Read the latest local news, community updates and top stories from your city and nearby areas. Stay informed with coverage on civic issues, crime, politics, business, education, weather, traffic and public events, only on Indian FastTrack.
RPF में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है?
वी बी माणिक मुंबई- भारतीय रेल का नया इतिहास खड़ा करने के चक्कर मे रेल सुरक्षा बल (RPF) के महानिदेशक (Director General) संजय चंदर ने एक नए फार्मूले का इजाफा किया है। जिसका नाम है ट्रांसफर मोडिफिकेशन मॉडल (टी एम एम ) इसका मतलब अभी तक किसी को समझ मे नही आया है। अभी तक कोई आईजी भी समझ नही पाए है। इस वर्ष मार्च 2023 में होने वाले निरीक्षको, उप निरीक्षको और अन्य आरपीएफ के जवानों का ट्रांसफर नही हो पाया है।
सभी रेलवे जोन में इस पर ज़ोरों शोरों से काम चल रहा है। फिर भी पूरा नही हो रहा है अधिकांश बुद्धिमान अधिकारी रात दिन मिलकर काम कर रहे है। लेकिन ट्रांसफर की लिस्ट अभी तक तैयार नही हुई है। जिनका ट्रांसफर का समय हो गया है। ऐसे सारे निरीक्षक और उनके सहकर्मी बड़ी बेचैनी से अपने आईजी ऑफिस की तरफ निगाहे लगाए बैठे है। फिर भी कोई समाचार नही मिल रहा है इन कर्मचारियों के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
आपको बता दें कि ट्रांसफर होने के बाद कर्मचारी एवं अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अपने तबादले के साथ-साथ बच्चों का उनकी स्कूलों में एडमिशन कराना है। स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गयी है। नही तो ये निरीक्षक अपने परिवार को छोड़कर पोस्टिंग की जगह पर ड्यूटी करने के लिए भाग्य हो सकते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारियों की समस्या से डीजी को कोई फर्क नही पड़ता।
मार्च से जुलाई महीना समाप्त होने के करीब है। इसके साथ ही 31 जुलाई को डीजी संजय चंदर का रिटायरमेंट है। इनको क्या फर्क पड़ने वाला है। कोई भी निरीक्षक विरोध करने की ताकत नही रखता। अगर किसी ने मुँह खोला तो सीधे निरीक्षक का ट्रांसफर जंगल मे कर दिया जायेगा। सीधे उसको चार्जशीट पकड़ा दिया जायेगा। इस समय आरपीएफ में भय का माहौल है। कितने निरीक्षक तो अपना बोरिया बिस्तरा बाँधकर तैयार बैठे है। समझ मे नही आ रहा है, कि आरपीएफ का भविष्य कितना उज्जवल है।
गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ। सीरियल के सेट पर घुसने से अफरा तफरी मच गई। इसी दौरान तेंदुआ ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया।
इस्माईल शेख मुंबई- गोरेगांव पूर्व, स्थित फिल्म सिटी में एक तेंदुए के घुसने से हड़कंप मच गया। तेंदुआ जिस समय फिल्म सिटी में घुसा, उस समय यहां एक टीवी सीरियल के सेट पर 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। यहां अजूनी सीरियल की शूटिंग चल रही थी। तेंदुए को देख कर घबराहट के मारे यहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि नजारा बड़ा ही खतरनाक था।
गोरेगांव की फिल्म सिटी में घुसा तेंदुआ।
सीरियल के सेट पर अफरा तफरी और घबराहट के बीच तेंदुए ने सेट पर से एक कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए के फिल्म सेट पर घुसने का वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कैसे तेंदुआ अजूनी सीरियल सेट पर बेखौफ होकर घूम रहा है। इसमें नजर आ रहा है कैसे उसने सेट पर एक कुत्ते पर हमला करके मार दिया है। तेंदुए के घुसने से सेट पर दहशत का माहौल फैल गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में मुंबई के फिल्म सिटी में एक टीवी शो में अजगर घुस गया था। उससे पहले यहां एक तेंदुआ भी देखा गया था। तब उसे रेस्क्यू कर वापस जंगल में भेज दिया गया था। इस दौरान सेट पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना था।
बता दें कि इस साल फरवरी में राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा की एक सोसाइटी में तेंदुआ दिखने से हड़कंप मच गया। उससे पहले दिल्ली- एनसीआर में आने वाले गाजियाबाद की कोर्ट में तेंदुआ नजर आया था। यहां तेंदुआ कोर्ट परिसर में काफी देर रहा, जिस वजह से कई देर तक लोग डर के साए में रहने को मजबूर हो गए थे। तेंदुए ने तब कोर्ट में मौजूद कई लोगों पर हमला किया। इसमें दो लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा हो गया। बीच पर नहाने गए पांच लड़के समुद्र के पानी में डूब गए। इनमें से दो को बचा लिया गया है।
