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  • BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    BMC चुनाव 2025: NCP ने जारी की 37 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

    मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। नवाब मलिक के नेतृत्व में घोषित लिस्ट, वार्ड-वाइज नाम, दूसरी सूची की तैयारी और पूरी राजनीतिक तस्वीर—जानिए मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के बहुप्रतीक्षित चुनाव से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं। 28 दिसंबर को पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची की घोषणा वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की अगुवाई वाली चुनाव प्रबंधन समिति ने की। कई दिनों से चल रही अटकलों के बाद आई इस लिस्ट से साफ है कि NCP मुंबई के सियासी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी।

    लंबे इंतज़ार के बाद आई पहली सूची

    पिछले कुछ दिनों से मुंबई की राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी BMC चुनाव को लेकर कब उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। गठबंधन, सीट शेयरिंग और अंदरूनी बैठकों के चलते सूची अटकी हुई थी।
    अब 37 नामों की पहली सूची सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि पार्टी चुनावी मोड में आ चुकी है और बाकी उम्मीदवारों की घोषणा भी जल्द होने वाली है।

    इन वार्डों से मैदान में उतरे NCP के उम्मीदवार

    पहली सूची में मुंबई के अलग-अलग इलाकों को कवर करते हुए अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। घोषित उम्मीदवारों में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

    • वॉर्ड 3: मनीष दुबे
    • वॉर्ड 48: सिरील पीटर डिसोझा
    • वॉर्ड 62: अहमद खान
    • वॉर्ड 76: बबन रामचंद्र मदने
    • वॉर्ड 86: सुभाष जनार्दन पाताडे
    • वॉर्ड 93: सचिन तांबे
    • वॉर्ड 96: आयेशा शाम्स खान
    • वॉर्ड 109: सज्जू मलिक
    • वॉर्ड 113: शोभा रत्नाकर जाधव
    • वॉर्ड 125: हरिश्चंद्र बाबालिंग जंगम
    • वॉर्ड 135: अक्षय मोहन पवार
    • वॉर्ड 140: ज्योती देविदास सदावर्ते
    • वॉर्ड 143: रचना रविंद्र गवस
    • वॉर्ड 146: भाग्यश्री राजेश केदारे
    • वॉर्ड 148: सोमू चंदू पवार
    • वॉर्ड 165: अब्दुल रशीद (कप्तान) मलिक
    • वॉर्ड 169: चंदन धोंडीराम पाटेकर
    • वॉर्ड 171: दिशा अमित मोरे
    • वॉर्ड 224: सबिया अस्लम मर्चेंट
    • वॉर्ड 40: विलास दगडू घुले
    • वॉर्ड 57: अजय विचारे
    • वॉर्ड 64: हदिया फैजल कुरेशी
    • वॉर्ड 77: ममता धर्मेंद्र ठाकूर
    • वॉर्ड 92: युसूफ अबुबकर मेमन
    • वॉर्ड 95: अमित अंकुश पाटील
    • वॉर्ड 111: धनंजय पिसाळ
    • वॉर्ड 126: प्रतिक्षा राजू घुगे
    • वॉर्ड 139: नागरत्न बनकर
    • वॉर्ड 142: चांदणी श्रीवास्तव
    • वॉर्ड 144: दिलीप हरिश्चंद्र पाटील
    • वॉर्ड 147: अंकिता संदीप द्रवे
    • वॉर्ड 152: लक्ष्मण गायकवाड
    • वॉर्ड 168: डॉ. सईदा खान
    • वॉर्ड 170: बुशरा परवीन मलिक
    • वॉर्ड 175: वासंती मुरगेश देवेंद्र
    • वॉर्ड 222: किरण रविंद्र शिंदे
    • वॉर्ड 197: फरीन खान

    नवाब मलिक के नेतृत्व में चुनावी रणनीति

    इस पहली सूची की घोषणा चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नवाब मलिक के नेतृत्व में की गई। पार्टी के अंदर माना जा रहा है कि नवाब मलिक इस बार मुंबई में संगठन को मजबूती देने और पुराने वोट बैंक को दोबारा जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
    उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय पकड़ और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका को ध्यान में रखा गया है।

    दूसरी सूची पर भी नज़र

    NCP नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जिन वार्डों पर अभी चर्चा जारी है, वहां के उम्मीदवारों के नाम दूसरी सूची में सामने आएंगे। माना जा रहा है कि अगली लिस्ट में और भी बड़े चेहरे और नए युवा उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं।

    BMC चुनाव NCP के लिए क्यों अहम?

