। इस अपराध से आरोपी को जोड़ने के लिए रिकॉर्ड पर एक भी सबूत नहीं है। आरोप साबित करने के लिए सबूत अभियोजन पक्ष के लिए मददगार नहीं हैं। इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच की और गवाहों के बयान दर्ज किए गए, सबूत जुटाए गए और आरोप पत्र पेश किया गया। जबकि, आरोपी ने खुद को निर्दोष बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह ने कहा कि एसआई (सहायक निरीक्षक) ने उसकी मौजूदगी में बयान दर्ज नहीं किए थे।(Mumbai DB Marg Police Station Crime News)

  • अंधेरी ईस्ट BMC का डी.ओ. मंदार तारी के दो निजी सहायक 75, लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: डी.ओ. फरार

    अंधेरी ईस्ट BMC का डी.ओ. मंदार तारी के दो निजी सहायक 75, लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार: डी.ओ. फरार

    अंधेरी ईस्ट के चार मंजिला अवैध इमारत को संरक्षण देने की मंदार तारी ने मांगी दो करोड़ की रिश्वत। 75 लाख की पहली किश्त लेते उसके दो निजी सहायक गिरफ्तार..

    सुरेंद्र राजभर
    मुम्बई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के शीर्ष अधिकारी भले ही दावा करते फिरें, कि मनपा में हर कार्य न्याय संगत व विधि विधान से होता है। किंतु समय-समय पर अधिकारियों, कर्मचारियों का भ्रष्टाचार उजागर हो ही जाता है। जब कि वे रिश्वत लेते हुए पकड़े जाते हैं। तभी यह पता चल जाता है, कि आरोपी अधिकारी के द्वारा ली जाने वाली रिश्वत के पैसों में कितने शीर्ष अधिकारियों का कितना हिस्सा होता है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    ऐसी ही एक घटना अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड में कार्यरत कार्यकारी अभियंता (D.O) मंदार अशोक तारी द्वारा एक अवैध निर्माण कर्ता से 2 करोड़ रुपयों की रिश्वत की पहली किश्त-75 लाख रुपये लेते हुए पकड़े जाने के उपरांत उजागर हुई है। जिसे कि भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    क्या है मामला?

    प्राप्त सुचनाओं के अनुसार जे. बी. नगर अंधेरी ईस्ट में शहीद भगत सिंह कॉलोनी अंतर्गत प्लॉट नं.191, 192 के भूखंड पर एक चार मंजिला इमारत है। जिसकी दो मंजिले अवैध रूप से निर्मित की गई है। उसी अवैध दो मंजिलों को बचाने के लिए उक्त कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी (DO) मंदार अशोक तारी ने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। बताया जाता है, कि मंदार तारी की जब से डी.ओ. के पद पर नियुक्ति हुई है, तभी से अंधेरी व विलेपार्ले के क्षेत्रों में अंधाधुंध अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिन्हे कि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी का संरक्षण प्राप्त है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    2 करोड़ रुपये की रिश्वत ..

    किंतु उक्त जे.बी. नगर की इमारत की दो अवैध मंजिलों को संरक्षण देने के लिए नियुक्त डी.ओ. मंदार तारी का 2 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग करना अवैध निर्माणकर्ता को रास नहीं आया और उसने 31 जुलाई 2024 को इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी। मामले की गंभीरतानुसार ए.सी.बी. ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए, 6 अगस्त 2024, को मंदार तारी के दो निजी वसूली कर्ताओं मोहम्मद यासीन शहा और ड्राईवर प्रतिक पिसे को दो करोड़ की तय रिश्वत की रकम की पहली किश्त 75 लाख रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    दो की गिरफ्तारी ..

    गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि उक्त रकम वे अंधेरी ईस्ट BMC के/पूर्व, वार्ड मे इमारत व कारखाना विभाग के कार्यकारी अभियंता एवं पदनिर्देशित अधिकारी मंदार अशोक तारी के लिए उनके ही दिशा निर्देश पर रिश्वत के पैसे ली है। ए.सी.बी. के अधिकारी उक्त दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रहे हैं। जबकि कार्यकारी अभियंता मंदार तारी फरार बताया जाता है। ए.सी.बी. अधिकारी मंदार तारी के अन्य ठिकानों पर छापे मारी कर रहे हैं। जहां, उन्हें जांच के दौरान उसकी अवैध संम्पतियाँ (चल/अचल) मिली है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी ..

    जानकारों का कहना है कि उसी के/पूर्व, वार्ड से लगभग दो साल पहले भी कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार को ए.सी.बी. ने 50 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जबकि सतीश पोवार की गिरफ्तारी से कार्यकारी अभियंता मंदार तारी को सबक लेना चाहिए था। उक्त कारवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप दीवान व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेंद्र सांगले के मार्ग दर्शन में पुलिस निरीक्षिका सुप्रिया नाटे, अपराध अन्वेषण अधिकारी गणेश पिंगुवाले ने उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया है। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

    पूर्व कार्यकारी अभियंता सतीश पोवार की तरह ही ए.सी.बी. ने छापामारी की कारवाई कर कार्यकारी अभियंता मंदार तारी की करोड़ों की चल-अचल संम्पति बरामद की है। मनपा प्रशासन कब अपने अधिकारियों पर ध्यान देगा? या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को ही संपूर्ण मनपा अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर मुसल्लत कर देना चाहिए। (Mumbai Andheri K/East BMC, Corruption News, BMC Corruption News)

  • मुम्बई में 14 बच्चों की तस्करी, 80 हजार से 7 लाख में बेचे गए; पुलिस ने 35 आरोपियों को किया गिरफ्तार

    मुम्बई में 14 बच्चों की तस्करी, 80 हजार से 7 लाख में बेचे गए; पुलिस ने 35 आरोपियों को किया गिरफ्तार

    बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे है। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 बच्चों में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है।

    इस्माईल शेख
    मुम्बई- 
    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में बाल तस्करी के बढ़ते मामले पुलिस और बच्चों के माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। हालांकि मुम्बई पुलिस समय-समय पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग को पकड़ कर अगवा हुए बच्चों को उनके माता-पिता के पास पहुंचाने का काम कर रही है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)

    क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, इस साल अप्रैल में पकड़े गए बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे हैं। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है तथा मामले के संबंध में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)

    बच्चों की खरीद फरोख्त ..

    क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि 5 महीने से 4 साल की उम्र के इन बच्चों को एजेंटों और डॉक्टरों के एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए 80 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक में बेचा गया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)

    पुलिस के मुताबिक, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्रों से जुड़ी अंडा दाता और सरोगेट माताएं सिंडिकेट और निसंतान दंपत्तियों के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। वे आईवीएफ केंद्रों के ग्राहकों में से नवजात शिशुओं को खरीदने के इच्छुक दंपत्तियों की पहचान करती है और खरीदार एजेंटों से संपर्क करते हैं। ये लोग फुटपाथों और झुग्गी-झोपड़ियों में घूमते हैं और हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली गरीब, जरूरतमंद महिलाओं को उन्हें कीमत पर बेचने के लिए राजी करते हैं। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)

    महिलाओं की गिरफ्तारी ..

    मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिला एजेंट इस सिंडिकेट की मुख्य खिलाड़ी थीं। उनमें से दो शीतल वारे और स्नेहा सूर्यवंशी मुम्बई की हैं जबकि तीसरी, संतोषी गंगाराम रेड्डी, हैदराबाद की है। कुछ बच्चों को कथित तौर पर डॉ. संजय खंडारे के माध्यम से बेचा गया, जो एक अन्य गिरफ्तार आरोपी है और ठाणे में एक छोटा अस्पताल चलाता है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)

  • किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक गिरफ्तार और मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी ..

    किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक गिरफ्तार और मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी ..

