Sharad Pawar Meeting को लेकर महाविकास अघाड़ी में विवाद गहरा गया। संजय राउत ने शरद पवार की बैठक पर सवाल उठाए, जबकि एनसीपी (एसपी) ने दिया करारा जवाब।
(मंत्रालय प्रतिनिधि)
मुंबई: महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार की उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में हुई बैठक ने महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के भीतर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस बैठक के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
शिवसेना (उद्धव) के सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। वहीं, एनसीपी (एसपी) ने पलटवार करते हुए कहा कि राजनीति भावनाओं से नहीं बल्कि समीकरणों से चलती है और संवाद लोकतंत्र की बुनियाद है।
शरद पवार ने शिंदे के कार्यालय में क्यों की बैठक?
बुधवार को शरद पवार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर गठित उच्चस्तरीय समिति की बैठक में शामिल होने के लिए विधान भवन पहुंचे थे।
बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शिंदे से शिष्टाचार भेंट भी की।
यही मुलाकात अब महाविकास अघाड़ी के भीतर राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है।

संजय राउत ने क्या कहा?
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेता का शिंदे के कार्यालय में जाकर पार्टी बैठक करना शिवसेना (उद्धव) के कार्यकर्ताओं के लिए पीड़ादायक है।
उन्होंने कहा कि—
- इससे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
- यह उन लोगों का महिमामंडन है जिन्होंने महाविकास अघाड़ी सरकार गिराई।
- यदि बैठक करनी थी तो विधान भवन, वाई.बी. चव्हाण प्रतिष्ठान या राष्ट्रवादी भवन जैसे अन्य स्थान भी उपलब्ध थे।
- महाविकास अघाड़ी के सहयोगी दलों को ऐसे मामलों में राजनीतिक मर्यादा का पालन करना चाहिए।
राउत ने यह भी कहा कि वह इस विषय पर शरद पवार से स्वयं चर्चा करेंगे, हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि पवार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल नहीं होंगे।
एनसीपी (एसपी) का करारा जवाब
राउत के बयान के बाद एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता अमोल माटेले ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि—
- 50 वर्ष से अधिक राजनीतिक अनुभव वाले नेता को राजनीति सिखाने की जरूरत नहीं है।
- एकनाथ शिंदे संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए उनसे मुलाकात करना स्वाभाविक है।
- महाराष्ट्र के विकास, आरक्षण, सूखा और सीमा विवाद जैसे मुद्दों पर संवाद जरूरी है।
- संवाद समाप्त होने का मतलब राजनीति का समाप्त होना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि एक बैठक से महाविकास अघाड़ी की नींव हिल जाती है तो गठबंधन को अपने भीतर झांकने की जरूरत है।
‘राजनीति भावनाओं से नहीं, गणित से चलती है’
एनसीपी (एसपी) ने अपने बयान में कहा कि राजनीति केवल भावनाओं से नहीं बल्कि राजनीतिक समीकरणों से चलती है।
पार्टी ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2019 में महाविकास अघाड़ी के गठन में शरद पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में उनके राजनीतिक निर्णयों पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
क्या इस विवाद का असर महाविकास अघाड़ी पर पड़ेगा?
फिलहाल किसी भी दल ने गठबंधन टूटने जैसी कोई बात नहीं कही है। हालांकि दोनों सहयोगी दलों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी से यह साफ है कि बैठक को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह विवाद आगे बढ़ता है तो आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और गठबंधन की रणनीति पर इसका असर पड़ सकता है।
पूरे घटनाक्रम की प्रमुख बातें
- शरद पवार ने विधान भवन परिसर में एकनाथ शिंदे के कार्यालय में पार्टी विधायकों की बैठक की।
- इसके बाद शरद पवार ने शिंदे से शिष्टाचार मुलाकात की।
- संजय राउत ने इसे कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया।
- एनसीपी (एसपी) ने कहा कि राजनीति संवाद और समीकरणों से चलती है।
- दोनों सहयोगी दलों के बीच बयानबाजी से महाविकास अघाड़ी में मतभेद खुलकर सामने आए।
शरद पवार और एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर शिवसेना (उद्धव) इसे राजनीतिक संदेश मान रही है, तो दूसरी ओर एनसीपी (एसपी) इसे सामान्य लोकतांत्रिक संवाद बता रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या महाविकास अघाड़ी की राजनीति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है।
FAQ Section
प्रश्न 1: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
शरद पवार ने विधान भवन में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय में अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक की, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ।
प्रश्न 2: संजय राउत ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इस बैठक से शिवसेना (उद्धव) के कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे वरिष्ठ नेता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
प्रश्न 3: एनसीपी (एसपी) का क्या जवाब है?
पार्टी ने कहा कि राजनीति संवाद और राजनीतिक समीकरणों से चलती है, केवल भावनाओं से नहीं।
प्रश्न 4: क्या महाविकास अघाड़ी में टूट की स्थिति है?
फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है, लेकिन दोनों दलों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी जरूर तेज हो गई है।
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- महाराष्ट्र विधानमंडल: https://mls.org.in
- महाराष्ट्र सरकार: https://www.maharashtra.gov.in

