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  • मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई में मोबाइल का IMEI नंबर बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया, क्राइम ब्रांच ने दो को किया गिरफ्तार

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।

    पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –

    • रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
    • गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।

    📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?

    IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।

    • इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
    • चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है।
      👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

    🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?

    क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।

    • पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
    • इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

    • छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
    • पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
    • उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
    • मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।

    📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई।
    आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।

    ⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध

    भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
    • मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।

    🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस

    मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।

    • IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
    • कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है।
      👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।

    📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी

    • सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
    • IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
    • नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
    • ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।

    📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?

    (हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)

    • अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
    • फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
    • मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
    • कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।

    ⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?

    भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध

    • 📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
    • ⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
    • 🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।

    🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी

    • नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
    • सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
    • संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”

  • मुंबई में बुज़ुर्ग महिला से फर्जी पेंशन स्कीम के नाम पर ठगी, लगभग ₹ 8 लाख का प्रीमियम

    मुंबई में बुज़ुर्ग महिला से फर्जी पेंशन स्कीम के नाम पर ठगी, लगभग ₹ 8 लाख का प्रीमियम

    मुंबई की 69 वर्षीय श्रीमती ललिता मल्होत्रा को एक प्राइवेट इंश्योरेंस एजेंट ने फर्जी पेंशन स्कीम के बहाने लगभग ₹ 7.95 लाख प्रीमियम भरवाकर धोखा दिया। एक साल बाद पेंशन न मिलने पर पुलिस में FIR दर्ज। जानिए पूरा मामला, सावधानियाँ और कानूनी प्रक्रिया।

    मुंबई: मलाड (वेस्ट) क्षेत्र की इक निवासी, ६९ वर्षीय ललिता मल्होत्रा नाम की एक बुज़ुर्ग महिला, पेंशन स्कीम का झांसा देकर लगभग ₹ 8 लाख से कम नहीं की गई राशि एक एजेंट को चुकाने के लिए मजबूर हुई। आरोपी संस्था एक निजी इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि कहलाई जा रही है।

    कैसे हुआ धोखा?

    घटनाविवरण
    पहला संपर्क2023 में, ललिता ने एक पॉलिसी ली 5 साल के लिए, और पहली किश्त के रूप में ₹ 61,350 बैंक चेक से चुकाई गई।
    दूसरी किश्त की दबावजनवरी 2024 में, एजेंट अशिष तिवारी ने दूसरी किस्त भरने के लिए फोन किया। लेकिन महिला ने कहा कि अभी एक वर्ष पूरा नहीं हुआ है, तो नीति बंद़ करना चाहती हैं।
    वादा पेंशन कातिवारी ने कहा कि पॉलिसी में बोनस आ गया है, नीति का मूल्य बढ़ गया है, और यदि बाकी राशि चुकाई जाए तो नवंबर 2024 से पेंशन मिलना शुरू होगी।
    भुगतान की प्रक्रियामई 2024 से फ़रवरी 2025 तक, कुल 12 किश्तों में लगभग ₹ 7,95,000 गूगल पे से तिवारी द्वारा दिए गए बैंक खाते में जमा कराई गईं।
    पेंसन शुरू न होने पर आशंकानवंबर 2024 से पेंशन मिलने का जो वादा था, तिवारी ने वो पूरा नहीं किया। उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बन्द कर दिया।

    शिकायत और कानूनी कार्यवाही

    • ललिता-मल्होत्रा जब पेंशन न मिलने की बात पूछने लगीं, तब एजेंट उनसे बचने लगा। उसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को सूचित किया और मेई 2025 में बंगुर नगर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
    • पुलिस ने मामला जांचा और आशिष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे कि धोकाधड़ी (cheating), फर्जी आश्वासन देना वगैरह के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

    ⚠️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए चेतावनियाँ

    1. जाने-पहचाने एजेंटों या कंपनियों से ही व्यवसाय करें — यदि प्रतिनिधि का नाम, पहचान पत्र, कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं हो, तो तुरंत संदिग्ध समझें।
    2. पहले लिखित दस्तावेज़ मांगें — पॉलिसी की पूरी जानकारी, प्रीमियम की राशि, पेंशन की शुरुआत की तिथि आदि सभी चीज़ों का दस्तावेज़ बने।
    3. भुगतान से पहले नीति की शर्तें पढ़ें — फाइन प्रिंट (terms & conditions), बोनस क्लॉज, पॉलिसी की समाप्ति आदि।
    4. लाखों त्वरित उपायों पर न बहकें — “पेंशन अब शुरू होगी”, “बोनस आ गया है”, “थोड़ी बार भुगतान करो” जैसे वादे सदैव सच नहीं होते।
    5. बैंक ट्रांज़ैक्शन्स के दस्तावेज़ सुरक्षित रखें — हर पेमेंट का रिकॉर्ड हो, चाहें चेक हो, ऑनलाइन ट्रांसफर हो या गूगल पे आदि।
    6. परिचित व्यक्ति या परिवार को जानकारी दें — यदि कोई निवेश प्रस्ताव बहुत अच्छा लगे, परिवार को बताएं, किसी भरोसेमंद से राय लें।

