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  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।

  • 15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    मालाड ईस्ट के शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट में 15 साल की देरी पर MahaRERA ने शेठ डेवलपर्स को 15 फ्लैट खरीदारों को ब्याज देने और बिक्री समझौता रजिस्टर करने का आदेश दिया।

    मुंबई: मालाड ईस्ट में शेठ डेवलपर्स की आवासीय परियोजना शेठ ब्लू आइवी में करीब 15 साल की देरी को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने बड़ा फैसला सुनाया है। MahaRERA ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 15 फ्लैट खरीदारों को जुलाई 2022 से फ्लैट का कब्जा मिलने तक ब्याज दे और साल 2010 से लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित कर रजिस्टर करे।

    क्या है पूरा मामला

    शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट, जिसे शुरुआत में वसंत पर्ल नाम से बेचा गया था, उसमें 2010 से 2012 के बीच 15 लोगों ने फ्लैट बुक किए थे। उस समय बिल्डर ने 36 महीने में निर्माण पूरा करने और 42 महीने में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन सालों बीतने के बावजूद खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही पक्का जवाब।

    लंबे इंतजार और परेशानी के बाद इन सभी खरीदारों ने 2023 से 2025 के बीच MahaRERA का दरवाजा खटखटाया।

    खरीदारों की शिकायत क्या थी

    खरीदारों की ओर से पेश वकीलों गिरीश केडिया और हर्षद भडभडे ने बताया कि बिल्डर ने सिर्फ अलॉटमेंट लेटर दिया था, लेकिन बिक्री का एग्रीमेंट कभी रजिस्टर नहीं किया।
    इस बीच प्रोजेक्ट का लेआउट बदला गया, फ्लैट नंबर बदले गए और कब्जे की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया।

    खरीदारों का कहना था कि

    • 2013 से 2023 तक उन्होंने कई बार जानकारी मांगी
    • साइट पर लंबे समय तक काम बंद रहा
    • कई खरीदार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हुए
    • आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा

    इसी आधार पर उन्होंने 42.8 लाख रुपये से लेकर 2.28 करोड़ रुपये तक मुआवजे की मांग की थी।

    बिल्डर का पक्ष

    MahaRERA में शेठ डेवलपर्स ने सफाई देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले की वजह से करीब छह साल तक अटका रहा। कोर्ट के आदेश के चलते न तो निर्माण हो सका और न ही एग्रीमेंट रजिस्टर हो पाए।
    बिल्डर के मुताबिक अप्रैल 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ।

    कंपनी ने यह भी कहा कि उसने सभी खरीदारों को रिफंड का विकल्प दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने प्रोजेक्ट में बने रहने का फैसला किया।

    प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

    MahaRERA की वेबसाइट के अनुसार

    • पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख: 30 जून 2022
    • संशोधित तारीख: 30 जून 2023
    • अब नई डेडलाइन: 28 नवंबर 2027

    यानी खरीदारों को अभी भी और इंतजार करना होगा।

    MahaRERA का फैसला

    MahaRERA के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने 11 दिसंबर को आदेश दिया कि

    • बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक खरीदारों को ब्याज देना होगा
    • जितनी रकम खरीदारों ने दी है, उस पर ब्याज लागू होगा
    • सभी लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित और रजिस्टर करना होगा

    हालांकि, MahaRERA ने देरी के लिए अलग से मुआवजा और बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी की भरपाई की मांग को खारिज कर दिया।

    क्यों अहम है यह फैसला

    यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है, जो सालों से अटके प्रोजेक्ट्स में फंसे हैं। इससे यह साफ संदेश गया है कि लंबी देरी पर बिल्डरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।


    FAQ

    Q1. MahaRERA ने बिल्डर को क्या आदेश दिया है?
    बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक ब्याज देने और बिक्री समझौते रजिस्टर करने का आदेश दिया गया है।

    Q2. कितने खरीदारों को राहत मिली है?
    कुल 15 फ्लैट खरीदारों को यह राहत मिली है।

    Q3. क्या खरीदारों को मुआवजा मिलेगा?
    नहीं, MahaRERA ने अलग से मुआवजे और स्टांप ड्यूटी की मांग खारिज कर दी है।

    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होना है?
    नई समयसीमा के अनुसार 28 नवंबर 2027 तक।

  • BMC Election: छाननी में 2,231 पर्चे वैध, 167 नामांकन रद्द

    BMC Election: छाननी में 2,231 पर्चे वैध, 167 नामांकन रद्द

    BMC Election 2025-26 में नामांकन पत्रों की छाननी पूरी हो गई है। कुल 2,516 पर्चों में से 2,231 वैध पाए गए, जबकि 167 नामांकन रद्द कर दिए गए। अब 2 जनवरी को नाम वापसी और 3 जनवरी को चुनाव चिह्न आवंटन होगा।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के तहत नामांकन पत्रों की छाननी पूरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को हुई जांच में कुल 2,516 नामांकन में से 2,231 नामांकन वैध पाए गए हैं, जबकि 167 नामांकन पत्र नियमों में कमी के चलते रद्द कर दिए गए। अब 2 जनवरी 2026 को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया होगी और 3 जनवरी को वैध उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दिए जाएंगे।