इस्माईल शेख मुंबई- महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी मुंबई के मलाड पश्चिम में मार्वे बीच पर एक हादसा की खबर सामने आ रही है। समुद्र बीच पर नहाने गए पांच लड़के तट से लगभग आधा किलो मीटर की दूरी पर पानी में डूब गए। पांचों लड़कों की उम्र 12 से 16 बताई जा रही है। इनमें से दो लड़कों को लोगों ने सुरक्षा रक्षक आने से पहले ही बचा लिया। इनका नाम 16 वर्षीय जीतेन्द्र हरिजन और 13 साल का अंकुश भरत शिवारे बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक उनके साथ नहाने गए तीन लड़के अभी भी लापता हैं। तटवर्ती सुरक्षा रक्षक, एफआरटी एफ/एम, एफआरटी नाव, लाइफ जैकेट आदि का उपयोग कर तलाशी और बचाव अभियान जारी है। लापता बच्चों के नाम 12 वर्षीय शुभम राजकुमार जयसवाल, 13 वर्षीयसनिखिल साजिद कायमकुर और 12 साल का अजय जीतेंद्र हरिजन बताया गया है।
Indian fasttrack newsमलाड के मार्वे बीच पर प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान की तस्वीर
रविवार को लहरों में बह गया था एक कपल
आपको बता दें कि इससे पहले, बीते रविवार को ऐसे ही बांद्रा बैंडस्टैंड में समुद्र किनारे चट्टान पर बैठकर फोटो क्लिक करवा रहा एक दंपति (कपल) लहरों में बह गया था। हादसे में 32 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। मृतक का नाम ज्योति बताया जा रहा है, जबकि 35 वर्षीय पति मुकेश सुरक्षित है। महिला को पानी में बहता देख बच्चे मम्मी-मम्मी चिल्लाने लगे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। बताया जाता है कि यह दंपति पिकनिक मनाने के लिए यहां आया हुआ था।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं।
दो चेंबूर और एक कांदिवली।
2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था।
वी बी माणिक मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अब तक 11 CBSE स्कूल शुरू किए हैं और इन स्कूलों में गरीब परिवारों के छात्रों को पढ़ने का मौका दिया जा रहा है। बीएमसी ने इस शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में तीन और सीबीएसई स्कूल शुरू कर दिया हैं। इनमें से दो चेंबूर और एक कांदिवली में शुरू किया है। इसके साथ ही चेंबूर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) सीबीएसई बोर्ड (CBSE Bord) स्कूलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। (Mumbai BMC started three new CBSE schools)
छात्रो का मिल रहा है अच्छा प्रतिसाद
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने 2020 में जोगेश्वरी पूर्व के पूनम नगर स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल में पहला सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इस स्कूल से मिली प्रतिक्रिया को देखते हुए मनपा ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आगामी शैक्षणिक वर्ष से मुंबई में अन्य स्थानों पर भी सीबीएसई स्कूल शुरू करने का फैसला किया था। मनपा ने 2021 में 10 और स्थानों पर सीबीएसई स्कूल शुरू किया था। इसके अलावा आईसीएसई, आईबी और कैम्ब्रिज आईजीसीएसई बोर्ड का एक-एक स्कूल भी शुरू किया है। इन स्कूलों की बढ़ती प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने सीबीएसई स्कूलों में छोटा शिशु और किंडरगार्टन कक्षाओं के प्रत्येक बैच को बढ़ा दिया था। कुल 960 सीटें बढ़ा दी गईं। लेकिन फिर भी सीबीएसई स्कूलों की मांग बढ़ रही है और शिक्षा विभाग मुंबई में और अधिक सीबीएसई स्कूल शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के स्कूलों में केंद्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड स्कूल खुलने के बाद से छात्रों का सरकारी स्कूलों के तरफ काफी बढ़ गया है। सामान्य और गरीब परिवारों के बच्चे इन स्कूलों में नहीं जा सकते क्योंकि वे अन्य बोर्ड के निजी (Private) स्कूलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सीबीएसई,(CBSE) आईसीएसई (ICSE) और इंटरनेशनल बोर्ड (International Bord) के स्कूलों को काफी अच्छा प्रतिसाद (Response) मिल रहा है। ऑनलाइन (Online) आवेदन करने के बाद एडमिशन के लिए लॉटरी निकाली जाती है। इसलिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का शिक्षा विभाग इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रत्येक प्रशासनिक प्रभाग (ward) में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल शुरू करने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, इस शैक्षणिक वर्ष में तीन नए स्कूल शुरू हो चुका हैं। ऐसे में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
Live video on Indian fasttrack news channel
नया सीबीएसई स्कूल का पता..