    मुंबई महानगरपालिका एशिया की सबसे अमीर नगर संस्था मानी जाती है। यहां जीत सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और भविष्य की दिशा तय करती है।
    NCP के लिए यह चुनाव:

    • मुंबई में संगठन को दोबारा खड़ा करने
    • गठबंधन राजनीति में अपनी अहमियत साबित करने
    • और शहरी वोटर तक पहुंच बनाने

    का बड़ा मौका है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. NCP ने कितने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है?
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है।

    Q2. इस सूची की घोषणा किसने की?
    चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नवाब मलिक के नेतृत्व में सूची जारी की गई।

    Q3. क्या दूसरी सूची भी आएगी?
    हां, पार्टी नेताओं के अनुसार जल्द ही दूसरी सूची भी घोषित की जाएगी।

    Q4. यह चुनाव NCP के लिए क्यों अहम है?
    BMC चुनाव मुंबई में पार्टी के राजनीतिक भविष्य और संगठन की मजबूती तय करेगा।

  • BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    BMC चुनाव से पहले कांग्रेस-VBA का बड़ा दांव, सीट शेयरिंग फाइनल

    मुंबई BMC चुनाव से पहले कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के बीच गठबंधन फाइनल। 227 वार्डों में सीट शेयरिंग, MVA की अंदरूनी राजनीति, MNS फैक्टर और महायुति की चुनौती—पूरी डिटेल मुंबई की आम बोलचाल की हिंदी में।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने आख़िरकार गठबंधन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद दोनों दलों ने सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला तय किया, जिसके तहत कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे। यह गठबंधन कांग्रेस और VBA—दोनों के लिए मुंबई में सियासी वजूद बचाने और मज़बूत करने की एक अहम कोशिश माना जा रहा है।

    BMC चुनाव से पहले आख़िरी वक़्त का गठबंधन

    मुंबई की राजनीति में ऐन चुनाव से पहले गठबंधन होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार कांग्रेस-VBA की जुगलबंदी इसलिए अहम है क्योंकि दोनों ही दल दबाव में दिख रहे थे। कांग्रेस को मुंबई में लगातार कमजोर होती पकड़ की चिंता है, वहीं VBA अब तक महानगर में बड़ा राजनीतिक स्पेस नहीं बना पाई है।
    ऐसे में यह गठबंधन दोनों के लिए “करो या मरो” जैसी स्थिति लेकर आया है।

    सीट शेयरिंग का गणित क्या कहता है?

    BMC की कुल 227 सीटों में से:

    • कांग्रेस: 165 सीटें
    • VBA: 62 सीटें

    VBA के लिए यह सीटें सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाने का मौका भी हैं। दूसरी तरफ़ कांग्रेस ने ज़्यादा सीटें लेकर यह साफ़ कर दिया है कि वह अभी भी खुद को इस गठबंधन की बड़ी ताक़त मानती है।

    MVA के अंदर बढ़ी खींचतान

    कांग्रेस पहले से ही महा विकास आघाड़ी (MVA) का हिस्सा है, जिसमें:

    • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट)
    • शरद पवार की NCP

    लेकिन मामला तब उलझ गया जब शिवसेना-UBT ने राज ठाकरे की MNS के साथ हाथ मिला लिया। कांग्रेस ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई और कहा कि MNS के साथ जाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ़ है।
    इसी तनाव के बीच कांग्रेस का VBA से हाथ मिलाना यह दिखाता है कि मुंबई में पार्टी अब “सैद्धांतिक बहस” से ज़्यादा “चुनावी मजबूरी” पर चल रही है।

    वोट बैंक की राजनीति और असली मक़सद

    कांग्रेस-VBA गठबंधन का सीधा फोकस है:

    • दलित वोट
    • OBC वोट
    • अल्पसंख्यक वोट

    ये वो वर्ग हैं, जिन्हें अलग-अलग लड़कर दोनों पार्टियां पूरी तरह साध नहीं पा रही थीं। साथ आकर उम्मीद है कि वोटों का बंटवारा रुके और मुकाबले में मज़बूती आए।

    महायुति की मज़बूती बनी सबसे बड़ी चुनौती

    मुंबई के बाहर, ग्रामीण महाराष्ट्र में महायुति (BJP + शिंदे शिवसेना + अजित पवार NCP) ने हाल ही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है:

    • BJP: 117 नगराध्यक्ष
    • शिंदे गुट: 53
    • अजित पवार गुट: 37
    • कांग्रेस: सिर्फ़ 28

    ये आंकड़े कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी हैं। अगर मुंबई जैसे किले में भी पार्टी कमजोर पड़ी, तो आगे की राजनीति और मुश्किल हो सकती है।

    एशिया की सबसे अमीर नगरपालिका की जंग

    BMC सिर्फ़ एक चुनाव नहीं है। यह:

    • बजट
    • कॉन्ट्रैक्ट
    • शहरी विकास
    • राजनीतिक कंट्रोल

    सबका केंद्र है। इसी वजह से हर पार्टी यहां पूरी ताक़त झोंक रही है। कांग्रेस-VBA का गठबंधन इसी लड़ाई में खुद को ज़िंदा रखने की कोशिश है।

    15 जनवरी की वोटिंग, 16 को फैसला

    अब सबकी नज़रें:

    • 15 जनवरी: मतदान
    • 16 जनवरी: नतीजे

    इन 24 घंटों में तय होगा कि यह गठबंधन भविष्य की राजनीति का मॉडल बनेगा या फिर सिर्फ़ एक चुनावी प्रयोग बनकर रह जाएगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. कांग्रेस-VBA गठबंधन क्यों हुआ?
    मुंबई में कमजोर होती पकड़ और वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए दोनों दल साथ आए हैं।

    Q2. सीट शेयरिंग का फ़ॉर्मूला क्या है?
    कांग्रेस 165 और VBA 62 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

    Q3. क्या यह गठबंधन MVA को प्रभावित करेगा?
    हां, खासकर MNS के साथ शिवसेना-UBT की नज़दीकी को लेकर कांग्रेस में नाराज़गी है।

    Q4. मतदान और नतीजे कब हैं?
    15 जनवरी को वोटिंग और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे।

  • BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 में नामांकन प्रक्रिया तेज। चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्जों का वितरण, अब तक कुल 10,343 अर्ज वितरित और 44 नामांकन दाखल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की नामांकन प्रक्रिया लगातार रफ्तार पकड़ रही है। शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को शहर के 23 निर्वाचन निर्णय अधिकारी (RO) कार्यालयों से कुल 1,294 नामांकन अर्ज वितरित किए गए, जबकि 35 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखल किए। इसके साथ ही अब तक कुल 10,343 नामांकन अर्ज वितरित हो चुके हैं और 44 नामांकन पत्र जमा किए जा चुके हैं।

    नामांकन वितरण की प्रक्रिया जारी

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 से नामांकन अर्जों का वितरण शुरू हुआ है। नामांकन दाखल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस दौरान उम्मीदवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।

    अब तक कितने अर्ज वितरित हुए?

    चुनाव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार:

    • 23 दिसंबर 2025: 4,165 नामांकन अर्ज वितरित
    • 24 दिसंबर 2025: 2,844 नामांकन अर्ज वितरित
    • 26 दिसंबर 2025: 2,040 नामांकन अर्ज वितरित, 9 नामांकन दाखल
    • 27 दिसंबर 2025: 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 नामांकन दाखल

    👉 कुल: 10,343 अर्ज वितरित | 44 नामांकन पत्र दाखल

    BMC विभागवार स्थिति: कहां कितने अर्ज?

    शनिवार को विभिन्न प्रभागों में नामांकन अर्ज वितरण और प्राप्ति की स्थिति इस प्रकार रही:

    • ए+बी+ई विभाग (RO-23): 64 वितरित / 3 प्राप्त
    • सी+डी विभाग (RO-22): 72 / 9 प्राप्त
    • एफ दक्षिण (RO-21): 46 / 3 प्राप्त
    • जी दक्षिण (RO-20): 31 / 1 प्राप्त
    • जी उत्तर (RO-19): 44 / 2 प्राप्त
    • एफ उत्तर (RO-18): 47 वितरित
    • एल विभाग (RO-17): 50 वितरित
    • एल विभाग (RO-16): 53 / 2 प्राप्त
    • एम पूर्व (RO-15): 69 / 5 प्राप्त
    • एम पूर्व+एम पश्चिम (RO-14): 81 / 1 प्राप्त
    • एन विभाग (RO-13): 28 / 2 प्राप्त
    • एस विभाग (RO-12): 53 / 2 प्राप्त
    • टी विभाग (RO-11): 77 / 2 प्राप्त
    • एच पूर्व (RO-10): 61 वितरित
    • के पूर्व+एच पश्चिम (RO-9): 68 वितरित
    • के पश्चिम+के पूर्व (RO-8): 116 / 2 प्राप्त
    • के पश्चिम (RO-7): 69 वितरित
    • पी दक्षिण (RO-6): 49 / 1 प्राप्त
    • पी पूर्व (RO-5): 90 वितरित
    • पी उत्तर (RO-4): 14 वितरित
    • आर दक्षिण (RO-3): 44 वितरित
    • आर मध्य (RO-2): 33 वितरित
    • आर उत्तर (RO-1): 35 वितरित

    👉 कुल: 1,294 वितरित | 35 प्राप्त

    आने वाले दिनों में बढ़ेगी रफ्तार

    चुनाव अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे अंतिम तारीख नजदीक आएगी, नामांकन दाखल करने वालों की संख्या में तेजी आएगी। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन कब तक किए जा सकते हैं?
    ➡️ 30 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. नामांकन दाखल करने का समय क्या है?
    ➡️ सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

    Q3. अब तक कितने नामांकन पत्र जमा हुए हैं?
    ➡️ कुल 44 नामांकन पत्र दाखल हुए हैं।

    Q4. सबसे ज्यादा नामांकन अर्ज किस दिन वितरित हुए?
    ➡️ 23 दिसंबर 2025 को 4,165 अर्ज वितरित हुए।

    Q5. क्या अभी और नामांकन की उम्मीद है?
    ➡️ हां, अंतिम दिनों में संख्या बढ़ने की संभावना है।

  • BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    BMC चुनाव 2025-26: नामांकन के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र जरूरी

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना अनिवार्य, नहीं देने पर नामांकन हो सकता है रद्द।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब हर उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य होगा। यदि जांच के दौरान यह प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को नामांकन पत्र अवैध घोषित करने का अधिकार होगा।

    BMC-Elections-2025-26-Toilet-usage-certificate-mandatory-with-nomination

    राज्य चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश

    माननीय राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करते समय साफ किया है कि नामांकन के साथ उम्मीदवार द्वारा दिए जाने वाले सभी शपथपत्रों और घोषणाओं में शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र भी शामिल होगा। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू रहेगा।

    स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है नियम

    यह शर्त स्वच्छ भारत अभियान के तहत लाई गई थी। खुले में शौच को खत्म करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र अधिनियम क्रमांक 19 (2016) में संशोधन किया गया था।
    इसके अनुसार,

    • जो व्यक्ति नियमित रूप से शौचालय का उपयोग नहीं करता
    • या उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं करता

    वह चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के लिए अपात्र माना जाएगा। यह नियम 2017 के महानगरपालिका चुनाव से पहले ही लागू कर दिया गया था।

    किसे और कैसा प्रमाणपत्र देना होगा

    BMC चुनाव 2025-26 में उम्मीदवारों को निम्न में से कोई एक जानकारी देना जरूरी होगा:

    • अगर खुद के घर में शौचालय है, तो उसका प्रमाण
    • अगर किराए के घर में शौचालय है, तब भी प्रमाणपत्र
    • अगर घर में शौचालय नहीं है, तो सामुदायिक शौचालय के उपयोग का उल्लेख

    यह प्रमाणपत्र सहायक आयुक्त या प्रभाग अधिकारी द्वारा नियमों के अनुसार जारी किया जाएगा या स्व-प्रमाणपत्र स्वीकार किया जाएगा।

    तस्वीर की जरूरत नहीं, प्रक्रिया सरल

    महानगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि

    • शौचालय या व्यक्ति की फोटो खींचने की कोई जरूरत नहीं है
    • केवल नियमों के अनुसार प्रमाणपत्र देना पर्याप्त होगा

    इस संबंध में 22 दिसंबर 2025 को BMC मुख्यालय में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में भी विस्तृत जानकारी दी गई थी।

    नामांकन जांच में होगी सख्ती

    चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन पत्र की जांच के दौरान यदि शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र नहीं पाया गया, तो नामांकन तुरंत खारिज किया जा सकता है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शौचालय उपयोग प्रमाणपत्र किसके लिए जरूरी है?
    ➡️ BMC चुनाव 2025-26 लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए।

    Q2. प्रमाणपत्र नहीं देने पर क्या होगा?
    ➡️ नामांकन पत्र अवैध घोषित किया जा सकता है।

    Q3. किराए के घर में रहने वालों को क्या करना होगा?
    ➡️ शौचालय उपयोग का प्रमाणपत्र या स्व-प्रमाणपत्र देना होगा।

    Q4. क्या शौचालय की फोटो देनी होगी?
    ➡️ नहीं, फोटो की कोई आवश्यकता नहीं है।

    Q5. यह नियम कब से लागू है?
    ➡️ 2016 के संशोधित कानून के तहत, 2017 से लागू।

  • New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    New Year से पहले मुंबई में फायर सेफ्टी सख्त, 907 जगहों की जांच

    नए साल के जश्न से पहले मुंबई फायर ब्रिगेड की विशेष अग्निसुरक्षा मुहिम, 907 होटल, रेस्टोरेंट, पब और बार की जांच, 41 पर कार्रवाई और 16 को नोटिस।

    मुंबई: New Year के स्वागत की तैयारियों के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहर की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए ‘विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम’ के तहत 22 से 25 दिसंबर 2025 के बीच मुंबई भर में 907 आस्थापनाओं की जांच की गई। जांच में अग्निसुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 41 आस्थापनाओं पर कार्रवाई की गई, जबकि 16 को नोटिस जारी किए गए हैं।

    New Year सेलिब्रेशन को देखते हुए सख्त कदम

    हर साल नए साल के मौके पर मुंबई के होटल, रेस्टोरेंट, पब, बार, क्लब, रूफटॉप, पार्टी हॉल और समुद्र किनारों पर बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हजारों की भीड़ को देखते हुए अग्निसुरक्षा बेहद अहम हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड ने विशेष जांच अभियान शुरू किया है।

    किसके निर्देश पर चल रही है यह मुहिम

    यह विशेष अग्निसुरक्षा मोहीम

    • BMC आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर
    • अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन में
      22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक चलाई जा रही है।

    907 जगहों की जांच, किस-किस पर नजर

    मुंबई अग्निशमन दल द्वारा जिन आस्थापनाओं की जांच की गई, उनमें शामिल हैं:

    • 🏬 10 मॉल
    • ⭐ 25 पंचतारांकित होटल
    • 🏨 59 लॉजिंग- बोर्डिंग
    • 🌆 19 रूफटॉप आस्थापन
    • 🍻 148 पब, बार और क्लब
    • 🎉 12 पार्टी हॉल
    • 🏋️ 5 जिमखाना
    • 🍽️ 628 रेस्टोरेंट

    👉 कुल जांच: 907 आस्थापन

    41 पर कार्रवाई, 16 को नोटिस

    जांच के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम में खामियां पाई गईं, जैसे:

    • फायर एक्सटिंग्विशर खराब या एक्सपायर्ड
    • फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहे
    • इमरजेंसी एग्जिट बंद या अवरुद्ध
    • फायर NOC की शर्तों का पालन नहीं

    इन मामलों में महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत

    • 41 आस्थापनाओं पर सीधी कार्रवाई
    • 16 को सुधार के लिए नोटिस दिए गए।

    28 दिसंबर तक जारी रहेगी जांच

    अग्निशमन विभाग ने साफ किया है कि यह विशेष मोहीम 28 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी। इसके बाद भी शहर में नियमित फायर सेफ्टी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

    नागरिकों और आस्थापन मालिकों से अपील

    डॉ. अश्विनी जोशी ने कहा कि:

    • सभी होटल, पब, बार और रेस्टोरेंट फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन करें
    • भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा से कोई समझौता न करें
    • नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी खतरे की सूचना तुरंत दें।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह फायर सेफ्टी मोहीम कब तक चलेगी?
    ➡️ 28 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. कितनी जगहों की जांच हुई है?
    ➡️ कुल 907 आस्थापन।

    Q3. कितनों पर कार्रवाई हुई?
    ➡️ 41 आस्थापनाओं पर।

    Q4. नोटिस क्यों दिए गए?
    ➡️ फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर सुधार के लिए।

    Q5. किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
    ➡️ महाराष्ट्र आग प्रतिबंधक व जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006।

  • बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    बिना अनुमति सड़क खोदने पर ठेकेदार पर केस, गोरेगांव में घंटों जाम से लोग परेशान

    मुंबई के गोरेगांव ईस्ट में बिना अनुमति सड़क खोदने पर टेलीकॉम कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरएम रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों ट्रैफिक जाम लगा, यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे कॉलोनी इलाके में बिना अनुमति सड़क खोदने का मामला सामने आया है। टेलीकॉम कंपनी के एक ठेकेदार ने बीएमसी और ट्रैफिक पुलिस को बिना जानकारी दिए सार्वजनिक सड़क पर खुदाई कर दी, जिससे इलाके में कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। इस मामले में आरे पुलिस स्टेशन में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

    बिजनेस पार्क के पास खोदी गई सड़क

    पुलिस के मुताबिक, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास सार्वजनिक सड़क पर करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी। यह खुदाई केबल बिछाने के लिए की गई थी, लेकिन इसके लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी।

    इस मामले में शिकायतकर्ता रामदास देविदास बुर्डे (37) हैं, जो दिंडोशी ट्रैफिक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत हैं।

    ठेकेदारों पर लापरवाही का आरोप

    शिकायत में बताया गया है कि ठेकेदार समीश कुमार कमला यादव (34) और मोहम्मद नदीम याह्या खान (25) ने अपने मजदूरों के साथ सड़क की खुदाई शुरू की।
    आरोप है कि:

    • बीएमसी की शर्तों का पालन नहीं किया गया
    • शाम 5 बजे के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया गया
    • सड़क पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए और न ही ट्रैफिक वार्डन तैनात किए गए
    • ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस स्टेशन को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।

    वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक लगा जाम

    रामदास बुर्डे के अनुसार, अचानक सड़क खुदे होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयार नहीं थी।
    इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि:

    • वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर दो घंटे से ज्यादा जाम रहा
    • मोहन गोखले रोड, सीबा जंक्शन और आसपास के इलाकों में वाहन फंस गए
    • महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी
    • जाम अंधेरी तक फैल गया

    स्थानीय लोगों और यात्रियों ने भी इस अव्यवस्थित सड़क खुदाई पर नाराजगी जताई।

    आरे पुलिस ने दर्ज की FIR

    आरे पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि ठेकेदारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि:

    • क्या किसी तरह की अनुमति ली गई थी
    • किस टेलीकॉम कंपनी के कहने पर काम किया जा रहा था
    • बीएमसी के नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ।

    FAQ

    Q1. सड़क खुदाई का मामला कहां का है?
    👉 गोरेगांव ईस्ट, ओबेरॉय बिजनेस पार्क के पास।

    Q2. कितनी लंबी सड़क खोदी गई थी?
    👉 करीब 18.5 मीटर लंबी खाई खोदी गई थी।

    Q3. किस वजह से ट्रैफिक जाम लगा?
    👉 बिना सूचना और सुरक्षा इंतजाम के सड़क खोदने से।

