मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।
मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।
पुलिस का जाल और गिरफ्तारी
चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।
मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।
पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
मुंबई की 69 वर्षीय श्रीमती ललिता मल्होत्रा को एक प्राइवेट इंश्योरेंस एजेंट ने फर्जी पेंशन स्कीम के बहाने लगभग ₹ 7.95 लाख प्रीमियम भरवाकर धोखा दिया। एक साल बाद पेंशन न मिलने पर पुलिस में FIR दर्ज। जानिए पूरा मामला, सावधानियाँ और कानूनी प्रक्रिया।
मुंबई: मलाड (वेस्ट) क्षेत्र की इक निवासी, ६९ वर्षीय ललिता मल्होत्रा नाम की एक बुज़ुर्ग महिला, पेंशन स्कीम का झांसा देकर लगभग ₹ 8 लाख से कम नहीं की गई राशि एक एजेंट को चुकाने के लिए मजबूर हुई। आरोपी संस्था एक निजी इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि कहलाई जा रही है।
कैसे हुआ धोखा?
घटना
विवरण
पहला संपर्क
2023 में, ललिता ने एक पॉलिसी ली 5 साल के लिए, और पहली किश्त के रूप में ₹ 61,350 बैंक चेक से चुकाई गई।
दूसरी किश्त की दबाव
जनवरी 2024 में, एजेंट अशिष तिवारी ने दूसरी किस्त भरने के लिए फोन किया। लेकिन महिला ने कहा कि अभी एक वर्ष पूरा नहीं हुआ है, तो नीति बंद़ करना चाहती हैं।
वादा पेंशन का
तिवारी ने कहा कि पॉलिसी में बोनस आ गया है, नीति का मूल्य बढ़ गया है, और यदि बाकी राशि चुकाई जाए तो नवंबर 2024 से पेंशन मिलना शुरू होगी।
भुगतान की प्रक्रिया
मई 2024 से फ़रवरी 2025 तक, कुल 12 किश्तों में लगभग ₹ 7,95,000 गूगल पे से तिवारी द्वारा दिए गए बैंक खाते में जमा कराई गईं।
पेंसन शुरू न होने पर आशंका
नवंबर 2024 से पेंशन मिलने का जो वादा था, तिवारी ने वो पूरा नहीं किया। उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बन्द कर दिया।
शिकायत और कानूनी कार्यवाही
ललिता-मल्होत्रा जब पेंशन न मिलने की बात पूछने लगीं, तब एजेंट उनसे बचने लगा। उसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को सूचित किया और मेई 2025 में बंगुर नगर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामला जांचा और आशिष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे कि धोकाधड़ी (cheating), फर्जी आश्वासन देना वगैरह के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
⚠️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए चेतावनियाँ
जाने-पहचाने एजेंटों या कंपनियों से ही व्यवसाय करें — यदि प्रतिनिधि का नाम, पहचान पत्र, कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं हो, तो तुरंत संदिग्ध समझें।
पहले लिखित दस्तावेज़ मांगें — पॉलिसी की पूरी जानकारी, प्रीमियम की राशि, पेंशन की शुरुआत की तिथि आदि सभी चीज़ों का दस्तावेज़ बने।
भुगतान से पहले नीति की शर्तें पढ़ें — फाइन प्रिंट (terms & conditions), बोनस क्लॉज, पॉलिसी की समाप्ति आदि।
लाखों त्वरित उपायों पर न बहकें — “पेंशन अब शुरू होगी”, “बोनस आ गया है”, “थोड़ी बार भुगतान करो” जैसे वादे सदैव सच नहीं होते।
बैंक ट्रांज़ैक्शन्स के दस्तावेज़ सुरक्षित रखें — हर पेमेंट का रिकॉर्ड हो, चाहें चेक हो, ऑनलाइन ट्रांसफर हो या गूगल पे आदि।
परिचित व्यक्ति या परिवार को जानकारी दें — यदि कोई निवेश प्रस्ताव बहुत अच्छा लगे, परिवार को बताएं, किसी भरोसेमंद से राय लें।
⚖️ कानूनी प्रक्रिया और क्या हो सकता है आगे
पुलिस ने आशिष तिवारी के ख़िलाफ़ बनार जनता न्याय संहिता की धाराएँ लगाई हैं: धोकाधड़ी (cheating), फोटोग्राफ़ी या दस्तावेज़ फर्जीवाड़ा (forgery), आदि।
बैंक खाते की जांच की जाएगी कि पैसे कहाँ गए हैं, कौन-से खाते में जमा हुए, और क्या पैसे बरामद हों सकते हैं।
यदि साबित हुआ कि एजेंट ने फर्जी वादे किए, तो वह जवाबदेह होगा और आरोपी के खिलाफ FIR, बाद में चार्ज शीट, न्यायालयिक सुनवाई हो सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी/पुलिस हेल्पलाइन्स हैं जहाँ ऐसे प्रकरण दर्ज कराए जा सकते हैं, साइबर क्राइम सेल को सूचित किया जा सकता है।
🛡️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी अधिकार और बचाव गाइड
1. कानूनी अधिकार
धोखाधड़ी (Cheating): भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (पूर्व IPC 420) लागू होती है।
फर्जी दस्तावेज़ / जाली साक्ष्य: धारा 336 (पूर्व IPC 468, 471) लागू हो सकती है।
साइबर अपराध: IT Act की धाराएँ भी लागू हो सकती हैं, जैसे धारा 66D (cheating by personation using computer resources)।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार: Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, देखभाल और सहायता मिलती है।
✔️ किसी भी पेंशन स्कीम या इंश्योरेंस पॉलिसी को ऑनलाइन वेरिफाई करें। ✔️ एजेंट का IRDAI रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें (इंश्योरेंस रेग्युलेटर की वेबसाइट पर उपलब्ध)। ✔️ अनजाने खातों में गूगल पे / UPI से बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। ✔️ परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को सभी निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी दें। ✔️ हमेशा लिखित एग्रीमेंट / पॉलिसी डॉक्यूमेंट रखें।
4. अगर धोखा हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अपने बैंक और UPI ऐप को कॉल कर “फ्रॉड रिपोर्ट” दर्ज कराएं।
