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  • Lodha ने मुंबई-Palava में 24 एकड़ जमीन STT Global Data Centres को बेची ₹500 करोड़ में

    Lodha ने मुंबई-Palava में 24 एकड़ जमीन STT Global Data Centres को बेची ₹500 करोड़ में

    Lodha Developers ने Palava (मुंबई क्षेत्र) में 24.34 एकड़ जमीन STT GDC को लगभग ₹499-500 करोड़ में बेची है। ये सौदा Lodha-Maharashtra सरकार के ₹30,000 करोड़ के डेटा सेंटर पार्क योजना से जुड़ा है जिससे 6,000 नौकरियाँ और 2 GW प्लानिंग की जा रही है।

    मुंबई: नवी मुंबई के Palava क्षेत्र में Lodha Developers ने Singapore-based ST Telemedia Global Data Centres (STT GDC) को लगभग ₹500 करोड़ में करीब 24.34 एकड़ भूमि बेच दी है। इस जमीन की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    जमीन का ब्योरा

    • कुल भूमि: 24.34 एकड़
    • Lodha Developers ने बेची: 1.74 एकड़
    • उसकी सहायक कंपनी Palava Induslogic 4 Pvt Ltd ने बेची: 22.60 एकड़
    • मूल्यांकन राशि: लगभग ₹499-500 करोड़

    बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ी पहल

    • इस सौदे से Lodha की महाराष्ट्र सरकार के साथ हुई MoU (मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) की योजना को बल मिलेगा, जिसमें Palava में एक ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क बनाया जाना है।
    • योजना के अनुसार परियोजना में निवेश होगा ₹30,000 करोड़ का, इससे अनुमानित रूप से 6,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियाँ सृजित होंगी।
    • पार्क का क्षेत्रफल होगा 370 एकड़, और इसकी क्षमता होगी लगभग 2 गीगावाट बिजली की।

    Lodha की रणनीति और महत्व

    • Lodha Developers ने Palava में बड़े पैमाने पर ज़मीन बँकी (land bank) बनाई हुई है, जिसे अब वो आवासीय, वाणिज्यिक, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोग कर रही है।
    • इस तरह की पहल भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और डेटा स्टोरेज / क्लाउड कम्प्यूटिंग / AI आदि क्षेत्रों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।

    यह सौदा न सिर्फ Lodha के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि महाराष्ट्र और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए भी एक संकेत है कि कैसे निजी और सरकारी साझेदारी से बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण संभव हो रहा है। यह निवेश न सिर्फ आर्थिक विकास बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) उपायों के सहारे टिकाऊ मॉडल की नींव भी रखेगा।

    FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    इस सौदे में कितने एकड़ जमीन बेचे गए?कुल 24.34 एकड़ जमीन बेची गई है — जिसमें से Lodha ने 1.74 एकड़ और उसकी सहायक कंपनी ने 22.60 एकड़।
    मूल्य कितना था इस ज़मीन का?लगभग ₹499-500 करोड़
    इस सौदे का उद्देश्य क्या है?यह सौदा Palava में एक ‘ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क’ के हिस्से के रूप में है, जो महाराष्ट्र सरकार और Lodha द्वारा नियोजित है।
    इस डेटा सेंटर पार्क में कुल निवेश कितना होगा?लगभग ₹30,000 करोड़ निवेश की योजना है।
    कुल कितनी नौकरियों की उम्मीद है?लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ इससे बनेंगी।
    डेटा सेंटर पार्क की प्लान की गई बिजली क्षमता क्या है?लगभग 2 गीगावाट क्षमता की योजना है।
    यह प्रोजेक्ट कहाँ स्थित है?Palava, मुंबई के पास, महाराष्ट्र में।
  • 🏎️ Navi Mumbai Street Circuit: दिसंबर 2025 में होगी पहली नाइट रेस, इंडियन रेसिंग फेस्टिवल का बनेगा आकर्षण

    🏎️ Navi Mumbai Street Circuit: दिसंबर 2025 में होगी पहली नाइट रेस, इंडियन रेसिंग फेस्टिवल का बनेगा आकर्षण

    नवी मुंबई में 3.753 किमी लंबा नया स्ट्रीट सर्किट बनाया जा रहा है। इस ट्रैक पर दिसंबर 2025 में इंडियन रेसिंग लीग और F4 इंडिया की रेस होगी। पहली बार नवी मुंबई में नाइट रेस का आयोजन होगा।

    मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) और रेसिंग प्रमोशन्स प्राइवेट लिमिटेड (RPPL) ने मिलकर एक नया 3.753 किमी लंबा स्ट्रीट सर्किट बनाने का MoU साइन किया है। यह ट्रैक इस साल दिसंबर में होने वाले इंडियन रेसिंग फेस्टिवल 2025 की मेज़बानी करेगा।

    यहां इंडियन रेसिंग लीग (IRL) और F4 इंडिया चैंपियनशिप का फाइनल राउंड आयोजित किया जाएगा।

    Navi-mumbai-The-first-night-race-will-be-held-in-December-2025-and-will-become-a-highlight-of-the-Indian-Racing-Festival

