Category: Civic Issues

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  • घोड़बंदर रोड पर बड़ा हादसा, बस की टक्कर में 11 घायल

    घोड़बंदर रोड पर बड़ा हादसा, बस की टक्कर में 11 घायल

    ठाणे के घोड़बंदर रोड पर मंगलवार सुबह महाराष्ट्र राज्य परिवहन की एक बस मेट्रो के पिलर से टकरा गई। हादसे में 11 यात्री घायल हुए हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    ठाणे-
    मुंबई से सटे ठाणे शहर में राज्य परिवहन की एक बस (ST Bus) का एक्सीडेंट हो गया है। घोड़बंदर रोड पर यह हादसा तब हुआ जब चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और बस निर्माणाधीन मेट्रो ग्रीन लाइन-4 के एक पिल्लर से टकरा गई। इस हादसे में 11 यात्रियों के घायल होने की जानकारियां प्राप्त हुई है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)

    क्या है जानकारी?

    अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की एक बस मंगलवार को ठाणे में घोड़बंदर रोड (Ghodbunder Road) के पास निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के एक पिल्लर से टकरा गई। हादसा ओवला सिग्नल (Ovala Signal) के ठीक सामने साई होटल के पास हुआ। इस दुर्घटना में 11 यात्री घायल हुए हैं और उनकी हालत स्थिर है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)

    विभिन्न अस्पतालों में घायलों की भर्ती ..

    वाघबिल ट्रैफिक डिवीजन के पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हादसा आज सुबह हुई, लेकिन इसके बावजूद घोड़बंदर रोड पर यातायात प्रभावित नहीं हुआ। घायलों को इलाज के लिए वेदांत, रामानंद और टाइटन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ितों को अस्पताल भेजा गया। अधिकारी दुर्घटना के कारण की जांच कर रहे हैं।  (Major accident on Ghodbunder Road, 11 injured in bus collision)

  • महाराष्ट्र सरकार की कुटिल साजिश अदानी को दिया नमक की जमीन

    महाराष्ट्र सरकार की कुटिल साजिश अदानी को दिया नमक की जमीन

    महाराष्ट्र सरकार एक कुटिल साजिश के तहत धारावी प्रकल्प के साथ सरकारी नमक की जमीन भी सौंप दे रही है। इसके खिलाफ मुंबई कांग्रेस प्रमुख एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने आवाज उठाई। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – कांग्रेस सांसद एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार पर धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्विकास की आड़ में मुंबई महानगर क्षेत्र में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की ‘कुटिल साजिश’ रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लोगों की जमीन हड़पने के लिए इस व्यापारिक समूह का इस्तेमाल किया जा रहा है। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)

    धारावी प्रोजेक्ट ..

    धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट आवासीय एवं कमर्शियल इकाइयों के निर्माण के लिए अदाणी समूह और राज्य सरकार के बीच एक पार्टनरशिप है। पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कांजुरमार्ग क्षेत्र का दौरा करने और अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद आरोप लगाते हुए कहा, ‘राज्य सरकार ने धारावी पुनर्विकास परियोजना की आड़ में एमएमआरडीए में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की एक कुटिल साजिश रची है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)

    ग्लोबल वार्मिंग का खतरा ..

    उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ”भ्रष्ट” सरकार व्यापारिक घराने को लाभ पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने इसके साथ ही गरीब झोपड़ा धारकों के हितों पर आवाज बुलंद करते हुए पात्रता मानदंड की परवाह किए बिना धारावी झुग्गी-बस्ती के सभी निवासियों के पुनर्वास की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘मुंबई का भविष्य बिक्री के लिए नहीं है। नमक वाली भूमि के पुनर्ग्रहण से संभावित रूप से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)

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  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव : मुंबई का हो गया बंटवारा, देखें किसे मिली कितनी सीट?

    • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024
    • मुंबई में 22 सीटों पर ठाकरे गुट का दावा
    • स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन
    • लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का नारा बेअसर
    • Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा
    • 400 पार का नारा हुआ बेअसर
    • विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?
    • महायुति में सीटों को लेकर टकराव

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – राज्य मे लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सभी राजनैतिक दलों ने अपने अपने स्तर पर एक समीकरण तैयार कर विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी करना शुरू कर दी है। पिछली बार चुनाव की तैयारी में कम समय मिलने से हुए नुकसान को देखते हुए, इस बार सभी दल जल्द ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बार Bjp 100 सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वहीं महाविकास अघाडी में शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर दावा किया है।

    आगामी विधानसभा चुनाव में मुंबई की 36 सीटों में से 22 सीटों पर शिवसेना ठाकरे समूह ने दावा किया है। एनसीपी शरद पवार गुट को मुंबई में ज्यादा सीटों की उम्मीद नहीं है। उन्होंने मुंबई में पांच से छह सीटों पर जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर मुंबई में महाविकास अघाड़ी की कई बार बैठक हो चुकी है। इसमें आगामी विधानसभा के लिए सीटों के आवंटन की रणनीति पर चर्चा की गई। मुंबई की विवादित सीटों का फैसला दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझाने वाले हैं।

    महाविकास अघाड़ी के घटक दलों में से मुंबई में शिवसेना ठाकरे गुट के बाद कांग्रेस सबसे मजबूत माना जा रहा है। कांग्रेस और ठाकरे समूह ने एक साथ कुछ निर्वाचन क्षेत्रों पर दावा किया है। राज्य में कांग्रेस नेता इस बात पर सहमत हैं कि विधानसभा चुनाव में विवादित सीटों पर वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे तो यह स्वीकार्य होगा। एनसीपी पवार गुट मुंबई की घाटकोपर ईस्ट, कुर्ला, वर्सोवा, जोगेश्वरी, दहिसर, अणुशक्ति नगर, मालबार हिल कुल सात सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार है। हालांकि, शरद पवार गुट को पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ेगा। एक जानकारी के मुताबिक इस बार सीटों का आवंटन जल्दी किया जाने वाला है, ताकि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए उचित समय मिल सके।

    स्वराज्य और प्रहार पार्टी का गठबंधन

    महाराष्ट्र में महा-विकास अघाडी और एनडीए समीकरण को खराब करने के लिए संभाजी राजे और बच्चू कडू साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। महाराष्ट्र में इस वक्त महाविकास अघाड़ी (MVA) और महायुति (NDA) गठबंधन आमने-सामने है। एमवीए में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT), शरद पवार की एनसीपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एकसाथ है। वहीं महायुति में अजित पवार की एनसीपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा (Bjp) शामिल है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले एक और गठबंधन बनने जा रहा है। इसके लिए स्वराज्य पार्टी प्रमुख छत्रपति संभाजी राजे और प्रहार पार्टी प्रमुख विधायक बच्चू कडू और विभिन्न दलों के प्रमुख पदाधिकारी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में नए गठबंधन के गठन को लेकर बैठक कर रहे हैं। बच्चू कडू पहले महायुति के साथ थे लेकिन लोकसभा चुनाव में अमरावती सीट पर हुए मन-मुटाव के बाद पीछे हो गए। स्वराज्य पार्टी के संभाजी राजे मराठा आरक्षण के मुद्दे को लेकर किसी गठबंधन में नहीं गए। Swarajya Party and Prahar Party Alliance

    Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा

    लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे भाजपा के लिए संतोष जनक नहीं रहे। पार्टी को महाराष्ट्र में महज 9 सीटें मिलीं। हार से आहत होकर, अपने अनुमान से कम मिली सीटों को देखते हुए भाजपा ने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी उम्मीदें कम कर दिया हैं और राज्य में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। 288 विधानसभा क्षेत्र वाले महाराष्ट्र में पार्टी के पास वर्तमान में 106 विधानसभा सीटें हैं और उसे अपने सहयोगियों शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की मदद से आधे का आंकड़ा पार करने और 145 तक पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “महायुति के सत्ता में लौटने के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए हमें 100 सीटें सुनिश्चित करनी होंगी। अगर हम 100 का आंकड़ा पार कर गए तो Bjp के बिना कोई सरकार नहीं बना पाएगा।”

