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  • न्यूट्रिशन का ‘डार्क मैटर’: आखिर क्या खा रहे हैं हम?

    न्यूट्रिशन का ‘डार्क मैटर’: आखिर क्या खा रहे हैं हम?

    जानिए न्यूट्रिशन का ‘डार्क मैटर’ क्या है और क्यों आपका खाना सिर्फ कैलोरी और विटामिन तक सीमित नहीं है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    जब 2003 में वैज्ञानिकों ने ह्यूमन जीनोम (मानव का पूरा जेनेटिक कोड) सीक्वेंस किया था, तब उम्मीद थी कि इससे बीमारियों के रहस्य खुल जाएंगे। लेकिन रिसर्च से पता चला कि जेनेटिक्स यानी हमारे जीन्स, बीमारियों का सिर्फ 10% कारण बनते हैं। बाकी 90% फैक्टर हमारे एनवायरनमेंट और डाइट (खानपान) से जुड़े हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    पूरी दुनिया में खराब खानपान हर साल 25 साल से ऊपर के करीब हर 5 में से 1 व्यक्ति की मौत से जुड़ा है। यूरोप में लगभग आधी हार्ट डिजीज मौतें पुअर डाइट के कारण होती हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    पिछले कई दशकों से हमें कम फैट, कम नमक और कम शुगर खाने की सलाह मिलती रही है। लेकिन मोटापा और डाइट-रिलेटेड बीमारियाँ लगातार बढ़ रही हैं। यानी कहीं न कहीं न्यूट्रिशन को समझने के हमारे तरीके में कुछ कमी है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    न्यूट्रिशन सिर्फ प्रोटीन और विटामिन तक नहीं

    अब तक डाइट को अक्सर सरल रूप में समझा गया है – खाना यानी ईंधन, और न्यूट्रिएंट्स यानी शरीर की ईंटें। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट और विटामिन – यानी लगभग 150 ज्ञात केमिकल्स ही हमारी थाली के मुख्य किरदार माने गए। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    लेकिन नई रिसर्च बताती है कि हमारी डाइट में 26,000 से ज्यादा कम्पाउंड्स होते हैं, जिनमें से ज्यादातर के बारे में हमें पता तक नहीं है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    The-dark-matter-of-nutrition
    प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर

    जैसे अंतरिक्ष में डार्क मैटर, वैसे ही हमारे खाने में भी

    खगोल विज्ञान (Astronomy) बताता है कि ब्रह्मांड का लगभग 27% हिस्सा डार्क मैटर से भरा है। ये दिखाई नहीं देता, लेकिन उसके ग्रेविटेशनल असर से वैज्ञानिक जानते हैं कि यह मौजूद है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    इसी तरह न्यूट्रिशन साइंस भी डार्क मैटर की तरह एक रहस्य से भरा है। हमारी थाली में ढेर सारे ऐसे केमिकल्स हैं जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन हमें नहीं पता कि उनका शरीर पर क्या असर पड़ता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    इन्हें ही वैज्ञानिक “Nutritional Dark Matter” कहते हैं।

    फूडोमिक्स (Foodomics) क्या है?

    इस डार्क मैटर को समझने के लिए एक नई रिसर्च फील्ड है – Foodomics
    यह चार साइंस की ब्रांच को जोड़ती है:

    • Genomics (जीन्स का रोल)
    • Proteomics (प्रोटीन्स का स्टडी)
    • Metabolomics (सेल एक्टिविटी)
    • Nutrigenomics (जीन्स और डाइट का रिश्ता)

    इससे पता चल रहा है कि खाना सिर्फ कैलोरी और विटामिन का खेल नहीं, बल्कि एक जटिल केमिकल वेब है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    उदाहरण: मेडिटेरेनियन डाइट क्यों काम करती है?

    मेडिटेरेनियन डाइट (Mediterranean Diet) में फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, होल ग्रेन्स, लेग्यूम्स, नट्स, ऑलिव ऑयल और मछली शामिल होती है। इसे हार्ट डिजीज से बचाव के लिए बेस्ट माना जाता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    लेकिन क्यों?

