Category: West India

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  • BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC चुनाव 2026: Gateway of India और BMC मुख्यालय पर SVEEP सेल्फी पॉइंट से मतदाता जागरूकता

    BMC Election 2025-26 के तहत SVEEP अभियान को तेज किया गया है। Gateway of India और BMC मुख्यालय पर सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ लगाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के मद्देनज़र मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने नए और आकर्षक तरीके अपनाए हैं। ‘मतदारांचे सुनियोजित शिक्षण आणि निवडणूक सहभाग (SVEEP)’ अभियान के तहत Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने विशेष रूप से सेल्फी पॉइंट और सेल्फी बूथ तैयार किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों तक मतदान का संदेश पहुंचाया जा रहा है।

    SVEEP अभियान के तहत व्यापक जनजागृति

    BMC चुनाव के लिए मतदाता सहभाग बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से SVEEP अभियान के अंतर्गत नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि मतदान सिर्फ अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है।

    सेल्फी पॉइंट जैसे इनोवेटिव माध्यमों के जरिए खासकर युवाओं को मतदान के प्रति आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।

    Bmc Election news

    Gateway of India पर खास सेल्फी पॉइंट

    मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थल Gateway of India पर महानगरपालिका उद्यान विभाग की ओर से एक आकर्षक सेल्फी पॉइंट सजाया गया है। यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटक और स्थानीय नागरिक इस सेल्फी पॉइंट पर फोटो लेकर सोशल मीडिया के जरिए मतदान जागरूकता का संदेश फैला रहे हैं।

    इस पहल से चुनावी जनजागरण को व्यापक स्तर पर पहचान मिल रही है।

    BMC मुख्यालय के सामने सेल्फी बूथ

    इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय के सामने भी SVEEP अभियान के तहत सेल्फी बूथ स्थापित किया गया है। यहां आने वाले नागरिक, कर्मचारी और राहगीर सेल्फी लेकर मतदान से जुड़े संदेशों को साझा कर रहे हैं।

    प्रशासन का मानना है कि इस तरह के विज़ुअल और इंटरैक्टिव माध्यमों से मतदाता शिक्षा अधिक प्रभावी होती है।

    युवाओं और नए मतदाताओं पर खास फोकस

    SVEEP अभियान का मुख्य उद्देश्य:

    • नए मतदाताओं को प्रेरित करना
    • मतदान प्रतिशत बढ़ाना
    • लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभाग बढ़ाना

    सेल्फी पॉइंट जैसी पहल युवाओं को जोड़ने में मदद कर रही है, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं।

    लोकतंत्र को मजबूत करने की पहल

    BMC प्रशासन का कहना है कि चुनाव तभी सफल माना जाएगा, जब हर योग्य मतदाता मतदान करे। इसी सोच के साथ शहर के प्रमुख और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


    FAQ Section

    ❓ SVEEP अभियान क्या है?

    ➡️ SVEEP यानी मतदाता शिक्षा और चुनावी सहभाग बढ़ाने का अभियान।

    ❓ सेल्फी पॉइंट कहां लगाए गए हैं?

    ➡️ Gateway of India और BMC मुख्यालय के सामने।

    ❓ इसका उद्देश्य क्या है?

    ➡️ मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक और प्रेरित करना।

    ❓ किन लोगों पर खास ध्यान दिया जा रहा है?

    ➡️ युवाओं और नए मतदाताओं पर।

  • Infiniti Mall Malad में जनवरी भर खुले आसमान के नीचे बॉलीवुड मूवी नाइट्स

    Infiniti Mall Malad में जनवरी भर खुले आसमान के नीचे बॉलीवुड मूवी नाइट्स

    Infiniti Mall Malad में जनवरी 2026 के दौरान ओपन एयर बॉलीवुड मूवी नाइट्स का आयोजन। Jab We Met, Mr. India और Band Baaja Baarat जैसी यादगार फिल्में मुफ्त में देखें।

    मुंबई: मालाड़ के पसंदीदा शॉपिंग और एंटरटेनमेंट डेस्टिनेशन Infiniti Mall, Malad में नए साल की शुरुआत बॉलीवुड की यादगार कहानियों के साथ की जा रही है। जनवरी 2026 में यहां ओपन एयर मूवी नाइट्स का आयोजन किया गया है, जहां दर्शक खुले आसमान के नीचे हिंदी सिनेमा की क्लासिक और फील-गुड फिल्मों का आनंद ले सकेंगे।

    बॉलीवुड की यादों के साथ नए साल का जश्न

    Infiniti Mall Malad अपने विज़िटर्स के लिए एक खास सिनेमैटिक अनुभव लेकर आया है, जहां फिल्में सिर्फ देखी नहीं जाएंगी बल्कि दोबारा जी जाएंगी। ये वही फिल्में हैं जिनके किरदार, गाने और डायलॉग्स आज भी दिल के करीब हैं।

    चाहे बड़े सपनों वाली शादी और जोशीला रोमांस हो, या ट्रेन में मिली ज़िंदगी बदल देने वाली मोहब्बत — हर फिल्म एक अलग एहसास लेकर आएगी।

    जनवरी में कौन-कौन सी फिल्में होंगी स्क्रीन पर

    Infiniti Mall Malad में हर मूवी नाइट शाम 7 बजे शुरू होगी।

    मूवी शेड्यूल इस प्रकार है:

    • 10 जनवरी: Band Baaja Baarat – सपनों, प्यार और शादी का मज़ेदार सफर
    • 17 जनवरी: Jab We Met – गीता और आदित्य की यादगार प्रेम कहानी
    • 25 जनवरी: Mr. India – अदृश्य हीरो और बचपन की जादुई यादें
    • 31 जनवरी: Rehna Hai Tere Dil Mein – सादगी भरी रोमांटिक कहानी

