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  • शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए। BJP governments saffronising and destroying education

    मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।

    देश में शिक्षा का भगवाकरण

    विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा और परीक्षा का सौदा

    सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।

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    शिक्षा पर 18% की जीएसटी

    उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।

    विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा

    इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।

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    दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा क्षेत्र मे भेदभाव

    शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

    धर्म की राजनीति

    हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

    मानसिक गुलामी

    सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education

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    मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं

    जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।

    मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार

    तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।

    कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?

    एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

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    स्कूलें बंद मधुशालाओं का उद्घाटन

    राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।

    सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान

    दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।

    मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला

    दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।

  • वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। आरपीएफ की यह टीम सादे कपड़ो में तैनात कर दी गई है। आईजी अजय सादानी ने दिये आदेश .. Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।

    लगातार हो रही थी शिकायत

    बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

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    विशेष चैकिंग अभियान

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    अपराधियों की धरपकड़

    उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

  • मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर चार लोगों ने हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। विवाद मराठी नही बोलने का बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी ने छात्र के सिर पर वार किया.. The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

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    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र:
    मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीडित छात्र से आरोपियों ने मराठी में बात करने को कहा था, जिसकी वजह से उनके बीच बहस हुई।

    इस घटना के बाद से लोग मराठी भाषा विवाद के नाम पर आपसी रंजीश को अंजाम देने का हथियार बताने लगे हैं। लोगों का कहना है कि समाज में अचानक इतना गुस्सा कहां से आ गया। जो एक दूसरे को लोग अपने गुस्से का शिकार बना रहे हैं। किसी का तिरस्कार और मार पीट यह मानवता के खिलाफ सरारस हमले हैं, जो कतई बर्दाश्त के बाहर है। समय रहते इसपर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    कैसे हुआ झगड़ा?

    पुलिस के मुताबिक, यह झगड़ा तब शुरू हुआ, जब फैजान नाइक का एक आरोपी ने मराठी में बात न करने पर आपत्ति जताई। बहस इतनी बढ़ गई कि नाइक और तीन अन्य ने शिकायतकर्ता पर हमला कर दिया। मुख्य आरोपी ने पीड़ित के सिर पर हॉकी स्टिक से वार किया, जिससे उसे सर फट गया और गंभीर चोटें आईं। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    पुलिस ने क्या कहा?

    अन्य आरोपियों ने भी उसका साथ दिया और उसे खूब पीटा। आरोपियों ने पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित की मेडिकल जांच करवाई गई है और उसका बयान दर्ज किया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

  • तलाक के लिए पत्नी ने किया करोड़ों का घर 12 करोड़ रुपये की डिमांड, कोर्ट भी हैरान

    तलाक के लिए पत्नी ने किया करोड़ों का घर 12 करोड़ रुपये की डिमांड, कोर्ट भी हैरान

    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। पत्नी के गुजारे भत्ते की डिमांड सूनकर कोर्ट भी हैरान, कहा तुम नौकरी कर अपना गुजारा क्यों नही कर सकती पति पर आश्रित क्यों रहना है? Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्‍ली:
    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। मुख्‍य न्‍यायधीश (CJI) भूषण आर. गवई की बेंच के सामने इस मुद्दे को लेकर दिलचस्प बहस हुई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणियां कर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस दौरान CJI गवई ने महिला को नसीहत दी कि वो पढ़ी लिखी है तो उसे पति के गुजारे- भत्ते के भरोसे नहीं रहना चाहिए। खास बात ये है कि महिला अपने केस की खुद पैरवी कर रही है।

    18 महीने की शादी में करोड़ों की डिमांड

    सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर गवई ने महिला से पूछा, ‘आपकी क्या मांग है?’ इस पर महिला ने कहा कि बस मुंबई वाला घर और 12 करोड़ रुपये का गुजारा भत्ता चाहिए। इस पर CJI  गवई ने कहा, ‘वह घर तो कल्पतरु में है। जो अच्छे बिल्डरों में से एक है और आप तो IT एक्सपर्ट हैं, आपने MBA किया है। जबकि बेंगलुरु, हैदराबाद नौकरी के क्षेत्र में आपकी डिमांड है!  कभी भी आप नौकरी शुरू कर सकती हैं तो आप नौकरी भी क्यों नहीं करतीं?’ उन्होंने यह भी कहा, कि ‘आपकी शादी सिर्फ़ 18 महीने चली और अब आप एक BMW भी चाहती हैं? 18 महीने की शादी और आप हर महीने एक करोड़ चाहती हैं।’ महिला ने जवाब दिया, ‘लेकिन वो बहुत अमीर आदमी हैं। उसने मुझे सिजोफ्रेनिया का शिकार बताकर शादी रद्द करने की मांग की।’