    400 पार का नारा हुआ बेअसर

    महाराष्ट्र के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ‘400 पार’ का नारा बेअसर रहा है। जबकि राज्य में Bjp को 48 लोकसभा सीटों में से 45 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी लेकिन इसका उलटा असर हुआ। Bjp के एक पदाधिकारी ने कहा, “उच्च-स्तरीय अभियानों और अनुमानों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय हमने राज्य भर में व्यक्ति-से-व्यक्ति संपर्क के आजमाए हुए फॉर्मूले की ओर रुख किया है। हमने महसूस किया कि लोकसभा में विफलता ज़मीनी स्तर पर लोगों के साथ अलगाव के कारण हुआ था।”

    विधानसभा चुनाव में किसे मिली कौनसी सीट ?

    पिछले कुछ दिनों में महाविकास आघाडी के तीनों दल मुंबई की सीटों के बंटवारे पर कई बार चर्चा कर चुके हैं। हालांकि पहली बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई सहमति नहीं बनी थी, लेकिन बाद में 16 सीटों पर सहमति बन गई। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कि जिन सीटों पर जिन दलों का कब्जा है, ज्यादातर सीटें मूल पार्टी को मिले, इसको लेकर बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सहमति जताई है। इसके अनुसार मालाड, मुंबा देवी, धारावी, बांद्रा पूर्व और चांदिवली की सीटें कांग्रेस को मिल सकती हैं। हालांकि चांदिवली की सीट से शिवसेना (अविभाजित) ने चुनाव जीता था लेकिन उद्धव गुट यह सीट कांग्रेस को छोड़ने को तैयार है। जबकि दिंडोशी, वर्ली, जोगेश्वरी पूर्व, मागाठाणे, शिवडी, माहिम, भांडुप पश्चिम और अँधेरी पूर्व की सीटें शिवसेना (उद्धव) के खाते में जा सकती है। शरद गुट ने अणुशक्तिनगर की सीट दावा ठोका है। जबकि मानखुर्द शिवाजीनगर की सीट समाजवादी पार्टी को छोड़ी जाएगी। शिवसेना (उद्धव) सांसद एवं प्रवक्ता संजय राऊत कई बार कह चुके हैं कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रहा है। इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर मुंबई में चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी भी एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर तीनों दलों में टकराव देखने को मिल रहा है।

    महायुति में सीटों को लेकर टकराव ..

    महायुति में भी मुंबई की सीटों को लेकर घमासान मचा हुआ है। महायुति के तीनों दलों के प्रमुख नेता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार कई बार सीट बंटवारे को लेकर चर्चा कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। राकांपा (अजित) के एक नेता ने कहा कि हमने भाजपा से मुंबई में 7 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की है। शुरुआती चर्चा में जिन 7 सीटों पर अजित गुट ने दावा किया है, इसमें अणुशक्तिनगर और बांद्रा पूर्व की सीट शामिल है। अणुशक्तिनगर से नवाब मलिक मौजूदा विधायक हैं, जबकि बांद्रा पूर्व से कांग्रेस के जीशान सिद्दीकी हैं, जिनका आगामी विधानसभा चुनाव अजित पवार की पार्टी से लड़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अजित गुट का मुंबई में कम जनाधार होने के चलते उन्हें सिर्फ दो सीट का ऑफर दिया है। जबकि भाजपा मुंबई में 26 से 28 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।

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  • Indian Railway: टिकट बुक करने वालों के लिए खुशखबरी, जान लो IRCTC का नया प्लान

    Indian Railway: टिकट बुक करने वालों के लिए खुशखबरी, जान लो IRCTC का नया प्लान

    यात्रियों के टिकट ऑनलाइन बुक हो जाएंगे और क्लिक करने के बाद वेटिंग टाइम नहीं लगेगा। इसके साथ ही यात्री को थोड़े समय के भीतर ही टिकट मिल भी जाएगा। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)

    indian fasttrack (न्यूज़ डेस्क)
    मुंबई-
    भारतीय रेल यात्रियों के लिए टिकट की बुकिंग सुविधा को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। मार्च 2025 तक रेलवे यात्री तेज स्पीड के साथ ट्रेन की टिकट बुक कर सकेंगे। भारतीय रेल की इकाई इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी (IRCTC) जल्द ही टिकट बुक करने वाले यात्रियों को प्रतीक्षा अवधि में परेशान न होने के लिए टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। खबर के मुताबिक, यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। टिकट बुकिंग की क्षमता बढ़ने से आम यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने वाली है। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)

    वेटिंग टाइम का झंझट हुआ खत्म ..