    ओपन एयर सिनेमा का अलग ही मज़ा

    खुले आसमान के नीचे फिल्म देखना अपने आप में एक खास अनुभव होता है। हल्की ठंडी हवा, बड़ा स्क्रीन, पॉपकॉर्न की खुशबू और बॉलीवुड के सदाबहार गाने — Infiniti Mall Malad इस माहौल को पूरी तरह जीवंत बना रहा है।

    यह मूवी नाइट्स परिवार, दोस्तों और कपल्स सभी के लिए एक परफेक्ट वीकेंड प्लान बन सकती हैं।

    Infiniti Mall Malad: एंटरटेनमेंट का भरोसेमंद ठिकाना

    Infiniti Mall सिर्फ शॉपिंग और डाइनिंग के लिए नहीं, बल्कि क्वालिटी एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस के लिए भी जाना जाता है। ओपन एयर मूवी नाइट्स इसी सोच का हिस्सा हैं, जहां मॉल अपने विज़िटर्स को कुछ अलग और यादगार देने की कोशिश करता है।


    FAQ Section

    ❓ मूवी नाइट्स कहां आयोजित हो रही हैं?

    ➡️ Infiniti Mall, Malad में।

    ❓ शो का समय क्या है?

    ➡️ सभी फिल्में शाम 7 बजे शुरू होंगी।

    ❓ क्या यह ओपन एयर स्क्रीनिंग है?

    ➡️ हां, सभी फिल्में खुले आसमान के नीचे दिखाई जाएंगी।

    ❓ कौन-कौन सी फिल्में दिखाई जाएंगी?

    ➡️ Band Baaja Baarat, Jab We Met, Mr. India और Rehna Hai Tere Dil Mein।

  • BMC Election 2025: मुंबई में 10,231 मतदान केंद्र, 1.03 करोड़ मतदाता करेंगे वोटिंग

    BMC Election 2025: मुंबई में 10,231 मतदान केंद्र, 1.03 करोड़ मतदाता करेंगे वोटिंग

    BMC Election 2025-26 के लिए मुंबई में कुल 10,231 मतदान केंद्र तय किए गए हैं। 1 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे। दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। मुंबई में कुल 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए पूरे महानगरपालिका क्षेत्र में 10,231 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान प्रक्रिया को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए शासकीय, सहकारी और निजी इमारतों में सुनियोजित तरीके से मतदान केंद्र तय किए गए हैं।

    मुंबई में कहां-कहां बनेंगे मतदान केंद्र

    BMC आयुक्त और जिला चुनाव अधिकारी भूषण गगराणी ने जानकारी दी कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार 227 प्रभागों की अंतिम मतदान केंद्र सूची जारी कर दी गई है।

    मतदान केंद्रों का निर्धारण करते समय:

    • हर प्रभाग की जनसंख्या
    • मतदाताओं की संख्या
    • भौगोलिक स्थिति

    को ध्यान में रखा गया है, ताकि किसी भी मतदाता को मतदान के लिए परेशानी न हो।

    BMC-Election-2025-10231-polling-stations-in-Mumbai-crore-voters-will-vote

    कुल 10,231 मतदान केंद्र, सात परिमंडलों में व्यवस्था

    मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में:

    • 7 परिमंडल
    • 24 प्रशासनिक विभाग कार्यालय
    • 23 केंद्रीय मतदान केंद्र

    के अंतर्गत कुल 10,231 मतदान केंद्र तय किए गए हैं। मतदान के दिन अव्यवस्था न हो, इसके लिए मतदाताओं से अपील की गई है कि वे पहले ही अपने मतदान केंद्र की जानकारी हासिल कर लें।

    दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं के लिए विशेष सुविधा

    मतदान प्रक्रिया को सभी के लिए आसान बनाने के उद्देश्य से BMC ने खास इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर:

    • व्हीलचेयर रैम्प
    • बिजली व्यवस्था
    • पीने का पानी
    • शौचालय
    • बैठने की सुविधा

    उपलब्ध कराई जाएगी। सभी मतदान केंद्रों की जांच और सत्यापन चुनाव निर्णय अधिकारियों द्वारा किया जा चुका है।

    मतदाता सहायता केंद्र और सूचना फलक

    मतदाताओं को अपना नाम ढूंढने में परेशानी न हो, इसके लिए हर मतदान केंद्र के पास मतदाता सहायता केंद्र बनाए जाएंगे। साथ ही मतदान से जुड़ी जानकारी देने वाले स्पष्ट सूचना फलक भी लगाए जाएंगे।

    किस तरह की इमारतों में होंगे मतदान केंद्र

    BMC द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मतदान केंद्र इस प्रकार होंगे:

    शासकीय / निमशासकीय इमारतों में

    • कुल: 4,386 मतदान केंद्र
    • बंदिस्त: 2,387
    • अर्धबंदिस्त: 880
    • खुले स्थान: 1,119

    सहकारी गृहनिर्माण संस्थाओं में

    • कुल: 702 मतदान केंद्र
    • बंदिस्त: 181
    • अर्धबंदिस्त: 312
    • खुले स्थान: 209

    निजी इमारतों में

    • कुल: 5,143 मतदान केंद्र
    • बंदिस्त: 2,710
    • अर्धबंदिस्त: 1,378
    • खुले स्थान: 1,055

    पारदर्शी और सुरक्षित मतदान पर जोर

    आयुक्त भूषण गगराणी ने बताया कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी रहे, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि हर मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल कर सके।


    FAQ Section

    ❓ मुंबई में कुल कितने मतदान केंद्र बनाए गए हैं?