    🗳️ BMC नामांकन छाननी पूरी, तस्वीर हुई साफ

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार बीएमसी के सभी 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालयों में बुधवार सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की छाननी की गई।
    इस दौरान उम्मीदवारों के कागजात, शपथपत्र, ना-हरकत प्रमाणपत्र, पार्टी के एबी फॉर्म और आवेदन की पूरी जानकारी की बारीकी से जांच की गई।

    जिन उम्मीदवारों के दस्तावेज पूरे और नियमों के अनुसार पाए गए, उनके नामांकन वैध घोषित किए गए। जिन पर्चों में खामियां मिलीं, उन्हें रद्द कर दिया गया।

    📊 कितने पर्चे वैध, कितने रद्द?

    छाननी के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार—

    • कुल नामांकन प्राप्त: 2,516
    • वैध नामांकन: 2,231
    • अवैध (रद्द) नामांकन: 167

    छाननी पूरी होते ही वैध उम्मीदवारों की सूची भी तुरंत जारी कर दी गई है।

    🏛️ नामांकन प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन

    बीएमसी के 227 नगरसेवक पदों के लिए—

    • 23 दिसंबर 2025: नामांकन दाखिल करने की शुरुआत
    • 30 दिसंबर 2025: नामांकन का आखिरी दिन
    • कुल नामांकन पत्र वितरित: 11,391
    • कुल नामांकन दाखिल: 2,516
    • 31 दिसंबर 2025: नामांकन पत्रों की छाननी

    इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की भी अच्छी खासी भागीदारी रही है।

    🔁 अब आगे क्या? नाम वापसी और चुनाव चिह्न

    चुनाव विभाग के अनुसार—

    • 2 जनवरी 2026 (शुक्रवार):
      सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे।
    • 3 जनवरी 2026 (शनिवार):
      सुबह 11 बजे से वैध उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
      इसी दिन चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी जारी की जाएगी।

    इसके बाद सभी वार्डों में चुनाव प्रचार पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।

    🏙️ विभागवार छाननी का हाल

    बीएमसी के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों में वैध और अवैध नामांकन की संख्या अलग-अलग रही।
    एम पूर्व, एम पश्चिम, जी उत्तर, के पश्चिम और एस विभाग जैसे इलाकों में ज्यादा पर्चे रद्द हुए, जिससे वहां मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है।
    वहीं एफ उत्तर, एन और कुछ अन्य विभागों में बहुत कम नामांकन रद्द हुए हैं।

    इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कई वार्डों में सीधी टक्कर देखने को मिलेगी, तो कुछ जगहों पर बहुकोणीय मुकाबला रहेगा।

    🏙️ मुंबई में चुनावी सरगर्मी तेज

    नामांकन छाननी के बाद अब मुंबई की सियासत पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है।
    पार्टी कार्यालयों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है और उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क भी तेज कर दिया है।
    नाम वापसी के बाद असली मुकाबला किसके बीच होगा, यह 3 जनवरी को पूरी तरह साफ हो जाएगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव में कुल कितने नामांकन वैध हुए हैं?
    👉 कुल 2,231 नामांकन वैध घोषित किए गए हैं।

    Q2. कितने नामांकन रद्द किए गए?
    👉 167 नामांकन पत्र अवैध पाए गए।

    Q3. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 2 जनवरी 2026, सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक।

    Q4. चुनाव चिह्न कब दिए जाएंगे?
    👉 3 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे से।

    Q5. अंतिम उम्मीदवार सूची कब जारी होगी?
    👉 3 जनवरी 2026 को।

  • BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव 2026 में नामांकन जांच के दौरान बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चों पर शिंदेसेना ने डिजिटल साइन को लेकर आपत्ति उठाई है, वहीं दो वार्डों में महायुति को झटका लगा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की छाननी शुरू होते ही सियासी घमासान तेज हो गया है। पश्चिमी उपनगर मालाड में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में पड़ गए हैं। शिंदेसेना ने आरोप लगाया है कि इन उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर हाथ से साइन की जगह डिजिटल साइन किए गए हैं, जो नियमों के खिलाफ हैं। दूसरी ओर, वार्ड 211 और 212 में शिंदेसेना और भाजपा को भी बड़ा झटका लगा है, जिससे चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

