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  • Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Lokhandwala Circle में BMC की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अधिकारियों पर हमला किया। इसके बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और illegal vendors पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में illegal hawkers और footpath encroachment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की टीम जब Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने 8 मार्च 2026 को खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और सख्त निर्देश जारी किए।

    कमिश्नर भूषण गगराणी ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने रविवार (8 मार्च 2026) को Kandivali Lokhandwala Circle पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने उस जगह का जायजा लिया जहां नगर निगम की टीम पर हमला हुआ था।

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    इस दौरान उन्होंने कार्रवाई में शामिल BMC officers और staff से भी मुलाकात की और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।

    अधिकारी और कर्मचारियों से की बातचीत

    कमिश्नर गगराणी ने उस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की जिन्हें कार्रवाई के दौरान भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

    अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के आदेश

    निरीक्षण के दौरान BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने साफ निर्देश दिया कि इलाके में मौजूद सभी illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ immediate और strict action लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर इस तरह का अतिक्रमण होने से traffic congestion और pedestrian movement दोनों पर असर पड़ता है।

    7 मार्च को हुई थी BMC की निष्कासन कार्रवाई

    दरअसल 7 मार्च 2026 को BMC के R South Ward की टीम ने Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ encroachment removal drive चलाई थी।

    कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने BMC के वाहन और मशीनरी में भी तोड़फोड़ की।

    सड़क और फुटपाथ से हटवाए गए अवरोध

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    निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गगराणी ने मौके पर खड़े होकर सड़क और फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने खास तौर पर देखा कि फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।

    पिज्जा दुकान को तुरंत बंद करने का आदेश

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक pizza shop के बाहर delivery bikes खड़ी होने की वजह से सड़क पर ट्रैफिक बाधित हो रहा था।

    इस पर BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने तुरंत उस pizza shop को बंद करने का आदेश दे दिया।

    हमले में कॉलेज छात्रों की भी भूमिका

    कमिश्नर गगराणी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि illegal vendors के साथ कुछ local college students भी इस हमले में शामिल थे।

    इसको देखते हुए संबंधित कॉलेजों को सूचना भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    गगराणी ने साफ कहा कि illegal hawkers, footpath encroachment और unauthorized construction के खिलाफ BMC anti-encroachment drive आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करना पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।


    FAQ

    1. कांदिवली में BMC की कार्रवाई कब हुई?

    BMC ने 7 मार्च 2026 को Kandivali Lokhandwala Circle इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    2. BMC कमिश्नर कब मौके पर पहुंचे?

    8 मार्च 2026 को BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने घटनास्थल का दौरा किया।

    3. कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

    कार्रवाई के दौरान भीड़ ने BMC अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया और वाहन व मशीनरी में तोड़फोड़ की।

    4. कमिश्नर ने क्या निर्देश दिए?

    उन्होंने illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।

    5. क्या इस घटना में छात्र भी शामिल थे?

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ स्थानीय कॉलेज के छात्र भी भीड़ के साथ शामिल थे

  • Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Deep Sea Fire: मछली पकड़ने वाली ‘Sea Princess’ नाव में आग, एक खलाशी गंभीर रूप से जख्मी

    Malad Bhati Koliwada की Fishing Boat Sea Princess में deep sea fishing के दौरान stove या gas blast से भीषण आग लग गई। हादसे में एक खलाशी घायल हुआ और करीब 40 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

    मुंबई: मालाड इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है। भाटी कोळीवाड़ा के मछुआरों की Bhati Machhimar Sarvodaya Sahakari Society की महिला सदस्य Reshma Mozes Dhake की Sea Princess नाम की Fishing Boat में उस समय आग लग गई जब नाव गहरे समुद्र में Deep Sea Fishing कर रही थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक नाव में मौजूद stove या gas blast होने से अचानक आग भड़क गई।

    गैस या स्टोव ब्लास्ट से लगी आग

    प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक नाव पर खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले stove या gas cylinder से अचानक भड़का उठने के बाद आग तेजी से फैल गई। समुद्र के बीचों-बीच आग लगने से नाव पर मौजूद मछुआरों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बाकी खलाशी किसी तरह सुरक्षित रहे।

