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  • Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। MMRDA ने बताया कि CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, नए ट्रेन रेक्स और फ्लेट ओवरहॉल के लिए यह कदम जरूरी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: माया नगरी मुंबई के शहर वासियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद रहेगी।
    मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बताया कि यह बंदी इसलिए जरूरी है ताकि नए ट्रेन रेक्स, एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग और फ्लेट रिफर्बिशमेंट का काम बिना रुकावट पूरा किया जा सके।

    ❓ क्यों बंद की जा रही है मोनोरेल?

    • यह बंदी पूरा 19.74 किमी रूट (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक) पर लागू होगी।
    • अभी तक अपग्रेड और टेस्टिंग का काम सिर्फ रात में 3.5 घंटे की विंडो में हो रहा था, लेकिन यह टाइम बहुत कम है।
    • अब लगातार 24×7 अपग्रेड वर्क चलेगा ताकि सिस्टम जल्दी से चालू हो सके।

    🔧 कौन-कौन से अपग्रेड होंगे?

    1. नए ट्रेन रेक्स (Rolling Stock)
    • कुल 10 नए ट्रेन रेक्स Make in India प्रोजेक्ट के तहत लाए जा रहे हैं।
    • 8 रेक्स मुंबई पहुँच चुके हैं, 9वां टेस्टिंग में है और 10वां असेंबली में है।
    1. एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग सिस्टम
    • यह पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगेगा।
    • सिस्टम हैदराबाद में डिवेलप हुआ है और इसका वर्किंग टेस्ट लगभग पूरा है।
    1. फ्लेट रिफर्बिशमेंट और स्टाफ ट्रेनिंग
    • पुराने रेक्स की पूरी मरम्मत और अपग्रेड होगी।
    • ट्रेनिंग सेफ्टी और ऑपरेशन के हिसाब से होगी ताकि आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी फायदा मिले।

    ⚠️ सेफ्टी को लेकर चिंता

    पिछले कुछ महीनों में मोनोरेल में कई तकनीकी खराबियां और हादसे हुए।

    • हाल ही में 17 पैसेंजर बीच ट्रैक पर फंसे थे।
    • 19 अगस्त को बारिश की वजह से दो बड़ी खराबियों में 780 से ज्यादा पैसेंजर घंटों तक फंसे रहे।
    • इन्हीं घटनाओं के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।

    📋 जांच कमेटी और सरकार का संदेश

    • MMRDA ने इन फेल्योर की जांच के लिए स्पेशल कमेटी बनाई है।
    • डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा:
      “मुंबईकरों के साथ सहयोग से मोनोरेल को और मजबूत और सुरक्षित बनाया जाएगा।”

    🚉 मुंबई मोनोरेल: इंडिया की पहली और अकेली मोनोरेल

    • 2014 में पहली लाइन शुरू हुई थी (8.26 किमी)।
    • 2019 में रूट बढ़ाकर 19.74 किमी किया गया।
    • अभी सिर्फ 5 एक्टिव रेक्स चल रहे हैं, इसलिए नए रेक्स की बेहद जरूरत है।

    📌 यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    • आखिरी दिन सर्विस: 19 सितंबर 2025
    • पूरी बंदी: 20 सितंबर 2025 से
    • रूट बंद: चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (दोनों तरफ)
    • कारण: नए रेक्स, CBTC सिग्नलिंग, फ्लेट ओवरहॉल
  • Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।

    📜 कैसे हुआ विवाद?

    • 2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
    • लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
    • 2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
    • इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।

    ⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?

    • यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
    • एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
    • प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा।
    • बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
    • लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
    • सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया।

    ⚖️ NGT का फैसला

    NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है।
    इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।

  • मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    मुंबई के वैज्ञानिकों की बड़ी खोज: एक और जीन मिला पुरुषों में दुर्लभ इंफर्टिलिटी की वजह

    ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।

    क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?

    मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।

    ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।

    रिसर्च में क्या मिला?

    इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:

    • 93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
    • इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
    • इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।

    ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।

    भारत में CBAVD की स्थिति

    • CBAVD: भारत में पुरुषों की इंफर्टिलिटी के कुल मामलों में से 2-3% इसी से जुड़े होते हैं।
    • CUAVD: जब एक ही नली गायब होती है, तो इसे Congenital Unilateral Absence of the Vas Deferens (CUAVD) कहा जाता है, और यह बहुत ही दुर्लभ (0.04%) होता है।
    • 25% पुरुष जिनमें Obstructive Azoospermia (सीमन में स्पर्म न होना) पाया जाता है, उनमें CBAVD की पुष्टि होती है।

    डॉक्टरों की राय

    डॉ. प्रकाश पवार (यूरोलॉजिस्ट, सायन हॉस्पिटल) कहते हैं:

    “इंफर्टिलिटी को लेकर समाज में काफी कलंक है, और अधिकतर महिलाओं को दोष दिया जाता है, जबकि कारण पुरुषों में होता है।”

    डॉ. राहुल गजबिये (प्रमुख वैज्ञानिक, ICMR-NIRRCH) का मानना है कि:

    “अब हमें IVF से पहले CFTR, ADGRG2 और अन्य संभावित जीन की जांच करनी चाहिए। Whole Exome Sequencing अब जरूरी बन गई है।”

    इलाज में क्या होगा बदलाव?

    इस रिसर्च के बाद संभावित बदलाव:

    • IVF से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग का सुझाव।
    • Intracytoplasmic Sperm Injection (ICSI) से पहले जीन चेकअप का सुझाव।
    • सही कारण मिलने से बेहतर जेनेटिक काउंसलिंग और इलाज की दिशा तय होगी।
  • मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खेल, गरीबों के घर और दुकानें खतरे में

    मुंबई के मालाड, कांदिवली और बोरीवली में फर्जी नक्शों के जरिए आरक्षित जमीन पर गरीबों की बस्तियां और दुकानें अवैध बताई जा रही हैं। मंत्री आशीष शेलार ने जांच और कार्रवाई के आदेश दिए।

    🚨 आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का खुलासा

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां बिल्डरों और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से आरक्षित जमीनों के फर्जी नक्शे बनाए गए और उन्हीं नक्शों के आधार पर गरीबों के घर, चॉल और दुकानें अवैध घोषित कर दिए गए।

    Malad-Fake-maps-are-playing-on-reserved-land-in-Mumbai-houses-and-shops-of-poor-people-are-in-danger

    🏘️ मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस

    मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली स्थित आर-सेंट्रल कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि मालाड, कांदिवली और बोरीवली इलाके के 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध ठहराते हुए नोटिस जारी किए गए। इनमें नागरिकों के घर, इमारतें, गांवठण और चॉलें शामिल हैं।

    🛑 SIT जांच का गलत इस्तेमाल

    शेलार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि SIT जांच सिर्फ विशेष मामलों के लिए है। लेकिन उसके नाम पर आम नागरिकों को उनके घर-दुकानों से बेदखल करना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है।

    📝 फर्जी स्कैनिंग और जिम्मेदार अधिकारी

    मंत्री ने कहा कि अगर नक्शों की स्कैनिंग के दौरान जानबूझकर फेरबदल किया गया है, तो सिर्फ ठेकेदार ही नहीं बल्कि उन्हें नियुक्त करने वाले अधिकारियों की भी जांच होगी। बताया जा रहा है कि 950 से ज्यादा गांवठणों को नोटिस भेजी गई है, जिससे लोग परेशान हैं।

    📊 सरकार पर पुनर्विचार का दबाव

    इस मामले में पहले एक समिति बनी थी और अब SIT जांच भी चल रही है। लेकिन कई पीड़ित नागरिकों का आरोप है कि उन्हें बिना वजह परेशान किया जा रहा है।
    मंत्री शेलार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट पर दोबारा विचार किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी यही मांग उठाई है।

    ⚠️ आंदोलन की चेतावनी

    पीड़ित नागरिकों ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

    📌 FAQ सेक्शन – मुंबई आरक्षित जमीन घोटाला

    1. मुंबई में आरक्षित जमीन पर फर्जी नक्शों का मामला क्या है?

    👉 मालाड, कांदिवली और बोरीवली में बीएमसी अधिकारियों और बिल्डरों की मिलीभगत से फर्जी नक्शे बनाकर गरीबों के घर, चॉल और दुकानों को अवैध ठहराने का आरोप है।

    2. किन इलाकों में फर्जी नक्शों के आधार पर नोटिस दिए गए?

