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  • महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अब दुकानें, मॉल और रेस्टोरेंट्स रहेंगे 24×7 खुले, कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अब दुकानें, मॉल और रेस्टोरेंट्स रहेंगे 24×7 खुले, कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

    महाराष्ट्र सरकार ने दुकानों, मॉल्स और रेस्टोरेंट्स को हफ्ते के सातों दिन 24×7 खोलने की इजाज़त दी है। कुछ कारोबारी इसे रोजगार और नाइट इकॉनमी के लिए गेमचेंजर बता रहे हैं, तो कुछ ने सुरक्षा और खर्च बढ़ने की आशंका जताई।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नया सर्कुलर जारी किया जिसमें दुकानों, रेस्टोरेंट्स, मॉल्स, मल्टीप्लेक्स और दूसरे कमर्शियल प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खुले रखने की अनुमति दी गई है। हालांकि शराब बेचने वाले या परोसने वाले बार और वाइन शॉप्स को इससे बाहर रखा गया है।

    सरकार का मानना है कि इससे नाइट-टाइम इकॉनमी (Night-time Economy) को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के मौके बढ़ेंगे और मुंबई को असली ग्लोबल सिटी बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

    खुश कारोबारियों ने फैसले को बताया गेमचेंजर

    मुंबई की कई बड़ी एसोसिएशनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

    • Retailers Association of India (RAI) के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा – “हम लंबे समय से इस पर जोर दे रहे थे। इससे ग्राहकों को जब चाहें खरीदारी की सुविधा मिलेगी और रिटेलर्स भी बेहतर सर्विस दे पाएंगे।”
    • Hotel and Restaurant Association Western India (HRAWI) के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने इसे “ऐतिहासिक और मुंबई को ग्लोबल सिटी बनाने वाला कदम” बताया। उनका कहना है कि यह फैसला युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और टूरिज़्म सेक्टर को मजबूत करेगा।

    छोटे कारोबारियों ने उठाई सुरक्षा और खर्च की चिंता

    जहां बड़े बिज़नेस हब और मॉल मालिक इस फैसले को सराह रहे हैं, वहीं छोटे व्यापारी और होटल मालिक इससे चिंतित हैं।

    • विजय शेट्टी (चेंबूर के होटल मालिक) ने कहा – “हर जगह 24 घंटे दुकानें खुली रखना प्रैक्टिकल नहीं है। खर्च बढ़ेगा लेकिन ग्राहक हर समय नहीं आएंगे। सिर्फ एयरपोर्ट और बड़े हब्स पर ही फायदा होगा।”
    • दादर व्यापारी संघ के सचिव दीपक देवरुखकर ने कहा – “रात में सुरक्षा सबसे बड़ी समस्या है। कोई भी आधी रात को कपड़े खरीदने नहीं आएगा। यहां तक कि अमेरिका में भी ज्यादातर सुपरमार्केट्स आधी रात तक ही बंद हो जाते हैं।”

    ज्वेलरी और बुलियन कारोबारियों की नाराज़गी

    Bombay Bullions Association ने भी चिंता जताई है।

    • एसोसिएशन के प्रवक्ता कुमार जैन ने कहा – “यह कदम सराहनीय है लेकिन ज्वेलरी और बुलियन कारोबारियों के लिए इसका कोई बड़ा फायदा नहीं है। छोटे ज्वेलरी शॉप्स रात में खुले रखना बेहद खतरनाक हो सकता है।”

    उनका कहना है कि केवल मॉल्स में मौजूद ज्वेलरी शॉप्स को ही इसका फायदा मिलेगा, जबकि लोकल दुकानों के लिए यह कदम नुकसानदायक साबित होगा।

    किसको होगा फायदा और किसको नुकसान?