    🗳️ BMC चुनाव 2026: त्रिकोणीय मुकाबला

    इस बार बीएमसी चुनाव में मुकाबला सीधा नहीं है।

    • एक तरफ शिंदेसेना-भाजपा (महायुति)
    • दूसरी तरफ ठाकरे बंधुओं का गुट
    • और तीसरी तरफ कांग्रेस-वंचित गठबंधन

    मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी। अब पूरे मुंबई में नामांकन पत्रों की जांच चल रही है, और इसी दौरान कई जगहों से विवाद सामने आ रहे हैं।

    ⚠️ मालाड में बढ़ी ठाकरे गुट की परेशानी

    पश्चिमी उपनगर मालाड पूर्व के ईशान्य विभाग स्थित चुनाव कार्यालय में जब नामांकन की जांच शुरू हुई, तब ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ गईं।
    शिंदेसेना ने वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42 में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई है।

    अगर यह आपत्ति मान्य मानी गई, तो इन सभी वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चे रद्द हो सकते हैं, जिससे वहां सीधा मुकाबला ही बदल जाएगा।

    ✍️ डिजिटल साइन पर क्यों हुआ विवाद?

    शिंदेसेना के विभाग प्रमुख वैभव भरडकर ने चुनाव अधिकारियों को बताया कि ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं।
    जबकि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक,

    • एबी फॉर्म पर हाथ से की गई असली साइन जरूरी होती है
    • डिजिटल साइन को वैध नहीं माना जाता

    इसी आधार पर शिंदेसेना ने लिखित शिकायत दी है। चुनाव अधिकारियों ने शिकायत स्वीकार कर ली है और नियमों के तहत फैसला लेने का भरोसा दिया है।

    🔄 महायुति को भी झटका, दो वार्डों में पर्चे रद्द

    जहां एक ओर ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवार संकट में हैं, वहीं दूसरी ओर महायुति को भी नुकसान झेलना पड़ा है।

    • वार्ड क्रमांक 211 में शिंदेसेना के उम्मीदवार का पर्चा जरूरी दस्तावेज पूरे न होने की वजह से रद्द कर दिया गया।
    • वार्ड क्रमांक 212 में भाजपा उम्मीदवार मंदाकिनी खामकर का नामांकन भी खारिज हो गया।

    बताया जा रहा है कि वे एबी फॉर्म मिलने के बाद नामांकन कार्यालय 15 मिनट देरी से पहुंचीं, जिस वजह से उनका पर्चा स्वीकार नहीं किया गया।

    🟠 वार्ड 212 में मनसे की स्थिति मजबूत

    भाजपा उम्मीदवार का पर्चा रद्द होते ही वार्ड 212 में सियासी गणित बदल गया है।
    अब यहां मनसे की उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

    इस वार्ड में

    • अखिल भारतीय सेना की गीता गवळी,
    • कांग्रेस
    • और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं,

    लेकिन ठाकरे बंधुओं की एकजुट ताकत और मौजूदा हालात को देखते हुए मनसे उम्मीदवार की जीत की संभावना ज्यादा बताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ, तो बीएमसी में मनसे का खाता खुल सकता है।

    👀 आगे क्या होगा?

    अब सभी राजनीतिक दलों की नजर चुनाव अधिकारियों के फैसले पर टिकी है।

    • अगर डिजिटल साइन को नियमों के खिलाफ माना गया, तो मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगेगा।
    • वहीं महायुति पहले ही दो वार्डों में नुकसान झेल चुकी है।

    आने वाले फैसलों से साफ होगा कि किसका पत्ता कटेगा और किसे चुनावी फायदा मिलेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठाकरे गुट के कितने उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में हैं?
    👉 कुल 5 उम्मीदवारों के।

    Q2. विवाद की मुख्य वजह क्या है?
    👉 एबी फॉर्म पर डिजिटल साइन किया जाना।

    Q3. कौन-कौन से वार्ड प्रभावित हो सकते हैं?
    👉 वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42।

    Q4. महायुति को कहां नुकसान हुआ है?
    👉 वार्ड 211 और 212 में।

    Q5. वार्ड 212 में किसे बढ़त मानी जा रही है?
    👉 मनसे उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को।

  • BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के तहत नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आखिरी दिन 2,122 नामांकन जमा हुए, जबकि कुल 2,516 नामांकन प्राप्त हुए हैं। आज से नामांकन पत्रों की जांच शुरू होगी।

    मुंबई: होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र जमा किए गए। पूरे नामांकन काल के दौरान 2,516 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। आज बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) शुरू होगी, जिसके बाद वैध उम्मीदवारों की सूची तुरंत जारी की जाएगी।

    🏛️ नामांकन प्रक्रिया पूरी, आखिरी दिन भारी भीड़

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से नामांकन पत्रों का वितरण और स्वीकार किया जाना शुरू हुआ था।
    आखिरी दिन यानी 30 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र स्वीकार किए गए, जबकि सुबह 11 से 4 बजे तक नामांकन पत्रों का वितरण भी जारी रहा।

