Category: Civic Issues

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  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

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    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।

  • दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।

    वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्‌ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्‌ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्‌ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्‌ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्‌ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

    इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्‌ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्‌ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”

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    Mumbai Bmc,
    फाइल तस्वीर

    Mumbai BMC Road News

    बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्‌ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्‌ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्‌ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”

    ए विभाग के मनपाकर्मी दबा के कर रहे हैं वसूली।

    रिएक्टिव अस्फाल्ट का कैसे होगा इस्तेमाल?

    रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्‌ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्‌ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्‌ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।

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    मुंबई में सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्‌ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्‌ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”

    पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..

    सड़कों के गड्‌ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्‌ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्‌ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्‌ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्‌ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्‌ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।

    मुंबई में गड्‌ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्‌ढों की शिकायतों में 67 गड्‌ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्‌ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्‌ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्‌ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।

  • Maharashtra News: उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 के खिलाफ केस दर्ज, 4 गिरफ्तार, जानें क्या है मामला?

    Maharashtra News: उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 के खिलाफ केस दर्ज, 4 गिरफ्तार, जानें क्या है मामला?

    Maharashtra News: मुंबई पुलिस ने BMC अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में उद्धव गुट के नेता अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – वकोला पुलिस ने बीएमसी अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने के आरोप में उद्धव ठाकरे गुट के नेता और पूर्व राज्यमंत्री अनिल परब सहित 15 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है जिसे पुलिस ने कन्फर्म किया है। शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की, जिन्होंने पिछले सप्ताह बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर में अवैध शाखा कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। (Maharashtra News)

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/26/municipal-administration-in-the-form-of-land-mafia
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    हमले के दूसरे दिन मंगलवार की तस्वीर जहां बांद्रा बीएमसी कार्यालय के कर्मचारियों ने विरोध जताया।

    क्या है मामला?

    अनिल परब के साथ आए शिवसैनिकों ने दावा किया कि ढांचे को गिराने से पहले इसे कार्यालय से हटाने के बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर के साथ ढांचा ढहा दिया गया था। उग्र कार्यकर्ता बांद्रा पूर्व स्थित बीएमसी वार्ड कार्यालय में घुस गए। हमले का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें पूर्व राज्य ट्रांसपोर्ट मंत्री अनिल परब और अन्य कार्यकर्ता संबंधित अधिकारियों को उनके हवाले करने की मांग करते नजर आ रहे हैं। जब अधिकारी आगे आये तो यूबीटी कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। (Maharashtra News)

    अनिल परब ने क्या कहा ?

    परब ने कहा, “बांद्रा वार्ड कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में एसे कई अवैध इमारतें  हैं। अगर प्रशासन को वे ढांचे नजर नहीं आए तो मैं उनका कॉलर पकड़ कर दिखाऊंगा।” उन्होंने मांग की है, कि बांद्रा में कई तीन से चार मंजिला अवैध संरचनाएं हैं जो बीएमसी अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, ये संरचनाएं बाधा उत्पन्न कर सकती हैं।” परब ने पूछा कि अगर एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो उन्होंने उस शाखा पर कार्रवाई का निर्देश कैसे दिया, जहां दीवारों पर बालासाहेब और शिवाजी महाराज की तस्वीरें लगाई गई थीं। (Maharashtra News)

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    Maharashtra News..

    युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे ने कहा, “महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदूहृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के लाखों समर्थक हैं। अगर कोई उनकी तस्वीरों पर हथौड़ा मारता है तो कड़ी प्रतिक्रिया सामने आएगी।” (Maharashtra News)

  • मुंबई के इन 17 रेलवे स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर, मिलेगी बेहतरीन सुविधा

    मुंबई के इन 17 रेलवे स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर, मिलेगी बेहतरीन सुविधा

