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  • सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। 15 अगस्त मांस प्रतिबंध पर देशभर में हंगामा

    सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। 15 अगस्त मांस प्रतिबंध पर देशभर में हंगामा

    महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना के नगरपालिकाओं ने 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मांस की दुकानें और बूचड़खानों को बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसको लेकर देशभर में विपक्षी नेता हंगामा कर रहे हैं। तेलंगाना हाईकोर्ट ने तो नगर पालिका प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    15 अगस्त को सरकार द्वारा मांस की दुकानों को बंद करने को लेकर जारी फैसले के खिलाफ देशभर में हंगामा हो रहा है। महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, मालेगांव, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और कल्याण-डोंबिवली के साथ-साथ तेलंगाना के नगर पालिका अपने अधिकार क्षेत्र के बूचड़खानों और मांस की दुकानों को 15 अगस्त के दिन बंद रखने का निर्देश जारी किया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं के हंगामे के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार खुद आश्चर्य जता रहे हैं। राज ठाकरे ने तो यहां तक कह दिया, कि सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। हम देश की स्वतंत्रता का पर्व मना रहे हैं। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    मनसे का विरोध

    गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में कुछ नगर पालिका द्वारा मांस की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों का खान-पान नहीं निर्धारित करना चाहिए। राज ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि नगर पालिकाओं को इस तरह का प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    स्वतंत्रता दिवस पर लगा प्रतिबंध

    उन्होंने कहा, “सरकार और महानगर पालिका को यह तय नहीं करना चाहिए कि किसको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिये। एक तरफ हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं और हमें क्या खाना चाहिए, यह चुनने की कोई आजादी नहीं है। स्वतंत्रता दिवस पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाना सरकार का आम जनता के खिलाफ एक विरोधाभास है।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

    इसके साथ ही महाराष्ट्र से सटे तेलंगाना राज्य के ओल्ड हैदराबाद सिटी की नगरपालिका ने भी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर मीट की दुकानें और बूचड़खाने बंद रखने के आदेश जारी किया है। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा, कि “यह धर्म का मामला नहीं है और न ही यह राष्ट्रीय हित का मामला है।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादूल मुस्लिमिन (AIMIM) चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ओल्ड हैदराबाद सिटी के आदेश को असंवैधानिक बताया। कहा कि गोश्त खाने से 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस का क्या लेना-देना है। इस फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र में हंगामे के बीच शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने फैसले को गलत बताया है। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    ओवैसी ने क्या कहा?

    सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘गोश्त खाने और स्वतंत्रता दिवस में क्या रिश्ता है। तेलंगाना में 99 प्रतिशत लोग गोश्त खाते हैं। ओवैसी ने इस फैसले को लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला फैसला बताया है।’ The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

    तेलंगाना में यह मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने ग्रेटर हैदराबाद महानगर पालिका (जीएचएमसी) से स्वतंत्रता दिवस पर मांस की दुकानों और बूचड़खानों को बंद रखने के उसके आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। तेलंगाना सरकार के इस आदेश के खिलाफ लगाई गई याचिका में कहा गया है कि यह आदेश मनमाना है। अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(जी) (किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार) का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट के जस्टिस विजयसेन रेड्डी इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

    महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, “मैंने टीवी पर खबर देखी, श्रद्धा का प्रश्न होता है तो इस तरह बंदी लगाई जाती है। आषाढ़ी एकादशी, महावीर जयंती जैसे अवसरों पर यह निर्णय लिया जा सकता है। अगर हम कोकण में जाएं तो वहां हर सब्जी में सूखी मछली डालकर पकाया जाता है। ऐसी बिना कारण के खाने पीने की चीजों पर रोक लगाना ठीक नहीं है। अगर भावनात्मक मुद्दा हो तो उस समय के लिए बंदी लगाई जाए तो लोग समझ सकते हैं। लेकिन, 15 अगस्त को महाराष्ट्र में बंदी लगाना उचित नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लूंगा।

    खस्ताहाल सड़कों पर ध्यान दें।

    आदित्य ठाकरे ने मांस बिक्री बंदी के फैसले पर कहा, “ये हमारी च्वाइस है कि स्वतंत्रता दिवस पर हम क्या खाएं और क्या नहीं खाएं।कल्याण-डोंबिवली महापालिका कमिश्नर को इस मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है। नागरिकों पर शाकाहार का फैसला थोपने के बजाय, खस्ताहाल सड़कों और बदहाल नागरिक सेवाओं को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।” The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August

  • भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    भारत पर बांगलादेशी हुस्न का खतरा

    बांग्लादेशी महिलाएं भारतीय युवाओं को अपने हुस्न के जलवे दिखाकर भारत में घुसपैठ करने में कामयाब हो रही हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए यह लोग धर्म को भी त्यागने के लिए तैयार हो जाते है। इसके पीछे के कई राज पर से मुंबई पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। Bangladeshi beauty is a threat to India

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई-
    बांगलादेशी हुस्न का जलवा भारतीय युवाओं पर सर चढ़कर बोल रहा है। इसमें जात-पात और धर्म को दर किनारे कर शादियां तक रचाई जा रही है। ऐसे ही एक मामले में मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच की टीम ने मंजू शर्मा उर्फ बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख और उसके भारतीय पति पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली दस्तावेज और इंटरनेशनल गिरोह के कई सारे सूराग पुलिस ने हासिल किया है। Bangladeshi beauty is a threat to India

    गिरफ्तार आरोपी ने खोले राज़

    मिली जानकारी के मुताबिक, बांगलादेशी भारत में घुसपैठ करने के लिए सारी हदें पार कर रहे हैं। भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए ये लोग धर्म की परवाह किए बगैर किसी से भी शादी रचाने के लिए तैयार हो जाते है। मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट की टीम ने जिस बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख को गिरफ्तार किया है उसने ऐसे-ऐसे राज खोले हैं जिससे एक बहोत बड़ा भांडाफोड़ होने की आशंका जताई जा रही है। Bangladeshi beauty is a threat to India

    भारत में अवैध घुसपैठ

    यह महिला बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी. पूछताछ में उसने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो वर्षों से फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कर विदेशी नागरिकों को देश के भीतर बसाने का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अल्ताफ ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक पहले एजेंटों के जरिये पश्चिम बंगाल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाते हैं। इसके आधार पर आधार कार्ड तैयार कराए जाते हैं। दस्तावेज हाथ लगते ही इन घुसपैठियों को भारत के अलग-अलग शहरों की ओर रवाना कर दिया जाता है। यहां वे आम लोगों की तरह अपनी पहचान छुपाकर बसने की कोशिश करते हैं। Bangladeshi beauty is a threat to India

    प्रेम जाल का षडयंत्र

    सूत्रों के मुताबिक, प्रेम जाल बिछाकर विवाह करना इस गिरोह की खास रणनीति में शामिल है। अल्ताफ शेख ने माना कि महिला घुसपैठिए खासकर हिन्दू पुरुषों को निशाना बनाती हैं, जबकि पुरुष घुसपैठिए हिन्दू लड़कियों से शादी कर स्थायी रूप से देश में रहना चाहते हैं। कारण यहां हिंदूओं पर शक नही किया जाता। Bangladeshi beauty is a threat to India

    अल्ताफ शेख से बनी मंजू शर्मा

    अल्ताफ शेख पुलिस को बताया, कि वह पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आई और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और फिर मुंबई पहुंची। इसके बाद उसकी पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा से ऐसे ही मुलाकात हुई, तो उसने पुरुषोत्तम के साथ शादी रचाने का मन बना लिया। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और जल्द ही उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद से वह मंजू शर्मा नाम पर पिछले कई सालों से मुंबई में ही रह रही थी। उसका आधार कार्ड भी पुरुषोत्तम ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से बनवाया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 अगस्त 2025 को अल्ताफ और उसके पति को गिरफ्तार किया। पुलिस को शक है कि इस रैकेट की जड़ें देश के कई अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं। Bangladeshi beauty is a threat to India

    1000 बांग्लादेशियों को भेजा वापस

    पिछले तीन महीनों में मुंबई पुलिस करीब 1000 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मुंबई पुलिस इस तरह के मामलों की जांच पर तेजी से काम कर रही है। अल्ताफ की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह से जुड़े और भी नामों के प्रकाश में आने की उम्मीद है। Bangladeshi beauty is a threat to India