    ➡️ कुल 10,231 मतदान केंद्र तय किए गए हैं।

    ❓ BMC चुनाव में कितने मतदाता वोट डालेंगे?

    ➡️ करीब 1.03 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।

    ❓ क्या दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधा होगी?

    ➡️ हां, रैम्प, पानी, शौचालय और सहायता केंद्र की व्यवस्था रहेगी।

    ❓ मतदान केंद्रों की सूची कहां मिलेगी?

    ➡️ प्रभागनिहाय अंतिम सूची जारी कर दी गई है, जो BMC के चुनाव विभाग के माध्यम से उपलब्ध है।

  • BMC Election 2025: नामांकन के बाद रोज़ खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य- सहायक आयुक्त गजानन बिल्लाळे

    BMC Election 2025: नामांकन के बाद रोज़ खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य- सहायक आयुक्त गजानन बिल्लाळे

    BMC Election 2025-26 में उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से रोज़ाना चुनावी खर्च का हिसाब रखना होगा। खर्च नियंत्रण के लिए वार्ड स्तर पर टीम गठित, गजानन बेल्लाळे ने दी सख्त हिदायत।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नगर सेवकिय चुनाव 2025-26 को लेकर चुनावी खर्च पर सख्त निगरानी शुरू हो गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन से ही उम्मीदवारों को रोज़ाना अपने चुनावी खर्च का पूरा हिसाब रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) गजानन बेल्लाळे ने साफ किया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक खर्च की निगरानी के लिए हर वार्ड में अलग-अलग खर्च नियंत्रण टीमें तैनात की गई हैं।

    नामांकन के साथ ही खर्च का हिसाब जरूरी

    BMC चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से ही रोज़ाना खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार सामग्री, सभाएं, रैलियां, प्रचार वाहन और अन्य गतिविधियों की प्रचलित दरसूची पहले ही तय कर दी गई है।

    गजानन बेल्लाळे ने कहा कि उम्मीदवारों के हर खर्च की जांच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या गैरकानूनी लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

    BMC-Election-2025-26
    बैठक की तस्वीर

    BMC वार्ड स्तर पर खर्च नियंत्रण पथक गठित

    चुनावी खर्च पर सख्ती से नजर रखने के लिए BMC ने हर प्रभाग (Ward) में Election Expenditure Monitoring Team बनाई है।

    इन टीमों में:

    • लेखाधिकारी
    • लेखापाल
    • खर्च निरीक्षक
    • उड़नदस्ता (Flying Squad)
    • वीडियो निगरानी टीम

    शामिल हैं। इन सभी की बैठक BMC मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें खर्च निगरानी की पूरी कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।

    बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

    इस अहम बैठक में:

    • प्रमुख लेखापाल (वित्त) वैशाली देसाई
    • दादासाहेब फाळके चित्रनगरी, गोरेगांव की वित्तीय सलाहकार व प्रमुख लेखाधिकारी चारुलेखा खोत
    • प्रशासनिक विभाग के वरिष्ठ लेखाधिकारी

    मौजूद रहे। बैठक में सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    चुनाव आयोग की गाइडलाइंस क्या कहती हैं?

    राज्य चुनाव आयोग के 15 फरवरी 2024 के आदेश के अनुसार:

    • उम्मीदवार को अलग बैंक अकाउंट से ही चुनावी खर्च करना होगा
    • खर्च और आय का पूरा विवरण तय फॉर्मेट (नमूना) में देना अनिवार्य
    • प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियों की स्थानीय दरों के अनुसार सूची तैयार

    यह नियम सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों पर लागू है।

    कौन-कौन से फॉर्म भरना जरूरी?

    उम्मीदवारों को चुनाव के बाद 30 दिनों के भीतर ये दस्तावेज जमा करने होंगे:

    • नमूना क्रमांक 1: प्राप्त निधि का विवरण
      (स्वनिधि, पार्टी फंड, दान, कर्ज)
    • नमूना क्रमांक 2: चुनाव में किया गया खर्च
    • नमूना क्रमांक 3: शपथपत्र (Affidavit)
    • नमूना क्रमांक 4: खर्च जमा करने की रसीद

    BMC अधिकारियों और उम्मीदवार – दोनों को ये दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई

    चुनाव प्रचार के दौरान अगर किसी तरह का:

    • संदिग्ध खर्च
    • बेहिसाब पैसा
    • गैरकानूनी प्रचार

    पाया जाता है, तो खर्च नियंत्रण टीम तुरंत कार्रवाई करेगी। उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम लगातार नजर रखेगी।


    FAQ Section

    ❓ नामांकन के बाद खर्च का हिसाब कब से रखना होगा?

    ➡️ नामांकन पत्र दाखिल करने के उसी दिन से रोज़ाना खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य है।

    ❓ क्या अलग बैंक अकाउंट जरूरी है?

    ➡️ हां, चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता अनिवार्य किया गया है।

    ❓ खर्च का विवरण कब जमा करना होगा?

    ➡️ चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर।

    ❓ खर्च की निगरानी कौन करेगा?