    Mumbai Railway Station Upgrade: मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई स्टेशन काफी पुराने हो गए हैं। इन्हें अपग्रेड करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत 17 रेलवे स्टेशनों का कायापलट किया जाना है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मायानगरी मुंबई शहर के लोकल ट्रेन को यहां की लाइफ लाइन भी कहा जाता है। यहां लोकल ट्रेन ही शहर में आने-जाने का सबसे भरोसेमंद सस्ता और समय की बचत करने वाला साधन है। अब रेलवे विभाग अपने 17 स्टेशनों का कायाकल्प करने जा रहा है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। जिसमें सेंट्रल और वेस्टर्न दोनों के रेलवे स्टेशन शामिल हैं। जल्द ही यह काम शुरू किया जायेगा। कुछ जगहों पर रेलवे स्टेशन पुराने होने के कारण, मुंबई के बारिश की शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर स्टेशनों पर ‘वॉटर फॉल’ के वीडियो भी शेयर होने लगे हैं। (Mumbai Railway Station Upgrade)

    Mumbai Railway Station Upgrade

    मुंबई के उपनगरीय इलाकों के कई स्टेशन काफी पुराने हो गए हैं। इन्हें मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रॉजेक्ट के तहत सुधारा जाना है। स्टेशनों पर रोजाना इकट्ठा भीड़ मैनेजमेंट से लेकर प्रवेश और निकास की व्यवस्था सुगम बनाने के लिए मुंबई रेल विकास निगम 17 स्टेशनों का कायाकल्प करेगा। इसकी निविदा जल्द जारी की जाएगी। MRVC ने बताया कि, काम की शुरुआत मानसून के बाद होगी। काम पूरा करने के लिए ठेकेदार को 36 महीने का समय दिया जाएंगा। इसके अलावा, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल्स (CSMT) जैसे बड़े स्टेशनों का रीडिवेलपमेंट प्लान भी है, जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। (Mumbai Railway Station Upgrade)

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    मुंबई लोकल ट्रेन की फाइल तस्वीर

    पहले चरण में क्या होगा?

    पहले चरण के तहत पश्चिम रेलवे (western Railway) के 7 स्टेशनों को नया रूप देने की तैयारी है। इसमें चर्नी रोड, ग्रांट रोड, जोगेश्वरी, मरीन लाइंस, मालाड, लोअर परेल और प्रभादेवी को लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। मध्य रेलवे के सैंडहर्स्ट रोड, वडाला, कुर्ला, परेल, माटुंगा, दिवा, मुंब्रा, शहाड, टिटवाला, इगतपुरी, चिंचपोकली, कांजुरमार्ग, विक्रोली, भायखला और विद्याविहार को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों को अपग्रेड कर यहां बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने की तैयारियां हो रही है। (Mumbai Railway, Station Upgrade)

    स्टेशनों पर सुविधाएं में क्या होगा ?

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    खार रोड स्टेशन के प्लैटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर डेक का काम हो रहा है। पश्चिम दिशा में नया प्लैटफॉर्म और प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। टिकट विंडो और रेलवे की अन्य इमारतों का ट्रांसफर किया जाएगा। स्टेशन पर चार ऐस्केलेटर्स लगाए जाएंगे। इसी तरह, घाटकोपर स्टेशन पर भी काम जारी है। इस स्टेशन पर पहले फेज में डेक बनाने का काम जारी है। मेट्रो और सबर्बन स्टेशन जोड़ने के लिए एक नया ब्रिज बनाया जाने वाला है। नए डेक को ऐस्केलेटर्स से जोड़ दिया जाएगा। पहले फेज का काम दिसंबर तक पूरा होने की आशंका जताई जा रही है। (Mumbai Railway, Station Upgrade)

  • भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन

    भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन

    • Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack
    • गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है डीओ राजन प्रभु।
    • मनपा का पी/उत्तर वार्ड भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की रिश्वत लेकर गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान करने एवं उसे बचाने की कोशिश के लिए बदनाम है। इस वार्ड के लगभग सभी कर्मी, अधिकारी सत्ता के मद में चूर भूमाफियाओं द्वारा व्यापारिक गाले गैरकानूनी तरीके से बनवाकर दौलत कमाने में लगे हैं। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

    Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका

    पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु ने विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर गैरकानूनी तरीके से पांच व्यापारिक गाले के निर्माण हेतु ठेकेदार उस्मान को मौखिक रूप से स्वीकृति प्रदान कर उसके द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण देने की एवज में 60 लाख रुपये की रिश्वत ली है। तो क्या मैं उसे मान लूंगा! नही! क्या जनता भी इसे मान लेगी कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी है? (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

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    मालाड़ के विवादित अवैध निर्माण की तस्वीर

    लेकिन मैं तो नहीं मानता कि ठेकेदार उस्मान ने डीओ राजन प्रभु को अपने गैरकानूनी निर्माण कार्य को बचाने हेतु 60 लाख रुपये की रिश्वत दी होगी! बताया जाता है, कि 60 लाख रुपये की जो रिश्वत डीओ ने ठेकेदार उस्मान से ली थी वह भी कम थी। जिससे और रकम की मांग की गई। बाकी के 40 लाख रुपये न मिलने पर उसके निर्माण कार्य को बचाने की बजाय उसे जमींदोज कर दिया गया। क्या वाकई में बाकी के 40 लाख रुपए न मिलने पर ठेकेदार उस्मान के गैरकानूनी निर्माण कार्य को जमींदोज कर दिया गया? मैं तो नहीं मानता! (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack

    मामला पी/उत्तर, इमारत व कारखाना विभाग के डीओ राजन प्रभु द्वारा ठेकेदार उस्मान के गैरकानुनी निर्माण कार्य को बचाने की एवज में रिश्वत की उगाही कर मनपा के राजस्व को चुना लगाने और खुद की जेब भरने का है। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)
    मलाड (पूर्व), वार्ड क्रमांक, 38 श्री कृष्णा बाल गोपाल सेवा संघ, गांधी नगर, कटिंग नंबर,10, पटेल कंपाउंड,भीम नगर, कुरार विलेज स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य गैरकानूनी तरीके से किया जा रहा है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जिन पांच व्यापारिक गालों के निर्माण कार्य को डीओ राजन प्रभु के संचालन में जमीदोज किया गया था। अब ये निर्माण कार्य किन परिस्थितियों में पुनः कराए जा रहे हैं। यह सवाल यक्ष प्रश्न की तरह मुंह बाए खड़ा है।

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    मनपा पी/उत्तर वार्ड के जिम्मेदार अधिकारियों में से एक डीओ राजन प्रभु ने ठेकेदार उस्मान से भारी धनराशि लेकर उसके गैरकानूनी निर्माण को बचाने की कोशिश किए जाने की बात सूत्र से ज्ञात हुई है।
    ऐसे में मनपा का पी/उत्तर,वार्ड पूरी तरह से भ्रष्टाचारियों के शिकंजे में है तो अतिरंजना नही होगी। जिसके चलते भूमाफिया की शक्ल में मनपा प्रशासन कार्य कर रहा है। क्या मनपा में एक भी अधिकारी ईमानदार नहीं है जो डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दीघावकर के भ्रष्टाचार की बिना भेद भाव किए कानूनी कार्रवाई करें। (Mumbai BMC बृहन्मुंबई महानगर पालिका Indian fasttrack)

  • Indian Railway: अनाड़ी बना खिलाड़ी

    Indian Railway: अनाड़ी बना खिलाड़ी

    Indian Railway के मुंबई मंडल में अनाड़ी अनिल जैन मध्यरेल का खिलाड़ी वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी बना हुआ है। इन्हें पीआर ऑफिसर के कामकाज का कुछ भी ज्ञान नहीं है। या करना नहीं चाहता कुछ पता नहीं।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन जब से मुंबई में जनसंपर्क विभाग में आये है। तब से आज तक एक भी प्रेस नोट नही बना सके और न ही इनको ज्ञान है। ये पूरी तरह अनाड़ी और अज्ञानी व्यक्ति है। जो अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों को धमकाकर उनसे प्रेसनोट और कोई लेख लिखवा लेता है। जो पत्रकार इनकी चाटूकारिता करते हैं उसको ये अपने चेंबर में बुलाकर दुसरो की बुराई करते है और अपने मनमानी तरीके से खबर छपवाते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)

    अनाड़ी और अज्ञानी ..

