Tag: Breaking news

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है; यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

    शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

    New-dehli-yoga-divas-shivsena-eknath-shinde

    शिवसेना शिंदे गुट के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया और लोगों से इसे अपने जीवन में उतारने की अपील की। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    21 जून 2025 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित उनके निजी आवास पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 110 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें योग साधक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि भी शामिल थे। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग का महत्व

    डॉ. वर्मा, श्रीमती अंका वर्मा, राजकुमारी निकोल वर्मा एवं युवराज आदितेश्वर वर्मा सहित वर्मा परिवार के सभी सदस्यों ने पारंपरिक सनातनी विधि से योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। प्रतिष्ठित योगाचार्यों ने उपस्थितजनों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग की महत्ता बताई। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग की आवश्यकता

    अपने संबोधन में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा, “योग भारत की सनातन परंपरा की वैज्ञानिक देन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व पटल पर स्थापित किया है। शिवसेना (NDA) के लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे जनआंदोलन बनाने का कार्य कर रही है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि “योग केवल एक दिन की क्रिया नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आज के युग की आवश्यकता है।” Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    इसे भी पढ़े:- योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    श्रीमती अंका वर्मा ने कहा, “योग ने मुझे मातृत्व, व्यवसाय और अध्यात्म में संतुलन बनाना सिखाया—यह मेरे जीवन का आंतरिक मार्गदर्शक बन गया है।”

    राजकुमारी निकोल वर्मा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में योग मुझे मानसिक शांति और स्थिरता देता है—यह मेरा आत्मबल है।”

    कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रोच्चार, प्रसाद वितरण और योग को जीवन में अपनाने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम साबित हुआ। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

  • पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

    पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी ने कर ली आत्महत्या, दो महीने की शादी, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार

    On-receiving-the-news-of-her-husband-death-the-wife-committed-suicide-last-rites-were-performed-on-the-same-pyre

    राजस्थान के झालावाड़ जिला में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने गांव में आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    डिजिटल डेस्क
    राजस्थान:
    झालावाड़ शहर में एक युवक के आत्महत्या करने के बाद उसकी पत्नी ने अपने पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों का शुक्रवार को अनके गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। दोनों का गत अप्रेल में ही विवाह हुआ था। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    पति पत्नी दोनों रहते थे अलग

    पुलिस के अनुसार रटलाई के पिपलिया नग्गा गांव निवासी 19 वर्षीय सोनू पुत्र बालचंद झालावाड़ शहर में जिला अस्पताल के सामने चाय की टपरी लगाता था। वह झालावाड़ में मदारी खां तालाब कच्ची बस्ती में किराए के मकान में रहता था। उसकी पत्नी गांव में रहती थी। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    आत्महत्या का कारण?

    पुलिस ने बताया कि उसने गुरुवार शाम को कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक जब सोनू ने फोन नहीं उठाया तो उसके भाई और चाचा कमरे पर पहुंचे, जहां सोनू फंदे से लटका मिला। उसे एसआरजी अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आत्महत्या का कोई कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    पत्नी ने भी आत्महत्या कर ली

    उधर सोनू की मौत की सूचना मिलने के बाद उसकी पत्नी सपना ने भी शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे पिपलिया नग्गा गांव में एक पेड़ पर साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने उसका शव देखा तो पुलिस को सूचना दी।
    परिजनों के अनुसार सपना पति की मौत का गम सह नहीं पाई और उसने जान दे दी। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों का शुक्रवार दोपहर गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ दो मौतें होने पर पूरे गांव में शोक छा गया। रटलाई थानाधिकारी लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि दोनों परिवारों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। On receiving the news of her husband’s death, the wife committed suicide, married for two months, the last rites were performed on the same pyre

  • 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

    22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को प्यार मे फंसाने की कोशिश, पुलिस ने किया 2 घंटे में गिरफ्तार

    Mumbai-rak-marge-police-station

    मुंबई की रफी अहमद किडवाई मार्ग पुलिस ने एक संवेदनशील मामले को महज 2 घंटों के भीतर सुलझा दिया। आरोपी के गिरफ्तारी के साथ ही उसके मोबाइल फोन की सारी आपत्तिजनक स्टोरेज साफ कर दिया।

    मुंबई: पश्चिम वडाला से शिवडी के बीच रहने वाली 22 वर्षीय कॉलेज छात्रा को 24 वर्षीय अब्दुल कलाम सोशस मीडिया के जरिए ब्लैकमेल और धमका रहा था। उसने छात्रा को चेतावनी दी कि अगर उसने उसके प्यार को स्वीकार नहीं किया तो वह उसकी फेसबुक में अपलोड तस्वीरों को फर्जी तरिके से एडिट कर उसका अश्ली वीडियो बनाकर ऑनलाइन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करते हुए वायरल कर देगा। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पिता को लड़की ने बताया

