Category: Civic Issues

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  • Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।

    Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें

    संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।

    यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र राज्य मंत्रिमंडल मैं फेरबदल के साथ विभागीय है आवंटन की घोषणा।

    Voter ID Card में नाम बदलना

    Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें।
    Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें।
    Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें

    • आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
    • अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
    • अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
    • अपना आवासीय पता लिखें।

    Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें।
    Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
    Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।

    एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।

    Voter ID Card में पता बदलना..

    क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-

    Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें।
    Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें।
    Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें।
    Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें।
    Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।

    यह भी पढ़ें:- दिनदहाड़े मुंबई की ऑटो रिक्शा में महिला का रेप

    Election card,
    वोटर आईडी अपडेट पर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Voter ID Card में जन्म तारीख बदलना..

    यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।

    Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें।
    Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:

    • एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
    • उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
    • अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।

    Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।

    इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं।
    इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।

    Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?

    इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
    आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।

    • NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
    • राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
    • आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A

    अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।

    आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?

    एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।

    मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?

    एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें।
    Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।

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    आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
    आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं
    पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।

    आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।

    इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।

  • देश मे महिलाएं सुरक्षित नही है।

    देश मे महिलाएं सुरक्षित नही है।

    देश में महिला की सुरक्षा को लेकर लगातार लोगों में खौफ का माहौल बढ़ता जा रहा है। इस पर केंद्र सरकार को अंकुश लगाने की जरूरत है। India

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    आजकल अधिकांश राज्यो में महिलाओं लडकियो पर बलात्कार दुराचार की घटनाओं में दिन पर दिन बाढ़ सी आ गयी है। जिस पर राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। राजस्थान, छतीसगढ़  मणिपुर, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यो में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। (India)

    मणिपुर की घटना.. India

    राज्य सरकारें क्या कर रही है? महिलाओं को   बलात्कार कर उनको जिंदा जला दिया जा रहा है। देश में इतना बड़ा पाप हो रहा। लेकिन इस पर राजनीतिक दलों के लोग अपनी रोटिया सेक रहे है। पिछले 80 दिनों से मणिपुर जल रहा है। मणिपुर के मुख्यमंन्त्री कान में तेल डालकर कुम्भकर्ण की नींद सो रहा है। उनको पता ही नही चल रहा है कि राज्य में क्या हो रहा है। ये बड़े शर्म का विषय है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/16/the-opposition-will-have-to-come-under-the-umbrella-of-the-congress
    Indian fasttrack news
    India,
    महिला सुरक्षा पर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    राजस्थान की घटना..

    दूसरी ओर राजस्थान में रात में जिंदा एक 6 महीने की बच्ची को जला दिया गया। जिस पर मुख्यमंन्त्री गहलोत ने एक शब्द नही बोला। अब अपराधी ही नेता बने है। इस पर चुनाव आगोग को कड़ा नियम लागू करना चाहिए कि जिस नेता पर एक भी छोटा केस हो तो उसको चुनाव लड़ने का अधिकार समाप्त कर देना चाहिए। लोक सभा और कुछ राज्यो के विधानसभा चुनाव करीब है। क्या अपराध की घटनाओं को बढ़ाकर चुनाव का पूर्वाभ्यास किया जा रहा है? India

    अब निर्दोष नागरिकों, महिलाओ की हत्या, बलात्कार, लूट, चोरी, डकैती, राहजनी और अन्य घटनाओ की बाढ़ लाकर नेता अपनी ताकत बता रहे है। प्रधानमंत्री को आज वीडियो दिखाई पड़ा अभी तक मणिपुर की घटना की जानकारी नही थी। ये कबतक चलेगा पुलिस कब सुधरेगी नेताओ की चमचागिरी पुलिस कब बन्द करेगी। आजकल महाराष्ट्र में पुलिस की हफ्ता उगाही जोरो पर चल रही है। क्योंकि इनके आका सत्ता में और विपक्ष में बैठे है। इन पुलिस वालों का कोई कुछ नही कर सकता। India