    👉 पी-नॉर्थ, आर-साउथ और आर-सेंट्रल विभागों के तहत आने वाले मालाड, कांदिवली और बोरीवली में 350 से ज्यादा परिसरों को नोटिस जारी किया गया।

    3. इस घोटाले में कितनी बस्तियों और गांवठणों को नोटिस मिली?

    👉 लगभग 950 गांवठण और 350 से ज्यादा परिसरों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी की गई हैं।

    4. आशीष शेलार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए?

    👉 मंत्री आशीष शेलार ने बोरीवली आर-सेंट्रल कार्यालय में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIT रिपोर्ट का गलत इस्तेमाल न हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

    5. क्या मुंबई के लोग आंदोलन करेंगे?

    👉 हाँ, पीड़ित नागरिकों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करेंगे।

  • मुंबई मोनोरेल बंद, वडाला के पास 17 यात्री फंसे

    मुंबई मोनोरेल बंद, वडाला के पास 17 यात्री फंसे

    सोमवार सुबह मुंबई मोनोरेल वडाला के पास अचानक रुक गई। 17 यात्री कुछ देर तक फंसे रहे। MMRDA ने सुरक्षित निकाला और 9.30 बजे तक सेवाएं सामान्य हुईं।

    मुंबई: सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे मुंबई मोनोरेल का एक ट्रेन रैक वडाला के पास, Antop Hill Bus Depot और GTBN स्टेशन के बीच अचानक रुक गया। इसमें मौजूद 17 यात्री करीब आधे घंटे तक फंसे रहे। कारण था – पावर सप्लाई फेलियर।

    सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए

    MMRDA (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी) के प्रवक्ता ने बताया कि सुबह 7:45 बजे तक सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फंसे यात्रियों को चेम्बूर से आई दूसरी ट्रेन में शिफ्ट किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई।

    Mumbai-Monorail-closed-near-Wadala

    फायर ब्रिगेड और टेक्निकल टीम मौके पर

    सावधानी के लिए मुंबई फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची। इस बीच टेक्निकल टीम ने खराब ट्रेन को तोड़कर हटाने और टो करने का काम किया। अधिकारियों ने बताया कि इस रैक की डिटेल जांच की जाएगी ताकि असली वजह पता चल सके।

    सेवाओं पर असर और बहाली

    • घटना के दौरान संत गाडगे महाराज चौक से वडाला के बीच मोनोरेल एक ही ट्रैक पर चलाई गई, जिससे थोड़ी देरी हुई।
    • वहीं, वडाला से चेम्बूर के बीच सेवाएं सामान्य चलती रहीं।
    • सुबह 9:30 बजे तक पूरे 20 किमी कॉरिडोर (चेम्बूर-वडाला-संत गाडगे महाराज चौक) पर सेवाएं सामान्य कर दी गईं।

    बार-बार हो रहे हैं मोनोरेल में अड़चन

    मुंबई मोनोरेल, जो देश की इकलौती मोनोरेल सेवा है, 2014 से फेज़ में शुरू हुई थी। लेकिन तब से इसमें कई बार रुकावटें आई हैं। खासतौर पर भारी बारिश के दौरान।
    पिछले महीने भी बारिश में दो मोनोरेल अलग-अलग जगह फंस गई थीं और यात्रियों को रेस्क्यू करना पड़ा था।

    बारिश से शहर बेहाल

    इसी बीच, मुंबई में रविवार सुबह से ही 100 मिमी से ज्यादा बारिश हुई।

    • दादर टीटी सर्कल पर पानी आधा से एक फुट तक भर गया।
    • खार सबवे (वाकोला) और पानबाई स्कूल के पास slip road पर भी आधा से एक फुट पानी जमा हुआ।
    • अंधेरी सबवे (वेस्ट) को 1 से 1.5 फुट पानी भरने की वजह से सुबह कुछ देर बंद करना पड़ा और ट्रैफिक को गोकुले ब्रिज पर डायवर्ट किया गया।

    IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

    सुबह 8:30 बजे IMD (मौसम विभाग) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए रेड नाउकास्ट अलर्ट जारी किया।
    चेतावनी में कहा गया कि अगले 3 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली चमकने, तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) और तूफानी मौसम की संभावना है।

  • मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III लोक अदालत में 122 केस सुलझे, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    मुंबई DRT-III में नेशनल लोक अदालत के दौरान 122 मामले निपटाए गए और ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हुई। इस प्रक्रिया में बैंक अफसरों, वकीलों और स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।