    लड़की तो पहले, कुछ दिनों तक घबराई हुई हालत में अपने परिवार वालों से भी दूरी बनाने लगी। इसपर पिता परेशान होने लगे और समझा बुझाकर जब पूछा, तो पीड़ित लड़की ने अपने पिता कुरैशी को इसकी जानकारी दी। पिता ने तुरंत मुंबई पुलिस परिमंडल-4 की पुलिस उपायुक्त सुश्री रागसुधा आर से संपर्क किया और अपनी बेटी के साथ पूरी स्थिति बताते हुए एक आवेदन प्रस्तुत किया। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    डीसीपी ने दिए निर्देश

    डीसीपी रागसुधा आर ने आरएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप रणदिवे को त्वरित निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई टाकुर और पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन को ट्रेस करना शुरू कर दिया। हालाँकि आरोपी हर 30 मिनट में अपना स्थान बदलता रहा, फिर भी पुलिस ने सिर्फ़ 2 घंटे के भीतर धारावी से अब्दुल कलाम का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की। हिरासत में लेने के बाद पहले तो पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की और उसके फोन से लडकी की आपत्तिजनक सामग्री निकालने के बाद फोन से डिलीट कर दी। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

    पुलिस की हुई सराहना

    लड़की और उसके परिवार ने डीसीपी रागसुधा आर और आएके मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कुमार संदीप रणदिवे, एपीआई कांबले, एपीआई मोहिते, पीएसआई ठाकुर और पूरी आरएके मार्ग पुलिस टीम को उनकी तेज और कुशल कार्रवाई के लिए गहरा आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के लोगों ने भी ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और समर्थन के लिए उनकी सराहना की। Tried to trap a 22 year old college student in love, police arrested him within 2 hours

