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  • Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    Mumbai: सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लिगल नोटिस

    मुंबई के एक सरकारी अस्पताल में सफाई कर्मचारी द्वारा इकोकार्डियोग्राम (ECG) किए जाने के सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। इसी सिलसिले में अस्पताल को लिगल नोटिस दिया गया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    सरकारी अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की खबर तो हमेशा आती रहती है। लेकिन एक सफाई कर्मचारी डाक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सनसनीखेज मामला पहली बार सामने आया है। मुंबई के गोवंडी स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है। जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है। पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    कैसे मिली जानकारी?

    इस घटना की जानकारी तब प्रकाश में आई जब शहर के वकील आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा। खबर के मुताबिक, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है। हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा, कि सफाई कर्मचारी “प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    बताया गलतफहमी

    अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, “ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं। कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी।” पहले इसी सदस्य ने इस घटना को “गलतफ़हमी” भी बताया। अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी। हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाया है। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार

    एड्वोकेट सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है। सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, “मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवर डॉक्टरों द्वारा इलाज किया जाएगा। लेकिन इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं।” (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

    नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि खबरों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं। (Mumbai Sanitation worker did ECG in government hospital, hospital got legal notice)

  • Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    Mumbai- 650 बेकरियों को मिली BMC की नोटिस, बंद होने के कगार पर है बेकरी का कारोबार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर भर के 650 बेकरियों को प्रदूषण से निपटने के लिए नोटिस जारी किया है। नोटिस में साल भर का समय दिया गया है। एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद किए जाने की चेतावनी दी गई है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
     बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने प्रदूषण फैलाने वाली 650 बेकरियों को नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि मानसून के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के अलावा शहर भर की बेकरियों में लकड़ी के ईंधन का उपयोग करने को जांच के दायरे में लाया गया है. साथ ही वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसी क्रम में बीएमसी ने लगभग 650 बेकरियों को नोटिस जारी कर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लकड़ी जलाने के स्थान पर बिजली या सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने का निर्देश दिया है। बीएमसी के अनुसार, शहर भर में बेकरी की भट्टियां वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक बन गई हैं। साथ ही पाया गया है कि मुंबई में लगभग 47 प्रतिशत बेकरियां अपने भट्टों के लिए ईंधन के रूप में लकड़ी का उपयोग करती है। वहीं इन भट्टियों से निकलने वाला धुआं नागरिकों के लिए हानिकारक है। साथ ही इन भट्टियों को चलाने के लिए मुख्य रूप से निर्माण स्थलों और फर्नीचर स्टोर से निकलने वाले स्क्रैप का उपयोग किया जाता है। इस कारण भारी मात्रा में प्रदूषण हवा में फैल जाता है, जिससे कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    इसे भी पढ़े:- खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    इतना ही नहीं छोटी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 50 से 100 किलो लकड़ी का उपयोग होता है। जबकि बड़ी बेकरियों में ईंधन के रूप में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 किलो लकड़ी की खपत होती है। वहीं 20 किलो आटे की ब्रेड बनाने के लिए लगभग पांच किलो लकड़ी की जरूरत होती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    अस्थमा और सांस संबंधीत बिमारियों का कारण

    जब लकड़ी के टुकड़ों को ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है, तो मीथेन, कार्बनडाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी हानिकारक गैस और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक गैस उत्पन्न होता है, जो सांस संबंधीत बीमारियों और अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसके अलावा कुछ सूक्ष्म कण धुएं के साथ मिलकर फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं और इससे कैंसर या रक्तवाहिनी संबंधी बीमारियां भी हो सकती है। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    महंगे हो सकते है बेकरी के सामान