    🌃 नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट पर होगी नाइट रेस

    • लंबाई: 3.753 किमी
    • मोड़: 14 टर्न्स
    • लेआउट: एंटी-क्लॉकवाइज
    • खासियत: पहली नाइट रेस

    आयोजकों के मुताबिक, इस ट्रैक पर दिसंबर 2025 में पहली नाइट रेस होगी। इससे पहले चेन्नई नाइट रेस ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी।

    📍 ट्रैक का रूट और लोकेशन

    यह सर्किट Palm Beach Road से शुरू होगा और Nerul Lake के किनारे बनेगा। शहर के बीच से गुजरने वाला यह ट्रैक लोगों को मोनाको और सिंगापुर जैसे इंटरनेशनल स्ट्रीट सर्किट्स की झलक देगा।

    🏁 महाराष्ट्र सरकार का समर्थन

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:

    > “नवी मुंबई स्ट्रीट रेस महाराष्ट्र की मोटरस्पोर्ट जर्नी का ऐतिहासिक पड़ाव है। यह हमारे राज्य की क्षमता दिखाता है कि हम वर्ल्ड क्लास इवेंट आयोजित कर सकते हैं, जो पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा देगा।”

    🇮🇳 इंडियन रेसिंग लीग (IRL) – भारत की अपनी मोटरस्पोर्ट्स लीग

    इंडियन रेसिंग लीग में 6 सिटी बेस्ड टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें कई मशहूर टीम ओनर्स शामिल हैं –

    • सौरव गांगुली
    • जॉन अब्राहम
    • किच्चा सुदीप

    टीमें Wolf GB08 Thunder कारों से रेस करती हैं और हर टीम को भारतीय + विदेशी ड्राइवर + एक महिला रेसर उतारना ज़रूरी है।

    🏎️ F4 इंडिया – युवाओं के लिए बड़ा मौका

    F4 इंडिया, FIA सर्टिफाइड फॉर्मूला 4 चैंपियनशिप है। इसमें ड्राइवर्स को Super Licence Points मिलते हैं, जिससे आगे चलकर फॉर्मूला 1 तक का रास्ता खुलता है।

    • इस्तेमाल होने वाली कार: Mygale F4 (French F4 जैसी कार)
    • इंजन: Alpine 1.3 L टर्बोचार्ज्ड इंजन

    इस सीरीज में भारतीय ड्राइवरों को इंटरनेशनल ड्राइवर्स के साथ सीखने और रेस करने का मौका मिलता है।

    📅 शेड्यूल और आने वाले राउंड्स

    • गोवा स्ट्रीट सर्किट – 1-2 नवंबर 2025 (Day Race)
    • नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट – दिसंबर 2025 (Night Race)

    अगर सबकुछ प्लान के हिसाब से हुआ तो नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट देश का चौथा बड़ा स्ट्रीट सर्किट होगा, हैदराबाद, चेन्नई और गोवा के बाद।

    ❓ Navi Mumbai Street Circuit 2025 – FAQ

    1. Navi Mumbai Street Circuit कहाँ बनाया जा रहा है?

    नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट Palm Beach Road से शुरू होकर Nerul Lake के आसपास बनेगा।

    2. Navi Mumbai Street Circuit कितना लंबा होगा?

    इसका ट्रैक 3.753 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 14 टर्न्स होंगे।

    3. Navi Mumbai Street Circuit पर कौन सी रेस होंगी?

    यहां दिसंबर 2025 में Indian Racing Festival का फाइनल राउंड होगा, जिसमें शामिल हैं:

    • Indian Racing League (IRL)
    • F4 India Championship

    4. क्या यह रेस नाइट रेस होगी?

    हाँ ✅, नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट पर पहली बार नाइट रेस आयोजित की जाएगी।

    5. Indian Racing League (IRL) क्या है?

    IRL भारत की अपनी मोटरस्पोर्ट्स लीग है, जिसमें 6 सिटी बेस्ड टीमें हिस्सा लेती हैं। इसमें भारतीय, विदेशी और महिला ड्राइवर्स का मिश्रण ज़रूरी होता है।

    6. F4 India Championship क्यों खास है?

    F4 India एक FIA सर्टिफाइड सीरीज़ है। यहां मिलने वाले Super Licence Points से ड्राइवर्स का रास्ता आगे Formula 1 तक खुलता है।

    7. Navi Mumbai Street Circuit कब तक तैयार होगा?

    आयोजकों के अनुसार, यह ट्रैक दिसंबर 2025 तक तैयार हो जाएगा और उसी महीने इसका डेब्यू होगा।

    8. इससे महाराष्ट्र को क्या फायदा होगा?

