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  • 6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    मुंबई के 6 वर्षीय रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लेकर सबको चौंका दिया। पिता उमेश पंचाल के एक्सीडेंट के बाद बेटे ने उनका अधूरा बॉडीबिल्डिंग सपना पूरा किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने फिटनेस इंडस्ट्री, बॉडीबिल्डिंग जगत और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सिर्फ 6 साल के रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में हिस्सा लेकर 30 से ज्यादा एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। 55 किलो वेट कैटेगरी और अंडर-23 एज ग्रुप में एंट्री लेकर रचित ने साबित कर दिया कि जज़्बा उम्र नहीं देखता।

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    Junior Mumbai Shree 2026 में 6 साल का चैंपियन

    Junior Mumbai Shree 2026 का आयोजन मलाड ईस्ट में जय भवानी जिम और Greater Bombay Bodybuilding Association द्वारा किया गया था। इसी मंच पर रचित पंचाल ने अपनी दमदार फिजीक, कट्स और ऑन-स्टेज कॉन्फिडेंस से सबको हैरान कर दिया।

    करीब 30 से ज्यादा सीनियर बॉडीबिल्डर्स के बीच एक 6 साल का बच्चा बिना डरे स्टेज पर खड़ा था — ये नज़ारा देखने लायक था।

    पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा

    रचित के लिए ये सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि उनके पिता Umesh Madhusudan Panchal का अधूरा सपना था।

    परेल निवासी उमेश पंचाल खुद बॉडीबिल्डिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 9 मार्च 2024 को उन्हें Mumbai Shree Bodybuilding Competition में हिस्सा लेना था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

    सड़क हादसे ने बदल दी जिंदगी

    • 9 मार्च 2024 को उमेश को मुंबई श्री प्रतियोगिता में उतरना था।
    • उससे दो दिन पहले, 7 मार्च 2024 को, अंधेरी स्थित अपने ऑफिस से वसई क्लाइंट मीटिंग के लिए बाइक से जाते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया।
    • हादसे में उनके बाएं पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई।
    • उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी — पहली मार्च 2024 में और दूसरी सितंबर 2024 में।
    • करीब 8 महीने तक वे बिस्तर पर रहे और लंबी रिकवरी से गुजरे।

    जिस मंच पर उमेश उतरने वाले थे, उसी मंच पर अब उनका 6 साल का बेटा खड़ा था।

    अप्रैल 2025 से शुरू हुई नई कहानी

    अप्रैल 2025 में गिरगांव में हुई एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में जब रचित पहली बार स्टेज पर उतरे, तो उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे।

    मां सोनल और पिता उमेश ने उस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक और गर्वभरा लम्हा बताया।

    स्कूल स्टूडेंट, लेकिन फिटनेस में प्रोफेशनल

    रचित पंचाल St Joseph’s High School, Wadala में सीनियर केजी के छात्र हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में स्पीच देने वाला यही बच्चा जब जिम में ट्रेनिंग करता है तो प्रोफेशनल एथलीट जैसा दिखता है।

    रोजाना जिम ट्रेनिंग और मल्टी-स्पोर्ट एक्टिविटी

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    • रचित अपने पिता के साथ जिम में ट्रेनिंग करते हैं।
    • साइक्लिंग और रनिंग में भी एक्टिव रहते हैं।
    • उनकी ट्रेनिंग कराते हैं विशाल परब, जिन्होंने पहले उनके पिता को भी ट्रेन किया था।

    ये कहानी सिर्फ बॉडीबिल्डिंग की नहीं, बल्कि फैमिली सपोर्ट, डेडिकेशन और मुंबई स्पिरिट की मिसाल है।

    क्यों वायरल हो रही है ये खबर?