    मुंबई: डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल-III (DRT-III) में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस लोक अदालत में कुल 122 मामलों का निपटारा किया गया और बैंकों को करीब ₹34.69 करोड़ की रिकवरी हासिल हुई।

    ये लोक अदालत स्रीकला सुरेश, इंचार्ज प्रेसीडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन में हुई। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण माहौल में किया गया।

    पैनल और मेंबर्स की अहम भूमिका

    कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व प्रेसीडिंग ऑफिसर वी.एन. लोथे पाटिल ने की। उनके साथ पैनल में सुधांशु एस. साहू (डिप्टी जनरल मैनेजर, केनरा बैंक) और एडवोकेट सुनील हम्ब्रे मौजूद थे।

    इनके सहयोग से कई जटिल मामले आसानी से सुलझे, जिससे बैंक और उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली।

    122 मामले निपटाए गए, ₹34.69 करोड़ की रिकवरी

    इस लोक अदालत में बैंकों के लंबे समय से पेंडिंग पड़े केसों का समाधान हुआ। इसमें अधिकतर मामले लोन रिकवरी और सेटलमेंट से जुड़े थे।

    122 मामलों के समाधान के बाद ₹34.69 करोड़ की राशि रिकवर हुई। इसे बैंकिंग सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

    रजिस्ट्रार का आभार व्यक्त

    DRT-III मुंबई के रजिस्ट्रार संजय जायसवाल ने सभी अफसरों, स्टाफ और लिटिगेंट्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की।

    उन्होंने खासतौर से स्टाफ मेंबर्स का नाम लेकर आभार जताया –

    • स्नेहल तलाशीळकर (असिस्टेंट रजिस्ट्रार)
    • परवेश शर्मा, मिलिंद खाटू, सतीश बोराडे, राजन कांबले, नरेंद्र महामुंकर, पवन मीणा, प्रवीन लबडे, किशोर इंदुलकर, अमरेन्द्र और प्रियांका गुरव।

    लोक अदालत का महत्व

    लोक अदालत को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये एक ऐसा मंच है, जहां लंबे समय से पेंडिंग केस जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे अदालतों पर केसों का बोझ कम होता है और आम लोगों व बैंकों दोनों को राहत मिलती है।

    मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बैंकिंग ट्रांजैक्शन और लोन से जुड़े विवाद बहुत आम हैं, वहां इस तरह की पहल बेहद कारगर साबित होती है।

    मुंबई DRT-III की इस लोक अदालत ने दिखा दिया कि अगर सही माहौल और सहयोग मिले तो जटिल से जटिल केस भी आसानी से सुलझ सकते हैं। इस बार का नतीजा ₹34.69 करोड़ की रिकवरी के साथ काफी सकारात्मक रहा। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे और बैंकिंग सेक्टर में पेंडिंग केसों का बोझ कम होगा।

  • ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने दुकान मालिक को पीटा, मुंबई में कार ने चार लोगों को मारी टक्कर

    ठाणे में महिला ने उत्पीड़न से परेशान होकर दुकान मालिक को चप्पल से पीटा, वीडियो वायरल। मुंबई के घाटकोपर में तेज रफ्तार कार ने फुटपाथ पर चल रहे चार लोगों को टक्कर मारी, एक की हालत गंभीर।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: ठाणे में एक महिला ने अपने दुकान मालिक की हरकतों से परेशान होकर उसे बीच बाजार चप्पल से पीट दिया। बताया जा रहा है कि महिला को लंबे समय से अश्लील मैसेज भेजकर परेशान किया जा रहा था। जब हद पार हो गई तो महिला अपनी मां के साथ दुकान पहुंची और मालिक से सवाल-जवाब किया।

    महिला का गुस्सा फूटा, दुकान मालिक को चप्पल से पीटा

    गुस्से में महिला ने दुकान के अंदर ही 55 साल के दुकानदार पर हमला कर दिया। वहां मौजूद लोगों ने पूरा मामला मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, अभी तक कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने कहा है कि शिकायत आने पर कार्रवाई जरूर होगी।

    वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी

    सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला दुकानदार को लगातार चप्पल से मार रही है। वहां खड़े लोग बीच-बचाव करने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन महिला का गुस्सा थमने का नाम ही नहीं ले रहा।

    सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता ने पहले कई बार दुकानदार को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने सीधा एक्शन लिया।