    नाम नहीं बताने की शर्त पर एक बेकरी मालिक ने बताया कि अन्य सामग्रियों की तुलना में लकड़ी सस्ता होता है। कहा, कि आज ईंधन के लिए लकड़ी की कीमत 15 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि स्क्रैप लकड़ी की कीमत केवल 5 रुपये प्रति किलोग्राम है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने नोटिस निकालकर बेकरी वालों को गैस सिलेंडर और सीएनजी का उपयोग करने का विकल्प दिया है। लेकिन, अगर आप कमर्शियल सिलेंडर का प्रयोग करते हैं, तो इसकी कीमत 92.05 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाती है और अगर आप सीएनजी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 58.78 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। अब, अगर हम इलेक्ट्रिक भट्टियों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी कीमत 12 रुपये प्रति यूनिट है। इसकी तुलना में, स्क्रैप लकड़ी बहुत सस्ती है। ऐसे में बेकरी में बनने वाले खाने की चीजें बहोत ज्यादा महंगी हो जाएगी। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

    BMC ने दी चेतावनी

    बीएमसी के एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई में करीब 1,200 बेकरियां हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा अनधिकृत हैं. उन्होंने बताया, कि “2007 से अब तक 560 बेकरियों को इस शर्त पर संचालन की अनुमति दी गई है कि वे इलेक्ट्रिक और सीएनजी ओवन का उपयोग करेंगे।” उन्होंने कहा, कि इसके बावजूद, आधे से अधिक बेकरी ईंधन के रूप में लकड़ी के कबाड़ का प्रयोग करती है। उन्होंने कहा, “इसलिए, बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अब 650 बेकरी मालिकों को नोटिस भेजकर चेतावनी दी है कि अगर वे एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक या सीएनजी का इस्तेमाल ईंधन के रूप में नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” बीएमसी ने बेकरी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि वे एक साल के भीतर प्रदूषण से निपटने के लिए स्वच्छ ईंधन के तरीके अपनाने में विफल रहे तो उन्हें बंद कर दिया जाएगा। (Mumbai 650 bakeries received BMC notice)

  • Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai लोकल ट्रेन हुआ अपग्रेड, समय में बदलाव, 12 की जगह हुए 15 डिब्बे

    Mumbai Local Train अब अपग्रेड किया जा रहा है। अब 12 डिब्बों की जगह अतिरिक्त 3 डिब्बे बढ़ा कर 15 कर दिया गया है। कुछ खास ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे (वेस्टर्न रेलवे) नए बदलाव कर रही है। Western Railway (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने कुछ लोकल ट्रेनों के समय और स्टॉपेज में कुछ अस्थायी बदलाव किए हैं। अंधेरी-विरार लोकल भायंदर में खत्म हो जाएगी और नालासोपारा लोकल भायंदर से चलेगी। दोनों ट्रेनों को 15 कोचों में अपग्रेड किया गया है और ये चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल तक तेज गति से चलेंगी। मुंबई लोकल ट्रेन का समय भाईंदर के यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    पश्चिम रेलवे ने चुनिंदा लोकल सेवाओं के समय और स्टॉपेज में बदलाव किया है। सोमवार से ये बदलाव अस्थायी कर दिए गए हैं। वेस्टर्न रेलवे के मुताबिक, लोकल ट्रेन नंबर 92019 अंधेरी-विरार (सुबह 6:49 बजे) को भाईंदर में ही छोटा कर दिया गया हे। इसी तरह ट्रेन संख्या 90648 नालासोपारा (16:08 बजे) के बजाय 16:24 बजे भायंदर स्टेशन से रवाना होगी। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    12 डिब्बों की जगह 15 डिब्बों में अपग्रेड

    ट्रेन नंबर 90208 भायंदर-चर्चगेट (सुबह 8 बजे) और 90249 चर्चगेट-नालासोपारा (9:30 बजे) में अब 12 कोच की जगह 15 कोच हो गए हैं। ये सभी ट्रेनें अब चर्चगेट से मुंबई सेंट्रल के बीच तेज गति से चलेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कि हाल ही में एक और एसी लोकल ट्रेन सेवा का विस्तार किया गया है। जिसके चलते 12 सामान्य सेवाओं को हटाना पड़ रहा है। रेलवे के इस फैसले का भाईंदर में विरोध हुआ और यात्री पिछले कई दिनों से हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। कहा जा रहा है, कि रेलवे ने ये बदलाव भाईंदर पर फोकस करते हुए नाराज यात्रियों को मनाने के लिए परीक्षण के तौर पर किया है। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    भायंदर में यात्रियों का विरोध

    सोमवार, 16 दिसंबर को प्रभावी हुए परिवर्तनों के कारण, स्टेशनों पर संकेतक पूरे दिन अस्पष्ट रहे। चर्नी रोड स्टेशन पर एक यात्री ने कहा कि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर संकेतक सुबह 11:57 बजे गोरेगांव लोकल दिखाता है, जबकि 12:22 बजे बोरीवली लोकल दिखाता है। इंडिकेटर में आई इन गड़बड़ियों के कारण यात्रियों को दिनभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर एक यात्री पूर्वेश शाह ने कहा कि उन्होंने इंडिकेटर देखकर एसी लोकल का टिकट खरीदा, लेकिन बाद में पता चला कि ट्रेन पहले ही निकल चुकी है। रेलवे इन टिकटों का कोई मुआवजा भी नहीं दे रहा है, ऐसे में एसी लोकल के यात्रियों को कैसे प्रोत्साहन मिलेगा, वे टिकट क्यों खरीदेंगे। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

    गौरतलब है कि एसी लोकल ट्रेन सेवाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गयी है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने कहा, कि “एसी लोकल ट्रेनों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के अनुसार एसी सेवा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में चल रही नॉन-एसी लोकल ट्रेनों को एसी में बदल दिया गया है। चर्चगेट से विरार तक इस समय नई एसी लोकल ट्रेनें 7 और विरार से चर्चगेट तक 6 एसी की लोकल ट्रेनें बढ़ा दी गई हैं। (Mumbai local train upgraded, timing changed, 15 coaches instead of 12)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    खाने की बर्बादी को रोकने के लिए जोमैटो की अनूठी पहल

    आकर्षक रेट पर मिलेगा कैसल किया हुआ आर्डर ! (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    विशेष संवाददाता
    नई दिल्ली-
    ऑनेलाइन फूुड आर्डर होने के बाद उस आर्डर के कैंसल कर देने से खाने की बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ने एक नए पहल की शुरुआत की है। जिसे “फूड रस्क्यू मिशन” का नाम दिया गया है। जोमैटो के फूड रेस्क्यू पहल के तहत जैसे ही कोई यूजर ऑनलाइन फूड आर्डर करने के बाद उस आर्डर को रद्द कर देता है तो पॉपअप मैसेज के जरिए कैंसल आर्डर को बेहद आकर्षक कीमत पर नजदीक के कस्टमर्स को ऑफर किया जाएगा और पैकेजिंग में बिना किसी छेड़छाड़ किए कुछ ही मिनयों में उन्हें फूड डिलिवर कर दिया जाएगा।
    Zomato (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    आर्डर कैसिलेशन की चुनौती

    जोमैटो के को-फाउडर दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा, कि जोमैटो में हम आर्डर कैसिलेशन को कतई बढ़ावा नहीं देता है। क्योंकि इससे खाने की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा, सख्त पॉलिसी और ऑर्डर के रद्द होने पर नो-रिफंड पॉंलिसी होने के बावजूद 4 लाख आर्डर अलग-अलग कारणों के चलते कस्टमर्स की ओर से रद्द कर दिया जाता हैं । ये हमारे लिए, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और जो कस्टमर्स आर्डर रद्द कर देते हैं। उनके लिए भी चिंता का कारण है जो किसी भी तरह खाने को बर्बाद होने से रोकना चाहते हैं। ऐसे में आज “फूड रेस्क्यू पहल” को हम लॉन्च कर रहे हैं। (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

    4 लाख आर्डर होते हैं कैसल।

    हर महीने करीब 4 लाख आर्डर जब कस्टमर्स को डिलिवर करने के लिए रास्ते में होता है उसे कैसल कर दिया जाता है ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी के मुताबिक ये एक गंभीर चुनौती है और कंपनी ऐसे में होने वाले खाने की बर्बादी को रोकने के लिए सभी प्रकार के समाधान पर काम कर रही है। और इसे ही देखने हुए जोमैटो ने फूड रेस्क्यू पहल की शुरुआत की है। अब जानिए कैसे काम करेगा जोमैटो का फूड रेख्क्यू अभियान! (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)

  • बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    बांद्रा रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ 9 लोग हुए घायल

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन पकड़ने के चक्कर में भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे को लेकर उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेता संजय राउत ने रेल मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने मोदी सरकार पर भी सवाल उठाए है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान भगदड़ मच गई। इस भगदड़ के चलते 9 लोग घायल हो गए है। बांद्रा स्थित भाभा अस्पताल के डाक्टरों द्वारा दो लोगों की क्रिटिकल हालत बताई जा रही है। इस घटना को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भाजपा को जिम्मेदार ठहरा है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल के दौरान होने वाले रेल हादसों को याद करते हुए रेल मंत्री को घटना का जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार के दौरान बने रेल मंत्री पर सवाल करते हुए, उन्हें भी इस तरह के हादसे का जिम्मेदार ठहराया है।

    बुलेट ट्रेन की बात

    संजय राउत कहते, “जब से मोदी सरकार तीसरी बार सत्ता में आई है और रेल मंत्री को फिर से जिम्मेदारी सौंपी है, तब से देश में 25 से अधिक बड़ी रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान गई है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि “आप बुलेट ट्रेन, मेट्रो और हाई-स्पीड ट्रेनों की बात करते हैं और नितिन गडकरी हवा में बसें चलाने की बात करते हैं। लेकिन, जमीन पर हकीकत क्या है? जिस तरह से यात्री घायल हुए, क्या इसके लिए रेल मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं?” (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

    बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस की घतना

    बता दें कि रविवार की सुबह मुंबई में बांद्रा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की के दौरान मची भगदड़ में 9 लोग घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा, कि यह घटना बांद्रा टर्मिनस के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी संख्या 22921 बांद्रा-गोरखपुर एक्सप्रेस ट्रेन पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ थी। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत भाभा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image
    Mumbai Bandra Terminus Railway Station Accident news image

    घायलों की पहचान ..

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायलों की पहचान 40 वर्षीय शबीर अब्दुल रहमान, 28;वर्षीय परमेश्वर सुखदर गुप्ता, 30 वर्षीय रवींद्र हरिहर चूमा, 29 वर्षीय रामसेवक रवींद्र प्रसाद प्रजापति, 27 वर्षीय संजय तिलकराम कांगे, 18 वर्षीय दिव्यांशु योगेंद्र यादव, 25 वर्षीय मोहम्मद शरीफ शेख, 19 वर्षीय इंद्रजीत सहानी और 18 वर्षीय नूर मोहम्मद शेख के रूप में की गयी है। इसमें नूर मोहम्मद और इंद्रजीत सहानी की हालत गंभीर बताई जा रही है। (Stampede at Mumbai Bandra Terminus Railway Station, 9 people injured)

  • मुंबई सेंट्रल के एसी वेटिंग रूम में महिला से छेड़छाड़

    मुंबई सेंट्रल के एसी वेटिंग रूम में महिला से छेड़छाड़

    ट्रेन में अकेली लड़की को देखकर दोस्ती और भरोसा हासिल करने के बाद मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के एसी वेटिंग रूम मे लेजाकर अश्लील हरकत के खिलाफ मामला दर्ज .. (Mumbai News, Woman molested in Mumbai Central Railway Station AC waiting room, FIR registered)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बॉम्बे सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक 20 वर्षीय महिला के साथ अश्लील हरकत करने वाले 21 वर्षीय आरोपी संजय सिंह के खिलाफ मुंबई सेंट्रल जीआरपी पुलिस ने अपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि हरियाणा का रहने वाला संजय सिंह पीड़ित को रेलवे स्टेशन की एसी वेटिंग रूम में रात के समय गलत इरादे से छूने का प्रयास किया। महिला सूरत की रहने वाली है। वह अपने माता-पिता के साथ विवाद के कारण घर से निकलने के बाद 22 अक्टूबर को गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस में सवार हुई थी। (Mumbai News, Woman molested in Mumbai Central Railway Station AC waiting room, FIR registered)

    भारतीय न्याय संहिता की धारा

    मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई सेंट्रल जीआरपी ने पीड़ित महिला से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में एफआईआर दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (शील भंग करने का इरादा) के तहत 23 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74 के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति किसी महिला पर हमला करता है या आपराधिक बल का इस्तेमाल करता है, जिसका मकसद महिला की लज्जा भंग करना हो, तो उसे कम से कम एक साल की जेल हो सकती है। यह जेल की सज़ा पांच साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, जुर्माना भी लगाया जा सकता है। आरोपी संजय सिंह को जीआरपी से नोटिस मिला है। (Mumbai News, Woman molested in Mumbai Central Railway Station AC waiting room, FIR registered)

    ट्रेन में अंजान मुलाकात

    सूरत मे रहने वाली पीड़ित महिला की आरोपी संजय सिंह से मुलाकात ट्रेन में हुई, जो हरियाणा में एक निजी कंपनी में काम करता है। सफर के दौरान उनकी दोस्ती हुई और उसने कहा कि वह काम के लिए मुंबई जा रहा है। ट्रेन आधी रात के आसपास मुंबई सेंट्रल पहुंची। चूंकि वह अकेली थी और उसे ठहरने की जरूरत थी, इसलिए उन्होंने एक होटल तलाश करने के लिए वह लोग स्टेशन से बाहर निकले। (Mumbai News, Woman molested in Mumbai Central Railway Station AC waiting room, FIR registered)

    मेडिकल जांच के बाद क्या हुआ?

    लेकिन देर रात उन लोगों को कोई होटल नहीं मिला। फिर उन्होंने एक पेड एसी वेटिंग रूम में रुकने का फैसला किया। जहां सिंह ने कथित तौर पर उसे अनुचित तरीके से छुआ। उसने घटना की सूचना स्टेशन मैनेजर को दी, जिन्होंने उसकी मेडिकल जांच कराई। इसके बाद पुलिस ने सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें नोटिस भेजा। पुलिस ने महिला के परिवार को भी सूचित किया, जो उसे घर ले जाने के लिए मुंबई आए हुए हैं। (Mumbai News, Woman molested in Mumbai Central Railway Station AC waiting room, FIR registered)

  • Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    Mumbai मेडिकल कैंप घोटाला लाखों की ठगी

    कोविड वैक्सीनेशन को लेकर मेडिकल कैंप घोटाले का अंबोली पुलिस ने खुलासा किया है। मुफ्त चिकित्सा के नाम पर 34.97 लाख रुपये की ठगी.. (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- जोगेश्वरी पश्चिम के अंबोली पुलिस ने 52 वर्षीय डॉ. सुमन बंदोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। आरोप है कि डॉ. सुमन बंदोपाध्याय ने अंधेरी निवासी डॉ. दीपक चतुर्वेदी से मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के नाम पर 34.97 लाख रुपये ठग लिए हैं। बंदोपाध्याय ने साईं संस्थान शिर्डी और बाबा हॉस्पिटल ट्रस्ट का ट्रस्टी होने का झूठा दावा करते हुए डॉ. चतुर्वेदी को कोविड-19 के दौरान मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाने के लिए राजी किया था। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    पुलिस ने क्या कहा?

    अंबोली पुलिस थाने के प्रभारी पुलिस निरीक्षक मुकुंद यादव ने जानकारी देते हुए बताया, कि अंधेरी में क्लिनिक चलाने वाले डॉ. चतुर्वेदी की पहली मुलाकात 2020 की शुरुआत में बंदोपाध्याय से हुई थी। जब वे एक मरीज के रूप में क्लिनिक आए थे। बंदोपाध्याय ने खुद को सांताक्रूज का बाल रोग विशेषज्ञ बताते हुए कहा कि जुहू में उनका क्लिनिक भी है। इसके बाद धीरे-धीरे चतुर्वेदी से दोस्ती हो गई। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

    दान के नाम पर धोखाधड़ी

    महामारी के दौरान बंदोपाध्याय ने ट्रस्टी होने का दावा किया और मुफ्त चिकित्सा शिविरों के लिए दान मांगा, जो चतुर्वेदी ने दिया। उन्होंने 5 लाख रुपये दिए लेकिन कोई सबूत नहीं रखा। बाद में बंदोपाध्याय ने चतुर्वेदी से जनता और पुलिस अधिकारियों के लिए मुफ्त शिविर आयोजित करने का आग्रह किया। इस विश्वास के साथ कि उन्हें पैसे वापस मिल जाएँगे, चतुर्वेदी ने करीब 45 पुलिस स्टेशनों पर मेडिकल कैंप आयोजित किए, जिन पर 34.97 लाख रुपए खर्च हुए। जुहू पुलिस स्टेशन में रहते हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें बंदोपाध्याय के खिलाफ पिछले धोखाधड़ी के मामलों के बारे में चेतावनी दी। इसके बाद मामला अजागर हुआ कि बंदोपाध्याय फर्जी जानकारी देकर धोखाधड़ी कर रहा है। फिलहाल अंबोली पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Mumbai medical camp scam fraud worth lakhs)

  • मुंबई के श्वान सिम्बा ने प्रतियोगिता में मारी बाज़ी

    मुंबई के श्वान सिम्बा ने प्रतियोगिता में मारी बाज़ी

    मध्य रेल सुरक्षा बल मुंबई मंडल के सिम्बा नामक श्वान ने श्वान प्रतियोगिता 2024 में बाज़ी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। मादक पदार्थ की रोकथाम के लिए किया गया है ट्रेन्ड .. (Mumbai’s dog Simba won the competition)

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – रेल सुरक्षा बल द्वारा आयोजित अंतर मंडलिय स्तर के श्वान प्रतियोगिता 2024 में मुंबई मंडल के सिम्बा नामक श्वान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बता दें कि मादक पदार्थ की रोकथाम के लिए इसे खास तौर पर ट्रेन्ड किया गया है। (Mumbai’s dog Simba won the competition)

    सोलापुर में आयोजित श्वान प्रतियोगिता 2024 में मुंबई मंडल के श्वान सिम्बा ने प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए मुंबई मंडल को गौरावविन्त किया। जिसमें सिम्बा ने मादक पदार्थ की प्रतियोगिता में 393 /425 में अंक प्राप्त किया। इसके लिए श्वान विभाग के निरीक्षक राजकुमार धनविज का लोगों ने सराहना की। (Mumbai’s dog Simba won the competition)

    3 दिनों तक चले इस प्रतियोगिता में हैपी नामक श्वान को द्वितीय पुरस्कार मिला और जिम्मी नामक श्वान को विस्फोटक सामग्री की जांच पर सम्मानित किया गया। ये सभी मध्य रेल के अन्य मंडलो से आये थे। इन सभी श्वानों में सिम्बा कम उम्र का बताया जा रहा है। इस पर प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने धन्यवाद दिया है। (Mumbai’s dog Simba won the competition)

    (Mumbai's dog Simba won the competition)
    (Mumbai’s dog Simba won the competition)

  • Mumbai- पुलिस के सराहनीय कार्य पर 26 वर्षीय प्रेगनेंट मां ने आभार व्यक्त किया।

    Mumbai- पुलिस के सराहनीय कार्य पर 26 वर्षीय प्रेगनेंट मां ने आभार व्यक्त किया।

    • 4 महिने की बच्ची को बंद कमरे में बंधक बनाया।
    • लड़की का जन्म बना लडाई का कारण..
    • पुलिस को बुलाया तो की मार पीट और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की..
    • Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the polic

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    घरेलू हिंसा के मामले में मालवनी पुलिस की सूझ बूझ 26 वर्षीय जरीना बेगम के लिए छुटकारा पाने का सबब साबित हो गया। 4 महिने की एक बच्ची को गोद में लिए प्रेगनेंट जरीना अपने मायके जाना चाहती थी। जबकि पति सुफियान और सास मिलकर जरीना को कमरे में बंद कर बाहर से ताला मार दिया करते थे। लगातार मार-पीट से तंग आकर जरीना की मां उसे अपने साथ अपने गांव प्रयागराज लेजाने आई थी। इस हंगामे के बीच पुलिस को बुलाया तो सुफियान ने जरीना के मां को मारा और सुफियान की मां ने पुलिस के साथ की धक्का-मुक्की। सूचना मिलते ही डिटेक्शन की टीम ने लाठी डंडे के साथ जरीना और उसके परिवार को पुलिस स्टेशन ले आई और क़ानूनी अंदाज में समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ और जरीना अपने और बच्चे के कुछ कपड़े साथ लेकर अपनी मां के साथ मायके चली गई। साथ ही मालवनी पुलिस का आभार व्यक्त किया। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)

    क्या है मामला?

    मामला, मालवनी गेट नंबर 8, म्हाडा कॉलोनी का है। यहां रूम नंबर 51 के रहने वाले सुफियान का पिछले वर्ष 2023 में जरीना के साथ शादी हुई थी। जैसे ही जरीना को लड़की हुई तब से सुफियान और उसका परिवार मार-पीट करना शुरू कर दिया। यहां तक की अपनी प्रेग्नेंसी के लिए जरीना को अकेले अपने गांव जाना पड़ा। अपने गहने बेचकर अस्पताल का खर्च गहन करना पड़ा। बाद में जरीना को लगा कि मामला शांत हो गया होगा। वापस आई तो एक बार फिर प्रेगनेंट हो गई और इतनी पिटाई कर दी गई की जरीना मरते-मरते बची। मालवनी पुलिस में इसको लेकर 14 अगस्त 2024 को शिकायत की गई है। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)

    लड़की अगर नहीं रहना चाहती तो उसे रोका नही जा सकता ..

    आप को यह भी बता दें कि एक ही परिवार के दो बहनों के लड़का और लड़की के बीच शादी हुई थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। लेकिन लड़की के जन्म होते ही परिवार में खटास पैदा हो गई। लगातार हो रहे मार पीट से अपनी लड़की को बचाने के लिए जरीना की मां मुंबई आई तो उसे अपने पहचान वाले के घर रूकना पड़ा और जरीना के ससुराल वालों से बात की तो कहने लगे अपना दहेज का पूरा सामान लेकर जाओ और मामला हमेशा हमेशा के लिए खत्म करो नहीं तो जरीना को जाने नहीं देंगे। इसी बीच सुफियान ने अपनी 4 महिने की बच्ची को अकेले कमरे में डाल कर बाहर से ताला लगा दिया। जबकि जरीना कह रही थी कि मुझे सिर्फ इस वक्त के लिए अपने मायके जाने दो मैं दो-दो बच्चों को लेकर अकेले कैसे गुजारा कर सकती हूँ। इसी बीच फिर से मार-पीट हुई तो पुलिस कंट्रोल से मदद मांगी गई। पुलिस आई तो सुफियान की मां पुलिसकर्मियों से भी धक्कामुक्की करने लगी। इसकी सूचना पाकर डिटेक्शन की टीम लाठी डंडे के साथ पहुची तब जाकर मामला शांत हुआ और पुलिस ने ताला खुलवा कर बच्ची को मां के हवाले किया और सभी लोगों को थाने ले आई। (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)

    Malvani police Station complain copy
    जरीना ने दिया मालवनी पुलिस को सूचना पत्र . .

    पति द्वारा दिए दो बच्चों का मैं क्या करूँ?

    मालवनी पुलिस थाने में आने के बाद भी सुफियान और उसका परिवार काफ़ी हंगामा करने लगा। पुलिस ने जब डाटते हुए कानूनी प्रक्रिया को समझाया तब जाकर सुफियान और उसका परिवार शांत हुआ। इसके बाद जरीना पुलिस को अपने साथ ले गई और अपने और अपने बच्चे के जरूरत के सामान और कपड़े बैग में भरकर वापस पुलिस थाने आई और पुलिस को एक लिखित सूचना पत्र देकर अपने मायके के लिए रवाना हो गई। जबकि जरीना को अपने ससुराल से निकलना आसान नहीं था। लेकिन मालवनी पुलिस की मदद से वह सुरक्षित अपने मायके के लिए रवाना हो गई। इसके लिए जरीना ने मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढ़ाव और उनके स्टाफ का आभार व्यक्त किया। जरीना का कहना है कि सुफियान का अब मुझसे दिल भर चूका है। वह लड़के की चाह में दूसरी शादी करना चाहता है। इसिलिए वह मुझे मायके जाने से पहले शादी को खत्म करने की बात कर रहा है। लेकिन सुफियान ने जो मेरी कोख में दो बच्चे दिए हैं उनकों लेकर मैं क्या करूँ? (Mumbai- A 26-year-old pregnant mother expressed her gratitude for the commendable work of the police)