    • 6 साल का बॉडीबिल्डर
    • पिता के एक्सीडेंट के बाद बेटे का कमबैक
    • Junior Mumbai Shree 2026 में एडल्ट्स के बीच मुकाबला
    • सोशल मीडिया पर वायरल फिटनेस स्टोरी
    • मुंबई की इंस्पिरेशनल न्यूज़

    ये स्टोरी गूगल पर तेजी से सर्च हो रही है — “6 year old bodybuilder Mumbai”, “Rachit Panchal bodybuilding”, “Junior Mumbai Shree 2026 news” जैसे कीवर्ड ट्रेंड में हैं।


    FAQ

    Q1: रचित पंचाल की उम्र कितनी है?
    रचित की उम्र 6 साल है और वे सीनियर केजी के छात्र हैं।

    Q2: उन्होंने किस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया?
    उन्होंने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लिया।

    Q3: उनके पिता के साथ क्या हुआ था?
    मार्च 2024 में बाइक एक्सीडेंट में उनके पिता उमेश पंचाल के पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी।

    Q4: रचित की ट्रेनिंग कौन कराता है?
    उन्हें विशाल परब ट्रेन करते हैं, जो पहले उनके पिता के कोच भी रह चुके हैं।

    Q5: यह खबर क्यों खास है?
    क्योंकि 6 साल के बच्चे ने एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर उतरकर पिता का अधूरा सपना पूरा किया।

  • मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मालाड मार्वे रोड पर दर्दनाक हादसा: खड़ी ट्रैवल्स बस के लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार की मौत

    मुंबई के मालाड स्थित मार्वे रोड पर अनधिकृत रूप से खड़ी प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    मुंबई: पश्चिम उपनगर Malad के Marve Road पर आज मंगलवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी एक प्राइवेट ट्रैवल्स बस के खुले लगेज ढक्कन से टकराने के कारण एक बाइक सवार युवक की गर्दन गंभीर रूप से कट गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

    कैसे हुआ भीषण हादसा?

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे मार्वे रोड पर एक प्राइवेट मां ट्रैवल्स की बस सड़क किनारे खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस का लगेज कंपार्टमेंट खुला हुआ था और उसका ढक्कन सड़क की तरफ निकला हुआ था। उसी दौरान पीछे से आ रहा बाइक सवार सीधे उस खुले ढक्कन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की गर्दन पर गंभीर चोट आई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अवैध तरीके से पार्क की गई थी और सड़क पर पहले से ही ट्रैफिक का दबाव था, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।

    अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को खून से लथपथ हालत में ऑटो रिक्शा से पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया।

    पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही मालवनी पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। संबंधित ट्रैवल्स बस और उसके चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस वहां किस अनुमति के तहत खड़ी थी और लगेज कंपार्टमेंट खुला क्यों छोड़ा गया था।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    मार्वे रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर अवैध पार्किंग, अनियंत्रित ट्रैफिक और लापरवाही के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर मुंबई में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों के पालन और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर किया है।

    स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाए।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. हादसा कब और कहां हुआ?
    मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मालाड के मार्वे रोड पर यह हादसा हुआ।

    2. हादसे की वजह क्या थी?
    सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़ी ट्रैवल्स बस का लगेज ढक्कन खुला था, जिससे बाइक सवार टकरा गया।

    3. क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया है?
    हाँ, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

    4. क्या यह अवैध पार्किंग का मामला है?
    प्राथमिक जांच में बस के अनधिकृत रूप से खड़े होने की बात सामने आई है।

  • BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव नामकरण से जुड़े होने पर कांग्रेस नेता अशरफ आज़मी ने भाजपा-शिंदे महायुति पर निशाना साधा। प्रदूषण, ट्रैफिक, पानी, गड्ढे और स्वास्थ्य जैसे मुंबई के बड़े मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा और शिंदे गुट की महायुति सत्ता में है, लेकिन मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। यह आरोप मनपा में कांग्रेस के गटनेता अश्रफ आज़मी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि पहली ही बैठक से साफ हो गया कि महायुति का फोकस विकास कार्यों से ज्यादा नामकरण पर है।

    पहली BMC बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव सिर्फ नामकरण के

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की पहली सभा में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य जगहों के नाम बदलने से जुड़े थे।
    उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पानी संकट और गड्ढों से जूझ रहा है, तब नाम बदलना क्या सबसे बड़ी प्राथमिकता है?