1930 पर कॉल करें और साइबर पुलिस को सूचना दें।
cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
पुलिस थाने में FIR करवाएं और सारे पेमेंट स्क्रीनशॉट्स, बैंक स्टेटमेंट्स, मैसेजेस सबूत के तौर पर दें।
👉 यह गाइड न सिर्फ इस केस में बल्कि हर उस स्थिति में काम आएगी, जहाँ बुज़ुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा हो।
यह मामला एक चेतावनी है कि कैसे बुज़ुर्ग लोग भरोसे के आधार पर आर्थिक नुक़सान उठा सकते हैं, खासकर जब उन्हें समय पर पेंशन या कोई वित्तीय लाभ मिलने का वादा किया जाए। सही जानकारी, दस्तावेज़, और धैर्य ही धोखाधड़ी से बचने की कुंजी है।
IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
डिजिटल डेस्क मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।
📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?
प्रदर्शन की तस्वीर
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।
😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?
IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”
BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
Federation of All India Medical Association (FAIMA)
हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।
⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”
मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।
मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।
राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा, “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”
राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला
घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र
शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू
शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।
लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!
स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।
🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण
इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं
इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।
👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:
गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।
🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?
“प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।“
उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।
🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:
“यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।“
पुजा खेड़कर केस में नया मोड़। परिवार के सभी सदस्य मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए हैं और तीन दिन से कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया। नवी मुंबई और पुणे पुलिस ने परिवार को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस का मानना है कि परिवार अग्रिम जमानत लेने तक छिपा रह सकता है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र का सबसे बड़ा मुंबई और पुणे में इस समय बर्खास्त IAS अफसर पुजा खेड़कर का केस सुर्खियों में है। जहां एक तरफ पुणे पुलिस ने हाल ही में खेड़कर परिवार के घर से एक ट्रक क्लीनर को रेस्क्यू किया था, वहीं अब पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि परिवार अचानक फरार हो गया है।
पुलिस का कहना है कि परिवार ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं और कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया है। यानी वह पूरी तरह “ऑफ द ग्रिड” हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब सीसीटीवी और टोल नाका फुटेज की मदद से परिवार की लोकेशन तलाशने में जुटी है।
⚠️ मामला क्या है?
हाल ही में पुणे पुलिस ने पुजा खेड़कर के घर से एक ट्रक क्लीनर को छुड़ाया।
इसके बाद से ही परिवार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।
लेकिन जांच से पहले ही परिवार अचानक गायब हो गया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक: “परिवार ने सभी डिवाइस बंद कर दिए हैं। हम अब CCTV और आसपास के इलाकों की जांच कर रहे हैं कि वे किस गाड़ी से फरार हुए।”
🚨 पुलिस का सर्च ऑपरेशन
नवी मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दोनों पुलिस टीमें मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
CCTV फुटेज, टोल नाका रिकॉर्ड, होटल और लॉज डेटा खंगाला जा रहा है।
पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही परिवार तक पहुंच जाएगी।
पुलिस की चुनौतियां
मोबाइल बंद – डिजिटल ट्रैकिंग असफल।
UPI/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद – बैंकिंग से कोई सुराग नहीं।
बड़ा इलाका – संभावना है कि परिवार महाराष्ट्र से बाहर भी गया हो।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि परिवार का मकसद अभी छिपकर रहना है ताकि वकीलों के जरिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) हासिल की जा सके। कानून जानने वाले एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस तरह की रणनीति अक्सर बड़े केसों में अपनाई जाती है।
🕵️♂️ जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं:
“क्या आम आदमी के केस में भी इतनी देरी होती?”