    • फायदा: रेस्टोरेंट्स, मूवी थिएटर, मॉल्स और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर।
    • नुकसान या कोई बड़ा असर नहीं: छोटे व्यापारी, कपड़े/ज्वेलरी शॉप्स और पारंपरिक बिज़नेस।

    FAQ Section

    Q1. महाराष्ट्र सरकार का नया नियम क्या है?
    Ans: दुकानों, मॉल्स, रेस्टोरेंट्स और मल्टीप्लेक्स को 24×7 खुले रखने की इजाज़त दी गई है।

    Q2. क्या शराब बेचने वाले बार और वाइन शॉप्स भी खुल सकेंगे?
    Ans: नहीं, शराब बेचने या परोसने वाले प्रतिष्ठान इसमें शामिल नहीं हैं।

    Q3. इस फैसले से किसे फायदा होगा?
    Ans: रेस्टोरेंट्स, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म और मॉल्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा।

    Q4. छोटे कारोबारियों की चिंता क्या है?
    Ans: बढ़ते खर्च, सुरक्षा की कमी और ग्राहकों की कमी।

    Q5. क्या इससे रोजगार बढ़ेगा?
    Ans: हाँ, खासकर हॉस्पिटैलिटी और नाइट-टाइम इकॉनमी में युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।

  • BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    मुंबई के साउथ मुंबई (SoBo) में BMC के A-वार्ड के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ की अनियमितताएं सामने आईं। BMC विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने A-वार्ड के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है।
    आरोप है कि 2023 से 2025 के बीच हुए ब्यूटीफिकेशन और स्लम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है।

    A-वार्ड में कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, पी’डीमेलो रोड और बैलार्ड एस्टेट जैसे मुंबई के पॉश इलाके आते हैं।

    RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर कार्रवाई

    इस जांच की नींव RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत से रखी गई।

    • विजिलेंस डिपार्टमेंट ने पहले 14 अगस्त को नोटिस जारी कर डॉक्यूमेंट्स मांगे थे।
    • उसके बाद 22 सितंबर को साइट इंस्पेक्शन के दौरान कई गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
    • कई फाइलें गायब मिलीं, कुछ वर्क ऑर्डर्स फर्जी लगे और कई प्रोजेक्ट अधूरे मिले।

    इंस्पेक्शन में सामने आई गड़बड़ियां

    विजिलेंस इंस्पेक्शन में कई चौकाने वाले मामले सामने आए:

    • कोलाबा में फर्जी रिपेयर ऑर्डर
    • बधवार पार्क का अधूरा ब्यूटीफिकेशन
    • शिवाजी मेमोरियल प्रोजेक्ट का अधूरा काम

    इन गड़बड़ियों की वजह से BMC को ₹76,594 की बचत और ₹45,000 की पेनल्टी का मामला दर्ज करना पड़ा।

    इसके अलावा, 29 कामों की ऑडिट में और अनियमितताएं मिलीं जिनसे ₹28.32 लाख रिकवरी और ₹12.72 लाख की पेनल्टी लगाई गई।

    डॉक्यूमेंट्स जमा करने पर विवाद

    विजिलेंस विभाग ने कहा था कि A-वार्ड ने 1 सितंबर 2025 को वादा किया था कि गणेश विसर्जन के बाद डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
    हालांकि, जेयदीप मोरे (Acting Assistant Commissioner) का कहना है कि उन्होंने 29 सितंबर को ही सारे डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं।

    अब आगे क्या?

    विजिलेंस डिपार्टमेंट अब इन डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा करेगा।
    अगर गड़बड़ियों के सबूत पक्के मिले तो बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यह मामला BMC के कामकाज पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।


    FAQ Section

    Q1. BMC के किस वार्ड में घोटाला सामने आया है?
    Ans: साउथ मुंबई के A-वार्ड में, जिसमें कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव जैसे इलाके आते हैं।

    Q2. यह जांच किसकी शिकायत पर शुरू हुई?
    Ans: RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई।

    Q3. कुल कितनी रकम पर अनियमितता का आरोप है?
    Ans: लगभग ₹103 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी सामने आई है।

    Q4. विजिलेंस जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
    Ans: फर्जी रिपेयर ऑर्डर्स, अधूरे प्रोजेक्ट्स, गुम फाइलें और संदिग्ध वर्क ऑर्डर्स।

    Q5. आगे की कार्रवाई क्या होगी?
    Ans: विजिलेंस विभाग डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद तय करेगा कि किन अफसरों पर सख्त कदम उठाने हैं।

  • Bombay High Court ने Shilpa Shetty और Raj Kundra की Phuket जाने की अर्जी ठुकराई, LOC रहेगा लागू