    प्रदूषण बना बड़ा संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल

    कांग्रेस नेता के मुताबिक इस समय मुंबई का सबसे बड़ा मुद्दा एयर पॉल्यूशन है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
    खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग नागरिक श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा और ठोस एक्शन प्लान की जरूरत है।

    ट्रैफिक जाम, फुटपाथ अतिक्रमण और अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट

    मुंबई की सड़कों पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
    फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट कई सालों से जारी हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
    साथ ही, सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। निर्माण कार्य, मेट्रो वर्क और खराब सड़कों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है।

    पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी गंभीर

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई में पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की परेशानियां और शिक्षा से जुड़े सवाल भी अहम हैं।
    लेकिन महायुति सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।

    कांग्रेस करेगी जवाबतलबी

    उन्होंने कहा कि पहली ही कार्यवाही से यह दिखना चाहिए था कि सत्ता पक्ष मुंबईकरों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है।
    “मुंबईकरों को असली विकास चाहिए, सिर्फ नाम बदलना नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी BMC में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और महायुति से जवाब मांगेगी।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अशरफ आज़मी ने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि BMC की पहली बैठक में विकास कार्यों के बजाय नामकरण प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।

    Q2: कितने प्रस्ताव नाम बदलने से जुड़े थे?
    कुल 27 प्रस्तावों में से 20 प्रस्ताव नामकरण से संबंधित थे।

    Q3: मुंबई के प्रमुख मुद्दे कौन से बताए गए?
    प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पीने का पानी, गड्ढे, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और शिक्षा।

    Q4: कांग्रेस की क्या रणनीति है?
    कांग्रेस ने कहा है कि वह BMC में इन मुद्दों पर महायुति से जवाब मांगेगी और मुंबईकरों के हक के लिए आवाज उठाएगी।

  • यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    उत्तर प्रदेश के बांदा में 33 मासूम नाबालिगों को बरसों तक यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले पूर्व जूनियर इंजीनियर और उसकी पत्नी को POCSO कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।

    उत्तर प्रदेश: बांदा जिले की एक विशेष पीओसीएसओ अदालत (Protection of Children from Sexual Offences Act) ने 20 फरवरी 2026 को एक ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में दोषी पाए गए पति-पत्नी को मौत तक की सज़ा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

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    राम भवन (50), जो पहले सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, और उनकी पत्नी दुर्गावती (47) को 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के दोष में फांसी की सज़ा दी गई।

    मामला कितना भयानक था?

    अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी सबसे दुर्लभ और घृणास्पद माना, क्योंकि:

    • यह अपराध लगभग 10 साल (2010-2020) तक चला।
    • 33 से अधिक नाबालिग लड़कों को शोषित किया गया।
    • कुछ बच्चों की उम्र केवल 3 साल तक थी।
    • आरोपी जो वीडियो और फ़ोटो बनाते थे, उन्हें डार्क वेब पर बेचते थे, जिनकी पहुँच लगभग 47 देशों तक थी।
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    आरोपी पति पत्नी की तस्वीर

    वे बच्चों को कैसे फँसाते थे?

    जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति बच्चों को लुभाने के लिए ऑनलाइन वीडियो-गेम, पैसे, खिलौने या मिठाई जैसी चीज़ें देते थे। फिर उन्हें अपने किराए के कमरे में ले जाकर यौन शोषण करते और उस दौरान वीडियो-फ़ोटो बनाकर डिजिटल रूप से स्टोर करते थे।

    डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क

    इस भयावह कृत्य के वीडियो और फ़ोटो को डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्मों पर बेचा गया, जिससे यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मामला भी बन गया।

    अदालत का विश्लेषण: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्यों?

    अदालत ने फ़ैसला सुनाते समय कहा कि इस तरह के व्यवस्थित, लंबे समय तक चलने वाले और बच्चों को गहरा मानसिक तथा शारीरिक आघात पहुंचाने वाले अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। इसलिए इसे सबसे दुर्लभ और घृणास्पद मामला माना गया और मृत्युदंड सुनिश्चित किया गया।

    जांच-प्रक्रिया और सबूतों का महत्व

    सीबीआई ने 2020 में इस मामले की गहन जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड-डिस्क और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ मिले, जिनमें बच्चों के शोषण की सामग्री पाई गई। जांच के बाद 2021 में चार्जशीट दायर की गई, और 2023 में आरोप तय हुए।

    पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश

    अदालत ने 33 पीड़ित बच्चों को ₹10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जेल में मिले नकदी हिस्से को बंटवाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाए जा सकें।