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    अब तो पुलिस स्टेशनों में महिलाओं की शिकायत तक नही ली जाती है। ये छोड़िये आम नागरिकों की शिकायत नही ली जाती है। पुलिस की मानसिकता दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। केवल अपने आकाओं के आगे पीछे मंडराते रहते है। अगर पुलिस के विरुद्ध किसी ने खबर लगा दिया। तो पुलिस हनुमान जी बनकर पत्रकार के पीछे लग जाती है। ये अपने देश का दुर्भाग्य है।
    दिल्ली में जब निर्भया कांड हुआ था। तो महिलाओ के लिए लोकसभा में कई कानून का इम्पलीमेंट (IMPLEMENT) किया गया था। पर उसपर आजतक अमल नही किया गया। कब होगी बहन बेटियों माताओ की सुरक्षा ये जबाब जनता पूछ रही है। India

  • कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छ

    • आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
    • देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं।जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।

    लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/15/announcement-of-departmental-allocation-with-reshuffle-in-state-cabinet
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    आदिवासी, दलित,
    कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर

    उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।

    देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

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    चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।

  • आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    • 7.27 लाख तक की आमदनी वालों को टैक्‍स नहीं।
    • अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं?
    • 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।
    • मोदी सरकार का 2023-24 के लिए बजट में बढ़ोतरी।
    • आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network)
    उडुपी
    में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने म‍िड‍िल क्‍लॉस को कई टैक्‍स बेन‍िफ‍िट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देना होगा। उन्‍होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह क‍िया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के ल‍िए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला क‍िया गया था।

    7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा?

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और ड‍िटेल में गए। हमने यह पता लगाया क‍ि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/15/announcement-of-departmental-allocation-with-reshuffle-in-state-cabinet
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    मोदी सरकार,
    भारतीय अर्थव्यवस्था पर फाइल तस्वीर

    50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।

    न‍िर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन भी है। न्‍यू टैक्‍स र‍िजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।

    मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्‍टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्‍यादा आंकड़ा है।

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    दुन‍ियाभर में हुई भारत की तारीफ..

    उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण ल‍िक्‍व‍िड‍िटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्‍होंने कहा, क‍ि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, क‍ि भारत ने ब‍िजनेस सेक्‍टर के ल‍िए अच्‍छा काम क‍िया है।”

    उन्‍होंने यह भी बताया, क‍ि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग ब‍िजनेस इंडेक्‍स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्‍यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्‍होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।

  • राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ विभागीय आवंटन की घोषणा

    राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ विभागीय आवंटन की घोषणा

    • एनसीपी के नेता छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग।
    • अजित पवार की इंट्री, बदल गई मंत्रियों की तस्वीर।
    • वापस हुई विभागीय आवंटन की घोषणा।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल में मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव करते हुए नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों के लिए आवंटन की घोषणा कर दी है। इसमें फिर एक बार एनसीपी के नेता छगन भुजबल को राज्य का राशन विभाग दिया गया है। राज्यपाल रमेश बैस की मंजूरी के बाद इन विभागों के आवंटन की घोषणा की गई है।

    मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास सामान्य प्रशासन, शहरी विकास, सूचना और प्रौद्योगिकी, सूचना और जनसंपर्क, परिवहन, सामाजिक न्याय, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, खनन और कोई अन्य आवंटित जो पोर्टफोलियो मे नहीं है। वह सारे विभाग मुख्यमंत्री के पास सुरक्षित है।

    उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस गृह, कानून और न्याय, जल संसाधन और लाभकारी क्षेत्र विकास, ऊर्जा, शाही शिष्टाचार विभाग संभालेंगे।

    उपमुख्यमंत्री अजित पवार वित्त और योजना विभाग संभालेंगे।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/13/prostitution-business-and-shiv-sena-leader-44-girls-found-at-the-base
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    छगन भुजबल,
    उप मुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी नेता छगन भुजबल की फाइल तस्वीर

    छगन भुजबल को फिर से मिला राशन विभाग

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद देकर राज्य की अर्थव्यवस्था सौंपी गई है, तो वही छगन भुजबल जो महा विकास आघाडी की सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग संभाल रहे थे उन्हें एक बार फिर उसी विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है।माना जाता है कि अजीत पवार राज्य की अर्थव्यवस्था संभालने के लिए उत्तम है। तो वहीं छगन भुजबल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग के लिए राज्य में अच्छे नेता साबित हुए हैं। इसी को लेकर शिंदे सरकार भी उन्हें नए राज्य मंत्रिमंडल में वापस से जगह दे दी है।