    इससे न सिर्फ पर्यटन और रोजगार बढ़ेंगे बल्कि महाराष्ट्र को ग्लोबल मोटरस्पोर्ट मैप पर भी पहचान मिलेगी।

  • BSF Head Constable Recruitment 2025: 1121 पदों पर भर्ती, सैलरी ₹81,100 तक – अभी करें आवेदन

    BSF Head Constable Recruitment 2025: 1121 पदों पर भर्ती, सैलरी ₹81,100 तक – अभी करें आवेदन

    BSF Head Constable Recruitment 2025 की नोटिफिकेशन जारी। 1121 पदों पर हेड कॉन्स्टेबल (RO/RM) भर्ती। योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सैलरी और एग्ज़ाम डिटेल्स जानें।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने हेड कॉन्स्टेबल (रेडियो ऑपरेटर और रेडियो मेकैनिक) के 1121 पदों पर भर्ती निकाली है। ये मौका उन युवाओं के लिए खास है जो 12वीं या ITI पास हैं और सरकारी नौकरी के साथ-साथ देश सेवा का सपना देखते हैं।

    इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को लेवल-4 पे स्केल (₹25,500 – ₹81,100) के साथ आकर्षक भत्ते और सुविधाएं मिलेंगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 अगस्त 2025 से 23 सितंबर 2025 तक चलेगी।

    🛡️ BSF भर्ती 2025 – अहम बातें

    पद का नामहेड कॉन्स्टेबल (Radio Operator & Radio Mechanic)
    कुल पद1121
    सैलरी / पे-स्केल₹25,500 – ₹81,100 + भत्ते
    लोकेशनऑल इंडिया
    आवेदन शुरू24 अगस्त 2025
    लास्ट डेट23 सितंबर 2025

    🔢 पदों का ब्रेकअप

    • हेड कॉन्स्टेबल (Radio Operator) – 910 पद
    • हेड कॉन्स्टेबल (Radio Mechanic) – 211 पद

    🎓 योग्यता और उम्र सीमा

    👉 शैक्षणिक योग्यता

    • 12वीं पास (Physics, Chemistry, Maths में 60% मार्क्स)
      या
    • 10वीं पास + 2 साल का ITI डिप्लोमा (Electronics, Radio, Computer आदि)

    👉 आयु सीमा (23.09.2025 तक)

    • जनरल: 18 – 25 साल
    • OBC: 18 – 28 साल
    • SC/ST: 18 – 30 साल

    💰 सैलरी और फायदे

    • बेसिक पे: ₹25,500 से शुरू
    • DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस
    • राशन अलाउंस
    • यूनिफॉर्म, मेडिकल सुविधाएं
    • पेंशन स्कीम (NPS)
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    🏃‍♂️ सेलेक्शन प्रोसेस

    1. फिजिकल टेस्ट (PST/PET) – लंबाई, दौड़, लॉन्ग जंप, हाई जंप
    2. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) – 100 सवाल, 200 नंबर (फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री, इंग्लिश और GK)
    3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन + स्किल टेस्ट (RO के लिए)
    4. मेडिकल एग्जामिनेशन

    📚 एग्ज़ाम पैटर्न और सिलेबस

    • फिजिक्स: इलेक्ट्रॉनिक्स, थर्मोडायनामिक्स, न्यूक्लियर फिजिक्स
    • मैथ्स: अल्जेब्रा, कैलकुलस, ट्रिग्नोमेट्री
    • केमिस्ट्री: ऑर्गेनिक, इनऑर्गेनिक, फिजिकल केमिस्ट्री
    • इंग्लिश & GK: करंट अफेयर्स, ग्रामर, कंप्रीहेंशन

    📝 कैसे करें अप्लाई?

    1. आधिकारिक BSF वेबसाइट पर जाएं
    2. “Recruitment Opening” टैब पर क्लिक करें
    3. “BSF HC (RO/RM) Recruitment 2025” लिंक खोलें
    4. OTR (One Time Registration) पूरा करें
    5. फॉर्म भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें
    6. ऑनलाइन फीस जमा करें (UR/OBC/EWS – ₹100, SC/ST/Female/Ex-Servicemen – Free)
    7. फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंट आउट निकाल लें

    📅 महत्वपूर्ण तिथियां

    • नोटिफिकेशन जारी: अगस्त 2025
    • आवेदन शुरू: 24 अगस्त 2025
    • लास्ट डेट: 23 सितंबर 2025
    • एग्जाम डेट: जल्द ही घोषित होगी

    ❓ BSF Head Constable Recruitment 2025 – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

    Q1. BSF Head Constable Recruitment 2025 में कितने पद निकले हैं?
    👉 कुल 1121 पद निकाले गए हैं। इनमें 910 पद Radio Operator और 211 पद Radio Mechanic के लिए हैं।

    Q2. BSF Head Constable (RO/RM) के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या है?
    👉 उम्मीदवार को या तो –

    • 12वीं (PCM विषयों के साथ 60% अंक) पास होना चाहिए
      या
    • 10वीं पास + 2 साल का ITI डिप्लोमा होना चाहिए (Electronics, Radio, Computer आदि ट्रेड में)।

    Q3. आवेदन की उम्र सीमा कितनी है?
    👉 23 सितम्बर 2025 तक उम्र सीमा –

    • जनरल: 18 से 25 साल
    • OBC: 18 से 28 साल
    • SC/ST: 18 से 30 साल

    Q4. BSF Head Constable की सैलरी कितनी होती है?
    👉 पे-लेवल 4 के हिसाब से सैलरी ₹25,500 से शुरू होकर ₹81,100 तक जाती है। साथ ही HRA, DA, ट्रांसपोर्ट, राशन, मेडिकल और पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