    Bombay High Court ने Shilpa Shetty और Raj Kundra की Phuket जाने की अर्जी ठुकराई, LOC रहेगा लागू

    Bombay High Court ने Shilpa Shetty और उनके पति Raj Kundra की Phuket ट्रिप के लिए विदेश यात्रा की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने गंभीर मामलों की लंबित जांच का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस Shilpa Shetty और बिज़नेसमैन Raj Kundra की तीन दिन की फैमिली वेकेशन ट्रिप के लिए दी गई अर्जी को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने खारिज कर दिया है। कपल ने कोर्ट से Thailand के Phuket जाने की परमिशन मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया।

    गंभीर केस का हवाला देते हुए अर्जी खारिज

    इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंकड की बेंच ने की।
    सरकार के वकील ने कहा कि जब तक Economic Offences Wing (EOW) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विदेश यात्रा की इजाज़त नहीं दी जा सकती।

    • केस बिज़नेसमैन Deepak Kothari की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
    • आरोप है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने उनकी कंपनी में 60 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए कहा और फिर पैसा डाइवर्ट कर लिया।
    • कोर्ट ने कहा कि ऐसे “गंभीर आरोप” लंबित रहने के दौरान विदेश यात्रा की परमिशन देना उचित नहीं है।

    Lookout Circular (LOC) रहेगा लागू

    Mumbai Police की Economic Offences Wing ने पहले ही कपल के खिलाफ Lookout Circular (LOC) जारी कर रखा है। इसका मतलब है कि बिना कोर्ट की अनुमति के वे विदेश नहीं जा सकते।

    राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने दलील दी थी कि:

    • राज कुंद्रा को बिज़नेस के लिए बार-बार विदेश जाना पड़ता है।
    • शिल्पा शेट्टी की भी विदेश में प्रोफेशनल कमिटमेंट्स रहती हैं।
    • विदेश यात्रा पर रोक लगाना उनके Fundamental Rights का उल्लंघन है।

    लेकिन कोर्ट ने यह दलील मानने से इनकार कर दिया।

    EOW की जांच जारी

    जानकारी के मुताबिक, Raj Kundra पहले भी EOW के सामने पेश हो चुके हैं और उनसे पूछताछ की गई है।
    अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। तब तक LOC लागू रहेगा और कपल विदेश यात्रा नहीं कर पाएगा।


    FAQ Section

    Q1. Shilpa Shetty और Raj Kundra को Phuket जाने की परमिशन क्यों नहीं मिली?
    Ans: Bombay HC ने कहा कि उनके खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराध के केस पेंडिंग हैं, इसलिए विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    Q2. यह केस किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ है?
    Ans: बिज़नेसमैन दीपक कोठारी ने शिकायत की थी कि कपल ने उनकी 60 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट का गलत इस्तेमाल किया।

    Q3. क्या Lookout Circular अभी भी लागू है?
    Ans: हाँ, LOC जारी रहेगा और दोनों बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं जा सकते।

    Q4. अगली सुनवाई कब होगी?
    Ans: अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।

  • Mumbai News: मंत्रालय के बाहर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने लगाई आत्मदाह की कोशिश, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

    Mumbai News: मंत्रालय के बाहर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने लगाई आत्मदाह की कोशिश, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

    मुंबई मंत्रालय के बाहर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश की। नवी मुंबई में काजू फैक्ट्री से हो रही आवाज़ की समस्या को लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। घटना से प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: मंगलवार शाम मंत्रालय (Mantralaya) के बाहर एक नाटकीय घटना ने सभी को हिला कर रख दिया। नवी मुंबई के कोपारखैराने इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग ने प्रशासन की लापरवाही से परेशान होकर आत्मदाह करने की कोशिश की। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू पॉलिशिंग फैक्ट्री की मशीनों से लगातार शोर होता है, जिसकी वजह से वे और आसपास के लोग काफी समय से परेशान हैं।

    उन्होंने कई बार नवी मुंबई महानगरपालिका (Navi Mumbai Municipal Corporation – NMMC) और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक-हार कर उन्होंने मंत्रालय के बाहर खुद को आग लगाने का प्रयास किया। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तुरंत रोक लिया और पुलिस को सौंप दिया।

