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  • मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई में फिर खुलेंगे कबूतरखाने! CM फडणवीस ने दिए निर्देश

    मुंबई के पक्षी प्रेमियों को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहत की खबर सुनाईं है। कबूतरों को दाना डालने के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। मुख्यमंत्री के इस पहल से कबूतरों के संरक्षण की मांग कर रहे कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शहर में कबूतरखानों को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब थमता हुआ नजर आ रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद कबूतरखानों के खिलाफ मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा शुरू की गई कार्रवाई अब थम सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज इस मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण बैठक की और उन्होंने शहर में कबूतरखानों को अचानक बंद करने के कदम को उचित नहीं माना।

    मंत्रालय में हुए उच्चस्तरीय बैठक

    मंत्रालय में मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम फडणवीस ने कहा, कि “कबूतर-खानों यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह को अचानक बंद करना कोई समस्या का समाधान नहीं है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि यदि कबूतरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, तो उन पर वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है, न कि सीधे प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया, कि “कबूतरों को दाना डालने के लिए एक निर्धारित समय तय किया जा सकता है।”

    मुख्यमंत्री ने दिया सुझाव

    सीएम फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाइक, मंत्री गिरीश महाजन और मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान फडणवीस ने कहा कि कबूतरों की विष्ठा से होने वाली गंदगी की सफाई के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। कबूतरखानों से नागरिकों को कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    सरकार करेगी अदालत में अपील

    सीएम फडणवीस ने राज्य सरकार और बीएमसी को निर्देश दिए हैं कि हाईकोर्ट में कबूतरखानों के पक्ष में मजबूत ढंग से अपनी बात रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ‘नियंत्रित फीडिंग’ जैसी व्यवस्था लागू की जा सकती है, और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी सरकार जाएगी। Pigeon houses will open again in Mumbai! CM Fadnavis gave instructions

    विशेष मशीन का होगा उपयोग

    बीजेपी विधायक एवं मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि सरकार कबूतरखानों को अचानक बंद करने के पक्ष में नहीं है और बॉम्बे हाईकोर्ट में सरकार पक्ष रखेगी। जो कबूतरखाने प्लास्टिक शीट से ढंककर बंद किए गए है, उन्हें जल्द ही फिर से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कबूतरों को अब नियंत्रित ढंग से ही दाना दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। कबूतरों की विष्ठा की सफाई के लिए ‘टाटा’ कंपनी द्वारा निर्मित एक विशेष मशीन का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया जाएगा।

    FIR दर्ज करने का दिया था आदेश

    मुंबई शहर में 51 ‘कबूतर खाने’ यानी पक्षियों को दाना डालने की जगह हैं। कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने कबूतरों के झुंड को दाना डालने को ‘सार्वजनिक उपद्रव’ करार देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया था। बीएमसी ने दादर का मशहूर ‘कबूतर खाना’ बंद कर दिया और उसे प्लास्टिक के तिरपाल से ढक दिया। इसके बाद शहर के कुछ हिस्सों में पक्षी प्रेमियों और जैन समुदाय के लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन भी किए। हालांकि अब सीएम फडणवीस की इस पहल से कबूतरप्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।

  • मुंबई लोकल ट्रेन में लगेगी कवच सुरक्षा प्रणाली

    मुंबई लोकल ट्रेन में लगेगी कवच सुरक्षा प्रणाली

    मुंबई लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर कवच सुरक्षा प्रणाली लगाऐ जाने वाला है। उपनगर के कुछ हिस्सों में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। Mumbai local trains to have Kavach security system

    मुंबई: शहर की उपनगरीय ट्रेनें अब 2025 के अंत तक कवच से लैस होने जा रही है। इसके तहत यात्रियों की सुरक्षा में सुधार के लिए एक आधुनिक सुरक्षा प्रणाली तैयार होने वाली है। खबर के मुताबिक, पश्चिमी रेलवे के मार्गों पर कवच लगाने का काम शुरू हो चुका है। अगले साल के अंत तक सभी उपनगरीय ट्रेनों और मुख्य लाइन के इंजनों पर इसे लगाने की योजना है। खास बात यह है कि यात्रियों के किराये में कोई इजाफा नही होगा।