1) मुंबई पब्लिक स्कूल, आनिक विलेज, जीजामाता नगर, चेंबूर पश्चिम 2) मुंबई पब्लिक स्कूल, एम. जी क्रॉस रोड, साईनगर, कांदिवली पश्चिम 3) मुंबई पब्लिक स्कूल, आशीष लेक, वडवली, आरसीएफ, चेंबूर
मुंबई में किन जगहो पर है CBSE स्कूल..
भवानी शंकर रोड म्युनिसिपल स्कूल, केन नगर म्युनिसिपल स्कूल, प्रतीक्षा नगर म्युनिसिपल स्कूल, दिंडोशी म्युनिसिपल स्कूल, जनकल्याण म्युनिसिपल स्कूल (मलाड), तुंगा विलेज स्कूल (कुर्ला), राजावाड़ी म्युनिसिपल स्कूल (विद्याविहार), अजीज बाग म्युनिसिपल स्कूल (चेंबूर), हरियाली विलेज म्यूनिसिपल स्कूल स्कूल (विक्रोली पूर्व), मीठानगर स्कूल (मुलुंड पूर्व)।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) इकबाल सिंह चहल के कार्यालय के माध्यम से वर्ष, 2019 और 2021 के मध्य मुंबई को और अधिक खूबसूरत बनाने के नाम पर अनेकों सड़कें कंक्रीट की बनवाई हैं। जो बेहद खराब गुणवत्ता वाली हैं, जिनके विरुद्ध अनेकानेक शिकायतें भेजी गईं लिखित रूप से लेकिन उन पर कान नहीं दिया गया। तो कानूनी कार्रवाई तो बड़ी दूर की बात है। जिससे जान पड़ता है बहुत बड़ा भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए जेब में भरे गए हैं। जो मुंबईकरों के साथ छल कपट और धोखा है।
शिकायतों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का जवाब नहीं देना और कोई कार्रवाई नहीं करना प्रमाण है, कि खुलकर भ्रष्टाचार किया गया है। महानगर की ये प्रमुख सड़कें हैं, जिसे मेसर्स भव्य एंटरप्राइजेज, मेसर्स प्रगति एंटरप्राइजेज, मेसर्स एम बी ब्रॉडर्स, मेसर्स एम ई इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, मेसर्स कमला, मेसर्स आर जे शाह, मेसर्स कोणार्क कंपनी, मेसर्स मुकेश, मेसर्स ए पी आई सिविल कॉन, मेसर्स मनसा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स बिकोन, मेसर्स एच बी, मेसर्स आर के मदानी को ठेका दिया गया हैं। जिनके माध्यम से पी एन वॉर्ड, पी साउथ, के वेस्ट, के ईस्ट, एच ईस्ट, एच वेस्ट, आर नॉर्थ, आर सेंट्रल, आर साउथ इन सभी वार्डों में बनवाई गई तमाम सड़कों में खराब गुणवत्ता के मैटिरियल्स लगाए गए, जो उच्च गुणवत्ता के नहीं हैं।
क्या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
Live video on Indian fasttrack news channel
मुंबईकरों के साथ यह बहुत बड़ा छल किया गया है। जिनमे अधिकांश सड़कें मात्र दो महीने में ही टूट फूट गई। सोचिए कंक्रीट की सड़कें दो महीने भी सही सलामत नहीं रह पाएं तो इसे क्या भ्रष्टाचार का खेल नहीं कहा जाएगा? इस संबंध में तात्कालीन मनपा (BMC) आयुक्त इकबाल सिंह चहल के कार्यालय में अनेकों लिखित शिकायतें दी हैं। मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। ये तमाम सड़कें उन्हीं ठेकेदारों द्वारा पुनः निर्माण उच्च क्वालिटी का कराया जाना ही मुंबईकरों के साथ न्याय होगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आशा की जा सकती है, कि वे न्यायोचित जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करेंगे? या भ्रष्टाचार को दबा देंगे?