    नवी मुंबई में किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार हो गया है। साथ ही भांडुप के एक मामले में मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी में पुलिस सरगर्मी से तीन बदमाशों की तलाश कर रही है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    भांडुप और नवी मुंबई की दो घटनाओं ने फिर एक बार हवस और दरिंदगी की सारी हदों को पार कर दिया है। नवी मुंबई के एक पडोसी किशोरी के साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन भांडुप दुष्कर्म मामले में आरोपियों द्वारा मॉडलिंग के नाम पर लगातार दुष्कर्म और 45 लाख रुपये की रंगदारी के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर सरगर्मी से तलाश कर रही है।

    किशोरी के साथ दुष्कर्म ..

    नवी मुंबई पुलिस ने एक व्यक्ति को पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी से बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एपीएमसी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

    उन्होंने बताया कि आरोपी वाशी के कोपरी गांव में उसी इमारत में रहता था जिसमें पीड़िता रहती थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर वर्ष 2020 से अपने घर में कई बार पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़ित के तीन माह की गर्भवती होने के बारे में पता चलने पर उसे एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मॉडलिंग के नाम पर दुष्कर्म सहित 45 लाख की रंगदारी ..

    वहीं दुसरे मामले में भांडुप में मॉडलिंग का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और 45 लाख की रंगदारी में तीन आरोपी फरार। इंस्टाग्राम पर हुई थी। जान पहचान। खुद को मशहूर प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर किया था संपर्क। पीड़ित लड़की कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है।
    इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर का देखा था एड्वटाइज़िग।

    सोशल मीडिया पर खुद को मशहूर धर्मा प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क में आए आरोपी ने 45 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की बात सामने आई है। गंभीर बात यह है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी फुटेज वायरल करने की धमकी दी। इस मामले में भांडुप पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी तलाश की जा रही है।

    शिकायतकर्ता कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है।
    इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर के बारे में एक संदेश मिला। जब उन्होंने चेक किया तो ‘हार्दिक’ नाम के इस यूजर आईडी ने कहा कि वह धर्मा प्रोडक्शंस का प्रतिनिधि है और नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। उन्होंने नए कलाकारों को मौका दिया और कहा कि आज वे करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। जब उसने प्रक्रिया के बारे में पूछा तो उसने राहुल चव्हाण नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया।

    उसने राहुल से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये देने पर सभी योजनाओं की जानकारी दे दी जायेगी। इसके बाद उसने अपने पिता को बताया और आरोपी राहुल को 20 हजार रुपये भेजे। उसने उसे बांद्रा की एक शॉप पर मिलने के लिए बुलाया। वहां पोर्टफोलियो बनाने के लिए उसने युवती से 20 हजार रुपये और ले लिए।

    कहा, कि एक विदेशी कंपनी के लिए मॉडलिंग का मौका है और 10 लाख रुपये की कमाई होगी। युवती ने कहा, कि उसके पास यह रकम नहीं है और उसके माता-पिता यह रकम नहीं देंगे। इस पर राहुल ने उसे परिवार की जानकारी के बिना घर से गहने लाने के लिए कहा। युवती ने उसे घर के गहने दे दिए। इसके अलावा, आरोपी ने पैसे की मांग की। लेकिन जब युवती मना कर दिया तो राहुल ने कहा कि वह मॉडलिंग का काम नहीं देगा।

    इसलिए लड़की ने घर का सारा सोना आरोपी को दे दिया। आरोपी ने पीड़ित लड़की का कई बार यौन उत्पीड़न किया और उसकी तस्वीरें खींची और फिल्म भी बनाई। उन तस्वीरों के जरिए हार्दिक ने उन्हें न्यूड तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी थी। इसके बाद राहुल का परिचित श्रेयस भी उसे अश्लील मैसेज भेजने लगा।

    पीड़ित से आरोपियों ने कुल 45 लाख रुपये की ठगी की। राहुल फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा था। इस वजह से पीड़ित लड़की भी डरी हुई थी। आख़िरकार उसने इसकी जानकारी अपनी माँ को बताई। इसके बाद भांडुप पुलिस में शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने राहुल चव्हाण, हार्दिक और श्रेयस पाटिल के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी, धमकी, मानहानि, बलात्कार सहित सूचना प्रौद्योगिकी रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