    बीएमसी के 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालयों में आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। सिर्फ आखिरी दिन ही 594 नामांकन पत्रों का वितरण हुआ।

    📊 कुल नामांकन का पूरा आंकड़ा

    23 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 के बीच कुल मिलाकर

    • 11,391 नामांकन पत्र वितरित किए गए
    • 2,516 नामांकन पत्र जमा हुए

    यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार बीएमसी चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली है।

    🔍 आज से नामांकन पत्रों की जांच

    बीएमसी प्रशासन के अनुसार,
    31 दिसंबर 2025, बुधवार को सुबह 11 बजे से सभी नामांकन पत्रों की जांच शुरू की जाएगी।
    जांच प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की अंतिम सूची सार्वजनिक की जाएगी।

    इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका मिलेगा और फिर चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो जाएगी।

    🏙️ BMC विभागवार नामांकन की स्थिति

    बीएमसी के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों में नामांकन की स्थिति भी सामने आई है।
    एम पूर्व, एम पश्चिम, जी उत्तर, के पश्चिम और पी उत्तर जैसे बड़े विभागों में नामांकन की संख्या ज्यादा रही है, जिससे इन वार्डों में मुकाबला कड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं।

    वहीं कुछ विभागों में अपेक्षाकृत कम नामांकन दर्ज किए गए हैं, जिससे वहां सीमित उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    🗂️ चुनावी माहौल तेज, रणनीति पर नजर

    नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही मुंबई में चुनावी माहौल और तेज हो गया है।
    राजनीतिक दल अब उम्मीदवारों की सूची के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे।
    कई वार्डों में बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों के चलते मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025-26 में कुल कितने नामांकन दाखिल हुए?
    👉 कुल 2,516 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।

    Q2. आखिरी दिन कितने नामांकन जमा हुए?
    👉 30 दिसंबर 2025 को 2,122 नामांकन दाखिल हुए।

    Q3. नामांकन पत्रों की जांच कब होगी?
    👉 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से।

    Q4. वैध उम्मीदवारों की सूची कब जारी होगी?
    👉 जांच पूरी होते ही तुरंत जारी की जाएगी।

    Q5. नामांकन प्रक्रिया कब शुरू हुई थी?
    👉 23 दिसंबर 2025 से।

  • दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर ईस्ट में ऑर्केस्ट्रा बार संचालक से फर्जी शिकायतों की धमकी देकर उगाही करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हर महीने पैसे मांगकर कारोबार में रुकावट डालने की धमकी दे रहे थे।

    मुंबई: दहिसर ईस्ट इलाके में एक ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट संचालक से लगातार उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी शिकायतों की धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बीएमसी में झूठी शिकायतें करने का डर दिखाकर बार संचालक से हजारों रुपये ऐंठने का आरोप है।

    🧑‍💼 शिकायतकर्ता और कारोबार की पृष्ठभूमि

    इस मामले में शिकायतकर्ता चंद्रशेखर गुरुनाथ शेट्टी (47) हैं, जो दहिसर ईस्ट के रावलपाड़ा इलाके में रहते हैं।
    वह अपने चचेरे भाई के ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट का संचालन संभालते हैं, जो दहिसर चेक पोस्ट के पास प्रभात इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है।

    शेट्टी के अनुसार, उनका ऑर्केस्ट्रा बार पूरी तरह से वैध है और उसके पास FL-III लाइसेंस समेत सभी जरूरी सरकारी अनुमति मौजूद हैं। बार में काम करने वाले स्टाफ और महिला कलाकारों से जुड़े सभी नियमों का भी पालन किया जाता है।

    💰 उगाही की शुरुआत और धमकियां

    शिकायत में बताया गया है कि मई 2025 में एक महिला रीमा राजेश मोहिते और उसका साथी अनिल यादव बार में पहुंचे।
    दोनों ने कथित तौर पर बार को “शांतिपूर्वक चलाने” के बदले हर महीने एक तय रकम देने की मांग की।

    आरोप है कि उन्होंने साफ धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वे पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (BMC) में बार के खिलाफ बार-बार शिकायतें दर्ज कराएंगे और उसे अवैध गतिविधियों में फंसाएंगे।

    🔁 फर्जी शिकायतों से परेशान करने का आरोप

    शेट्टी ने बताया कि बाद में उन्हें इलाके के अन्य बार मालिकों से जानकारी मिली कि यही आरोपी पहले भी कई बार और रेस्टोरेंट्स को इसी तरह फर्जी शिकायतों के जरिए परेशान कर चुके हैं।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपने नए कारोबार को परेशान न करने की विनती भी की, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे और पैसे की मांग जारी रखी।