    मंत्रालय के बाहर शाम 4:55 बजे हुई घटना

    पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम करीब 4:55 बजे की है। बुजुर्ग ने मंत्रालय के गेट के पास खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की कोशिश की। सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया और आत्मदाह की कोशिश नाकाम कर दी।

    बाद में उन्हें मरीन ड्राइव पुलिस (Marine Drive Police) के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद बुजुर्ग को चेतावनी देते हुए नोटिस के साथ छोड़ दिया।

    नवी मुंबई की फैक्ट्री से परेशान थे बुजुर्ग

    बुजुर्ग का कहना है कि कोपारखैराने (Koparkhairane) इलाके में उनके घर के पास कई काजू पॉलिशिंग फैक्ट्रियां चल रही हैं। ये फैक्ट्रियां 24 घंटे काम करती हैं और लगातार मशीनों का शोर होता रहता है।

    उनका आरोप है कि लगातार इस शोर से उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है और नींद तक पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने कई बार नवी मुंबई नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया।

    प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

    यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नवी मुंबई जैसे विकसित शहर में अगर एक बुजुर्ग को अपनी समस्या के समाधान के लिए मंत्रालय जाकर आत्मदाह की कोशिश करनी पड़े, तो यह स्थानीय शासन की नाकामी को दर्शाता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के नागरिक इन फैक्ट्रियों से परेशान हैं। लेकिन उद्योग और व्यापार से जुड़े दबाव के कारण अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

    पुलिस और प्रशासन की सफाई

    मरीन ड्राइव पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग ने सिर्फ विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसा कदम उठाया। उन्हें समझाया गया है कि इस तरह का तरीका खतरनाक है और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।

    दूसरी ओर नवी मुंबई प्रशासन का कहना है कि शिकायतें मिली थीं, लेकिन फैक्ट्री मालिकों को नोटिस देकर भी कोई असर नहीं हुआ। अब नई कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्रियों के लगातार शोर और प्रदूषण से जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग नींद की समस्या और मानसिक तनाव की शिकायत कर चुके हैं।

    नागरिकों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं, इसलिए उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।

    सोशल मीडिया पर बहस

    जैसे ही मंत्रालय आत्मदाह की कोशिश की खबर फैली, सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दीं। कई लोगों ने इसे प्रशासन की असंवेदनशीलता बताया, तो कुछ ने कहा कि बुजुर्ग की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए।

    ट्विटर (X) पर कई यूज़र्स ने लिखा कि अगर एक आम आदमी की शिकायत को महीनों तक नजरअंदाज किया जाएगा, तो लोग मजबूरी में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे।

    एक्सपर्ट की राय

    सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह सिस्टम की उस कमजोरी को दिखाती है, जहां आम नागरिक की आवाज़ सरकारी फाइलों में दबकर रह जाती है।

    एनवायरनमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फैक्ट्री एरिया को रिहायशी इलाकों के पास चलाना गलत है। इससे लोगों की सेहत और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ता है।

    समाधान क्या हो सकता है?

    1. नवी मुंबई प्रशासन को तुरंत फैक्ट्री मालिकों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
    2. उद्योगों को रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट किया जाए।
    3. पर्यावरण और शोर प्रदूषण के नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
    4. नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए तेज शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मंत्रालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश किसने की?
    Ans: नवी मुंबई के कोपारखैराने निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग ने यह कदम उठाया।

    Q2. बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश क्यों की?
    Ans: उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू फैक्ट्रियों से होने वाले शोर और प्रशासन की लापरवाही के कारण।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    Ans: मरीन ड्राइव पुलिस ने बुजुर्ग को पकड़कर पूछताछ की और नोटिस देकर छोड़ दिया।

    Q4. नवी मुंबई प्रशासन ने क्या कहा?
    Ans: प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्रियों को नोटिस भेजा गया था, लेकिन अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    Q5. क्या इलाके के अन्य लोग भी परेशान हैं?
    Ans: हाँ, कई स्थानीय निवासियों ने भी शोर प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की है।

  • BJP Dindoshi: दिंडोशी विधानसभा में ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

    BJP Dindoshi: दिंडोशी विधानसभा में ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

    दिंडोशी विधानसभा वार्ड क्र. 37 में पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान के तहत भव्य नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।