    खबर के मुताबिक, आईआरसीटीसी (IRCTC) के इस कदम के बाद से यात्रियों के टिकट ऑनलाइन बुक हो जाएंगे और क्लिक करने के बाद वेटिंग भी नहीं करना पडेगा। इस पहल के साथ ही अब टिकट बुकिंग के लिए होने वाले वेटिंग टाइम का झंझट भी खत्म हो गया है। साथ ही आईआरसीटीसी से मिली जानकारी के मुताबिक यात्रियों को पैसे कटने के बाद टिकट जारी न होने की समस्या का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। अब जल्द ही यात्रियों को टिकट बुकिंग करते समय कोई परेशानी नहीं होगी। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)

    वर्तमान में बुकिंग की क्षमता है कम..

    आईआरसीटीसी (IRCTC) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय जैन से टिकट बुकिंग की समस्याओं के सवाल पर जैसे बुकिंग के समय पैसे कट जाने और भुगतान विफल होने या कन्फर्म टिकट के लिए प्रतीक्षा जैसी समस्याओं पर उन्होंने बताया, कि “टिकट बुकिंग की कम क्षमता के कारण ऐसी समस्याऐं देखने को मिलती है। कभी-कभी लंबा समय भी लगता है। यानी ऑनलाइन टिकट बुकिंग की प्रक्रिया करने वालों की संख्या की तुलना में बुकिंग क्षमता कम है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।” (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)

    इसके पहले भी हुआ था अपग्रेड ..

    साल 2023 में टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को अपग्रेड करते हुए भारतीय रेल ने टिकट बुकिंग की क्षमता को मौजूदा 25, 000 से बढ़ाकर 2. 25 लाख प्रति मिनट करने का फैसला किया था। खबर के मुताबिक, देशभर में आईआरसीटीसी (IRCTC) के तीन करोड़ यूजर्स हैं। हर दिन नौ लाख से अधिक टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं। इनमें यात्रियों द्वारा ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ एजेंट बुकिंग भी शामिल है। एक जानकारी के मुताबिक भारतीय रेल से हर दिन दो करोड़ से ज्यादा यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं। (Indian Railway IRCTC Ticket Booking News)

  • मनपा जनसंपर्क विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा

    मनपा जनसंपर्क विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा

    • अपात्र अखबारों को विज्ञापन का आशीर्वाद
    • देर रात तक प्रेस रूम का अवैध इस्तेमाल
    • बाकि अखबारों से दोगलापन
    • भ्रष्ट कारोबार में मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल
    • Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    महानगर पालिका का जनसंपर्क विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है। जनसंपर्क अधिकारी अब बिना टेंडर के अखबारों को विज्ञापन भी जारी नही कर रहे है। कुछ अखबार वाले दैनिक अखबार के नाम पर मनपा से विज्ञापन ले रहे है जिनका अखबार डेली आता ही नहीं है और तो और अखबार मुंबई में नही महराष्ट्र के बाहर छपता है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

    भ्रष्ट कारोबार में मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल

    यही नहीं मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल है। जो डीजीपीआर में अपात्र अखबारों को लिस्टेड कर रहे है। क्या राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान देते है? इसमें केंद्र सरकार के लोग भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि ऐसे फर्जी अखबार मालिकों पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है? मनपा का जनसंपर्क अधिकारी ऐसे भ्रष्ट कार्यो में पूरी तरह लिप्त है। लेकिन ईमानदारी के साथ केवल लूट और अवैध लेनदेन करने में व्यस्त रहता है। वही मनपा मुख्यालय स्थित पत्रकार रूम में अवैध तरीके से रात 11 बजे तक कुछ कथित पत्रकार अपना अड्डा बनाकर बैठते है। जिस पर जनसंपर्क अधिकारी का पूरा आशीर्वाद है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