    🚨 फर्जी इमरजेंसी कॉल से मचा हड़कंप

    19 मई 2025 की रात एक फर्जी इमरजेंसी कॉल के बाद हालात और बिगड़ गए।
    शिकायत के अनुसार, देर रात पुलिस, फायर ब्रिगेड और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के अधिकारी अचानक होटल पहुंच गए। इससे बार में अफरा-तफरी मच गई और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    इस घटना के बाद आरोपियों ने अपनी धमकियां और तेज कर दीं और रकम बढ़ाने का दबाव बनाने लगे।

    📲 दबाव में किए गए भुगतान

    शेट्टी का आरोप है कि अपने व्यवसाय को बचाने के लिए उन्होंने मई से दिसंबर 2025 के बीच कई बार पैसे दिए।

    • शुरुआत में ₹2,000 प्रति माह
    • बाद में रकम बढ़ाकर ₹3,000 की गई
    • फिर ₹10,000 प्रति माह की मांग की जाने लगी

    पैसे UPI ट्रांजैक्शन और नकद दोनों माध्यमों से दिए गए। कुल मिलाकर करीब ₹22,000 की उगाही की गई।

    🚓 दहिसर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    शिकायत और डिजिटल पेमेंट के सबूतों के आधार पर दहिसर पुलिस ने रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव के खिलाफ

    • उगाही
    • आपराधिक धमकी
    • अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन्होंने इलाके के अन्य बार और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इसी तरह निशाना बनाया था।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के दहिसर ईस्ट इलाके का।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव।

    Q3. उगाही किस तरह की जा रही थी?
    👉 फर्जी पुलिस, फायर ब्रिगेड और BMC शिकायतों की धमकी देकर।

    Q4. कितनी रकम वसूली गई?
    👉 कुल ₹22,000।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    👉 दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की गई है।

  • बोरीवली स्टेशन के बाहर चाकूबाजी, निजी ज़िंदगी में दखल बना हत्या की वजह

    बोरीवली स्टेशन के बाहर चाकूबाजी, निजी ज़िंदगी में दखल बना हत्या की वजह

    मुंबई के बोरीवली में एक सनसनीखेज अपराध सामने आया है, जहां निजी जीवन में दखल और अत्यधिक नियंत्रण से परेशान एक महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर रियल एस्टेट कारोबारी पर चाकू से जानलेवा हमला किया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में 26 दिसंबर की सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। निजी जीवन में लगातार दखल, शक और नियंत्रण से तंग आकर बारबरा उर्फ रीटा नाम की महिला ने अपने चचेरे भाई और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर एक 44 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी पर चाकू से हमला कर दिया। हमला बोरीवली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर हुआ। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

    🕵️‍♂️ बोरीवली स्टेशन के बाहर क्या हुआ?

    पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर की सुबह बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर अचानक अफरा-तफरी मच गई जब एक व्यक्ति पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया।
    हमलावरों ने पीड़ित के पेट पर दो बार और हाथ पर एक बार वार किया। हमले के बाद आरोपी उसे मरा समझकर मौके से फरार हो गए।

    🤝 अंधेरी के बार से शुरू हुई पहचान

    जांच में सामने आया है कि पीड़ित रियल एस्टेट कारोबारी और बारबरा रीटा की पहली मुलाकात अंधेरी के एक बार में हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और निजी संबंध भी बने।
    लेकिन समय के साथ यह रिश्ता तनावपूर्ण होता चला गया।

    🚨 शक, गुस्सा और नियंत्रण बना झगड़े की जड़

    पुलिस पूछताछ में घायल व्यक्ति ने बताया कि वह बारबरा रीटा के पेशे और उसके सामाजिक संपर्कों को लेकर बेहद असहज था।

    • वह नहीं चाहता था कि बारबरा किसी और पुरुष से मिले
    • उसे किसी और के साथ शारीरिक संबंध बनाने पर रोकता था
    • इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे

    यह अत्यधिक नियंत्रण और दबाव बारबरा के लिए असहनीय हो गया।

    🔪 अफेयर का शक और हत्या की साजिश

    जब पीड़ित को यह पता चला कि बारबरा रीटा का किसी अन्य व्यक्ति के साथ अफेयर चल रहा है, तो उसने कथित तौर पर उस व्यक्ति को फोन कर धमकी दी और संबंध खत्म करने की चेतावनी दी।
    इस घटना से गुस्साई बारबरा ने अपने चचेरे भाई और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे जान से मारने की साजिश रची।

    🚓 घायल हालत में थाने पहुंचा पीड़ित

    हमले के बाद घायल व्यक्ति किसी तरह बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचा। वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया।
    इलाज के दौरान ही पुलिस ने उसका बयान दर्ज कर लिया, जो जांच में अहम सबूत माना जा रहा है।

    ⚖️ पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं

    बोरीवली पुलिस ने बारबरा रीटा, उसके चचेरे भाई और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
    पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 बोरीवली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 के बाहर।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 मुख्य आरोपी बारबरा उर्फ रीटा, उसका चचेरा भाई और दो अन्य साथी।