  • 1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    चेंबूर इंदिरानगर की मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस की टीम ने एक ऐसे बदमाशों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 1 लाख रुपये के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में चला रहे थे। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    मुंबई: चेंबूर पूर्व के इंदिरानगर स्थित मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने नकली नोटों के साथ गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जो मार्केट मे 1 लाख रुपये असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। विक्रोली बस डिपो के सामने से इन चारों को एक साथ रंगे हाथ हिरासत में लिया गया है। मलाड़ के रहने वाले पुरुषोत्तम जाधव ने इसको लेकर शिकायत की थी। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    पुलिस ने किया खुलासा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के अधिकारियों ने योजना बनाकर पहले घटना स्थल पर जाल बिछाया और जब मौके पर सब पहुंच गये तो नकली ग्राहक भेजकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ हिरासत मे लिया और तलाशी ली गई। इनके पास से “इंडियन चिल्ड्रेन बैंक” के नाम से छपे नकली नोट बरामद हुए। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोहसिन अबु बिलाल चौधरी, मोहम्मद नफीज अब्दुल रऊफ खान उर्फ जावेद, सईद तबारक हुसैन सिद्दीकी उर्फ सईद बंटाय और मंजर इबने इस्माइल सोंडे के रूप में हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 और 200 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस को बरामद इन सभी नोटों पर ‘भारतीय बच्चों का बैंक’ लिखा है। इसके अलावा, एक वैगनार कार, छह मोबाइल फोन और नकद रुपए समेत कुल 6,35,725 रुपए का माल जब्त किया गया है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    और भी खुलासे होने की संभावना

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ मुंबई के बीकेसी, दिंडोशी, पनवेल और रायगढ़ पुलिस थानों में पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के तहत कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक पुलिस कस्टडी का आदेश दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और इस ठगी के नेटवर्क मेें शामिल लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    इससे पहले भी पकड़े गये थे नकली नोट

    इससे पहले, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पुलिस ने 1 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जब्त करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया था। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

  • अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    वसई-विरार शहर महानगर पालिका के पूर्व आयुक्त एवं महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार के साथ कई बड़े लोगों को ईडी ने गैरकानूनी काला धन को लेकर धन शोधन (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    क्या है मामला?

    जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    ईडी ने क्या कहा?

    ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार 13 अगस्त को सभी आरोपियों को एक साथ हिरासत में लेकर गुरुवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों से पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए रिमांड की मांग की गई और कोर्ट ने 20 अगस्त तक की कस्टडी सुनाई है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    16 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में ईडी ने इसी कथित अवैध निर्माण सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह छापेमारी वसई-विरार महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के उपसंचालक वाईएस रेड्डी से जुड़े मामले में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और एजेंटों के ठिकानों पर की गई थी। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    60 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

  • बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    बैंक में अब चेक क्लियरिंग के लिए इंतेज़ार करने की जरूरत नहीं, आरबीआई ने पेश किया नया सिस्टम

    भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इसके पहले चेक क्लियरिंग को लेकर लगभग 2 दिनों का समय लगता था पर अब कुछ ही घंटों में चेक क्लियर हो जाएगा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद से बैंक में चेक क्लियर होने की अवधि अब दो दिन से घटकर केवल कुछ ही घंटे रह जाएंगे।

    दो चरणों में होगा लागू

    केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से यह कदम चेक क्लियरिंग सिस्टम को तेज करने के लिए किया जा रहा है। आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि नए सिस्टम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला फेस 4 अक्टूबर, 2025 से 3 जनवरी, 2026 तक के लिए लागू होगा, जबकि दूसरा फेस 3 जनवरी के बाद से लागू होगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    सुबह 10 से 4 तक का होगा समय

    आरबीआई ने नए सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, कि इसमें एक सिंगल प्रेजेंटेशन सेशन होगा, जिसमें चेक को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पेश करना होगा। इसके तहत चेक प्राप्त करने वाली बैंक को चेक को स्कैन करके क्लिरिंग हाउस को भेजना होगा। इसके बाद क्लिरिंग हाउस की उस चेक की इमेज को राशि अदा करने वाले बैंक के पास भेजे दिया जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    10 से 7 तक होगा कंफर्मेशन

    कंफर्मेशन सेशन सुबह 10 बजे से लेक शाम के 7 बज तक होगा। इसमें पैसे अदा करने वाले बैंक को उस चेक पर सकारात्मक या नकारात्मक कंफर्मेशन देना होगा। इसमें खास बात यह है कि हर चेक का एक ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ होगा, इसी समय के बीच पैसा अदा करनेवाली बैंक को कंफर्मेशन देनी आवश्यक है। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    क्या होगा आइटम एक्सपायरी टाइम ?