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    अन्य 26 मंत्रियों के विभाग इस प्रकार हैं :-

    छगन भुजबल – खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण (राशन वितरण) विभाग।
    दिलीपराव दत्तात्रेय वलसे-पाटिल – सहकार
    राधाकृष्ण विखे-पाटिल – राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास विभाग।
    सुधीर सच्चिदानंद मुनगंटीवार – वानिकी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ और मत्स्य पालन विभाग।
    हसन मियांलाल मुश्रीफ – चिकित्सा शिक्षा और विशेष सहायता विभाग।
    चंद्रकांतदा बच्चू पाटिल – उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय मामले विभाग।
    विजयकुमार कृष्णराव गावित– आदिवासी विकास विभाग।
    गिरीश दत्तात्रेय महाजन– ग्राम विकास एवं पंचायत राज, पर्यटन विभाग।
    गुलाबराव पाटिल– जल आपूर्ति एवं स्वच्छता
    दादाजी दगड़ू भुसे– सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम) विभाग।
    संजय दुलीचंद राठौड़– मृदा एवं जल संरक्षण विभाग।
    धनंजय पंडितराव मुंडे – कृषि विभाग।
    सुरेशभाऊ दगड़ू खाड़े– कामगार विभाग।
    संदीपन आसाराम भुमरे– रोजगार गारंटी योजना एवं बागवान (फलोत्पादन) विभाग।
    उदय रवीन्द्र सामंत– उद्योग विभाग।
    प्रो. तानाजी जयवंत सावंत– लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।
    रवीन्द्र दत्तात्रेय चव्हाण – सार्वजनिक कार्य विभाग (सार्वजनिक उपक्रमों को छोड़कर)।
    अब्दुल सत्तार– अल्पसंख्यक विकास एवं औकाफ, पणन विभाग।
    दीपक वसंतराव केसरकर– स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग।
    धर्मराव बाबा भगवंतराव अत्राम – खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग।
    अतुल मोरेश्वर सावे– आवास, अन्य पिछड़ा एवं बहुजन कल्याण विभाग।
    शंभुराज शिवाजीराव देसाई– राज्य उत्पाद शुल्क विभाग।
    श्रीमती अदिति सुनील तटकरे – महिला एवं बाल विकास विभाग।
    संजय बाबूराव बनसोडे – खेल और युवा कल्याण, बंदरगाह विभाग।
    मंगलप्रभात लोढ़ा– कौशल्य विकास, उद्योजकता व नाविन्यता विभाग।
    अनिल पाटिल – राहत और पुनर्वास, आपदा प्रबंधन विभाग।

  • जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

    जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

    उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे के खिलाफ महाराष्ट्र की पुलिस ने आरोप दर्ज कर जिस्म के कारोबार से 44 लड़कियों को किया रिहा। इसमें 4 मिली नाबालिग .. उद्धव ठाकरे ने किया सस्पेंड..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    महाराष्ट्र के बीड जिले में एक जिस्मफरोशी का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के छापेमारी के द्वारा घटना स्थल पर जिस्म के इस कारोबार से 44 लड़कियां बरामद हुई। जिन लोगों को शिवसेना नेता द्वारा वेश्यावृत्ति के कारोबार में धकेल दिया गया था। जिनमें 4 नाबालिग लड़कियां शामिल बताई जा रही है। गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे का करीबी नेता इसमें मुख्य आरोपी है। यह वेश्यावृति का धंधा एक सांस्कृतिक कला केंद्र के नाम पर चलाया जा रहा था।

    कला केंद्र के अंदर जब पुलिस पहुंची तो यहां पर शराब और शबाब का घिनौना खेल जारी था। सेक्स के लिए अड्डे में अलग से छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक महिला मैनेजर और रत्नाकर का खासम खास एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। जो रत्नाकर के इशारे पर जिस्मफरोशी का कारोबार चलाया करता था। वहीं आरोपी शिवसेना का नेता और परवाना धारक महिला फरार बताई जा रहा है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/06/look-at-this-game-of-modi-those-who-had-to-go-to-jail-became-cm-deputy-cm-and-minister
    Indian fasttrack news
    जिस्म का कारोबार, शिवसेना,
    शिवसेना नेता रत्नाकर शिंदे की फाइल तस्वीर

    ज़िस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता!