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    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भाजपा की ओर से दिंडोशी विधानसभा (वा. क्र. 37) में ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान के तहत एक बड़े नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का नेतृत्व नगरसेविका प्रतिभा हेमंत शिंदे और हेमंत शिंदे ने किया।
    इस कार्यक्रम में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी आंखों की मुफ्त जांच करवाई।

    भाजपा नेताओं के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन

    इस नेत्र शिविर का आयोजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के मार्गदर्शन में किया गया।
    शिविर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक जैसे अतुल भातखळकर, रविंद्र चव्हाण, आशीष शेलार, प्रविण दरेकर, राजहंस सिंह, अभिजीत सावंत, ज्ञानमुर्ति शर्मा, संतोष मेढेकर, प्रतिक कर्पे, प्रीति साटम, डॉ. केयुर भाग्यश्री और स्वरुप प्रमाणिक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

    नागरिकों की भारी भागीदारी

    शिविर में सैकड़ों नागरिकों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। इस दौरान नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच की और जरूरत पड़ने पर आगे के इलाज की सलाह भी दी।
    लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं।

    आयोजकों का आभार प्रदर्शन

    आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर पूरा सहयोग दिया।
    शिविर संपन्न होने के बाद आयोजकों ने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

    ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान का महत्व

    भाजपा की यह पहल सिर्फ स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
    इस अभियान का उद्देश्य है –

    • आम जनता को नेत्र संबंधी बीमारियों की जांच उपलब्ध कराना
    • जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज और सलाह देना
    • आंखों की देखभाल को लेकर जागरूकता फैलाना

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. नमो नेत्र संजीवनी अभियान क्या है?
    👉 यह भाजपा की एक सामाजिक पहल है, जिसके जरिए आम लोगों के लिए मुफ्त नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं।

    Q2. दिंडोशी विधानसभा में यह शिविर कब आयोजित हुआ?
    👉 यह शिविर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया।

    Q3. शिविर में किसने नेतृत्व किया?
    👉 शिविर का नेतृत्व नगरसेविका प्रतिभा हेमंत शिंदे और हेमंत शिंदे ने किया।

    Q4. इस कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता मौजूद थे?
    👉 भाजपा के कई बड़े नेता जैसे देवेंद्र फडणवीस, अमित साटम, आशीष शेलार, प्रविण दरेकर, अतुल भातखळकर और अन्य नेता मौजूद रहे।

    Q5. शिविर से नागरिकों को क्या लाभ हुआ?
    👉 नागरिकों ने मुफ्त में आंखों की जांच करवाई और डॉक्टरों से इलाज व देखभाल की सलाह भी पाई।

  • Mumbai News: अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा पर ED की बड़ी रेड, मुंबई और इंदौर के ठिकानों पर छापा

    Mumbai News: अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा पर ED की बड़ी रेड, मुंबई और इंदौर के ठिकानों पर छापा

    अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Ltd पर ED की बड़ी कार्रवाई। मुंबई और इंदौर में 6 ठिकानों पर छापेमारी, विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन (FEMA) मामले में जांच जारी।

    मुंबई: कारोबारी जगत में आज एक बार फिर से हलचल मच गई जब एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited (R-Infra) के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। मुंबई और इंदौर में एक साथ 6 जगहों पर छापेमारी की जा रही है। यह पूरा मामला कथित रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन और विदेश में अवैध धन भेजने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    ED की छापेमारी से मचा हड़कंप

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    ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह से ही मुंबई और इंदौर के 6 ठिकानों पर रेड शुरू की। इनमें से कुछ दफ्तरों से लेकर निजी प्रॉपर्टीज भी शामिल हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए विदेशों में अवैध तरीके से धन ट्रांसफर तो नहीं किया गया।

    मामला क्या है?