    👉 रिसर्च से पता चला है कि जब हम रेड मीट और अंडे खाते हैं तो गट बैक्टीरिया उन्हें तोड़कर TMAO (Trimethylamine N-oxide) बनाते हैं। TMAO की हाई लेवल हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाती है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    लेकिन लहसुन में मौजूद कुछ पदार्थ TMAO के बनने को ब्लॉक कर देते हैं। यानी डाइट में एक चीज दूसरी के नेगेटिव असर को कंट्रोल कर सकती है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    गट बैक्टीरिया और डाइट का रिश्ता

    हमारे आंतों के बैक्टीरिया कई कम्पाउंड्स को नए केमिकल्स में बदल देते हैं, जो इंफ्लेमेशन, इम्युनिटी और मेटाबोलिज्म पर असर डालते हैं। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    उदाहरण:

    • Ellagic Acid (फ्रूट्स और नट्स में पाया जाने वाला) गट बैक्टीरिया की मदद से Urolithins में बदल जाता है।
    • ये यू्रोलिथिन्स हमारी माइटोकॉन्ड्रिया (शरीर की एनर्जी फैक्ट्री) को हेल्दी रखने में मदद करते हैं।

    जेनेटिक्स और डाइट का कनेक्शन

    डाइट सिर्फ शरीर पर असर नहीं डालती, बल्कि हमारे जीन्स को भी ऑन-ऑफ कर सकती है। इसे कहते हैं EpigeneticsThe ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    उदाहरण:
    दूसरे विश्व युद्ध में जब नीदरलैंड में अकाल पड़ा, उस समय गर्भवती माताओं के बच्चों में आगे चलकर हार्ट डिजीज, डायबिटीज और स्किज़ोफ्रेनिया का खतरा ज्यादा पाया गया। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    सालों बाद पता चला कि उनकी जीन एक्टिविटी उनकी माँ की डाइट से बदल गई थी। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    फूडोम प्रोजेक्ट: खाने का नक्शा बनाना

    आज Foodome Project जैसे इंटरनेशनल रिसर्च चल रहे हैं, जिनमें अब तक 1.3 लाख से ज्यादा फूड मॉलिक्यूल्स को लिस्ट किया जा चुका है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    इनका मकसद है एक ऐसा Atlas of Food Chemistry बनाना जिससे पता चले कि कौन सा कम्पाउंड शरीर पर क्या असर करता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    क्यों जरूरी है ये समझना?

    • क्यों एक डाइट कुछ लोगों पर काम करती है और कुछ पर नहीं?
    • क्यों कुछ फूड्स बीमारी से बचाते हैं और कुछ उसे बढ़ाते हैं?
    • कौन से फूड कम्पाउंड्स को नई दवाइयों या न्यूट्रिशनल फूड्स में बदला जा सकता है?

    ये सारे जवाब Nutritional Dark Matter को समझे बिना नहीं मिल सकते। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    निष्कर्ष

    हमारी थाली में सिर्फ कैलोरी और न्यूट्रिएंट्स ही नहीं, बल्कि हजारों छुपे हुए केमिकल्स भी हैं। यह डार्क मैटर ऑफ न्यूट्रिशन हमारी सेहत, जीन्स और आने वाली पीढ़ियों पर असर डाल सकता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

    जिस तरह डार्क मैटर ने ब्रह्मांड की समझ बदल दी, उसी तरह न्यूट्रिशनल डार्क मैटर को समझना हमारी सेहत, बीमारियों के इलाज और खाने की आदतों को बदल सकता है। The ‘dark matter’ of nutrition: What are we eating?

  • साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    साइबर सुरक्षा: सीईआरटी-इन का फ्री बॉट रिमूवल टूल डाउनलोड करें

    भारत सरकार का सीईआरटी-इन नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करने की सलाह दे रहा है। जानें कैसे बचे मालवेयर और बॉटनेट से। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    आज के डिजिटल दौर में हर कोई इंटरनेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हैकर्स अक्सर बॉटनेट (Botnet) और मालवेयर (Malware) के जरिए लोगों के मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिवाइस पर हमला करते हैं। ऐसे हमलों से न केवल आपकी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है, बल्कि बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी जानकारियां भी खतरे में पड़ जाती हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत काम करने वाली सीईआरटी-इन (CERT-In) यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने आम जनता के लिए खास पहल की है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    सीईआरटी-इन का “फ्री बॉट रिमूवल टूल”

    सीईआरटी-इन ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट https://www.csk.gov.in से “फ्री बॉट रिमूवल टूल” डाउनलोड करें। यह टूल खास तौर पर ऐसे सॉफ़्टवेयर और प्रोग्राम को पहचानता है जो आपके डिवाइस को संक्रमित कर सकते हैं। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    इस टूल की मदद से –

    • आपके कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद हानिकारक बॉटनेट को हटाया जा सकता है।
    • डिवाइस की सिक्योरिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।
    • ऑनलाइन लेन-देन और पर्सनल डाटा को चोरी होने से बचाया जा सकता है।

    बॉटनेट और मालवेयर क्या हैं?