    एक खलाशी घायल, शताब्दी अस्पताल में भर्ती

    इस हादसे में नाव पर काम कर रहे एक खलाशी के दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है। उसे तुरंत किनारे लाकर Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    Coast Guard और पुलिस को दी गई सूचना

    जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तुरंत Indian Coast Guard, Fisheries Department और Yellow Gate Police को इसकी सूचना दी गई। समुद्र में आग लगने जैसी घटनाओं को देखते हुए संबंधित एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    नाव मालिक को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान

    इस आग में नाव मालिक Reshma Dhake को लगभग 40 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। मछली पकड़ने के उपकरण और नाव का बड़ा हिस्सा आग में जलकर खराब हो गया।

    मुख्यमंत्री सहायता निधि से मदद की मांग

    हादसे के बाद Maharashtra Machhimar Kruti Samiti ने राज्य सरकार से मांग की है कि नाव मालिक Reshma Dhake को हुए भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए Chief Minister Relief Fund (CM Relief Fund) से आर्थिक मदद दी जाए।


    FAQ

    1. मालाड में Fishing Boat Fire कहां हुई?

    यह हादसा मुंबई के Malad के Bhati Koliwada इलाके से समुद्र में मछली पकड़ने गई नाव पर हुआ।

    2. किस नाव में आग लगी?

    Sea Princess नाम की Fishing Boat में आग लगी, जो Reshma Mozes Dhake की है।

    3. आग लगने की वजह क्या बताई जा रही है?

    शुरुआती जानकारी के अनुसार stove या gas blast की वजह से आग लगी।

    4. हादसे में कितने लोग घायल हुए?

    इस हादसे में एक खलाशी घायल हुआ है, जिसके दोनों पैरों और एक हाथ में चोट आई है।

    5. घायल खलाशी का इलाज कहां चल रहा है?

    उसे Kandivali के Shatabdi Hospital में भर्ती कराया गया है।

  • Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Mumbai News: Malad West में बनने वाले bridge और elevated road project के ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर विवाद खड़ा हो गया है। ROFR clause के जरिए J Kumar-RPS को कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर fairness और competitive bidding पर सवाल उठे हैं। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: Malad West bridge project और elevated road project को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर अब पारदर्शिता और competitive bidding को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट J KumarRPS joint venture को मिलने जा रहा है, जिसने Right of First Refusal (ROFR) clause का इस्तेमाल कर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी की कीमत को मैच कर दिया।

    Malad West Bridge Project पर क्यों उठे सवाल

    मुंबई के Malad West infrastructure project के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने जो tender जारी किया था, अब उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि bidding process पूरी तरह से fair और transparent नहीं रही।

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    यह project bridge और elevated road के निर्माण से जुड़ा है, जिसकी कुल लागत ₹1,666 करोड़ बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य इलाके में traffic congestion कम करना और connectivity बेहतर बनाना है।

    ROFR Clause से J Kumar-RPS को मिला फायदा

    जब financial bids खोले गए तो Larsen & Toubro (L&T) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी निकली। उसने ₹1,666 करोड़ की बोली लगाई, जो BMC के अनुमान से करीब 1.8% ज्यादा थी।

    लेकिन tender में मौजूद Right of First Refusal (ROFR) clause के कारण J Kumar-RPS joint venture को प्राथमिकता दी गई। इस clause के तहत कंपनी को मौका दिया गया कि वह किसी तीसरी कंपनी की सबसे कम बोली को match कर सके।

    J Kumar-RPS ने L&T की कीमत को match कर दिया और इसी वजह से अब contract उन्हें दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    2024 का पहला Tender क्यों रद्द हुआ

    इस project के लिए BMC ने पहली बार October 2024 में ₹1,928 करोड़ का tender जारी किया था

    लेकिन July 2025 में यह tender bids खोले जाने से पहले ही रद्द कर दिया गया। उस समय MLA Aslam Shaikh ने एक पत्र लिखकर tender में cartelisation और bid rigging का आरोप लगाया था।

    Malad-West-Bridge-Project-Controversy-ROFR-clause-BMC-tender-news-1

    इसी वजह से BMC ने पूरा tender process रोक दिया और नया tender जारी करने का फैसला किया।