    मुंबई के घाटकोपर में बड़ा हादसा

    इधर मुंबई के घाटकोपर इलाके में एलबीएस रोड पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार से दौड़ती एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे फुटपाथ पर चढ़ गई। इस दौरान वहां चल रहे चार लोगों को कार ने टक्कर मार दी।

    घटना में चारों लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    कार में शराब की बोतलें मिलीं, तीन लोग फरार

    सीसीटीवी फुटेज में हादसे के बाद कार से दो महिलाएं और एक पुरुष बाहर निकलते हुए नजर आए। जानकारी के मुताबिक, पुरुष मौके से भाग गया जबकि दोनों महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

    पुलिस को कार से शराब की बोतलें भी मिली हैं, जिससे शक है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।

    लोगों में गुस्सा और चिंता

    ठाणे की घटना हो या मुंबई का हादसा – दोनों मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ महिलाएं उत्पीड़न का सामना कर रही हैं तो दूसरी तरफ सड़क हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिनकी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना और तेज रफ्तार है।

    लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके।

  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी वाहिद शेख ने मांगा 9 करोड़ मुआवजा

    2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी हुए वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 साल की जेल और परिवार को झेली पीड़ा के लिए 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

    मुंबई: 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में झूठे आरोपों में फंसे और बाद में बरी हुए डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। शेख का कहना है कि यह सिर्फ पैसों की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ़ और स्वीकार्यता की लड़ाई है।

    9 साल जेल, जिंदगी बर्बाद

    शेख ने बताया कि उन्हें एटीएस ने साल 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें नौ साल तक जेल में रहना पड़ा। 11 सितंबर 2015 को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
    उन्होंने कहा – “मैं जेल से तो बाहर आ गया, लेकिन मेरी जवानी के सबसे अहम 9 साल, परिवार की खुशियां और समाज में इज्ज़त सब कुछ छिन गया।”

    9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

    वाहिद शेख ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मुआवजे की मांग की है।
    उनका दावा है कि जेल में रहने और झूठे आरोपों से हुए सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान की कीमत कोई चुका नहीं सकता। लेकिन, 9 करोड़ रुपये कम-से-कम उनके साथ हुए अन्याय की आंशिक भरपाई करेगा।

    “इसलिए अब तक चुप था”

    शेख ने याचिका में लिखा कि वह नैतिक कारणों से पिछले 10 साल तक चुप रहे और मुआवजे की मांग नहीं की। लेकिन, अब उन्हें लगता है कि यह मुद्दा सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सब लोगों के लिए है जो बेगुनाही के बावजूद सालों जेल में कैद रहे हैं।

    परिवार पर गहरा असर

    शेख पेशे से स्कूल टीचर हैं और परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं। जेल में रहने के दौरान उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक तौर पर बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
    उन्होंने बताया कि इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज़ लेना पड़ा।

    सामाजिक और भावनात्मक नुकसान

    वाहिद शेख का कहना है कि उन्हें हिरासत के दौरान प्रताड़ित भी किया गया। इन हालातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा – “मैं बाहर तो आ गया हूं, लेकिन जो दाग मेरे नाम पर लगे, उनका असर अब भी मेरे परिवार और बच्चों को झेलना पड़ रहा है।”

    पूरा मामला क्या था?

    11 जुलाई 2006 को मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की मौत और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
    ATS ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 2015 में वाहिद शेख को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

    जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    वाहिद शेख का संदेश

    शेख ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए है। उन्होंने मांग की कि सरकार और एजेंसियां झूठे मामलों में फंसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।

  • Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    Thane: घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक से परेशान नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

    ठाणे की घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को आनंद नगर सिग्नल पर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गड्ढों में सिर डालकर सरकार का ध्यान खींचा।

    ठाणे: मुंबई और ठाणे के बीच सबसे व्यस्त सड़कों में से एक घोडबंदर रोड पर गड्ढों और ट्रैफिक जाम से परेशान नागरिकों ने शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आनंद नगर सिग्नल पर हुआ, जहां लोगों ने सड़क पर बने गड्ढों में सिर डालकर और पैर ऊपर उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

    गड्ढों में सिर डालकर किया विरोध

    प्रदर्शनकारियों ने इस प्रतीकात्मक आंदोलन से यह संदेश दिया कि ठाणेकर रोजाना किस मुश्किल का सामना कर रहे हैं। गड्ढों की वजह से ट्रैफिक का बुरा हाल है, जिससे लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। नागरिकों ने मांग की कि तुरंत सड़क की मरम्मत की जाए और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाए।

    रोजमर्रा की जिंदगी पर असर

    घोडबंदर रोड हजारों लोगों के लिए अहम कनेक्टिविटी रूट है। लेकिन, जगह-जगह गड्ढों और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से यहां से गुजरना खतरनाक हो गया है। यात्रियों का कहना है कि ट्रैफिक जाम और गड्ढों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज पर सीधा असर डाला है।

    हादसों का खतरा बढ़ा

    गड्ढों और ट्रैफिक की वजह से इस रूट पर हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करेगा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

    भारी वाहन हादसा: ट्रैफिक पुलिस घायल

    इसी बीच, बुधवार को घोडबंदर रोड के गौमुख घाट इलाके में दो कंटेनर ट्रकों की टक्कर में एक बड़ा हादसा हुआ। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस अधिकारी नाइक तडवी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और पैर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    ट्रकों की टक्कर से घंटों जाम

    हादसे के बाद ट्रैफिक कई किलोमीटर तक जाम हो गया। गाड़ियों की लंबी कतारें मिरारोड के फाउंटेन हॉटेल और नवघर तक देखी गईं। यह हादसा तब हुआ जब एक ट्रक का ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और सामने से आ रहे दूसरे कंटेनर से भिड़ गया।

    नागरिकों की नाराजगी और उम्मीदें

    प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अब उनकी सहनशक्ति खत्म हो गई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ठाणेकर उम्मीद कर रहे हैं कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन गंभीरता से समस्या का हल निकालेगा।

  • Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    Mumbai BMC: झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर फिर से मांगे प्रस्ताव

    बीएमसी ने मुंबई के एम/ईस्ट वार्ड में झोपड़पट्टी पुनर्विकास के लिए 26 प्रोजेक्ट्स पर दोबारा एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है। डेडलाइन 30 सितंबर तय।

    मुंबई: शहर के झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने एम/ईस्ट वार्ड (मानखुर्द, देवनार और गोवंडी) इलाके में 26 स्लम रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए फिर से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया है।

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    🔹 पिछली बार क्यों अटका था मामला?

    बीएमसी ने 10 मई को पहली बार 64 नगर पालिका प्लॉट्स पर पुनर्विकास का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते 17 प्लॉट होल्ड पर रखे गए। बचे हुए 47 प्लॉट्स पर सिर्फ 29 प्रोजेक्ट्स को ही 100 ऑफर मिले।
    सबसे बड़ी समस्या ये रही कि 8 प्लॉट्स के लिए केवल 1-1 डेवलपर ने ही बोली लगाई थी।

    🔹 अब नया फोकस एम/ईस्ट वार्ड पर

    इस बार बीएमसी ने खास तौर पर मानखुर्द, देवनार और गोवंडी जैसे इलाकों पर फोकस किया है। ये इलाका कम आय वर्ग और भारी अतिक्रमण के लिए जाना जाता है।
    नई योजना के तहत करीब 8.37 लाख वर्गमीटर जमीन और लगभग 49,000 झोपड़ी संरचनाओं को रीडेवलपमेंट में शामिल किया जाएगा।

    🔹 डेडलाइन और प्रक्रिया

    • EOI डॉक्यूमेंट उपलब्ध होगा: 15 सितंबर से
    • अंतिम तारीख: 30 सितंबर
    • जिम्मेदारी ठेकेदारों की:
    • झोपड़ी सर्वे
    • प्लानिंग
    • परमिट्स
    • टेनेमेंट निर्माण
    • मेंटेनेंस

    सभी प्रोजेक्ट्स को DCPR-2034 की रेगुलेशन 33(10) के तहत लागू किया जाएगा।

    🔹 पश्चिमी उपनगर बनाम पूर्वी उपनगर

    पहले आए ऑफर्स ज्यादातर अंधेरी, बोरीवली और वर्ली जैसे पश्चिमी इलाकों के लिए थे। जबकि पूर्वी उपनगर जैसे मुलुंड और एम/ईस्ट वार्ड के लिए डेवलपर्स की दिलचस्पी बेहद कम रही। इसीलिए बीएमसी ने अब फिर से खास तौर पर इन इलाकों पर जोर दिया है।