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  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी हुए वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 साल की जेल और परिवार को झेली पीड़ा के लिए 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

    मुंबई: 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में झूठे आरोपों में फंसे और बाद में बरी हुए डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। शेख का कहना है कि यह सिर्फ पैसों की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ़ और स्वीकार्यता की लड़ाई है।

    9 साल जेल, जिंदगी बर्बाद

    शेख ने बताया कि उन्हें एटीएस ने साल 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें नौ साल तक जेल में रहना पड़ा। 11 सितंबर 2015 को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
    उन्होंने कहा – “मैं जेल से तो बाहर आ गया, लेकिन मेरी जवानी के सबसे अहम 9 साल, परिवार की खुशियां और समाज में इज्ज़त सब कुछ छिन गया।”

    9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

    वाहिद शेख ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मुआवजे की मांग की है।
    उनका दावा है कि जेल में रहने और झूठे आरोपों से हुए सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान की कीमत कोई चुका नहीं सकता। लेकिन, 9 करोड़ रुपये कम-से-कम उनके साथ हुए अन्याय की आंशिक भरपाई करेगा।

    “इसलिए अब तक चुप था”

    शेख ने याचिका में लिखा कि वह नैतिक कारणों से पिछले 10 साल तक चुप रहे और मुआवजे की मांग नहीं की। लेकिन, अब उन्हें लगता है कि यह मुद्दा सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सब लोगों के लिए है जो बेगुनाही के बावजूद सालों जेल में कैद रहे हैं।

    परिवार पर गहरा असर

    शेख पेशे से स्कूल टीचर हैं और परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं। जेल में रहने के दौरान उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक तौर पर बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
    उन्होंने बताया कि इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज़ लेना पड़ा।

    सामाजिक और भावनात्मक नुकसान

    वाहिद शेख का कहना है कि उन्हें हिरासत के दौरान प्रताड़ित भी किया गया। इन हालातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा – “मैं बाहर तो आ गया हूं, लेकिन जो दाग मेरे नाम पर लगे, उनका असर अब भी मेरे परिवार और बच्चों को झेलना पड़ रहा है।”

    पूरा मामला क्या था?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की मौत और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
    ATS ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 2015 में वाहिद शेख को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    वाहिद शेख का संदेश

    शेख ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए है। उन्होंने मांग की कि सरकार और एजेंसियां झूठे मामलों में फंसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।

  • Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    ठाणे की घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को आनंद नगर सिग्नल पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों में सिर डालकर सरकार का ध्यान खींचा।

    ठाणे: मुंबई और ठाणे के बीच सबसे व्यस्त सड़कों में से एक घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आनंद नगर सिग्नल पर हुआ, जहां लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों में सिर डालकर और पैर ऊपर उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

    गड्ढों में सिर डालकर किया विरोध

    प्रदर्शनकारियों ने इस प्रतीकात्मक आंदोलन से यह संदेश दिया कि ठाणेकर रोजाना किस मुश्किल का सामना कर रहे हैं। गड्ढों की वजह से ट्रैफिक का बुरा हाल है, जिससे लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। नागरिकों ने मांग की कि तुरंत सड़क की मरम्मत की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए।

    रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

    घोडबंदर रोड हजारों लोगों के लिए अहम कनेक्टिविटी रूट है। लेकिन, जगह-जगह गड्ढों और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम और गड्ढों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर सीधा असर डाला है।

    हादसों का खतरा बढ़ा

    गड्ढों और ट्रैफिक की वजह से इस रूट पर हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करेगा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

    भारी वाहन हादसा: ट्रैफिक पुलिस घायल

    इसी बीच, बुधवार को घोडबंदर रोड के गौमुख घाट इलाके में दो कंटेनर ट्रकों की टक्कर में एक बड़ा हादसा हुआ। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी नाइक तडवी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और पैर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    ट्रकों की टक्कर से घंटों जाम