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सी विभाग में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वसूली के पैसे से अपना गुजर बसर कर रहे हैं।
वी बी माणिक (मनपा मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सी वार्ड के कार्यकारी अभियंता और परिरक्षण विभाग और इमारत व कारखाना विभाग के कनिष्ठ अभियंता, दुय्यम अभियंता और सहायक अभियंता का खर्च पगार पर नही चलता केवल अवैध निर्माण के ठेकेदारों से वसूली कर अपना खर्च चला रहे है।
BMC के अधिकारियों और कर्मचारियों की वसूली..
बड़े ही शर्म की बात है, कि करीब पाँच वर्ष पूर्व श्री मुंबादेवी मंदिर के आसपास तीन बार बम धमाके हो चुके है। जिसमें वहाँ के सैकड़ो निर्दोष नागरिक मारे गए है। फिर भी मनपा कर्मी सुधरने को तैयार नही है। यहां मुंबादेवी कमाउंड में अवैध निर्माण की भरमार है। कितनी बार वहाँ के दुकानदारों ने इस अवैध निर्माण करने वालो के बारे में शिकायत किया। फिर भी आजतक कोई कार्रवाई नही हुई। जिससे मंदिर में आने जाने वाले दर्शनार्थियों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
मनपा के परिरक्षण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर और जेई दोनों की लूट पाट की घटना बंद नही हो रही है। यहां सी वार्ड के वार्ड ऑफिसर (प्रभाग अधिकारी) नए नियुक्त किये गए है। इन मनपाकर्मीयो के विरुद्ध कार्रवाई कब होगी? कब अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे? कब इन भ्र्ष्टाचारियो से मुक्ति मिलेगी? या ऐसे ही अवैध निर्माण कार्य चलता रहेगा?
सी वार्ड काफी संवेदनसील होता जा रहा है। क्योंकि 1993 में सीरियल बम धमाका। इसके बाद मंदिर के पास ‘ताँबा काँटा’ में बम धमाका। इसके बाद ‘खाऊ गल्ली’ में धमाका हुआ। इन धमाकों में सैकड़ो निर्दोष नागरिको ने अपने प्राणों की आहुति दिया। ये कब तक चलता रहेगा अवैध निर्माण कार्य? बॉम्बे उच्चन्यायल ने भी अवैध निर्माण पर मनपा आयुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। आदेश भी जारी किया है, फिर भी मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने आजतक कोई दिशा निर्देश जारी नही किया।
Live video on Indian fasttrack news channel
मनपा उपायुक्त संगीता हंसनाले..
मनपा उपायुक्त परिमंडल 1 की कुर्सी पर विराजमान श्रीमती संगीता हसनाले भी कोई कार्रवाई नही कर रही है। जो पहले सी वार्ड में तीन वर्ध तक वार्ड ऑफिसर रही है। इन्होंने काफी अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन दिया है। हसनाले के विरुद्ध तत्कालीन उपायुक्त वसंत प्रभु ने इन्क्वारी बैठाया था। जो अब ठंडे बस्ते में चला गया है। अब आपको बता दें, कि इस अवैध निर्माण पर कब कार्रवाई होगी ये माँ मुंबादेवी ही जान सकती है।
Mumbai malad Railway station Accident News: प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक इसी दौरान पटरी पर ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और मौके पर ही मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- मलाड रेलवे स्टेशन पर एक लड़के की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार वो प्लेटफॉर्म पर पटरी के पास ही खड़े होकर हाथ धो रहा था। तभी अचानक पटरी पर फ़ास्ट लोकल ट्रेन आ गई। लड़के का सिर ट्रेन के इंजन से टकराया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
जानकारी के अनुसार घटना 17 जून की है। इससे जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है। इस कथित वीडियो में एक लड़का प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर पटरियों पर हाथ धो रहा है। तब हाथ धोने के बाद वो पानी पीने लगता है। इसी दौरान दूसरा लड़का उससे बोतल लेकर हाथ धोने लगता है। तभी इस पटरी पर एक फास्ट लोकल ट्रेन आती है। इस दौरान ट्रेन का इंजन लड़के के सिर से टकरा जाता है और वह ट्रेन से काफी दूर उछलकर प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ता है। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
Indian fasttrack newsमलाड रेलवे स्टेशन की फाइल तस्वीर
Mumbai malad की घटना ..