    ख़बर का सामाजिक प्रभाव

    इस फ़ैसले को बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके दर्द के निशान जीवन भर नहीं मिटेंगे।


    FAQ (Accurate Information for Readers)

    Q1: इस मामले में कितने बच्चों का यौन शोषण हुआ?
    A1: लगभग 33 नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया, जिनमें कुछ बच्चे केवल 3 साल के थे।

    Q2: अदालत ने दंपति को किस वजह से मौत की सज़ा दी?
    A2: अदालत ने अपराध की गंभीरता, लंबे दौर, मानसिक-शारीरिक पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामग्री बेचने को देखते हुए इसे सबसे दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई।

    Q3: क्या पीड़ितों को मुआवज़ा मिलेगा?
    A3: हाँ, हर पीड़ित को ₹10-10 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।

    Q4: मामला कब से चल रहा था?
    A4: यह कृत्य 2010 से 2020 तक लगभग 10 साल तक चलता रहा।

  • मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित विजय साळसकर उद्यान का नवीनीकरण पूरा, शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के प्रयास से आम जनता के लिए खोला गया। बच्चों के लिए रॉक क्लाइंबिंग, वॉकिंग ट्रैक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था।

    मुंबई: मालाड पूर्व के दिंडोशी क्षेत्र में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय साळसकर उद्यान को अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। दिंडोशी से शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इस उद्यान का नवीनीकरण कर इसे लोकाग्रह के चलते जनता को समर्पित किया।

    📍 दिंडोशी वॉर्ड 36 में था जर्जर हाल

    दिंडोशी विभाग के वॉर्ड क्रमांक 36, मालाड ईस्ट स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स इलाके के नागरिक लंबे समय से इस उद्यान की खराब स्थिति से परेशान थे। मॉर्निंग वॉक के लिए समुचित जगह नहीं थी और बच्चों के खेलने की भी कोई खास व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    🏗️ विधायक सुनील प्रभू का लगातार फॉलोअप

    स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए विधायक सुनील प्रभू ने BMC के समक्ष लगातार पाठपुरावा किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के बजट में इस उद्यान के नवीनीकरण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
    इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

    🌳 4600 वर्गमीटर में तैयार हुआ आधुनिक गार्डन

    करीब 4600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस मैदान को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उद्यान को बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

    🛝 बच्चों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं

    • रॉक क्लाइंबिंग गेम
    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • सुरक्षित और आकर्षक खेल क्षेत्र

    🚶 मॉर्निंग वॉक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्था

    • सुगम वॉकिंग ट्रैक (पथ वे)
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था
    • व्यूइंग गैलरी
    • हरे-भरे घास का मैदान
    • आकर्षक रंगरोगन से सजी उद्यान की दीवारें

    इन सुविधाओं से अब यह गार्डन स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक और फिटनेस स्पॉट बन गया है।

    👥 उद्घाटन के दौरान मौजूद रहे कई गणमान्य

    उद्यान के उद्घाटन अवसर पर पूर्व नगरसेवक प्रमुख सुधीर गुजर, शिवसेना की पूर्व नगरसेविका रीना सुर्वे, उपविधान संघटिका रुचिता आरोस्कर, उपशाखा प्रमुख अल्पेश चव्हाण, उपविभाग समन्वयक कृष्णकांत सुर्वे सहित रहेजा परिसर के अनेक नागरिक उपस्थित थे।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए विधायक सुनील प्रभू का आभार व्यक्त किया।

    🌆 मालाड ईस्ट के लिए क्यों अहम है यह उद्यान?

    तेजी से विकसित हो रहे मालाड ईस्ट और दिंडोशी इलाके में ओपन स्पेस की कमी एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में विजय साळसकर उद्यान का पुनर्विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।
    यह उद्यान अब फिटनेस, बच्चों के मनोरंजन और सामुदायिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: विजय साळसकर उद्यान कहाँ स्थित है?

    मालाड पूर्व के दिंडोशी वॉर्ड 36 में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास।

    Q2: उद्यान का नवीनीकरण कब शुरू हुआ?

    29 अप्रैल 2025 को काम शुरू हुआ।

    Q3: उद्यान में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

    रॉक क्लाइंबिंग, व्यायाम उपकरण, वॉकिंग ट्रैक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्यूइंग गैलरी और हरा-भरा लॉन।

    Q4: इस परियोजना के पीछे किसका प्रयास रहा?

    शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार फॉलोअप से यह काम संभव हुआ।

    Q5: कुल क्षेत्रफल कितना है?

    करीब 4600 वर्गमीटर।

  • मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह में पत्रकार, विधायक, पूर्व सांसद, समाजसेवक और उद्योगपति शामिल हुए। कॉमेडियन सुनील पाल और कवि रामजी कनौजिया ने कार्यक्रम में रंग जमाया।

    मुंबई: बोरीवली वेस्ट स्थित अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस खास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ-साथ राजनेता, समाजसेवक, वकील और उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन में अपनापन, भाईचारा और हंसी-मजाक का अलग ही माहौल देखने को मिला।

    🎉 7वां स्नेह मिलन समारोह बना यादगार

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम का यह सातवां वर्ष था। ‘लिट्टी चोखा’ जैसे पारंपरिक व्यंजन के साथ संवाद और संबंधों को मजबूत करने का यह आयोजन पत्रकार जगत और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का माध्यम बना।

    🏛️ राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों की मौजूदगी

    कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • अमित साटम (मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक)
    • संजय उपाध्याय (विधायक)
    • मुरजी पटेल (काका)
    • गोपाल शेट्टी (पूर्व सांसद)
    • असलम शेख (कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)
    • संजय घाडी (मनपा उप- महापौर)
    • गणेश खनकर
    • सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी
    • भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक बाला तावड़े
    • कमलेश यादव
    • नगरसेविका डॉ. शिल्पा संगोरे
    • नगरसेवक शिवानन्द शेट्टी
    • शिवसेना नेता राम यादव
    • भारतीय हिंदूसेना के महाराष्ट्र अध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह
    • भाजपा नेता निखिल व्यास

    सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए पत्रकारों की एकजुटता की तारीफ की।

    📰 वरिष्ठ पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति

    इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर तिवारी, जयप्रकाश सिंह, हरीश तिवारी, राकेश त्रिवेदी, अशोक पांडे, इकबाल ममदानी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने मीडिया जगत के आपसी तालमेल और संवाद को नई मजबूती दी।

    😂 कॉमेडी और कविता ने बांधा समां

    कार्यक्रम का खास आकर्षण रहे मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल। उन्होंने अपने चुटकुले अंदाज से सबको खूब हंसाया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।

    वहीं कवि रामजी कनौजिया ने अपनी शानदार कविता से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।

    🍲 ‘लिट्टी चोखा’ के स्वाद के साथ बढ़ा अपनापन

    कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पारंपरिक ‘लिट्टी चोखा’ का स्वाद लिया। खाने-पीने के साथ हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी-मजाक ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। ऐसे आयोजन पत्रकारों और समाज के अन्य वर्गों के बीच घनिष्ठता बढ़ाने का जरिया बनते हैं।

    👥 आयोजन समिति का नेतृत्व

    इस सफल आयोजन का नेतृत्व मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता और महासचिव जटाशंकर सिंह ने किया। उनके साथ सभी सहयोगी पत्रकार साथियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में।

    Q2: यह कौन-सा वर्ष था?

    यह स्नेह मिलन समारोह का 7वां वर्ष था।

    Q3: किन-किन प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया?

    अमित साटम, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, गोपाल शेट्टी, असलम शेख सहित कई नेता मौजूद रहे।

    Q4: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

    कॉमेडियन सुनील पाल की प्रस्तुति और कवि रामजी कनौजिया की कविता।

    Q5: कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

    पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना।

  • मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई में BMC का बड़ा क्लाइमेट एक्शन प्लान – 2050 तक सभी म्युनिसिपल बिल्डिंग होंगी Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon. Nair Hospital और R/Central Ward Office में पायलट प्रोजेक्ट शुरू, जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की इमारतों में बिजली खपत को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ‘Net Zero Action Plan for Municipal Buildings of Mumbai and Panvel’ स्टडी के मुताबिक, मुंबई के म्युनिसिपल स्कूल, ऑफिस, अस्पताल और ऑडिटोरियम मिलकर BMC की कुल बिजली खपत का 14.7 प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। वहीं C40 की आकलन रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाली इमारतें कुल नगरपालिका बिजली खपत का 19 प्रतिशत उपयोग करती हैं।

