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  • किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक गिरफ्तार और मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी ..

    किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक गिरफ्तार और मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी ..

    नवी मुंबई में किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार हो गया है। साथ ही भांडुप के एक मामले में मॉडलिंग का झांसा देकर दुष्कर्म के साथ 45 लाख की रंगदारी में पुलिस सरगर्मी से तीन बदमाशों की तलाश कर रही है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    भांडुप और नवी मुंबई की दो घटनाओं ने फिर एक बार हवस और दरिंदगी की सारी हदों को पार कर दिया है। नवी मुंबई के एक पडोसी किशोरी के साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन भांडुप दुष्कर्म मामले में आरोपियों द्वारा मॉडलिंग के नाम पर लगातार दुष्कर्म और 45 लाख रुपये की रंगदारी के बाद फरार हो गए हैं। पुलिस मुकदमा दर्ज कर सरगर्मी से तलाश कर रही है।

    किशोरी के साथ दुष्कर्म ..

    नवी मुंबई पुलिस ने एक व्यक्ति को पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी से बार-बार दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। एपीएमसी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

    उन्होंने बताया कि आरोपी वाशी के कोपरी गांव में उसी इमारत में रहता था जिसमें पीड़िता रहती थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर वर्ष 2020 से अपने घर में कई बार पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़ित के तीन माह की गर्भवती होने के बारे में पता चलने पर उसे एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मॉडलिंग के नाम पर दुष्कर्म सहित 45 लाख की रंगदारी ..

    वहीं दुसरे मामले में भांडुप में मॉडलिंग का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म और 45 लाख की रंगदारी में तीन आरोपी फरार। इंस्टाग्राम पर हुई थी। जान पहचान। खुद को मशहूर प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर किया था संपर्क। पीड़ित लड़की कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है।
    इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर का देखा था एड्वटाइज़िग।

    सोशल मीडिया पर खुद को मशहूर धर्मा प्रोडक्शन कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क में आए आरोपी ने 45 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने की बात सामने आई है। गंभीर बात यह है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी फुटेज वायरल करने की धमकी दी। इस मामले में भांडुप पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी तलाश की जा रही है।

    शिकायतकर्ता कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है और अपने परिवार के साथ रहती है।
    इंस्टाग्राम पर मॉडलिंग में सुनहरे अवसर के बारे में एक संदेश मिला। जब उन्होंने चेक किया तो ‘हार्दिक’ नाम के इस यूजर आईडी ने कहा कि वह धर्मा प्रोडक्शंस का प्रतिनिधि है और नेटफ्लिक्स और अन्य ओटीटी के साथ उसके अच्छे संबंध हैं। उन्होंने नए कलाकारों को मौका दिया और कहा कि आज वे करोड़ों रुपये कमा रहे हैं। जब उसने प्रक्रिया के बारे में पूछा तो उसने राहुल चव्हाण नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया।

    उसने राहुल से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि 20 हजार रुपये देने पर सभी योजनाओं की जानकारी दे दी जायेगी। इसके बाद उसने अपने पिता को बताया और आरोपी राहुल को 20 हजार रुपये भेजे। उसने उसे बांद्रा की एक शॉप पर मिलने के लिए बुलाया। वहां पोर्टफोलियो बनाने के लिए उसने युवती से 20 हजार रुपये और ले लिए।

    कहा, कि एक विदेशी कंपनी के लिए मॉडलिंग का मौका है और 10 लाख रुपये की कमाई होगी। युवती ने कहा, कि उसके पास यह रकम नहीं है और उसके माता-पिता यह रकम नहीं देंगे। इस पर राहुल ने उसे परिवार की जानकारी के बिना घर से गहने लाने के लिए कहा। युवती ने उसे घर के गहने दे दिए। इसके अलावा, आरोपी ने पैसे की मांग की। लेकिन जब युवती मना कर दिया तो राहुल ने कहा कि वह मॉडलिंग का काम नहीं देगा।

    इसलिए लड़की ने घर का सारा सोना आरोपी को दे दिया। आरोपी ने पीड़ित लड़की का कई बार यौन उत्पीड़न किया और उसकी तस्वीरें खींची और फिल्म भी बनाई। उन तस्वीरों के जरिए हार्दिक ने उन्हें न्यूड तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी थी। इसके बाद राहुल का परिचित श्रेयस भी उसे अश्लील मैसेज भेजने लगा।

    पीड़ित से आरोपियों ने कुल 45 लाख रुपये की ठगी की। राहुल फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दे रहा था। इस वजह से पीड़ित लड़की भी डरी हुई थी। आख़िरकार उसने इसकी जानकारी अपनी माँ को बताई। इसके बाद भांडुप पुलिस में शिकायत दर्ज की है। पुलिस ने राहुल चव्हाण, हार्दिक और श्रेयस पाटिल के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी, धमकी, मानहानि, बलात्कार सहित सूचना प्रौद्योगिकी रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और तीनों आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

  • अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    अब ग्राहकों को यू.पी.आई. से मिलेगा आसान कर्ज़