  • डरा रहा इजराईल ईरान घमासान

    डरा रहा इजराईल ईरान घमासान

    इजराईल के यहूदी जर्मनी से हिटलर की तानाशाही और लाखों यहूदियों को पकड़कर ज्वलनशील चैंबर में बंद कर जलाए जाने के डर से अपना जीवन बचाने के लिए भाग खड़े हुए। दुनिया के किसी देश ने उन्हें पनाह नहीं दी। लेकिन चूंकि फिलिस्तीन उस समय ब्रिटेन का उपनिवेश था तब अंग्रेजों ने उन्हें फिलिस्तीन में शरण दिया। लेकिन यहूदियों ने धीरे धीरे फिलिस्तीनी इलाकों पर कब्जा करना शुरू कर दिया।
    प्रसिद्ध और संपन्न नगर गाजा पर इतनी अधिक बमबारी की जिसमें अस्पताल तक नहीं छोड़ा। दूध मुहे बच्चों का भी नरसंहार किया। गाजा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टेढ़ी नजर है। वे गाजा को हड़पना और वहां इजराईल की सहायता से व्यापारिक संकुल बनाना चाहते हैं। जिस तरह भारत में मुसलमानों को किरायेदार कहा जा रहा है उसी तरह यहूदी तो किरायेदार भी नहीं शरणार्थी हैं। जैसे कश्मीर से भगाए गए पंडित खानाबदोश हालत में ट्रांजिट कैंपों में नरकीय जीवन जीने को अभिशप्त कर दिए गए हैं।
    हिंदू वादी सरकार पिछले ग्यारह वर्षों में कश्मीरी पंडितों को घाटी में बसाने की बात करती रही, लेकिन कुछ किया नहीं। अनाथ बनाकर छोड़ दिया। बीमारी, अभाव और गंदगी में घुट-घुट कर मरने के लिए।
    कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण करने का आरोप लगाने वाली हिंदूवादी सरकार और हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए प्रयत्नशील आरएसएस ने उन कश्मीरी पंडितों की ओर झांकने की जहमत तक नहीं उठाई। फिर उनके लिए आवाज कैसे उठाती?
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप की दोगली अनीति देखिए। एक तरफ वे ईरान को परमाणु संपन्न देश नहीं बनने के लिए वार्ता कर रहे हैं, तो वहीं इजराईल को ईरानी परमाणु प्रोजैक्ट पर हमला करने को भी कह रहे हैं। परमाणु वार्ता संपन्न हुई नहीं कि इजराईल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर दो सौ बम वर्षक विमान भेजकर आधा दर्जन ठिकानों पर बम गिरा कर दो वैज्ञानिकों, सेना के कमांडरों की हत्या कर दी।
    स्वाभाविक है ईरान बदले की भावना से इजराईल पर हमला करता रहा। जिस तरह भारत को आत्मरक्षार्थ आतंकवादी पाकिस्तान पर हमला करने का अधिकार है। उसी तरह ईरान को भी इजराईल पर हमला करने का मौलिक अधिकार मिल जाता है। ईरान ने इजराईल पर इतनी अधिक बमबारी की, कि उसके परमाणु ठिकानों और सेना का संहार कर दिया। इस वज़ह से इजराईल के पास सैनिकों की कमी हो गई है। जिस कारण वह सेना में नई भरती करने को मजबूर हो गया है।
    इजराईल अपने नुकसान को हमेशा छुपाता रहता है। नए सैनिक भरती करने से ही पता चल जाता है कि ईरान ने उसे कितनी क्षति पहुंचाई है? धूर्त अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार ईरान पर इजराईली हमले में उनका कोई हाथ नहीं है। ईरानी हमले से डर कर अमेरिका ने अरब देशों से अपने सैनिक हटा लिए हैं। दियागोगरसिया में अमेरिका ने अपना सैनिक बेस बनाया हुआ है। ईरान के पास सात सौ किलोमीटर दूर तक मार करने के लिए मिसाइल की कमी है। इसलिए दियागोगरसिया पर हमला नहीं कर पा रहा। इसका मतलब यह नहीं कि ईरान चीन और रूस से लंबी दूरी तक मारक मिसाइल नहीं ले सकता। जिस दिन ईरान ने रूस और चीन से लंबी दूरी तक मार करने की मिसाइल खरीद ली, उसी दिन अमेरिकी बेस पर हमला करके अमेरिका को भारी क्षति पहुंचा सकता है।
    जो डोनॉल्ड ट्रंप बारंबार भारत और पाकिस्तान को एक ही तराजू से तौलते हुए सीज फायर का ऐलान करते हुए बार-बार कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान पर व्यापार का दबाव डालकर सीजफायर करा दिया है। दर्जनों बार यही दोहराते रहने वाला धूर्त ट्रंप अब कहने लगा, कि उसने दबाव डालकर सीजफायर नहीं कराया।
    धूर्त ट्रंप की जुबान का क्या भरोसा? वह तो भारत को चीन के खिलाफ एक मोहरा मानता है। दूसरी तरफ भारत को विकसित होते देख उसकी छाती पर सांप लौटने लगता है। भारत को कमजोर करने के लिए ट्रंप पाकिस्तान को सैन्य हथियारों और विभिन्न स्रोतों से अरबों डॉलर्स कर्ज दिलाकर पाकिस्तान पर आजमान करते हुए चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है।
    भारत को बारंबार अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहा। अमेरिकी सेना की 250 वी वर्षगांठ पर पाकिस्तान को आमंत्रित कर भारत को फिर से अपमानित किया है। पता नहीं मोदी की कौन सी दुखती रग वह जब चाहे दबा देता है और भारत के प्रधानमंत्री सरेंडर हो जाते हैं। बड़बोले ट्रंप की किसी बात का जवाब ही नहीं दे सकते। शायद मोरल ही नहीं है वर्ना शक्ति संपन्न राष्ट्र भारत के प्रधानमंत्री होते हुए भी क्यों ट्रंप की घुड़की सहन करते हैं?
    राहुल गांधी इसी बात पर नरेंद्र का सरेंडर कहकर तंज कसते हैं। ईरान और इजराईल का घमासान ट्रंप क्यों नहीं रुकवा देते? रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध को रुकवाने की हैसियत क्यों नहीं है ट्रंप में?
    ट्रंप के दोगलेपन और कुटनीतियों के कारण उनके खिलाफ अमेरिकी जनता उठ खड़ी हो चुकी है। सड़कों पर उतरकर अमेरिकी नागरिक ट्रंप का विरोध करने लगे हैं। उनकी चुनाव में जीत दिलाने में हजारों करोड़ डॉलर लुटा देने वाले अरबपति मस्क भी ट्रंप को गद्दी से उतारने में लगे हैं। संभव है कि जिस बिल को ट्रंप ब्यूटीफुल कहते हुए तारीफों के पुल बांधते हैं सीनेट से पास ही नहीं हो सके। क्योंकि यदि मस्क ने सीनेटरों को ट्रंप के विरोध में लाने के लिए रिपब्लिकन के दो तीन और सीनेटरों को ट्रंप के खिलाफ लाने में सफल हुए तो बिल सीनेट में पास नहीं हो सकेगा। जबकि चार सीनेटर ट्रंप की नीतियों की आलोचना प्रबल तरीके से करके ट्रंप को चेतावनी दे दी है। अगर सीनेट से ट्रंप को ब्यूटीफुल बिल पास नहीं हो सका तो अविश्वास प्रस्ताभ लाकर ट्रंप को उनके पद से हटाया जा सकता है।
    बहरहाल भारत के सामने चुनौती है। हमारे भारत देश के ईरान और इजराईल दोनों से रिश्ते अच्छे हैं इसलिए भारत को दोनों के साथ संबंध बनाए रखने होंगे, ताकि कोई विरोधी नहीं हो जाए। भारत को रूस के राष्ट्रपति को रूस चीन भारत संगठन पर भी पुनः विचार करना होगा, जो डोकलाम में चीनी भारतीय सैनिकों के बीच झड़प के बाद पटरी से उतर गई थी।
    तेहरान में बमों के धमाके सुनाई देने की बात पर ट्रंप को अंदेशा हो गया है कि अब ईरान इजराईल और अमेरिकी बेस पर परमाणु हमला कर सकता है। इसी डर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जी 7 देशों की मीटिंग छोड़कर अमेरिका जाने की योजना ही नहीं बनाई बल्कि अमेरिकी सुरक्षा तंत्र को एलर्ट कर दिया है।
    अमेरिका जाकर ट्रंप इमरजेंसी मीटिंग करेंगे इसलिए सभी अधिकारियों को तैयार रहने का आदेश दे दिया है। इजराईली हमले का करारा जवाब देने की योजना ईरान ने बना ली है। कब और कैसे जवाबी हमला ईरान करेगा यह जल्द ही मालूम होगा। ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के लिए अपने सहयोगी स्टॉफ को एलर्ट कर दिया है। ट्रंप को भय है कि रूस चीन और नॉर्थ कोरिया के हस्तक्षेप के बाद विश्वयुद्ध छिड़ना तय है।