  • Sobhita Dhulipala once admitted she ‘admired’ this about Naga Chaitanya, Samantha Ruth Prabhu

    Sobhita Dhulipala once admitted she ‘admired’ this about Naga Chaitanya, Samantha Ruth Prabhu

    In a fascinating intersection of life and art, respected actress Sobhita Dhulipala has recently opened up about her views on Naga Chaitanya and Samantha’s relationship, revealing insights that delve beyond the glamour to the essence of connection and adoration.

    An Uncommon Admiration: Sobhita’s Perspective on Naga Chaitanya & Samantha

    Sobhita Dhulipala, known for her captivating performances in films and the popular series “Made in Heaven,” has shared a personal reflection about Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu. Sobhita described how she, like many others, admired the mutual respect and admiration between Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu during their partnership. She highlighted Chaitanya’s maturity both on and off-screen and lauded Samantha’s vibrant spirit and professionalism. The sincerity behind her words underlined the strength and depth of the duo’s bond.

    Sobhita Dhulipala: The Multi-faceted Actress Par Excellence

    This actress, who rose to prominence with captivating roles in various films and the critically acclaimed “The Night Manager,” is often lauded for her thoughtful portrayal of characters. With several notable works in her filmography and a growing fan base, Sobhita Dhulipala has proven her versatility as an actress and is highly recognized for her contributions to storytelling.

    The Charm of Naga Chaitanya: A Star in His Own Right

    Naga Chaitanya, son of the illustrious Nagarjuna Akkineni, has established his own identity within the Telugu film industry. Beyond being Akkineni Nagarjuna’s son, Chaitanya has left a significant mark with his stellar acting and commitment to every role he undertakes. He’s managed to carve out a space for himself by embodying diverse characters with equal finesse.

    Samantha Ruth Prabhu: Leading the Charge

    Known for her striking presence on-screen and her off-screen work, Samantha Ruth Prabhu has been a beacon of strength and talent within the South Indian film industry. With a string of award-winning performances and a personality that shines as brightly off-screen, Samantha has earned respect and admiration from colleagues and fans alike.

    The Dynamics of Romantic Relationships in the Spotlight

    By acknowledging the strengths of a past couple in Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu, Sobhita also indirectly addressed the complexity of romantic relationships in the public eye. While much of the narrative surrounding celebrities often veers into speculation and conjecture, Sobhita’s measured comments serve as a reminder of the complexity and depth that may lie beyond the surface.

    A Snapshot of Personal Growth and Artistry

    As Sobhita Dhulipala highlighted the admirable qualities of Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu, she inadvertently provided a snapshot of her own growth in the industry. Acknowledging the merits of fellow actors is rare and does speak to a larger ethos of support and empathy prevalent within the Telugu cinema sphere.

    Understanding the Past Through Commentary

    In her candid response to questions about one of Tollywood’s famed duos, Sobhita provides insightful commentary on the realities of navigating relationships and career paths under public scrutiny. Her words emphasize the importance of focusing on professional growth and personal connection amidst the chaos.

    To sum up, Sobhita Dhulipala’s brief glimpse into her thoughts regarding the dynamic between Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu, showcases the complexities of personal and professional interactions in a world where love and art often intertwine. Her insights provide a valuable reminder of the power of respect and admiration in shaping human interactions.

    The focus remains on Sobhita Dhulipala’s admiration for Naga Chaitanya and Samantha Ruth Prabhu, honoring their talents and achievements within the narrative’s structure.

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  • कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    • उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
    • डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
    • के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
    • अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
    इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।

    मनपा कानून क्या कहता है?

    उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी

    वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।

    सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?

    हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।

  • चोरी के मोबाइल का IMEI नंबर कैसे बदल कर बेचा जाता है। क्राईम ब्रांच का खुलासा।

    चोरी के मोबाइल का IMEI नंबर कैसे बदल कर बेचा जाता है। क्राईम ब्रांच का खुलासा।

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर उसका IMEI नंबर बदलने के बाद दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया है। 5 लोगों की गिरफ्तारी के साथ लगभग 15 लाख 88 हजार 800 रूपये का माल जब्त।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने 162 मोबाइल फोन चोरी के वारदातों के साथ एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है। जो मुंबई और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों से चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर उसका IMEI नंबर बदलने का काम करते थे और बाद में दूसरे राज्यों में उसी चोरी के मोबाइल फोन को ऊंचे दामों में बेच दिया करते थे। मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने कार्यवाही के दौरान गोवंडी शिवाजी नगर के तीन मोबाइल की दुकानों में छापामारी कर 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही एक लैपटॉप 162 चोरी के मोबाइल फोन लगभग 15 लाख 88 हजार 800 रुपये का माल पंचनामे के तहत जब्त किया है।

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक भरत घोणे ने बताया कि इसकी गुप्त जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति अपने साथियों की मदद से चोरी के मोबाइल फोन खरीद कर उसका IMEI नंबर बदल कर उंचे दाम में बेचने का काम करता है। इसकी और अधिक तहकीकात की गई। जिसमें पता चला कि आरोपी शिवाजी नगर के तीन जगहों पर मोबाइल की दुकानों का इस्तेमाल करते हैं। जहां लैपटॉप के जरिए मोबाइल फोन के IMEI नंबर बदलने का काम किया जाता है। 29 जुलाई को एक साथ तीनों दुकानों पर पंचों को लेकर छापामारी की गई।

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ शिवाजी नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में जांच के आदेश दिए गए हैं। मामले की अभी और अधिक तहकीकात मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारी कर रहे हैं।

  • ऐश्वर्या और आराध्या दोनों मां-बेटी न्यूयॉर्क से लौटीं! अभिषेक बच्चन के तलाक वाला पोस्ट लाइक करने के बाद पहली बार दिखी।

    ऐश्वर्या और आराध्या दोनों मां-बेटी न्यूयॉर्क से लौटीं! अभिषेक बच्चन के तलाक वाला पोस्ट लाइक करने के बाद पहली बार दिखी।

    बॉलीवुड दुनिया के लिए एक बड़ी खबर है! ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या ने न्यूयॉर्क से वापसी कर ली है। पिछले कुछ दिनों से ये दोनों माँ बेटी न्यूयौर्क के एक रेस्तरां में रुकी हुई थी। यह खबर तब वायरल हुई जब उन्होंने अभिषेक बच्चन के तलाक के बारे में एक पोस्ट को लाइक किया। इससे पहले वे कभी भी मीडिया के सामने नजर नहीं आई थीं। यह वापसी की एक तस्वीर है, जो उनके प्रशंसकों के लिए खुशी की बात है।

    ऐश्वर्या राय बच्चन एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं, जो अपनी खूबसूरती और बेहतरीन अभिनय के लिए जानी जाती हैं। वह अपने व्यक्तिगत जीवन को निजी रखना पसंद करती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने न्यूयॉर्क से वापसी की खबर में अपने प्रशंसकों के लिए एक अद्भुत संकेत छोड़ा है। फिलहाल उन्होंने अभिषेक बच्चन के तलाक के बारे में कोई बयान नहीं दिया।

    ऐश्वर्या राय बच्चन के फैंस और मीडिया दोनों ही उनकी वापसी का आदर्श अपेक्षा कर रहे थे। उनकी दोस्तों, परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों ने इस खुशी को साझा किया है और उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। ऐश्वर्या राय बच्चन के फैंस और मीडिया उनकी यात्रा के बारे में और अधिक जानने के लिए उत्सुक हैं।

    माँ बेटी की वापसी ने उनके फैंस की उम्मीदों को पूरा किया है और उन्हें खुशी की लहर में ले जाने में सफल हुआ है। यह वापसी उनके प्रशंसकों के लिए एक उत्साहजनक समाचार है, जो उनके प्रिय सितारे को वापस देखने का मौका देगी।

