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  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मालवनी में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न, महिला डॉक्टर गिरफ्तार

    मुंबई के मालवनी इलाके में 12 साल की बच्ची से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी।

    मुंबई: मालवनी (मालाड पश्चिम) इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला डॉक्टर पर 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मालवनी पुलिस ने 44 वर्षीय महिला डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिंडोशी स्थित विशेष POCSO कोर्ट ने आरोपी को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

    क्लिनिक में इलाज के दौरान हुआ कथित उत्पीड़न

    पुलिस के अनुसार, पीड़ित बच्ची मालवनी इलाके में अपने परिवार के साथ रहती है और स्कूल में पढ़ती है। बुधवार सुबह करीब 10.30 बजे वह होंठ पर बने दर्दनाक छाले के इलाज के लिए पास ही स्थित एक क्लिनिक में गई थी। क्लिनिक उसी महिला डॉक्टर द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

    आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बच्ची को बेड पर लेटने को कहा और फिर अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। बच्ची के अनुसार, डॉक्टर ने उसकी मर्यादा भंग करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह डर गई।

    डरी-सहमी बच्ची ने घर जाकर बताया सच

    घटना के तुरंत बाद बच्ची क्लिनिक से बाहर निकली और सीधे घर पहुंचकर अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार सदमे में आ गया। बिना देर किए परिजन मालवनी पुलिस स्टेशन पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज, डॉक्टर गिरफ्तार

    बच्ची के बयान के आधार पर पुलिस ने महिला डॉक्टर के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता
    • POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act)

    की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर गुरुवार को दिंडोशी की विशेष POCSO अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने पुलिस हिरासत को मंजूरी दे दी।

    इलाके में आक्रोश, पुलिस कर रही गहन जांच

    इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि

    • क्या आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत थी
    • क्लिनिक में नियमों का पालन हो रहा था या नहीं
    • कहीं और पीड़ित तो सामने नहीं आएंगे

    फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां की है?
    ➡️ मुंबई के मालवणी (मालाड पश्चिम) इलाके की।

    Q2. पीड़िता की उम्र क्या है?
    ➡️ 12 साल।

    Q3. आरोपी कौन है?
    ➡️ 44 वर्षीय महिला डॉक्टर।

    Q4. किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
    ➡️ भारतीय न्याय संहिता और POCSO एक्ट।

    Q5. आरोपी फिलहाल कहां है?
    ➡️ पुलिस हिरासत में, जांच जारी है।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।

  • खार स्टेशन के सामने जानलेवा हमला, पुलिस की मुस्तैदी से बची कारोबारी की जान

    खार स्टेशन के सामने जानलेवा हमला, पुलिस की मुस्तैदी से बची कारोबारी की जान

    खार पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद के चलते एक व्यक्ति पर कोयते से जानलेवा हमला किया गया। खार पुलिस के जवान अनिल जाधव की बहादुरी से घायल की जान बची, आरोपी मौके पर गिरफ्तार।

    मुंबई: खार पश्चिम इलाके में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक इमारत में प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी ने खुलेआम कोयते से एक व्यक्ति की हत्या की कोशिश की, लेकिन खार पुलिस के जवान की सतर्कता और साहस से बड़ी वारदात टल गई। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    प्रॉपर्टी विवाद से भड़का झगड़ा

    मिली जानकारी के अनुसार, खार पुलिस स्टेशन में गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 1203/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद नीरा-विला बिल्डिंग, खार रेलवे स्टेशन के सामने, खार पश्चिम में स्थित प्रॉपर्टी को लेकर था।
    जख्मी व्यक्ति का नाम हेमंत दलाल है, जबकि आरोपी की पहचान रोशन रमेश पाटील उर्फ सिंग के रूप में हुई है।