    ➡️ वार्ड स्तर पर गठित खर्च नियंत्रण पथक, उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम।

  • कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    कांदिवली का वह फ्लैट, जहां हर नए परिवार पर छा गया मौत का साया

    मुंबई के कांदिवली में एक पुराने फ्लैट की डरावनी कहानी, जहां घर बिकते ही हर नए परिवार पर मौत टूट पड़ी। अदृश्य शक्ति, ज्योतिषी का दावा और दशकों पुराना रहस्य।

    मुंबई।
    मुंबई के कांदिवली इलाके में स्थित एक पुराना फ्लैट, जो बाहर से बिल्कुल आम दिखता था, अंदर से एक ऐसी डरावनी कहानी समेटे हुए था कि जिसने भी वहां कदम रखा, उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। कहा जाता है कि इस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति रहती थी, जो सिर्फ एक ही परिवार को स्वीकार करती थी। जैसे ही वह परिवार घर छोड़कर गया, वहां रहने वाले हर नए परिवार पर मौत का साया मंडराने लगा।

    राजेश का बचपन और पुराना घर

    राजेश अपने माता-पिता के साथ कांदिवली की एक पुरानी इमारत में रहता था। उसके पिता पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर थे और उन्होंने घर के एक कमरे में ही क्लिनिक शुरू कर रखा था। रोज़ाना कई मरीज इलाज के लिए आते-जाते रहते थे।
    राजेश का पूरा बचपन उसी फ्लैट में बीता। उसे कभी भी अपने घर में किसी तरह की नकारात्मक ऊर्जा या डर का अहसास नहीं हुआ। सब कुछ बिल्कुल सामान्य था।

    एक मरीज और पहली बार महसूस हुई अदृश्य शक्ति

    एक दिन इलाज के लिए एक मरीज उनके घर आया। यह मरीज पेशे से ज्योतिषी था। इलाज के दौरान उसे बार-बार ऐसा महसूस होने लगा कि घर में कोई और भी मौजूद है। कभी लगता कोई उसके साथ चल रहा है, कभी बगल में बैठा है, तो कभी कान में कुछ फुसफुसा रहा है।

    ज्योतिषी जानता था कि राजेश के पिता जैसे पढ़े-लिखे डॉक्टर इन बातों पर भरोसा नहीं करेंगे, इसलिए उसने शुरुआत में कुछ नहीं कहा। कुछ महीनों तक इलाज चलता रहा और फिर उसकी तबीयत ठीक हो गई।

    दो साल बाद सामने आई सच्चाई

    करीब दो साल बाद राजेश के पिता ने शहर में किराए पर एक नया क्लिनिक खोल लिया। वहीं वही ज्योतिषी दोबारा इलाज के लिए पहुंचा। उसे लगा कि डॉक्टर अब उस पुराने घर में नहीं रहते होंगे, इसलिए उसने हिम्मत करके पूरी बात बता दी—कि उस फ्लैट में एक अदृश्य शक्ति मौजूद है।

    इस बार डॉक्टर ने बात को गंभीरता से लिया। कुछ ही समय बाद उन्होंने वह घर छोड़ने का फैसला कर लिया।

    घर बिका और शुरू हुआ मौत का सिलसिला

    राजेश उस घर को छोड़ना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि परिवार को मजबूरन वह फ्लैट बेचना पड़ा।
    यह फ्लैट ठाणे में रहने वाले अब्बास नाम के व्यक्ति ने खरीदा, जो अपने बुजुर्ग माता-पिता के लिए घर ढूंढ रहा था। माता-पिता वहां रहने लगे, लेकिन महज़ एक महीने के भीतर ही अब्बास के पूरी तरह स्वस्थ पिता का निधन हो गया।

    घबराए अब्बास ने फ्लैट तीसरे व्यक्ति निकम को बेच दिया और अपनी मां को अपने साथ ठाणे ले गया।

    निकम परिवार पर भी टूटा कहर

    निकम परिवार ने जब फ्लैट में रहना शुरू किया, तो उन्हें भी ज्यादा समय नहीं मिला। एक महीने के अंदर उनके परिवार में भी दो प्रभावशाली सदस्यों की मौत हो गई।
    एक के बाद एक मौतों से इलाके में डर का माहौल बन गया।

    ज्योतिषी का दावा: यह शक्ति उसी परिवार को चाहती थी

    जब यह सारी बातें ज्योतिषी तक पहुंचीं, तो उसने राजेश के पिता से चौंकाने वाली बात कही।
    उसके अनुसार, जिस ज़मीन पर यह इमारत बनी थी, वहां पहले किसी और का अधिकार था, जिसे जबरन हटाकर इमारत खड़ी की गई। उस जगह की अदृश्य शक्ति डॉक्टर और उनके परिवार से जुड़ गई थी।

    वह शक्ति उनके परिवार से दुश्मनी नहीं रखती थी, बल्कि उनके साथ घुल-मिल गई थी। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर बेच दिया, वह नाराज़ हो गई और किसी और को वहां टिकने नहीं दिया।

    आज भी सिहरन पैदा करती है यह कहानी

    यह कहानी सुनने और पढ़ने में भले ही किसी डरावनी फिल्म जैसी लगे, लेकिन इसे जानने वाले आज भी सिहर उठते हैं। यह सोचकर अजीब लगता है कि अगर यह सच हो, तो शायद भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही नहीं, बल्कि अदृश्य शक्तियों में भी हो सकती हैं।


    नोट

    यह लेख केवल मनोरंजन और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। indian-fasttrack.com का उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है।


    FAQ

    Q1. क्या यह कहानी सच्ची घटना पर आधारित है?
    यह कहानी लोगों द्वारा सुनाई गई घटनाओं पर आधारित है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    Q2. क्या कांदिवली में सच में भूतिया फ्लैट है?
    ऐसी कई लोककथाएं प्रचलित हैं, लेकिन इनकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

    Q3. इस लेख का उद्देश्य क्या है?
    इस लेख का उद्देश्य सिर्फ जानकारी और मनोरंजन है, न कि अंधविश्वास फैलाना।

  • कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली मंदिर में चोरी का खुलासा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

    कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। CCTV फुटेज से सुराग मिला, तीसरे आरोपी की तलाश जारी।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में दानपेटी तोड़कर करीब 50 हजार रुपये की चोरी करने वाले गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कांदिवली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी मंदिरों की दानपेटियों को ही निशाना बनाते थे और इससे पहले भी कई जगह ऐसी वारदात कर चुके हैं।

    कांदीवली में कहां और कैसे हुई चोरी

    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम स्थित एस.वी. रोड पर मौजूद शंकर मंदिर में हुई। यह मंदिर जलई लोहाणा मित्र मंडल ट्रस्ट द्वारा संचालित है।
    आरोपियों ने देर रात मंदिर की दानपेटी तोड़ी और उसमें रखे करीब 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।

    इस मामले में मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विपुल जतानीय (57) ने कांदिवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई।

    गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनके नाम हैं –

    • प्रशांत पांडुरंग चोराट (30)
    • अलीराज उर्फ अली सईनुर खान (38)

    अलीराज खान को मीरा रोड इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रशांत चोराट को महाराष्ट्र के सतारा जिले से पकड़ा गया। इस चोरी में शामिल तीसरा आरोपी गणेश उर्फ गन्या फिलहाल फरार है।

    क्या है आरोपियों का तरीका (Modus Operandi)

    पुलिस के मुताबिक,

    • अलीराज खान पेशे से ऑटो रिक्शा चालक है और पोलियो की वजह से उसका एक पैर कमजोर है।
    • वहीं प्रशांत चोराट आदतन अपराधी है और मंदिरों की दानपेटी चोरी करने में माहिर बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया कि तीनों आरोपियों ने मिलकर कांदिवली मंदिर की चोरी की थी। चोरी के पैसों में से अलीराज खान को 15 हजार रुपये का हिस्सा मिला था।

    CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

    डीसीपी संदीप जाधव (जोन 11) और सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर करण सोनकावड़े के मार्गदर्शन में एपीआई हेमंत गीते और उनकी टीम ने जांच शुरू की।
    आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक ऑटो रिक्शा चोरी के समय संदिग्ध रूप से नजर आया।

    ऑटो की जानकारी जुटाते हुए पुलिस मीरा रोड के पेनकरपाड़ा इलाके तक पहुंची। वहां से अलीराज खान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने चोरी कबूल कर ली और अपने साथियों के नाम बताए।

    सतारा से हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

    अलीराज की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि प्रशांत उर्फ पक्या चोराट सतारा जिले में छिपा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर पुलिस टीम सतारा गई और वाई तालुका के कोंडावली खुर्द गांव से उसे गिरफ्तार किया।

    तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 13 हजार रुपये से ज्यादा नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो चोरी के पैसों से खरीदा गया बताया जा रहा है।

    और भी मंदिर चोरी में शामिल होने का शक

    पूछताछ में प्रशांत चोराट ने कबूल किया कि कांदिवली की घटना के कुछ दिन बाद उसने कुरार इलाके में भी एक मंदिर में चोरी की थी।
    पुलिस का कहना है कि आरोपी पेशेवर चोर है और खासतौर पर मंदिरों को ही निशाना बनाता है।

    पुलिस कस्टडी और आगे की कार्रवाई

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गणेश उर्फ गन्या की तलाश में जुटी हुई है और अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच की जा रही है।


    FAQ

    Q1. कांदिवली मंदिर चोरी कब हुई थी?
    यह चोरी 22 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के शंकर मंदिर में हुई थी।

    Q2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है।

    Q3. चोरी में कितनी रकम गई थी?
    करीब 50 हजार रुपये की चोरी हुई थी।

    Q4. क्या आरोपी पहले भी चोरी कर चुके हैं?
    हां, मुख्य आरोपी ने कुरार इलाके में मंदिर चोरी की बात भी कबूल की है।

  • 15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    15 साल की देरी पर MahaRERA सख्त, शेठ डेवलपर्स को ब्याज देने का आदेश

    मालाड ईस्ट के शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट में 15 साल की देरी पर MahaRERA ने शेठ डेवलपर्स को 15 फ्लैट खरीदारों को ब्याज देने और बिक्री समझौता रजिस्टर करने का आदेश दिया।

    मुंबई: मालाड ईस्ट में शेठ डेवलपर्स की आवासीय परियोजना शेठ ब्लू आइवी में करीब 15 साल की देरी को गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (MahaRERA) ने बड़ा फैसला सुनाया है। MahaRERA ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 15 फ्लैट खरीदारों को जुलाई 2022 से फ्लैट का कब्जा मिलने तक ब्याज दे और साल 2010 से लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित कर रजिस्टर करे।

    क्या है पूरा मामला

    शेठ ब्लू आइवी प्रोजेक्ट, जिसे शुरुआत में वसंत पर्ल नाम से बेचा गया था, उसमें 2010 से 2012 के बीच 15 लोगों ने फ्लैट बुक किए थे। उस समय बिल्डर ने 36 महीने में निर्माण पूरा करने और 42 महीने में कब्जा देने का वादा किया था। लेकिन सालों बीतने के बावजूद खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही पक्का जवाब।

    लंबे इंतजार और परेशानी के बाद इन सभी खरीदारों ने 2023 से 2025 के बीच MahaRERA का दरवाजा खटखटाया।

    खरीदारों की शिकायत क्या थी

    खरीदारों की ओर से पेश वकीलों गिरीश केडिया और हर्षद भडभडे ने बताया कि बिल्डर ने सिर्फ अलॉटमेंट लेटर दिया था, लेकिन बिक्री का एग्रीमेंट कभी रजिस्टर नहीं किया।
    इस बीच प्रोजेक्ट का लेआउट बदला गया, फ्लैट नंबर बदले गए और कब्जे की तारीख का कोई जिक्र नहीं किया गया।