    आरबीआई ने अपनी जानकारी में बताया कि कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन के पहले चरण में सभी बैंक के लिए चेक के क्लियर करने का ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ शाम सात बजे निर्धारित किया गया है। दूसरे चरण में यह घटकर तीन घंटे का रह जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    बैंक को मिलेगा सिर्फ 3 घंटे का समय

    इसका मतलब यह है कि बैंक को चेक पेश होने के तीन घंटे के अंदर क्लियर करना होगा। सीटीएस के आने के बाद चेक के प्रेजेंटेशन की कोई एंट्री नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक सक्षमता के लिए एक ढांचा (फ्रीएआई) विकसित करने के लिए एक समिति की रिपोर्ट पेश की। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system

    रिपोर्ट मे क्या कहा गया है?

    रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र में एआई के उपयोग का मार्गदर्शन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य संबंधित जोखिमों से सुरक्षा करते हुए इसकी क्षमता का दोहन करना है। इसमें समिति ने एआई के इस्तेमाल के लिए 7 सूत्रीय विकसित किया है, जिसमें 6 रणनीतिक स्तंभों के तहत 26 सुझाव दिए गए हैं। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new syste

  • मुंबई के दहिसर में दही हांड़ी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर 11 साल के बच्चे की मौत

    मुंबई के दहिसर में दही हांड़ी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर 11 साल के बच्चे की मौत

    दहिसर के केतकिपाडा में एक 11 साल के बच्चे की मौत हो गई है। दहीकला महोत्सव की तैयारी कर रही गोविदा पथक के 6ठी मंजिल से गिरकर बच्चे की मौत हुई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। शाजिस का भी है अंदेशा .. 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    मुंबई: पश्चिम उपनगर के दहिसर इलाके में दही हांडी अभ्यास के दौरान छठी मंजिल से गिरकर एक 11 साल के बालगोपाल की मौत हो गई है। यह घटना रविवार रात दहिसर पूर्व के केतकिडपाड़ा इलाके में हुई। मृतक बालगोविंद की पहचान महेश रमेश जाधव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 11 वर्ष बताई जा रही ह। मिली जानकारी के मुताबिक मृतक बालगोविंद नवतरुण गोविंदा पथक दल का सदस्य बताया जा रहा है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    छठी मंजिल से गिरकर हुई मौत

    चूँकि दही हांडी महोत्सव के कुछ ही दिन बचे है, महेश अपनी टोली के साथ अभ्यास कर रहा था। रात करीब 10:45 बजे, जब वह छठी मंजिल पर चढ़ा, तो अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे जमीन पर गिर पड़ा। उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    लापरवाही का मामला दर्ज

    घटना के बाद, पुलिस ने शुरुआत में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। हालाँकि, महेश की माँ की शिकायत के बाद, नवतरुण मित्र मंडल गोविंदा पथक के अध्यक्ष बालू सुरनार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक अध्यक्ष की लापरवाही ने बच्चे की जान ले ली। पुलिस ने मौत का कारण बनने और निरोधक आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    पुलिस ने क्या बताया ?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 11 वर्षीया मृतक महेश दहिसर पूर्व के धरखड़ी इलाके में रहता था। उसकी माँ गृहिणी का काम करती है, जबकि उसके पिता मज़दूरी करते हैं। उसके तीन छोटे भाई-बहन हैं। पुलिस फिलहाल इस बात की जाँच कर रही है कि यह एक दुर्घटना थी या कोई साज़िश। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

    सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    बॉम्बे उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि छोटे बच्चों को ऊपरी मंज़िल पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और दही हांडी खेलते समय हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और कुशन जैसे उपकरणों का उपयोग करना अनिवार्य है। हालाँकि, कई टीमें इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। शहर में सैकड़ों गोविंदा पथक इस साल 16 अगस्त को होने वाले दही हांडी उत्सव की तैयारी कर रहे हैं। जब की इस घटना की खबर से सारा माहौल दुखी हो गया है। 11-year-old boy dies after falling from 6th floor during Dahi Handi practice in Mumbai’s Dahisar

  • ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    ट्रैफिक जाम ने ली एक महिला की जान, 3 घंटे तक फंसी रही एम्बुलेंस

