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  • DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart शॉपिंग: इन वस्तुओं को खरीदने से पहले रहें सावधान

    DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।

    डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।

    ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

    डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क

    मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।

    👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।

    कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी

    डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।

    👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।

    इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी

    डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं।
    अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।

    👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।

    त्योहारों के समय बचत का सही तरीका

    दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं।
    लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।

    👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।

    आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?

    • हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
    • कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
    • त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
    • सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।

    डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।

  • जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    जोगेश्वरी में टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत

    मुंबई के जोगेश्वरी में पानी के टैंकर की टक्कर से 63 वर्षीय महिला की मौत, भतीजा घायल। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई; शहर में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार दोपहर जोगेश्वरी (पूर्व) इलाके में एक दर्दनाक दुर्घटना हुई, जिसमें पानी के टैंकर ने स्कूटर को टक्कर मार दी। इस हादसे में 63 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा मामूली रूप से घायल हो गया।

    हादसा कैसे हुआ?

    यह घटना सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जोगेश्वरी (पूर्व) के एक स्कूल गेट के पास हुई। स्कूटर चला रहा आदित्य जाधव (19) अपनी बुआ आशा दत्ताराम जाधव (63) को घर छोड़ने जा रहा था। तभी अचानक पीछे से आ रहे पानी के टैंकर ने स्कूटर को बाईं ओर से टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि आशा जाधव सड़क पर गिर गईं। हादसे में टैंकर का अगला पहिया उनके हाथ पर चढ़ गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।

    मृतका कहां की रहने वाली थीं?

    पुलिस के अनुसार, मृतका आशा जाधव अपने बेटे सूरज (21) के साथ यशवंत नगर, जोगेश्वरी (पूर्व) में रहती थीं। सोमवार को वे अपने भतीजे आदित्य के घर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद आदित्य उन्हें स्कूटर से घर छोड़ने जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

    टैंकर चालक पर लापरवाही का आरोप

    पीड़ित आदित्य जाधव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि टैंकर चालक फोन पर बात कर रहा था और सड़क पर ध्यान नहीं दे रहा था। इसी लापरवाही की वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    आशा जाधव को तुरंत पास के ट्रॉमा हॉस्पिटल, जोगेश्वरी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हादसे की जानकारी मिलते ही जोगेश्वरी पुलिस मौके पर पहुंची। टैंकर चालक अंगद कुमार को हिरासत में लिया गया और उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया।

    सीनियर इंस्पेक्टर इकबाल शिकलगर ने बताया कि “चालक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद थाने से रिहा कर दिया गया है।”

    स्थानीय लोगों की नाराज़गी

    घटना के बाद इलाके के लोगों ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि जोगेश्वरी इलाके में पानी के टैंकर अक्सर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलते हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा।

    सड़क सुरक्षा पर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है।

    • क्या भारी वाहन चालकों पर सख्त निगरानी हो रही है?
    • क्या मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है?

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन और सीसीटीवी मॉनिटरिंग ज़रूरी है।

    जोगेश्वरी हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 63 वर्षीय आशा जाधव की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। वहीं, पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

  • मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    कामोठे, नवी मुंबई में ज्वेलरी शॉप से 72 लाख की चोरी करने वाला आरोपी बोरीवली स्टेशन पर पकड़ा गया। पुलिस ने पूरी चोरी की मालमत्ता बरामद की।

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    मुंबई: नवी मुंबई के कामोठे सेक्टर-12 स्थित पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी को पुलिस ने महज़ चार घंटे में सुलझा दिया। आरोपी राजस्थान भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुंबई पुलिस की सतर्कता से उसे बोरीवली स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए 78 तोले सोने के दागिने, 18 छोटे हीरे और ₹1.39 लाख नकद सहित करीब 72 लाख रुपये की मालमत्ता बरामद किया है।

    चोरी की घटना कैसे हुई?

    घटना 6 सितंबर 2025 की दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कामोठे, पनवेल के पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई। आरोपी ने दुकान से सोने-हीरे के दागिने और नकदी लेकर फरार हो गया।

    चोरी की जानकारी सामने आते ही नवी मुंबई पुलिस और अपराध शाखा सक्रिय हो गई। इस बीच आरोपी बोरीवली स्टेशन के पास संदिग्ध हालचाल में पुलिस को दिखा।

    पुलिस की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार

    कस्तुरबा मार्ग पुलिस ठाणे की गश्त टीम को एक युवक संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने टालमटोल की और बैग की जांच करने पर उसमें सोने के दागिने और नकद मिले। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कामोठे स्थित ज्वेलरी दुकान से चोरी की और अब राजस्थान अपने गांव लौटने जा रहा था।

    नवी मुंबई पुलिस से समन्वय

    मुंबई पुलिस ने तुरंत नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-3 से संपर्क साधा। जांच में पुष्टि हुई कि पारसनाथ ज्वेलर्स में उसी दिन चोरी हुई है। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर माल समेत नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    आरोपी कौन है?