    खरीदारों का कहना था कि

    • 2013 से 2023 तक उन्होंने कई बार जानकारी मांगी
    • साइट पर लंबे समय तक काम बंद रहा
    • कई खरीदार किराए के मकानों में रहने को मजबूर हुए
    • आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा

    इसी आधार पर उन्होंने 42.8 लाख रुपये से लेकर 2.28 करोड़ रुपये तक मुआवजे की मांग की थी।

    बिल्डर का पक्ष

    MahaRERA में शेठ डेवलपर्स ने सफाई देते हुए कहा कि प्रोजेक्ट बॉम्बे हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले की वजह से करीब छह साल तक अटका रहा। कोर्ट के आदेश के चलते न तो निर्माण हो सका और न ही एग्रीमेंट रजिस्टर हो पाए।
    बिल्डर के मुताबिक अप्रैल 2024 में काम दोबारा शुरू हुआ।

    कंपनी ने यह भी कहा कि उसने सभी खरीदारों को रिफंड का विकल्प दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने प्रोजेक्ट में बने रहने का फैसला किया।

    प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति

    MahaRERA की वेबसाइट के अनुसार

    • पहले प्रोजेक्ट पूरा होने की तारीख: 30 जून 2022
    • संशोधित तारीख: 30 जून 2023
    • अब नई डेडलाइन: 28 नवंबर 2027

    यानी खरीदारों को अभी भी और इंतजार करना होगा।

    MahaRERA का फैसला

    MahaRERA के अध्यक्ष मनोज सौनिक ने 11 दिसंबर को आदेश दिया कि

    • बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक खरीदारों को ब्याज देना होगा
    • जितनी रकम खरीदारों ने दी है, उस पर ब्याज लागू होगा
    • सभी लंबित बिक्री समझौतों को तुरंत निष्पादित और रजिस्टर करना होगा

    हालांकि, MahaRERA ने देरी के लिए अलग से मुआवजा और बढ़ी हुई स्टांप ड्यूटी की भरपाई की मांग को खारिज कर दिया।

    क्यों अहम है यह फैसला

    यह आदेश उन हजारों घर खरीदारों के लिए अहम माना जा रहा है, जो सालों से अटके प्रोजेक्ट्स में फंसे हैं। इससे यह साफ संदेश गया है कि लंबी देरी पर बिल्डरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।


    FAQ

    Q1. MahaRERA ने बिल्डर को क्या आदेश दिया है?
    बिल्डर को जुलाई 2022 से कब्जा मिलने तक ब्याज देने और बिक्री समझौते रजिस्टर करने का आदेश दिया गया है।

    Q2. कितने खरीदारों को राहत मिली है?
    कुल 15 फ्लैट खरीदारों को यह राहत मिली है।

    Q3. क्या खरीदारों को मुआवजा मिलेगा?
    नहीं, MahaRERA ने अलग से मुआवजे और स्टांप ड्यूटी की मांग खारिज कर दी है।

    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरा होना है?
    नई समयसीमा के अनुसार 28 नवंबर 2027 तक।

  • BMC Election: छाननी में 2,231 पर्चे वैध, 167 नामांकन रद्द

    BMC Election: छाननी में 2,231 पर्चे वैध, 167 नामांकन रद्द

    BMC Election 2025-26 में नामांकन पत्रों की छाननी पूरी हो गई है। कुल 2,516 पर्चों में से 2,231 वैध पाए गए, जबकि 167 नामांकन रद्द कर दिए गए। अब 2 जनवरी को नाम वापसी और 3 जनवरी को चुनाव चिह्न आवंटन होगा।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 के तहत नामांकन पत्रों की छाननी पूरी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को हुई जांच में कुल 2,516 नामांकन में से 2,231 नामांकन वैध पाए गए हैं, जबकि 167 नामांकन पत्र नियमों में कमी के चलते रद्द कर दिए गए। अब 2 जनवरी 2026 को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया होगी और 3 जनवरी को वैध उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दिए जाएंगे।

    🗳️ BMC नामांकन छाननी पूरी, तस्वीर हुई साफ

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार बीएमसी के सभी 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालयों में बुधवार सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की छाननी की गई।
    इस दौरान उम्मीदवारों के कागजात, शपथपत्र, ना-हरकत प्रमाणपत्र, पार्टी के एबी फॉर्म और आवेदन की पूरी जानकारी की बारीकी से जांच की गई।

    जिन उम्मीदवारों के दस्तावेज पूरे और नियमों के अनुसार पाए गए, उनके नामांकन वैध घोषित किए गए। जिन पर्चों में खामियां मिलीं, उन्हें रद्द कर दिया गया।

    📊 कितने पर्चे वैध, कितने रद्द?