    महाराष्ट्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहें लोगों दर्द आखिरकार एक महिला को अपनी जान गवां कर प्रकाश में लाना पड़ा है। जबकि लगातार हो रही जनता की मांगों पर सरकार को ध्यान देने की जरुरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    पालघर से मुंबई के बीच एक महिला की मौत ने पूरे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और यहां की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी है। एक साधारण सी दुर्घटना और अस्पताल तक पहुचने में 49 वर्षीय छाया पुरव की मौत हो गई। कारण 3 घंटो तक एम्बुलेंस ट्रैफिक मे फंसा रहा और अस्पताल तक पहुंच ही नही पाया कि छाया ने दम तोड़ दिया। पति लगातार एम्बुलेंस में बैठे बैठे डॉक्टरों के संपर्क में था। पर ट्रैफिक मे फंसे होने की वजह से बेबस और लाचार अपनी पत्नी को निहारता और दिलासा देता रहा और छाया ने दम तोड़ दिया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    पेड़ की टहनी गिरने से हुआ हादसा

    31 जुलाई को पालघर के अपने घर के पास खड़ी छाया पूरव के सिर पर अचानक एक भारी पेड़ की टहनी गिर गई। इस हादसे में उनके सिर, कंधे और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटें आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि इतनी गंभीर चोटों के लिए यहां जरूरी सेवाएं नही है, पूरे पालघर जिले में इस तरह के अपघात पर इलाज हो पाना मुश्किल है। मजबूरी में पीड़ित के परिजनों को उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल रेफर करना पड़ा। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    हाईवे पर हुआ मौत से जंग

    2 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे छाया पूरव को एम्बुलेंस के जरिए मुंबई के लिए रवाना किया गया। सामान्य परिस्थितियों में पालघर से मुंबई 100 किलोमीटर का सफर लगभग 2 घंटे में तय हो सकता था। लेकिन जैसे ही NH-48 Mumbai-Ahmedabad Highway पर एम्बुलेंस पहुंची, वहां लंबा और भारी ट्रैफिक जाम लगा हुआ था, गाड़ियां रेंग-रेंगकर चल रही थीं। एम्बुलेंस के ड्राइवर ने कई बार हॉर्न और सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन जाम इतना था कि गाड़ियां किनारे नहीं हो पा रहीं थी। मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही थी, लेकिन जाम के आगे सब बेबस थे। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    3 घंटो तक जाम में फंसे रहे

    शाम 6 बजे तक एम्बुलेंस सिर्फ 70 किलोमीटर का ही सफर तय कर पाई। यानी तीन घंटे बाद भी मरीज मुंबई के अस्पताल से काफी दूर थी। इस बीच छाया पूरव की हालत गंभीर होती चली गई। उनके पति, जो एम्बुलेंस में साथ थे, डॉक्टरों से लगातार फोन पर बात कर रहे थे, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें मीरा रोड के ऑर्बिट अस्पताल में भर्ती करने का फैसला किया गया। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    मिरारोड पहुंचाने से पहले हो गई मौत

    हिंदुजा अस्पताल से सिर्फ 30 किलोमीटर पहले ऑर्बिट अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जांचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया और यह सवाल छोड़ दिया कि अगर ट्रैफिक जाम न होता या पालघर में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं होतीं, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    महाराष्ट्र में ट्रैफिक और स्वास्थ्य समस्याओं पर सवाल

    यह घटना कई गंभीर सवाल खड़ा कर गई – क्यों पालघर जैसे बड़े जिले में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं है? क्यों हाईवे पर आपातकालीन वाहन के लिए अलग ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाया जाता? क्यों हमारी यातायात प्रबंधन प्रणाली इतनी कमजोर है कि जान बचाने वाली गाड़ियां भी जाम में फंस जाती हैं? आपातकालीन चिकित्सा सहायता में समय की कीमत जिंदगी से ज्यादा कुछ नहीं हो सकती। यह घटना सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी है कि तुरंत ट्रैफिक और हेल्थकेयर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

    सिस्टम में बदलाव की जरूरत

    विशेषज्ञों का मानना है कि राजमार्ग आपातकालीन प्रबंधन को अपग्रेड करना, एम्बुलेंस ट्रैकिंग सिस्टम लागू करना और जन जागृती बढ़ाना बेहद जरूरी है। लोगों को भी यह समझना होगा कि जब एम्बुलेंस की सायरन सुनाई दे, तो तुरंत रास्ता दे देना चाहिए। यह सिर्फ कानून कायदा ही नहीं, बल्कि इंसानियत का कानून भी है। Traffic jam took the life of a woman, ambulance was stuck for 3 hours

  • कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    कांग्रेस के सामने संसद में मोदी सरकार की बोलती हुई बंद।

    दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।

    लोकतंत्र का हिस्सा

    संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?