    नया Tender और बढ़ा Project Scope

    इसके बाद September 2025 में नया tender जारी किया गया, जिसमें project का scope बढ़ा दिया गया।

    • Revised estimated cost: ₹2,250 करोड़
    • Model: Design and Build
    • Special clause: J Kumar-RPS के पक्ष में ROFR clause

    यह बदलाव भी विवाद की वजह बन गया, क्योंकि इससे bidding process में preferential advantage मिलने का आरोप लगा।

    BMC ने ROFR देने की वजह बताई

    BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ROFR clause देने का कारण एक पुराना financial claim था

    दरअसल, J Kumar कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो उन्होंने एक दूसरे project के लिए mobilization और preliminary work में खर्च होने का दावा किया था।

    यह project था Eastern Freeway (Orange Gate) से Grant Road elevated road project, जिसे पहले J Kumar को दिया गया था लेकिन बाद में BMC ने इसे रद्द कर दिया।

    अधिकारी के मुताबिक अगर ROFR नहीं दिया जाता तो मामला arbitration में चला जाता और BMC को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती।


    Claim Verification पर भी उठे सवाल

    कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि J Kumar के ₹350 करोड़ के claim की ठीक से verification नहीं की गई

    आलोचकों का कहना है कि बिना सही जांच के ROFR देना competitive bidding process को प्रभावित कर सकता है।


    Cost Estimate पर भी बनी बहस

    दिलचस्प बात यह है कि project का revised estimate ₹2,250 करोड़ था, लेकिन सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ ही आई।

    इससे यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या project cost estimate ज्यादा रखा गया था

    MLA Aslam Shaikh के पत्र के अनुसार, पहले tender में भी सबसे कम बोली अनुमानित लागत से 13.6% कम थी


    Engineering Contracts में कम बोली कैसे संभव

    BMC अधिकारियों का कहना है कि Engineering, Procurement and Construction (EPC) contracts में कम बोली आना सामान्य बात है।

    इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे:

    • बेहतर design planning
    • economies of scale
    • contractor की internal cost efficiency

    इसी वजह से कई बार contractors अनुमानित लागत से कम कीमत में भी project पूरा करने की पेशकश कर देते हैं।


    Tender Cancel होने पर भी उठे सवाल

    एक private company के अधिकारी, जो BMC के साथ काम करती है, ने कहा कि पहला tender बिना स्पष्ट कारण बताए रद्द कर दिया गया था

    हालांकि BMC अधिकारियों ने सफाई दी कि tender administrative reasons से रद्द किया गया था, जिसमें project scope बढ़ाने की जरूरत भी शामिल थी।


    दूसरी Tender प्रक्रिया में कौन-कौन कंपनियां थीं

    दूसरे tender में चार कंपनियां technical bid round तक पहुंची थीं

    • Larsen & Toubro (L&T)
    • J Kumar-RPS
    • Ashoka Buildcon
    • NCC Ltd

    लेकिन L&T को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों की बोली BMC के अनुमान से ज्यादा थी


    FAQ

    1. Malad West bridge project की लागत कितनी है?

    इस project की सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ की आई है, जो L&T ने लगाई थी।

    2. ROFR Clause क्या होता है?

    Right of First Refusal (ROFR) एक clause होता है जिसमें किसी कंपनी को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी अन्य bidder की सबसे कम कीमत को match करके contract हासिल कर सकती है।

    3. पहला BMC tender क्यों रद्द हुआ था?

    MLA Aslam Shaikh ने tender में cartelisation और bid rigging के आरोप लगाए थे, जिसके बाद BMC ने tender रद्द कर दिया।

    4. J Kumar कंपनी को ROFR क्यों दिया गया?

    BMC के अनुसार कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो पहले रद्द हुए elevated road project से जुड़ा था। arbitration से बचने के लिए ROFR दिया गया।

    5. दूसरे tender में किन कंपनियों ने भाग लिया था?