    इस घटना ने ऐश्वर्या राय बच्चन के करियर के बारे में भी बात की है। उनकी वापसी सिनेमा के रंगमंच पर उनकी वापसी को प्रोत्साहित करेगी। इससे पहले उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी अदाकारी के जरिए फैंस का दिल जीता है। उनके फैंस और उनके प्रिय अनुयायी उनके हर फिल्म के लिए प्रशंसा करते हैं।

    ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या राय बच्चन ने अपने प्रशंसकों को एक अच्छी खबर दी है। उनकी वापसी ने उनके फैंस को खुश कर दिया है और उन्हें अपनी पसंदीदा अदाकारा को लौटते देखने का मौका दिया है। इस खबर ने सोशल मीडिया पर धमाल मचाया है और लोगों को हैरान कर दिया है।

    यह वापसी ऐश्वर्या राय बच्चन के लिए एक नया आयाम हो सकती है, जहां उन्हें फिर से बड़े पर्दे पर देखने का मौका मिलेगा। उम्मीद है कि ऐश्वर्या राय बच्चन और आराध्या की वापसी उन्हें बहुत सफलता और खुशी लाएगी।

  • फुटपाथ पर रहने वाले दो चोरों को कांदीवली पुलिस ने पकड़ा

    फुटपाथ पर रहने वाले दो चोरों को कांदीवली पुलिस ने पकड़ा

    कांदीवली के फुटपाथ से पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कुल 6 चोरी के मामलों का खुलासा खुलासा हुआ है जिसमें 30 मोबाइल फोन जब्त ..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    कांदीवली पश्चिम के महावीर नगर फुटपाथ से पुलिस ने 20 वर्षीय विक्रम विजय भोसले और 20 वर्षीय बंटी सुरेन्द्र भोसले नामक दो लड़कों को विभिन्न 6 अलग-अलग ताज़ा चोरी के मामलों में गिरफ्तार कर कुल 30 मोबाइल फोन जब्त किया है। जिसकी अंदाजन किमत लगभग 3 लाख 42 हजार रुपये आंकी जा रही है। (Mumbai Kandivali Police arrested two mobile thieves with 30 mobile phones)

    https://indian-fasttrack.com/2024/04/05/fake-documents-revealed-in-court-for-bail
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    कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे ने जानकारी देते हुए बताया, कि क्राईम डिटेक्शन के अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक दिपक पाटील, नारायण खाडे, पुलिस हवलदार जायभाये, पुलिस सिपाही जोगलपुरे, नवलु, प्रविण वैराळ, गवळी, राणे और महिला पुलिस सिपाही म्हात्रे पिछले कई दिनों से मोबाइल चोरी की घटना को लेकर इलाके की गहनता से जांच कर रहे थे। जिसमें महावीर नगर कमला विहार स्पोर्ट्स क्लब के सामने फुटपाथ पर 2 लोग संदेहास्पद पाए गए। पुलिस की टीम ने थाना लाकर उनसे पूछताछ किया तो पुलिस थाने अंतर्गत चोरी के कुल 6 मामलों का खुलासा हुआ। इनके पास से कुल 30 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किया गया है। (Mumbai Kandivali Police arrested two mobile thieves with 30 mobile phones)

    फुटपाथ,
    कांदीवली पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल की तस्वीर

    फुटपाथ पर रहने वाले चोर ..