    🔎 मुंबई क्लाइमेट वीक में हुआ ऐलान

    यह एक्शन प्लान राज्य सरकार ने Mumbai Climate Week के दौरान घोषित किया। इस योजना का मकसद 2050 तक सभी मौजूदा नगर निगम भवनों को Net-Zero Energy और नए भवनों को Net-Zero Carbon में बदलना है।

    इस रिपोर्ट को ग्लोबल क्लाइमेट नेटवर्क C40 ने तैयार किया है।

    ⚡ सबसे ज्यादा बिजली खाते हैं BMC अस्पताल

    रिपोर्ट के मुताबिक BMC की बिजली खपत का बंटवारा इस तरह है:

    • 🏥 म्युनिसिपल अस्पताल – 9.8%
    • 🏢 म्युनिसिपल ऑफिस – 3.8%
    • 🏫 म्युनिसिपल स्कूल – 1.2%
    • 🎭 ऑडिटोरियम – 1%

    यानी अस्पताल और ऑफिस सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहे हैं, इसलिए पहले इन्हीं पर फोकस किया जाएगा।

    🏫 किन-किन इमारतों का हुआ एनर्जी ऑडिट?

    स्टडी के तहत कई प्रमुख भवनों में एनर्जी ऑडिट वॉकथ्रू किया गया:

    स्कूल

    • LK Waghji Mumbai Public School
    • Chhatrapati Shivaji Maharaj Nag. School No.1
    • Sodawala Municipal School

    अस्पताल

    • KEM Hospital
    • Nair Hospital

    वार्ड ऑफिस

    • R/Central Ward Office
    • H/West Ward Office

    ऑडिटोरियम

    • Kalidas Natyagriha
    • Prabodhankar Natyagriha

    🏗️ नए BMC भवनों के लिए 5 बड़ा फॉर्मूला

    नई म्युनिसिपल बिल्डिंग को Net-Zero Carbon बनाने के लिए रिपोर्ट में पांच अहम सुझाव दिए गए हैं:

    1. Passive Design (प्राकृतिक रोशनी और हवा का इस्तेमाल)
    2. Active Energy Efficient सिस्टम
    3. Low-Carbon Construction Material
    4. Renewable Energy Integration (Rooftop Solar)
    5. Clean Energy Procurement

    💡 पुराने भवनों में कम खर्च वाले उपाय

    BMC के बजट दबाव को देखते हुए रिपोर्ट ने लो-कॉस्ट एनर्जी सेविंग उपाय सुझाए हैं:

    • पारंपरिक लाइट की जगह LED
    • सामान्य पंखों की जगह BLDC Fans (30-40% कम बिजली खपत)
    • पुराने AC की जगह Energy Efficient AC
    • Green Cess Revenue का इस्तेमाल

    🔄 फेज़ वाइज पंखों की बदली

    • पहले चरण में 6–10 साल पुराने पंखे बदले जाएंगे
    • दूसरे चरण में 5 साल से कम पुराने पंखे

    💰 क्लाइमेट बजट में सोलर के लिए सिर्फ 0.1%

    रिपोर्ट बताती है कि BMC के कुल कैपिटल बजट का 32.18% हिस्सा क्लाइमेट संबंधित गतिविधियों में जाता है।
    लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 0.1% (करीब 32.5 करोड़ रुपये) ही Rooftop Solar और LED रेट्रोफिट के लिए रखा गया है।

    🎯 2030 और 2040 के टारगेट

    2050 के अंतिम लक्ष्य से पहले चरणबद्ध योजना बनाई गई है:

    • 2030 तक: बेसलाइन ऑडिट और लो-कॉस्ट उपाय पूरे करना
    • 2040 तक: 50% भवनों को Rooftop Solar और एनर्जी एफिशिएंसी से Net-Zero की ओर लाना
    • 2050 तक: सभी पुराने भवन Net-Zero Energy, नए भवन Net-Zero Carbon

    🏥 Nair Hospital और BMC R/Central Ward में पायलट प्रोजेक्ट

    ऊर्जा खपत ज्यादा होने के कारण पायलट प्रोजेक्ट इन दो जगहों पर शुरू होगा:

    • Nair Hospital
    • R/Central Ward BMC Office

    प्रस्तावित बदलाव:

    • AC का तापमान नियंत्रण
    • पुराने पंखों की बदली
    • AC अपग्रेड
    • Rooftop Solar Installation

    ⏳ Payback Period

    • Nair Hospital: 2.5 से 5 साल
    • R/Central Ward Office: 6 से 10 साल

    📊 क्यों अहम है यह योजना?