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान करणसिंह नाथूसिंह खारवार, निवासी केलवा, जिला राजसमंद, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने गांव भागने की फिराक में था।

    बरामद मालमत्ता

    पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त किया

    • 78 तोले सोने के दागिने
    • 18 छोटे हीरे
    • ₹1,39,200 नकद

    बरामद माल की कुल कीमत करीब 70-72 लाख रुपये आंकी गई है।

    पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे के नेतृत्व में हुई। पुलिस उपायुक्त परिमंडल-12 आनंद भोईटे, सहायक पुलिस आयुक्त मालोजी शिंदे और पुलिस निरीक्षक (क्राईम) सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

    गुन्हे प्रकटीकरण पथक में शामिल थे:

    • पोउनि धिरज वायकोस
    • पोउनि अनिकेत शिंदे
    • पोह. राजेश पेडणेकर
    • पोह. करुणेश म्हात्रे
    • पोशि. महांतेश सवळी
    • पोशि. तुषार पुजारी
    • पोशि. अनिकेत सकपाळ
    • पोशि. अमोल फोपसे
    • पोशि. राहुल सांगळे
    • पोशि. विकेश शिंगटे
    • पोशि. महादेव पुरी
    • पोशि. राहुल वडर
    • पोशि. प्रविष फर्डे

    केस दर्ज

    इस चोरी के मामले में कामोठे पुलिस ठाणे में गुन्हा रजि. क्र. 0173/2025, कलम 306 भान्यासं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच नवी मुंबई पुलिस कर रही है।

    मुंबई पुलिस की तेजी और सतर्कता के चलते चोरी की यह वारदात कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई। आरोपी को पकड़कर पूरी चोरी का माल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पुलिस की गश्त और सतर्कता कितनी अहम है।

  • मुंबई में CNG सप्लाई बाधित, ONGC प्लांट में लगी आग

    मुंबई में CNG सप्लाई बाधित, ONGC प्लांट में लगी आग

    मुंबई में ONGC उरण प्लांट में लगी आग से CNG सप्लाई प्रभावित, MGL ने घरेलू PNG सप्लाई सुरक्षित बताई, इंडस्ट्रियल ग्राहकों को अन्य ईंधन अपनाने की सलाह।

    मुंबई: सोमवार को नवी मुंबई स्थित ONGC के उरण गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लगने से शहर में CNG सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) सप्लाई को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है।

    आग कब और कैसे लगी?

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे ONGC के उरण प्लांट में अचानक आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए कंपनी की फायर ब्रिगेड टीम ने दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया**। शाम तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और राहत की बात यह रही कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को चोट नहीं लगी।

    MGL ने क्या कहा?

    मुंबई की गैस वितरण कंपनी महनगर गैस लिमिटेड (MGL) ने बयान जारी कर कहा कि:

    • घरेलू उपभोक्ताओं को PNG सप्लाई प्रभावित नहीं होगी।
    • इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्राहकों से अपील की गई है कि वे फिलहाल वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करें।
    • जैसे ही ONGC का उरण प्लांट पूरी तरह से सामान्य संचालन में आएगा, CNG सप्लाई भी बहाल कर दी जाएगी।

    CNG स्टेशनों पर दबाव

    ONGC प्लांट में आग लगने के बाद शहर में पाइपलाइन प्रेशर कम हो गया है। ऐसे में CNG स्टेशनों पर ईंधन की कमी हो सकती है। कई जगहों पर लंबी कतारें लगने की आशंका जताई जा रही है।

    शहर के कुछ हिस्सों में पहले ही CNG की सप्लाई धीमी होने की जानकारी सामने आई है। ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने भी चिंता जताई है कि अगर सप्लाई में दिक्कत हुई तो यात्रियों को इसका असर सीधे किराए और उपलब्धता पर दिखेगा।

    घरेलू PNG उपभोक्ता न घबराएं

    MGL ने दोहराया कि घरेलू PNG सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। कंपनी ने यह भी कहा कि गैस की प्राथमिकता हमेशा घरों के उपभोक्ताओं को दी जाएगी ताकि लोगों को खाना पकाने या जरूरी कामों में कोई परेशानी न हो।