    प्रमुख रेल मार्गों पर शुरु है कवच

    यह प्रणाली वर्तमान में दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर जैसे प्रमुख रेल मार्गों पर लगाई जा रही है और यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का हिस्सा है। मुंबई-अहमदाबाद लाइन इस वित्तीय वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। रिपोर्टों से पता चलता है कि यह ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। Mumbai local trains to have Kavach security system

    2358 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर लगेंगे कवच

    लगभग 30 लाख लोग प्रतिदिन पश्चिमी रेलवे (Western Railway) की उपनगरीय सेवाओं का उपयोग करते हैं। यह चर्चगेट-विरार-दहानू मार्ग पर 110 इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट्स के बेड़े के साथ 1,400 से अधिक ट्रेन सेवाओं का संचालन करता है। रेलवे की योजना 2025 तक 2,358 किलोमीटर से अधिक ट्रैक पर कवच लगाने की है।

    कवच एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। यह सहायक चेतावनी प्रणाली की जगह लेगा, जिसका इस्तेमाल वर्तमान में ट्रेनों में सुरक्षा उपकरण के रूप में किया जाता है। Mumbai local trains to have Kavach security syste

  • Mumbai: दादर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान महिला ने मचाया हंगामा; जुर्माने पर विरोध; देखें VIDEO

    Mumbai: दादर रेलवे स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान महिला ने मचाया हंगामा; जुर्माने पर विरोध; देखें VIDEO

    बिना टिकट यात्रा को लेकर मुंबई लोकल इस समय सख्त हो गई है। इसकी जांच क्रम को लेकर एक महिला ने हंगामा मचा दिया। लेकिन न तो उसने अपना टिकट दिखाया और तो और उसने जुर्माना भरने से भी इंकार कर दिया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    बिना टिकट यात्रा को लेकर मुंबई में इस समय रेलवे स्टेशनों पर टिकट की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में दादर रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर टिकट जांच के दौरान जब एक महिला से टिकट दिखाने को कहा गया, तो उसने हंगामा मचा दिया। महिला रेलवे ब्रिज पर जोर-जोर से टिकट निरीक्षकों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मचारियों से बहस करने लगी। वह न केवल अपना टिकट दिखाने से इनकार कर रही थी, बल्कि जुर्माना भरने से भी मना कर दिया। उसने जुर्माना भरने से बचने के लिए तमाशा खड़ा कर दिया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    रेलवे स्टेशन पर क्यों हो रही थी बहस ?

    महिला और रेलवे कर्मचारियों के बीच चल रही यह बहस सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रेलवे कर्मचारी कई बार समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन महिला उनकी बात नहीं मान रही और लगातार बहस करती जा रही है। फिलहाल इस महिला का नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं की गई। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

    इससे पहले भी हुआ हंगामा

    इसे पहले 2 अगस्त को विरार फास्ट लोकल की फस्ट क्लास डिब्बे में भी कुछ इसी तरह का हंगामा हुआ। सेकंड क्लास टिकट लेकर फस्ट क्लास के डिब्बे में यात्रा कर रहे एक यात्री को जब रेलवे कर्मचारियों ने पकड़ा, तो वह भड़क गया। उसे रेल कर्मचारी बोरीवली के टिकट निरीक्षक कार्यालय लेकर गए, जहां वह हिंसक हो गया। उसने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों पर भी हमला किया। बाद में उसे आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। Mumbai: Woman created ruckus during ticket checking at Dadar railway station; protested against fine; watch VIDEO

  • मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    मुंबई में अब WhatsApp के जरिए होगा ट्रेन की बुकिंग