    जैन किसी भी योग्य नही है केवल मुफ्त की पगार लेकर, दूसरों की बुराई करके अपना उल्लू सीधा कर रहे है। पता नही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इनको किस आधार पर बिठाकर रखा है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि ये तो भुसावल, सोलापुर और पूना स्टेधन के योग्य नही है। इनको मुंबई जैसे स्टेशन पर जीएम कार्यालय में नियुक्ति करके रखा है। एक सीपीआरओ तो इनके आतंक से रोकर अपना ट्रांसफर करवाकर चले गए। जो अपना कार्यकाल भी पूरा नही कर पाए थे। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/24/the-soil-of-the-cemetery-in-mumbai-will-be-investigated
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    मुंबई सीएसटी रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर

    इसके पूर्व भोपाल में भी इनका कार्य अच्छा नही था। अब देखना होगा कि जनरल मैनेजर नरेश लालवानी इन पर कार्रवाई करते है या इनको रिवार्ड देते है। अगर इस खबर के बाद लालवानी इनके ऊपर कार्रवाई नही करते, तो रेलवे का सबसे बड़ा दुर्भाग्य होगा। जैन से आंतरिक रूप से सारे कर्मचारी नाराज है। सभी चाहते है कि जैन जल्दी से जल्दी यहाँ से चले जाएं। ये दुसरो की बुराई करने में डिग्री हासिल कर चुके है। नए मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवाजी मानसपुरे को भी कई लोगो के विरुद्ध उल्टा सीधा बताकर रखा है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)

    Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी

    जैन का रिटायरमेंट केवल तेरह महीने और बचा है। फिर भी अपने आदत से मजबूर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कालबादेवी के कुछ कपड़ा व्यापारियों का पत्रकार कोटे के अधीन टिकट का कोटा करवाना जो पत्रकार नही है और अन्य रेलवे के बारे में खबर भी छपवाते है। इसके साथ ही जैन समाज की नेतागिरी भी करते है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)

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    इनको कोई यह भी जानकारी नही है पत्रकारों को खबर संकलन करने के लिए आरटीआई की जरूरत नहीं पड़ती आरटीआई अधिनियम तो 2005 से लागू हुआ है क्या इसके पहले मीडिया काम ही नहीं करती थी। किसी भी खबर की जानकारी मांगने पर पत्रकारों को आरटीआई डालकर खबर निकालने के लिए जैन कहते है। ऐसे व्यक्ति को केंद्रीय विभाग में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर कैसे बिठाया गया है यह भी एक जांच का विषय है बना हुआ है। (Indian Railway में अनाड़ी बना खिलाड़ी)

  • हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    हिंदू क्यों नहीं अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते?

    • बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..
    • हिंदू लड़कियां ही क्यों लव जिहाद की शिकार होती है?
    • हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।
    • आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमों को मारते हैं।
    • गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?
    • बीजेपी के साथ वही संत है जो जानते ही नहीं कि सनातन धर्म क्या है?
    • अपराधियों को बचने के लिए दो ही रास्ते एक राजनीति दुसरा धर्म का चोला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी दो मुहीं नहीं तीन-तीन मुहिं चाल चलती है। एक तरफ बीजेपी के तमाम बड़े नेता अपनी बेटियों को मुस्लिम से व्याहते हैं। तो दूसरी तरफ गौवंश को लेकर मुस्लिमों की हत्या भी करते हैं। लव जिहाद की बात कर प्रताड़ित करते हैं। जहां तक लव जिहाद का मामला है इसमें हिंदू लड़की की रजामंदी रहती है। जब गोमांस खाने,शमजहब बदलने की बात होती है। तो तब हिंदू लड़कियों का इश्क और मोहब्बत फना हो जाता है।