    Q4. किन पर केस दर्ज हुआ है?
    👉 ठेकेदार समीश यादव और मोहम्मद नदीम खान पर।

    Q5. मामला किस थाने में दर्ज है?
    👉 आरे सब पुलिस स्टेशन में।

  • वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    वसई किले में शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने पर प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज

    महाराष्ट्र के ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान चूल्हा जलाने का मामला सामने आया है। ASI के नियमों के उल्लंघन पर वसई पुलिस ने प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच जारी है।

    वसई (पालघर): ऐतिहासिक वसई किले में फिल्म शूटिंग के दौरान लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी प्रोडक्शन कंपनी द्वारा फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाने के आरोप में वसई पुलिस ने केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि चूल्हा उन पत्थरों पर जलाया गया, जिन पर सैकड़ों साल पुराने शिलालेख मौजूद हैं। इस घटना से पुरातत्व प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी है।

    ASI के नियमों का उल्लंघन

    पुलिस के मुताबिक, मुंबई के मालाड स्थित ‘आरंभ एंटरटेनमेंट’ नाम की प्रोडक्शन कंपनी को 18 और 19 दिसंबर को वसई किले में शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सख्त शर्तों के साथ दी गई थी।
    इसके बावजूद शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के भीतर चूल्हा जलाया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है।

    संरक्षित स्मारक को खतरा

    पुरातत्व विभाग ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह कृत्य प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 का उल्लंघन है। जिस स्थान पर चूल्हा जलाया गया, वह ऐतिहासिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
    यही वह स्थान बताया जाता है, जहां मराठों और पुर्तगालियों के बीच ऐतिहासिक संधि वार्ता हुई थी।

    वसई किले का ऐतिहासिक महत्व

    1536 में पुर्तगालियों द्वारा निर्मित वसई किला 109 एकड़ में फैला हुआ है। तीन तरफ से समुद्र और दलदली इलाके से घिरा यह किला करीब 30 फीट ऊंची दीवारों से सुरक्षित है।
    बाद में छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति चिमाजी अप्पा ने इसे जीतकर मराठा शौर्य का प्रतीक बना दिया। किले में फ्रांसिस्कन चर्च समेत कई रोमन कैथोलिक मिशनों के अवशेष मौजूद हैं।

    पहले भी हो चुकी है लापरवाही

    स्थानीय इतिहासकारों का कहना है कि इससे पहले भी फिल्म ‘कांतारा 2’ की शूटिंग के दौरान किले के भीतर जलती मशालें फेंके जाने का आरोप लगा था। उस समय भी शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    विरासत प्रेमियों का आरोप

    हेरिटेज एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि शूटिंग फीस के बदले नियमों की अनदेखी की जाती है।
    एक स्थानीय इतिहास प्रेमी ने कहा,

    “अगर ऐसे ही लापरवाही चलती रही, तो वसई किले की ऐतिहासिक धरोहर हमेशा के लिए नष्ट हो जाएगी।”

    पुलिस जांच जारी

    वसई पुलिस ने पुष्टि की है कि प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ संरक्षित स्मारक को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    FAQ

    Q1. वसई किले में क्या घटना हुई?
    फिल्म शूटिंग के दौरान फ्रांसिस्कन चर्च के अंदर चूल्हा जलाया गया।

    Q2. किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ है?
    मुंबई की आरंभ एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ।

    Q3. किस कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है?
    प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत।

    Q4. पुलिस जांच की स्थिति क्या है?
    मामले की जांच जारी है।

  • फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    फर्जी पुलिस बनकर 99 लाख की वसूली, मालाड के कारोबारी को आत्महत्या तक पहुंचाया

    मुंबई के मालाड में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़ित गैस एजेंसी मालिक डर के कारण आत्महत्या करने दहाणू स्टेशन तक पहुंच गया था।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में फर्जी पुलिस अधिकारियों का आतंक एक बार फिर सामने आया है। मालाड के एक एलपीजी एजेंसी मालिक से 99 लाख रुपये की उगाही करने वाले तीन ठगों को दिंडोशी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों की धमकियों से इतना डर फैल गया कि 39 वर्षीय पीड़ित घर छोड़कर दहाणू रेलवे स्टेशन पर आत्महत्या करने की सोच रहा था, जहां पुलिस ने समय रहते उसकी जान बचा ली।

    पत्नी की शिकायत से खुला पूरा मामला

    यह मामला तब सामने आया जब 15 दिसंबर को पीड़ित की पत्नी ने दिंडोशी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति अचानक घर छोड़कर चले गए हैं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वह गंभीर मानसिक दबाव में था और खुद को फर्जी केस में फंसाया जाने से डर रहा था।

    गणपति पंडाल से शुरू हुई ठगी की कहानी

    पुलिस के मुताबिक, ठगी की शुरुआत सितंबर में हुई थी। पीड़ित ने अपने परिचित प्रवीण खेडेकर को गणपति पंडाल के लिए करीब ₹10,500 उधार दिए थे। कुछ समय बाद खेडेकर ने उससे ₹50,000 और मांगा जिसमें उसने मोबाइल ट्रांसफर एक अन्य नंबर पर करवाया।