    ट्रेन में टिकट के लिए अब आपको लाईन में खड़े रहने की जरुरत नही होगी। अब आप अपने मोबाइल फोन पर WhatsApp एप्लीकेशन के भीतर ही एक क्लिक से ट्रेन की टिकट बुकिंग कर सकेंगे। रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली में सुधार लाने के प्रयास कर रहा है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    अब आम लोगों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड नई टिकट बुकिंग प्रणाली लाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो में ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को मिल रहे लोकप्रियता को देखते हुए रेल प्रशासन ने फैसला किया है। इसके लिए निविदाएं मांगी गई है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    रेलवे ने क्या कहा?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, रेलवे स्थानीय टिकट प्रणाली की सुविधा में सुधार लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और व्हाट्सएप जैसे चैट-आधारित ऐप के माध्यम से टिकट प्रणाली शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। हाल ही में, इस मामले में रुचि रखने वाले संगठनों के साथ एक बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि सभी विवरण तय होने के बाद निविदा प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    डिजिटल इंडिया की पहल

    डिजिटल इंडिया पहल के तहत, भारतीय रेलवे डिजिटल माध्यमों से टिकट प्रणाली में बदलाव लाने पर ज़ोर दे रहा है। इसके परिणामस्वरूप, यात्रियों को कैशलेस तेज़ टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। देखा गया कि डिजिटल की ओर बदलाव होता जा रहा है। वर्तमान में, 25 प्रतिशत यात्री डिजिटल माध्यमों से टिकट बुक कर रहे हैं, और इसे अपनाने की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

    WhatsApp का इस्तेमाल

    मौजूदा डिजिटल टिकटिंग सिस्टम के अलावा, रेलवे टिकट बुकिंग की सुविधा बढ़ाने के लिए चैट-आधारित टिकटिंग समाधान पर भी काम कर रहा है। मेट्रो में टिकट बुकिंग के लिए यात्री WhatsApp का इस्तेमाल ज़्यादा पसंद करते हैं। टिकट खिड़की पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर एक चैट इंटरफ़ेस दिखाई देता है। “हाय” मैसेज भेजने पर आपको टिकट बुकिंग के विकल्प दिखाई देंगे और फिर भुगतान करके डिजिटल टिकट प्राप्त किए जा सकेंगे। 67 प्रतिशत मेट्रो किराया इसी तरह बुक किया जा रहा है।

    क्या हैं मुश्किलें?

    रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक कहा गया, कि व्हाट्सएप टिकटिंग सिस्टम के निर्माण के दौरान कई कारकों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यूटीएस के माध्यम से क्यूआर-आधारित टिकटिंग प्रणाली के वर्तमान दुरुपयोग को देखते हुए, इसी तरह की कमज़ोरियों से बचने के लिए नई प्रणाली विकसित करते समय सावधानी बरतनी होगी। हमारा लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली बनाना है जो यात्रियों के लिए आसान हो। Now train booking in Mumbai can be done through WhatsApp

  • मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    मालेगांव ब्लास्ट के सभी आरोपी कैसे हो गए बरी? जांच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका की तैयारी

    महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितम्बर 2008 को हुए बम धमाके के आरोप में गिरफ्तार 7 अभियुक्तों को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इसमें जांच एजंसियों की चूक प्रकाश में आते ही हाईकोर्ट के वकील नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है। अदालत ने यह भी कहा, “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।”

    मुंबई: देश के बड़े आतंकी हमले में शुमार मालेगांव ब्लास्ट का मामला मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में खत्म हो चुका है। आखिरकार 17 सालों बाद फैसला आता है कि गिरफ्तार 7 अभियुक्तों के खिलाफ जांच एजेंसियां सबूत पेश करने में विफल साबित हुई। जबकि सरकारी वकील अविनाश रसाल ने बताया, कि सुनवाई के दौरान कुल 324 गवाहों से पूछताछ की गई थी। जिनमें से 34 गवाह मुकर गए। अदालत ने सभी मुख्य अभियुक्त बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत 7 लोगों को बरी कर दिया। इसमें जांच एजंसियों की गलतियों के खिलाफ एडवोकेट नितिन सातपुते ने जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है।

    अगर हेमंत करकरे होते तो, ..

