दहिसर में बाइक चोरी गैंग का पर्दाफाश: 4 गिरफ्तार, 8 बाइक बरामद; 24 बाइक के पार्ट्स मिले, एक रेडियम स्टिकर से खुला पूरा राज

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दहिसर पुलिस ने बाइक चोरी गैंग के 4 आरोपियों को पकड़ा। 8 चोरी की बाइक मिलीं, 24 बाइक के नंबर प्लेट-इंजन-पार्ट्स जब्त हुए। जानिए CCTV से कैसे खुला राज। अब क्या?

मुंबई: दहिसर में बाइक चोरी के एक केस की जांच करते-करते पुलिस ऐसे नेटवर्क तक पहुंच गई, जहां सिर्फ एक चोरी की बाइक का सुराग नहीं मिला, बल्कि उत्तर मुंबई में दर्ज 8 मोटरसाइकिल चोरी के मामले भी खुल गए। दहिसर पुलिस ने इस कार्रवाई में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान 8 चोरी की मोटरसाइकिलें मिलीं, जबकि 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, चेसिस, इंजन और दूसरे पार्ट्स भी जब्त किए गए हैं।

लेकिन इस पूरे केस में सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाने वाला सुराग कोई बड़ा CCTV चेहरा या नंबर प्लेट नहीं था। एक खास रेडियम स्टिकर ने पूरी कहानी की दिशा बदल दी।

एक बाइक चोरी हुई और CCTV में दिखा पूरा खेल

मामला दहिसर ईस्ट के अशोकवन इलाके का है। शिकायतकर्ता ने अपनी Hero Honda Super Splendor मोटरसाइकिल नंबर MH 02 AZ 4549 को 20 अगस्त 2026 की सुबह करीब 10 बजे शिववल्लभ रोड पर पार्क किया था। 21 अगस्त की रात करीब 9 बजे के आसपास जब वह वापस आए तो बाइक वहां नहीं थी।

शिकायत के बाद दहिसर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 1244/2026 के तहत BNS की धारा 303(2) में केस दर्ज किया गया। इसके बाद सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गिते और उनकी क्राइम डिटेक्शन टीम ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए।

फुटेज में तीन लोग एक बाइक पर सवार होकर चोरी की बाइक को धक्का मारते हुए ले जाते दिखाई दिए। यहीं से जांच में एक ऐसा clue मिला, जिसने पुलिस को आगे का रास्ता दिखाया।

रेडियम स्टिकर बना गैंग तक पहुंचने का सबसे बड़ा सुराग

CCTV में आरोपियों के साथ चल रही बाइक पर एक खास रेडियम स्टिकर दिखाई दिया। पुलिस ने इसी पहचान के आधार पर उस बाइक को ट्रेस करना शुरू किया।

जांच आगे बढ़ी तो वही बाइक दहिसर ईस्ट के साईबाबा मंदिर रोड इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस को आरोपियों के आनंद नगर परिसर में होने की जानकारी मिली और जांच धीरे-धीरे बाइक चोरी करने वाले लोगों तक पहुंच गई।

यानी एक चोरी हुई बाइक से शुरू हुई जांच में CCTV, एक रेडियम स्टिकर और दूसरी बाइक की पहचान ने पूरा नेटवर्क खोलने में अहम भूमिका निभाई।

सिर्फ बाइक चोरी नहीं, उसके बाद भी चलता था पूरा खेल

पूछताछ में पुलिस के सामने कथित तौर पर एक और अहम pattern आया। आरोपी ऐसी मोटरसाइकिलों पर नजर रखते थे जो लंबे समय से एक ही जगह पार्क रहती थीं। मौका मिलने पर बाइक चोरी की जाती और बाद में उसे एक स्क्रैप डीलर को बेच दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, स्क्रैप डीलर चोरी की बाइक को खोलकर उसके अलग-अलग पार्ट्स करता और उन्हें भंगार में बेचता था। इसी कड़ी में पुलिस ने स्क्रैप गोदाम पर कार्रवाई की, जहां से 8 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, इंजन, चेसिस और दूसरे पार्ट्स जब्त किए गए।

एक नजर में पूरी कार्रवाई

पुलिस कार्रवाईसंख्या
गिरफ्तार आरोपी4
सामने आए मोटरसाइकिल चोरी के केस8
बरामद चोरी की मोटरसाइकिलें8
जिन मोटरसाइकिलों से जुड़े पार्ट्स मिले24
संबंधित पुलिस स्टेशन4

यहां एक बात साफ समझना जरूरी है: पुलिस ने 24 पूरी मोटरसाइकिलें बरामद नहीं की हैं। 8 चोरी की बाइक मिली हैं, जबकि 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, चेसिस, इंजन और दूसरे पार्ट्स जब्त किए गए हैं।

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दहिसर पुलिस की इनवेस्टिगेशन टीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीर

8 चोरी के मामले किन इलाकों से जुड़े?

