मुंबई के जौहरी की दुकान पर नकली सोने की मुर्ति गिरवी और असली सोना और पैसे लेकर फरार 8 में से 1 को चारकोप पुलिस ने राजस्थान से किया गिरफ्तार। फर्जी आधार कार्ड का भी इस्तेमाल..
इस्माईल शेख
मुंबई– कांदिवली पश्चिम के चारकोप पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सोनार की दुकान में जाकर पहले तो उसका भरोसा हासिल करते थे और बाद में नकली सोने की मूर्ति दिखाकर उसे गिरवी रखने की बात करते थे और उसके बदले असली सोना और पैसे लेकर फरार हो जाया करते थे। पुलिस ने कहा, कि गिरोह में 7 से 8 लोग मिले हुए थे जबकि राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार कर 25 तोला सोना बरामद किया गया है।
चारकोप पुलिस थाने की वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्रीमती ज्योति भोपळे ने बताया, कि चारकोप सेक्टर 5 का रहने वाला 46 वर्षीय फरियादी कमलेश मांगीलाल जैन जो पेशे से एक जौहरी का काम करता है। अंतरराज्यीय गिरोह ने पहले तो बनावटी आधार कार्ड के सहारे जुलाई महीने से अगस्त के बीच फरियाद के साथ व्यवहार बनाया, जिसमें एक महिला भी शामिल थीं और 27 अगस्त को गिरौह ने बताया कि हमारे पास कुल 54 देवताओं की सोने की प्रतिमा है जिसे हम बेच नहीं सकते लेकिन हम गिरवी रखना चाहते हैं। इसके बदले में फरियादी से 438 ग्राम सोने के गहने और कैश पैसे कुल मिलाकर 43 लाख 22 हज़ार 500 रुपये दे दिए और गिराह वहां से चंपक हो गया। इसमें मुख्य आरोपी बनवारीलाल बंजारा बताया जा रहा है।
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मुंबई पुलिस परिमंडल 11 के उपयुक्त अजय कुमार बंसल ने बताया, कि चारकोप पुलिस थाना अंतर्गत गु.र.क्र. 400/23 में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 120(ब), 465, 467, 468 के तहत मामला दर्ज कर जान शुरू की गई जिसमें सीसीटीवी और तांत्रिक विश्लेषण के आधार पर पता चला कि राजस्थान अलवर के उद्योग नगरी में अंतरराज्यीय गिरोह की गतिविधियां पाई गई। तुरंत एक टीम गठित कर राजस्थान भेजा गया। जहां केसरोली मोड, गोलेटा, अलवर के एमआईए पुलिस थाने की मदद से 29 वर्षीय जितेंद्र सुंदरलाल भोपा को हिरासत में लिया गया। तो पता चला कि उसी की मां पानादेवी भोपा और 6 से 7 लोगों ने मिलकर ठगी के इस कार्य को अंजाम दिया है। इसके साथ यह भी पता चला कि क्राइम में इस्तेमाल देवताओं की नकली सोने की प्रतिमा और जरूरी पैसों का इंतजाम हरियाणा के एक आरोपी ने किया था।
साथ ही पुलिस उपायुक्त अजय कुमार बंसल ने यह भी बताया, कि मुंबई से जौहरी को चूना लगाने के बाद अंतरराज्यीय गिरोह ने असली सोने के गहनों को पिघलाकर नए डिजाइन में बनाने के लिए राजस्थान के एक दूसरे सोनार को वहां दिया था। जहां से 25 तोला पिघला हुआ सोना मुंबई पुलिस ने हस्तगत कर लिया है और आरोपी को राजस्थान की अदालत में पेश कर वहां से ट्रांजिट रिमांड के जरिए उसे मुंबई लाया गया, बाकी के 7 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