    इंडस्ट्रियल ग्राहकों पर असर

    इस आग का सीधा असर उन फैक्ट्रियों और कंपनियों पर हो सकता है जो CNG और PNG पर आधारित ईंधन का इस्तेमाल करती हैं। MGL ने इन संस्थानों को अपील की है कि वे अस्थायी रूप से एलपीजी, डीजल या अन्य वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें।

    हादसे में कोई हताहत नहीं

    ONGC अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। कोई जनहानि नहीं हुई है और न ही कोई बड़ा ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। आग लगने की वजहों की जांच की जा रही है।

    मुंबईकरों की चिंता

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां हर दिन लाखों वाहन CNG पर चलते हैं, सप्लाई में कमी आने से ऑटो, टैक्सी और बस सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो उन्हें यात्रा करने में मुश्किलें होंगी।

    ONGC के उरण प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इसका असर फिलहाल मुंबई की CNG सप्लाई पर दिख सकता है। MGL ने आश्वासन दिया है कि घरेलू PNG उपभोक्ता प्रभावित नहीं होंगे, हालांकि CNG स्टेशनों पर ईंधन की कमी और लंबी कतारें देखने को मिल सकती हैं।

  • मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    कांदिवली पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद पर यादव और चव्हाण परिवार में हिंसक झड़प। बैट, हॉकी स्टिक और काठियों से हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत, आठ लोग गंभीर रूप से घायल।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के लालजीपाड़ा इलाके में 5 सितंबर को हुए प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यादव और चव्हाण परिवार के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का झगड़ा अचानक मारपीट में बदल गया। दोनों तरफ से बैट, हॉकी स्टिक, लाठियां और यहां तक कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय वृद्ध राम लखन यादव की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    🏚️ प्रॉपर्टी विवाद से बिगड़ा माहौल

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यादव और चव्हाण परिवार के बीच पिछले कई महीनों से जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था। लगातार झगड़ों और कहासुनी के बाद शनिवार को हालात बेकाबू हो गए।

    • लालजीपाड़ा क्षेत्र में दोनों परिवारों के बीच अचानक भिड़ंत हुई।
    • देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    • हथियार के तौर पर हॉकी स्टिक, बैट, लाठियां, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।

    यह झगड़ा इतना खतरनाक हो गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🩸 आठ लोग घायल, एक वृद्ध की मौत

    हिंसक झड़प में करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    • इलाज के दौरान 65 वर्षीय राम लखन यादव की मौत हो गई।
    • बाकी घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
    • परिजनों का कहना है कि झगड़ा अचानक इतना बड़ा हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    घटना की जानकारी मिलते ही कांदिवली पुलिस मौके पर पहुंची।

    • दोनों परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
    • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    • बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि यह झगड़ा पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

    😨 इलाके में फैली दहशत

    इस घटना के बाद लालजीपाड़ा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।

    • कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    • नागरिकों का कहना है कि इलाके में इस तरह की हिंसा से बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा हो गया है।
    • लोग चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं ताकि माहौल सामान्य हो सके।

    🔍 विशेषज्ञों की राय

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद से जुड़े मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं।

    • अगर समय रहते इन झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए तो बड़े हादसे रोके जा सकते हैं।
    • मुंबई जैसे महानगर में प्रॉपर्टी और जमीन को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप करना चाहिए।

    📊 बड़ी तस्वीर

    मुंबई में जगह-जगह प्रॉपर्टी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं।

    • बढ़ती जनसंख्या और जमीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
    • कागजी गड़बड़ी और पुराने मुकदमों की वजह से अक्सर ऐसे विवाद बढ़ते हैं।
    • कांदिवली का यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे एक प्रॉपर्टी विवाद जानलेवा बन सकता है।

    कांदिवली पश्चिम की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि मुंबई में प्रॉपर्टी को लेकर तनाव कितना गंभीर रूप ले सकता है
    अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।

  • Mumbai: BMC ने बनाई एक्सप्रेस हाइवे सुधार नीति

    Mumbai: BMC ने बनाई एक्सप्रेस हाइवे सुधार नीति

    बीएमसी ने वेस्टर्न और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे के लिए नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। इसमें ट्रैफिक जाम, मीडियन मेंटेनेंस और विज्ञापन पर नियम शामिल हैं।

    मुंबई: शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (WEH) और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे (EEH) को लेकर बीएमसी (BMC) ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है। करीब 25 किलोमीटर लंबे इन दोनों हाइवे पर रोज़ाना लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं। इस वजह से ट्रैफिक जाम, सर्विस रोड का कनेक्शन और मीडियन की देखरेख जैसी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