    संसद में होती है गुंडो की भाषा

    पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही  सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।

    जवाब देने से क्यों भागती है मोदी सरकार?

    मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।

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    कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा

    अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।

    इस्तीफे देने का दायित्व

    यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर  नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?

    सरकार ने दिया सेना को धोखा

    इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”

    कांग्रेस और मोदी में अंतर?

    आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।

    टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार

    दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।

    प्रशासन का गलत इस्तेमाल

    सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।

    विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?

    दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?

    विदेशनीति पर सवाल?

    ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?

    दुनिया की निगाहों में भारत?

    भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।

  • भ्रष्ट आचरण की पहचान है मनपा का आर/ दक्षिण विभाग…!

    भ्रष्ट आचरण की पहचान है मनपा का आर/ दक्षिण विभाग…!

    • कौन करेगा गलत कार्यों की जांच?
    • जल विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों ने दुकान मालिक पर मेहरबानी कर भ्रष्टाचार पूर्वक जोड़ा नल कनेक्शन।
    • क्या उच्चअधिकारी करेंगे पानी पुरवठा विभाग की गैर कानूनी जल जोड़नी की जाँच?

    मुंबई: भ्रष्टाचार का घुन मनपा को खाने लगा है। लापरवाह अफसर अपने कर्तव्य निर्वहन के स्थान पर गैरकानूनी तरीके से जल विभाग द्वारा नल कनेक्शन दिया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी अछूता नहीं बचा, जिसने टी एंड कोल्ड्रिंक के नाम पर चल रहे शॉप को 394 का लाइसेंस देकर अपने भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण पेश कर दिया। जबकि टी की टपरी का स्टॉल फुटपाथ पर है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 394 का लाइसेंस किसकी अथॉरिटी पर दिया गया? मनपा आयुक्त या आर/ दक्षिण विभाग के डीएमसी या फिर MOH, वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी की अथॉरिटी का इस्तेमाल हुआ है कुछ पता नही। R/South department of BMC is the identity of corrupt practices

    मनपा ने खोया अपना लक्ष्य

    यह सवाल आम जनता के बीच यक्ष प्रश्न की तरह मुहं बाये खड़ा है। जिस मनपा का गठन मुंबईकरों की सुविधा बढ़ाने के लिए लिए हुआ था। वहीं “असुविधा के लिए खेद है ” कि तर्ज पर मनपा अपना लक्ष्य खो चुकी है। एक ऐसा ही भ्रष्टाचार का मामला शॉप नियर आकांक्षा बिल्डिंग त्रिकम दास रोड पर 14 अगस्त 1993 में मालिक अब्दुल रहमान द्वारा 15/10 के झोपड़े को 90000 में सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या को रजिस्ट्री की गई। 1976 के सेंसस में भी 15गुने दस फीट दर्ज किया गया। R/South department of BMC is the identity of corrupt practices

    कभी कुछ तो कहीं कुछ

    यहां जल विभाग द्वारा पानी के कनेक्शन की अनुमति 25/09/2017 को उसी पते पर दी गई है। इसकी जानकारी RTI के माध्यम से उजागर हुआ। जबकि उपर्युक्त व्यक्ति को बिजली का कनेक्शन नियर आकांक्षा आर्केड के पते पर दिया गया। जो आकांक्षा आर्केड सीएचएस वडा पाव त्रिकम दास रोड के पते का है। फर्जी तरीके से आकांक्षा सोसायटी द्वारा मौर्या फास्ट-फूड टी एंड कोल्ड्रिंक्स का प्रीमाइस में होने का पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण वार्ड को 12/03/2018 को लिखित दिया गया। बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 13/04/2018 को मौर्या फास्ट फूड को लेंथ ऑफ फ्रेंच 6.5 मीटर बताया गया है।

    लायसेंस विभाग की अनदेखी

    यह पत्र बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक को चाय बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को दो वर्षों के लिए दिया गया लेकिन शॉप आकांक्षा आर्केड का कैसे लिखा गया? जबकि शॉप आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग से अलग है। गुमास्ता लाइसेंस मौर्या फास्ट फूड सेंटर के नाम पर वड़ा पाव दर्ज है। सवाल यह है कि एक ही व्यक्ति को वड़ा पाव का लाइट आकांक्षा आर्केड और एप्लिकेशन फॉर्म में नियर आकांक्षा आर्केड कैसे लिखा जा सकता है? वड़ा पाव का लाइट बिल आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग का है तो 394 का लाइसेंस मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक शॉप को कैसे सहमति दी गयी?