जांच में उत्तर मुंबई के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज कुल 8 मोटरसाइकिल चोरी के मामले detect हुए हैं।

पुलिस स्टेशनसामने आए केस
दहिसर4
MHB2
कस्तूरबा1
मालवणी1
कुल8

इससे साफ है कि जांच का दायरा सिर्फ उस एक बाइक चोरी तक सीमित नहीं रहा, जिससे केस की शुरुआत हुई थी।

कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोनीत भास्कर शेट्टी, उम्र 23 वर्ष, दहिसर पूर्व; पंकज मंगलप्रसाद गुप्ता, उम्र 20 वर्ष, केतकीपाड़ा, दहिसर पूर्व; आशुतोष संतोष दुबे, उम्र 20 वर्ष, धारखाड़ी रोड, दहिसर पूर्व; और पिंटू छोटेलाल गुप्ता, उम्र 29 वर्ष, केतकीपाड़ा, दहिसर पूर्व के रूप में हुई है। पिंटू छोटेलाल गुप्ता पर स्क्रैप गोदाम से जुड़ी भूमिका होने की बात सामने आई है।

इसके अलावा 17 साल 8 महीने के एक नाबालिग बालक को भी इस मामले में पकड़ा गया था, जिसे बाद में उसके माता-पिता की देखरेख में सौंप दिया गया। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

अब इस कार्रवाई का असर क्या होगा?

इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर यह है कि एक ही जांच में उत्तर मुंबई के 8 बाइक चोरी के मामलों की कड़ी सामने आई है। साथ ही 24 मोटरसाइकिलों से जुड़े नंबर प्लेट, इंजन, चेसिस और दूसरे पार्ट्स मिलने से पुलिस के पास आगे की जांच के लिए अहम material आया है।

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पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का इससे ज्यादा चोरी की गाड़ियों या दूसरे लोगों से कोई connection है या नहीं। यानी मामला 4 गिरफ्तारियों पर खत्म नहीं हुआ है और आगे कुछ और वारदातों का खुलासा होने की संभावना की जांच जारी है।

अगर आपकी बाइक भी चोरी हुई है तो क्या करें?

अगर आपकी मोटरसाइकिल पहले चोरी हुई है, खासकर दहिसर, MHB, कस्तूरबा या मालवणी इलाके से, तो अपने वाहन का registration number, chassis number और engine number संभालकर रखें। Mumbai Police की official “Stolen & Unclaimed Vehicles” सुविधा में registration, chassis और engine number से वाहन की जानकारी check करने का option उपलब्ध है।

Mumbai Police – Stolen & Unclaimed Vehicles

अगर आपकी बाइक इस केस से जुड़ी हो सकती है, तो खुद किसी बरामद वाहन या पार्ट को claim करने की कोशिश करने के बजाय संबंधित पुलिस स्टेशन से संपर्क करना ज्यादा सही रहेगा।

बाइक मालिकों के लिए इस केस से क्या सीख?

इस केस में पुलिस के सामने आया pattern यह है कि लंबे समय से एक ही जगह खड़ी रहने वाली बाइकें आरोपियों की नजर में थीं। इसलिए बाइक को संभव हो तो secure parking या अच्छी रोशनी वाली जगह पर पार्क करना, steering lock के साथ अतिरिक्त anti-theft lock इस्तेमाल करना और वाहन की पहचान से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखना जरूरी है।

Mumbai Police भी secure parking, अच्छी रोशनी वाली जगह और steering/clutch/brake lock जैसे सुरक्षा उपायों की सलाह देती है। वाहन का नंबर कांच पर etch कराने जैसी पहचान संबंधी सावधानी भी पुलिस की safety guidance में शामिल है।

कार्रवाई के पीछे पूरी पुलिस टीम

यह कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त, उत्तर प्रादेशिक विभाग शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त उत्तर परिमंडल-03 गजानन राजमाने, सहायक पुलिस आयुक्त दहिसर विभाग जयराज रणवरे, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दहिसर पुलिस स्टेशन सर्जेराव पाटील और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) मारुती सांगळे के मार्गदर्शन में हुई।

गुन्हे प्रकटीकरण अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गिते के साथ पुलिस हवालदार अमोल जाधव, पुलिस हवालदार अमित पाटील, पुलिस हवालदार शाहनवाज सय्यद, पुलिस सिपाही सुशांत जाधव, कपिल चौधरी, महेंद्र महाले, ओमकार राणे और तकनीकी मदद देने वाले पुलिस हवलदार सागर पवार ने भी कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई।

फिलहाल दहिसर पुलिस की जांच जारी है। अब नजर इस बात पर है कि जब्त किए गए पार्ट्स और दूसरे सुरागों से क्या चोरी की और वारदातें या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग सामने आते हैं।

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