    इसे भी पढ़े:- क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

  • मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    मोदी सरकार जवाबदेही से भागती है।

    • जनसूचना अधिकार का बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश..
    • मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाला।
    • धर्म और आस्था के नाम पर राजनीतिक लाभ
    • बोइंग विमान हादसे पर मोदी के चरण चुंबन में लगी मिडीया ने खुद को मुर्दा होने का दिया प्रमाण
    • आखिरकार बोइंग विमान हादसा क्यों हुआ?
    • तुर्की को दी अहमदाबाद हवाई अड्डे की ठेकेदारी: सोशल मिडिया
    • अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग विमान की कई गड़बड़ियों का किया खुलासा

    मुंबई: पुलवामा में चालीस जवान सरकार की गलती से मारे गए। क्योंकि मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकार जम्मू कश्मीर के तात्कालीन राज्यपाल ने जब कहा पुलवामा हमारी यानि सरकार की गलती से हुआ है, तब मोदी और अजित डोभाल ने उन्हें चुप रहने को कहा। जवाबदेही नहीं लिया गया। पहलगाम में आतंकी हमला हुआ 27 बेकसूर मारे गए, वह भारत सरकार की सुरक्षा चूक थी। दो दिन पहले वहां जाने वाले थे, मोदी दौरा कैंसिल क्यों किया? सुरक्षा दो दिन पहले क्यों हटाई गई? जबाव देह क्यों नहीं बनी सरकार? पुलवामा के शहीदों के नाम वोट जरूर मांगे, मगर जवाबदेही से क्यों भाग गए?

    जनता का अधिकार

    चुनावी फायदा उठाने वाली मोदी सरकार जवाबदेही से बचने के लिए ही कांग्रेस द्वारा जनता को दिए गए “जनसूचना अधिकार” को एक बिल लाकर व्यक्तिगत डेटा कहकर जवाब देने से बचने की साजिश रची। यानी केंद्र या राज्यसरकारो की लापरवाही हो या अन्य किसी तकनीकी गड़बड़ी सरकार जवाब देने से भाग गई। जनसूचना अधिकार के तहत कांग्रेस ने जनता के हाथों में प्रबल हथियार दिए थे। लेकिन जवाबदेही से भागने के लिए मोदी सरकार ने डेटा की आड में अपने गुनाह से बचने का रास्ता निकाल लिया।

    ट्रेंडिंग फोटो

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अमित शाह गए, तो कहा ‘दुर्घटना हो जाती है उसे रोका नहीं जा सकता।’ जिम्मेदारी से भागने वाला ऐसा बयान कोई मोदी सरकार का गैरजिम्मेदार मंत्री ही दे सकता है। जो सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है यूं मोदी सरकार की तरह भागती नहीं। मोदी भी दुर्घटना स्थल पर गए। फोटो ऐसी खिंचवाई ट्रेंड फोटोग्राफर से कि मोदी सहित दुर्घटनाग्रस्त विमान और मेडिकल छात्रों के आवास की बिल्डिंग भी एक साथ नजर आए।

    इसे भी पढ़े:- क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    दुखद घड़ी