    बॉटनेट ऐसे संक्रमित डिवाइसों का नेटवर्क होता है जिसे साइबर अपराधी कंट्रोल करते हैं। एक बार डिवाइस संक्रमित हो जाए, तो उसे रिमोटली इस्तेमाल कर स्पैम ईमेल भेजने, ऑनलाइन धोखाधड़ी करने या बड़े स्तर पर साइबर अटैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
    मालवेयर यानी हानिकारक सॉफ़्टवेयर आपके डिवाइस में घुसकर आपकी जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    कैसे बचें साइबर हमलों से?

    सीईआरटी-इन और दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को कुछ आसान साइबर सुरक्षा टिप्स भी दिए हैं:

    1. फ्री बॉट रिमूवल टूल ज़रूर डाउनलोड करें।
    2. अपने मोबाइल और कंप्यूटर में हमेशा एंटीवायरस अपडेट रखें।
    3. अनजान लिंक या संदिग्ध ईमेल पर क्लिक करने से बचें।
    4. डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग ऐप्स में हमेशा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें।
    5. समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड रखें।

    क्यों है जरूरी यह टूल?

    मुंबई जैसे बड़े शहरों में रोज़ हजारों लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते हैं। साइबर फ्रॉड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में कई मामलों में देखा गया कि लोगों के डिवाइस पर मालवेयर अटैक हुआ और उनकी बैंक अकाउंट डिटेल्स चोरी हो गईं। ऐसे में यह टूल हर नागरिक के लिए बेहद जरूरी है। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

    नतीजा

    भारत सरकार की यह पहल आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि हर कोई इस फ्री बॉट रिमूवल टूल को डाउनलोड कर लेता है और बुनियादी सावधानियां बरतता है, तो न केवल व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहेगा बल्कि देश की साइबर सुरक्षा भी मजबूत होगी। Cyber ​​Security: Download CERT-In’s Free Bot Removal Tool

  • भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, US टैरिफ का असर

    भारतीय शेयर बाजार US के 50% टैरिफ के दबाव में लुढ़के। निफ्टी 24,500 पर, सेंसेक्स 80,080 पर बंद। IT, बैंकिंग और रियल्टी शेयर सबसे कमजोर। Indian stock market falls, impact of US tariff

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखा जा रहा है। गुरुवार को बाजार में जबरदस्त बिकवाली हुई। निफ्टी 50 211 अंक गिरकर 24,500.9 पर बंद हुआ, वहीं सेंसेक्स 706 अंक टूटकर 80,080.6 पर आ गया। Indian stock market falls, impact of US tariff

    यह लगातार दूसरा दिन रहा जब बाजार में भारी गिरावट आई। बीते चार सत्रों में से तीन दिन इंडेक्स गिरा है। केवल दो दिनों में निफ्टी 50 करीब 1.9% कमजोर हो चुका है। Indian stock market falls, impact of US tariff

    निफ्टी 50 में बेरिश सेंटीमेंट

    शेयर बाजार में ऑप्शंस एक्सपायरी के दिन निफ्टी 50 तीन महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया। बाजार बंद होने पर Stocktwits पर निवेशकों का सेंटीमेंट “बेयरिश” रहा, जबकि हफ्ते की शुरुआत में “बुलिश” था। Indian stock market falls, impact of US tariff

    सेक्टोरल इंडेक्स का हाल

    गुरुवार को सिर्फ कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स हरे निशान पर रहा, बाकी सभी सेक्टरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए।

    निफ्टी IT इंडेक्स 1.6% टूटा।
    रियल्टी इंडेक्स 1.5% गिरा।
    बैंकिंग इंडेक्स लगभग 1% फिसले।
    फार्मा इंडेक्स 0.83% कमजोर रहा।

    निफ्टी 50 के 50 में से 36 स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस (-3.94%), HCL टेक्नोलॉजीज (-2.85%) और पावर ग्रिड (-2.04%) सबसे बड़े लूज़र्स रहे। Indian stock market falls, impact of US tariff

    इंटरग्लोब एविएशन में बड़ी गिरावट

    इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में 5.2% की गिरावट आई। रिपोर्ट्स के अनुसार राकेश गंगवाल के परिवार ने कंपनी में अपनी 3.1% हिस्सेदारी (₹7,027 करोड़) ब्लॉक डील्स के जरिए बेच दी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    टेक्सटाइल सेक्टर को राहत