    ⚖️ कानूनी प्रक्रिया और क्या हो सकता है आगे

    • पुलिस ने आशिष तिवारी के ख़िलाफ़ बनार जनता न्याय संहिता की धाराएँ लगाई हैं: धोकाधड़ी (cheating), फोटोग्राफ़ी या दस्तावेज़ फर्जीवाड़ा (forgery), आदि।
    • बैंक खाते की जांच की जाएगी कि पैसे कहाँ गए हैं, कौन-से खाते में जमा हुए, और क्या पैसे बरामद हों सकते हैं।
    • यदि साबित हुआ कि एजेंट ने फर्जी वादे किए, तो वह जवाबदेह होगा और आरोपी के खिलाफ FIR, बाद में चार्ज शीट, न्यायालयिक सुनवाई हो सकती है।
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी/पुलिस हेल्पलाइन्स हैं जहाँ ऐसे प्रकरण दर्ज कराए जा सकते हैं, साइबर क्राइम सेल को सूचित किया जा सकता है।

    🛡️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी अधिकार और बचाव गाइड

    1. कानूनी अधिकार

    • धोखाधड़ी (Cheating): भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (पूर्व IPC 420) लागू होती है।
    • फर्जी दस्तावेज़ / जाली साक्ष्य: धारा 336 (पूर्व IPC 468, 471) लागू हो सकती है।
    • साइबर अपराध: IT Act की धाराएँ भी लागू हो सकती हैं, जैसे धारा 66D (cheating by personation using computer resources)।
    • वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार: Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, देखभाल और सहायता मिलती है।

    2. कहाँ शिकायत करें?

    • स्थानीय पुलिस थाने (FIR दर्ज कराना ज़रूरी है)
    • साइबर क्राइम पोर्टल: cybercrime.gov.in
    • हेल्पलाइन नंबर: 1930 (साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन)
    • वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन (मुंबई पुलिस): 1090

    3. बचाव के उपाय

    ✔️ किसी भी पेंशन स्कीम या इंश्योरेंस पॉलिसी को ऑनलाइन वेरिफाई करें।
    ✔️ एजेंट का IRDAI रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें (इंश्योरेंस रेग्युलेटर की वेबसाइट पर उपलब्ध)।
    ✔️ अनजाने खातों में गूगल पे / UPI से बड़ी रकम ट्रांसफर न करें
    ✔️ परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को सभी निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी दें।
    ✔️ हमेशा लिखित एग्रीमेंट / पॉलिसी डॉक्यूमेंट रखें।

    4. अगर धोखा हो जाए तो तुरंत क्या करें?

    1. अपने बैंक और UPI ऐप को कॉल कर “फ्रॉड रिपोर्ट” दर्ज कराएं।
    2. 1930 पर कॉल करें और साइबर पुलिस को सूचना दें।
    3. cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
    4. पुलिस थाने में FIR करवाएं और सारे पेमेंट स्क्रीनशॉट्स, बैंक स्टेटमेंट्स, मैसेजेस सबूत के तौर पर दें।

    👉 यह गाइड न सिर्फ इस केस में बल्कि हर उस स्थिति में काम आएगी, जहाँ बुज़ुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा हो।

    यह मामला एक चेतावनी है कि कैसे बुज़ुर्ग लोग भरोसे के आधार पर आर्थिक नुक़सान उठा सकते हैं, खासकर जब उन्हें समय पर पेंशन या कोई वित्तीय लाभ मिलने का वादा किया जाए। सही जानकारी, दस्तावेज़, और धैर्य ही धोखाधड़ी से बचने की कुंजी है।

  • महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

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    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।

    मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।

    राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा,
    “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”

    राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला

    घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र

    शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

    लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!