    दुर्घटना में दो सौ अस्सी यात्री और मेडिकल छात्र सहित कुछ क्रु मेंबर भी जल कर मर गए। देश गमगीन है। उन परिवारजनों की आंखों से आंसू अभी सूखे भी नहीं थे, कि मोदी पांच दिनों के विदेश दौरे पर भाग गए। उन्हें देश में रहकर विमान हादसे की जांच होने तक मृत परिवार जनों के आंसू पोछने का समय था। लेकिन मोदी को क्या पड़ी है? मरे तो मर गए उसका ग़म क्यों करे मोदी सरकार। दुख तो उन्हें होता है जो देश की जनता के हर सुख और दुख में साथ रहता है। वही दुखी होता है।

    हेलीकॉप्टर दुर्घटना

    धर्म और आस्था के नाम पर हिंदुओं को चूल्हे में झोंककर राजनीतिक लाभ लिया जाता है। लेकिन डबल इंजन सरकार के उत्तराखंड में इस बार भी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें एक परिवार मारा गया। लेकिन इसकी जवाबदेही कोई लेने को तैयार नहीं न केंद्र सरकार और न ही उत्तराखंड बीजेपी सरकार।

    विमान हादसे को लेकर सवाल?

    एक्टिविस्ट शुक्ला ने अहमदाबाद में हुए बोइंग हादसे के संदर्भ में आर टी आई डालकर पूछा है, कि किस इंजीनियर ने विमान को उड़ान लायक प्रमाणित किया? किस अधिकारी ने उड़ान के पूर्व अनिवार्य जांच कर सर्टिफिकेट दिया? किस अधिकारी ने बोइंग उड़ाने की परमिशन दी? जबकि दिल्ली से अहमदाबाद आने के समय ही एक यात्री ने शिकायत की थी, कि विमान में एयर कंडीशन काम नहीं कर रहा था। डिजिटल सेवाएं भी बाधित रहीं। फिर उसी विमान को लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति कैसे दी गई? बोइंग 787 हो या दूसरा उसे लाइसेंस कब दिया गया? उसके उड़ान भरने की एक्सपायरी डेट क्या थी?

    इसे भी पढ़े:- हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी

    क्या है पर्सनल डेटा?

    जो प्रश्न भारतीय मिडिया को पूछना चाहिए था वह मिडिया तो चरण चुंबन करने में लगी हुई है। पत्रकारिता का अंतिम क्रिया कर्म कर श्रद्धांजलि भी देकर खुद को मुर्दा होने का प्रमाण दे दिया गया है। ऐसे में देश का जागरूक व्यक्ति शुक्ला ने आर टी आई के अधीन सरकार से सवाल पूछकर दुस्साहस का कार्य किया है। ऐसी सरकार से सवाल पूछने के साहस के लिए बधाई जरूर दी जा सकती है। लेकिन मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पहले ही पर्सनल डेटा के नाम पर आर टी आई को नख दंत विहीन कर अपंग और अनुपयोगी बना दिया है। ताकि जानकारी देने से बचने के लिए पर्सनल डेटा का सहारा लिया जा सके।

    महामानव की राजनैतिक चाल

    जैसे महाबली धनुर्धारी भीष्म पितामह को मारने के लिए कृष्ण द्वारा अर्जुन के सामने शिखंडी को खड़ा कर दिया था। क्योंकि भीष्म शिखंडी को स्त्री मानते थे और स्त्रियों के खिलाफ शस्त्र उठाना वीरों को शोभा नहीं देता। यही कारण है कि अर्जुन शिखंडी की आड में भीष्म का शरीर वाणों से छलनी कर सके। उसी तरह मोदी सरकार ने जवाबदेही से बचने के लिए पर्सनल डेटा रूपी शिखंडी को एक्टिविस्टों के सामने खड़ा कर दिया है।

    साजिश या टेक्निकल ?

    मुद्दा यह है कि आखिरकार बोइंग विमान हादसा हुआ क्यों? क्या विमान को उड़ान भरने का सार्टिफिकेट नियमों का उल्लंघन करके दिया गया? ताकि दुर्घटनाग्रस्त हो जाए, जिसमें गुजरात की वह हस्ती यात्रा कर रही थी, जिसने बीजेपी सरकार के घोटाले खोलने की बातें कही थी। तर्क बहुतेरे हो सकते हैं। साजिश थी या टेक्निकल फेलियर यह तो जांच के बाद ही मालूम हो पाएगा। वैसे सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है, कि अहमदाबाद हवाईअड्डे की ठेकेदारी तुर्की को दी गई है। तुर्की ने ही विमान दुर्घटना कराई है। आदि जैसी सैकड़ों बाजीगरी सोशल मीडिया में देखने को मिल रही हैं।