    हादसे के बाद ट्रैफिक कई किलोमीटर तक जाम हो गया। गाड़ियों की लंबी कतारें मिरारोड के फाउंटेन हॉटेल और नवघर तक देखी गईं। यह हादसा तब हुआ जब एक ट्रक का ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और सामने से आ रहे दूसरे कंटेनर से भिड़ गया।

    नागरिकों की नाराजगी और उम्मीदें

    प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति खत्म हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ठाणेकर उम्मीद कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन गंभीरता से समस्या का हल निकालेगा।

  • मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    मुंबई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट प्लेन का पहिया गिरा, सभी यात्री सुरक्षित

    मुंबई एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट के विमान का पहिया गिर गया। फ्लाइट में 75 यात्री सवार थे। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सभी को सुरक्षित उतारा।

    मुंबई: शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्पाइसजेट की एक Bombardier विमान के टेकऑफ के दौरान उसका एक पहिया गिर गया। विमान में करीब 75 यात्री सवार थे और यह फ्लाइट कांडला (गुजरात) के लिए रवाना हो रही थी।

    टेकऑफ के समय जैसे ही टेक्निकल खराबी सामने आई, पायलट ने तुरंत फ्लाइट को कंट्रोल करते हुए रनवे पर रोक दिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट कर दिया।

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    🛫 पायलट की समझदारी से बची बड़ी दुर्घटना

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान का एक पहिया टूटकर नीचे गिर गया। अगर फ्लाइट हवा में पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की फुर्ती और एयरपोर्ट स्टाफ की मदद से विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया गया।

    एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं

    👨‍👩‍👧 यात्रियों में दहशत, लेकिन सब सुरक्षित

    फ्लाइट में बैठे यात्रियों ने बताया कि अचानक ब्रेक लगने से सभी घबरा गए। कई यात्रियों को यह डर भी सताने लगा कि कहीं विमान में आग न लग जाए। लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला।

    🏢 एयरलाइन और DGCA की जांच

    स्पाइसजेट एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि “टेकऑफ के समय टेक्निकल खराबी आई थी, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और पूरी जांच शुरू कर दी गई है।”

    ✍️ इससे पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

    यह पहला मौका नहीं है जब मुंबई एयरपोर्ट पर ऐसी टेक्निकल गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार फ्लाइट्स को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि एयरलाइंस को टेक्निकल चेकिंग सिस्टम और भी मजबूत करने की जरूरत है।

    🚧 यात्रियों के लिए असुविधा

    इस घटना के चलते मुंबई एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को रनवे क्लियर होने तक रोकना पड़ा।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

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    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।

  • Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    Nepal Protests: महाराष्ट्र के पर्यटकों को सुरक्षित वापसी का अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।

    इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।

    Nepal-Protests-Ajit-Pawar-assures-safe-return-of-tourists-from-Maharashtra

    अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

    बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

    “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”

    भारत सरकार और दूतावास से संपर्क

    महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।

    • दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
    • उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
    • बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।

    हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे

    नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।

    • पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
    • बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी: नेपाल जाने से बचें

    भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।

    • भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
    • जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
    • अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।

    स्थानीय स्तर पर हालात

    जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे।
    नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।

    महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
    अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

    Mumbai-Central-Railway-caught-7-lakh-ticketless-passengers-collected-a-fine-of-Rs-30-crore

    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां पंक्चर, MSRDC ने दिया असली कारण

    समृद्धि एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों के टायर फटने से हड़कंप। वायरल वीडियो में “कील” दिखी, पर MSRDC ने बताया- ये नोज़ल थे, न कि कील।

    मुंबई: नागपुर और मुंबई को जोड़ने वाली हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग पर मंगलवार देर रात अचानक कई गाड़ियों के टायर फट गए। जैसे ही वीडियो वायरल हुए, यह खबर आग की तरह फैल गई कि किसी ने सड़क पर कीलें गाड़ दी हैं और यह सब डकैती की योजना का हिस्सा है।

    वीडियो में यात्रियों ने दावा किया कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही 3-4 गाड़ियों के टायर अचानक फट गए। इससे लोगों में डर फैल गया और सोशल मीडिया पर “डकैती की आशंका” की चर्चाएं तेज हो गईं।