    यहीं से शुरू हुआ फर्जी पुलिस कॉल का खेल

    “तुम पर मर्डर का शक है” – फर्जी जॉइंट सीपी की धमकी

    पैसे ट्रांसफर करने के बाद पीड़ित को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बताया और कहा कि
    ₹10,500 की रकम सुपारी देकर हत्या कराने की एडवांस पेमेंट है।
    इस धमकी से पीड़ित पूरी तरह डर गया।

    “तुम्हें बचाने के लिए हत्या कर दी” – फिर मांगे 2 लाख

    कुछ दिन बाद एक और कॉल आया, जिसमें ठग ने कहा कि खेडेकर को पीड़ित को बचाने के लिए मार दिया गया है, और अब इसके बदले ₹2 लाख देने होंगे
    इसके बाद लगातार कॉल आने लगे। हर बार रकम बढ़ती गई —
    ₹50,000 से शुरू होकर ₹7 लाख तक

    मुंबई पुलिस कमिश्नर बनकर मांगे 20 लाख

    ठगों में से एक ने खुद को “अविनाश शिंदे” नाम का पुलिस अधिकारी बताया। बाद में तो हद तब हो गई जब एक आरोपी ने खुद को मुंबई पुलिस कमिश्नर बताते हुए तुरंत गिरफ्तारी रोकने के लिए ₹20 लाख की मांग कर डाली।

    बुजुर्ग के जरिए होती थी नकद वसूली

    पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जब भी वह नकद पैसे देता था, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति सार्वजनिक गार्डन में आकर पैसे ले जाता था
    जांच में पता चला कि कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन उसी बुजुर्ग के मोबाइल से किए गए थे।

    कर्ज लेकर दिए 99 लाख रुपये

    डर और धमकियों के चलते पीड़ित ने

    • करीब ₹80 लाख नकद
    • और ₹19 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर
      किए। इसके लिए उसने फाइनेंस कंपनियों से कर्ज भी लिया। फिर भी उसे लगने लगा कि उसकी गिरफ्तारी तय है।

    आत्महत्या के इरादे से दहाणू पहुंचा पीड़ित

    15 दिसंबर को वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे दहाणू रेलवे स्टेशन पर पाया, जहां वह आत्महत्या करने की हिम्मत जुटा रहा था
    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “वह इतना डर चुका था कि उसे मरना ही एकमात्र रास्ता लग रहा था।”

    CDR जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले, जिससे

    • प्रवीण खेडेकर,
    • प्रवीण काटे
      और एक अन्य साथी का नाम सामने आया।
      तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुजुर्ग ने दावा किया कि उसे ठगी की जानकारी नहीं थी और उसने सिर्फ अपना फोन इस्तेमाल करने दिया था।

    कानूनी कार्रवाई

    दिंडोशी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (उगाही) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पीड़ित कौन है?
    A: मालाड का 39 वर्षीय एलपीजी गैस एजेंसी मालिक।

    Q2: ठगों ने कितनी रकम वसूली?
    A: कुल ₹99 लाख।

    Q3: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
    A: तीन आरोपियों को।

    Q4: मामला किस थाने में दर्ज है?
    A: दिंडोशी पुलिस थाना।

  • 2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    2013 सिलेंडर अग्निकांड: कंदिवली के कबाड़ी को लापरवाही में एक साल की सजा

    मुंबई के कंदिवली में 2013 में हुए एलपीजी गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में सेशन कोर्ट ने कबाड़ी बाबलू पासवान को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई। इस हादसे में पांच लोगों की मौत हुई थी।

    मुंबई: करीब 12 साल पुराने कंदिवली गैस सिलेंडर अग्निकांड मामले में मुंबई की सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कबाड़ का व्यवसाय करने वाले बाबलू पासवान को लापरवाही का दोषी मानते हुए एक साल की सजा सुनाई है। यह हादसा मार्च 2013 में हुआ था, जिसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    2013-cylinder-fire-incident-Kandivali-scrap-dealer-sentenced-to-one-year-in-jail-for-negligence-1

    कबाड़ से गैस निकालते वक्त हुआ था भीषण हादसा

    अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 7 मार्च 2013 की शाम करीब 6 बजे, बाबलू पासवान अपने दो साथियों की मदद से एलपीजी सिलेंडरों से गैस निकाल रहा था। यह काम कंदिवली पूर्व के फ्रेंड्स शेजार कमेटी चॉल के पास एक खुले नाले में किया जा रहा था, जो पूरी तरह से रिहायशी इलाका था।