    कोर्ट ने मांगा आयटी रिटर्न

    इस दौरान पति की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा, ‘उसे भी काम करना पड़ता है। हर चीज की मांग ऐसे नहीं पूरी की जा सकती।’ महिला ने सवाल किया, ‘क्या मैं सिजोफ्रेनिया से पीड़ित दिखती हूं ?’ CJI गवई ने कहा, ‘आयटी रिटर्न दाखिल करें। लेकिन समझ लीजिए कि आप उसके पिता की संपत्ति पर भी दावा नहीं कर सकतीं’ लंच के बाद फिर सुनवाई शुरू हुई। CJI गवई की बेंच ने पति का आयटी रिटर्न देखा। Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised

    आप भी कमाया सकते हैं।

    वरिष्ठ वकील दीवान ने कहा, ‘कृपया पूरी कॉपी दें। 2015-16 में आय ज्‍यादा है क्योंकि उस समय वो नौकरी करते थे। 2 करोड़ 50 लाख और 1 करोड़ का बोनस, प्रॉक्सी बिजनेस के भी आरोप हैं। चलिए इसे भी उदाहरण के तौर पर लेते हैं। वो बैलेंस शीट भी है। जिस फ्लैट में वह रह रही हैं, उसके अलावा। दो कार पार्किंग भी हैं। वह उससे कमाई कर सकती है।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने हामी भरी, ‘हां हां, मुंबई में सभी जगहों से पैसा कमाया जा सकता है।’  दीवान ने आगे कहा, ‘जिस BMW का वह सपना देख रही हैं, वह 10 साल पुरानी है और बहुत पहले ही बंद हो चुकी है।’  Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised

    खुद कमाकर खाइए

    CJI गवई मे महिला से कहा, ‘या तो आपको बिना किसी बोझ के फ्लैट मिलेगा या कुछ भी नहीं मिलेगा। जब आप उच्च शिक्षित हों और अपनी इच्छा से काम न करने का फैसला करें।या तो आप वो 4 करोड़ रुपये ले लें, पुणे/हैदराबाद/बेंगलुरु में कोई अच्छी नौकरी ढूंढ लें। आईटी केंद्रों में आप जैसी होनहार लोगों की मांग है।’ इस पर याचिकाकर्ता महिला ने शिकायत की, ‘मेरी नौकरी भी इन्हीं ने छुड़वा दी। मुझ पर FIR भी दर्ज करा दी।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा, ‘आप FIR दे दीजिए, हम वो भी रद्द कर देंगे। हम निर्देश देंगे कि कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करेगा।’ इस पर पति की वकील ने बताया कि ये तो समझौते में है ही। फैसला सुरक्षित रखते हुए CJI गवई ने महिला से कहा, ‘आपको खुद मांगना नहीं चाहिए बल्कि, आपको खुदको कमाकर खाना चाहिए।’

  • डिलीवरी बॉय ने कर दिया लिफ्ट में पेशाब, लोगों ने पिटकर किया पुलिस के हवाले

    डिलीवरी बॉय ने कर दिया लिफ्ट में पेशाब, लोगों ने पिटकर किया पुलिस के हवाले

    पार्सल लेकर आये एक ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय ने लिफ्ट में ही पेशाब कर दिया। बदबू आई तो कई निवासियों ने आरोपी को पकड़ा पिटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/पालघर:
    मुंबई से सटे विरार पश्चिम की एक रेसिडेंटल बिल्डिंग में ब्लिंकिट कंपनी के एक डिलीवरी एजेंट द्वारा लिफ्ट में पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह घटना पालघर जिले के विरार पश्चिम में सीडी गुरुदेव बिल्डिंग की है, जहां पूरी वारदात की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    सीसीटीवी कैमरे मे क्या देखा?

    सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि डिलीवरी बॉय बाएं हाथ में एक पार्सल लेकर लिफ्ट के अंदर गया। इसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए पैंट की चेन खोला और लिफ्ट के सामने के गेट पर ही पेशाब करने लगा। दोपहर का समय होने के कारण सोसायटी में सन्नाटा छाया हुआ था। मौका पाकर डिलीवरी बॉय ने पार्सल दिया और वहां से निकल गया।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब लिफ्ट में बदबू और गंदगी की शिकायत पर निवासियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। वीडियो में डिलीवरी एजेंट ब्लिंकिट की आधिकारिक जैकेट पहने हुए साफ नजर आ रहा था, तो आरोपी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    ब्लिंकिट के कार्यालय में हंगामा

    जैसे ही घटना की जानकारी सोसायटी के निवासियों को हुई, सब लोग मिलकर ब्लिंकिट के स्थानीय कार्यालय पहुंचे आरोपी डिलीवरी ब्वॉय को पकड़ा। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    सोशल मीडिया पर वायरल

    विरार पश्चिम स्थित तुलिंज पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और आगे की जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग इस असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

  • प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    मृतक शख्स का नाम विजय चौहान है। हत्या की आरोपी महिला का नाम गुड़िया चमन चौहान और उसके प्रेमी का नाम मोनू विश्वकर्मा बताया गया है। इस दंपती का एक 8 साल का बेटा भी है। Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    क्या है पूरा मामला?

    बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।

    जमीन की खुदाई में मिला शव

    वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।

    मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़

    यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।

  • पति के साथ Sexual इनकार और शक करना तलाक का कारण- बॉम्बे हाईकोर्ट

    पति के साथ Sexual इनकार और शक करना तलाक का कारण- बॉम्बे हाईकोर्ट

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक घरेलू मामले पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया, कि पुरुष पर शक करना और शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना तलाक का उचित आधार है। अदालत ने इसको लेकर महिला की एक याचिका खारिज कर दी। Denial and doubt of sex with husband is reason for divorce- Bombay High Court

    नेशनल डेस्क
    मुंबई:
    पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना और उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना, अपने पति पर क्रूरता का एक स्वरूप है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा, कि ऐसा करना तलाक का एक वैध आधार माना जा सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी एक पारिवारिक मामलों के तलाक के आदेश को चुनौती देने वाली एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए उसे राहत देने से इनकार करते हुए की। Denial and doubt of sex with husband is reason for divorce- Bombay High Court

    तलाक से इंकार, एक लाख रुपये मासिक भत्ते की मांग

    बम्बई हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि महिला के व्यवहार को उसके पति के प्रति “क्रूरता” माना जा सकता है। अदालत ने पत्नी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने पति के तलाक के आवेदन को स्वीकार करने वाले पारिवारिक न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। महिला ने अपने पति को एक लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का भी निर्देश देने की मांग की थी।

    पुणे की अदालत ने कर दी थी सुनवाई

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस जोड़े की शादी 2013 में हुई थी। लेकिन दिसंबर 2014 में वे दोनों अलग रहने लगे। 2015 में, पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए पुणे की एक पारिवारिक अदालत में अर्जी की थी। अदालत ने उस समय उसकी अर्जी मंजूर कर ली और सुनवाई के दौरान पति के तलाक की अर्जी को कबूल करते हुए दोनों को अलग कर दिया।

    तलाक का कारण ?

    महिला ने आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित किया। हालाँकि, वह अब भी अपने पति से प्यार करती थी और शादी को बरकरार रखना चाहती थी। हालाँकि, पति ने अपनी पत्नी को तलाक देने के कई कारण बताए थे। इनमें शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना, उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना और उसपर झूठे क्रूरता का दावा करते हुए अपने परिवार, दोस्तों और कर्मचारियों के सामने मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शामिल था। इसमें उसने यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी उसका घर छोड़कर अपने माता-पिता के घर रह रही है।

    विवाह हुआ खत्म

    पुणे के आदेश को चुनौती करते हुए महिला ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। जबकि महिला को वहां भी मुंहकी खानी पड़ी। हाईकोर्ट ने कहा, “अपीलकर्ता (महिला) का पुरुष के कर्मचारियों के प्रति व्यवहार निश्चित रूप से उसे परेशान करेगा। इसी तरह, उसके दोस्तों के सामने उसका अपमान करना भी अपने पति के प्रति क्रूरता है।” कोर्ट ने यह भी कहा, कि पुरुष की दिव्यांग बहन के प्रति महिला का उदासीन व्यवहार भी उसे और उसके परिवार को परेशान करेगा। महिला की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा, दंपति के बीच शादी के टिकने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए यह खत्म हो गई है।

  • अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    महाराष्ट्र की सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सुबह आधा घंटा देर से अपने कार्यालय में उपस्थित दर्ज कराने की अनुमति दे दी है, ताकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ को कम किया जा सके। कर्मचारियों को इस अतिरिक्त समय को कार्य दिवस के अंत में जोड़ना होगा। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नई नीति की घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें सुबह आधा घंटा देर से ऑफिस आने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय मुंबई की लोकल ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बताया कि इस लचीले समय से कर्मचारी सुबह और शाम के पीक आवर्स से बच सकेंगे, जिससे ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कम होगा। हालांकि, कर्मचारियों को यह आधा घंटा कार्य दिवस के अंत में जोड़कर पूरा करना होगा, ताकि कुल कामकाजी समय पर कोई असर न पड़े।

    मुंबई लोकल ट्रेन में घटेगी भीड़

    मुंबई की लोकल ट्रेनें प्रतिदिन लगभग 70 लाख यात्रियों का बोझा ढोती हैं, और पीक आवर्स में ट्रेनों में यात्रा करना बेहद कठिन हो जाता है। सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में इन ट्रेनों का उपयोग करते हैं, और नई नीति के तहत उन्हें सुबह 10 बजे के बजाय 10:30 बजे उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति होगी। इस बदलाव से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि ट्रेनों में असुविधा और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

    विशेषज्ञों का क्या है कहना?

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव सीमित हो सकता है, क्योंकि निजी क्षेत्र के कर्मचारी और अन्य यात्री अभी भी पीक आवर्स में यात्रा करते हैं। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना तभी पूरी तरह सफल होगी जब निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए लचीले समय को अपनाएं। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

  • मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मध्यरेल के मुंबई मंडल डीआरएम रेल यात्रियों के लिए मौत का सौदागर बने हुए हैं। यहां रिश्वतखोरी की आंच इतनी तेज लगी हुई है कि हिरेश मीना अपनी होश तक खो चुके हैं। जबकि लगातार रेल दुर्घटनाओं में मारे जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का सामराज्य है। आजकल यात्रियों के ट्रेन से गिरने की घटना में काफी वृद्धि हो गयी है। सूत्रों के अनुसार मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच प्रतिदिन 5 से 7 लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस पर रेल प्रशासन पूरी तरह मौन है। क्या इस तरह लोगों की मौतों के लिए प्रशासन की कोई जवाबदेही नही बनती? Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    किसकी है जवाबदेही?

    इस विषय पर जब चर्चा करने के लिए पत्रकार, डीआरएम मुंबई मंडल हिरेश मीना से मिलना चाहा, तो मीना ने मिलने से मना करते हुए बहाना बना दिया। कहा, कि जीएम का आदेश है कि पत्रकारों को केवल पीआरओ ही जबाब देंगे। जबकि पीआराओ का काम सिर्फ विशेष एनाउंसमेंट के लिए होता है। जबकि सुरक्षा को लेकर डीआरएम की जवाबदेही होती है। उन्हें पता था कि पत्रकारों के सवालों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी लिए उन्होंने पहले से पीआराओ का हवाला देते हुए अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ा लिया। जबकि ऐसे अधिकारी को पद से बेदखल कर देना चाहिए।

    मीना के आते ही कर्मचारी हुए लापरवाह

    और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि जब से हिरेश मीना ने डीआरएम का पद भार संभाला है तब से मुंबई मंडल के रेलकर्मी लापरवाह और निष्क्रिय हो गए हैं। क्योंकि डीआरएम मीना खुद लापरवाह और निष्क्रिय है। आगे बता दे कि कल्याण स्टेशन पर कुछ दिनों से मेल एक्सप्रेस गाड़ियों के आवागमन की घोषणा ठीक से नही की जाती है और मेल गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लेने का निर्णय लिया था जो गाड़ी कसारा की ओर से आएगी और जो गाड़ी कर्जत की ओर ओर से आएगी उसको प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर लिया जाएगा। जिसका पालन नही हो रहा है।

    हादसा होने का कारण क्या है?