    दिनदहाड़े कोयते से हमला

    घटना 24 दिसंबर 2025, दोपहर करीब 2:30 बजे की है। हेमंत दलाल जब संबंधित प्रॉपर्टी पर पहुंचे, तभी आरोपी रोशन पाटील से उनका तीखा विवाद हो गया। पहले आरोपी ने बांबू से मारपीट की और फिर घर के अंदर से कोयता लाकर हेमंत दलाल पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की।

    पुलिस जवान की बहादुरी से टली हत्या

    हमले के दौरान शोर सुनकर खार रेलवे स्टेशन के पास पुलिस चौकी पर ड्यूटी कर रहे पोलीस अंमलदार अनिल दत्तू जाधव (क्र. 113540) तुरंत मौके पर पहुंचे।
    आरोपी जब हेमंत दलाल के सिर पर कोयते से वार कर रहा था, तब अनिल जाधव ने अपनी पुलिस लाठी पर वार झेलते हुए आरोपी को पीछे धकेल दिया और उसे हथियार समेत काबू में ले लिया।

    घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती

    घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद खार-1 मोबाइल वैन की मदद से घायल हेमंत दलाल को भाभा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल की हालत गंभीर जरूर थी, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई और अब उसकी स्थिति स्थिर है।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ
    भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 351(3), 49, 3(5),
    शस्त्र अधिनियम की धारा 4 और 25,
    और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1), 135
    के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है।

    पुलिस जवान को सराहना

    खार पुलिस के जवान अनिल जाधव की तत्परता और साहस की हर ओर सराहना हो रही है। उनकी वजह से न केवल एक व्यक्ति की जान बची, बल्कि आरोपी को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस विभाग ने उनके साहसिक कार्य के लिए उन्हें बधाई दी है।


    FAQ

    Q1. यह घटना कहां हुई?
    खार पश्चिम में खार रेलवे स्टेशन के सामने नीरा-विला बिल्डिंग में।

    Q2. घायल व्यक्ति कौन है?
    हेमंत दलाल।

    Q3. आरोपी की पहचान क्या है?
    रोशन रमेश पाटील उर्फ सिंग।

    Q4. घायल की हालत कैसी है?
    वह गंभीर रूप से घायल था, लेकिन फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।

    Q5. पुलिस जवान कौन थे जिन्होंने जान बचाई?
    पोलीस अंमलदार अनिल दत्तू जाधव।

  • ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    मुंबई में एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने वाली दो महिलाओं को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    कौन हैं आरोपी महिलाएं?

    गिरफ्तार महिलाओं की पहचान

    • हेमलता आदित्य पाटकर उर्फ हेमलता बाने (39)
    • अमरिना इक़बाल ज़वेरी उर्फ एलिस उर्फ अमरिना मैथ्यू फर्नांडिस (33)
      के रूप में हुई है।

    क्या है पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता अरविंद गोयल, गोरेगांव पश्चिम में स्थित Goyal & Sons Infra LLP नाम की कंपनी चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे रितम गोयल की सगाई 5 नवंबर को यश्वी शाह से हुई थी।

    इस खुशी में 14 नवंबर की रात अंबोली इलाके के एक होटल में पार्टी रखी गई थी।

    लिफ्ट में हुआ विवाद, दर्ज हुआ केस

    पार्टी खत्म होने के बाद 15 नवंबर तड़के करीब 2:40 बजे, रितम, उनकी मंगेतर, उसका भाई और एक दोस्त लिफ्ट में थे। उसी दौरान एक अज्ञात महिला लिफ्ट में आई और रितम पर लेज़र लाइट दिखाने का आरोप लगाया।

    लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचते ही महिला ने हंगामा किया, जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया।

    ₹10 करोड़ की मांग, डराने-धमकाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं ने इस मामले को “सेटल” करने के बदले गोयल परिवार से ₹10 करोड़ की मांग की।
    20 दिसंबर को हेमलता पाटकर ने अंधेरी पश्चिम के एक कैफे में अरविंद गोयल को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके बेटे को उम्रकैद हो सकती है।