    Q5. सेलेक्शन प्रोसेस क्या है?
    👉 इसमें 3 स्टेज होते हैं –

    1. फिजिकल टेस्ट (PST/PET)
    2. कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT)
    3. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, स्किल टेस्ट (RO के लिए) और मेडिकल एग्जामिनेशन

    Q6. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 23 सितम्बर 2025 है।

    Q7. आवेदन फीस कितनी है?
    👉

    • जनरल / OBC / EWS (पुरुष) – ₹100
    • SC / ST / महिला / पूर्व सैनिक – निशुल्क

    Q8. BSF Head Constable Recruitment 2025 के लिए आवेदन कहाँ करें?
    👉 आधिकारिक BSF वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई के खिलाफ मंत्रालय में चर्चा और ज्ञापन, अधिकारियों ने दिया आश्वासन

    मुंबई सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में फेरीवालों पर हो रही पुलिस कार्रवाई और भारी जुर्माने के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने इस मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाने का भरोसा दिलाया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में फुटपाथ पर रोज़ी-रोटी कमाने वाले फेरीवालों पर बार-बार की जा रही कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज़ बुलंद की है। फेरीवालों का कहना है कि मुंबई पुलिस अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग कर उनसे हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसी मुद्दे पर 18 सितंबर 2025 को मंत्रालय में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

    🚶‍♂️ फेरीवालों का संघर्ष और परेशानी

    मुंबई महानगर और उपनगरों में हज़ारों लोग फेरी लगाकर अपना पेट पालते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा रोज़ाना किए जाने वाले छापों और कार्रवाई के कारण इनकी ज़िंदगी मुश्किल हो गई है।

    • एक ही फेरीवाले पर ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है।
    • कई बार दिन में दो-दो बार भी जुर्माना वसूला जाता है।
    • कई पुलिस कर्मियों पर धारा 102, 115 और 117 का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।

    🏢 मंत्रालय में हुआ प्रतिनिधिमंडल

    इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने के लिए महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन सहित कई संगठन एक साथ आए।
    बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख लोग:

    • कर्नल प्रकाश रेड्डी
    • श्री मिलिंद ताम्बड़े
    • कर्नल सुरेश सावंत
    • शांताराम जाधव
    • कर्नल अखिलेश गौड़

    इन सभी ने मिलकर फेरीवालों पर हो रहे अन्याय की विस्तृत जानकारी दी और अधिकारियों को ठोस सबूत भी दिखाए।

    📑 ज्ञापन की मुख्य बातें

    संगठनों ने मंत्रालयीन अधिकारियों को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें मुख्य रूप से यह मुद्दे उठाए गए:

    1. पुलिस द्वारा धारा 102, 115 और 117 का दुरुपयोग।
    2. अनुचित और भारी जुर्माना, जिससे फेरीवालों की रोज़ी-रोटी पर असर।
    3. पुलिसकर्मियों द्वारा एक ही दिन में बार-बार जुर्माना लगाने की घटनाएँ।
    4. गरीब और मेहनतकश तबके पर आर्थिक बोझ।
    5. स्थायी समाधान की ज़रूरत ताकि फेरीवाले सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

    ⚖️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    मंत्रालय के उप सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरता से सुना।

    • उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा।
    • अधिकारियों ने माना कि जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियाँ हो सकती हैं।
    • आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है।

    🗣️ संगठनों की मांग

    संगठनों ने साफ कहा कि:

    • फेरीवालों को रोज़ परेशान करने का सिलसिला बंद होना चाहिए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम में बदलाव कर फेरीवालों के लिए अलग गाइडलाइन बने।
    • पुलिस और स्थानीय निकायों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर निगरानी समिति बने।
    memorandum-in-the-ministry-against-action-against-hawkers-in-Mumbai

    📊 फेरीवालों की संख्या और अहमियत

    • सिर्फ मुंबई में अनुमानित 2.5 से 3 लाख फेरीवाले रोज़ाना काम करते हैं।
    • ये छोटे कारोबार शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
    • आम जनता को सस्ता सामान और रोज़मर्रा की ज़रूरतें उपलब्ध कराते हैं।

    फेरीवालों का कहना है कि अगर उनकी सुरक्षा और कामकाज सुनिश्चित हो तो वे भी टैक्स और रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार हैं।

    🛑 लगातार कार्रवाई का असर

    • फेरीवालों के परिवारों पर आर्थिक संकट।
    • बच्चों की पढ़ाई पर असर।
    • छोटे-छोटे कर्ज़ चुकाना मुश्किल।
    • रोज़ कमाने-खाने वालों की रोज़ी-रोटी खतरे में।

    🚨 नतीजा और आगे की राह

    यह मुलाकात फेरीवालों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है।
    अगर विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होती है और ठोस कदम उठाए जाते हैं तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।

    ❓ FAQ – मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई और मंत्रालय को सौंपा गया ज्ञापन

    Q1. फेरीवालों पर बार-बार कार्रवाई क्यों की जा रही है?
    👉 स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 का हवाला देकर कार्रवाई करते हैं। इन धाराओं के तहत फुटपाथ अतिक्रमण और असुविधा को रोकने के लिए प्रावधान है, लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इन धाराओं का दुरुपयोग हो रहा है।

    Q2. एक फेरीवाले पर कितना जुर्माना लगाया जाता है?
    👉 फेरीवालों पर नियमित रूप से ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है। कुछ मामलों में तो एक ही दिन में दो-दो बार चालान काटा जाता है।

    Q3. इस मुद्दे पर मंत्रालय में किन-किन संगठनों ने ज्ञापन सौंपा?
    👉 महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन समेत कई संगठन शामिल रहे।

    Q4. सरकार की ओर से क्या आश्वासन मिला है?
    👉 मंत्रालयीन अधिकारियों और उप सचिव ने कहा है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में इसे उठाने का प्रयास किया जाएगा।

    Q5. फेरीवालों की मुख्य मांगें क्या हैं?
    👉

    • अनुचित और बार-बार किए जा रहे जुर्माने को रोका जाए।
    • मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 के दुरुपयोग पर रोक लगे।
    • स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत फेरीवालों को कानूनी सुरक्षा मिले।
    • नगर पालिका और पुलिस की ओर से पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाई जाए।
  • मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –

    • रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
    • गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।

    📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?

    IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।

    • इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
    • चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है।
      👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

    🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।

    • पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
    • इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

    • छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
    • पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
    • उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
    • मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।

    📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई।
    आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।

    ⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध

    भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
    • मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

    🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस

    मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।

    • IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
    • कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है।
      👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।

    📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
    • IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
    • नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
    • ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।

    📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?

    (हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)

    • अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
    • फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
    • मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
    • कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।

    ⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?

    भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध

    • 📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
    • ⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
    • 🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।

    🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी

    • नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
    • सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
    • संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
  • 📰 APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    📰 APPSC JE Recruitment 2025: अरुणाचल प्रदेश में जूनियर इंजीनियर की 413 वैकेंसी, सैलरी ₹1,12,400 तक – अभी करें अप्लाई

    अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती 2025 के लिए 413 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। ऑनलाइन आवेदन 18 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2025 तक चलेंगे। जानें योग्यता, सैलरी, आवेदन प्रक्रिया और एग्ज़ाम डिटेल्स।

    मुख्य बातें (Highlights)

    • भर्ती संस्था: अरुणाचल प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (APPSC)
    • पद का नाम: जूनियर इंजीनियर (JE – Civil, Mechanical, Electrical, IT, Electronics)
    • कुल वैकेंसी: 413
    • सैलरी/पे स्केल: ₹35,400 – ₹1,12,400/- (लेवल-6 पे मैट्रिक्स)
    • जॉब लोकेशन: अरुणाचल प्रदेश
    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आवेदन की आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025
    • आवेदन मोड: ऑनलाइन (https://appsc.gov.in/)
    • लिखित परीक्षा की संभावित तारीख: 11 जनवरी 2026
    APPSC-JE-Recruitment-2025-413-Junior-Engineer-Vacancies-Salary-up-to-112400-Apply-Now

    🏗️ APPSC JE Vacancy 2025 ब्रेकडाउन

    पोस्ट का नामविभागकुल पद
    JE (Civil)PWD, RWD, UD & Housing, PHE & WS, WRD, Hydro Power301
    JE (Mech/Elect)PHE & Water Supply, Power, Hydro Power90
    JE (Computer/IT)Power, Hydro Power15
    JE (Electronics & Telecom)Power, Hydro Power07
    कुल413

    🎓 APPSC JE Recruitment 2025: योग्यता (Eligibility Criteria)

    • शैक्षणिक योग्यता (Education):
    • 3 साल का डिप्लोमा या B.E./B.Tech डिग्री मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से।
    • मान्य ब्रांच: सिविल, एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटर, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स & टेलीकॉम।
    • फाइनल ईयर/सेमेस्टर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते इंटरव्यू से पहले डिग्री/डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
    • उम्र सीमा (Age Limit – 10/10/2025 तक):
    • न्यूनतम: 18 साल
    • अधिकतम: 35 साल
    • APST, PwBD और गवर्नमेंट कर्मचारियों को नियम अनुसार छूट।
    • अनुभव (Experience):
    • फ्रेशर्स भी आवेदन कर सकते हैं।

    💰 APPSC JE Salary 2025: सैलरी और बेनिफिट्स

    • बेसिक पे: ₹35,400/- से शुरुआत।
    • अधिकतम पे: ₹1,12,400/-
    • अन्य भत्ते (Allowances):
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस)
    • अतिरिक्त सुविधाएँ:
    • NPS पेंशन, मेडिकल, लीव बेनिफिट्स, जॉब सिक्योरिटी।