    भारत सरकार ने कॉटन इंपोर्ट ड्यूटी को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इससे अमेरिकी टैरिफ की मार झेल रहे टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को राहत मिलेगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

    हालांकि गुरुवार को टेक्सटाइल शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।

    गिरे: वेलस्पन लिविंग (-1.31%), रेमंड (-2.05%), किटेक्स गारमेंट्स (-4%)
    चढ़े: वर्धमान टेक्सटाइल्स (+11.5%), अरविंद (+0.37%), गोकलदास एक्सपोर्ट्स (+0.3%), नितिन स्पिनर्स (+1.65%)

    एनालिस्ट्स का नजरिया

    SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट आशीष कयाल ने कहा कि निफ्टी 24,630 तक उछलने के बाद 24,550 के नीचे फिसला, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को “स्कैल्पिंग” का मौका मिला। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/kyalashish/message/626826309

    मार्केट एक्सपर्ट सुनील कोटक ने कहा कि निफ्टी अब “बेयरिश” ट्रेंड में आ चुका है, क्योंकि RSI 40 के नीचे टूट चुका है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है।

    https://stocktwits.com/Technofunda24/message/626826694

    मुख्य सपोर्ट लेवल अब 24,200 है, जो अगले 6–7 सत्रों में टेस्ट हो सकता है।

    भारतीय निर्यातकों पर टैरिफ की चोट

    अमेरिका का यह 50% टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा झटका है। ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, ज्वेलरी और सीफूड सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर पर बड़ा असर नहीं दिख रहा। Indian stock market falls, impact of US tariff

    https://stocktwits.com/PCRAnalyst/message/626824276

    विश्लेषक प्रदीप कारपेंटर का कहना है कि भारत को इस झटके से बचने के लिए नए बाजार तलाशने, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को तेज़ करने और छूट के लिए बातचीत करनी होगी। Indian stock market falls, impact of US tariff

  • रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    रूसी तेल से भारत को सिर्फ 2.5 अरब डॉलर का फायदा

    CLSA रिपोर्ट के अनुसार भारत को रूसी तेल से केवल 2.5 अरब डॉलर का वार्षिक लाभ हुआ। आयात बंद करने पर तेल \$100 तक जा सकता है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    नई दिल्ली: रूस से आयातित सस्ते तेल को लेकर भारत की “बड़ी कमाई” की जो बातें कही जा रही थीं, वो अब गलत साबित हो रही हैं। ब्रोकरेज हाउस CLSA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को रूसी तेल आयात से सालाना फायदा सिर्फ 2.5 अरब डॉलर (लगभग 0.6% GDP) का हुआ है, जबकि मीडिया में अनुमान 10 से 25 अरब डॉलर तक लगाए जा रहे थे। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    आयात बंद हुआ तो तेल \$100 तक जा सकता है

    रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर भारत रूसी तेल का आयात बंद करता है, तो वैश्विक बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें 90 से 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और यहाँ की मांग को पूरा करने के लिए सीमित विकल्प ही उपलब्ध हैं। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    रूस से आयात 1% से बढ़कर 40%

    यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने तेल पर भारी डिस्काउंट देना शुरू किया। पश्चिमी देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो भारत और चीन ने आयात तेजी से बढ़ा दिया। भारत का रूसी तेल आयात 2021 से पहले 1% से भी कम था, जो अब कुल आयात का लगभग 36–40% हो गया है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    भारत हर दिन लगभग 5.4 मिलियन बैरल तेल आयात करता है, जिसमें से 1.8 मिलियन बैरल रूस से आता है। इसके बाद इराक (20%), सऊदी अरब (14%), यूएई (9%) और अमेरिका (4%) भारत के बड़े सप्लायर हैं। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    असली डिस्काउंट कम हो गया

    CLSA का कहना है कि भले ही रूस का “हेडलाइन डिस्काउंट” बहुत बड़ा लगता है, लेकिन असल में भारत को मिला फायदा बेहद सीमित है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    • FY24 में औसत डिस्काउंट \$8.5 प्रति बैरल था।
    • FY25 में यह घटकर \$3-5 प्रति बैरल रह गया।
    • हाल के महीनों में तो डिस्काउंट और घटकर सिर्फ \$1.5 प्रति बैरल तक आ गया है।

    यानी कुल मिलाकर वार्षिक फायदा अब 1 अरब डॉलर तक सीमित हो सकता है।

    रिफाइनिंग और गुणवत्ता की चुनौती

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूसी तेल की गुणवत्ता कम होती है। इसलिए रिफाइनरियों को इसके साथ उच्च गुणवत्ता वाला महंगा तेल भी मिलाना पड़ता है। यही वजह है कि भारत के आयात डेटा में कोई बड़ा लाभ साफ तौर पर नहीं दिख रहा। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    राजनीतिक मुद्दा भी बना रूसी तेल