    L&T, J Kumar-RPS, Ashoka Buildcon और NCC Ltd technical round में qualified हुई थीं।

  • Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Mumbai में प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project के खिलाफ Kandivali के Turzon Point पर नागरिकों ने ‘March for Mangroves’ निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो शहर को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Kandivali के Charkop इलाके में शुक्रवार (6 मार्च 2026) को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक Turzon Point पर जुटे और “March for Mangroves” नाम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस हाई-स्पीड कोस्टल कॉरिडोर के निर्माण से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो मुंबई के लिए Natural Flood Protection System की तरह काम करते हैं।

    BMC का 26 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर प्लान

    इस प्रोजेक्ट को Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) विकसित करना चाहती है। योजना के मुताबिक Versova से Bhayander तक 26 किलोमीटर लंबा Coastal Road Corridor बनाया जाएगा।

    BMC का दावा है कि इस हाई-स्पीड सड़क से Versova-Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर सिर्फ 18 मिनट रह जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे Traffic Congestion कम होगा और Fuel Consumption भी घटेगा

    45,000 Mangroves कटने की आशंका

    लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की कीमत 45,000 mangroves के विनाश के रूप में चुकानी पड़ेगी।

    Controversy-Versova-Bhayander-Coastal-Road-Citizens-Kandivali-March-Mangroves-news

    Mangroves को Mumbai की Natural Coastal Defence माना जाता है, जो समुद्री लहरों और बाढ़ के असर को कम करने में मदद करते हैं।

    “यह सड़क कुछ अमीर कार मालिकों के लिए”

    प्रदर्शन में शामिल Gaurang Vora ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों के हित में नहीं है।

    उनका कहना था:
    Mangroves are life. आखिर यह coastal road क्यों बनाई जा रही है? यह सिर्फ कुछ कार मालिकों के लिए है, जबकि इसका नुकसान लाखों लोगों को झेलना पड़ेगा।”

    Inland Afforestation को बताया गलत विकल्प

    सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बदले Compensatory Afforestation यानी दूसरे इलाकों में पेड़ लगाने की योजना पेश की है।

    बताया गया है कि 1.3 लाख से ज्यादा पौधे Palghar और Chandrapur जैसे दूरदराज क्षेत्रों में लगाए जाएंगे

    लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Inland Forest कभी भी Coastal Mangroves का विकल्प नहीं हो सकता

    गौरंग वोरा ने कहा:
    “आप यहां mangroves काटकर कहीं और पेड़ नहीं लगा सकते। Inland forest कभी भी Coastal Shield नहीं बन सकता।”

    Mumbai में पहले ही घट चुके हैं Mangroves

    विशेषज्ञों के मुताबिक 1970 से 2000 के शुरुआती वर्षों के बीच Mumbai अपने 40% से ज्यादा mangroves खो चुका है

    हालांकि Bombay High Court ने 2000 के दशक में कई आदेश देकर mangroves के संरक्षण को बढ़ावा दिया, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण फिर से इन जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है।

    Sea Level Rise और Flooding की चिंता

    प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि Mumbai में हर साल लगभग 4.5 mm Sea Level Rise दर्ज किया जा रहा है।

    ऐसे में अगर mangroves खत्म होते हैं, तो शहर को भविष्य में और ज्यादा गंभीर Flooding का सामना करना पड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों ने महसूस किए ‘Tremors’

    प्रदर्शन में मौजूद Chandrakant Suvarna ने एक और गंभीर चिंता जताई।

    उन्होंने बताया कि mangrove क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को इमारतों में हल्के झटके (Tremors) महसूस हो रहे हैं।

    उनका आरोप है कि यह Land Filling और Construction Activity के कारण हो सकता है, जिससे जमीन की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

    ‘Builder Nexus’ के आरोप

    चंद्रकांत सुवर्णा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में Builder-Nexus काम कर रहा है।

    उनका कहना था कि
    “अधिकारियों को लोगों की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा और प्रोजेक्ट दिखाई देता है।”

    Turzon Point पर बनी मानव श्रृंखला

    शाम ढलते-ढलते Turzon Point पर नागरिकों ने Human Chain बनाकर mangroves को बचाने का संदेश दिया।

    यह विरोध सिर्फ पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए था।

    लड़ाई अभी खत्म नहीं

    “March for Mangroves” खत्म हो गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Mangroves Protection Movement अभी शुरू हुआ है

    उनका सवाल है कि कुछ लोगों के 18 मिनट के सफर के लिए क्या लाखों लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?