    RBI की महत्वपूर्ण घोषणा, UPI के जरिए ग्राहकों को मिलेगा आसान कर्ज। यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    आरबीआई (RBI) ने देश के सभी बैंकों से ग्राहकों को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी यूपीआई (UPI) पर प्री-अप्रूव्ड लोन उपलब्ध कराने को कहा है। आरबीआई के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यूपीआई भुगतान प्रणाली का दायरा बढ़ाना है।
               
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने बयान में कहा, कि फिलहाल बचत खाते, ओवरड्राफ्ट खाते, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से जोड़ा जा सकता है। अब इसका दायरा और बढ़ाया जा रहा है।  यूपीआई (UPI) के माध्यम से, अब फंडिंग खातों को शामिल करने के लिए क्रेडिट लाइनों का विस्तार किया जा रहा है। आरबीआई ने कहा, कि इस सुविधा के तहत यूपीआई प्रणाली का उपयोग करके पूर्व-अनुमोदित ऋण प्राप्त किया जा सकेगा।

    https://indian-fasttrack.com/2023/09/01/fir-registered-against-developer-kiran-hemani-in-kandivali-police-station
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    UPI, RBI,
    यूपीआई ट्रांजैक्शन को लेकर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    UPI को लेकर RBI की महत्वपूर्ण घोषणा..

    इस प्रक्रिया को लागू करने से पहले सभी बैंकों को एक नीति बनानी होगी और अपने निदेशक मंडल से मंजूरी लेनी होगी। इस पॉलिसी के तहत कितना लोन दिया जा सकता है? इसे कौन दे सकता है? लोन की अवधि क्या होगी?  साथ ही लोन पर कितना ब्याज लगेगा? ये सारी बातें तय हो जाएंगी। फिर कर्ज़ चुकाओप्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। 6 अप्रैल को, केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति बैठक में बैंकों से पूर्व-अनुमोदित क्रेडिट लाइनों को स्थानांतरित करके भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य यूपीआई का दायरा बढ़ाना था।

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    नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, यूपीआई ने अगस्त में पहली बार एक महीने में 10 अरब लेनदेन का आंकड़ा पार किया है। 30 अगस्त तक, यूपीआई ने पिछले एक महीने के दौरान 10.24 बिलियन लेनदेन दर्ज किए, जिसका मूल्य 15.18 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई में यूपीआई प्लेटफॉर्म पर 9.96 अरब लेनदेन हुए। अगस्त महीने के दौरान यूपीआई के जरिए प्रतिदिन लगभग 330 मिलियन लेनदेन किए गए।

  • मुंबई में 6000 किलोग्राम के लोहे का पुल चोरी, पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

    मुंबई में 6000 किलोग्राम के लोहे का पुल चोरी, पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

    मुंबई में 6000 किलो का लोहे का पुल चोरी हो गया है। जिसकी शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार। लोहा भी बरामद।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    पुलिस ने पिछले सप्ताह के शनिवार को पश्चिमी उपनगर में एक नाले पर बने 6000 किलो ग्राम के लोहे के पुल को चुराने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक, मलाड पश्चिम के 6000 किलो ग्राम के लोहे का पुल चोरी मामले में टेंडर प्राप्त करने वाली कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें खुद पुल बनाने का काम सौंपा गया था।

    क्या है हकीकत..?

    आपको जानकारी देते हुए बता दे, कि मलाड (पश्चिम) में 90 फुट लंबी लोहे की संरचना का पुल का निर्माण विशाल बिजली तारों को स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। इसके तहत नाले पर एक स्थायी पुल बनाने के बाद, अस्थायी संरचना को कुछ महीने पहले क्षेत्र में दूसरी जगह ले जाया गया था। लेकिन पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक लोहे का पुल अचानक गायब हो गया।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/05/an-engine-worth-rs-5-crore-a-contract-case-of-rs-4-lakh-25-was-registered
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    मुंबई, 6000 किलो,
    चोरी हुए लोहे की ब्रिज की तस्वीर

    मुंबई में 6000 किलो के लोहे का पुल..

    पुलिस को मिली शिकायत में कहा गया है, कि अस्थायी पुल 26 जून को गायब पाया गया। जिसके बाद निर्माण कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस की पड़ताल में पाया कि पुल को आखिरी बार 6 जून को अपनी जगह पर देखा गया था। लेकिन दिक्कत यह थी कि वहां किसी भी तरह का सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा होने के कारण आगे का हाल-चाल पता करना पुलिस के लिए मुश्किल हो रहा था।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चूंकि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, इसलिए पुलिस ने आस-पास के इलाकों में लगे निगरानी कैमरों के फुटेज को स्कैन किया। इसमें पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और बारीकी से हर कैमरे की फुटेज को खंगाला गया। आखिरकार वहां उन्होंने 11 जून को पुल की दिशा में एक बड़ा वाहन चलते हुए कैमरे में पाया।

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    पुलिस ने उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर वाहन का पता लगाया। वाहन में गैस-काटने वाली मशीनें थीं जिनका उपयोग पुल को तोड़ने और 6000 किलोग्राम वजन वाले लोहे को चुराने के लिए किया गया था। आगे की जांच में पुलिस उस फर्म के एक कर्मचारी तक पहुंची जिसे पुल बनाने का ठेका दिया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह कर्मचारी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इसमें बताया गया कि साइट से चुराई गई सामग्री बरामद कर ली गई है।