    संभव है कुछ हिंदू लड़कियां अपहृत कर चंगुल में फंसाई जाती हैं। लेकिन उसमें भी कहीं न कहीं इशारेबाजी होती ही है। क्यों नहीं हिंदू अपनी लड़कियां सम्हाल कर रखते? क्यों हिंदू लड़कियां ही लव जिहाद की शिकार होती हैं? तड़क-भड़क पसंद करने वाली लड़कियां चंगुल में आसानी से फंसती हैं। इसका अर्थ है, कि हिंदू अपनी लड़कियों की परवरिश और संस्कार उपयुक्त तरीके से नहीं देते। दोषी हिंदू ही हैं।

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    बीजेपी, आरएसएस, शंकराचार्य,
    शंकराचार्य महाराज की फाइल तस्वीर

    यक्षप्रश्न है, कि केवल हिंदू पुरुष ही सहपरिवार धर्म बदलते हैं। कोई मुस्लिम या ईसाई नहीं। खासकर दलित अधिकतर धर्म बदलते देखे जाते हैं। ईसाई का एजेंट गैदरिंग करता है जिसमें ओबीसी और एस सी की महिलाएं अधिकतर जाती और ज्ञान लेती हैं। फिर ईसाई बन जाती हैं। धन का लोभ खुली जिंदगी छुआछूत का अभाव। जातियों का बंधन नहीं। हिंदू समाज में भेदभाव और तिरस्कार ही धर्म बदलने को प्रेरित करता है।

    गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाले चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों?

    एक तरफ आर एस एस, विहिप, बजरंग दल और बीजेपी गोवंश के नाम पर मुस्लिमो को मारते हैं। तो दूसरी तरफ कथित रूप से हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली सरकार गोमांश निर्यात में विश्व का प्रथम राष्ट्र बनाने के लिए करोड़ों रुपए सब्सिडी देती है। देश की सबसे बड़ी गोहत्या कर मांस विदेश भेजने वाली चार बड़े बूचड़खाने हिंदुओं के क्यों हैं? बीजेपी की सरकार हिंदुत्व का नाम केवल हिंदुओं को मूर्ख बनाकर वोट लेने और सत्ता में आने पर मनमानी करती है।

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    बीजेपी आरएसएस और शंकराचार्य..

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर नंद ने बीजेपी और आर एस एस की कलई खोल कर रख दिया है। जिन हिंदू साधु संतों को बीजेपी अपने खेमे में लाकर चुनाव में पोलराइजेशन करना चाहती है। उनमें किसी का भी कद शंकराचार्य के पैरों से अधिक नहीं है। शंकराचार्य परिपाटी ढाई हजार साल पूर्व आदि शंकर ने चलाई थी। बीजेपी के साथ वही संत हैं, जो जानते ही नहीं, कि सनातनधर्म क्या है। ऐसे लोगों का बैकग्राउंड तलाशा जाए तो अधिकांश क्रिमिनल्स होंगे। अपराधियों के बचने के लिए दो ही रास्ते हैं एक राजनीति दूसरा धर्म का चोला गेरुआ ओढ़ लो। यदि ये सच्चे संत होते तो महिला पहलवानों के यौन शोषण करने के आरोपी बृजभूषण का साथ क्यों देते? मैत्री समान विचारधारा वालों में ही होती है।