    शुक्रवार को एडवोकेट नितिन सातपुते ने बताया कि “मालेगांव बम विस्फोट कांड का फैसला निराशाजनक है। शहीद हेमंत करकरे जैसे कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी ने उचित जाँच के बाद मामला दर्ज किया था। लेकिन बाद में क्या हुआ, यह सभी जानते हैं। अगर शहीद हेमंत करकरे आज हमारे बीच होते, और इस तरह का फैसला सामने आता, तो सही माना जाता। लेकिन इस वक्त जांच एजंसियों की गलतियों पर पूरे देश को शक हो रहा है। इसके साथ ही जिन्होंने नतीजे आने से पहले ही प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बना दिया, उसी विचारधारा के लोग आज देश और प्रदेश में सत्ता में हैं।”

    आरोपी बन गई सांसद

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    उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि “यह स्पष्ट है कि आज के परिणामों में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही जिन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को सांसद बनाया और अब क्या महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी? ये भी एक बड़ा सवाल है। आज के फैसले से साफ़ हो गया है कि सबूत होने पर भी आरोपी बरी हो जाते हैं। तो क्या न्याय धर्म के आधार पर हो रहा है?” इसके साथ ही मामले को लेकर विशेष अदालत के न्यायाधीश एके लाहोटी ने सभी अभियुक्तों को निर्दोष करार देते हुए कहा, “यह एक अत्यंत गंभीर मामला है जिसमें नागरिकों की जान गई। लेकिन अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए निर्णायक सबूत पेश नही कर पाई।”

    क्या था मालेगांव बम धमाके का मामला?

    29 सितम्बर 2008 को मालेगांव के व्यस्त भिकू चौक के पास एक मोटरसाइकिल में बम धमाका हुआ था। जिस वक्त लोग पास की मस्जिद में नमाज़ के लिए इकट्ठा हो रहे थे। इस विस्फोट में 92 लोग घायल हो गए और 7 लोगों की मौत हो गई। इस आतंकी हमले में “आरडीएक्स” विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ लेकिन जांच एजेंसियां उसका स्त्रोत सिद्ध नही कर पाई। यहां तक कि 14 लोगों की गिरफ्तारी में मुख्य अभियुक्त साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, अजय राहिरकर, सुधाकर चतुर्वेदी, समीर कुलकर्णी और सुधाकर द्विवेदी के खिलाफ मकोका के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनके खिलाफ साज़िश रचने से लेकर विस्फोट हासिल करने और कई लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने जैसे गंभीर आरोप लगे थे।

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    मुकदमा खड़ा ही गलत तरीके से किया गया।

    इसमें साल 2008 में एंटी टेरेरिजम स्कॉड (ATS) ने शुरूआती जांच के दौरान कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने मामले को गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) को सौपने से पहले दो चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद एनआईए ने 2016 में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। लेकिन 31 जुलाई को अदालत के फैसले मे सामने आया कि सभी साक्षों और गवाहों के आधार पर जो मुकदमा खड़ा हुआ, वह अभियुक्तों का दोष साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

    सबूत ही नहीं मिला

    अदालत ने कहा, कि आरोप लगाया गया था, कि विस्फोट पुरोहित ने कश्मीर से हासिल किया था। लेकिन इसका कोई सबूत नही दिया और यह भी प्रमाणित नहीं किया कि किसी भी अभियुक्त के घर बम तैयार किया गया था। जिस मोटरसाइकिल पर विस्फोट रखा गया था, उसका साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर से ठोस सबूतों के साथ संबंध सिद्ध नहीं हो सका। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

    कहां हुई थी साज़िश?