    🚦 ट्रैफिक जाम से निपटना बड़ी चुनौती

    बीएमसी के ब्रिज विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, हाइवे और सर्विस रोड के बीच सही कनेक्टिविटी नहीं है। इसे ठीक करने के लिए पहले एक्सेस कंट्रोल सिस्टम का सुझाव दिया गया था। अब नई नीति में इसे शामिल किया गया है।

    • भीड़भाड़ कम करने के लिए अहम जगहों पर अंडरपास (Underpass) बनाने की योजना है।
    • इन अंडरपास से हाइवे और आर्टेरियल रोड पर बिना रुकावट ट्रैफिक का बहाव होगा।
    • खासकर बॉटलनेक पॉइंट्स पर इसे लागू किया जाएगा।

    🌱 मीडियन पर पौधों की देखरेख में गड़बड़ी

    वर्तमान में हाइवे के मीडियन पर अलग-अलग एजेंसियां पौधों की देखरेख करती हैं। इससे कहीं नीम के पेड़ हैं, तो कहीं सजावटी पौधे। इस असमानता को खत्म करने के लिए नई नीति में एक एजेंसी को स्पष्ट जिम्मेदारी देने की तैयारी है।

    • उदाहरण के तौर पर, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर फिलहाल 4 एजेंसियां काम कर रही हैं।
    • बीएमसी चाहती है कि आगे एक ही एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभाले।

    🛠️ हाइवे और इंटरनल रोड में बड़ा फर्क

    बीएमसी अधिकारी ने कहा कि हाइवे पर ट्रेंचिंग और री-इंस्टेटमेंट का तरीका इंटरनल रोड से अलग होता है।

    • हाइवे पर गाड़ियां ज्यादा और भारी चलती हैं, इसलिए री-इंस्टेटमेंट चार्जेस भी अधिक होंगे।
    • नई नीति में इसे लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे।

    📢 विज्ञापन और अधिकार क्षेत्र पर स्पष्टता

    फिलहाल हाइवे के अलग-अलग हिस्से एमएसआरडीसी (MSRDC) और एमएमआरडीए (MMRDA) जैसी एजेंसियों के अधीन आते हैं। इससे विज्ञापन के नियम और परमिशन में उलझन रहती है।

    नई नीति का मकसद है:

    • विज्ञापन के फॉर्मेट और परमिशन में समानता लाना।
    • अधिकार क्षेत्र को साफ करना ताकि विवाद न हो।

    ✅ नई नीति से मिलने वाले फायदे

    • ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार
    • मीडियन की एक जैसी देखरेख
    • हाइवे पर विज्ञापन के नियमों में पारदर्शिता
    • लंबी अवधि के लिए सस्टेनेबल हाइवे गवर्नेंस

  • Mumbai- जॉगिंग कर रही महिला को जंगल में घसीटा मिली एक साल की सज़ा

    Mumbai- जॉगिंग कर रही महिला को जंगल में घसीटा मिली एक साल की सज़ा

    मुंबई की बोरीवली कोर्ट ने महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को एक साल की सजा सुनाई। घटना के दौरान राहगीर ने महिला को बचाया था।

    मुंबई: महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में बोरीवली की मजिस्ट्रेट अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 30 वर्षीय नरेश कोल को महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने के मामले में एक साल की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं के साथ होने वाले गलत व्यवहार को शुरुआत से ही रोकना जरूरी है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जा सकती।

    🚨 घटना का विवरण

    यह घटना 21 मार्च की रात लगभग 8 बजे मुंबई के पश्चिमी उपनगर में हुई थी। महिला रोजाना की तरह जॉगिंग कर रही थी, तभी एक अजनबी पीछे से आया और उसे पकड़कर जबरदस्ती जंगल की ओर खींचने की कोशिश करने लगा। महिला ने शोर मचाया और मदद के लिए चिल्लाई।

    इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मोटरसाइकिल सवार ने महिला को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

    🧾 महिला और गवाह की गवाही

    मुकदमे के दौरान महिला और मोटरसाइकिल सवार दोनों को गवाह के रूप में पेश किया गया। दोनों ने अदालत के सामने साफ तौर पर बयान दिया कि आरोपी ने महिला के साथ बदसलूकी की और उसे जबरन जंगल की तरफ खींचने की कोशिश की।

    अदालत ने कहा कि महिला और राहगीर एक-दूसरे को नहीं जानते थे और न ही आरोपी से कोई संबंध था। ऐसे में किसी अजनबी के खिलाफ झूठा आरोप लगाने का कोई कारण नहीं हो सकता।

    🙅 आरोपी की दलील और अदालत का जवाब

    नरेश कोल ने अदालत में दावा किया कि उसने महिला को छुआ नहीं बल्कि तेज रफ्तार गाड़ी से बचने के लिए दौड़ते हुए गलती से उससे टकरा गया। लेकिन अदालत ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया।

    अदालत ने अपने फैसले में कहा –
    “अगर आरोपी निर्दोष होता, तो महिला को डरने और चिल्लाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। आरोपी का महिला को जंगल की ओर घसीटना साफ दिखाता है कि उसका इरादा गलत था।”

    ⚖️ अदालत का फैसला

    22 अगस्त को आए फैसले में बोरीवली कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा –
    “भले ही आरोपी युवा है, लेकिन इस तरह की हरकत से समाज की महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को खतरा पहुंचता है। ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है।”

    अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) के तहत दोषी पाया और एक साल कैद की सजा सुनाई। इसमें वह 5 महीने की जेल भी शामिल है, जो आरोपी पहले से ही इस मामले में काट चुका है।

    👩‍⚖️ महिला सुरक्षा पर संदेश

    अदालत के इस फैसले से समाज को यह साफ संदेश मिला कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों को समय रहते रोकना समाज की जिम्मेदारी है और हर महिला को न्याय दिलाना न्याय व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • अक्षय कुमार ने मुंबई बीच सफाई अभियान में लिया हिस्सा

    अक्षय कुमार ने मुंबई बीच सफाई अभियान में लिया हिस्सा

    मुंबई जुहू बीच पर अक्षय कुमार ने बीएमसी और अमृता फडणवीस के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लिया। अक्षय ने नागरिकों से सार्वजनिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

    मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार रविवार सुबह मुंबई के जुहू बीच पर बीच क्लीन-अप ड्राइव में शामिल हुए। गणपति विसर्जन के अगले ही दिन यह पहल हुई, जिसमें अक्षय के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस और बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने आम नागरिकों से स्वच्छता और पर्यावरण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

    🌊 गणपति विसर्जन के बाद सफाई की बड़ी पहल

    गणपति विसर्जन के बाद मुंबई के समुद्र किनारों पर भारी मात्रा में कचरा और मूर्तियों के अवशेष जमा हो जाते हैं। ऐसे समय में अक्षय कुमार का यह कदम न केवल प्रेरणादायक रहा बल्कि इससे लोगों को यह संदेश भी गया कि स्वच्छता की शुरुआत खुद से करनी होगी।

    अक्षय को हाथों में कचरे का थैला लिए बीच पर प्लास्टिक और अन्य गंदगी उठाते हुए देखा गया। उनकी यह कोशिश सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों ने उनकी तारीफ की।

    🙌 अक्षय कुमार का संदेश – “जिम्मेदारी सबकी”

    सफाई अभियान के दौरान अक्षय कुमार ने कहा –
    “बुद्धिमानी यही सिखाती है कि हमें सफाई बनाए रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री भी कई बार कह चुके हैं कि ये केवल सरकार या बीएमसी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की ड्यूटी है।”

    उनका यह बयान साफ दिखाता है कि वे सिर्फ फिल्मों में ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी समाज के लिए जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं।

    👏 अमृता फडणवीस और बीएमसी की सराहना

    इस अभियान में मौजूद अमृता फडणवीस ने अक्षय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान तभी सफल हो सकता है जब नागरिक खुद इसमें आगे आएं। वहीं बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी ने भी अपील की कि त्योहारों के बाद सफाई को लेकर जागरूकता जरूरी है।

    💰 अक्षय कुमार की मानवता – 5 करोड़ की मदद

    सिर्फ मुंबई बीच की सफाई ही नहीं, हाल ही में अक्षय कुमार ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए 5 करोड़ रुपये की मदद भी की है। अक्षय ने इसे डोनेशन नहीं बल्कि “सेवा” बताया। उनकी इस सोच ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

    🎬 फिल्मों के मोर्चे पर भी सक्रिय

    अक्षय कुमार इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘जॉली एलएलबी 3’ की रिलीज़ की तैयारी में भी व्यस्त हैं। यह फिल्म 19 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सामाजिक जिम्मेदारी और पेशेवर काम – दोनों मोर्चों पर अक्षय सक्रिय हैं।

  • महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।

    🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम

    • पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
    • 6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
    • क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
    • हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।

    🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर

    • दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
    • जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
    • छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।

    🌍 निवेश और रोजगार पर असर

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
    यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।

    👩‍🏭 महिला कर्मचारियों को फायदा

    श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।

    🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित

    सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।

    🗣️ सरकार का बयान

    “महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।