    ED की ये कार्रवाई दरअसल FEMA यानी Foreign Exchange Management Act के उल्लंघन से जुड़ी है। आरोप है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए करोड़ों रुपए की रकम विदेशों में भेजी गई और उसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या संबंधित एजेंसियों को ठीक तरीके से नहीं दी गई।
    इस मामले में पहले से ही कुछ वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी थीं। अब ED ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी है।

    अनिल अंबानी और उनकी कंपनी पर सवाल

    अनिल अंबानी की Reliance Group बीते कई सालों से आर्थिक मुश्किलों में फंसी रही है। खासकर रिलायंस कम्युनिकेशंस और उससे जुड़ी कंपनियों के कर्ज के मामले पहले ही काफी सुर्खियों में रह चुके हैं। अब Reliance Infrastructure पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
    ED यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर कंपनी ने अपनी फॉरेन डीलिंग्स में किस तरह के नियम तोड़े और कितना पैसा विदेश भेजा गया।

    छापेमारी के दौरान क्या मिला?

    हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई बड़ा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ED टीम ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया है। इसमें कंपनी के अकाउंट्स, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और ईमेल्स शामिल हो सकते हैं।
    जानकारी ये भी मिल रही है कि एजेंसी कुछ शेल कंपनियों और विदेशी खातों की भी जांच कर रही है जिनके जरिए कथित रूप से पैसे ट्रांसफर किए गए।

    अनिल अंबानी का बयान क्या है?

    फिलहाल अनिल अंबानी या Reliance Infrastructure की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी ED की जांच में पूरा सहयोग कर रही है।

    ED की जांच का दायरा और बढ़ सकता है

    ED की इस रेड को सिर्फ शुरुआत माना जा रहा है। अगर छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलते हैं तो आने वाले दिनों में अनिल अंबानी समेत कंपनी के कई टॉप एग्जीक्यूटिव्स से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा, मामला कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।

    अनिल अंबानी और विवादों का पुराना रिश्ता

    अनिल अंबानी का नाम इससे पहले भी कई विवादों में आ चुका है।

    • राफेल डील विवाद के दौरान उनका नाम काफी चर्चा में रहा।
    • उनकी कंपनियों पर भारी-भरकम कर्ज चढ़ा और कई बार उन्हें कोर्ट में भी पेश होना पड़ा।
    • अनिल अंबानी को 2019 में लंदन कोर्ट ने भी संपत्ति और कर्ज मामले में तलब किया था।

    अब Reliance Infrastructure पर यह नई कार्रवाई उनके लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।

    क्या है FEMA कानून?

    Foreign Exchange Management Act (FEMA) भारत का वो कानून है जिसके जरिए विदेशों में पैसे भेजने और वहां से पैसे लाने पर निगरानी रखी जाती है।
    अगर कोई कंपनी या व्यक्ति बिना नियमों का पालन किए विदेशी करेंसी में ट्रांजेक्शन करता है, तो ये गंभीर अपराध माना जाता है और ED जैसी एजेंसियां सीधे जांच में उतर जाती हैं।

    आर्थिक जगत में चर्चा का माहौल

    इस खबर के सामने आने के बाद मुंबई के बिजनेस सर्कल में खलबली मच गई है। कई लोग मान रहे हैं कि अगर यह मामला गंभीर साबित हुआ तो अनिल अंबानी की कंपनियों की स्थिति और खराब हो सकती है।
    वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई का असर स्टॉक मार्केट और खासकर रिलायंस इंफ्रा के शेयरों पर भी दिख सकता है।

    मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा

    जैसे ही खबर आई, सोशल मीडिया पर #AnilAmbani और #EDRaid ट्रेंड करने लगे। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे बिजनेस फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक एंगल से भी जोड़ रहे हैं।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. ED ने छापेमारी कहां की?
    👉 मुंबई और इंदौर में कुल 6 ठिकानों पर।

    Q2. मामला किससे जुड़ा है?
    👉 अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited और कथित FEMA उल्लंघन से।

    Q3. क्या अनिल अंबानी से पूछताछ होगी?
    👉 अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सबूत मिलने पर संभव है कि उन्हें बुलाया जाए।

    Q4. FEMA कानून क्या है?
    👉 यह विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करने वाला भारतीय कानून है।

    Q5. क्या पहले भी अनिल अंबानी विवादों में रहे हैं?
    👉 हां, राफेल डील, कर्ज मामले और लंदन कोर्ट में पेशी जैसे विवादों में उनका नाम रहा है।

  • राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।

    आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र

    कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।

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    मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप

    विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।

    राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?

    कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।

    लद्दाख से लेकर यूपी तक विपक्ष पर हमले

    लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।

    कांग्रेस का ऐक्शन प्लान

    अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी?
    Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।

    Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया?
    Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।

    Q3: कांग्रेस का क्या रुख है?
    Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।

    Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है?
    Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

    Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं?
    Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

  • मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस 10 अक्टूबर तक बड़े मेंटेनेंस और ट्रैक अपग्रेडेशन के कारण प्रभावित रहेगी। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइन पर रूट बदलेंगे, देरी होगी और भीड़ बढ़ेगी। यहां पढ़ें पूरी जानकारी और वैकल्पिक यात्रा प्लान।

    मुंबई: “लाइफलाइन” कही जाने वाली लोकल ट्रेनें इन दिनों बड़े मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन के चलते दिक्कत में हैं। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइनों पर मरम्मत और सिग्नल सिस्टम मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है, जिसकी वजह से रोज़ाना लाखों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यह काम 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

    disruption इतना बड़ा क्यों?

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा प्लान्ड डिस्रप्शन है।

    • ट्रैक रिन्यूअल (Track Renewal)
    • सिग्नल मॉडर्नाइजेशन (Signaling Modernization)
    • ब्रिज स्ट्रेंथनिंग (Bridge Strengthening)

    इन अपग्रेड्स से लोकल ट्रेन नेटवर्क और भी मज़बूत और सुरक्षित होगा।

    कौन-कौन सी लाइनें होंगी प्रभावित?

    🚆 Central Line

    • ठाणे से कल्याण के बीच कई सर्विसेज़ कम कर दी गई हैं।
    • पिक ऑवर्स में यात्रियों को सबसे ज़्यादा देरी का सामना करना पड़ेगा।

    🚆 Western Line

    • नॉन-पीक आवर्स में लिमिटेड शेड्यूल पर ट्रेनें चलेंगी।
    • कुछ रूट पर डायवर्जन की वजह से सफर लंबा होगा और भीड़ बढ़ेगी।

    🚆 Harbour Line

    • नाइट ब्लॉक और बीच-बीच में सर्विस सस्पेंड होगी।
    • देर रात घर लौटने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।

    वैकल्पिक यात्रा प्लान

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    रेलवे और BMC ने यात्रियों के लिए अलग-अलग विकल्प तैयार किए हैं:

    • BEST बसें: पिक टाइम पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
    • मुंबई मेट्रो: वेस्टर्न और सेंट्रल रूट पर मेट्रो का इस्तेमाल बेहतर विकल्प होगा।
    • ऑटो-रिक्शा और कैब: शेयरिंग और ऐप-बेस्ड सर्विसेज़ उपलब्ध होंगी, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है।

    यात्रियों को क्या दिक्कतें आएंगी?

    • सफर लंबा होगा: ट्रेनों के डायवर्जन और लेट होने की वजह से।
    • 🚉 भीड़ बढ़ेगी: कम ट्रेनों की वजह से पिक टाइम पर ओवरक्राउडिंग होगी।
    • 🌙 देर रात परेशानी: नाइट ब्लॉक्स की वजह से आखिरी ट्रेनें छूट सकती हैं।

    सुरक्षा पर रेलवे का अलर्ट

    यात्रियों से अपील की गई है कि:

    • भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में जबरदस्ती न चढ़ें।
    • फुट ओवरब्रिज का सही इस्तेमाल करें।
    • स्टेशन पर रेलवे स्टाफ के निर्देशों का पालन करें।

    कब तक रहेगी दिक्कत?

    10 अक्टूबर तक यह मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम चलेगा। इसके बाद यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और तेज़ सर्विस का फायदा मिलेगा।


    FAQs

    Q1: मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस किस तारीख तक प्रभावित रहेगी?
    👉 10 अक्टूबर तक।

    Q2: कौन-कौन सी लाइनों पर असर पड़ेगा?
    👉 Central Line, Western Line और Harbour Line।

    Q3: वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट क्या है?
    👉 BEST बसें, मेट्रो, ऑटो और कैब।

    Q4: यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत कब होगी?
    👉 पिक आवर्स (सुबह और शाम) और नाइट ब्लॉक के दौरान।

    Q5: यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 ट्रैक रिन्यूअल, सिग्नल मॉडर्नाइजेशन और ब्रिज स्ट्रेंथनिंग के लिए।

  • मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में सोमवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोकल ट्रेनें और BEST बसें मामूली देरी के साथ सामान्य चल रही हैं।

    मुंबई: सोमवार (29 सितंबर 2025) की सुबह मुंबई शहर में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। इससे पहले रविवार को शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। मौसम विभाग (IMD) ने सुबह 8 बजे के अपडेट में बताया कि आज शहर और उपनगरों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    🌧️ पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?