    👉 कुल मिलाकर इन-हैंड सैलरी ₹50,000 – ₹70,000 (पोस्टिंग पर निर्भर)।

    📚 APPSC JE Selection Process 2025

    • स्टेज 1: लिखित परीक्षा (450 Marks)
    • पेपर 1: जनरल इंग्लिश, जनरल स्टडीज़ & एप्टीट्यूड – 150 Marks
    • पेपर 2: टेक्निकल पेपर (इंजीनियरिंग डिसिप्लिन) – 300 Marks
    • नेगेटिव मार्किंग: 1/4th मार्क्स कटेगा हर गलत उत्तर पर।
    • स्टेज 2: इंटरव्यू (Viva-Voce)
    • 50 Marks
    • फाइनल मेरिट = लिखित + इंटरव्यू

    🖥️ APPSC JE Recruitment 2025: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

    1. APPSC वेबसाइट पर One Time Registration (OTR) करें।
    2. User ID और पासवर्ड से लॉगिन करें।
    3. “JUNIOR ENGINEER COMMON RECRUITMENT EXAMINATION – 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    4. आवेदन फॉर्म भरें और सही डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • सिग्नेचर
    • शैक्षणिक सर्टिफिकेट्स
    • 10वीं सर्टिफिकेट (Age Proof)
    • APST/PwBD सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
    1. ऑनलाइन फीस पेमेंट करें।
    2. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकालें।

    💵 Application Fees

    • APST उम्मीदवार: ₹150/-
    • जनरल उम्मीदवार: ₹200/-
    • PwBD उम्मीदवार: शुल्क माफ

    📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates)

    • आवेदन शुरू: 18 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 10 अक्टूबर 2025 (शाम 5 बजे तक)
    • लिखित परीक्षा: 11 जनवरी 2026 (Tentative)
  • Mumbai: गर्लफ्रेंड की पैसों की डिमांड से परेशान युवक ने दी जान, 8 महीने बाद केस दर्ज

    Mumbai: गर्लफ्रेंड की पैसों की डिमांड से परेशान युवक ने दी जान, 8 महीने बाद केस दर्ज

    मुंबई के गोवंडी इलाके में 22 वर्षीय युवक ने गर्लफ्रेंड की लगातार पैसों की मांग और दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 8 महीने बाद पुलिस ने गर्लफ्रेंड के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया।

    मुंबई: गोवंडी के शिवाजी नगर पुलिस थाने की हद में आने वाले बैगनवाड़ी इलाके में रहने वाले 22 वर्षीय युवक ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
    कारण – गर्लफ्रेंड की लगातार पैसों की डिमांड और मानसिक दबाव।

    यह घटना जनवरी 2025 में सामने आई थी। करीब आठ महीने की जांच के बाद पुलिस ने अब जाकर गर्लफ्रेंड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    नौकरीपेशा युवक, खुशहाल परिवार

    जानकारी के मुताबिक मृतक युवक अपने माता-पिता और बहन के साथ गोवंडी के बैगनवाड़ी इलाके में रहता था।

    • वह बेलापुर स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।
    • पहले वह अपनी तनख्वाह घर पर देता था।
    • लेकिन बाद में उसने घर पर पैसे देना बंद कर दिया।

    परिवार वालों ने जब वजह पूछी तो उसने कहा कि उसका एक दोस्त पैसों की तंगी में है, उसे पैसे दे रहा है, बाद में वापस मिल जाएंगे।

    मां का डेबिट कार्ड और आखिरी दिन

    घटना वाले दिन युवक ने अपनी मां का डेबिट कार्ड लिया और करीब ₹25,000 रुपए निकाल लिए।
    इसके बाद वह घर लौटा और आत्महत्या कर ली।

    परिवार को तो अंदाज़ा था कि बेटा तनाव में है, लेकिन असली वजह उन्हें नहीं पता थी।

    फोन ने खोला राज़

    जब बहन ने मृतक का मोबाइल फोन चेक किया तो सच्चाई सामने आई।

    • युवक की एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम शबनम बताया गया है।
    • चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग से यह साफ हुआ कि वह लगातार उससे पैसे मांग रही थी।
    • वह युवक पर दबाव डाल रही थी कि घरवालों से दूर होकर सिर्फ उसी के लिए जीए।

    परिवार को तब समझ आया कि बेटा मानसिक तनाव में क्यों था।

    मां ने दर्ज कराई शिकायत

    मृतक की मां ने बेटे की मौत के बाद सीधे शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
    उन्होंने आरोप लगाया कि शबनम ने उनके बेटे को:

    • लगातार पैसों के लिए परेशान किया,
    • महंगे गिफ्ट्स की डिमांड की,
    • और यहां तक कि उसे परिवार से नाता तोड़ने तक का दबाव डाला।

    पुलिस की जांच और केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले की जांच करीब आठ महीने तक की।

    • सबूत जुटाए गए।
    • चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग की जांच हुई।
    • परिवार और दोस्तों के बयान लिए गए।

    आखिरकार पुलिस ने आरोपी शबनम के खिलाफ IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत केस दर्ज किया।

    पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की राय

    पड़ोसियों का कहना है कि यह बेहद दुखद घटना है।
    “इतना पढ़ा-लिखा, होनहार लड़का सिर्फ पैसों के दबाव में जान दे देगा, किसी ने सोचा नहीं था।”

    एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा:
    “मुंबई में युवाओं पर पहले ही आर्थिक दबाव है। ऐसे में रिश्तों में पैसों की लालच घातक साबित हो रही है। पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

    रिश्तों में पैसों का जाल – एक खतरनाक ट्रेंड

    विशेषज्ञों के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है।

    • कई बार प्रेम संबंधों में आर्थिक दबाव इतना बढ़ जाता है कि लोग तनाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।
    • मुंबई जैसे शहर में जहां महंगाई पहले से ही ज्यादा है, वहां ऐसे रिश्ते और भी बोझिल हो जाते हैं।

    मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि:
    “अगर कोई भी व्यक्ति रिश्ते में बार-बार पैसों की डिमांड करता है, तो यह भावनात्मक शोषण (Emotional Exploitation) की श्रेणी में आता है।”

    कानूनी पक्ष

    पुलिस ने आरोपी पर IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है।

    • इसमें दोषी पाए जाने पर आरोपी को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
    • साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

    वकीलों का मानना है कि अगर आरोपी पर आरोप साबित हो जाते हैं, तो यह केस कानूनी मिसाल बन सकता है।

    परिवार की हालत

    मृतक के माता-पिता और बहन अब भी सदमे में हैं।
    मां का कहना है:
    “बेटे ने कभी हमसे कुछ छुपाया नहीं, लेकिन यह बात उसने नहीं बताई। हमें बहुत देर से सच्चाई का पता चला। अगर पहले जान लेते तो शायद उसे बचा लेते।”

    समाज के लिए सबक

    यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है।

    • रिश्तों में पैसों का दबाव जानलेवा हो सकता है।
    • परिवार और दोस्तों को ऐसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
    • युवाओं को भी चाहिए कि वह मानसिक तनाव की हालत में मदद मांगें, चुपचाप सहन न करें।

    📌 1: कानूनी प्रावधान

    IPC धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना)

    • अगर कोई व्यक्ति किसी को आत्महत्या के लिए उकसाता है या मानसिक दबाव डालता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।
    • सजा: अधिकतम 10 साल कैद और जुर्माना।
    • कोर्ट इस मामले को गंभीर मानकर आरोपी पर कठोर कार्रवाई कर सकता है।

    📌 2: विशेषज्ञों की राय

    मनोवैज्ञानिकों का कहना है:

    • रिश्तों में लगातार पैसों की डिमांड “इमोशनल ब्लैकमेल” का रूप ले सकती है।
    • यह मानसिक तनाव और डिप्रेशन का कारण बनता है।
    • अगर समय रहते मदद ली जाए, तो ऐसी त्रासदियां टाली जा सकती हैं।

    सामाजिक कार्यकर्ताओं का सुझाव:

    • युवाओं को आर्थिक और मानसिक दबाव से निपटने के लिए परिवार के साथ खुलकर बात करनी चाहिए।
    • पुलिस और समाज को ऐसे मामलों में ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए।

    📌 3: मदद के लिए हेल्पलाइन

    👉 अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत मदद लें।

    • किरण हेल्पलाइन (24×7): 1800-599-0019
    • आसरा हेल्पलाइन: +91-22-27546669 / 27546667
    • मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या काउंसलर से तुरंत संपर्क करें।
  • IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    IB Recruitment 2025: इंटेलिजेंस ब्यूरो में सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती, देखें सैलरी, योग्यता और आवेदन की पूरी डिटेल

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के 455 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन 6 से 28 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। जानें योग्यता, वेतनमान, एग्ज़ाम पैटर्न और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश भर में जो भी लोग सरकारी नौकरी की तलाश में हैं उनके लिए बड़ी खुशखबरी है। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (MHA) के अंतर्गत आने वाला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने 2025 के लिए सिक्योरिटी असिस्टेंट (Motor Transport) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती पूरे देश की 37 Subsidiary Intelligence Bureaux (SIBs) में होगी।

    आवेदन की प्रक्रिया 6 सितंबर 2025 से शुरू हो गई है और आखिरी तारीख 28 सितंबर 2025 है।

    कितनी वैकेंसी निकली है?

    कुल 455 पदों पर भर्ती होगी। इनमें सबसे ज़्यादा वैकेंसी दिल्ली (127 पद), श्रीनगर (20 पद), इतानगर (19 पद), लेह (18 पद) और जयपुर (16 पद) में निकली हैं।

    IB-Recruitment-2025-in-india-See-full-details-of-salary-eligibility-and-application-process

    कौन कर सकता है अप्लाई?