    भारत ने साफ किया है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा क्योंकि रूसी तेल पर सीधे प्रतिबंध नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप ने केवल कुछ शर्तों के साथ मूल्य सीमा तय की है। भारत ने हमेशा कहा है कि ऊर्जा सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और वह अपनी जरूरतों के हिसाब से निर्णय लेगा। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

    वैश्विक महंगाई पर असर

    CLSA ने माना कि भारत का रूसी तेल आयात न केवल उसकी अर्थव्यवस्था को सस्ते ऊर्जा विकल्प देता है बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी तेल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करता है। अगर भारत आयात रोक दे, तो आपूर्ति में कमी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई और भी बढ़ सकती है। India benefits by only $2.5 billion from Russian oil

  • मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मनोज जारंगे आंदोलन को मिला विधायकों और सांसदों का समर्थन

    मराठा आरक्षण आंदोलन में मनोज जारंगे पाटिल को विधायकों और सांसदों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। मुंबई की ओर रैली से सरकार पर दबाव बढ़ा। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे मनोज जारंगे पाटिल का आंदोलन अब और तेज़ हो गया है। “चलो मुंबई” के नारे के बाद पूरे महाराष्ट्र में मराठा समाज बड़ी संख्या में उनके साथ खड़ा हो रहा है। खास बात यह है कि पहले चुप रहने वाले विधायक और सांसद अब समर्थन जताने के लिए आगे आने लगे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    जारंगे की यह स्पष्ट चेतावनी कि “जो विधायक और सांसद मराठा समाज के साथ नहीं होंगे, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी”, नेताओं पर दबाव डालने लगी है। नतीजा यह हुआ कि अब विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि खुले तौर पर जारंगे के आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    बीड जिले से बढ़ा समर्थन

    बीड के विधायक संदीप क्षीरसागर ने अंतरवली सराटी जाकर मनोज जारंगे से मुलाकात की और आंदोलन का समर्थन किया। इतना ही नहीं, वे मराठा युवकों के साथ रैली में भी शामिल हुए। बीड से ही सांसद बजरंग सोनवणे और माजलगांव के विधायक प्रकाश सोलंके ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    वहीं, गेवराई विधायक विजयसिंह पंडित ने पहले ही सोशल मीडिया के जरिए “चलो मुंबई” का आह्वान कर दिया था और निर्वाचन क्षेत्र में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए थे। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    धाराशिव और अन्य जिलों का रुख

    धाराशिव के विधायक कैलास पाटिल ने फेसबुक पोस्ट कर जारंगे के आंदोलन को जॉइन करने की अपील की है। ओमराजे निंबालकर ने भी सरकार से अपील की है कि मराठा समाज की मांगों को तुरंत सुलझाया जाए। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    राज्य के अन्य हिस्सों में भी नेताओं की ओर से समर्थन मिलने लगा है। एनसीपी (शरद पवार गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कांग्रेस—all पार्टियों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने भी मराठा समाज की मांगों को जायज़ बताते हुए आंदोलन के पक्ष में आवाज़ उठाई। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    गाँवों से उमड़ा जनसैलाब

    सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी आंदोलन को भारी समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के अलग-अलग ज़िलों से मराठा समाज के लोग ट्रैक्टर, बस और गाड़ियों में भरकर मुंबई की ओर रवाना हो गए हैं। कई गांवों के युवा अपने गाँव के बैनर और झंडे लेकर जारंगे की रैली में शामिल हो रहे हैं। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

    सरकार पर बढ़ता दबाव

    जारंगे के आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक और सामाजिक समर्थन सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नेताओं का झुकाव और जनता का बढ़ता दबाव यह साफ दिखा रहा है कि अगर सरकार ने जल्द ही ठोस समाधान नहीं निकाला, तो मुंबई में बड़ा जनसैलाब खड़ा हो सकता है। Manoj Jarange movement got the support of MLAs and MPs

  • गणेशोत्सव 2025: BMC ने बनाए 288 कृत्रिम तालाब, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा | मुंबई गणेश फेस्टिवल न्यूज़

    गणेशोत्सव 2025: BMC ने बनाए 288 कृत्रिम तालाब, पर्यावरण अनुकूल विसर्जन को बढ़ावा | मुंबई गणेश फेस्टिवल न्यूज़