    FAQ (People Also Ask)

    1. Versova–Bhayander Coastal Road Project क्या है?

    यह 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कोस्टल रोड प्रोजेक्ट है, जिसे BMC प्रस्तावित कर रही है।

    2. इस प्रोजेक्ट से कितना समय बचेगा?

    BMC के अनुसार Versova से Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर 18 मिनट हो जाएगा।

    3. प्रदर्शन क्यों हुआ?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं

    4. सरकार का समाधान क्या है?

    सरकार ने Compensatory Afforestation के तहत 1.3 लाख पौधे लगाने का प्रस्ताव दिया है।

    5. प्रदर्शन कहां हुआ?

    यह विरोध Kandivali के Turzon Point और Charkop क्षेत्र में आयोजित किया गया।

  • Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Kandivali Anti-Hawker Drive: BMC अधिकारियों पर हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।

    इस मामले में Mumbai Police ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।

    Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive

    जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।

    भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया

    इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट

    पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा

    आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।

    Samta Nagar Police Station में केस दर्ज

    घटना के बाद मामले की शिकायत Samta Nagar Police Station में दर्ज की गई।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    5 आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो सामने आने के बाद शहर में Illegal Hawkers, Encroachment Drive और Civic Safety को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali इलाके के Lokhandwala Circle के पास हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों और Earthmover के ड्राइवर पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    मामला Samta Nagar Police Station में दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस किन धाराओं में जांच कर रही है?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं

  • Mumbai BMC Ward 31 Controversy: गटर ओवरफ्लो पर भड़के लोग, नगरसेविका Manisha Yadav और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार के आरोप

    Mumbai BMC Ward 31 Controversy: गटर ओवरफ्लो पर भड़के लोग, नगरसेविका Manisha Yadav और इंजीनियर पर भ्रष्टाचार के आरोप

    Mumbai के BMC R/South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही नाले और गटर ओवरफ्लो होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के R South Ward के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 31 में गटर और नालों की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही चेंबर टाइप गटर और नाले गंदे पानी और कीचड़ से भरकर ओवरफ्लो होने लगे हैं, जिससे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थिति स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की अनदेखी और BMC अधिकारियों की लापरवाही के कारण पैदा हुई है।

    बिना बारिश के ही गटर और नाले लबालब

    एकता नगर के निवासियों के अनुसार इलाके में बिना बरसात के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।

    चेंबर टाइप गटरों में कीचड़ मिला गंदा पानी ऊपर तक भर गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हालत है, तो मॉनसून (Monsoon Season) में हालात और भी खराब हो सकते हैं।

    “जुम्मा-जुम्मा 8 दिन में ही दिखा असली रंग” – स्थानीय लोग

    इलाके में चर्चा है कि स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav को पद संभाले अभी सिर्फ कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि उन्होंने अभी से “तेरा-मेरा” की राजनीति शुरू कर दी है।

    कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे समस्या लेकर उनके पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “आप लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, फिर मेरे पास शिकायत क्यों लेकर आते हैं?”

    लोगों का कहना है कि इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक भावना (Democratic Values) के बिल्कुल खिलाफ है।

    Maintenance Department की जिम्मेदारी

    जानकारी के मुताबिक वार्ड नंबर 31 के Ekta Nagar क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदारी BMC के Maintenance Department के पास है।

    इस क्षेत्र की तकनीकी जवाबदेही Assistant Engineer Amol Gavit के पास बताई जाती है, जिन्हें Executive Engineer का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है

    लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि Amol Gavit अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल साबित हो रहे हैं या फिर जानबूझकर लापरवाही कर रहे हैं।

    ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के आरोप

    इलाके में यह भी चर्चा है कि Executive Engineer Amol Gavit का ध्यान सिर्फ ठेकेदारों से मिलने वाले कमीशन पर है

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के कारण क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

    लोगों का कहना है कि काम के नाम पर पैसा तो मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा

    भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप

    एकता नगर में रहने वाले लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि Executive Engineer Amol Gavit, ठेकेदार और स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की तिकड़ी का भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है

    लोगों का कहना है कि तीनों की आपसी सेटिंग के कारण इलाके की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा

    BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तैयारी

    स्थानीय निवासियों ने अब इस मामले को लेकर BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी शुरू कर दी है।

    लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गटर और नालों की सफाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस इलाके का है?