    इसे भी पढ़े:- BJP Government: बीजेपी सरकार के विकास का मॉडल।

    गैर जिम्मेदार

    अहम मुद्दा यह है, कि केंद्रीय गृह मंत्री होते हुए भी अमित शाह ने कैसे गैर जिम्मेदारांना बयान दिया, कि “दुर्घटना होनी थी हो गई। उसे रोका नहीं जा सकता।” इसका जवाब होगा यदि ईमानदारी से अहमदाबाद हवाई अड्डे पर ठीक तरह से जांच की गई होती, तो विमान को दुर्घटना ग्रस्त होने से रोका जा सकता था। विशेषज्ञ अनेक खामियां गिनाते हैं। बोइंग बनाने वाली अमेरिकी कंपनी में कार्यरत दो इंजीनियरों ने बोइंग की कई गड़बड़ियों का खुलासा किया था। दोनों की अचानक और संदिग्ध मय मौत हो जाना भी इशारे करता है, कि बोइंग मौत का उड़ाता ताबूत है।

    दुर्घटना का सही कारण?

    कई स्थानों पर अधूरी यात्रा करके विमान लैंड होने की खबरें तो बताती हैं कि एक्सपायरी डेट निकल जाने और तकनीकी खराबी के बावजूद कैसे सर्टिफिकेट जारी किया गया? लाइसेंस क्यों और कैसे दिए गए? जबकि देश ही नहीं विदेशों में भी बोइंग विमान के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है।
    मुद्दा यह भी है कि कहीं दबाव डालकर दुर्घटना को अंजाम देने वाले या साजिश रचने वालों को बचाने की कोशिश में दबाव भी दिया जा सकता है। अगर बाहरी अथवा विदेशी और खुद बोइंग बनाने वाली कंपनी कुछ एक्सपर्ट के साथ जांच करती है तभी जांच निर्दोष मानी जा सकती है। देखना होगा कि जांच में दुर्घटना का कारण सामने जरूर आएगा।

  • Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।

    Mumbai Lake Water Level:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

    नहीं होगी पानी की कटौती!

    महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर  दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।

    मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें कौन सी हैं ?

    मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।

    मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?

    मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।

  • 100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    100 करोड़ लोगों को भीख का कटोरा थमा देंगे महामानव?

    • कौन सी चौथी इकॉनमी बन गया भारत?
    • एस आई पी एकाउंट क्यों बंद कर रहे हैं लोग ?
    • जनता के एकाउंट से हो चुका है अब तक ३६ करोड़ का फ्रॉड …!
    • दो लाख करोड़ की साप्ताहिक GST की हो रही वसूली
    • GDP किनकी बदौलत बढ़ी?
    • विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई लोकप्रिय नहीं होता..!

    मुंबई: बड़े गर्व से मुनादी पीटी जा रही है, कि “जापान को पछाड़ कर भारत विश्व की चौथी आर्थिक व्यवस्था बन गई है।” अब कहा जा रहा है, कि “चंद दिनों में जर्मनी को पिछाड़कर तीसरी अर्थ व्यवस्था बन जायेगा भारत।” कौन सा भारत बन गया चौथी इकॉनमी? उन गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 80 करोड़ ग़रीबों की या फिर 65% बेरोजगार युवा मजदूरों की?

    लोग एस आई पी बंद कर रहे हैं। बैंक के कर्ज तले दबकर किसान और छोटे व्यवसायी आत्महत्या कर रहे हैं। गोल्ड लोन भी मंहगा हो गया है। रुपया डॉलर के मुकाबले 87 के निचले स्तर पर आ चुका है। नकली करेंसी पर कोई रोकटोक नहीं लग पाई है। डिजिटल देन लेने वाले ईमानदार लोगों के बैंक एकाउंट से अब तक 36 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया जा चुका है। मंहगाई सरकार के कागजों में गुलाबी हो गई है। दो जून की रोटी के लाले पड़ गए हैं।

    मनरेगा, शिक्षा, चिकित्सा का बजट कम कर दिया है। प्राइवेट स्कूल हों या प्राइवेट अस्पताल तो गहना और जमीन तक बिकवा दे रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में न योग्य डॉक्टर न मशीन जिनसे जांच की जा सके। सरकार केवल दो कार्यों में जुटी है। जनता से हर एक चीज़ पर जी एस टी लेने जिस पर फख्र करती है सरकार। जबकि दो लाख करोड़ की साप्ताहिक जी एस टी वसूली हो रही धन कम से कम जनता के हित में तो खर्च हो ही रहे हैं।