    बातचीत के बाद रकम घटाकर ₹5.5 करोड़ तय की गई।

    लोअर परेल में बिछाया गया जाल

    इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जाल बिछाया।
    आरोपियों को लोअर परेल बुलाकर ₹1.5 करोड़ नकद देने का नाटक किया गया, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे।

    जैसे ही पैसे लेने की कोशिश हुई, पुलिस ने दोनों महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की।

    तीसरा आरोपी फरार

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में उत्कर्ष नाम का एक तीसरा आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


    FAQ

    Q1. आरोपी महिलाओं पर क्या आरोप है?
    फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही का।

    Q2. गिरफ्तारी किसने की?
    मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने।

    Q3. घटना कहां की है?
    अंबोली, अंधेरी और लोअर परेल इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q4. क्या कोई आरोपी फरार है?
    हां, उत्कर्ष नाम का तीसरा आरोपी फरार है।

  • वर्ली सी फेस पर दिखे डॉल्फ़िन, मुंबईकरों में खुशी; वीडियो हुआ वायरल

    वर्ली सी फेस पर दिखे डॉल्फ़िन, मुंबईकरों में खुशी; वीडियो हुआ वायरल

    मुंबई के वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में डॉल्फ़िन का झुंड नजर आया। दुर्लभ नज़ारे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर मुंबईकरों ने जमकर प्रतिक्रिया दी।

    मुंबई: कंक्रीट और भागदौड़ से भरी मुंबई के बीच गुरुवार को एक खूबसूरत और दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला, जब वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में डॉल्फ़िन का झुंड तैरता हुआ दिखा। इस नज़ारे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में मुंबईकर वर्ली सी फेस की ओर पहुंच गए।

    अरब सागर में ‘फ्लिपर’ की मस्ती

    डॉल्फ़िन को उनके चंचल स्वभाव के कारण अक्सर ‘फ्लिपर’ कहा जाता है। वायरल वीडियो में डॉल्फ़िन समुद्र की लहरों के बीच उछलते-कूदते और मस्ती करते हुए नजर आ रहे हैं।
    एक वीडियो इंस्टाग्राम यूज़र सविन चौहान ने शेयर किया, जिसका कैप्शन था –
    “Between concrete and chaos… A Dolphin moment.”
    इस रील में हालिया बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ का ट्रेंडिंग गाना “FA9LA” भी इस्तेमाल किया गया है।

    Dolphins-spotted-at-Worli-Sea-Face-Mumbaikars-rejoice-video-goes-viral-mumbai

    पहले भी दिख चुके हैं डॉल्फ़िन

    यह पहली बार नहीं है जब मुंबई के तट पर डॉल्फ़िन देखे गए हों। इससे पहले भी कभी-कभी डॉल्फ़िन या उनके अवशेष शहर के समुद्री किनारों पर देखे जा चुके हैं। खासकर मानसून और सर्दियों के मौसम में इनके दिखने की संभावना बढ़ जाती है।

    सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

    वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
    एक यूज़र ने लिखा,

    “अगर हम समुद्र को साफ रखें और कचरा फेंकना बंद करें, तो और भी खूबसूरत समुद्री जीव साफ-साफ देख पाएंगे।”

    एक अन्य यूज़र ने दावा किया,

    “बांद्रा-वर्ली सी लिंक के पास सुबह करीब 10 बजे अक्सर डॉल्फ़िन दिखाई देते हैं।”

    कौन-सी प्रजाति के हैं ये डॉल्फ़िन?