    जांच एजेंसियों का कहना था कि इस घटना से पहले एक बड़ी साजिश रची गई थी। जिसके तहत इंदौर, उज्जैन, पुणे जैसे अलग-अलग जगहों पर इन सभी अभियुक्तों की बैठकें हुईं और वहीं साज़िश रची गई। लेकिन अदालत ने कहा, बैठकों के कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिले। कहा, कि भले ही अभियुक्तों के बीच कुछ आर्थिक लेन-देन के सबूत पेश किए गए, लेकिन यह साबित नहीं हो सका, कि वह पैसे किसी हिंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल हुआ।

    सबूतों के साथ छेड़छाड़

    अदालत ने यह भी कहा, कि अभियुक्तों और उनके संबंधित लोगों के कॉल रिकार्ड निकालते समय जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके लिए जरूरी अनुमति भी नहीं ली गई। अदालत ने यह भी कहा, कि “सबूतों के साथ छेड़छाड़ हुई है।” अदालत ने कहा, “कुल मिलाकर सरकारी पक्ष विश्वसनीय साक्ष्य पेश करने में असफल रहा और केवल संदेह के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। भले ही यह गंभीर अपराध हो, लेकिन सबूतों के अभाव में अभियुक्तों को संदेह का लाभ देना पड़ रहा है।” ऐसा कहते हुए अदालत ने सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया।

    जांच एजेंसियों ने की आरोपियों की मदद

    उच्च न्यायलय के वकील नितिन सातपुते ने आरोप लगाते हुए कहा, की जाँच एजेंसी ने जानबूझकर जाँच में चूक की है, जानबूझकर पर्याप्त सबूत नहीं जुटाए हैं और दोषपूर्ण आरोपपत्र दायर किया है ताकि मालेगांव बम विस्फोट मामले में आरोपियों की मदद की जा सके, उन्हें बचाया जा सके, उनकी रक्षा की जा सके। उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए जिसने किसी के इशारे पर सभी आरोपियों को बचाने के लिए ठीक से जाँच नहीं की, जिसके परिणामस्वरूप विशेष अदालत के न्यायाधीश लखोटी ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। मैं इन जाँच एजेंसियों के खिलाफ जनहित याचिका दायर करने जा रहा हूँ। How did all the accused in Malegaon blast get acquitted? Preparation of PIL against the investigating agencies

  • मुंबई स्वर्णकार संघ ने किया सीपीआरओ का अपमान

    मुंबई स्वर्णकार संघ ने किया सीपीआरओ का अपमान

    स्वर्णकारो की सबसे पुरानी संस्था अपने संस्थापक के विचारों को पीछे छोड़ कर जाने कौन से आदर्शों का पालन कर रही है। गुरूवार को हुए एक कार्यक्रम में खुद बुलाकर मुख्य अतिथि को ही अपमानित कर दिया। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    आज गुरुवार 31 जुलाई 2025 स्वर्गीय नाना शंकर शेठ के 160वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मध्यरेल मुख्यालय में नाना शंकर शेठ के चित्र पर माल्यार्पण कर उनकों श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम के अवसर पर मुंबई स्वर्णकार संघ के पदाधिकारी एवं उनके सदस्य उपस्थित थे। जिसमें मुख्य अथिति के स्थान पर मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला का इन स्वर्णकारों ने स्वागत ही नही किया। एक तरिके से मुख्य अतिथि को कार्यक्रम का न्योता देकर मौके पर उन्हें अपमानित किया गया। मौके पर कुछ लोगों ने बोला, कि ये लोग कौन से अहम में थे? इसका पता नही। लेकिन ऐसा नही करना चाहिए था।

    मुंबई स्वर्णकार संघ क्या काम करता है?