    मुंबई जैसे महानगर में बढ़ते बिजली बिल, कार्बन उत्सर्जन और क्लाइमेट चेंज के खतरे को देखते हुए यह योजना शहर को ग्रीन और सस्टेनेबल बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    अगर यह मॉडल सफल रहा तो इसे BMC की सभी इमारतों में लागू किया जाएगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: BMC की कितनी बिजली खपत म्युनिसिपल भवनों में होती है?

    करीब 14.7% बिजली खपत स्कूल, अस्पताल, ऑफिस और ऑडिटोरियम में होती है।

    Q2: सबसे ज्यादा बिजली कौन-सा विभाग खर्च करता है?

    म्युनिसिपल अस्पताल 9.8% बिजली खर्च करते हैं।

    Q3: Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon में क्या फर्क है?

    Net-Zero Energy में जितनी ऊर्जा खपत होती है, उतनी ही रिन्यूएबल ऊर्जा से बनाई जाती है।
    Net-Zero Carbon में निर्माण से लेकर संचालन तक कार्बन उत्सर्जन शून्य के करीब लाया जाता है।

    Q4: पायलट प्रोजेक्ट कहाँ शुरू होगा?

    Nair Hospital और R/Central Ward Office में।

    Q5: क्या इससे बिजली बिल कम होगा?

    हाँ, LED, BLDC Fan और Solar Rooftop से बिजली बिल में भारी कमी संभव है।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

    V2_M2M Website Images

    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।

  • Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    मुंबई में Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट Versova-Dahisar Link Road से टकराव के कारण रुका। BMC नई साइट फाइनल कर रही है, पर्यावरण मंजूरी में लगेंगे 7-8 महीने।

    मुंबई: मुंबई में बाढ़ नियंत्रण के लिए बेहद अहम माने जा रहे Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) को इस प्रोजेक्ट की साइट बदलनी पड़ रही है, क्योंकि प्रस्तावित जमीन का हिस्सा Versova-Dahisar Link Road (VDLR) के एलाइनमेंट से टकरा गया है। अब नई जगह फाइनल की जा रही है और ताजा पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    Mogra-Pumping-Station-Project-stalled-BMC-looking-for-new-site-after-conflict-with-VDLR-news

    BRIMSTOWAD योजना के तहत था अहम प्रोजेक्ट

    Mogra और Mahul Pumping Station , जुलाई 2005 की भीषण बारिश के बाद बनाई गई BRIMSTOWAD (Brihanmumbai Stormwater Disposal System) योजना के तहत प्रस्तावित आठ पंपिंग स्टेशनों में शामिल हैं।

    Mogra Nullah पर बनने वाला यह स्टेशन वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे इलाकों में हर साल होने वाले जलभराव को कम करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

    393 करोड़ मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं

    साल 2021 में इस प्रोजेक्ट के लिए 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे और 24 महीने की कॉन्ट्रैक्ट अवधि तय की गई थी, जिसमें मानसून भी शामिल था। लेकिन जमीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चनों के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

    हाईकोर्ट केस और 33 करोड़ की जमा राशि

    जमीन अधिग्रहण के दौरान एक निजी मालिक ने मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। दिसंबर 2024 में कोर्ट ने 33 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर काम शुरू करने की अनुमति दी।

    BMC ने मार्च 2025 में राशि जमा कर प्रारंभिक काम शुरू किया, लेकिन बाद में पता चला कि साइट का हिस्सा VDLR (मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ फेज 2) से ओवरलैप हो रहा है।

    अब फिर से लेनी होगी पर्यावरण मंजूरी

    नई साइट तय होने के बाद BMC को Coastal Zone Management Authority के साथ राज्य और केंद्र सरकार से ताजा पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    पहले वाली साइट को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन लोकेशन बदलने के कारण प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। इससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और पीछे खिसक गई है।