    यह मामला मुंबई के BMC R South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके का बताया जा रहा है।

    2. लोगों की मुख्य शिकायत क्या है?

    स्थानीय लोगों के अनुसार बिना बारिश के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और इलाके में गंदगी फैल रही है।

    3. आरोप किन पर लगाए गए हैं?

    लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

    4. BMC का कौन सा विभाग जिम्मेदार है?

    इस क्षेत्र की देखरेख BMC Maintenance Department के पास बताई जा रही है।

    5. अब आगे क्या होगा?

    स्थानीय लोग BMC के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Mumbai के Borivali में Fake KYC Update Scam का बड़ा मामला सामने आया है। Tata Power के नाम पर आए फोन कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए 69 वर्षीय Senior Citizen के बैंक खाते से ₹9.75 लाख उड़ा लिए गए। Borivali Police और Cyber Cell मामले की जांच में जुटी है।

    मुंबई: Online Fraud और KYC Scam का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय Senior Citizen को Fake KYC Update के नाम पर ठग लिया गया। ठग ने खुद को Tata Power का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा और KYC अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 निकाल लिए।

    इस मामले में Mumbai Police के Borivali Police Station में केस दर्ज कर लिया गया है और Cyber Cell आरोपी की तलाश में जुट गई है।

    फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा Online Fraud

    पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग Borivali इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं

    24 फरवरी को जब वह घर पर थे, तभी उन्हें एक अनजान नंबर से फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को Tata Power Electricity का अधिकारी बताया और कहा कि उनका KYC Update Pending है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी है।

    WhatsApp पर भेजा गया Fake KYC Link

    फोन कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित को WhatsApp पर एक लिंक भेजा और कहा कि उसी लिंक पर जाकर KYC Update Process पूरा करें।

    क्योंकि बुजुर्ग को इस प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलर के बताए अनुसार लिंक ओपन किया और अपनी Personal Details भर दीं

    ₹10 UPI ट्रांजेक्शन के बहाने शुरू हुई ठगी

    फर्जी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बाद पीड़ित से कहा गया कि KYC Verification के लिए ₹10 का UPI Payment करना होगा।

    बुजुर्ग ने निर्देशों का पालन करते हुए ₹10 ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कॉलर ने फोन काट दिया।

    दोस्त की चेतावनी के बाद डिलीट किया चैट

    बाद में जब पीड़ित ने इस घटना के बारे में अपने एक दोस्त को बताया तो उसने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसे लिंक अक्सर Cyber Fraud के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं

    इस बात से घबराकर पीड़ित ने WhatsApp चैट और लिंक दोनों डिलीट कर दिए

    3 मार्च को बैंक मैसेज देख उड़े होश

    कुछ दिन बाद 3 मार्च को पीड़ित के मोबाइल पर Bank Transaction Alerts आने लगे।

    जब उन्होंने मैसेज चेक किए तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये डेबिट हो चुके थे

    Borivali Police में दर्ज हुई शिकायत

    अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित तुरंत Borivali Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।

    पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ Cheating और Information Technology Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    Cyber Cell कर रही आरोपी की तलाश

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक Borivali Police Station की Cyber Cell टीम इस मामले की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी लिंक कहां से भेजा गया और बैंक खाते से पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए

    पुलिस की नागरिकों को चेतावनी

    पुलिस ने इस मामले के बाद एक बार फिर नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है।

    अधिकारियों का कहना है कि:

    • किसी भी Unknown Caller पर भरोसा न करें
    • KYC Update Link पर बिना जांच क्लिक न करें
    • Banking Details, OTP या Personal Information किसी से साझा न करें
    • संदेह होने पर तुरंत Police या Cyber Cell से संपर्क करें

    FAQ (People Also Ask)

    1. Borivali KYC Scam में कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये निकाल लिए गए।

    2. आरोपी ने ठगी कैसे की?