    गणेशोत्सव 2025 की शुरुआत धूमधाम से हो चुकी है। मुंबई BMC ने इस बार 288 कृत्रिम तालाब बनवाए हैं ताकि गणपति विसर्जन पर्यावरण अनुकूल तरीके से हो सके। साथ ही मुफ्त शाडू माटी और नेचुरल पेंट भी वितरित किए गए हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र और मुंबई में इस बार गणेशोत्सव 2025 बेहद खास अंदाज़ में मनाया जा रहा है। बुधवार से शुरू हुए दस दिवसीय उत्सव में भक्तों ने गली-गली और घर-घर अपने विघ्नहर्ता गणपति बप्पा का स्वागत बड़े उत्साह के साथ किया। शहर के हर कोने में “गणपति बप्पा मोरया” और “मंगल मूर्ति मोरया” के जयकारे गूंज रहे हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    BMC की बड़ी पहल – 288 कृत्रिम तालाब

    ब्रिहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस बार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए खास तैयारी की है। गणेश विसर्जन के लिए मुंबई शहर में 288 कृत्रिम तालाब (Artificial Lakes/Ponds) तैयार किए गए हैं। इन तालाबों की पूरी सूची बीएमसी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट [mcgm.gov.in](https://www.mcgm.gov.in) पर उपलब्ध कराई है। साथ ही क्यूआर कोड्स के ज़रिए भी यह जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है ताकि श्रद्धालु आसानी से नज़दीकी तालाब ढूंढ सकें। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इस साल नया नियम लागू किया है। 6 फीट तक की प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ कृत्रिम तालाबों में ही किया जाएगा। इस फैसले का मकसद समुद्र और नदियों में प्रदूषण रोकना है। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव घोषित किया

    इस बार पहली बार महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य उत्सव (State Festival) घोषित किया है। इसका उद्देश्य है पूरे राज्य में त्योहार को भव्य तरीके से मनाना और साथ ही ईको-फ्रेंडली कल्चर को बढ़ावा देना। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    ईको-फ्रेंडली मूर्तियों को प्रोत्साहन

    पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक संसाधनों का ध्यान रखने के लिए BMC ने इस साल बड़ी पहल की है।

    • 990 टन मुफ्त शाडू माटी मूर्तिकारों को वितरित की गई।
    • लगभग 10,800 लीटर नेचुरल पेंट प्रयोग के तौर पर दिया गया।
    • इनमें से 7800 लीटर पेंट और 3000 लीटर ईको-प्राइमर पहले ही मूर्तिकारों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।

    बीएमसी ने अपील की है कि छोटे आकार की गणेश मूर्तियों का विसर्जन भक्त अपने घरों में बाल्टी या टब में ही करें। इससे न सिर्फ प्रदूषण घटेगा बल्कि पानी की बचत भी होगी। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    मुंबई की सड़कों पर सजावट और उत्सव का माहौल

    पूरे मुंबई में भव्य पंडाल, आकर्षक सजावट और ढोल-ताशे की गूंज हर जगह देखने को मिल रही है। गणपति बप्पा की मूर्तियों को बड़े ही स्नेह और श्रद्धा के साथ घरों और सार्वजनिक मंडपों में विराजित किया गया है। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

    🔎 निष्कर्ष

    गणेशोत्सव 2025 न सिर्फ भक्ति और आस्था का पर्व है, बल्कि इस बार यह प्रकृति और पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दे रहा है। BMC और महाराष्ट्र सरकार की पहल से यह उत्सव और भी खास बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुंबईकर कितनी बड़ी संख्या में ईको-फ्रेंडली विसर्जन को अपनाते हैं। Ganeshotsav 2025: BMC builds 288 artificial ponds, promotes eco-friendly immersion | Mumbai Ganesh Festival News

  • HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    HC का झटका: मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे अब मुंबई में बिना परमिशन प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने गणेशोत्सव को देखते हुए मनोज जरांगे को बिना अनुमति प्रदर्शन से रोका। अब सिर्फ तय जगह पर ही हो सकेगा आंदोलन।

    मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने साफ कहा कि अब जरांगे बिना परमिशन के मुंबई में आंदोलन या प्रदर्शन नहीं कर सकते। कोर्ट ने ये आदेश इसलिए दिया क्योंकि गणेशोत्सव के दौरान पुलिस पहले से ही शहर की सुरक्षा और भीड़ कंट्रोल में व्यस्त रहेगी।