    आप को बता दें कि “मुंबई स्वर्णकार संघ” मुंबई शहर में सोने के दागीने बनाने वाले कारीगरों की एक पुरानी संस्था है। ये संस्था केवल उन स्वजातीय कारीगरों की है जो जाति से सोनार है। स्वर्गीय नाना ने कारीगरों के ऊपर होने वाले उत्पीड़न और उनके सुरक्षा संरक्षण हेतु इस संस्था की नीव रखी थी। लेकिन उनके स्वर्गवास हो जाने के बाद से अब उसका उल्टा हो रहा है। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

    ट्रस्टियों की मनमानी

    सूत्रों के अनुसार अब मुस्लिमो और बंगालियों के अलावा न जाने किन-किन लोगों को सदस्य बनाकर आईडी दिया जाने लगा है। पहले केवल मराठी, राजस्थानी, गुजराती और उत्तर भारतीय काफ़िगरो के उत्थान हेतु कार्य किया जाता था। अब ये सब बंद होता दिखाई पड़ रहा है। इसके ट्रस्टियों में ज्ञान का अभाव है संस्था के नियम का पालन क्या होता है? इनको मालूम ही नही है। पर अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि वर्तमान में यहां के ट्रस्टी गण दिन पर दिन स्वर्गीय नाना के नाम को भी ये डूबाने पर उतारू है।

    ज़वेरी बाजार के स्वर्णकार कारीगर इनसे विमुख होते जा रहे है। नाना के छठवीं पीढ़ी के वंशज श्रीरंग शेठ ने माल्यार्पण कर उनको श्रधंजलि अर्पित किया। इनके साथ ज़वेरी बाजार के अन्य कारीगर एवं ट्रस्टी शामिल थे। लेकिन उनके विचारों को पीछे छोड़ दिया जा रहा है। Mumbai Goldsmith Association insulted CPRO

  • Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    Maharashtra: सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर लगी सख्ती

    महाराष्ट्र की सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त कानून पास कर दिया है। इसके तहत नियम का पालन नही किए जाने पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियमों के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने महाराष्ट्र के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए हैं। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    सोशल मीडिया पोस्ट पर लगी रोक

    महाराष्ट्र की महायुति सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जानकारी दायक सोशल मीडिया पोस्ट कभी कभार लोगों में भ्रम या गलत संदेश भी फैला सकता है। इसकी जिम्मेदारी को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर रोक नही लगाया गया है। सिर्फ पोस्ट करते समय ध्यान देने के लिए कहा गया है।

    क्या करें क्या ना करें ?

    सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को एक सरकारी आदेश जारी कर यह नियम सार्वजनिक रुप से प्रसारित कर दिया है। इसमें बताया गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट कर सकते हैं? और क्या नहीं? आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उस पर महाराष्ट्र सिविल सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सोशल मीडिया से होगी समस्या

    आदेश में जानकारी देते हुए, कहा गया है, कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आसान उपयोग से पलक झपकते ही दुनिया के किसी भी कोने में जानकारी पहुंचाई जा सकती है। इसकी अदभुत क्षमता और एक क्लिक में कई लोगों तक बात पहुंचा देने की सुविधा के साथ कुछ खतरे भी सामने आए हैं—जैसे गोपनीय जानकारी का लीक होना, झूठी या भ्रामक जानकारी फैलना और इसके साथ ही बड़ी दिक्कत वाली बात यह है कि एक बार पोस्ट की गई जानकारी को हटाने के लिए कई नियमों का पालन करना पडता है इसकी सीमाएं तय की गई है। सरकारी विभाग के लिए दिक्कत हो सकती है।”

    आदेश में आगे कहा गया, कि “यह भी देखा गया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं या कुछ व्यक्तियों की आलोचना के लिए किया जा रहा है, जो सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है।” Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

    नए नियमों की जानकारी

    सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि वे राज्य सरकार या देश से जुड़ी किसी भी नीति की आलोचना करने से बचें और सोशल मीडिया का उपयोग “सावधानी और जिम्मेदारी” के साथ करें। उन्हें कोई आपत्तिजनक या मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट नहीं करने को कहा गया है।