    बिना अनाउंसमेंट के गाड़ी प्लेटफार्म पर आ जाती है। जब गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, उसके बाद अनाउंस किया जाता है, कि फलां गाड़ी फलां प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। तो जान लो यात्रियों की कैसी भगदड़ होती होगी? कल्याण का स्टेशन मास्टर राधे कृष्ण मीना की लापरवाही से कसारा की ओर से आने वाली पंचबटी एक्सप्रेस को कभी 6 तो कभी 5 नंबर प्लेटफार्म पर लिया जाता है। जिसके कारण यात्री प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे लाइन पटरी पर से गाड़ी पकड़ते है।

    क्या है सवाल?

    ऐसे अनगिनत कारणों की वजह से बड़े हादसे की संभावना से कोई भी इनकार नही कर सकता। इस पर भी मीना का पूरा आशिर्वाद प्राप्त है। इससे गाड़ी में चलने वाले अवैध हॉकरों और स्टेशन मास्टर मीना को काफी फायदा हो रहा है। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    रेलवे का दुर्भाग्य

    इसी विषय पर चर्चा करने के लिए डीआरएम हिरेश मीना से मिलकर यात्रियों को नया जीवन देने के लिए पत्रकार ने समय मांगा था। पर हिरेश मीना के पास समय नही है वह अपने कैबिन में कौन सी मीटिंग करता है? ये किसी को मालूम ही नही। अपने कैबिन में आरपीएफ को बैठा रखा है अपनी सुरक्षा के लिए। अब अंदर की जानकारी कौन देगा? दुर्भाग्य है, कि ऐसे डीआरएम आते रहेंगे तो रेलवे का बंटाधार ही होगा।

  • Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    मालवानी पु्लिस ने मार्वे रोड के राठौडी गांव से तीन नाबालिग बच्चियों के अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है। महज़ 12 घंटों के भीतर पुलिस ने बिहार के रहने वाले 2 किशोर लडकों को गिरफ्तार किया है। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    मुंबई: मलाड पश्चिम के मालवनी पुलिस थाने में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। एक मजदूर ने अपने दोस्त की मदद से 15 साल की एक लड़की और उसकी दो छोटी बहनों का अपहरण कर लिया, क्योंकि नाबालिग ने उसके साथ भागने से इनकार कर दिया था। अपहरण के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरपफ्तार कर लिया है और लड़कियों को 12 घंटे के भीतर तीनों बच्चियों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। मालवनी पुलिस मामले की और अधिक पड़ताल कर रही है।

    बिहर के हैं दोनो मजबूर

    गिरपत्तार आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय हसनत रजा जमशेद आलम और 18 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल कलाम रहसूद्दीन शेख के रूप में हुई है। दोनों किशोर लड़के मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। मुंबई के मलाड़ पश्चिम, मालवनी इलाके में मज़दूरी करते हैं। अपहरण बच्चियों की उम्र क्रमशः 15 साल, 7 साल और 11 महीने की है। तीनों बच्चियाँ अपनी मँ के साथ मार्वे रोड के खारोड़ी इलाके में रहती हैं। उनकी माँ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एक बार में काम करती हैं।

    आरोपी को हो गया प्यार

    वहीं पास की एक कंस्ट्रव्शन साइट पर काम करने वाले आलम को एक 15 साल की लड़की से प्यार हो गया। आलम ने उसे अपना फोन दे दिया और दोनों व्हाद्सएप पर चैट करने लगे। लड़की की माँ को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को माँ रोज़ की तरह घर बंद कर काम पर चली गई। लेकिन आधी रात के आसपास जब वह घर लौटी, तो उसने घर के ताले टूटे हुए और अपनी तीनों बेटियों को गायब पाया। घबराई हुई माँ ने अपने पड़ोसियों को सारी बात बताई। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सुचना दी। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    आज होगी अदालत में पेशी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत लापता लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि बड़ी लड़की आलम के संपर्क में थी, जो खुद भी लापता है। इसके बाद पुलिस ने आलम के दोस्त मोहम्मद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    वसई रेलवे पुलिस ने पहचाना

    गुरुवार सुबह लड़कियों की तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें वसई सटेशन पर पाया गया। वसई रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मालवनी पुलिस को दी इसके बाद उन्हें मालवनी पुलिस को सौप दिया। पूछताछ के दौरान, आलम ने कबूल किया कि वह 15 साल की लड़की से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। आलम ने उसे अपने साथ भाग कर शादी करने के लिए कहा था। हालॉकि, लड़की ने यह कहते हुए भागने से इनकार कर दिया कि वह अपनी दो छोटी बहनों को घर में अकेला नहीं छोड़ सकती। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आलम ने तीनों को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।