    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता रत्नाकर शिंदे के द्वारा चलाए जा रहे महालक्ष्मी कला केंद्र में यह जिस्म के कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। बताया जाता है, कि बीड जिले के केज इलाके में महालक्ष्मी कला केंद्र है जहां सांस्कृतिक नृत्य के कार्यक्रम होते है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है। जिले के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस नंद कुमार ठाकुर को सूचना मिली थी कि कला केंद्र की आड़ में अवैध रूप से वेश्यावृति का काला कारोबार चलाया जा रहा है।

    रातभर चलता था शराब और शबाब का घिनौना खेल

    इस केस की जिम्मेदारी सहायक पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत को दी गई थी। पंकज कुमावत ने लोकल पुलिस के बजाय एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग स्क्वाड की स्पेशल टीम तैयार की और अचानक से कलाकेंद्र पर धावा बोल दिया। पुलिस के मुताबिक यहां बियरबार बनाया गया था। जहां शराब परोसी जा रही थी। पुलिस की छापेमारी के दौरान 44 लड़कियां इस बार में मिली जो सेक्स वर्कर की तरह काम करने पर मजबूर थीं। सभी को यहां देशभर के अलग-अलग शहरों से लाकर जमा किया गया था।

    छापामारी के दौरान पुलिस ने देखा की डांस फ्लोर के पास ही कई छोटे-छोटे कमरे बने हुए थे। जब उन्हें खोला गया तो अंदर नाबालिग लड़कियां भी थीं। पुलिस ने तलाशी शुरू की तो अंदर कॉन्डम, शराब, अन्य नशीले पदार्थ मिले। जो ग्राहकों और इन लड़कियों को दिए जाते थे। लड़कियों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ रेप, पोक्सो और अन्य अलग-अलग मामलों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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    यह कला केंद्र रत्नाकर शिंदे एक अन्य महिला के साथ मिलकर चला रहा था। महिला के नाम पर ही लायसेंस है। परवाना धारक महिला के साथ मिलकर रत्नाकर शेट्टी जिस्मफरोशी के इस कारोबार को अंजाम दे रहा था। लेकिन रेड होते ही मुख्य आरोपी रत्नाकर और उसकी महिला साथ फरार हो गए। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस ने एक महिला जो कलाकेंद्र की मैनेजर है उसे और एक अन्य पुरूष जो रत्नाकर के दिशा निर्देश पर सेक्स रेकैट चलाने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। खबर का पता चलते ही शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने रत्नाकर को पार्टी और पद से बर्खास्त कर दिया है।

  • यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    • गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू।
    • महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
    • बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।

    भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है,  झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/04/uddhav-thackerays-shiv-sena-is-holding-a-meeting-in-matoshree
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    गुजरात, महाराष्ट्र,
    महाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर

    गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..

    लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।

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    इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।

  • उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर रही है मातोश्री में बैठक

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर रही है मातोश्री में बैठक

    • महाराष्ट्र में कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर।
    • महा विकास आघाडी गठबंधन पर होगी चर्चा।
    • एनसीपी नेता अजित पवार ने ली उप मुख्यमंत्री की शपथ।
    • महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    शिवसेना (UBT) गुट के नेता मंगलवार को मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ में अपने नेता उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। राज्यसभा सांसद संजय राउत सहित इसके कई नेता बैठक के लिए ‘मातोश्री’ पहुंचे। जिसमें वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम, महा विकास अघाड़ी (MVA) के भविष्य और इसके तीन सहयोगी दल 2024 के लोकसभा चुनाव में कैसे जाएंगे, इस पर चर्चा होने की उम्मीद है। महाराष्ट्र में कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर।

    महाराष्ट्र में वर्तमान राजनीतिक मंथन तब शुरू हुआ जब एनसीपी के अजीत पवार और छगन भुजबल के साथ-साथ दिलीप पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बंसोडे और अनिल पाटिल रविवार को एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में पद ग्रहण कर शामिल हो गए हैं।

