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  • भायखला कारागृह में बदलाव की हवा

    भायखला कारागृह में बदलाव की हवा

    मुंबई के भायखला कारागृह में कैदियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए नई मॉड्युलर किचन और तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं – जानिए कैसे ये कदम जेल सुधार की दिशा में एक बड़ी पहल बन सकते हैं।

    मुंबई: शहर के सबसे पुराने कारागृहों में से एक, भायखला (Byculla) जेल में एक बड़े स्तर पर नई पहल शुरू की गई है, जिसमें कैदियों के लिए एक मॉड्युलर किचन बनवाया गया है। इस किचन के ज़रिए पारंपरिक विधियों पर आधारित स्वयंपाक व्यवस्था को आधुनिक उपकरणों के साथ बदलने का काम किया गया है।

    नए किचन में ऑटोमेटिक कटिंग मशीन, शीतगृह (cold storage) जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे सब्ज़ियों की कटिंग, भंडारण और सफाई आसान हो गई है। इसके अलावा अब बची हुई सब्ज़ियां बर्बाद नहीं होंगी और उन्हें चार दिन तक संरक्षित रखा जा सकेगा। पारंपरिक पद्धति में अनेक अड़चने थीं – स्वच्छता, समय की खपत और वेस्टेज—इन समस्याें को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    जेल प्रशासन के अनुसार, इस किचन के ज़रिए प्रतिदिन लगभग 900 कैदियों के लिए भोजन बनाए जाने की प्रक्रिया तेज, स्वच्छ और कारगर होगी। कारागृह अधीक्षक विकास रजनलवार ने भी कहा है कि इस सुविधा से कैदियों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी।

    तृतीयपंथी बंदियों के लिए अलग सेल का निर्माण

    भायखला जेल सुधार योजना में एक अन्य महत्वपूर्ण परिवर्तन है कि तृतीयपंथी (transgender / अन्य लिंग पहचान वाले) कैदियों के लिए स्वतंत्र सेल बनाए गए हैं। पहले ये कैदी सामान्य पुरुष या महिला ब्लॉकों में रखे जाते थे, जिससे उन्हें शारीरिक, मानसिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना करना पड़ता था।

    अब इस जेल में छह (6) भागों में तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं। हर एक सेल में स्वच्छतागृह की सुविधा दी गई है, और कुछ सेल ऐसे हैं, जो विशेष रूप से बिमार कैदियों के लिए उपयोग किए जाएंगे। यह सुनिश्चित किया गया है कि इन कैदियों को अलगाव, सम्मान और सुरक्षा मिले।

    इससे पहले महाराष्ट्र राज्य में तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग स्थान सुनिश्चित करना एक गंभीर समस्या थी। अब यह कदम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार की पहल माना जा रहा है।

    सुधार कार्यक्रम: व्यापक और बहुआयामी

    भायखला जेल में सिर्फ किचन और सेल तक ही सीमित नहीं, बल्कि कैदियों के शारीरिक–मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक पुनर्वसन की दिशा में भी कई कदम उठाए गए हैं। निम्नलिखित सुधार प्रयास किए जा रहे हैं:

    1. वी़डियो कॉन्फ्रेंसिंग

    न्यायालय सुनवाई और मेडिकल सलाह हेतु कैदियों को जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता कम की गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा अब उपलब्ध होगी, जिससे उनका समय एवं संसाधन की बचत होगी।

    2. अंगणवाड़ी सुविधा

    महिला कैदियों के साथ रहने वाले छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जेल परिसर में अंगणवाड़ी व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।

    3. प्रशिक्षण और कौशल विकास

    महिला कैदियों के पुनर्वास हेतु डिजिटल फोटोग्राफी, बेडसाइड केयर, फाइन आर्ट प्रशिक्षण, योग क्लासेस आदि का आयोजन किया गया है। यह उपाय उन्हें जेल से बाहर निकलने पर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में सहायक हो सकते हैं।

    4. मनोरंजन एवं हित गतिविधियाँ

    कैदियों के मनोरंजन हेतु “दिवाळी पहाट” जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इससे मानसिक तनाव कम होगा और सामाजिक माहौल बेहतर बनेगा।

    इस पहल का प्रभाव और चुनौतियाँ

    सकारात्मक प्रभाव

    • भोजन निर्माण प्रक्रिया में समय की कमी, स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार होगा
    • तृतीयपंथी कैदियों को सम्मान और सुरक्षा मिल सकेगी
    • स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक पुनर्वासन की गतिविधियाँ कैदियों की मनोशिक्षा को बेहतर बनाएंगी
    • इस प्रकार की सुधार गतिविधियाँ जेल को ‘शिक्षा केंद्र’ की तरह रूपांतरित कर सकती हैं

    चुनौतियाँ

    • बजट एवं संसाधन की कमी: नए उपकरण, रखरखाव एवं प्रशिक्षण पर खर्च बढ़ेगा
    • कार्मिक प्रशिक्षण की ज़रूरत: जेल पुलिस, प्रशासन और संसाधन दलों को आधुनिक उपकरण उपयोग करना आना चाहिए
    • सुरक्षा व निगरानी: नए सुविधाओं में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना ज़रूरी होगा
    • सामाजिक विरोध: कुछ लोग इस तरह के सुधारों को “बहुत नरम” या “अनावश्यक” मान सकते हैं

    तीन वर्ष पहले की स्थिति और अन्य जेलों में अभ्यास

    भायखला जेल जैसी सुधार पहल महाराष्ट्र की जेल व्यवस्था में नई नहीं है। पहले अन्य जिलों में भी तृतीयपंथी कैदियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। और नागपुर सेंट्रल जेल में अलग बैरक बनाने की मंजूरी राज्य सरकार ने दी है।

    माना जा रहा है कि मुंबई में भायखला जेल को आगे चलकर ऊँची इमारत (vertical prison) के रूप में पुनर्निर्मित करने की योजना है, ताकि सीमित जमीन में अधिक क्षमता सुनिश्चित की जा सके।

    भायखला कारागृह में यह बदलाव, अर्थात् मॉड्युलर किचन और तृतीयपंथी कैदियों के लिए स्वतंत्र सेल, जेल सुधार की दिशा में उल्लेखनीय कदम हैं। यह पहल दिखाती है कि कैदियों को सिर्फ ‘सजा’ न देकर उनका जीवन थोड़ा बेहतर और मानवतावादी बनाया जाना संभव है।

    भविष्य में अन्य जेलों में भी ऐसे ही सुधार लागू हो सकते हैं और यह उम्मीद है कि इन प्रयासों से अपराधियों की पुनर्स्थापना व समाज में पुन: स्वीकार्यता बेहतर होगी।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

    Q1. यह मॉड्युलर किचन क्या है और यह परंपरागत किचन से कैसे अलग है?
    A. मॉड्युलर किचन आधुनिक स्टील और सीएनसी (कम्पोनेंट) आधारित इकाइयां होती हैं। इसमें कटिंग मशीन, स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण उपकरण शामिल होते हैं। पारंपरिक किचन में मैन्युअल कटिंग, मिट्टी या साधारण स्टोवा आदि होते हैं, जिससे समय और स्वच्छता की समस्या रहती है।

    Q2. अन्य जेलों में पहले से तृतीयपंथी कैदियों के लिए अलग सुविधा थी क्या?
    A. कुछ केंद्रीय जेलों में अलग सेल बनाए गए थे, लेकिन समुचित व्यवस्था हिमाचल में नहीं होती थी। महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अब कई जेलों में सुविधा विस्तार का फैसला लिया है।

    Q3. यह सुधार पहल कितनी लागत में पूरी की गई?
    A. मीडिया रिपोर्ट में विशेष लागत का खुलासा नहीं किया गया है। संभव है कि इस परियोजना को जिल्हा नियोजन निधि से वित्तपोषित किया गया हो।

    Q4. ऐसे सुधारों से अपराध नियंत्रण में क्या अंतर आएगा?
    A. सीधे तौर पर सुधारों से अपराध नियंत्रण नहीं होगा, लेकिन बेहतर जीवन, पुनर्स्थापना तथा सुधार कार्यक्रमों से अपराधियों के सुधार की संभावना बढ़ सकती है।

    Q5. अन्य राज्यों में इस तरह की सुधार प्रथाएँ हैं क्या?
    A. हाँ, भारत के कई राज्यों में जेल सुधार योजनाएँ चल रही हैं, जैसे स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और विशेष सेल व्यवस्था।

  • मुंबई मेट्रो लाइन-3: सांताक्रूज़ स्टेशन पर अंडरग्राउंड ट्रेन में टेक्निकल गड़बड़ी, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    मुंबई मेट्रो लाइन-3: सांताक्रूज़ स्टेशन पर अंडरग्राउंड ट्रेन में टेक्निकल गड़बड़ी, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

    मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) पर शुक्रवार दोपहर सांताक्रूज़ स्टेशन पर वर्ली जा रही अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन अचानक तकनीकी समस्या के कारण रोक दी गई। यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (MMRCL) ने साफ किया कि धुएं की खबरें अफवाह थीं और सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं।

    मुंबई: शुक्रवार दोपहर करीब 2:44 बजे मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) पर एक वर्ली-बाउंड अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रेन को अचानक तकनीकी खराबी के कारण सांताक्रूज़ स्टेशन पर रोकना पड़ा। इस दौरान यात्रियों को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    यात्रियों को क्यों निकाला गया?

    कुछ यात्रियों ने ट्रेन के अंदर धुएं जैसी स्थिति देखने का दावा किया। लेकिन मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि न तो धुआं था और न ही आग लगी थी। बावजूद इसके, यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एहतियातन बाहर निकाला गया।

    ट्रेन को लूप लाइन पर भेजा गया

    तकनीकी समस्या वाली मेट्रो को तुरंत लूप लाइन पर खड़ा कर दिया गया ताकि उसकी पूरी जांच की जा सके। इससे मेट्रो की बाकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा और दूसरे रूट पर चल रही मेट्रो सामान्य रूप से चलती रहीं।

    MMRCL का आधिकारिक बयान

    MMRCL अधिकारियों का कहना है कि “यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। धुएं की जो बात सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में सामने आई है, वह पूरी तरह से गलत है।”

    मुंबई मेट्रो लाइन-3 (Aqua Line) का महत्व

    मुंबई मेट्रो लाइन-3, जिसे Aqua Line भी कहा जाता है, मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना है। यह कुल 33.5 किलोमीटर लंबी है और इसमें 27 स्टेशन हैं। यह कोलाबा से बांद्रा होकर एसईईपीजेड (SEEPZ) तक जाती है।
    यह लाइन मुंबई की ट्रैफिक समस्या कम करने और लोकल ट्रेन के बोझ को हल्का करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    अंडरग्राउंड मेट्रो में तकनीकी गड़बड़ियां क्यों आती हैं?

    अंडरग्राउंड मेट्रो का स्ट्रक्चर बेहद जटिल होता है। हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक सप्लाई, वेंटिलेशन सिस्टम, एयर-कूलिंग टेक्नोलॉजी और कंट्रोल सिस्टम के कारण इसमें तकनीकी गड़बड़ी आ सकती है। हालांकि, सुरक्षा के लिए हर स्टेशन पर मॉनिटरिंग सिस्टम और इमरजेंसी प्रोटोकॉल बनाए गए हैं।

    यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भरोसा

    घटना के तुरंत बाद सभी यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए। किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे मामलों में मेट्रो स्टाफ तुरंत एक्टिव होकर गाइडलाइन के मुताबिक रेस्क्यू ऑपरेशन करता है।

    सांताक्रूज़ स्टेशन पर हलचल

    घटना के बाद कुछ देर के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति थी। कई यात्री घबरा गए लेकिन कुछ ही मिनटों में हालात सामान्य हो गए। मेट्रो कर्मचारियों ने यात्रियों को शांति से बाहर निकालकर स्टेशन पर खड़ा किया और अन्य ट्रेन की ओर रीडायरेक्ट किया।

    सोशल मीडिया पर चर्चा

    धुआं निकलने की अफवाह सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। कई यात्रियों ने वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं, लेकिन बाद में MMRCL ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी।

    ट्रेन की जांच जारी

    MMRCL की टेक्निकल टीम ने ट्रेन को निरीक्षण के लिए रोक दिया। फिलहाल जांच चल रही है कि गड़बड़ी किस वजह से हुई। शुरुआती रिपोर्ट्स में इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट से जुड़ी दिक्कत बताई जा रही है।


    FAQs

    Q1. क्या मेट्रो ट्रेन में आग लगी थी?
    नहीं, MMRCL ने साफ कहा है कि आग या धुआं जैसी कोई घटना नहीं हुई।

    Q2. यात्रियों को क्यों बाहर निकाला गया?
    यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियातन बाहर निकाला गया।

    Q3. क्या मेट्रो सेवा बंद हुई?
    नहीं, मेट्रो सेवाएं पूरी तरह से सामान्य रहीं। सिर्फ प्रभावित ट्रेन को लूप लाइन पर जांच के लिए भेजा गया।

    Q4. Aqua Line कब से शुरू हुई है?
    Aqua Line (Metro Line-3) मुंबई की पहली अंडरग्राउंड मेट्रो है, जिसका संचालन हाल ही में शुरू किया गया।

    Q5. क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं?
    तकनीकी गड़बड़ी किसी भी हाई-टेक सिस्टम में संभव है, लेकिन मेट्रो टीम ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी की गई है।

  • मुंबई SRA बढ़ा कॉर्पस फंड: अब डेवलपर्स को प्रति फ्लैट देना होगा ₹1 से ₹3 लाख तक

    मुंबई SRA बढ़ा कॉर्पस फंड: अब डेवलपर्स को प्रति फ्लैट देना होगा ₹1 से ₹3 लाख तक

    मुंबई स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) ने कॉर्पस फंड में बड़ा बदलाव किया है। अब डेवलपर्स को ऊंचाई के हिसाब से प्रति टेनमेंट ₹1 लाख से ₹3 लाख तक जमा करना होगा। ये पैसा 10 साल तक रखरखाव, फायर सेफ्टी और मेंटेनेंस पर खर्च होगा।

    मुंबई: स्लम रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट्स (SRA) के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट्स के लिए डेवलपर्स से अब ज्यादा कॉर्पस फंड वसूला जाएगा।

    • अभी तक ये राशि सिर्फ ₹40,000 प्रति टेनमेंट थी।
    • नए प्रस्ताव के मुताबिक:
    • 70 मीटर (23 मंज़िल तक) की इमारत – ₹1 लाख प्रति टेनमेंट
    • 70 से 120 मीटर (40 मंज़िल तक) की इमारत – ₹2 लाख प्रति टेनमेंट
    • 120 मीटर से ऊपर (40 मंज़िल से ज्यादा) – ₹3 लाख प्रति टेनमेंट

    क्यों बढ़ाई गई राशि?

    SRA अफसरों के मुताबिक:

    • पहले ज्यादातर रिहैब बिल्डिंग्स सिर्फ 7 मंज़िला होती थीं, उस समय ₹40,000 काफी था।
    • अब नई इमारतें 20-40 मंज़िला और उससे ज्यादा की बन रही हैं।
    • ऐसी हाई-राइज इमारतों में लिफ्ट, अतिरिक्त सीढ़ियां, फायर फाइटिंग सिस्टम, बिजली-पानी का रखरखाव बहुत महंगा पड़ता है।
    • स्लम से शिफ्ट हुए लोग अक्सर मेंटेनेंस चार्जेस देने से कतराते हैं, जिससे बिल्डिंग जल्दी खराब होने लगती है।
    • नए कॉर्पस फंड से ये बिल्डिंग्स कम से कम 10 साल तक सुरक्षित और रहने लायक बनी रहेंगी।

    सुरक्षा और रखरखाव की गारंटी

    कॉर्पस फंड का इस्तेमाल इन कामों में होगा:

    • 10 साल तक बिना चार्ज मेंटेनेंस
    • फायर सेफ्टी सिस्टम और सुरक्षा इंतज़ाम
    • लिफ्ट व बिल्डिंग सर्विसिंग
    • बेसिक मरम्मत और सुविधा

    डेवलपर्स और रहवासियों पर असर

    • डेवलपर्स को अब प्रोजेक्ट की लागत बढ़ाकर प्लानिंग करनी होगी।
    • स्लम रहवासियों के लिए पॉज़िटिव – उन्हें शिफ्ट होने के बाद 10 साल तक अलग से मेंटेनेंस का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।
    • हालांकि, प्रॉपर्टी मार्केट के जानकारों का कहना है कि इससे डेवलपर्स की लागत बढ़ेगी और कई प्रोजेक्ट्स धीमे पड़ सकते हैं।

    FAQ (SRA Corpus Fund Special)

    Q1. SRA ने कॉर्पस फंड क्यों बढ़ाया?
    Ans: क्योंकि अब रिहैब इमारतें हाई-राइज बनने लगी हैं और उनका रखरखाव ज्यादा महंगा है।

    Q2. कॉर्पस फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
    Ans: 10 साल तक मेंटेनेंस, फायर सेफ्टी, लिफ्ट और बिल्डिंग रिपेयर पर।

    Q3. नई दरें क्या हैं?
    Ans: ₹1 लाख से ₹3 लाख तक प्रति टेनमेंट, बिल्डिंग की ऊंचाई के हिसाब से।

    Q4. अभी तक कॉर्पस फंड कितना था?
    Ans: सिर्फ ₹40,000 प्रति टेनमेंट।

    Q5. स्लम रहवासियों को क्या फायदा होगा?
    Ans: उन्हें 10 साल तक मेंटेनेंस के लिए जेब से पैसा नहीं देना होगा।

  • BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    BMC घोटाला: साउथ मुंबई में ₹103 करोड़ के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स पर धांधली, जांच शुरू

    मुंबई के साउथ मुंबई (SoBo) में BMC के A-वार्ड के ब्यूटीफिकेशन और स्लम प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ की अनियमितताएं सामने आईं। BMC विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के विजिलेंस डिपार्टमेंट ने A-वार्ड के अधिकारियों को आड़े हाथ लिया है।
    आरोप है कि 2023 से 2025 के बीच हुए ब्यूटीफिकेशन और स्लम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट्स में ₹103 करोड़ का गड़बड़झाला हुआ है।

    A-वार्ड में कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव, पी’डीमेलो रोड और बैलार्ड एस्टेट जैसे मुंबई के पॉश इलाके आते हैं।

    RTI एक्टिविस्ट की शिकायत पर कार्रवाई

    इस जांच की नींव RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत से रखी गई।

    • विजिलेंस डिपार्टमेंट ने पहले 14 अगस्त को नोटिस जारी कर डॉक्यूमेंट्स मांगे थे।
    • उसके बाद 22 सितंबर को साइट इंस्पेक्शन के दौरान कई गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
    • कई फाइलें गायब मिलीं, कुछ वर्क ऑर्डर्स फर्जी लगे और कई प्रोजेक्ट अधूरे मिले।

    इंस्पेक्शन में सामने आई गड़बड़ियां

    विजिलेंस इंस्पेक्शन में कई चौकाने वाले मामले सामने आए:

    • कोलाबा में फर्जी रिपेयर ऑर्डर
    • बधवार पार्क का अधूरा ब्यूटीफिकेशन
    • शिवाजी मेमोरियल प्रोजेक्ट का अधूरा काम

    इन गड़बड़ियों की वजह से BMC को ₹76,594 की बचत और ₹45,000 की पेनल्टी का मामला दर्ज करना पड़ा।

    इसके अलावा, 29 कामों की ऑडिट में और अनियमितताएं मिलीं जिनसे ₹28.32 लाख रिकवरी और ₹12.72 लाख की पेनल्टी लगाई गई।

    डॉक्यूमेंट्स जमा करने पर विवाद

    विजिलेंस विभाग ने कहा था कि A-वार्ड ने 1 सितंबर 2025 को वादा किया था कि गणेश विसर्जन के बाद डॉक्यूमेंट्स दिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
    हालांकि, जेयदीप मोरे (Acting Assistant Commissioner) का कहना है कि उन्होंने 29 सितंबर को ही सारे डॉक्यूमेंट्स सबमिट कर दिए हैं।

    अब आगे क्या?

    विजिलेंस डिपार्टमेंट अब इन डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा करेगा।
    अगर गड़बड़ियों के सबूत पक्के मिले तो बड़े स्तर पर कार्रवाई हो सकती है। यह मामला BMC के कामकाज पर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. BMC के किस वार्ड में घोटाला सामने आया है?
    Ans: साउथ मुंबई के A-वार्ड में, जिसमें कोलाबा, कफ परेड, मरीन ड्राइव जैसे इलाके आते हैं।

    Q2. यह जांच किसकी शिकायत पर शुरू हुई?
    Ans: RTI एक्टिविस्ट संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई।

    Q3. कुल कितनी रकम पर अनियमितता का आरोप है?
    Ans: लगभग ₹103 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ी सामने आई है।

    Q4. विजिलेंस जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?
    Ans: फर्जी रिपेयर ऑर्डर्स, अधूरे प्रोजेक्ट्स, गुम फाइलें और संदिग्ध वर्क ऑर्डर्स।

    Q5. आगे की कार्रवाई क्या होगी?
    Ans: विजिलेंस विभाग डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद तय करेगा कि किन अफसरों पर सख्त कदम उठाने हैं।

  • Mumbai Accident Video: पोइसर मेट्रो के पास सीमेंट मिक्सर पलटा, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों जाम, अब ट्रैफिक सामान्य

    Mumbai Accident Video: पोइसर मेट्रो के पास सीमेंट मिक्सर पलटा, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर घंटों जाम, अब ट्रैफिक सामान्य

    मुंबई वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर पोइसर मेट्रो स्टेशन के पास सीमेंट मिक्सर ट्रक पलटने से सुबह भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने 2 घंटे बाद स्थिति सामान्य की।

    मुंबई: गुरुवार सुबह पोइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे बने सर्विस रोड पर अचानक एक सीमेंट मिक्सर ट्रक पलट गया। ट्रक के पलटते ही वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) के नॉर्थबाउंड लेन पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। कई मोटर चालकों को डाइवर्जन लेकर लंबा रास्ता तय करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो में दिखा कि विशाल ट्रक अपनी साइड पर पलटा पड़ा है और उसके कारण सर्विस रोड लगभग ब्लॉक हो गया। गाड़ियां धीरे-धीरे किनारे से निकल रही थीं। गनीमत रही कि इस एक्सीडेंट में कोई गंभीर घायल या मौत की खबर नहीं है।

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गाड़ियों का रूट डायवर्ट कर जाम कम करने की कोशिश की। पुलिस ने X (ट्विटर) पर सुबह अपडेट देते हुए लिखा:
    👉 “Traffic Movement Is Slow At Poisar Metro Station Service Road (Samtanagar) North Bound Due To Mixer Overturned.”

    करीब दो घंटे की मेहनत के बाद क्रेन से ट्रक को हटाया गया और सड़क साफ कर दी गई। पुलिस ने बाद में दूसरा अपडेट देते हुए बताया कि “अब ट्रैफिक क्लियर है।”

    शिंदे सेना के दशहरा मेलावा के कारण अतिरिक्त ट्रैफिक डायवर्जन

    इसी बीच, मुंबई पुलिस ने लोगों को शाम को एक और ट्रैफिक डायवर्जन अलर्ट दिया है। गोरेगांव के NESCO Exhibition Centre में शाम 6 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गट का दशहरा मेलावा होने वाला है।

    इसके चलते 5 बजे से रात 10 बजे तक कई रास्तों पर ट्रैफिक कर्ब्स लगेंगे:

    • Mrinaltai Gore Junction से NESCO Gap तक एंट्री बंद।
    • राम मंदिर से NESCO की तरफ राइट टर्न बंद।
    • NESCO सर्विस रोड पर Hub Mall से Jaycoach Junction तक ट्रैफिक कंट्रोल।

    वाहनों के लिए डाइवर्जन भी तय किए गए हैं ताकि लोग JVLR और WEH की तरफ आसानी से जा सकें।

    हादसे से सबक और ट्रैफिक अलर्ट

    यह हादसा बताता है कि मुंबई जैसी मेट्रो सिटी में एक छोटा सा एक्सीडेंट भी सुबह की पीक ऑवर ट्रैफिक को घंटों तक प्रभावित कर सकता है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस लगातार अपील कर रही है कि ड्राइवर बड़े ट्रक और मिक्सर मशीन चलाते वक्त सावधानी बरतें।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: हादसा कहां हुआ?
    👉 हादसा प्वाइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे WEH सर्विस रोड पर हुआ।

    Q2: हादसे में कितनी देर ट्रैफिक जाम रहा?
    👉 करीब दो घंटे तक हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार थमी रही।

    Q3: क्या इस एक्सीडेंट में कोई घायल हुआ?
    👉 गनीमत रही कि किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है।

    Q4: मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने क्या कदम उठाए?
    👉 पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ट्रक हटवाया और गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया।

    Q5: आज शाम को ट्रैफिक डायवर्जन क्यों रहेगा?
    👉 गोरेगांव NESCO Exhibition Centre में शिंदे गट का दशहरा मेळावा है, जिसके कारण ट्रैफिक डायवर्जन होगा।

  • Malad Suicide Case: 14 साल के बच्चे ने मुंबई में की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

    Malad Suicide Case: 14 साल के बच्चे ने मुंबई में की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

    मुंबई के मालाड इलाके में 14 वर्षीय बच्चे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ADR दर्ज किया और परिवार व दोस्तों से पूछताछ जारी है। मौत की वजह साफ नहीं।

    मुंबई: मालाड (Malad) इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। सिर्फ 14 साल का स्कूली बच्चा अपने घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने जब बच्चे को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मॉलाड पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं

    पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आखिर बच्चे ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस ने मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उसकी चैट्स व कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।

    परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी

    मॉलाड पुलिस ने इस घटना को फिलहाल Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया है। पुलिस बच्चे के दोस्तों और परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसने हाल ही में किसी परेशानी या तनाव के बारे में बात तो नहीं की थी।

    इलाके में गम और सनसनी

    इस घटना के बाद पूरे मॉलाड इलाके में गम और सनसनी का माहौल है। पड़ोसी और जानने वाले स्तब्ध हैं कि इतनी छोटी उम्र में बच्चा ऐसा कदम कैसे उठा सकता है।

    बच्चों में बढ़ता तनाव और समाज की जिम्मेदारी

    विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया का असर और अकेलापन उन्हें मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। माता-पिता और स्कूलों को चाहिए कि वे बच्चों से लगातार संवाद करें और उनकी परेशानियों को गंभीरता से लें।

    पुलिस की अपील

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में अफवाहें फैलाने से बचें और परिवार को भावनात्मक सहयोग दें। साथ ही, बच्चों में अगर कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत काउंसलिंग कराएं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मॉलाड में आत्महत्या करने वाले बच्चे की उम्र कितनी थी?
    Ans: बच्चा सिर्फ 14 साल का था और स्कूल में पढ़ाई कर रहा था।

    Q2: क्या बच्चे ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है?
    Ans: नहीं, पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

    Q3: पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
    Ans: पुलिस ने Accidental Death Report दर्ज की है और मोबाइल फोन व दोस्तों-परिवार से पूछताछ कर रही है।

    Q4: इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?
    Ans: बच्चों से संवाद, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और काउंसलिंग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

    Q5: यह घटना कब और कहां हुई?
    Ans: यह घटना मंगलवार को मुंबई के मॉलाड इलाके में हुई।

  • मुंबई कांदिवली हादसा: शिवानी कैटरर्स किचन में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से चौथी मौत, दो की हालत अब भी क्रिटिकल

    मुंबई कांदिवली हादसा: शिवानी कैटरर्स किचन में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से चौथी मौत, दो की हालत अब भी क्रिटिकल

    मुंबई के कांदिवली में शिवानी कैटरर्स की रसोई में सिलेंडर ब्लास्ट से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं। फायर NOC और परमिशन के बिना चल रहा था यह किचन।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को शिवानी कैटरर्स की मालकिन शिवानी गांधी (51) ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें 70% बर्न इंजरी के बाद एयरोली स्थित नेशनल बर्न्स सेंटर में भर्ती कराया गया था। अब तक कुल 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है।

    कब और कैसे हुआ सिलेंडर ब्लास्ट?

    यह हादसा 24 सितंबर सुबह 9:05 बजे कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकूर्ली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।

    • उस समय 7 लोग 10×12 फीट की छोटी यूनिट में काम कर रहे थे।
    • अचानक एलपीजी गैस लीक हुई और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
    • सभी लोगों को गंभीर जलन हुई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की बदबू पहले से आ रही थी। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में भी रखा था लेकिन जैसे ही वे वापस किचन में गए, सिलेंडर फट गया और आग की लपटों ने सबको अपनी चपेट में ले लिया।

    रविवार को तीन पीड़ितों ने तोड़ा दम

    हादसे के एक दिन बाद, रविवार को तीन घायलों की मौत हो गई थी।

    • रक्षा जोशी (47) – कस्तूरबा हॉस्पिटल में
    • नीतू गुप्ता (31) – नेशनल बर्न्स सेंटर, एयरोली
    • पूनम (28) – नेशनल बर्न्स सेंटर, एयरोली

    इन तीनों को 80% से 90% तक बर्न इंजरी थी।

    बिना परमिशन और Fire NOC के चल रहा था किचन

    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने खुलासा किया है कि शिवानी कैटरर्स के पास कोई Fire NOC नहीं थी।

    • न तो BMC वार्ड ऑफिस से परमिशन ली गई थी
    • न ही पुलिस से लाइसेंस
    • मात्र 2 दिन पहले ही यह किचन उसी चाल के एक और शॉप से शिफ्ट हुआ था

    यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान लेने का कारण बनी।

    मृतकों और घायलों की जानकारी

    • शिवानी गांधी (51) – मालिक, 70% बर्न (मृतक)
    • रक्षा जोशी (47) – 90% बर्न (मृतक)
    • नीतू गुप्ता (31) – 80% बर्न (मृतक)
    • पूनम (28) – 80% बर्न (मृतक)
    • 2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं।

    हादसे ने उठाए बड़े सवाल

    यह हादसा फिर एक बार यह सवाल खड़ा करता है कि मुंबई में बिना अनुमति और सुरक्षा इंतजाम के कितने छोटे-छोटे यूनिट चल रहे हैं। प्रशासन और BMC की निगरानी में भारी कमी नजर आ रही है।


    FAQ – कांदिवली कैटरिंग किचन फायर हादसा

    Q1: कांदिवली कैटरिंग किचन हादसा कब और कहाँ हुआ था?
    ➡️ यह हादसा 24 सितंबर 2025 की सुबह 9:05 बजे मुंबई के कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकरुली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।

    Q2: हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
    ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल हुए 7 लोगों में से 2 अभी भी गंभीर हालत में हैं।

    Q3: हादसे की वजह क्या थी?
    ➡️ हादसा एलपीजी गैस लीक और सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से हुआ। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में रखा था लेकिन जैसे ही वे दोबारा कमरे में लौटे, विस्फोट हो गया और आग फैल गई।

    Q4: हादसे में कौन-कौन लोग मारे गए?
    ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें शिवानी कैटरर्स की मालिक शिवानी गांधी (51), रक्षा जोशी (47), नीतू गुप्ता (31) और पूनम (28) शामिल हैं।

    Q5: हादसे के बाद घायलों का इलाज कहाँ किया गया?
    ➡️ सभी घायलों को पहले एस्की और ओम हॉस्पिटल, बोरीवली में भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें नेशनल बर्न्स सेंटर (एयरोली) और कस्तूरबा हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।

    Q6: शिवानी कैटरर्स किचन के पास क्या Fire NOC थी?
    ➡️ नहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक इस किचन के पास Fire NOC नहीं थी। न ही BMC वार्ड ऑफिस से अनुमति ली गई थी और न ही पुलिस से लाइसेंस।

    Q7: हादसे के समय किचन में कितने लोग मौजूद थे?
    ➡️ हादसे के समय किचन में कुल 7 लोग मौजूद थे। सभी गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    Q8: क्या कैटरिंग यूनिट हाल ही में शिफ्ट हुई थी?
    ➡️ हाँ, हादसे से सिर्फ दो दिन पहले ही शिवानी कैटरर्स ने अपना किचन उसी चाल के दूसरे शॉप से शिफ्ट किया था।

    Q9: क्या इलाके के लोगों को गैस लीक की भनक लगी थी?
    ➡️ हाँ, स्थानीय लोगों और पीड़ितों ने गैस की गंध महसूस की थी। पीड़ित थोड़ी देर के लिए बाहर भी निकल गए थे, लेकिन खतरे को नजरअंदाज कर वापस अंदर जाने पर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।

    Q10: क्या पुलिस या BMC ने अब तक कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ हादसे की जांच मुंबई पुलिस और BMC द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति चल रहे यूनिट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    Q11: क्या मुंबई में ऐसे और भी अवैध कैटरिंग किचन चल रहे हैं?
    ➡️ विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में कई छोटे-छोटे कैटरिंग यूनिट, क्लाउड किचन और टिफिन सर्विस बिना Fire NOC और सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। यह हादसा प्रशासन के लिए चेतावनी है।

    Q12: क्या भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सकता है?
    ➡️ हाँ, अगर हर छोटे-बड़े किचन और कमर्शियल यूनिट को Fire NOC, गैस सेफ्टी चेक और BMC की अनुमति से ही ऑपरेट करने दिया जाए तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

    Q13: कांदिवली हादसे ने कौन-से बड़े सवाल खड़े किए हैं?
    ➡️ यह हादसा दिखाता है कि:

    • BMC और पुलिस की निगरानी कमजोर है।
    • कई यूनिट बिना अनुमति चल रहे हैं।
    • फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता की भारी कमी है।
  • मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस 10 अक्टूबर तक बड़े मेंटेनेंस और ट्रैक अपग्रेडेशन के कारण प्रभावित रहेगी। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइन पर रूट बदलेंगे, देरी होगी और भीड़ बढ़ेगी। यहां पढ़ें पूरी जानकारी और वैकल्पिक यात्रा प्लान।

    मुंबई: “लाइफलाइन” कही जाने वाली लोकल ट्रेनें इन दिनों बड़े मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन के चलते दिक्कत में हैं। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइनों पर मरम्मत और सिग्नल सिस्टम मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है, जिसकी वजह से रोज़ाना लाखों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यह काम 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

    disruption इतना बड़ा क्यों?

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा प्लान्ड डिस्रप्शन है।

    • ट्रैक रिन्यूअल (Track Renewal)
    • सिग्नल मॉडर्नाइजेशन (Signaling Modernization)
    • ब्रिज स्ट्रेंथनिंग (Bridge Strengthening)

    इन अपग्रेड्स से लोकल ट्रेन नेटवर्क और भी मज़बूत और सुरक्षित होगा।

    कौन-कौन सी लाइनें होंगी प्रभावित?

    🚆 Central Line

    • ठाणे से कल्याण के बीच कई सर्विसेज़ कम कर दी गई हैं।
    • पिक ऑवर्स में यात्रियों को सबसे ज़्यादा देरी का सामना करना पड़ेगा।

    🚆 Western Line

    • नॉन-पीक आवर्स में लिमिटेड शेड्यूल पर ट्रेनें चलेंगी।
    • कुछ रूट पर डायवर्जन की वजह से सफर लंबा होगा और भीड़ बढ़ेगी।

    🚆 Harbour Line

    • नाइट ब्लॉक और बीच-बीच में सर्विस सस्पेंड होगी।
    • देर रात घर लौटने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।

    वैकल्पिक यात्रा प्लान

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    रेलवे और BMC ने यात्रियों के लिए अलग-अलग विकल्प तैयार किए हैं:

    • BEST बसें: पिक टाइम पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
    • मुंबई मेट्रो: वेस्टर्न और सेंट्रल रूट पर मेट्रो का इस्तेमाल बेहतर विकल्प होगा।
    • ऑटो-रिक्शा और कैब: शेयरिंग और ऐप-बेस्ड सर्विसेज़ उपलब्ध होंगी, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है।

    यात्रियों को क्या दिक्कतें आएंगी?

    • ⏱ सफर लंबा होगा: ट्रेनों के डायवर्जन और लेट होने की वजह से।
    • 🚉 भीड़ बढ़ेगी: कम ट्रेनों की वजह से पिक टाइम पर ओवरक्राउडिंग होगी।
    • 🌙 देर रात परेशानी: नाइट ब्लॉक्स की वजह से आखिरी ट्रेनें छूट सकती हैं।

    सुरक्षा पर रेलवे का अलर्ट

    यात्रियों से अपील की गई है कि:

    • भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में जबरदस्ती न चढ़ें।
    • फुट ओवरब्रिज का सही इस्तेमाल करें।
    • स्टेशन पर रेलवे स्टाफ के निर्देशों का पालन करें।

    कब तक रहेगी दिक्कत?

    10 अक्टूबर तक यह मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम चलेगा। इसके बाद यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और तेज़ सर्विस का फायदा मिलेगा।


    FAQs

    Q1: मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस किस तारीख तक प्रभावित रहेगी?
    👉 10 अक्टूबर तक।

    Q2: कौन-कौन सी लाइनों पर असर पड़ेगा?
    👉 Central Line, Western Line और Harbour Line।

    Q3: वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट क्या है?
    👉 BEST बसें, मेट्रो, ऑटो और कैब।

    Q4: यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत कब होगी?
    👉 पिक आवर्स (सुबह और शाम) और नाइट ब्लॉक के दौरान।

    Q5: यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 ट्रैक रिन्यूअल, सिग्नल मॉडर्नाइजेशन और ब्रिज स्ट्रेंथनिंग के लिए।

  • दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने दादर स्विमिंग पूल में 12 और 13 साल की नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। केस में सबूत, गवाह और पहचान ने आरोपी को दोषी साबित किया।

    मुंबई: दादर के इलाके में पाँच साल पहले हुई शर्मनाक वारदात में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 30 साल के आरोपी को स्पेशल जज बी.आर. गारे ने तीन साल की सज़ा सुनाई। आरोपी ने 2020 में स्विमिंग पूल में तैर रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया था।

    घटना कैसे हुई?

    6 मार्च 2020 को 13 साल की एक लड़की दादर के स्विमिंग पूल में तैर रही थी। तभी एक शख्स ने उसके स्विमिंग कॉस्ट्यूम में हाथ डालकर उसकी प्राइवेट पार्ट को दबाया। घबराई हुई बच्ची ने तुरंत ट्रेनर और लाइफगार्ड को बताया।

    इसी दौरान 12 साल की दूसरी बच्ची ने भी उसी आदमी पर आरोप लगाया कि उसने उसके साथ भी छेड़छाड़ की है। दोनों बच्चियों ने तुरंत आरोपी को पहचान लिया।

    FIR और जांच में क्या हुआ?

    पहली बच्ची के पिता ने अगले दिन थाने में FIR दर्ज करवाई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसकी पहचान गलत हुई है। साथ ही FIR देर से दर्ज होने और CCTV फुटेज न होने पर भी सवाल उठाए।

    लेकिन पुलिस ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिसमें दोनों नाबालिग बच्चियाँ भी शामिल थीं।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    जज बी.आर. गारे ने कहा कि बच्चियों का डर और सदमे में होना FIR में हुई एक दिन की देरी का संतोषजनक कारण है। दोनों बच्चियों ने आरोपी को मौके पर और बाद में अदालत में भी पहचान लिया।

    कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यौन इरादे से बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छुआ और यह POCSO Act के तहत अपराध है।

    सजा और कानून

    अदालत ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ (Sexual Harassment & Assault) के आरोप में दोषी ठहराया और तीन साल की जेल की सजा सुनाई।


    FAQs

    Q1: डाडर स्विमिंग पूल केस कब हुआ था?
    👉 यह घटना 6 मार्च 2020 को हुई थी।

    Q2: इस केस में कितनी बच्चियों ने शिकायत की थी?
    👉 कुल दो नाबालिग बच्चियों (12 और 13 साल) ने आरोपी पर आरोप लगाया।

    Q3: आरोपी को कितनी सजा हुई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।

    Q4: क्या घटना का CCTV फुटेज था?
    👉 नहीं, पुलिस ने बताया कि पूल में CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।

    Q5: आरोपी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
    👉 आरोपी ने कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसे गलत पहचान लिया गया है।

  • मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में सोमवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोकल ट्रेनें और BEST बसें मामूली देरी के साथ सामान्य चल रही हैं।

    मुंबई: सोमवार (29 सितंबर 2025) की सुबह मुंबई शहर में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। इससे पहले रविवार को शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। मौसम विभाग (IMD) ने सुबह 8 बजे के अपडेट में बताया कि आज शहर और उपनगरों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    🌧️ पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?

    • आइलैंड सिटी (साउथ मुंबई): 74.85 मिमी
    • ईस्टर्न सबर्ब: 77.89 मिमी
    • वेस्टर्न सबर्ब: 99.44 मिमी
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    रविवार को शहर के कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी। हालांकि सोमवार की सुबह बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रही।

    🚉 लोकल ट्रेन और BEST बस सर्विस पर असर

    • सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें मामूली देरी से सही, लेकिन सामान्य रूप से चल रही हैं।
    • BEST बसों के रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
      इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

    🌊 हाई टाइड और लो टाइड का समय

    • हाई टाइड: दोपहर 3:27 बजे (3.01 मीटर)
    • लो टाइड: रात 9:36 बजे (1.58 मीटर)

    बारिश और हाई टाइड के मेल से समुद्र किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    🔶 ‘ऑरेंज अलर्ट’ का क्या मतलब?

    IMD ने मुंबई और उपनगरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आने वाले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सावधानी बरतनी होगी।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या होता है?
    👉 ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

    Q2: क्या मुंबई की लोकल ट्रेनें बारिश में प्रभावित हैं?
    👉 फिलहाल मुंबई लोकल ट्रेनें मामूली देरी के साथ सामान्य रूप से चल रही हैं।

    Q3: अगले 24 घंटे में मुंबई में कितनी बारिश हो सकती है?
    👉 IMD के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

    Q4: आज मुंबई में हाई टाइड कब है?
    👉 आज दोपहर 3:27 बजे हाई टाइड है जिसकी ऊंचाई 3.01 मीटर होगी।