    एक जानकार इंस्टाग्राम यूज़र ने कमेंट में बताया कि ये इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फ़िन हो सकती हैं।
    उनके मुताबिक,

    “ये तट के पास रहने वाली डॉल्फ़िन प्रजाति है, जो भारत के पश्चिमी तट पर आम तौर पर पाई जाती है। मुंबई में ये कोलाबा, वर्ली, मढ़ और खासकर क्रीक इलाकों के पास अक्सर नजर आती हैं।”

    प्रकृति और शहर के बीच खास पल

    विशेषज्ञ मानते हैं कि समुद्री जैव विविधता का दिखना इस बात का संकेत है कि कुछ इलाकों में समुद्र अब भी जीवंत है। हालांकि, प्रदूषण और तटीय विकास के चलते इन जीवों के लिए खतरे भी बढ़ रहे हैं।


    FAQ

    Q1. डॉल्फ़िन मुंबई में कहां दिखे?
    वर्ली सी फेस के पास अरब सागर में।

    Q2. क्या यह पहली बार हुआ है?
    नहीं, पहले भी मुंबई के तट पर डॉल्फ़िन देखे जा चुके हैं।

    Q3. ये कौन-सी डॉल्फ़िन प्रजाति हो सकती है?
    संभावना है कि ये इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फ़िन हों।

    Q4. वीडियो कहां वायरल हुआ?
    इंस्टाग्राम और X (पूर्व में ट्विटर) पर।

  • गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    गोरगांव के स्पा में देह व्यापार का भंडाफोड़, मैनेजर समेत दो गिरफ्तार

    मुंबई के गोरगांव इलाके में एक स्पा की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सात युवतियों को मुक्त कराया गया।

    मुंबई: गोरगांव पश्चिम इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पा की आड़ में चल रहे देह व्यापार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में स्पा मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सात युवतियों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। यह कार्रवाई गोरगांव पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की।

    मालिश के नाम पर चल रहा था अवैध धंधा

    पुलिस के अनुसार, एम.जी. रोड स्थित एकवीरा प्रसाद बिल्डिंग में मौजूद अरोमा लग्ज़री स्पा में मसाज सर्विस के नाम पर देह व्यापार कराया जा रहा था।
    गोरगांव के पुलिस निरीक्षक मनोज पाटिल को इस संबंध में पुख्ता जानकारी मिली थी कि स्पा का मैनेजर ग्राहकों को “स्पेशल सर्विस” देने के नाम पर युवतियां उपलब्ध करवा रहा है।

    नकली ग्राहक भेजकर पकड़ा गया रैकेट

    सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस ने नकली ग्राहक भेजा। ग्राहक ने स्पा मैनेजर से मसाज के साथ अतिरिक्त सेवाओं की मांग की।
    आरोप है कि मैनेजर श्रवण संतोष दुबे और उसके सहायक दिलीप संजीव यादव ने ग्राहक के सामने कई युवतियों को पेश किया और सौदा तय किया।
    जैसे ही तय इशारे पर पुलिस को संकेत मिला, टीम ने अचानक छापा मार दिया।

    छापे में दो गिरफ्तार, सात महिलाएं मुक्त

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय पैसों का लेन-देन भी चल रहा था।
    मौके पर मौजूद कुछ महिलाएं भागने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
    इस कार्रवाई में कुल सात युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया है।

    कमाई का बड़ा हिस्सा रखता था मैनेजर

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्पा मैनेजर ग्राहकों से मोटी रकम वसूलता था।
    कमाई का बड़ा हिस्सा खुद रखता था, जबकि बाकी रकम महिलाओं को दी जाती थी।
    यह पूरा रैकेट सुनियोजित तरीके से लंबे समय से चल रहा था।

    इन धाराओं में मामला दर्ज

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम – PITA
      की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
      दोनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है।

    FAQ

    Q1. यह मामला कहां का है?
    मुंबई के गोरगांव इलाके का।

    Q2. कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
    दो लोग, जिनमें स्पा मैनेजर और उसका सहायक शामिल हैं।

    Q3. कितनी महिलाओं को रेस्क्यू किया गया?
    कुल सात युवतियों को मुक्त कराया गया है।

    Q4. आरोपियों पर कौन-सा कानून लगाया गया है?
    BNS और अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।