    हाईकोर्ट की बेंच ने ये भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका हक है, लेकिन ये सिर्फ निर्धारित जगहों पर और सरकार की इजाजत लेकर ही किया जा सकता है। जरांगे और उनके समर्थकों को सरकार चाहे तो नवी मुंबई के खारघर में वैकल्पिक जगह भी दे सकती है, ताकि मुंबई की लाइफ और ट्रैफिक पर असर न पड़े।

    जरांगे ने हाल ही में सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर मराठा समाज को OBC कोटे में 10% आरक्षण नहीं मिला, तो वह 29 अगस्त से मुंबई में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। इसी को लेकर अदालत में एमी फाउंडेशन ने जनहित याचिका दायर की थी।

    राज्य सरकार ने भी कोर्ट में कहा कि वे शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध नहीं करते, लेकिन गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहार में भीड़ और ट्रैफिक की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसी कारण कोर्ट ने परमिशन की शर्त रखी।

    अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी और जरांगे को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।

  • मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    सूरत से अपहरण कर 3 साल के बच्चे की हत्या, शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर ट्रेन टॉयलेट में मिला। आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    एक दिल दहला देने वाली घटना ने सूरत और मुंबई दोनों शहरों को हिला कर रख दिया है। सूरत से अपने तीन साल के कज़िन का अपहरण कर हत्या करने वाले युवक ने बच्चे का शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर खड़ी ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह मामला सामने आया जब ट्रेन के सफाईकर्मी ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान विकास शाह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।

    • उसे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से गिरफ्तार किया गया।
    • आरोपी मूल रूप से सूरत का रहने वाला है और वह पिछले हफ्ते अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर आया था।
    • बच्चे की मां से झगड़े के बाद उसने 22 अगस्त को मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।

    सूरत क्राइम ब्रांच के DCP बी. राजिया ने पुष्टि की कि आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर सूरत ले जाया गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

    • आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
    • वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
    • इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
    • फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।

    GRP अधिकारी ने बताया –
    “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।” The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    बच्चे की मां और परिवार

    बच्चे की मां बिहार की रहने वाली हैं और सूरत में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

    • पति दुबई में नौकरी करते हैं।
    • परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा भी है।
    • आरोपी विकास शाह रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और वारदात से पहले वह शिकायतकर्ता का मोबाइल भी ले गया था।

    पुलिस जांच जारी

    • सूरत पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या की असल वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में और कहां की।
    • मुंबई और सूरत पुलिस इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
  • मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 होगा ध्वस्त, नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगा विकल्प – यात्रियों पर दबाव बढ़ने की आशंका

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 जल्द ध्वस्त किया जाएगा। फिलहाल इसे टाला गया है ताकि यात्रियों को दिक्कत न हो। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद ही यह कदम उठाया जाएगा। हर साल 1 करोड़ से ज्यादा यात्री टर्मिनल-1 से सफर करते हैं। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) यात्रियों की बढ़ती संख्या से जूझ रहा है। इसी बीच प्रशासन ने जानकारी दी है कि मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 (T1) ध्वस्त किया जाएगा। हालांकि यह प्रक्रिया फिलहाल तुरंत नहीं होगी, बल्कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) का टर्मिनल-2 चालू होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    क्यों होगा टर्मिनल-1 का ध्वस्तीकरण?

    यह फैसला CSMIA के बड़े रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

    • हर साल टर्मिनल-1 से ही 1 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर करते हैं।
    • सुरक्षा और मैनेजमेंट कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही बंद किए जा चुके हैं।
    • प्रशासन का कहना है कि अगर T1 को अभी बंद किया गया, तो बाकी सिस्टम पर भारी दबाव पड़ेगा।

    एडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के सीईओ अरुण बंसल ने कहा –
    “हमने सुरक्षा कारणों से टर्मिनल-1 के कुछ हिस्से पहले ही अस्थायी रूप से बंद किए हैं। लेकिन पूरी तरह से डिमोलिशन तभी होगा जब नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नई सुविधा उपलब्ध होगी।” Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

    नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगी राहत

    मुंबई एयरपोर्ट के मौजूदा ढांचे में अतिरिक्त यात्रियों को संभालने की क्षमता नहीं है। ऐसे में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने के बाद ही यह फैसला लागू किया जाएगा।

    • नवी मुंबई एयरपोर्ट से यात्री भार का दबाव कम होगा।
    • इसके बाद टर्मिनल-1 को हटाकर आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई बिल्डिंग तैयार की जाएगी।
    • प्रोजेक्ट मैनेजर्स के मुताबिक, नई इमारत बनने में कई साल लग सकते हैं।