    Q3. हमला क्यों किया गया?
    👉 निजी जीवन में दखल, शक और अत्यधिक नियंत्रण से परेशान होकर।

    Q4. पीड़ित की हालत कैसी है?
    👉 गंभीर रूप से घायल, फिलहाल अस्पताल में इलाज जारी है।

    Q5. पुलिस ने कौन-सी धाराएं लगाई हैं?
    👉 IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास) समेत अन्य धाराएं।

  • मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मालाड के होटल रूम में मिला छुपा कैमरा, कपल ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई के मालाड ईस्ट स्थित एक होटल के कमरे में इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर छुपा कैमरा मिलने से हड़कंप मच गया। कपल की शिकायत पर दिंडोशी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में एक होटल के कमरे में छुपा कैमरा मिलने से मेहमानों की सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक युवा कपल ने इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर लगे मिनी स्पाई कैमरे को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिंडोशी पुलिस ने डिवाइस जब्त कर फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    मालाड ईस्ट के होटल में चौंकाने वाली घटना

    यह घटना दफ्तरी रोड, मालाड ईस्ट स्थित प्रगति शॉपिंग सेंटर की तीसरी मंज़िल पर मौजूद A1 होटल की है। शिकायतकर्ता 21 वर्षीय युवती अपने मंगेतर के साथ 27 दिसंबर की रात करीब 9:40 बजे होटल में चेक-इन कर रूम नंबर A-3 में ठहरी थी।

    अगली सुबह करीब 9 बजे, युवती की नज़र कमरे के दरवाज़े के पास एक ऐसे इलेक्ट्रिक सॉकेट पर पड़ी, जो इस्तेमाल में नहीं था। वहां से एक पतली वायर बाहर निकली हुई दिखाई दी।

    इलेक्ट्रिक प्लग के अंदर छुपा था मिनी कैमरा

    सॉकेट की बारीकी से जांच करने पर कपल को उसके अंदर मिनी स्पाई कैमरा छुपा हुआ मिला। यह देखते ही दोनों घबरा गए और तुरंत 103 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

    दिंडोशी पुलिस मौके पर पहुंची और कैमरे को जब्त कर लिया।

    होटल मालिक और स्टाफ पर गंभीर आरोप

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि
    होटल मालिक, मैनेजर और अन्य संबंधित लोगों ने जानबूझकर कैमरा लगाया, ताकि होटल में ठहरने वाले मेहमानों की बिना अनुमति गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग की जा सके।

    आईटी एक्ट और बीएनएस के तहत केस दर्ज

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
    जब्त किए गए कैमरे को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

    फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि

    • क्या होटल के अन्य कमरों में भी ऐसे कैमरे लगे हैं?
    • क्या पहले भी मेहमानों की रिकॉर्डिंग की गई है?

    होटल मैनेजमेंट से संपर्क नहीं

    मामले पर होटल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन होटल स्टाफ ने मैनेजर का संपर्क नंबर देने से इनकार कर दिया।

    स्पाई कैमरा कैसे पहचानें? (Safety Tips)

    साइबर और सुरक्षा विशेषज्ञ दीप मेहता (Ernst & Young LLP) ने कुछ आसान उपाय बताए हैं:

    • 📱 फोन कॉल टेस्ट: संदिग्ध जगह के पास कॉल करें, अगर आवाज़ में रुकावट आए तो डिवाइस हो सकता है
    • 📻 FM रेडियो: फोन का FM रेडियो चालू कर सॉकेट, बाथरूम या दीवारों के पास रखें
    • 🔍 बग डिटेक्टर डिवाइस: अक्सर यात्रा करने वालों को पोर्टेबल डिटेक्टर साथ रखना चाहिए
    • इलेक्ट्रिक टेस्टर: सॉकेट के पास लगाने से नकली या डमी फिटिंग का पता चलता है

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    मालाड ईस्ट, दफ्तरी रोड स्थित A1 होटल में।

    Q2. कैमरा कहां छुपाया गया था?
    कमरे के दरवाज़े के पास एक अनयूज्ड इलेक्ट्रिक सॉकेट के अंदर।

    Q3. पुलिस ने कौन-सी कार्रवाई की?
    कैमरा जब्त कर फॉरेंसिक जांच भेजा गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. क्या कोई गिरफ्तारी हुई है?
    फिलहाल नहीं, जांच जारी है।

    Q5. होटल में ठहरते समय क्या सावधानी रखें?
    कमरे के सॉकेट, बाथरूम, दीवारों और लाइट फिटिंग की जांच ज़रूर करें।

  • BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025: आयुक्त गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली में प्रशिक्षण केंद्रों का लिया जायज़ा