    देर रात तक प्रेस रूम का अवैध इस्तेमाल

    मनपा मुख्यालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है। पर कथित पत्रकार रात के 11 बजे तक यहां बैठकर क्या करते हैं? कौन सी खबर का आधी रात में विशलेषण किया जाता है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। ये तो पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी ही बता सकते है। जिम्मेदार जनसंपर्क अधिकारी दोपहर को आते है और शाम को 7 बजे के आसपास चले जाते है। ऐसे अवैध कार्यो पर मनपा आयुक्त लगाम लगाएंगे या इनको लूट पाट करने का आशीर्वाद देंगे। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)

  • जीआरपी वेलफेयर में भारी घपला, सेंट्रल एजेंसी से जांच की मांग

    जीआरपी वेलफेयर में भारी घपला, सेंट्रल एजेंसी से जांच की मांग

    • जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये सोसायटी में रहने वालों से 50 रुपये काटे जाते है।
    • पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है।
    • Mumbai GRP Corruption News

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    जब से होर्डिंग कांड हुआ है, तब से जीआरपी के नए नए घपले खुलने लगे है। जीआरपी के जवानों के पगार से प्रति माह 100 रुपये वेलफेयर के नाम पर काटे जाते है और जो उस सोसायटी में रहता है उसके पगार से 50 रुपये कट जाते है। इसके अलावा पतपेढ़ी से भी करीब बीसो लाख का घपला है। पेट्रोलपंप मैदान और हॉल से भी बड़े पैमाने पर भाड़ा लिया जाता है। ये सब पैसे किधर गायब हुए कितने पुलिस कर्मियों को वेलफेयर का लाभ मिला है? इनके परिवार को कितनी सहायता दिया गया है? (Mumbai GRP Corruption News)

    Indian fasttrack News Network

    पुलिस सोसायटी में अधिकांश इमारतों की हालत काफी भयावह हो गयी है। वो कभी भी गिर सकती है। उसमें रहने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की हालत काफी डरी हुई है। इसकी शिकायत बार बार पुलिस आयुक्त से किया गया है। फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई है। पुलिस महासंचालक प्रज्ञा सरोदे और पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे ने क्या किया है? कौन सी ईमानदारी दिखा रहे है? सहायक आयुक्त (प्रभारी) शहाजी निकम भी इसके लिए दोषी है। इन पर कार्रवाई कब होगी? ये पुलिसकर्मी जानकारी प्राप्त करना चाहते है। (Mumbai GRP Corruption News)

    जीआरपी,
    पुलिस आयुक्त रविन्द्र शिस्वे की फाइल तस्वीर

    जीआरपी में घपले को लेकर जांच की मांग ..

    यहां अधिकारी, पुलिसकर्मियों के जानमाल से खिलवाड़ कर रहे है। घाटकोपर स्थित पुलिस वसाहत की हालत काफी खस्ता है।पुलिसकर्मियों में इसकी चर्चा जोरों पर है, कि हमारी पगार से पैसा भी कटता है और सुविधा भी नही मिलती है। जो हाल पेट्रोलपंप का हुआ वही हाल हमारी बिल्डिंग का भी न हो जाय। अधिकारियों की मनमानी काफी बढ़ गयी है। ईमानदारी का ढोंग बंद करके सही काम होना चाहिए। कितने करोड़ का घपला हुआ है। इसकी जांच किसी सेंट्रल एजेंसी से करवानी चाहिए, जिससे ये लूट का खेल बंद होना चाहिए। (Mumbai GRP Corruption News)

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  • इस पॉप स्टार ने अपनाया इस्लाम, अब बनवा रहा है मस्जिद तो विरोध में उतरे लोग

    इस पॉप स्टार ने अपनाया इस्लाम, अब बनवा रहा है मस्जिद तो विरोध में उतरे लोग

    दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। वहां के लोग मस्जिद बनाने का कर रहे हैं विरोध।