    आरोपी ने खुद को Tata Power अधिकारी बताकर Fake KYC Link भेजा और उसी के जरिए बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए।

    3. घटना कब हुई?

    फोन कॉल 24 फरवरी को आया था, जबकि 3 मार्च को बैंक मैसेज से ठगी का पता चला।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    इस मामले में Borivali Police Station में केस दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस क्या जांच कर रही है?

    Cyber Cell आरोपी की पहचान और पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए, इसकी जांच कर रही है।

  • Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai Traffic Jam: WEH पर बसें खड़ी कर Protest करने वाले 46 ड्राइवर-क्लीनर गिरफ्तार

    Mumbai के Western Express Highway पर e-challan के विरोध में बसें खड़ी कर Traffic Block करने वाले 46 Bus Drivers और Cleaners को Vile Parle Police ने गिरफ्तार किया। इस Protest की वजह से Malad तक लंबा Traffic Jam लग गया।

    मुंबई: Western Express Highway Traffic Jam को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। e-challan system और commercial vehicles पर लगने वाले टैक्स-टोल के विरोध में बस ड्राइवरों और क्लीनरों ने हाईवे पर गाड़ियां खड़ी कर दीं। इस वजह से Vile Parle से लेकर Malad तक भारी Traffic Jam लग गया

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार कर लिया है।

    WEH पर बसें खड़ी कर किया गया Protest

    घटना Western Express Highway के Vile Parle East इलाके की है।

    पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने Southbound Carriageway पर अपनी बसें और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए थे।

    इस वजह से Andheri–Bandra stretch पर ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया और कुछ ही देर में गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई।

    बिना अनुमति के हाईवे पर प्रदर्शन

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी पूर्व अनुमति के हाईवे पर यह विरोध प्रदर्शन किया।

    बसों को सड़क पर खड़ा कर दिया गया और कई ड्राइवर सड़क पर जमा होकर e-challan fines माफ करने और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग करने लगे।

    सुबह 9 बजे हुआ पूरा घटनाक्रम

    पुलिस के अनुसार यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई।

    उस समय पुलिस अधिकारी मुंबई में होने वाली एक अहम यात्रा की तैयारी कर रहे थे। दरअसल, Prime Minister of Finland के शुक्रवार को मुंबई दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए पुलिस rehearsal arrangements और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रही थी।

    इसी दौरान Police Control Room को सूचना मिली कि लगभग 25 से 30 ड्राइवरों ने हाईवे पर बसें खड़ी कर दी हैं और रास्ता ब्लॉक कर दिया है।

    पुलिस के समझाने के बावजूद नहीं हटाए वाहन

    सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने ड्राइवरों को कई बार बसें हटाने और सड़क खाली करने के लिए कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में ऐसा करने से इनकार कर दिया।

    इसके बाद Traffic Police भी मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने की कोशिश की।

    हजारों यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

    इस विरोध प्रदर्शन के कारण Western suburbs में भारी ट्रैफिक जाम लग गया।

    पुलिस के अनुसार:

    • हजारों commuters ट्रैफिक में फंस गए
    • कई ambulances भी जाम में अटक गईं
    • Class 10 और Class 12 board exams देने जा रहे कई छात्र भी इस ट्रैफिक में फंस गए

    इस वजह से पूरे इलाके में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ड्राइवरों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों से बहस भी की।

    कुछ लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनके वाहन हटाए गए तो वे मुंबई के दूसरे इलाकों में भी सड़कें जाम कर देंगे

    15 मिनट में हटाई गई बसें

    पुलिस ने बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

    इसके बाद हाईवे पर खड़ी बसों को हटाकर करीब 15 मिनट के अंदर सड़क साफ कर दी गई, जिससे ट्रैफिक धीरे-धीरे सामान्य होने लगा।

    46 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

    पुलिस ने कुल 46 Bus Drivers और Cleaners के खिलाफ FIR दर्ज की है।

    उन पर निम्न आरोप लगाए गए हैं:

    • Unlawful Assembly
    • Public Servants को काम करने से रोकना
    • Public Traffic में बाधा डालना