    छाननी के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार—

    • कुल नामांकन प्राप्त: 2,516
    • वैध नामांकन: 2,231
    • अवैध (रद्द) नामांकन: 167

    छाननी पूरी होते ही वैध उम्मीदवारों की सूची भी तुरंत जारी कर दी गई है।

    🏛️ नामांकन प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन

    बीएमसी के 227 नगरसेवक पदों के लिए—

    • 23 दिसंबर 2025: नामांकन दाखिल करने की शुरुआत
    • 30 दिसंबर 2025: नामांकन का आखिरी दिन
    • कुल नामांकन पत्र वितरित: 11,391
    • कुल नामांकन दाखिल: 2,516
    • 31 दिसंबर 2025: नामांकन पत्रों की छाननी

    इन आंकड़ों से साफ है कि इस बार चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की भी अच्छी खासी भागीदारी रही है।

    🔁 अब आगे क्या? नाम वापसी और चुनाव चिह्न

    चुनाव विभाग के अनुसार—

    • 2 जनवरी 2026 (शुक्रवार):
      सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार नामांकन वापस ले सकेंगे।
    • 3 जनवरी 2026 (शनिवार):
      सुबह 11 बजे से वैध उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
      इसी दिन चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी जारी की जाएगी।

    इसके बाद सभी वार्डों में चुनाव प्रचार पूरी रफ्तार पकड़ लेगा।

    🏙️ विभागवार छाननी का हाल

    बीएमसी के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों में वैध और अवैध नामांकन की संख्या अलग-अलग रही।
    एम पूर्व, एम पश्चिम, जी उत्तर, के पश्चिम और एस विभाग जैसे इलाकों में ज्यादा पर्चे रद्द हुए, जिससे वहां मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है।
    वहीं एफ उत्तर, एन और कुछ अन्य विभागों में बहुत कम नामांकन रद्द हुए हैं।

    इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कई वार्डों में सीधी टक्कर देखने को मिलेगी, तो कुछ जगहों पर बहुकोणीय मुकाबला रहेगा।

    🏙️ मुंबई में चुनावी सरगर्मी तेज

    नामांकन छाननी के बाद अब मुंबई की सियासत पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है।
    पार्टी कार्यालयों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है और उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क भी तेज कर दिया है।
    नाम वापसी के बाद असली मुकाबला किसके बीच होगा, यह 3 जनवरी को पूरी तरह साफ हो जाएगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव में कुल कितने नामांकन वैध हुए हैं?
    👉 कुल 2,231 नामांकन वैध घोषित किए गए हैं।

    Q2. कितने नामांकन रद्द किए गए?
    👉 167 नामांकन पत्र अवैध पाए गए।

    Q3. नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 2 जनवरी 2026, सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक।

    Q4. चुनाव चिह्न कब दिए जाएंगे?
    👉 3 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे से।

    Q5. अंतिम उम्मीदवार सूची कब जारी होगी?
    👉 3 जनवरी 2026 को।

  • BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव में पर्चों पर संकट: ठाकरे गुट के 5 उम्मीदवारों पर खतरा, डिजिटल साइन बना वजह

    BMC चुनाव 2026 में नामांकन जांच के दौरान बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चों पर शिंदेसेना ने डिजिटल साइन को लेकर आपत्ति उठाई है, वहीं दो वार्डों में महायुति को झटका लगा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के लिए नामांकन पत्रों की छाननी शुरू होते ही सियासी घमासान तेज हो गया है। पश्चिमी उपनगर मालाड में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में पड़ गए हैं। शिंदेसेना ने आरोप लगाया है कि इन उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर हाथ से साइन की जगह डिजिटल साइन किए गए हैं, जो नियमों के खिलाफ हैं। दूसरी ओर, वार्ड 211 और 212 में शिंदेसेना और भाजपा को भी बड़ा झटका लगा है, जिससे चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

    🗳️ BMC चुनाव 2026: त्रिकोणीय मुकाबला

    इस बार बीएमसी चुनाव में मुकाबला सीधा नहीं है।

    • एक तरफ शिंदेसेना-भाजपा (महायुति)
    • दूसरी तरफ ठाकरे बंधुओं का गुट
    • और तीसरी तरफ कांग्रेस-वंचित गठबंधन

    मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी। अब पूरे मुंबई में नामांकन पत्रों की जांच चल रही है, और इसी दौरान कई जगहों से विवाद सामने आ रहे हैं।

    ⚠️ मालाड में बढ़ी ठाकरे गुट की परेशानी

    पश्चिमी उपनगर मालाड पूर्व के ईशान्य विभाग स्थित चुनाव कार्यालय में जब नामांकन की जांच शुरू हुई, तब ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ गईं।
    शिंदेसेना ने वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42 में ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवारों के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई है।

    अगर यह आपत्ति मान्य मानी गई, तो इन सभी वार्डों में ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के पर्चे रद्द हो सकते हैं, जिससे वहां सीधा मुकाबला ही बदल जाएगा।

    ✍️ डिजिटल साइन पर क्यों हुआ विवाद?

    शिंदेसेना के विभाग प्रमुख वैभव भरडकर ने चुनाव अधिकारियों को बताया कि ठाकरे गुट के उम्मीदवारों के एबी फॉर्म पर डिजिटल हस्ताक्षर किए गए हैं।
    जबकि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक,

    • एबी फॉर्म पर हाथ से की गई असली साइन जरूरी होती है
    • डिजिटल साइन को वैध नहीं माना जाता

    इसी आधार पर शिंदेसेना ने लिखित शिकायत दी है। चुनाव अधिकारियों ने शिकायत स्वीकार कर ली है और नियमों के तहत फैसला लेने का भरोसा दिया है।

    🔄 महायुति को भी झटका, दो वार्डों में पर्चे रद्द

    जहां एक ओर ठाकरे गुट के पांच उम्मीदवार संकट में हैं, वहीं दूसरी ओर महायुति को भी नुकसान झेलना पड़ा है।

    • वार्ड क्रमांक 211 में शिंदेसेना के उम्मीदवार का पर्चा जरूरी दस्तावेज पूरे न होने की वजह से रद्द कर दिया गया।
    • वार्ड क्रमांक 212 में भाजपा उम्मीदवार मंदाकिनी खामकर का नामांकन भी खारिज हो गया।