    न्यूज़ डेस्क (indian fasttrack news network)
    देश विदेश-
    दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार (K-Pop Star) एवं यूट्यूबर दाऊद किम इंचियोन में मस्जिद बनाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दाऊद किम ने वर्ष 2020 में इस्लाम अपना लिया, जिससे पहले उन्हें के-पॉप स्टार जे किम के नाम से जाना जाता था।

    दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। (Daud Kim @jaehanKim66 YouTube Channel Korea Now)

    दक्षिण कोरिया में कितने है मुसलमान ?

    द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, दाऊद किम ने इंचियोन में मस्जिद बनाने के लिए जमीन भी खरीद ली है, जो दक्षिण कोरिया के सोल राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है। हालांक इस प्रोजेक्ट में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें लैंड कॉन्ट्रैक्ट, प्रशासनिक बाधाएं, धोखाधड़ी के आरोप और स्थानीय लोगों का विरोध शामिल है। दक्षिण कोरिया में वर्ष 2015 में हुई जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, यहां की 5 करोड़ आबादी में से लगभग 56% अधार्मिक हैं, प्रोटेस्टेंट 19% हैं, इसके बाद कोरियाई बौद्ध (15.5%) और कैथोलिक (8%) हैं। यहां करीब डेढ़ प्रतिशत मुस्लिम भी रहते है, जिनमें से करीब सवा लाख लोग मजदूर हैं, जो मुख्य रूप से यहां उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के मूल निवासी हैं, जबकि 30,000 छात्र और यहां कारोबारी हैं।

    दक्षिण कोरिया,

    मस्जिद बनाने का क्यों हो रहा है विरोध ?

    दाऊद किम द्वारा सार्वजनिक रूप से मस्जिद के लिए इंचियोन में जमीन खरीदने की घोषणा करने के बावजूद, जमीन के पिछले मालिक ने कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अनुरोध किया। इस जमीन के पिछले मालिक ने दक्षिण कोरिया की स्थानीय समाचार चैनल योनहाप न्यूज़टीवी को बताया, ‘मैंने रियल एस्टेट एजेंट से अनुबंध समाप्त करने के लिए कहा है।’

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    दरअसल इस मस्जिद को लेकर वहां के कुछ स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उन्हें डर है, कि यहां पर मस्जिद बनने से उनकी प्रॉपर्टी की कीमत गिर जाएगी। द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, किम की प्रस्तावित मस्जिद स्थल के पास गैर-मुस्लिम कोरियाई निवासी इस योजना के सख्त खिलाफ हैं। येओंगजोंग निवासियों के लिए एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर अपनी आपत्तियां पोस्ट की गईं, जिसमें कहा गया कि मस्जिद योजना ‘इलाके में घरों की कीमतें कम कर देंगी।’

    दाऊद किम की इस मस्जिद परियोजना में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अब प्रशासनिक बाधाएं भी खड़ी हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, कि धार्मिक सभा स्थल बनाने के लिए पूर्व-आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।

  • Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    • जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
    • Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
    • अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
    • क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
    • शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।

    मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming

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    Global Warming News

    अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming

    अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming

    गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming

    Global Warming,

    धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming

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    क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते।

  • कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    • ए.डी.आर. की रिपोर्ट…!
    • कैसी राजनीति बना दी गयी है भारत की..!
    • अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के…!
    • दुर्भाग्य ही है यह..! कौन कहेगा भारत…

    सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख
    मुंबई-
    ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?

    शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!

    आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!

    गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।

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    ए डी आर की रिपोर्ट..

    पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे।
    ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।

    सांसद,

    याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।

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    कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?

    इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा।
    आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”

  • आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    आरएसएस ने मानी बीजेपी की हार।

    • मोदी कराएंगे अपनी मर्जी का चुनाव।
    • मोदी के सामने आरएसएस हुआ बौना।
    • चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।

    सुरेंद्र राय
    मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?

    आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)

    आरएसएस,
    आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)

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    बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)