  • फूल पगारी फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन

    फूल पगारी फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी अनिल जैन

    क्या ऐसे ही कामचोर और अयोग्य व्यक्तियों को जनसंपर्क अधिकारी के नौकरी के पद पर रेलवे प्रशासन रखता है। जिससे पत्रकारों के प्रश्नों को उनसे दूर रखा जा सके।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के सीनियर जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार जैन अयोग्य, अज्ञानी  और एक भी डिक्टेशन न देने वाला जनसंपर्क अधिकारी साबित हो गया है। जिसको कुछ भी नही आता, अपने चेंबर में नई-नई महिला पत्रकारों को बैठाकर गप्पे मारने और अपने को ईमानदार घोषित करने वाला अधिकारी बन रहा है। जिसको कहते है ‘अपने मुँह मिट्ठू मियां’ वाली कहावत साबित हो रही है।

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    जनसंपर्क अधिकारी,
    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल की तस्वीर

    कुछ पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करता है। मध्यरेल में कई जगहों पर जनसंपर्क अधिकारी की जगह खाली है। फिर भी इसका ट्रांसफर नही हो रहा है। कई वर्षों से एक ही जगह पर फेविकॉल की तरह कुर्सी से चिपका हुआ है। रेलवे बोर्ड से पत्रकारों के नाम पर आने वाले पैसों में भी घपला करता है। आजकल ये प्रिंट मीडिया का कामकाज देख रहे है। इनका रिटायरमेंट करीब है फिर भी सुधरने को तैयार नही है।

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    फोकटिया जनसंपर्क अधिकारी..

    अनिल जैन से किसी भी प्रकार की जानकारी मांगने पर आरटीआई डालने को बोलते है। जिस पीआरओ को जानकारी नही है तो उसको किस आधार पर रेलवे पगार देती है और किस आधार पर इनको नौकरी पर रखा गया है। यह एक विचारणीय प्रश्न है ? क्या ऐसे ही कामचोर और अयोग्य व्यक्तियों को नौकरी पर रेलवे प्रशासन रखता है। जिससे पत्रकारों के प्रश्नों को उनसे दूर रखा जा सके।

  • मुंबई में कब्रिस्तान की मिट्टी की होगी जांच।

    मुंबई में कब्रिस्तान की मिट्टी की होगी जांच।

    मुंबई के गोवंडी इलाके में कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। यहां की मिट्टी को लेकर मानवाधिकार आयोग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    गोवंडी के कब्रिस्तानों की मिट्टी का जायजा लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए हैं। आपको बता दें कि यहां स्थानीय लोगों के लिए दो कब्रिस्तान मौजूद है इन दोनों स्थानों पर ताला लगा दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक कब्रिस्तान में नए शव दफन करने के लिए जगह नहीं है। पुराने दफन शवों को गले में काफी ज्यादा का समय लग रहा है जिस कारण नए शवों की एंट्री बंद कर दी गई है।

    कब्रिस्तान, मिट्टी घोटाला,
    गोवंडी के देवनार कब्रिस्तान की तस्वीर

    लाखों की आबादी वाला गोवंडी का इलाका जहां बड़ी संख्या मे मुस्लिम समुदाय के लोग रहते है। वहां लोग अपने परिजनों का शव कांधे पर लिए दरबदर भटक रहे है। देवनार और रफी नगर के नाम पर यहां 2 कब्रिस्तान है। जहाँ इनदिनों ताला लगा दिया गया है। शवों को यहां दफ़न करने से रोक दिया गया है। जिसके पीछे की वजह कब्रिस्तान मै जगह नही होना बताया जारहा है वहीं कब्रिस्तान मैं दफनाये गए शव सही वक्त पर मिट्टी में नही मिलने के कारण कब्र को दोबारा उसमे शव दफनाने पर रोक लगाई गई है।

    आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि एक शव को दफनाने के बाद लगभग 6 से 8 महीनों में वह शरीर गर्ल कर मिट्टी हो जाता है। उसके कुछ दिनों बाद उसी कबर को दोबारा खनकर उसमें नए शव को दफना दिया जाता है। यह निरंतर सभी कब्रिस्तान में जारी है। जिस कारण मुंबई में जगह की कमतरता आभार नहीं होता। लेकिन गोवंडी के कब्रिस्तानों में एक नया ही मामला पेश आ रहा है। यहां दफनाये गए शवों को गलने में और भी ज्यादा का समय लग रहा है। जिसकी वजह से यहां की मिट्टी पर घोटाला होने के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जा रहे हैं।