    बताया जा रहा है कि वे एबी फॉर्म मिलने के बाद नामांकन कार्यालय 15 मिनट देरी से पहुंचीं, जिस वजह से उनका पर्चा स्वीकार नहीं किया गया।

    🟠 वार्ड 212 में मनसे की स्थिति मजबूत

    भाजपा उम्मीदवार का पर्चा रद्द होते ही वार्ड 212 में सियासी गणित बदल गया है।
    अब यहां मनसे की उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

    इस वार्ड में

    • अखिल भारतीय सेना की गीता गवळी,
    • कांग्रेस
    • और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं,

    लेकिन ठाकरे बंधुओं की एकजुट ताकत और मौजूदा हालात को देखते हुए मनसे उम्मीदवार की जीत की संभावना ज्यादा बताई जा रही है। अगर ऐसा हुआ, तो बीएमसी में मनसे का खाता खुल सकता है।

    👀 आगे क्या होगा?

    अब सभी राजनीतिक दलों की नजर चुनाव अधिकारियों के फैसले पर टिकी है।

    • अगर डिजिटल साइन को नियमों के खिलाफ माना गया, तो मालाड के पांच वार्डों में ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगेगा।
    • वहीं महायुति पहले ही दो वार्डों में नुकसान झेल चुकी है।

    आने वाले फैसलों से साफ होगा कि किसका पत्ता कटेगा और किसे चुनावी फायदा मिलेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ठाकरे गुट के कितने उम्मीदवारों के पर्चे खतरे में हैं?
    👉 कुल 5 उम्मीदवारों के।

    Q2. विवाद की मुख्य वजह क्या है?
    👉 एबी फॉर्म पर डिजिटल साइन किया जाना।

    Q3. कौन-कौन से वार्ड प्रभावित हो सकते हैं?
    👉 वार्ड क्रमांक 38, 39, 40, 41 और 42।

    Q4. महायुति को कहां नुकसान हुआ है?
    👉 वार्ड 211 और 212 में।

    Q5. वार्ड 212 में किसे बढ़त मानी जा रही है?
    👉 मनसे उम्मीदवार श्रावणी हलदळकर को।

  • BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    BMC ELECTION: 2,516 नामांकन दाखल, आज से जांच प्रक्रिया शुरू

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के तहत नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आखिरी दिन 2,122 नामांकन जमा हुए, जबकि कुल 2,516 नामांकन प्राप्त हुए हैं। आज से नामांकन पत्रों की जांच शुरू होगी।

    मुंबई: होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 30 दिसंबर 2025, मंगलवार को आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र जमा किए गए। पूरे नामांकन काल के दौरान 2,516 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। आज बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) शुरू होगी, जिसके बाद वैध उम्मीदवारों की सूची तुरंत जारी की जाएगी।

    🏛️ नामांकन प्रक्रिया पूरी, आखिरी दिन भारी भीड़

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 23 दिसंबर 2025 से नामांकन पत्रों का वितरण और स्वीकार किया जाना शुरू हुआ था।
    आखिरी दिन यानी 30 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र स्वीकार किए गए, जबकि सुबह 11 से 4 बजे तक नामांकन पत्रों का वितरण भी जारी रहा।

    बीएमसी के 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालयों में आखिरी दिन कुल 2,122 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। सिर्फ आखिरी दिन ही 594 नामांकन पत्रों का वितरण हुआ।

    📊 कुल नामांकन का पूरा आंकड़ा

    23 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 के बीच कुल मिलाकर

    • 11,391 नामांकन पत्र वितरित किए गए
    • 2,516 नामांकन पत्र जमा हुए

    यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार बीएमसी चुनाव में राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली है।

    🔍 आज से नामांकन पत्रों की जांच

    बीएमसी प्रशासन के अनुसार,
    31 दिसंबर 2025, बुधवार को सुबह 11 बजे से सभी नामांकन पत्रों की जांच शुरू की जाएगी।
    जांच प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की अंतिम सूची सार्वजनिक की जाएगी।

    इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापस लेने का मौका मिलेगा और फिर चुनावी मैदान की तस्वीर साफ हो जाएगी।

    🏙️ BMC विभागवार नामांकन की स्थिति

    बीएमसी के अलग-अलग प्रशासनिक विभागों में नामांकन की स्थिति भी सामने आई है।
    एम पूर्व, एम पश्चिम, जी उत्तर, के पश्चिम और पी उत्तर जैसे बड़े विभागों में नामांकन की संख्या ज्यादा रही है, जिससे इन वार्डों में मुकाबला कड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं।

    वहीं कुछ विभागों में अपेक्षाकृत कम नामांकन दर्ज किए गए हैं, जिससे वहां सीमित उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    🗂️ चुनावी माहौल तेज, रणनीति पर नजर

    नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही मुंबई में चुनावी माहौल और तेज हो गया है।
    राजनीतिक दल अब उम्मीदवारों की सूची के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे।
    कई वार्डों में बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों के चलते मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बीएमसी चुनाव 2025-26 में कुल कितने नामांकन दाखिल हुए?
    👉 कुल 2,516 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं।

    Q2. आखिरी दिन कितने नामांकन जमा हुए?
    👉 30 दिसंबर 2025 को 2,122 नामांकन दाखिल हुए।

    Q3. नामांकन पत्रों की जांच कब होगी?
    👉 31 दिसंबर 2025 को सुबह 11 बजे से।

    Q4. वैध उम्मीदवारों की सूची कब जारी होगी?
    👉 जांच पूरी होते ही तुरंत जारी की जाएगी।

    Q5. नामांकन प्रक्रिया कब शुरू हुई थी?
    👉 23 दिसंबर 2025 से।