    MSRDC ने दी सफाई – “ये कील नहीं, नोज़ल थे”

    महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवेलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तुएं “कील” नहीं, बल्कि एल्युमिनियम के नोज़ल थे।

    दरअसल, मंगलवार रात दौलताबाद (छत्रपती संभाजीनगर जिला) के पास एक्सप्रेसवे की मुंबई आने वाली लेन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था। सड़क में हल्की दरारों को एपॉक्सी ग्राउटिंग से भरने का काम हो रहा था। इसके लिए 15 मीटर हिस्से पर एल्युमिनियम नोज़ल लगाए गए थे।

    काम पूरा होने के बाद ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था, लेकिन रात करीब 11:30 बजे कुछ वाहन सीधे उस हिस्से से गुजर गए। नोज़ल हटाए जाने से पहले उन गाड़ियों के टायर फट गए।

    ठेकेदार पर गिरी गाज

    MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने सुरक्षा को लेकर लापरवाही की। पर्याप्त बैरिकेडिंग और अलर्ट न होने से गाड़ियां मरम्मत वाले हिस्से में घुस गईं। इस लापरवाही के लिए ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया है।

    पुलिस के अनुसार, जहां काम हो रहा था वहां बैरिकेडिंग मौजूद थी, लेकिन एक गाड़ी ने उसे तोड़कर सीधे काम वाली जगह से गुज़रने की कोशिश की। इसी वजह से अन्य वाहन भी उसी हिस्से में फंस गए और पंक्चर हुए।

    यात्रियों की दिक्कत – घंटों फंसे रहे लोग

    घटना में कोई हादसा या गंभीर चोट की खबर नहीं है। लेकिन यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

    एक यात्री ने बताया कि उनकी कार के सभी टायर पंक्चर हो गए। उन्होंने हेल्पलाइन पर कॉल भी किया लेकिन मदद देर से पहुंची। मजबूरन उन्हें अपने परिवार (जिसमें छोटे बच्चे भी थे) को दूसरे वाहन से भेजना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में सड़क पर नुकीली चीजें साफ दिख रही थीं, जिससे आम लोगों का गुस्सा और डर दोनों बढ़ गया।

    5 बजे तक हटाए गए नोज़ल

    MSRDC के अधिकारियों ने बताया कि रातभर काम जारी रहा और सुबह 5 बजे तक सभी नोज़ल हटा दिए गए। फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है।

    क्या सचमुच लुटेरों की साजिश थी?

    पुलिस ने साफ किया कि यह किसी भी प्रकार की डकैती या साजिश का मामला नहीं था। यह सिर्फ मेंटेनेंस वर्क में लापरवाही की वजह से हुआ।

    हालांकि, वायरल वीडियो और अफवाहों ने लोगों को डरा दिया। यही कारण है कि यह घटना महाराष्ट्र में बड़ी खबर बन गई।

    🗓️ समृद्धि एक्सप्रेसवे घटना की टाइमलाइन

    📍 9 सितंबर 2025, रात

    • दौलताबाद, छत्रपती संभाजीनगर जिले के पास कई गाड़ियों के टायर पंक्चर हुए।
    • यात्रियों ने दावा किया कि सड़क पर “कीलें” गाड़ी गई हैं।
    • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, डकैती की अफवाहें फैलीं।

    📍 9 सितंबर, रात 11:30 बजे

    • MSRDC की टीम ने बताया कि उस हिस्से पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा था।
    • दरारों को भरने के लिए एपॉक्सी ग्राउटिंग का काम हो रहा था।
    • 15 मीटर सड़क पर एल्युमिनियम नोज़ल लगे थे।

    📍 10 सितंबर, सुबह 5 बजे तक

    • सभी नोज़ल हटाए गए।
    • ट्रैफिक सामान्य हो गया।
    • कोई बड़ा हादसा या जनहानि की खबर नहीं।

    📍 बाद में

    • MSRDC ने माना कि ठेकेदार ने पर्याप्त सुरक्षा नहीं रखी।
    • जिम्मेदार ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का फैसला
    • पुलिस ने कहा कि बैरिकेडिंग तोड़कर एक वाहन मेंटेनेंस ज़ोन में घुसा था।