    कैसे मिला NOC ?

    वहीं नेचर ऑफ बिजनेस में सिर्फ चाय की दुकान है तो वड़ा पाव कैसे बिक रहा है? जब सेंसस में 150 वर्गफुट है तो गुमास्ता में 120 फूट कैसे है? जबकि झोपड़े की रजिस्ट्री में 150 फिट है। फार्म p आकांक्षा आर्केड लिखा है तो B/F विभाग की NOC जो केवल चाल में लिया जाता है तो बिल्डिंग में कैसे NOC जारी किया गया? आकांक्षा बिल्डिंग सेक्रेटरी का पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण को 12/03/2018 में लिखा। लेकिन बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 6.5 मीटर फूट लेंथ ऑफ फ्रेंच बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ टी एंड कोल्ड्रिंक बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को दिया गया।

    एंटी करप्शन से जांच का अनुरोध

    यहां पर कागजात में घपलेबाजी की गई है। लेकिन शिकायत पत्र पर कोई जांच नहीं की गई क्यों?
    स्पष्ट है बीएमसी की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया गया है। ज्ञात हो कि बीएमसी ने चंद सिक्के घूस लेकर कॉमर्शियल वाटर कनेक्शन पास कर दिया जिसका संज्ञान बीएमसी नही ले रही। डीएमसी और वार्ड ऑफिसर की मिलीभगत से धोख़ाधड़ी की गई है। बीएमसी स्वास्थ विभाग के द्वारा 394 एवं जल विभाग द्वारा नल कनेक्शन की अनियमितताओं के भ्रष्टाचार की जांच एंटी curruption विभाग से किये जाने का अनुरोध है। R/South department of BMC is the identity of corrupt practices

  • मुंबई में भारी मात्रा में ड्रग्स हुए बरामद 2 विदेशियों के साथ कुल 5 गिरफ्तार

    मुंबई में भारी मात्रा में ड्रग्स हुए बरामद 2 विदेशियों के साथ कुल 5 गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने 4.034 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट से 94 लाख और 14.5 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की है। इन सभी मामलों में NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई कर मामले की तहकीकात की जा रही है। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners

    मुंबई: एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 4.034 किलोग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 10.07 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मुंबई पुलिस ने यह कार्रवाई मालाड, जोगेश्वरी, दादर और नवी मुंबई जैसे चार अलग-अलग इलाकों में
    छापेमारी कर गिरफ्तारी की है। खबरों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी मुंबई के अलग-अलग इलाकों में मेफेड्रोन की सप्लाई कर रहे थे। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners

    मुंबई पुलिस से मिली जानकारी

    पुलिस ने बताया कि घाटकोपर, वर्ली और बांद्रा यूनिट्स की अलग-अलग कार्रवाई में 504, 518, 766, 690 और 1.024 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया है। ये सभी बरामदगियां अलग-अलग मामलों में हुई हैं। अब तक इस मामले में चार FIR दर्ज हो चुकी हैं और मुंबई पुलिस की मुताबिक नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट के तहत आगे की जांच जारी है। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners

    एयरपोर्ट पर छापेमारी

    इससे पहले, मुंबई कस्टम के एयरपोर्ट अथॉरिटी ने गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMI) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए का मादक पदार्थ जब्त किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन में कस्टम ने कुल 0.947 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद किया था। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners

    आरोपी यात्री गिरफ्तार

    दरअसल, बैंकॉक से मुंबई पहुंचे एक यात्री को जांच के दौरान रोका गया। उसके पास से 947 ग्राम हरे रंग की गांठों के रूप में संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 94 लाख रुपए बताई जा रही है। यह मादक पदार्थ वैक्यूम-सील प्लास्टिक पैकेट्स में पैक किया गया था और यात्री के ट्रॉली बैग में छिपाकर रखा गया था। आरोपी यात्री को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners

    इससे पहले, मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने 5 और 6 अगस्त की दरमियानी रात को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14.5 करोड़ रुपए की हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की थी। मुंबई कस्टम्स की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह जब्ती एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज एक केस में की गई थी। इस दौरान एक यात्री को भी गिरफ्तार किया गया था। Huge amount of drugs recovered in Mumbai, total 5 arrested including 2 foreigners