    पुलिस ने बताया कि दोनों ही आरोपी अमरावती और वर्धा के मुल निवासी हैं। यहां महावीर नगर के फुटपाथ पर रहकर अपना गुजारा कर रहे थे। कांदीवली पुलिस थाने मे इनके खिलाफ गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 294, 296, 297, 302, 303, 304/ 2024 कुल 6 चोरी के आरोप दर्ज है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कुल 3 लाख 42 हजार रुपये के 30 मोबाइल फोन जब्त किया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात कांदीवली पुलिस कर रही है। (Mumbai Kandivali Police arrested two mobile thieves with 30 mobile phones)

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  • मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    • सक्षम अधिकारियों की संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपये कमाने का सिलसिला जारी
    • जो पकड़ा जाए भ्रस्ट, जो मैनेज कर ले
    • वह ईमानदार
    • भूमाफिया, मनपा गठबंधन की एक मिसाल…. मनपा का सी, वार्ड…!
    • क़ाली कमाई का रैकेट चला रहे दुय्याम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार
    • 8 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो ने किया गिरफ्तार
    • डी एम सी (DMC) डॉ. संगीता हसनाले के निर्देशन में दिया जा रहा था भ्रष्टाचार को अंजाम..!

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    वैसे तो पूरे देश में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। जिसके पास जितना बड़ा अधिकार वह उतना ही बड़ा भ्रष्टाचारी होता है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। यहां की मनपा के वार्डों में अवैध निर्माण कार्य कराने और करोड़ों रुपए कमाई करने में होड़ लगी है। जो पकड़ा जाए वह भ्रष्ट, जो मैनेज कर ले वह ईमानदार होने का तमगा हासिल कर लेता है। अखबारों में वार्ड के सक्षम अधिकारियों के संरक्षण में अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कमाने का सिलसिला जारी है। नित्य ही ऐसे समाचार छपते रहते हैं अखबारों में, किंतु बड़े अधिकारी उस पर कानूनी कार्रवाई करने से चुप्पी साध लेते हैं। (Mumbai BMC Corruption News)

    भूमाफिया मनपा गठबंधन की एक मिसाल आज सी वार्ड की पेश है। सी वार्ड में दुय्यम अभियंता सूरज पवार और कनिष्ठ अभियंता मंगेश कांबली बहुत समय से काली कमाई का रैकेट चला रहे थे। दुर्भाग्यवश उन्हें 8 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह कुल रिश्वत 20 लाख की पहली किस्त बताई जाती है। पकड़े न जाते तो पूरी किश्त वसूल लेते। सी वार्ड में अवैध निर्माण कराने, संरक्षण देने के बदले कैश लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

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    बताया जाता है, कि इस लेन देन में वसूली की भूमिका निभाने वाला निलेश होदर है जो ठेकेदार मनपा अधिकारियों के बीच की वसूली की कड़ी बना है। सी वार्ड में पकड़े गए रिश्वतखोर। लेकिन उसी की बगल में बी वार्ड कुख्यात है भ्रष्टाचार के लिए। जहां दुय्यम अभियंता विशाल सखारकर और कनिष्ठ अभियंता युगंधर मराठे की जोड़ी है जो अवैध निर्माण काम के बदले करोड़ों की रिश्वत लेती है। क्या इनका भी हश्र सी वार्ड के भ्रष्टाचारियों जैसा होगा? इनके द्वारा कराए गए गैरकानूनी बंधकाम 350/354 नरसीनाथ स्ट्रीट 113/113A, आई एम एम रोड 148/150, नागदेवी स्ट्रीट 199, ए बी स्ट्रीट 154, नारायण धुरू स्ट्रीट 51, गार्नेट हाइट 175/177 और इसाजी स्ट्रीट जैसे अनेक स्थानों पर अवैध बांधकाम कराकर करोड़ों रुपए कथित तौर पर घूस लेने की चर्चा है।

    मनपा, भ्रष्टाचार,

    मनपा में भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार।

    बताते चलें, कि ये अधिकारी बिना डी एम सी जोन 1 के डॉक्टर संगीता हसनाले की सहमति के अवैध निर्माण नहीं करा सकते। बी और सी के अधिकारी इन्हीं के निर्देशन और संरक्षण में भ्रष्टाचार को अंजाम देते हैं, ऐसा बताया जाता है। सूत्रों का कहना है, कि इन सभी भ्रष्ट अधिकारियों को डी एम सी जोन 1 का खुला आशीर्वाद मिला हुआ है। क्या सक्षम उच्च अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के हवाले करेंगे?

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