मृतक की पहचान 16 वर्षीय मयंक शर्मा के रूप में हुई है। घटना के अनुसार, वह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर था। यहां उसने अपने दोस्त के साथ टिफिन से खाना भी खाया। इसके बाद वो बोतल से पानी पी रहा था, तभी ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इधर मौके पर मौजूद उसके दोस्त को भी चोट आई है। उसका इलाज भी चल रहा है। गौरतलब है, कि भारतीय रेलवे हमेशा से ही अपने यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों को ट्रेन की पटरी से दूर रहने की सलाह और चेतावनी देता रहता है। लेकिन फिर भी कुछ यात्री इस पर ज्यादा ध्यान न देकर अपनी जान दे देते हैं। (Mumbai malad Railway Station Accident News)
Mumbai BMC Road News: बारिश के मौसम में गड्ढों की समस्या मायानगरी के लिए आम बात है। कई बार लोगों की जान भी चली जाती है। अब इन गड्ढों को खत्म करने के लिए बीएमसी पहली बार एक नई तकनीक का सहारा ले रही है। जिससे महज दो घंटे में सड़क आवाजाही के लिए खोल दी जाएगी।
वी बी माणिक (बीएमसी मुख्यालय प्रतिनिधि) मुंबई- बारिश के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों की शिकायतों से परेशान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) गड्ढों को भरने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करेगी। बीएमसी पहली बार मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल कर सड़कों पर गड्ढों को भरेगी। खास बात यह है कि गड्ढे भरने के लिए रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का इस्तेमाल पानी के साथ किया जाएगा। इस तकनीक से गड्ढे भरने के 2 घंटे बाद ही सड़कों को आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इसका इस्तेमाल एच ईस्ट वॉर्ड के अंतर्गत खार सब-वे में किया गया है। बीएमसी के उपायुक्त (BMC Deputy Commissioner) उल्हास महाले ने बताया, कि “इस तकनीक का इस्तेमाल पहली बार मुंबई में किया जाएगा। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे नागरिकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।” कांग्रेस ने बीएमसी द्वारा गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। बीएमसी में विपक्ष नेता रवि राजा ने कहा, कि “अतिरिक्त आयुक्त हर साल गड्ढे भरने के लिए नई तकनीक लाते हैं और नए-नए प्रयोग करते हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्ढों की भरमार रही है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?”
बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त (प्रॉजेक्ट) पी. वेलरासू ने बताया, कि “बारिश में सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए पहली बार रिएक्टिव अस्फाल्ट (Reactive Asphalt) का उपयोग किया जा रहा है। मुंबई में तीन जगहों पर रिएक्टिव अस्फाल्ट के मिश्रण का इस्तेमाल कर पायलट प्रॉजेक्ट के तहत शुरू किया गया है। 29 जून, 2023 को खार सबवे मार्ग पर गड्ढे भरने के लिए पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया। यहां रिएक्टिव अस्फाल्ट का उपयोग कर सड़क यातायात बहाल कर दिया गया। शुरुआती जांच में यह प्रयोग काफी सफल रहा। इसलिए बीएमसी सड़क विभाग ने पूरे मुंबई में रिएक्टिव अस्फाल्ट तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है। सड़क विभाग ने हर विभाग में गड्ढे भरने के लिए यह मिश्रण उपलब्ध कराया है।”
रिएक्टिव अस्फाल्ट एक केमिकल मिश्रित अस्फाल्ट है। अस्फाल्ट से बनी सड़कों पर पानी लगने से गड्ढे बन जाते हैं, लेकिन रिएक्टिव अस्फाल्ट से गड्ढे भरने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। गड्ढों को भरने के लिए रासायनिक पाउडर, बजरी और पानी के मिश्रण का उपयोग किया जाता है। रिएक्टिव अस्फाल्ट में रासायनिक पाउडर पर पानी का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसकी विशेषता यह है कि इस तकनीक से गड्ढे भरने पर वहां से सिर्फ दो घंटे में यातायात शुरू किया जा सकता है।
Live video on Indian fasttrack news channel
मुंबई में सड़कों के गड्ढे भरने के लिए सभी 24 वॉर्डों में यह मिक्स बैग उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका रासायनिक पाउडर सड़कों के गड्ढ़ों को भरने के लिए आयात किया गया है। वेलरासू ने बताया, कि “मुंबई में एक पायलट प्रॉजेक्ट के तहत इसका उपयोग मुंबई शहर, पूर्वी उपनगरों और पश्चिमी उपनगरों की कुछ सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए किया गया था। इसके बाद इन सड़कों पर जहां गड्ढे भर दिए गए, वहां यातायात सुचारू रूप से जारी है। वहां से अब तक कोई शिकायत नहीं आई है।”
पहले भी किया गया था केमिकल का इस्तेमाल..
सड़कों के गड्ढे भरने के लिए बीएमसी ने पिछले वर्ष भी रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक का उपयोग किया था। इस तकनीक से गड्ढे को भरने के लिए सीमेंट, कंक्रीट जैसी सामग्री और पॉलिमर का उपयोग किया जाता है। इसे रैपिड हार्डनिंग (Rapid Hardening) तकनीक कहते हैं। इसका उपयोग बड़े गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाता है। इसके इस्तेमाल में एक घन मीटर के लिए 23 हजार रुपये का खर्च आता है। इस तकनीक से भरे गड्ढे पर 6 घंटे के बाद वाहन उपयोग किया जा सकेगा।
इसके साथ ही और एक केमिकल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत मुंबई में छह मीटर और उससे कम चौड़ाई वाली सड़कों पर गड्ढे भरने एवं रखरखाव के लिए कोल्ड मिक्स का उपयोग किया जाएगा। मुंबई के सभी वॉर्डों में गड्ढे भरने के लिए अब तक 1300 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स सप्लाई किया जा चुका है। जबकि, 200 मीट्रिक टन कोल्ड मिक्स रिजर्व रखा गया है।
मुंबई में गड्ढों की शिकायतें और मनपा प्रशासन के कार्य पर अगर नजर डालें तो अब तक 107 गड्ढों की शिकायतों में 67 गड्ढे भरने की योजना बनाई गई है। इसमें से मनपा प्रशासन ने 40 गड्ढे अटेंड कर लिये हैं। जिसमें से 37 गड्ढे भर दिए गए हैं। लेकिन शिकायतों के 22 गड्ढे अभी तक बीएमसी को नहीं मिले हैं। मनपा प्रशासन ने कहा कि जैसे ही उन गड्ढों की पहचान हो जाती है, उसे भी भर दिया जाएगा।
Mumbai BMC: शनिवार से हो रही शहर में बरसात के कारण कहीं जलजमाव तो कहीं यातायात बाधित हुआ। कई इलाकों में पेड़ और घर ढ़ह गए। कई लोगों की मौत हो गई। उसके बाद भी मनपा प्रशासन ने पानी कटौती का फैसला किया है।
वी.बी. माणिक (बीएमसी प्रतिनिधि) मुंबई- शहर को पानी की आपूर्ति (Water Supply) करने वाली झीलों में जलस्तर के कम होने के कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शनिवार यानी 1 जुलाई से जलापूर्ति में 10 प्रतिशत कटौती करने का फैसला किया है। मुंबई मनपा (Mumbai BMC) अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