    स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।

    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।

    🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण

    इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

    🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं

    इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

    👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:

    • गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
    • खास ध्यान कुपोषित गर्भवती महिलाओं पर दिया गया।
    • स्लम इलाकों में निःशुल्क मेडिकल कैंप्स लगाए गए।

    👉 सैनिटरी पैड वितरण:

    • मनपा स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड दिए गए।
    • यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।

    🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?

    प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।

    🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:

    यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।

  • Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। MMRDA ने बताया कि CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, नए ट्रेन रेक्स और फ्लेट ओवरहॉल के लिए यह कदम जरूरी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: माया नगरी मुंबई के शहर वासियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद रहेगी।
    मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बताया कि यह बंदी इसलिए जरूरी है ताकि नए ट्रेन रेक्स, एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग और फ्लेट रिफर्बिशमेंट का काम बिना रुकावट पूरा किया जा सके।

    ❓ क्यों बंद की जा रही है मोनोरेल?

    • यह बंदी पूरा 19.74 किमी रूट (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक) पर लागू होगी।
    • अभी तक अपग्रेड और टेस्टिंग का काम सिर्फ रात में 3.5 घंटे की विंडो में हो रहा था, लेकिन यह टाइम बहुत कम है।
    • अब लगातार 24×7 अपग्रेड वर्क चलेगा ताकि सिस्टम जल्दी से चालू हो सके।

    🔧 कौन-कौन से अपग्रेड होंगे?

    1. नए ट्रेन रेक्स (Rolling Stock)
    • कुल 10 नए ट्रेन रेक्स Make in India प्रोजेक्ट के तहत लाए जा रहे हैं।
    • 8 रेक्स मुंबई पहुँच चुके हैं, 9वां टेस्टिंग में है और 10वां असेंबली में है।
    1. एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग सिस्टम
    • यह पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगेगा।
    • सिस्टम हैदराबाद में डिवेलप हुआ है और इसका वर्किंग टेस्ट लगभग पूरा है।
    1. फ्लेट रिफर्बिशमेंट और स्टाफ ट्रेनिंग
    • पुराने रेक्स की पूरी मरम्मत और अपग्रेड होगी।
    • ट्रेनिंग सेफ्टी और ऑपरेशन के हिसाब से होगी ताकि आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी फायदा मिले।

    ⚠️ सेफ्टी को लेकर चिंता

    पिछले कुछ महीनों में मोनोरेल में कई तकनीकी खराबियां और हादसे हुए।

    • हाल ही में 17 पैसेंजर बीच ट्रैक पर फंसे थे।
    • 19 अगस्त को बारिश की वजह से दो बड़ी खराबियों में 780 से ज्यादा पैसेंजर घंटों तक फंसे रहे
    • इन्हीं घटनाओं के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।

    📋 जांच कमेटी और सरकार का संदेश

    • MMRDA ने इन फेल्योर की जांच के लिए स्पेशल कमेटी बनाई है।
    • डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा:
      “मुंबईकरों के साथ सहयोग से मोनोरेल को और मजबूत और सुरक्षित बनाया जाएगा।”

    🚉 मुंबई मोनोरेल: इंडिया की पहली और अकेली मोनोरेल

    • 2014 में पहली लाइन शुरू हुई थी (8.26 किमी)।
    • 2019 में रूट बढ़ाकर 19.74 किमी किया गया।
    • अभी सिर्फ 5 एक्टिव रेक्स चल रहे हैं, इसलिए नए रेक्स की बेहद जरूरत है।

    📌 यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    • आखिरी दिन सर्विस: 19 सितंबर 2025
    • पूरी बंदी: 20 सितंबर 2025 से
    • रूट बंद: चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (दोनों तरफ)
    • कारण: नए रेक्स, CBTC सिग्नलिंग, फ्लेट ओवरहॉल
  • Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।

    📜 कैसे हुआ विवाद?

    • 2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
    • लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
    • 2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
    • इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।

    ⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?

    • यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
    • एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
    • प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा
    • बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
    • लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
    • सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया

    ⚖️ NGT का फैसला

    NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है।
    इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।

  • 🧬 मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    🧬 मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।

    🔍 क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?

    मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।

    ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।

    🔬 रिसर्च में क्या मिला?

    इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:

    • 93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
    • इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
    • इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।

    👉 ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।

    📉 भारत में CBAVD की स्थिति

    • CBAVD: भारत में पुरुषों की इंफर्टिलिटी के कुल मामलों में से 2-3% इसी से जुड़े होते हैं।
    • CUAVD: जब एक ही नली गायब होती है, तो इसे Congenital Unilateral Absence of the Vas Deferens (CUAVD) कहा जाता है, और यह बहुत ही दुर्लभ (0.04%) होता है।
    • 25% पुरुष जिनमें Obstructive Azoospermia (सीमन में स्पर्म न होना) पाया जाता है, उनमें CBAVD की पुष्टि होती है।

    🧑‍⚕️ डॉक्टरों की राय

    डॉ. प्रकाश पवार (यूरोलॉजिस्ट, सायन हॉस्पिटल) कहते हैं:

    “इंफर्टिलिटी को लेकर समाज में काफी कलंक है, और अधिकतर महिलाओं को दोष दिया जाता है, जबकि कारण पुरुषों में होता है।”

    डॉ. राहुल गजबिये (प्रमुख वैज्ञानिक, ICMR-NIRRCH) का मानना है कि:

    “अब हमें IVF से पहले CFTR, ADGRG2 और अन्य संभावित जीन की जांच करनी चाहिए। Whole Exome Sequencing अब जरूरी बन गई है।”

    🧪 इलाज में क्या होगा बदलाव?

    इस रिसर्च के बाद संभावित बदलाव:

    • IVF से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग का सुझाव।
    • Intracytoplasmic Sperm Injection (ICSI) से पहले जीन चेकअप का सुझाव।
    • सही कारण मिलने से बेहतर जेनेटिक काउंसलिंग और इलाज की दिशा तय होगी।
  • मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई के मालाड, कांदिवली और बोरीवली में फर्जी नक्शों के जरिए आरक्षित जमीन पर गरीबों की बस्तियां और दुकानें अवैध बताई जा रही हैं। मंत्री आशीष शेलार ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए।

    🚨 आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खुलासा

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां बिल्डरों और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से आरक्षित जमीनों के फर्जी नक्शे बनाए गए और उन्हीं नक्शों के आधार पर गरीबों के घर, चॉल और दुकानें अवैध घोषित कर दिए गए।

    Malad-Fake-maps-are-playing-on-reserved-land-in-Mumbai-houses-and-shops-of-poor-people-are-in-danger

    🏘️ मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस

    मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली स्थित आर-सेंट्रल कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि मालाड, कांदिवली और बोरीवली इलाके के 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध ठहराते हुए नोटिस जारी किए गए। इनमें नागरिकों के घर, इमारतें, गांवठण और चॉलें शामिल हैं।

    🛑 SIT जांच का गलत इस्तेमाल

    शेलार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि SIT जांच सिर्फ विशेष मामलों के लिए है। लेकिन उसके नाम पर आम नागरिकों को उनके घर-दुकानों से बेदखल करना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।

    📝 फर्जी स्कैनिंग और जिम्मेदार अधिकारी

    मंत्री ने कहा कि अगर नक्शों की स्कैनिंग के दौरान जानबूझकर फेरबदल किया गया है, तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं बल्कि उन्हें नियुक्त करने वाले अधिकारियों की भी जांच होगी। बताया जा रहा है कि 950 से ज्यादा गांवठणों को नोटिस भेजी गई है, जिससे लोग परेशान हैं।

    📊 सरकार पर पुनर्विचार का दबाव

    इस मामले में पहले एक समिति बनी थी और अब SIT जांच भी चल रही है। लेकिन कई पीड़ित नागरिकों का आरोप है कि उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है।
    मंत्री शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट पर दोबारा विचार किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी यही मांग उठाई है।

    ⚠️ आंदोलन की चेतावनी

    पीड़ित नागरिकों ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

    📌 FAQ सेक्शन – मुंबई आरक्षित जमीन घोटाला

    1. मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का मामला क्या है?

    👉 मालाड, कांदिवली और बोरीवली में बीएमसी अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत से फर्जी नक्शे बनाकर गरीबों के घर, चॉल और दुकानों को अवैध ठहराने का आरोप है।

    2. किन इलाकों में फर्जी नक्शों के आधार पर नोटिस दिए गए?

    👉 पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों के तहत आने वाले मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस जारी किया गया।

    3. इस घोटाले में कितनी बस्तियों और गांवठणों को नोटिस मिली?

    👉 लगभग 950 गांवठण और 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी की गई हैं।

    4. आशीष शेलार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए?

    👉 मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली आर-सेंट्रल कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIT रिपोर्ट का गलत इस्तेमाल न हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

    5. क्या मुंबई के लोग आंदोलन करेंगे?

    👉 हाँ, पीड़ित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।