    BMC चुनाव 2025-26 की तैयारियों के तहत महानगरपालिका आयुक्त व जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी ने लोअर परळ और कांदिवली के चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण किया। ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया की समीक्षा की गई।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में है। मतदान से पहले चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए महानगरपालिका आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री. भूषण गगराणी ने 30 दिसंबर 2025 को लोअर परळ और कांदिवली स्थित चुनाव प्रशिक्षण केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्रों में शामिल होकर ईवीएम संचालन, मॉक पोल और मतदान के दिन अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की बारीकी से समीक्षा की।

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    15 जनवरी को मतदान, तैयारियों में तेजी

    बीएमसी की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया के तहत गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को मतदान होना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्राध्यक्षों और मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण का पहला चरण शुरू कर दिया गया है।
    इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक चूक के पूरी हो।

    मुंबई BMC के 7 प्रमुख केंद्रों पर चल रहा प्रशिक्षण

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    महानगरपालिका क्षेत्र में परिमंडलवार कुल 7 प्रमुख स्थानों पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल, लोअर परळ
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका अस्पताल सभागृह, शीव पूर्व
    • बालगंधर्व सभागृह, बांद्रा पश्चिम
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विले पार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड पश्चिम
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, कांदिवली पश्चिम

    लोअर परळ और कांदिवली केंद्रों की विशेष समीक्षा

    आयुक्त भूषण गगराणी ने विशेष रूप से—

    • लोअर परळ के न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका स्कूल
    • कांदिवली पश्चिम स्थित प्रबोधनकार ठाकरे नाट्यगृह

    में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण में मौजूद अधिकारियों से सीधा संवाद किया और पूरी प्रक्रिया का विस्तार से फीडबैक लिया।

    ईवीएम, मॉक पोल और मतदान प्रक्रिया पर फोकस

    निरीक्षण के दौरान आयुक्त गगराणी ने—

    • इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)
    • बैलेट यूनिट (BU) और कंट्रोल यूनिट (CU) की कनेक्टिविटी
    • मॉक पोल की नियमबद्ध प्रक्रिया
    • मतदान के दिन अपनाए जाने वाले सुरक्षा व प्रशासनिक नियम

    से जुड़ी जानकारी विस्तार से ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी

    इस मौके पर चुनाव विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें—

    • विशेष कार्य अधिकारी (चुनाव) विजय बालमवार
    • उप आयुक्त (परिमंडल 7) संजय कु-हाडे
    • उप आयुक्त (परिमंडल 2) प्रशांत सपकाळे
    • सहायक आयुक्त (जी दक्षिण) स्वप्नजा क्षीरसागर
    • सहायक आयुक्त (आर मध्य) प्रफुल तांबे

    शामिल रहे।

    क्यों अहम है यह प्रशिक्षण?

    बीएमसी चुनाव देश के सबसे बड़े और सबसे महंगे नगर निगम चुनावों में गिने जाते हैं।
    करीब 50 हजार से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि—

    • मतदान बिना विवाद के हो
    • तकनीकी गड़बड़ी से बचा जाए
    • मतदाताओं का भरोसा बना रहे

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 का मतदान कब होगा?
    👉 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा।

    Q2. प्रशिक्षण किन अधिकारियों के लिए है?
    👉 मतदान केंद्राध्यक्ष, मतदान अधिकारी और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी।

    Q3. ईवीएम से जुड़ा प्रशिक्षण क्यों जरूरी है?
    👉 ताकि मॉक पोल, मतदान और सीलिंग की प्रक्रिया बिना गलती के पूरी हो सके।

    Q4. कितने केंद्रों पर प्रशिक्षण चल रहा है?
    👉 मुंबई में कुल 7 अलग-अलग केंद्रों पर।

  • BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025: टिकट बंटवारे में परिवारवाद हावी, पुराने कार्यकर्ता फिर पीछे

    BMC चुनाव 2025-26 के नामांकन में बीजेपी, शिवसेना, कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी में परिवारवाद हावी नजर आ रहा है। नेताओं के बेटे-बेटी, पत्नी और रिश्तेदारों को टिकट, पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन की आखाे-सीमा खत्म होने से ठीक पहले राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की सूचियां जारी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इस बार टिकट वितरण में एक बार फिर परिवारवाद छाया हुआ है। बीजेपी, शिवसेना (UBT), कांग्रेस और अजित पवार गुट की एनसीपी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व नगरसेवकों के बेटे-बेटी, पत्नी, भाई-बहन और रिश्तेदारों को मैदान में उतार दिया है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।

    नामांकन में ‘परिवार पहले’ की राजनीति

    बीएमसी के 227 वार्डों के लिए जैसे-जैसे नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह साफ होता जा रहा है कि इस चुनाव में भी राजनीतिक विरासत को प्राथमिकता दी गई है।
    कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने सालों तक पार्टी के लिए काम किया, लेकिन टिकट ऐन मौके पर नेताओं के परिजनों को दे दिया गया।