इसके साथ ही दूसरी तरफ शहर में बरसात के कारण पिछले 24 घंटों में मुंबई में पेड़ गिरने की 26 घटनाएं शॉर्ट-सर्किट की 15 घटनाएं और घरों के ढहने/आंशिक रूप से ढहने की पांच घटनाएं दर्ज की गई हैं। आईएमडी ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है।
मलाड पश्चिम में एक पेड़ गिरा जिसके नीचे दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई।
Mumbai BMC
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने लोगों से अपील की है, कि वे पानी को बचाएं और इसका इस्तेमाल उचित तरीके से करें। दक्षिण-पश्चिम मानसून रविवार को मुंबई पहुंच गया। चहल ने शहर में जलापूर्ति को लेकर से बुधवार को कहा, कि बीएमसी ने एक जुलाई से मुंबई में पानी की आपूर्ति में 10 प्रतिशत की कटौती करने का फैसला किया है। क्योंकि शहर को पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों में जल का भंडार करीब सात फीसदी ही रह गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अलग-अलग स्थानों पर बारिश की चेतावनी जारी की है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, निचले इलाकों में किसी बड़े जल-जमाव की कोई घटना सामने नहीं आई है। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे के बीच मुंबई में भारी बारिश हुई है। आईएमडी ने कहा कि मुंबई के साथ-साथ कुछ अन्य तटीय जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से तीव्र बारिश होने की संभावना है।
Live video on Indian fasttrack news channel
लेकिन दूसरी तरफ मनपा प्रशासन ने पानी कटौती को लेकर जो बयान दिया है उससे मुंबईकरो के लिए परेशानी साबित हो सकती है। इसका कारण झीलों के जलग्रहण इलाकों में बारिश का कम होना है। आपको बता दें, कि मुंबई, ठाणे और नासिक जिलों में स्थित सात झील- भातसा, अपर वैतरणा, मिडिल वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी से 3800 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है।
मुंबई के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ रिमझिम बरसात भी लगातार जारी है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। इसी बीच मलाड के मामलेदारवाडी में एक पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
इस्माईल शेख मुंबई- बरसात के कारण पेड़ गिरने की घटना सामने आई है। मुंबई के मलाड वेस्ट इलाके में मामलेदारवाडी स्थित एक पेड़ गिरने की घटना में एक 38 वर्षीय व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबने से दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम कौशल महेंद्र दोषी बताया जा रहा है।
मुंबई शहर के उपनगरीय इलाके में बुधवार सवेरे से ही रिमझिम बरसात हो रही है। मुंबई के कई हिस्सों में लगातार बारिश के चलते पानी का जमाव देखा जा रहा है और कई जगहों पर सड़क यातायात बाधित हो गई है। बारिश के कारण सरकार को 24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली। मालाड़ की घटना में मिली जानकारी के मुताबिक मालाड़ पश्चिम के मामलेदारवाडी इलाके में मणि भाई मुंजी चाल का लगभग 35 फीट लंबा 4 फीट चौड़ा पीपल का पेड़ गिर गया।
Indian fasttrack newsमुंबई की सड़कों पर बरसात की तस्वीर
बुधवार सवेरे कौशल चाल परिसर में शौचालय के लिए गया हुआ था। इसी समय पेड़ कौशल के ऊपर गिर गया। कौशल के सर पर पेड़ के गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार सवेरे गोरेगांव, विले पार्ले, लोअर परेल और अंधेरी, सांताक्रुज के साथ-साथ शहर के कई इलाकों में रिमझिम बरसात लगातार जारी है। दहिसर पूर्व एसवी रोड से सबवे जाने वाले छत्रपति शिवाजी रोड पर घुटनो तक पानी भर गया। सड़क पूरा जलमग्न हो गया। स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को आने जाने में काफी कठिनाई हो रही है। यही नही दुकान में भी पानी घुस गया है और लंबी ट्रैफिक लग गयी है।
Live video on Indian fasttrack news channel
24 घंटे में 1200 शिकायतें मिली
ठाकरे गुट ने सीएम एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए पूछा, “अगर मुंबई में 70 मिमी बारिश के कारण यह स्थिति है, तो अगले दो-तीन महीनों में हमारा क्या होगा? ये सवाल मुंबईकरों के मन में है। वास्तव में, शिंदे-फडणवीस सरकार को इस पर सोचना चाहिए कि लोगों को 24 घंटे में 1200 से अधिक शिकायतें क्यों दर्ज करनी पड़ीं।”