    👉 शैक्षणिक योग्यता

    • उम्मीदवार का 10वीं पास होना ज़रूरी है।
    • लाइट मोटर व्हीकल (LMV) चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
    • मोटर मैकेनिज़्म की जानकारी होनी चाहिए ताकि छोटे-मोटे डिफेक्ट ठीक कर सके।
    • जिस राज्य के लिए अप्लाई कर रहे हैं उसका डोमिसाइल सर्टिफिकेट होना चाहिए।
    • कम से कम 1 साल का ड्राइविंग अनुभव होना ज़रूरी है।

    👉 उम्र सीमा

    • 18 से 27 साल तक के उम्मीदवार अप्लाई कर सकते हैं।
    • SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और विभागीय कर्मचारियों को 40 साल तक की छूट मिलेगी।

    IB सिक्योरिटी असिस्टेंट सैलरी

    इस पोस्ट की सैलरी Pay Level-3 (₹21,700 – ₹69,100) रहेगी। इसके अलावा:

    • 20% स्पेशल सिक्योरिटी अलाउंस
    • DA (महंगाई भत्ता)
    • HRA (हाउस रेंट अलाउंस)
    • ट्रांसपोर्ट अलाउंस
    • छुट्टी के दिनों की ड्यूटी पर कैश कम्पनसेशन
    • पेंशन (NPS के तहत)

    यानि कुल मिलाकर हाथ में अच्छी सैलरी और स्थायी सरकारी नौकरी का फायदा मिलेगा।

    सेलेक्शन प्रोसेस कैसे होगा?

    दो स्टेज में परीक्षा होगी:

    1. Tier-1: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (100 मार्क्स)

    •    जनरल अवेयरनेस: 20 मार्क्स
    •    बेसिक ट्रांसपोर्ट/ड्राइविंग रूल्स: 20 मार्क्स
    •    क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड: 20 मार्क्स
    •    रीजनिंग/लॉजिकल एबिलिटी: 20 मार्क्स
    •    इंग्लिश लैंग्वेज: 20 मार्क्स

       ⏱ समय: 1 घंटा | निगेटिव मार्किंग: 0.25 मार्क्स प्रति गलत उत्तर

    2. Tier-2: स्किल टेस्ट (50 मार्क्स)

    •    ड्राइविंग टेस्ट
    •    मोटर मैकेनिज़्म टेस्ट
    •    इंटरव्यू
    •      ✔️ पास होने के लिए कम से कम 40% लाना ज़रूरी है।

    आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

    1. ऑफिशियल MHA वेबसाइट [www.mha.gov.in](http://www.mha.gov.in) या NCS पोर्टल [www.ncs.gov.in](http://www.ncs.gov.in) पर जाएं।
    2. “IB Security Assistant (Motor Transport) Examination-2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करें।
    4. लॉगिन करके फॉर्म को भरें और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
    5. ऑनलाइन फीस जमा करें।
    6. फॉर्म सबमिट करने से पहले एक बार अच्छे से चेक कर लें।
    7. सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकाल लें।

    आवेदन शुल्क (Application Fees)

    • जनरल, EWS, OBC (पुरुष): ₹650 (₹100 Exam Fee + ₹550 Processing)
    • SC/ST, महिला, एक्स-सर्विसमेन: ₹550 (सिर्फ प्रोसेसिंग चार्ज)

    जरूरी तारीखें (Important Dates)

    • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 6 सितंबर 2025
    • आखिरी तारीख: 28 सितंबर 2025 (रात 11:59 तक)
    • फीस जमा करने की आखिरी तारीख (चालान): 30 सितंबर 2025

  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”

  • Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    मुंबई के एक नामी स्कूल में 4 साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया और अन्य स्टाफ से पूछताछ जारी है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में स्थित एक नामी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी स्कूल में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से यौन शोषण किया गया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया है।

    घटना कैसे हुई?

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार को बच्ची की दादी उसे रोज़ की तरह स्कूल छोड़कर गई थीं। बच्ची जब घर लौटी तो उसने दर्द की शिकायत की। परिवार को शक हुआ और उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराई। जांच में मिली जानकारी के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी और फिर पुलिस से संपर्क किया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के बाद एक महिला स्टाफ को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि वास्तव में इस महिला स्टाफ की भूमिका कितनी है।

    अन्य स्टाफ से पूछताछ

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्कूल की तीन अन्य महिला असिस्टेंट स्टाफ को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

    परिवार का गुस्सा और सवाल

    बच्ची के परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही। परिजनों का आरोप है कि अगर प्रशासन तुरंत और सख्ती से कदम उठाता तो शायद स्थिति और साफ हो पाती। अब परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

    समाज में बढ़ती चिंता

    इस घटना ने एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर यह माना जाता है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो माता-पिता का भरोसा डगमगाने लगता है।

    कानून क्या कहता है?

    भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों के लिए POCSO Act, 2012 बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ हुए यौन अपराध को गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों को सख्त सज़ा का प्रावधान है।

    मुंबई पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस ने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। पुलिस ने माता-पिता और आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के मामले में जागरूक रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

    परिजनों के लिए जरूरी सुझाव

    • 1. बच्चों से बातचीत करें – छोटे बच्चों को भी सही और गलत छूने की समझ सिखानी चाहिए।
    • 2. स्कूल प्रशासन पर निगरानी रखें – बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों की स्थिति पर नजर रखें।
    • 3. बच्चों की बात को हल्के में न लें – अगर बच्चा किसी तकलीफ या दर्द की शिकायत करे, तो तुरंत जांच करवाएं।
    • 4. लीगल हेल्प लें – किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत पुलिस और वकील से संपर्क करें।