“बड़े अफसर का परिवार होने के कारण पुलिस का रवैया नरम क्यों है?”
कई यूज़र्स ने कहा कि अगर समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह केस “कानूनी प्रक्रिया का मजाक” बन सकता है।
📋 मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चा
लोकल और नेशनल मीडिया दोनों जगह इस केस की लगातार कवरेज हो रही है।
टीवी चैनलों पर डिबेट चल रही है कि पुलिस परिवार को पकड़ क्यों नहीं पा रही।
विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि “बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश हो रही है।”
जबकि पुलिस का दावा है कि “किसी को भी बचाने का सवाल ही नहीं, सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है।”
📢 पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है: “हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। CCTV, गुप्त सूचना और इंफॉर्मर नेटवर्क की मदद से जल्द ही परिवार तक पहुंचेंगे।”
📝 अब तक सामने आई अहम बातें
परिवार फोन और इंटरनेट से पूरी तरह गायब।
तीन दिन से कोई बैंकिंग या डिजिटल पेमेंट नहीं।
पुलिस का शक कि परिवार बाहरी राज्यों में छिपा हो सकता है।
कोर्ट में जमानत आवेदन की संभावना।
📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: पुजा खेड़कर केस में परिवार क्यों फरार हुआ?
👉 पुलिस का मानना है कि वे कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने तक छिपे रहना चाहते हैं।
Q2: क्या पुलिस के पास कोई सुराग है?
👉 हां, पुलिस CCTV और टोल नाका रिकॉर्ड खंगाल रही है।
Q3: क्या परिवार महाराष्ट्र के बाहर भी गया हो सकता है?
👉 संभावना है, इसलिए पुलिस ने अन्य राज्यों को भी अलर्ट किया है।
Q4: जनता इस मामले को कैसे देख रही है?
👉 सोशल मीडिया पर लोग नाराज हैं और इसे “VIP ट्रीटमेंट” बता रहे हैं।
मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। MMRDA ने बताया कि CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, नए ट्रेन रेक्स और फ्लेट ओवरहॉल के लिए यह कदम जरूरी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।
मुंबई: माया नगरी मुंबई के शहर वासियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद रहेगी। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बताया कि यह बंदी इसलिए जरूरी है ताकि नए ट्रेन रेक्स, एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग और फ्लेट रिफर्बिशमेंट का काम बिना रुकावट पूरा किया जा सके।
❓ क्यों बंद की जा रही है मोनोरेल?
यह बंदी पूरा 19.74 किमी रूट (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक) पर लागू होगी।
अभी तक अपग्रेड और टेस्टिंग का काम सिर्फ रात में 3.5 घंटे की विंडो में हो रहा था, लेकिन यह टाइम बहुत कम है।
अब लगातार 24×7 अपग्रेड वर्क चलेगा ताकि सिस्टम जल्दी से चालू हो सके।
🔧 कौन-कौन से अपग्रेड होंगे?
नए ट्रेन रेक्स (Rolling Stock)
कुल 10 नए ट्रेन रेक्स Make in India प्रोजेक्ट के तहत लाए जा रहे हैं।
8 रेक्स मुंबई पहुँच चुके हैं, 9वां टेस्टिंग में है और 10वां असेंबली में है।
एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग सिस्टम
यह पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगेगा।
सिस्टम हैदराबाद में डिवेलप हुआ है और इसका वर्किंग टेस्ट लगभग पूरा है।
फ्लेट रिफर्बिशमेंट और स्टाफ ट्रेनिंग
पुराने रेक्स की पूरी मरम्मत और अपग्रेड होगी।
ट्रेनिंग सेफ्टी और ऑपरेशन के हिसाब से होगी ताकि आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी फायदा मिले।
मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।
मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।
📜 कैसे हुआ विवाद?
2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।
⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?
यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा।
बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया।
NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।
ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।
🔍 क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?
मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।
ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।
🔬 रिसर्च में क्या मिला?
इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:
93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।
👉 ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।
मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश
शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं। लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।
व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल
FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।
2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।
प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया। भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।