    इसे भी पढ़े:- पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    दूसरा काम हैं चुनाव प्रचार में जनता के पैसों की बर्बादी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री क्यों जाए जनता के पैसों पर चुनाव प्रचार करने? क्या इतने मूर्ख होते हैं उनके प्रत्याशी कि सरकार को प्रचार करने के लिए गालीबाज नेता और नफरत का जहर घोलने वाले दुर्बुद्धि नेता की जरूरत पड़ती है। सरकार सिर्फ पूंजीपतियों के सोलह लाख बैंक कर्ज माफ कर सकती है। धनिकों की संपत्ति बढ़ाने का ही काम करती है। कल तक लल्लू सेठ आज अरबपति बन गए। बैंक का कर्ज लेकर देश से बाहर भगाने का काम भी सरकार कराती है।

    जी डी पी किनकी बदौलत बढ़ी? एक प्रतिशत धन्नासेठों की जो सरकार को चुनाव में अरबों चंदा देते हैं इसके बदले में धन्नासेठों को सरकार धंधा देती है। भारत सरकार जिस चौथी अर्थव्यवस्था का दंभ भर रही है उसमें सौ करोड़ लोगों की आय कितनी है? केवल चंद अरबपतियों के बूते सरकार विश्व की पहली अर्थव्यवस्था होने के दावे भी कर दे तो ताज्जुब नहीं। ताज्जुब तो तब होगा जब सौ करोड़ लोगों को निःशुल्क शिक्षा सुविधा रोजगार और चिकित्सा की अच्छी व्यवस्था कर सके। जो करना ही नहीं चाहती।

    इसे भी पढ़े:- क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    क्योंकि देश को मूर्ख रखकर गुलाम बनाना और हिंदुत्व का जहर उनकी रगो में भरकर वोट ले सकती है। मोदी जो प्रधानमंत्री हैं ग्यारह वर्षों में एक भी उपलब्धि बताकर जनता से वोट मांगने की हिम्मत तो दिखाते। सबकी जमानत जब्त हो जाएगी। विपक्षी भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में शामिल कर लेने और कुनबा बढ़ाने से कोई भी लोकप्रिय नहीं हो जाता। उसके लिए जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाला होना चाहिए। झूठ बोलकर शब्ज़ बाग दिखने और वादे पूरा करने वाला बेहद क्रूर और तानाशाह हो सकता है जन नेता नहीं।

  • महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    महिलाओं और लड़कियों को सोशल मीडिया पर टार्गेट करने वाला शुभम गिरफ्तार

    Shubham-arrested-for-targeting-women-and-girls-on-social-media

    सोशस मीडिया पर महिलाओं के नाम पर अश्ली फोटो और विडियो का राज आखिरकार मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने खोल कर रख दी है। आए दिन बदनामी के डर से होने वाली महिलाओं और लडकियों की मौत के पीछे सायबर जालसाज देखो क्या कर रहे हैं।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर लड़कियों का अश्ली डाटा प्रसारित करने वाला 25 वर्षीय शुभम मनोजप्रसाद सिंह को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंबई के दहिसर सायबर सेल ने बिहार के बागलपुर निवासी शुभम कुमार मनोजप्रसाद सिंह को कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कर्नाटक में यह सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। इसके मोबाइल से पुलिस को मिली जानकारी में कहा गया कि आरोपी ने 100 से अधिक महिलाओं के नाम से ईमेल आईडी बनाई हुई थी और इंस्टाग्राम पर 11 अलग-अलग महिलाओं की आईडी बना रखी थी। आरोपी ने 2015-16 में दिल्ली के रेहान आय.टी. सेंटर से सॉफ्ट स्किल कंप्यूटर ट्रेनिंग प्रोग्राम डिप्लोमा हासिल किया है। इसके मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था।

    कॉलेज की लड़की को बनाया शिकार

    दहिसर पूर्व, परिमंडल 12 के पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे ने बताया, कि जनवरी के अंत में एक शिकायत मिली थी। कॉलेज मे पडने वाली एक लड़की को आरोपी ने ब्लैकमेल किया हुआ था और उसके नाम से इंस्टाग्राम पर अश्ली फोटो और पोस्ट किए जा रहे थे। जिसके कारण उस लड़की की काफी बदनामी हो रही थी और वह मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रही थी। दहिसर पुलिस की सायबर सेल ने उसे अच्छे से पहले समझाया और सांत्वना दी। इसके बाद गु.र.क्र. 95/2005 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 78, 79 के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी), 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कहा कि ऐसे मामलों से किसी भी महिला को घबराने की जरूरत नही है। हमेशा पुलिस की मदद लें।

