Category: Civic Issues

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया? (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

  • शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला किया गया है। ऐसे में बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 25 मौजूदा और पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी

    इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी

    उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    तीन महीने के भीतर मतभेद

    एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    नगरपालिका चुनाव

    हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

  • ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी के बाद जितेंद्र जनावाले ने भी दिया इस्तीफा, अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप.. (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    नजरअंदाज का आरोप

    जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप

    बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    20 और 25 को होगी ठाकरे गुट की बैठक

    इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

  • Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन

    बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    शेयर बाजार की स्थिति

    मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    लाभार्थियों को सौंपी फ्लैट की चाबी

    इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)