    सभी आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 मार्च तक Police Custody में भेज दिया गया।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai WEH Protest में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में 46 Bus Drivers और Cleaners को गिरफ्तार किया गया।

    2. Protest कहां हुआ था?

    यह विरोध प्रदर्शन Western Express Highway के Vile Parle East इलाके में हुआ।

    3. Protest का कारण क्या था?

    ड्राइवर e-challan fines माफ करने, और commercial vehicle taxes और toll charges कम करने की मांग कर रहे थे।

    4. Traffic Jam कितनी दूर तक लगा?

    गाड़ियों की लंबी कतार Malad तक पहुंच गई थी।

    5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    पुलिस ने FIR दर्ज कर 46 लोगों को गिरफ्तार किया और कोर्ट से 8 मार्च तक पुलिस कस्टडी ली।

  • Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Bomb Threat Case: Hoax Email भेजने वाला 28 साल का आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai में स्कूल, Stock Exchange और Metro Stations को Bomb Threat Email भेजने वाले 28 वर्षीय आरोपी को Gujarat Police ने गिरफ्तार किया। Dindoshi Police अब MaladGoregaon केस में उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।

    मुंबई: Bomb Threat Email Case को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले एक 28 वर्षीय युवक को Gujarat Police ने गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि इन धमकी भरे ईमेल्स के पीछे उसका असली मकसद क्या था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी धमकियां Hoax Bomb Threat यानी झूठी निकलीं।

    Mumbai-Bomb-Threat-Case-hoax-email-news

    Gujarat Police ने आरोपी को किया गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक आरोपी को Ahmedabad की Cyber Police ने 1 मार्च को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि उसने सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि देश के कई शहरों में ईमेल भेजकर Bomb Blast Threat दी थी।

    इन शहरों में शामिल हैं:

    • Mumbai
    • Delhi
    • Punjab
    • Ahmedabad

    पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग संस्थानों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे ईमेल भेजे थे।

    Mumbai के Malad-Goregaon इलाके में भेजे थे ईमेल

    मुंबई में यह मामला Dindoshi Police Station के अधिकार क्षेत्र में दर्ज हुआ था।

    पुलिस के अनुसार आरोपी ने 26 फरवरी को ईमेल भेजकर धमकी दी थी कि स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations पर बम धमाके होंगे।

    ये सभी संस्थान मुख्य रूप से Malad-Goregaon belt में आने वाले इलाकों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

    सभी जगहों की हुई जांच, कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला

    ईमेल मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं।

    पुलिस टीमों ने जिन जगहों को धमकी दी गई थी, वहां पूरी तरह से सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे साफ हो गया कि यह Hoax Bomb Threat था।

    Bhartiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज हुआ केस

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में Bhartiya Nyaya Sanhita की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

    अब Dindoshi Police आरोपी को मुंबई लाकर पूछताछ करने के लिए उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह सब Prank था या इसके पीछे कोई और बड़ा मकसद था।

    पुलिस कर रही है Motive की जांच

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने देशभर में इस तरह के Bomb Threat Emails क्यों भेजे।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि:

    • क्या यह सिर्फ मजाक (Prank) था
    • या फिर किसी को डराने की कोशिश
    • या इसके पीछे कोई Cyber Crime Network जुड़ा है

    जांच एजेंसियां आरोपी के ईमेल अकाउंट, डिजिटल डिवाइस और इंटरनेट गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Mumbai Bomb Threat Case में आरोपी कौन है?

    इस मामले में 28 वर्षीय युवक को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

    2. आरोपी को कब और कहां गिरफ्तार किया गया?

    उसे 1 मार्च को Ahmedabad Cyber Police ने गिरफ्तार किया।

    3. मुंबई में धमकी कब दी गई थी?

    मुंबई में 26 फरवरी को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।

    4. किन जगहों को Bomb Threat मिला था?

    स्कूलों, Stock Exchange और Metro Stations को बम धमाके की धमकी दी गई थी।

    5. क्या धमकी सच थी?

    नहीं, पुलिस जांच में यह Hoax Bomb Threat यानी झूठी धमकी निकली।