    यात्रियों पर असर

    फिलहाल मुंबई एयरपोर्ट पर रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं।

    • टर्मिनल-1 मुख्य रूप से डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए इस्तेमाल होता है।
    • अगर इसे बिना विकल्प बंद किया गया, तो यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
    • प्रशासन का अनुमान है कि यह कदम पूरे एयरपोर्ट सिस्टम पर दबाव डाल सकता है।

    निष्कर्ष

    मुंबई एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 ध्वस्त करना भविष्य की जरूरत है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मिल सके। लेकिन फिलहाल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे टाल दिया है। नवी मुंबई एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद यह बड़ा बदलाव लागू किया जाएगा। Mumbai Airport’s Terminal-1 will be demolished, Navi Mumbai Airport will provide an alternative – There is a possibility of increased pressure on passengers

  • मुंबई बिजनेसमैन को पाकिस्तान से धमकी: ’80 करोड़ दो वरना बाबा सिद्दीकी जैसा हाल होगा’, छोटा शकील गैंग पर शक

    मुंबई बिजनेसमैन को पाकिस्तान से धमकी: ’80 करोड़ दो वरना बाबा सिद्दीकी जैसा हाल होगा’, छोटा शकील गैंग पर शक

    मुंबई के 51 वर्षीय बिजनेसमैन ने दावा किया कि उन्हें पाकिस्तान से छोटा शकील गैंग के नाम पर फिरौती और जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी 80 करोड़ रुपये की उगाही से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। Mumbai businessman threatened from Pakistan: ‘Give 80 crores or else you will be like Baba Siddiqui’, Chota Shakeel gang suspected

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में संगठित अपराध से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक 51 वर्षीय बिजनेसमैन ने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें पाकिस्तान से फोन पर जान से मारने और 80 करोड़ रुपये की उगाही की धमकी दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि धमकी देने वाले ने खुद को गैंगस्टर छोटा शकील के नेटवर्क से जुड़ा बताया। Mumbai businessman threatened from Pakistan: ‘Give 80 crores or else you will be like Baba Siddiqui’, Chota Shakeel gang suspected

    ईरानी कंपनी से बिजनेस विवाद का कनेक्शन

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता का कारोबार केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंपोर्ट से जुड़ा है।

    • साल 2015 में उन्होंने ईरान से तेल आयात किया था।
    • अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भुगतान दुबई के जरिए किया गया।
    • लेकिन ईरानी कंपनी ने आरोप लगाया कि भुगतान पूरा नहीं हुआ और उन्होंने ईरान में आर्बिट्रेशन शुरू किया।
    • व्यापारी की गैरहाजिरी में एकतरफा फैसला कंपनी के पक्ष में आया।
    • इसके बाद ईरानी कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में संपत्ति अटैच करने की याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि सिविल केस अब भी लंबित है।

    धमकियां और फिरौती की बढ़ती रकम

    बिजनेसमैन ने पुलिस को बताया कि जून 2025 से उन्हें लगातार धमकी भरे कॉल पाकिस्तान से आ रहे हैं।

    • शुरुआत में 2 करोड़ रुपये मांगे गए।
    • इसके बाद रकम बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
    • कॉलर ने धमकाते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उनका भी हाल “बाबा सिद्दीकी” जैसा होगा।
    •  इस नाम का जिक्र होते ही व्यापारी और उनका परिवार गंभीर दहशत में आ गया है।

    मुंबई पुलिस ने शुरू की जांच

    व्यापारी के मुंबई के फोर्ट एरिया और दुबई में ऑफिस हैं। उन्होंने औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद केस को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने अपने हाथ में ले लिया है।
    मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा –
    “हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए इस उगाही रैकेट की जांच कर रहे हैं। विदेशी ट्रेड डिस्प्यूट का फायदा उठाकर संगठित अपराध सिंडिकेट धमकी और जबरन वसूली कर सकते हैं। हर एंगल की जांच की जा रही है, जिसमें विदेशी नेटवर्क की भूमिका भी शामिल है।”

    चिंता का माहौल

    इस मामले ने व्यापारी वर्ग और पुलिस दोनों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    • क्या यह सिर्फ एक बिजनेस विवाद को लेकर विदेशी कंपनी की साजिश है?
    • या वाकई संगठित अपराध सिंडिकेट ट्रेड कॉन्ट्रैक्ट्स के नाम पर धमकी देकर करोड़ों की उगाही कर रहे हैं?

    पुलिस की जांच से आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि मामला ट्रेड कॉन्फ्लिक्ट का है या इंटरनेशनल माफिया का।