    समृद्धि महामार्ग पर बार-बार उठ रहे सवाल

    यह पहली बार नहीं है जब समृद्धि एक्सप्रेसवे सुर्खियों में आया हो। कभी दुर्घटनाओं की वजह से तो कभी प्रबंधन पर सवाल उठते रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षा इंतज़ाम और भी सख्त होने चाहिए। बैरिकेडिंग, साइन बोर्ड और रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम को और मजबूत करने की ज़रूरत है।

  • मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    मुंबई CSMT के नीचे मिला 200 साल पुराना ब्रिटिश काल का सीक्रेट कैश वॉल्ट

    CSMT स्टेशन के नीचे ब्रिटिश काल का गुप्त कैश वॉल्ट मिला। यह वॉल्ट 2002 तक रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल होता था।

    मुंबई: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के नीचे एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसे अब जाकर उजागर किया गया है। स्टेशन की भूमिगत सुरंग से जुड़ा यह गुप्त कैश वॉल्ट करीब 25 से 30 फीट गहराई पर बना है।

    यह वॉल्ट ब्रिटिश दौर में बना था और इसे रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खास बात यह है कि इस कमरे का इस्तेमाल साल 2002 तक किया जाता रहा

    2002 तक यहां रखा जाता था रेलवे का पैसा

    यह गुप्त वॉल्ट ब्रिटिश आर्किटेक्ट फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की मूल डिज़ाइन का हिस्सा था, जिन्होंने 1888 में विक्टोरिया टर्मिनस (आज का CSMT) बनाया।

    करीब एक सदी तक यह कमरा रेलवे का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रॉन्ग रूम रहा। यहां रोज़ाना रेलवे से जुड़ी नकदी सुरक्षित रखी जाती थी और बाद में उसे रिज़र्व बैंक में जमा कराया जाता था। इस वॉल्ट में दो बड़े सेफ रखे गए थे, जिनमें करोड़ों की रकम सुरक्षित रहती थी।

    इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम आने के बाद इस वॉल्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया और 2002 के बाद यह पूरी तरह से भुला दिया गया।

    मुंबई की भूमिगत कहानियां: रहस्यमयी खोजों की लिस्ट

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की ज़मीन के नीचे ऐसे रहस्य सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार ब्रिटिश काल की छिपी हुई संरचनाएं सामने आ चुकी हैं:

    • 2010 : मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) के नीचे 200 साल पुरानी पत्थर की सुरंग मिली थी। माना जाता है कि इसे फ्रेंच आक्रमण की आशंका से बचने के लिए बनाया गया था।
    • 2016 : महाराष्ट्र राजभवन में प्री-World War I का 15,000 स्क्वायर फीट का विशाल बंकर मिला। इसमें 13 कमरे थे, जिनमें हथियार और जरूरी सामान रखा जाता था। 2019 में इसे म्यूज़ियम में बदल दिया गया।
    • 2018 : JJ हॉस्पिटल में 132 साल पुराना भूमिगत कक्ष मिला, जिसने शोधकर्ताओं को चौंका दिया।

    क्या मुंबई है ‘चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’?

    इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश राज के दौरान मुंबई को सुरक्षा, व्यापार और सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा गया था।

    आज जब बार-बार ऐसी खोजें हो रही हैं—CSMT का वॉल्ट, राजभवन का बंकर, JJ हॉस्पिटल का चैंबर—तो सवाल उठता है कि शायद मुंबई आज भी रहस्यों का शहर है, जिसकी असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।

    विरासत और पर्यटन की संभावनाएं

    इतिहासकारों का कहना है कि अगर इन जगहों को सही तरीके से संरक्षित कर हेरिटेज टूरिज्म का हिस्सा बनाया जाए, तो मुंबई न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी और ज्यादा आकर्षक बन सकती है।

    CSMT, जो पहले से ही यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, अगर इस वॉल्ट को म्यूज़ियम के तौर पर जनता के लिए खोला जाए तो यह स्टेशन की शान को और बढ़ा सकता है।

  • पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल गैंगवार: कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन का हमला, 14 पर केस

    पनवेल में खूनी गैंगवार, कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर गोल्डन मैन और उसके साथियों का तलवार-दरांती से हमला। पुलिस ने 14 पर केस दर्ज किया, दहशत का माहौल।

    पनवेल (नवी मुंबई), 10 सितंबर 2025 – मुंबई से लगे पनवेल शहर में गैंगवार और खूनी संघर्ष की घटनाओं ने पुलिस और नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार को हुई एक सनसनीखेज वारदात में इलाके के कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में गोल्डन मैन के नाम से कुख्यात अनिकेत म्हात्रे और उसके साथियों ने तलवार, कोयता, हॉकी स्टिक और बंदूक का इस्तेमाल किया। घटना में राजकुमार म्हात्रे गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पनवेल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गैंगवार की गूंज: पनवेल में पुणे जैसी वारदात

    पनवेल को मुंबई का प्रवेश द्वार कहा जाता है, लेकिन अब यह शहर गैंगवार और क्रिमिनल लड़ाई का अड्डा बनता दिख रहा है। पिछले हफ्ते पुणे में जिस तरह दो गिरोहों के बीच खून-खराबा हुआ था, ठीक वैसा ही घटनाक्रम पनवेल में दोहराया गया।

    शनिवार को पनवेल के खुटारी गांव में कुख्यात राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। इसके अगले ही दिन, यानी रविवार को, कोपरखैराने सेक्टर-19 में दो गुटों के बीच सशस्त्र झड़प हुई। पुलिस ने इस झगड़े के बाद तत्काल कार्रवाई की और संदिग्धों को हिरासत में लिया।

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    दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, पनवेल में क्रिमिनल दो गुट – राजेश जेजुरकर और गोरख म्हात्रे – के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। शनिवार को यह विवाद हिंसा में बदल गया।

    • दोनों गुटों के गुंडों ने लाठियों, तलवारों और अन्य धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमला किया।
    • झगड़े में राजेश जेजुरकर और आकाश नवघाने गंभीर रूप से घायल हो गए।
    • दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    राजकुमार म्हात्रे पर हमला: गोल्डन मैन की एंट्री

    इसी बीच सबसे बड़ा धमाका हुआ – जब कुख्यात गैंगस्टर राजकुमार म्हात्रे पर हमला हुआ। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक:

    • अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजकुमार पर हमला किया।
    • तलवार, कोयता, बंदूक और हॉकी स्टिक जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
    • हमला इतना जबरदस्त था कि राजकुमार को गंभीर चोटें आईं।
    • हमला करने के बाद गोल्डन मैन ने हवा में फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

    राजकुमार को खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

    14 आरोपियों पर केस दर्ज, गोल्डन मैन फरार

    पनवेल पुलिस ने इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए अनिकेत म्हात्रे उर्फ़ गोल्डन मैन समेत 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, पुलिस को अब तक गोल्डन मैन और उसके कुछ साथियों की गिरफ्तारी नहीं मिली है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं।

    इलाके में दहशत का माहौल

    हमले और गैंगवार की इन घटनाओं से पनवेल इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लगातार बढ़ते गैंगवॉर से सड़क पर निकलना भी असुरक्षित महसूस हो रहा है।

    एक निवासी ने कहा – “यहां हर सप्ताह कोई न कोई गैंगवार हो रही है। पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन कुछ दिनों बाद वही लोग फिर से हथियार लेकर सड़कों पर दिखाई देते हैं।”

    पुलिस की चुनौती: संगठित अपराध का सफाया

    पनवेल, नवी मुंबई और ठाणे बेल्ट लंबे समय से गुंडागर्दी और क्रिमिनल्स गिरोह के लिए कुख्यात रहे हैं। अब जबकि गोल्डन मैन और राजकुमार म्हात्रे जैसे नाम सामने आ रहे हैं, पुलिस के लिए संगठित अपराध का सफाया करना बड़ी चुनौती बन गया है।

    पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।