    • आइलैंड सिटी (साउथ मुंबई): 74.85 मिमी
    • ईस्टर्न सबर्ब: 77.89 मिमी
    • वेस्टर्न सबर्ब: 99.44 मिमी
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    रविवार को शहर के कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी। हालांकि सोमवार की सुबह बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रही।

    🚉 लोकल ट्रेन और BEST बस सर्विस पर असर

    • सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें मामूली देरी से सही, लेकिन सामान्य रूप से चल रही हैं।
    • BEST बसों के रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
      इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

    🌊 हाई टाइड और लो टाइड का समय

    • हाई टाइड: दोपहर 3:27 बजे (3.01 मीटर)
    • लो टाइड: रात 9:36 बजे (1.58 मीटर)

    बारिश और हाई टाइड के मेल से समुद्र किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    🔶 ‘ऑरेंज अलर्ट’ का क्या मतलब?

    IMD ने मुंबई और उपनगरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आने वाले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सावधानी बरतनी होगी।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या होता है?
    👉 ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

    Q2: क्या मुंबई की लोकल ट्रेनें बारिश में प्रभावित हैं?
    👉 फिलहाल मुंबई लोकल ट्रेनें मामूली देरी के साथ सामान्य रूप से चल रही हैं।

    Q3: अगले 24 घंटे में मुंबई में कितनी बारिश हो सकती है?
    👉 IMD के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

    Q4: आज मुंबई में हाई टाइड कब है?
    👉 आज दोपहर 3:27 बजे हाई टाइड है जिसकी ऊंचाई 3.01 मीटर होगी।

  • “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे समय रहते उन्होंने राज ठाकरे की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया और उनकी जान बचाई।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की हत्या की साजिश को नाकाम किया था।

    🎯 ‘कोंकण टूर’ के दौरान थी प्लानिंग

    शर्मा ने बताया कि रूटीन सर्विलांस के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि राज ठाकरे को उनके आगामी कोंकण दौरे के दौरान निशाना बनाया जा सकता है। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए उन्होंने तुरंत तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर को अलर्ट किया।

    🚨 समय पर कार्रवाई से बची जान

    सूचना मिलते ही पुलिस ने राज ठाकरे को ब्रीफ किया और उन्हें दौरा रद्द करने की सलाह दी।
    👉 नतीजा यह रहा कि पूरा टूर कैंसिल हो गया और हत्या की साजिश नाकाम हो गई।

    🔫 पहले भी मिल चुकी थी धमकी

    प्रदीप शर्मा ने यह भी याद किया कि साल 2003 में मुलुंड ट्रेन ब्लास्ट केस की जांच के दौरान पाकिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास पर हमला करने की प्लानिंग की थी।
    शर्मा खुद उस एनकाउंटर का हिस्सा थे जिसमें तीन आतंकी ढेर हुए।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों की चुनौतियाँ

    प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऐसे मामलों में

    • विजिलेंस (निगरानी)
    • टाइमली इंटेलिजेंस
    • और सीनियर अफसरों के साथ कॉर्डिनेशन
      सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. राज ठाकरे पर हमला कब प्लान किया गया था?
    👉 प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह प्लानिंग उनके कोंकण दौरे के दौरान की गई थी।

    Q2. किसने साजिश का खुलासा किया?
    👉 मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने सर्विलांस के दौरान यह जानकारी जुटाई।

    Q3. क्या पहले भी ठाकरे परिवार को धमकी मिली थी?
    👉 हाँ, 2003 में आतंकी संगठन ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास को टारगेट करने की साजिश रची थी।

    Q4. इस खुलासे का ज़िक्र कहाँ हुआ?
    👉 प्रदीप शर्मा ने यह खुलासा NDTV मराठी के इंटरव्यू में किया।