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    बीजेपी की सूची में रिश्तेदारों की भरमार

    बीजेपी ने भी इस बार कई चर्चित नामों को दोहराया है—

    • आकाश पुरोहित, पूर्व विधायक राज पुरोहित के बेटे
    • नील सोमैया, पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे
    • संगीता शर्मा, पूर्व नगरसेवक द्यानमूर्ति शर्मा की पत्नी
    • मकरंद नरवेकर, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नरवेकर के भाई (वार्ड 226, कोलाबा)
    • हर्षिता नरवेकर, राहुल नरवेकर की बहन (वार्ड 227)

    दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी सांसद धनंजय महाडिक ने हाल ही में बयान दिया था कि पार्टी सांसदों और विधायकों के बच्चों या जीवनसाथियों को टिकट नहीं देगी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

    शिवसेना (UBT) में भी परिवारवाद जारी

    उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) भी इस ट्रेंड से अछूती नहीं रही—

    • अंकित प्रभु, विधायक सुनील प्रभु के बेटे (गोरेगांव, वार्ड 54)
    • सुप्रदा फातरपेकर, पूर्व विधायक प्रकाश फातरपेकर की बेटी (चेंबूर, वार्ड 150)
    • सोनम जमसुतकर, विधायक मनोज जमसुतकर की पत्नी (वार्ड 210)
    • विठ्ठल लोकरें और उनकी पत्नी सुनंदा लोकरें (मानखुर्द-शिवाजीनगर)
    • जिशान मुल्तानी, पूर्व नगरसेवक चेंजेज मुल्तानी के बेटे
    • सबा हारून खान, विधायक हारून खान की बेटी
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    अजित पवार गुट की NCP और कांग्रेस भी पीछे नहीं

    • एनसीपी (अजित पवार गुट) ने विधायक नवाब मलिक के परिवार से उनके भाई कैप्टन मलिक, बहन डॉ. सईदा खान और बुशरा परवीन मलिक को टिकट दिया है।
    • कांग्रेस ने मालाड पश्चिम के वार्ड 34 से विधायक असलम शेख के बेटे हैदर अली शेख को मैदान में उतारा है।

    BMC चुनावी टिकट न मिलने से पार्टी छोड़ने की होड़

    टिकट बंटवारे से नाराज कई पुराने नगरसेवक अब पार्टी बदलने लगे हैं—

    • एमएनएस नेता स्नेहल जाधव ने दादर से टिकट न मिलने पर इस्तीफा दे दिया, उनके शिंदे गुट में जाने की चर्चा है।
    • शरद पवार गुट की मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं और घाटकोपर से टिकट मिलने की संभावना है।

    बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला

    बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना इस बार साथ मिलकर बीएमसी चुनाव लड़ेंगी—

    • बीजेपी: लगभग 128 सीटें
    • शिवसेना (शिंदे): लगभग 79 सीटें
    • बाकी सीटों पर स्थानीय समीकरणों के आधार पर फैसला होगा

    हालांकि दोनों दल अपनी-अपनी सूची अलग-अलग जारी कर सकते हैं।

    ये पूर्व नगरसेवक भी मैदान में

    • किशोरी पेडणेकर, पूर्व मेयर (शिवसेना UBT) – वार्ड 199
    • तेजस्वी गोसालकर, अब बीजेपी से – वार्ड 2 (दहिसर)
    • विनोद मिश्रा, पूर्व बीजेपी नगरसेवक – मालाड
    • रवि राजा, पूर्व कांग्रेस नेता, अब बीजेपी से – वार्ड 185

    बीएमसी चुनाव में परिवारवाद क्यों बना मुद्दा?

    मुंबई जैसे महानगर में बीएमसी सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि देश की सबसे अमीर नगरपालिका है। ऐसे में टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका देना हमेशा चर्चा का विषय रहा है। इस बार भी वही सवाल उठ रहा है—क्या जनता नाम देखकर वोट देगी या काम देखकर?


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025 में परिवारवाद क्यों चर्चा में है?
    क्योंकि लगभग सभी प्रमुख दलों ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट दिया है।

    Q2. सबसे ज्यादा परिवारवाद किस पार्टी में दिखा?
    बीजेपी, शिवसेना (UBT), एनसीपी (अजित पवार) और कांग्रेस—चारों में यह ट्रेंड देखने को मिला।

    Q3. टिकट न मिलने से किसे नुकसान हो सकता है?
    पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं को, जो अब पार्टी छोड़ने या बगावत की राह पर हैं।

    Q4. क्या इससे चुनावी नतीजों पर असर पड़ेगा?
    संभावना है, क्योंकि मुंबई के कई इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की पकड़ अहम होती है।