    वायरल पोस्ट

    दहिसर डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त किशोर खैरनार ने बताया, कि आरोपी पहले महिलाओं और लडकियों को सोशल मीडिया पर फोलो कर मेसेज भेजता था और जबरदस्ती अश्ली विडियो बनाने के लिए जोर देता था इसमे अश्ली भाषा का भी उपयोग करता था। ऐसा नही करने पर उसका नाम और फोटो का इस्तेमाल कर इंटरनेट पर अश्ली पोस्ट और स्टोरीज़ वायरल करता था। पुलिस ने पहले उस अकाउंट का पता लगाया जिस अकाउंट से उसने लड़की को मेसेज भेजा था। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म और गुगल से उसका पता लगाया गया। तब जाकर सायबर सेल को पता चला कि आरोपी कर्नाटक से ऑपरेटर कर रहा है।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    दहिसर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक होनमाने ने बताया, कि जैसे ही जानकारी मिली की आरोपी कर्नाटक के सांदुर, जिला बेल्लारी से ऑपरेटर कर रहा है। सायबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे और उनकी टीम को रवाना किया गया। आरोपी वहां सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था। 6 जुन को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां बोरीवली कोर्ट ने उसे 16 जुन तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश दिए।

    जांच अधिकारी ने क्या कहा?

    मामले की जांच कर रहे पुलिस निरीक्षक एएस. देसाई और सहायक पुलिस निरीक्षक अंकुश दांडगे ने बताया, कि आरोपी के मोबाइल फोन में लगभग 100 से भी ज्यादा अलग-अलग महिलाओं के बनावटी ईमेल आईडी प्राप्त हुए हैं और 11 इंस्टाग्राम आईडी जो महिलाओं के नाम से नकली बनाकर कई अश्ली पोस्ट किए गए है उन सभी की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन मे अलग-अलग महिलाओं और लडकियों के 13500 फोटो स्क्रीन शॉट निकाल कर इकट्ठा किया हुआ था। पुलिस ने इसके खिलाफ और भी शिकायतें मिलने की गुंजाइश जता रही है।

  • योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    नई दिल्ली मे अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से “योग महाकुंभ” कार्यक्रम का आयोजन कर ‘योग’ को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास किया गया।

    नई दिल्ली: 15 जून 2025 को आयोजित “योग महाकुंभ” कार्यक्रम ने योग साधकों शिक्षकों एवं समाजसेवियों का विशाल संगम प्रस्तुत किया। यह ऐतिहासिक आयोजन अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ (ABYOGASMS Foundation) के तत्वावधान में लाजपत भवन ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. अभिषेक वर्मा और उनकी सुपुत्री निकोल वर्मा आई। जो एक सनातनी राजनीतिज्ञ और उद्योगपति के रूप में विख्यात हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर अभिषेक वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि ‘योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं है, यह हमारी सनातन संस्कृति का मूल है।’

    उन्होंने वेद पुराणों से जानकारी देते हुए कहा, “भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं, “योगः कर्मसु कौशलम्”, यानि कर्म में कुशलता ही योग है। वेदों में योग को आत्मा की शुद्धि और चित्त की स्थिरता का माध्यम बताया गया है।”

    इसे भी पढ़े:- मुख्यमंत्री ने SRA परियोजना के लिए मोबाइल एप लॉन्च किया। With DIRECT DOWNLOAD LINK

    योग का हमारे जीवन में महत्व को लेकर उन्होंने और भी जानकारियां दी, जिसमें उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया तनाव और भौतिकता से जूझ रही है, तब योग ही वह साधन है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। स्वस्थ भारत, संस्कारवान समाज, और आत्मनिर्भर राष्ट्र की कल्पना बिना योग के अधूरी है।”

    देश की राजनीति पर बोलते हुए डॉ. अभिषेक वर्मा ने यह भी बताया, कि “शिवसेना (NDA) और हमारे पथप्रदर्शक बाला साहेब ठाकरे जी हमेशा इस विचार के पक्षधर रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण आत्मनियंत्रण और संयम से ही संभव है, और योग उसका आधार है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित किया, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसका प्रमाण है। शिवसेना के पोर्टफोलियो में आयुष मंत्रालय, फिट इंडिया मूवमेंट, और डिजिटल योग अभियान, योग को हर घर तक पहुँचा रहे हैं। आइए, संकल्प लें: योग अपनाएँ, जीवन सजाएँ, और भारत को फिर से विश्वगुरु बनाएँ।” उन्होंने अपने वक्तव्यों की समाप्ति पर “जय सनातन”, “जय हिंद” की घोषणा भी की।

    कार्यक्रम के मौके पर विशिष्ट अतिथियों में राजर्षि वेदमूर्ति आचार्य पवन दत्त मिश्रा महाराज, स्वामी अमित देव, डॉ. ईश्वर तथा योग गुरु मंगेश त्रिवेदी शामिल रहे। योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जो ABYOGASMS के संस्थापक हैं, उन्होंने कहा, यह आयोजन योग को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास है।

    कार्यक्रम में विभिन्न योग संगठनों, विद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे एक महाकुंभ की भांति मनाया गया।