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    कब्रिस्तान का मिट्टी घोटाला

    गोवंडी के स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के कामों में और मिट्टी डलवाने में घोटाला होने का आरोप लगाया है। लंबे समय से यह के लोग शासन प्रशासन के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को कब्रिस्तान मे होने वाले घोटाले से अवगत कराते रहे है। उसके बाद भी किसी तरह की करवाई नही की गई और आज यहां के लोगों के लिए कब्रिस्तानों में ताला लगा दिया गया है। इसको लेकर सामाजिक संस्था ‘सिटिजन फोरम’ ने मानवाधिकार आयोग से शिकायत की है। मानवाधिकार आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को मिट्टी की जांच का आदेश करते हुए रिपोर्ट मांगी है।

  • अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा मुकदमा!

    भाजपा के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज हो गई है। फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम- कांग्रेस

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बीजेपी की एक झूठ फैलाने वाली फैक्ट्री है जिसे बीजेपी आईटी सेल कहा जाता है।इसका काम है विपक्षी नेताओं के प्रति नफरत फैलाकर समाज में गलत संदेश देकर सांप्रदायिक माहौल बिगड़ना। यह दो तरह से काम करती है। पीएम मोदी की छवि निर्माण और विपक्षी नेताओं विशेषकर कांग्रेस के राहुल गांधी को टारगेट कर बदनाम करना।

    राहुल गांधी ने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर हमेशा छोटी छोटी बातें बोलने वाले मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। बढ़ती मंहगाई पर चुप्पी क्यों? रुपया गिरते जाने पर चुप्पी क्यों? बेरोजगारी पर चुप्पी क्यों? चीन पर चुप्पी क्यों? आदि-आदि।
    राहुल गांधी के एक वीडियो को बीजेपी आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने पहले सोशल मीडिया पर शेयर किया। फिर बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा और दूसरे ने शेयर किया। जिसमे सामाजिक सदभाव बिगाड़ने, समाज में जहर घोलने का काम किया। आईटी सेल को झूठ की फैक्ट्री नहीं कहें तो और क्या कहेंगे।फेक खबरें फैलाना ही बीजेपी आईटी सेल का काम है। यही हिंदू मुस्लिम, मंदिर मस्जिद और पाकिस्तान की रट लगाता रहता है। जो भारतीय कानून के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

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    Indian fasttrack news
    अमित मालवीय,
    भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय की फाइल तस्वीर

    याद होगा राहुल गांधी ने नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेंद्र मोदी के नाम लेते हुए पूछा था, कि “सबके सरनेम मोदी ही क्यों?” राहुल का यह राजनीतिक भाषण था। जैसे नेहरू परिवार को भ्रष्ट परिवार खुद मोदी ने कहा था। बार-बार नेहरू और गांधी परिवार के खिलाफ खुद पीएम जहर घोलते रहते हैं। कांग्रेस मुक्त भारत का नारा खुद मोदी ने दिया था। लेकिन कांग्रेस और नेहरू, गांधी परिवार ने कभी तवज्जो नहीं दी।

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    अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज..

    भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल मुखिया अमित मालवीय के खिलाफ कांग्रेसी अध्यक्ष खड़गे के पुत्र और मंत्री ने जहर बोने के आरोप लगाकर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई है। मंत्री के अनुसार वे एफआईआर के बाद कोर्ट जाएंगे। सजा भी दिलाएंगे। मामला कर्नाटक में है। वहां कांग्रेस की सरकार है। जैसे बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में एफआईआर दायर किया गया था।
    अब आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के विरुद्ध कर्नाटक में एफआईआर दर्ज करते हुए कोर्ट में घसीटने का निर्णय लिया गया हैं।