    जलती सिगरेट से भड़की आग

    शिकायतकर्ता सलीम शेख, जो कंदिवली पश्चिम की जन एकता वेलफेयर सोसायटी में रहते हैं, ने अदालत को बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां बैठकर बातचीत कर रहे थे और आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान, आरोप है कि पासवान के साथ मौजूद एक व्यक्ति ने जलती हुई सिगरेट नाले में फेंक दी, जहां गैस छोड़ी जा रही थी।
    इसके बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने पूरे इलाके को चपेट में ले लिया।


    बच्चे समेत कई लोग झुलसे

    हादसे में दो नाबालिग बच्चे और करीब 10 से 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की और घायलों को अलग-अलग अस्पतालों — शिवम अस्पताल (चारकोप), चव्हाण अस्पताल, भगवती अस्पताल और ऑस्कर अस्पताल — में भर्ती कराया गया।

    पांच लोगों की गई जान

    इलाज के दौरान प्रीति यादव, मोहम्मद अफजल शेख, शरतूनिसा खान, सोफिया खातून और मोहम्मद हवेलदार की मौत हो गई। वहीं कई अन्य जैसे नदीम खान, अमन खान, आमिर खान और जीतू बुधाहांडी गंभीर रूप से घायल होकर किसी तरह बच पाए।

    सह-आरोपी बरी, कबाड़ी दोषी

    पुलिस ने इस मामले में अब्दुल सिद्दीक जब्बार खान को भी आरोपी बनाया था, जिस पर सिगरेट फेंकने का आरोप था। हालांकि, अदालत ने सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया, लेकिन मुख्य आरोपी बाबलू पासवान को दोषी ठहराया

    अदालत की सख्त टिप्पणी

    अदालत ने फैसले में कहा कि बाबलू पासवान ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ज्वलनशील गैस सिलेंडरों को खाली करना सुरक्षित और नियंत्रित स्थान पर किया जाना चाहिए, न कि रिहायशी इलाके के खुले नाले में। यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: यह हादसा कब और कहां हुआ था?
    A: 7 मार्च 2013 को कंदिवली पूर्व के एक रिहायशी इलाके में।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
    A: कुल पांच लोगों की मौत हुई थी।

    Q3: कोर्ट ने आरोपी को क्या सजा दी?
    A: एक साल की जेल की सजा।

    Q4: आरोपी पर किस तरह की लापरवाही साबित हुई?
    A: रिहायशी इलाके में अवैध रूप से गैस सिलेंडर खाली करना।

  • बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    बोरीवली में उबर कैब हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, बुजुर्ग महिला की मौत

    मुंबई के बोरीवली पूर्व में उबर कैब के भीषण हादसे में 66 वर्षीय महिला की मौत हो गई। ड्राइवर पर लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का मामला दर्ज। पढ़िए पूरी खबर।

    मुंबई: बोरीवली इलाके में उबर कैब से हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 66 साल की बुजुर्ग महिला जेसिंथा डिसुजा की मौत हो गई। आरोप है कि कैब चालक ने गाड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई, जिससे वाहन सड़क के डिवाइडर से टकरा गया। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

    वसई से वडाला जाते वक्त हुआ हादसा

    जानकारी के मुताबिक, मृतक महिला जेसिंथा डिसुजा को उनके बेटे एडवर्ड प्रियांक डिसुजा (37) ने वसई से वडाला आने के लिए उबर कैब बुक करके दी थी। कैब सुबह करीब 7:30 बजे वासई से रवाना हुई थी।
    करीब 9 बजे के आसपास, बोरीवली पूर्व इलाके में अचानक कैब सड़क के डिवाइडर से टकरा गई, जिससे जेसिंथा गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    सिर में गंभीर चोट, ICU में भर्ती

    हादसे के बाद कैब चालक ने परिजनों को सूचना दी कि जेसिंथा को समतानगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    बेटा एडवर्ड तुरंत अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों ने बताया कि जेसिंथा के सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    एडवर्ड डिसुजा वडाला में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं और ईस्टर्न शिपिंग कंपनी में काम करते हैं। उनके माता-पिता वासई में रहते थे। मां की अचानक मौत से परिवार सदमे में है।

    ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, कैब चालक ने वाहन बेदरकारी, तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाया, जिसकी वजह से कार डिवाइडर से टकराई और यह हादसा हुआ।
    पीड़ित परिवार की शिकायत पर कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

    पुलिस जांच जारी

    इस केस की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मयूर पाटील के मार्गदर्शन में की जा रही है। पुलिस ड्राइवर की ड्राइविंग हिस्ट्री, स्पीड और हादसे के हालात की जांच कर रही है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कहां हुआ?
    👉 मुंबई के बोरीवली पूर्व इलाके में।

    Q2. मृतक महिला की उम्र कितनी थी?
    👉 66 वर्ष।

    Q3. महिला कहां जा रही थीं?
    👉 वासई से वडाला।

    Q4. पुलिस ने किसके खिलाफ मामला दर्ज किया है?
    👉 उबर कैब चालक के खिलाफ।

    Q5. हादसे की वजह क्या बताई गई है?
    👉 तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाना।