Category: Civic Issues

covers important public concerns from around the world, including infrastructure, traffic, pollution, water supply, healthcare, education, corruption, urban development and government services. Our mission is to highlight civic challenges, promote accountability and keep citizens informed about issues that affect everyday life.

  • मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    • लापता मोदी के लगे पोस्टर्स..
    • दंगो से बचने के लिए तमाम समुदाय के लोगों ने पड़ोसी राज्यों में शरण ली।
    • गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं।
    • अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
    • चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए।
    • देश के भीतर हिंसा को रोकना सरकार का दायित्व।
    • बीजेपी नेताओं को खुद, अब केंद्र की डबल इंजन की सरकार पर भरोसा नहीं।
    • पीएम मोदी का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बड़ी गजब की खबर है। जैसे रोम जल रहा था, तो वहां का राजा नीरो बंशी बजाने में तल्लीन था। कुछ हालत ठीक वैसे ही हमारे देश में है। मणिपुर महीने भर से सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त है। लगभग तीन सौ गांव अग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों निरपराध लोगों की हत्या की जा चुकी है। हजारों घायल हैं। तमाम समुदाय दंगों से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में शरण ली है। मणिपुर सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आर्मी और पुलिस पर हमले हो रहे हैं।

    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?

    आर्मी के एक अधिकारी ने केंद्र सरकार को चेताया है। लेकिन मणिपुर को जलता छोड़ मोदी अमेरिका राजभोज में शामिल होने पहुंच गए हैं। अमेरिका जाने से पहले ही दो बिलियन अमेरिकी डॉलर्स के ड्रोन खरीदने का सौदा पक्का कर चुके हैं। कारण बताया जाता है, देश की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदना ज़रूरी है। देश पर 155 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज है। यानी हर भारतीय एक लाख के कर्ज में है। 140 करोड़ में गिरवी रख दी गई है जनता।

    Indian fasttrack news
    मणिपुर, लापता मोदी,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    आजादी के बाद से 2014 तक भारत पर कुल विदेशी कर्ज मात्र 55 लाख डॉलर्स था। मोदी सीएम थे तब मन मोहन सिंह द्वारा लिए गए विदेशी कर्ज की बड़ी आलोचना की थी। उनके पीएम बनने से पूर्व 65 साल में 55 लाख डॉलर्स का कर्ज था। जिसकी आलोचना ही नहीं खिल्ली उड़ाने वाले मोदी ने मात्र 9 वर्षो में 100 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज ले लिए जिसे कथित रूप से मुफ्त अनाज बांटने, किसान सम्मान निधि देने, पीएम आवास योजना और उज्वला योजना में मुफ्त सिलेंडर बांटने जिन्हे फिर कभी रीफिल कराया ही नहीं जाता।

    ऋण लेकर घी पीना शायद इसे ही कहते हैं।विदेशी ऋण केवल ऐसे उपयोग के लिए लिये  जाते हैं जिनसे राष्ट्र को आय हो लेकिन जब सवाल अपनी छवि बनाने की हो तो क्या कहा जाए?
    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी? चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए है। पाकिस्तान आंखें तरेर रहा है। चीन के खिलाफ एक शब्द बोल नहीं सकते।

    एक दो नहीं दस राज्यों में CBI की एंट्री पर बैन

    मणिपुर भाजपा ने लगाए ‘लापता मोदी’ के पोस्टर्स..

    सरकार का दायित्व है कि देश के भीतर हिंसा को रोकना जरूरी है। यहां तो हिंसाग्रस्त मणिपुर छोड़कर पीएम दावत खाने पहुंच गए। मणिपुर की चिंता नहीं। वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों की फिक्र नहीं। हिंसाग्रस्त मणिपुर का तीन गुट मोदी से मिलने आया।चिट्ठी भी लिखी गई। मणिपुर भाजपा में भगदड़ मची हुई है। मंत्री के घर फूंके गए हैं। बीजेपी के नेताओं को खुद अब केंद्र की डबल इंजिन सरकार पर भरोसा नहीं है। मणिपुर के बीजेपी नेताओं ने राज्यभर में मोदी मिसिंग के पोस्टर चिपकाए हैं।

    देश का दुर्भाग्य है, देश की सभी सरकारी मशीनरी पूरी तरह भ्र्ष्टाचार में लिप्त हो गयी है।

    स्थानीय पुलिस और आर्मी में झड़प की खबर है। अरुणाचल प्रदेश जिसका भूभाग कब्जे में लेकर चीन ने सौ गांव बसा लिए हैं। उसके बाद भी मणिपुर दंगाग्रस्त राज्य बेहद ज़रूरी है शांति स्थापना के लिए। लेकिन पीएम लापता, गृहमंत्री मौन। मौन तो मोदी भी हैं। एक शब्द तक नहीं बोले। मणिपुर का नाम लेने से उसी तरह बचते रहे हैं जैसे महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ धरना देने से उपजी स्थिति के संदर्भ में भी एक शब्द नहीं बोले जिससे यह संदेश विश्व भर में गया, कि मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला है।

    indian fasttrack news

    देश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। मंहगाई चरम सीमा पार कर गई है। टैक्स मनमाना, पेनाल्टी मनमानी लगाई जा रही। सच तो यह है कि देश चलाना, हिंसा रोकना मोदी सरकार के बूते का नहीं। अब मणिपुर वाले पूछ रहे हैं कि हम देश के नागरिक हैं या नहीं? वोटर हैं या नहीं? जिसका जवाब बीजेपी के किसी भी नेता के पास नहीं है।

  • भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    • मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
    • दरअसल झूठ की भी अपनी हद होती है।
    • पीएम की छवि विदेशों में भी धूमिल।
    • मैती समुदाय को आरक्षण देना गुजरात लॉबी का वादा।
    • मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में..
    • कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
    • गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
    • आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।

    ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।

    बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।

    Indian fasttrack news
    मणिपुर, अमित शाह,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    गुजरात लॉबी का वादा..

    मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।

    मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।

    अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।

  • ए विभाग के मनपाकर्मी दबा के कर रहे हैं वसूली।

    ए विभाग के मनपाकर्मी दबा के कर रहे हैं वसूली।

    • BMC का काला कारोबार। मुंबई उच्च न्यायालय की फटकार।
    • जारी है लगातार BMC में भ्रष्टाचार।
    • बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है।
    • बिना टेंडर के अवैध पार्किंग।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ए वार्ड अंतर्गत बॉम्बे समाचार मार्ग पर आजकल अवैध पार्किंग जोरो पर चलाई जा रही है। इस काली (Black money) की कमाई वार्ड ऑफिसर और यहां के मनपाकर्मी खा रहे हैं। इन कारोबारों पर कोई पूछने वाला नही है। जब से इकबाल सिंह चहल ने मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) का पदभार संभाला है। तब से मनपा (BMC) में अवैध वसूली और अवैध निर्माण का काम जोरो से चल रहा है।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मुंबई का कोई भी नागरिक कितना भी शिकायत कर ले उस पर कोई कार्रवाई नही होती। यहां तक की राजस्व को लगाए जा रहे चूने को उजागर करने के लिए शिकायतकर्ता को काफी पैसे खर्च कर धक्के खाने पड़ते हैं। लेकिन सुनवाई नहीं होती। इस विषय पर बॉम्बे उच्चन्यायालय ने भी मनपा प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार लगाई है। फिर भी ये सुधरने को तैयार नही है। क्योंकि मनपाकर्मी मोटी चमड़ी वाले हो गए हैं।

    दो घंटे में गायब हो जायेंगे मुंबई की सड़कों के गड्ढे, BMC लेकर आई है नई तकनीक

    BMC,
    बीएमसी ए वार्ड अंतर्गत अवैध पार्किंग की तस्वीर

    BMC का काला कारोबार..

    बड़ा शर्म आता है इन मनपाकर्मीयो पर जो कितने निर्लज्ज है। इनको वसूली के अलावा कुछ नही आता। बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है। बिना टेंडर के अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिसमे वार्ड ऑफिसर और परिरक्षण विभाग के लोग मलाई खा रहे हैं और नागरिक मनपा कार्यालय के धक्के खा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। जो भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आम नागरिकों को ही जूझना पड़ रहा है।

  • मंत्री का घर फूंका, पीएम चले विदेश।

    मंत्री का घर फूंका, पीएम चले विदेश।

    • मणिपुर में लोगों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को फूंका दिया।
    • संविधान और लोकतंत्र को कुचलना स्वभाव बन गया है।
    • यह कमाल केवल कमल कर सकता है।

    सुरेंद्र राजभर
    वाराणसी-
    मणिपुर में लोगों ने केंद्रीय मंत्री आरके रंजन सिंह के घर को फूंका है। मंत्री उस वक्त घर में नहीं थे। बीजेपी चाहे जितने दावे करे लेकिन सच तो यह है, कि शासन करना इसके बूते का नहीं है। झूठ पर खड़ी ताश की इमारत कभी न तो ठोस धरातल बना पाती है न ठोस इमारत। फितरत जिसकी रग-रग में भरा हो। ईर्ष्या जिसका भाव हो। बदला जिसकी प्रकृति हो। दंभ जिसका स्वभाव हो। ऐसा व्यक्ति गांव के मुखिया का भी पदभार सम्हाल नहीं सकता तो देश कैसे सम्हालेगा?

    Indian fasttrack news
    मंत्री का घर फूंका,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    झूठ सिर्फ झूठ, वादे कोरे, जिन्हें पूरे नहीं किए जाएं। लोकलुभावन नारे,विज्ञापन पर अरबों खरबों अपव्यय कर अपनी सफलता का झूठा प्रचार करना। पांच ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था जिसका फितूर हो। समस्या का समाधान नहीं कर सके। समस्या पर चुप्पी साध ले। शुतुरमुर्ग की तरह अपना सिर रेत में छिपा ले। प्रश्न पूछने पर चुप रहे क्योंकि जवाब नहीं और फिर प्रश्न कर्ता को जेल भेज दे। विपक्षी नेताओं के घर कभी सीबीआई तो कभी ईडी भेजकर डराए।

    Maharashtra Election : महायुती में महासंग्राम? गरमाया वोट जिहाद

    किसान आंदोलन चलता रहे कुछ न बोले अंत में माफी मांग ले।महिला पहलवानों की यौनशोषण आरोप पर चुप्पी साध ले फिर दिल्ली पुलिस पर दबाव डालकर आरोपी को क्लीन चिट दिला दे। कभी देश की बेटियां कहे तो कभी पुलिस द्वारा जबरन उन्हें उठाकर फेंकवा दे। पीड़िताओं से पुलिस कितनी बेहयाई के साथ सबूत मांगे और धमकी देकर, परिवार को खत्म करने का भय दिखाकर बयान बदलवाए। बस यही तो किया है। कभी नोट बंदी कर आम जनता को परेशान करे तो कानून बनाकर जनता को दंडित करे। अच्छे दिन के ख्वाब दिखाए। इसी का नाम है बीजेपी।

    Live video on Indian fasttrack news channel

    मंत्री का घर फूंका..

    संविधान और लोकतंत्र को कुचलना स्वभाव बन गया हो। मणिपुर में मैती को आरक्षण का वादा करे दूसरी तरफ विरोधियों को विरोध के लिए उकसाए। जिस तरह रोम को जलते देख अनदेखा कर नीरो बंसी बजाता रहा वैसे ही अपने मंत्री का घर फूंके जाने पर छवि निर्माण हेतु, विदेश पलायन कर जाए। यह कमाल केवल कमल ही कर सकता है। मत भूले कि हमेशा के लिये सत्ता नही मिली है। राज्यों की तरह सिमटता साम्राज्य खत्म होते देख भी सम्राट समझने की भ्रांति पालने वाले का हश्र अगले चुनाव में मालूम पड़ेगा।

  • क्या आरएसएस बदलेगी पीएम का चेहरा?

    क्या आरएसएस बदलेगी पीएम का चेहरा?

    • भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।
    • चुनावी सर्वे में मोदी मैजिक खत्म होने के संकेत।
    • गुजरात लॉबी केवल दो उद्योगपतियों के लिए कर रही है काम।
    • पूर्व राज्यपाल ने चालीस जवानों के हत्या की कथित साजिश का किया खुलासा।
    • आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार की संभावना।
    • कांग्रेस का दामन थाम रहे बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    आसार तो यही नजर आ रहे हैं, कि अब मोदी मैजिक खत्म हो रहा है। जिस तरह मोदी के चेहरे पर दो बार लोकसभा और अन्य कई राज्यों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में दो बार मोदी चेहरे ने प्रचंड जीत दिलाई थी। उसके आसार खत्म होने के संकेत चुनावी सर्वे में मिलने लगे हैं। मोदी का चेहरा, हिंदुत्व कार्ड, हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान की बार-बार रट अब नहीं चलने वाली है। अहम बात यह कि ऐसा क्यों हो रहा?कारण अनेक हैं जिनमें एक कारण है गुजरात लॉबी द्वारा खुद को बीजेपी, सरकार और देश समझने की भ्रांति।

    पूरे देश को लगने लगा है कि जिस तरह देश की विरासतें जिन्हें पिछले सत्तर वर्षों में अथक श्रम से निर्मित किया गया था उसे एक झटके में खत्म करने के लिए औने-पौने दाम पर केवल दो गुजराती व्यापारियों को बेचने के कारण जनता समझने लगी है कि गुजरात लॉबी केवल उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। पिछले समय में अडानी पर हिडेनबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट शंकाएं पैदा करने लगा है।

    गुजरात लॉबी..

    चालीस जवानों की हत्या की कथित साजिश जिसको लेकर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खुलासे किए हैं, जो बेहद शर्मनाक हैं। गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश ने दो बार 80 लोकसभा सीटों में अधिकतम सीटें दिलाने वाले राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ के उपर जिस तरह से गुजरात लॉबी ने दूसरे दलों के लोगों को डिप्टी सीएम बनाकर योगी को बांध दिया गया और गुजरात लॉबी ने योगी को अपंग बनाने के लिए संगठन में प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी नियुक्त किए उससे योगी समर्थकों में मायूसी होने से यूपी की चालीस सीटों पर पेंच फंस गया है।

    आसान नहीं नितिन गडकरी को पार्टी से निकाल फेंकना।

    भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।

    कर्नाटक में बुरी तरह हार हुई है। सर्वे बताते हैं, कि आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार संभावित है। जिस तरह बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग कांग्रेस का दामन थाम रहे, जिस तरह बीजेपी से मोह भंग होने के कारण बीजेपी छोड़ रहे है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार सुनिश्चित लगने के बाद आरएसएस को चिंता में डाल दिया है।

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    आरएसएस समझ चुका है कि मोदी अब रेस जीतने वाले नहीं रहे इसलिए वह मोदी के स्थान पर दूसरा चेहरा आगे लाने पर विचार कर रहा है। जिसे देखकर स्पष्ट है कि अब गुजरात लॉबी के दिन खत्म होने वाले हैं। यद्यपि नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुस्लिमों को साधने में लगे हैं लेकिन इतना तय है कि भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।