    खुद का प्रचार

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी यह ज़रूर बता सकते हैं, कि किसी योजना या प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने या उनके विभाग ने क्या प्रयास किए हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि वे खुद का प्रचार न करें। सरकार की किसी योजना या प्रोजेक्ट से जुड़ी पहले से स्वीकृत जानकारी केवल वही व्यक्ति साझा कर सकता है जिसे इसके लिए अधिकृत किया गया है। इसका मकसद आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।

    सरकारी महकमों का इस्तेमाल

    नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी और आधिकारिक इस्तेमाल के लिए अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट बना सकते हैं। इसके अलावा, जब किसी अधिकारी का ट्रांसफर हो जाए, तो उन्हें अपने आधिकारिक अकाउंट को तुरंत संबंधित विभाग के प्रभारी को सौंप देना होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है, कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आधिकारिक पदनाम, सरकारी प्रतीक (लोगो), यूनिफॉर्म, सरकारी गाड़ी या निवास जैसी संपत्तियों से जुड़ी फोटो, वीडियो या रील न डालें।

    अधिकारियों और कर्मचारियों को विभागीय समन्वय के लिए व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें बिना अनुमति के कोई भी गोपनीय दस्तावेज़, चाहे वह पूरा हो या आंशिक, अपलोड, फॉरवर्ड या साझा करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन ऐप्स या प्लेटफॉर्म्स को सरकार ने बैन किया है, उनका उपयोग बिल्कुल न किया जाए।

    यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होगा — चाहे वे स्थायी हों, अनुबंध पर हों या सरकार के बाहर से नियुक्त किए गए हों। यह नियम उन सभी कर्मचारियों पर भी लागू होंगे जो सरकारी कंपनियों, उपक्रमों, अतिथि सेवाओं या स्थानीय निकायों में काम कर रहे हैं। Maharashtra: Strictness imposed on the use of social media for government employees

  • Mumbai: गूगल मैप के चक्कर में ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिरी सुरक्षा कर्मियों ने बचाया

    Mumbai: गूगल मैप के चक्कर में ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिरी सुरक्षा कर्मियों ने बचाया

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    बेलापुर में गूगल मैप के चलते गलत रास्ते पर ऑडी कार चला रही महिला खाड़ी में गिर गई। घटना शुक्रवार और शनिवार रात करीब 1 बजे की है। सुरक्षाकर्मियों ने बड़ी मशक्कत के बाद महिला को बचाया।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    नवी मुंबई के बेलापुर में गूगल मैप ने महिला को पुल के नीचे का रास्ता बता दिया। महिला ने मैप देखते हुए पुल के ऊपर जाने की बजाय नीचे का रास्ता पकड़ लिया। नतीजतन, उसकी कार सीधे ध्रुवतारा जेट्टी से खाड़ी में गिर गई। गनीमत रही, कि समुद्री सुरक्षा बल के पुलिस कर्मियों ने कार को खाड़ी में गिरते हुए देख लिया। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि महिला पानी में बह रही थी। इसके बाद रेस्क्यू बोट और गश्ती टीम की मदद से महिला को बचाया गया। Mumbai: A woman driving an Audi car while using Google Maps fell into the bay and was rescued by security

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    गूगल मैप के कारण पहले भी कई हादसे हुए-

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    9 जून, 2025: यूपी के महाराजगंज में फ्लाईओवर से लटक गई कार
    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में गूगल मैप के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने के कारण एक कार अधूरे फ्लाईओवर से नीचे लटक गई थी। इस हादसे में कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। हादसा महाराजगंज जिले के गोरखपुर-सोनौली नेशनल हाईवे स्थित भैया फरेंदा में निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर हुआ। फ्लाईओवर का काम अधूरा था, लेकिन गूगल मैप में पूरा रास्ता दिख रहा था।

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    4 मार्च, 2025: ग्रेटर नोएडा में 30 फीट गहरे नाले​​​​ में कार गिरी, स्टेशन मास्टर की मौत
    उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में गूगल मैप के गलत नेविगेशन डायरेक्शन के कारण एक 31 साल के स्टेशन मास्टर भरत सिंह कार सहित 30 फीट गहरे नाले में गिर गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। अधिकारियों को नाले से कार को बासर निकालने के लिए क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ा था। घटना के वक्त एक डिलीवरी बॉय घटनास्थल पर मौजूद था, जिसने पुलिस को जानकारी दी थी।