    हाई टाइड के समय पंपिंग स्टेशन की अहम भूमिका

    मुंबई में हाई टाइड के दौरान फ्लडगेट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि समुद्र का पानी शहर में न घुसे। ऐसे समय में पंपिंग स्टेशन नालों का पानी समुद्र में पंप करके शहर को डूबने से बचाते हैं।

    Bmc_stormwater_drainage
    प्रतिक्रियात्मक फ़ाइल तस्वीर

    अब तक इरला (जुहू), हाजी अली, क्लीवलैंड, लवग्रोव (वर्ली), रे रोड-ब्रिटानिया और गजधरबांध (खार दांडा) जैसे पंपिंग स्टेशन चालू हैं। Mogra स्टेशन शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।

    क्या फिर मानसून में डूबेगा वेस्टर्न सबर्ब?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल भारी बारिश में वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी में पानी भर जाता है। अगर Mogra Pumping Station में और देरी हुई तो आने वाले मानसून में भी लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है।


    FAQ Section

    Q1. Mogra Pumping Station क्यों रुका है?

    प्रस्तावित साइट Versova-Dahisar Link Road के एलाइनमेंट से टकरा गई है, इसलिए नई जगह तलाश की जा रही है।

    Q2. प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?

    करीब 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    Q3. पर्यावरण मंजूरी में कितना समय लगेगा?

    अधिकारियों के अनुसार 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    Q4. यह प्रोजेक्ट किन इलाकों के लिए अहम है?

    वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे पश्चिमी उपनगरों के लिए।

  • Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    मुंबई के बोरीवली में फ्लैट बेचने के नाम पर 60 लाख की कथित धोखाधड़ी। आरोपी दंपती किरायेदार निकले, फ्लैट पर पहले से 35 लाख का होम लोन। पुलिस जांच जारी।

    मुंबई: बोरिवली इलाके से प्रॉपर्टी फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लैट खरीद के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप एक पती-पत्नी पर लगा है। इस मामले में बोरिवली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    आरोपी दंपती के खिलाफ FIR

    पुलिस के अनुसार, आरोपी गणेश केशव रहाटे और सविता गणेश रहाटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता बोरिवली में रहने वाले एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत व्यक्ति हैं।

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता की मेहुणी और साडू ने न्यू एमएचबी कॉलोनी स्थित एक सोसायटी में आरोपी दंपती से फ्लैट खरीदने का सौदा किया था।

    60 लाख रुपये लेने के बाद भी नहीं दिया कब्जा

    शिकायत के मुताबिक, फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर करीब 60 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। लेकिन पूरी रकम देने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

    जब बार-बार टालमटोल होने लगी तो खरीदार पक्ष को शक हुआ और उन्होंने सोसायटी में जाकर जांच-पड़ताल की।

    जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

    सोसायटी से मिली जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया। पता चला कि गणेश रहाटे ने उसी फ्लैट पर एक निजी बैंक से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया हुआ है।

    सबसे बड़ा खुलासा यह था कि वह फ्लैट उनकी खुद की प्रॉपर्टी ही नहीं थी। दोनों आरोपी उस फ्लैट में मालिक नहीं बल्कि किरायेदार के रूप में रह रहे थे।

    कैसे हुआ शक और फिर शिकायत?

    पूरी रकम चुकाने के बाद भी जब रजिस्ट्री और कब्जा नहीं मिला तो खरीदार पक्ष ने दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान बैंक लोन और असली मालिक की जानकारी सामने आई।

    इसके बाद सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

    प्रॉपर्टी डील में सावधानी की जरूरत

    मुंबई जैसे बड़े शहर में फ्लैट खरीदते समय टाइटल क्लियरेंस, ओनरशिप डॉक्युमेंट और बैंक लोन स्टेटस की जांच बेहद जरूरी है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना लीगल वेरिफिकेशन के करोड़ों का निवेश करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के बोरिवली स्थित न्यू एमएचबी कॉलोनी का है।

    Q2. कितनी रकम की कथित ठगी हुई?

    करीब 60 लाख रुपये फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर लिए गए।

    Q3. आरोपियों ने क्या किया?

    कथित तौर पर किराए के फ्लैट को अपना बताकर बेचा और उसी पर 35 लाख का होम लोन भी लिया।

    Q4. पुलिस क्या कर रही है?

    बोरिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।