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    कांग्रेश, विपक्ष,
    मातोश्री में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं की फाइल तस्वीर

    मंगलवार को महाराष्ट्र विधान भवन में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी शुरू हो गई। यह मांग करते हुए कि महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता कांग्रेस से होगा, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने मंगलवार को कहा, कि “महा विकास अघाड़ी गठबंधन के सहयोगी 2024 का लोकसभा चुनाव एक साथ लड़ेंगे।”

    “विपक्ष का नेता उस पार्टी से होगा जिसके पास सबसे अधिक विधायक होंगे। हम एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट (महा विकास आघाडी) बीजेपी के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे। 2024 के लोकसभा में कांग्रेस को अच्छी संख्या में सीटें मिलेंगी। बालासाहेब थोराट ने कहा, “एमवीए है एक साथ और राज्य के लोग हमारे साथ हैं।”

    कांग्रेस संभालेगी विपक्ष की बागडोर..

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को कहा, कि अगर कांग्रेस अपना विपक्षी नेता नियुक्त करना चाहती है, तो यह एक वैध मांग होगी क्योंकि सबसे अधिक विधायकों वाली पार्टी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करने का अधिकार मिलता है।

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    एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “जिस पार्टी के पास सबसे ज्यादा विधायक हैं, वह नेता प्रतिपक्ष पद की मांग कर सकती है। मेरी जानकारी के अनुसार, वर्तमान में कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा संख्या है और अगर वे इसके लिए मांग करते हैं तो यह वैध मांग है।”

    अजित पवार और छगन भुजबल के साथ दिलीप पाटिल, हसन मुश्रीफ, धनंजय मुंडे, धर्मरावबाबा अत्राम, अदिति तटकरे, संजय बंसोडे और अनिल पाटिल रविवार को एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फड़नवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने सोमवार को अजित पवार सहित उन नौ विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया, जिन्होंने 2 जुलाई को शिंदे और फडणवीस की सरकार में मंत्री पद की शपथ ली थी।

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    उपमुख्यमंत्री अजित पवार का साथ देने वाले सभी विधायकों को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए अयोग्य ठहराया गया है। एनसीपी ने नौ विधायकों के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पास अयोग्यता याचिका दायर की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार समूह के नेता प्रफुल्ल पटेल ने सोमवार को एक संयुक्त सम्मेलन में घोषणा की कि लोकसभा सांसद सुनील तटकरे को महाराष्ट्र में पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

  • प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को शरद पवार ने एनसीपी से निकाला, मुंबई अध्यक्ष भी नियुक्त

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल। शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया। अजित पवार ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण की।

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के साथ ही सुनिल तटकरे को भी शरद पवार ने एनसीपी (NCP) से निकाल दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल का नाम एनसीपी के सदस्यों के रजिस्टर से हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही अजित पवार की बगावत के बाद जयंत पाटिल ने नए मुंबई अध्यक्ष की नियुक्ति की है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी,
    एनसीपी नेता शरद पवार और भाजपा के देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में भारी फेरबदल..

    जयंत पाटिल ने राखी जाधव को मुंबई अध्यक्ष बनाया है। इससे पहले नवाब मलिक मुंबई के शहर अध्यक्ष थे और उनके बाद दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। नरेंद्र राणे जो मुंबई के कार्यकारी अध्यक्ष थे, वह अजित पवार के साथ चले गए हैं। अब राखी जाधव को मुंबई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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    वहीं, अजित पवार गुट की तरफ से सुनील तटकरे को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी का महाराष्ट्र अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई है। जबकि अजित पवार गुट ने कहा, जयंत पाटिल को राष्टवादी कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष पद से निकाला जा रहा है। NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सुनील तटकरे को पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने का अधिकार होगा।

    गौरतलब है, कि एनसीपी नेता अजित पवार ने बगावत करते हुए भाजपा के साथ गठबंधन कर एकनाथ शिंदे की सरकार में उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण कर लिया है। उनके साथ ही बागी और 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। दावा किया जा रहा है कि अजित पवार के साथ 35 से 40 विधायक है। जबकि महाराष्ट्र में एनसीपी विधायकों की संख्या 53 है।

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  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

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    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।