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    25 नवंबर 2024: गूगल मैप अधूरे पुल पर ले गया, कार नीचे गिरने से 3 की मौत
    यूपी के बरेली में गूगल मैप की वजह से एक कार आधे-अधूरे पुल से नीचे गिर गई थी। हादसे में कार में सवार 2 भाइयों समेत 3 युवकों की मौत हो गई थी। तीनों गूगल मैप के सहारे कार से बरेली आ रहे थे। लोकेशन के हिसाब से चल रहे युवक पुल पर पहुंच गए। कोहरे के कारण आगे दिखाई नहीं दिया और कार रामगंगा नदी में गिर गई।

  • 23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    23 वर्षीय महिला का अपहरण, चलती कार में रातभर बलात्कार कर सड़क पर फेंका

    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की पहाड़ी इलाके में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना सामने आई है। रविवार को पुलिस ने इसकी जानकारी दी। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    न्यूज़ डेस्क
    पुणे:
    महाराष्ट्र के पुणे जिले में लोनावाला की एक पहाड़ी कस्बे में 23 वर्षीय एक महिला का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ चलती कार में बलात्कार की घटना प्रकाश में आ रही है। बलात्कार करने के बाद पीड़ित महिला को सड़क किनारे फेंक दिया गया। रातभर चलती रही इस बलात्कार की घटना में पुलिस ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया, कि घटना शुक्रवार और शनिवार के दरमियानी रात की है। जब महिला अपने घर जाने के लिए सड़क पर चल रही थी।

    लोकप्रिय पर्यटक स्थल

    मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित लोनावला के मावला इलाके में तुंगरली एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां एक राह चलती महिला का अपहर कर बलात्कार की घटना से इलाके में घबराहट और सनसनी फैल गई है। पुलिस ने बताया, कि घटना के सिलसिले में तुंगरली के निवासी 35 वर्षीय एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया है। महिला की शिकायत के मुताबिक, पीड़ित महिला उसी इलाके में रहती है और शुक्रवार रात को वह अपने घर जा रही थी।

    घटना की जानकारी क्या है?

    अधिकारी ने बताया, कि एक कार उसके पास रुकी और एक आदमी ने उसे जबरन अंदर खींच लिया। इसके बाद आरोपी उसे एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां चलती कार में उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया। उन्होंने बताया कि पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे तुंगरली में विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया और बार-बार यौन हमला करने के बाद उसे शनिवार तड़के सड़क किनारे फेंक दिया गया।

    उन्होंने बताया कि इसके बाद महिला ने लोनावाला सिटी पुलिस थाने में जाकर उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(एम) (बलात्कार) और 138 (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को पकड़ लिया गया है। 23-year-old woman kidnapped, raped overnight in a moving car and thrown on the road

    क्या है हकीकत?

    पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि पीड़िता के दावों की पुष्टि की जा रही है। महिला ने शुरू में दावा किया था कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे जबरन कार में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि कार में केवल एक ही व्यक्ति था। उन्होंने बताया कि जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी और महिला एक दूसरे को जानते थे। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।

  • Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे 50 वर्षीय बदमाश को गिरफ्तार किया है जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट कर उनके कीमती गहने उड़ा कर रफूचक्कर हो जाया करता था। पश्चिम बंगाल भागते हुए पुलिस ने इगतपुरी से किया गिरफ्तार। कुल 42 घटनाओं का आरोपी हुआ गिरफ्तार .. Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

    मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।

    कैसे बनता था शिकार ?

    अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।

    कैसे हुई आरोपी की पहचान ?

    क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।

    आरोपी के खिलाफ पहले से 36 मामले दर्ज

    क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।

    नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.