Category: Civic Issues

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  • मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    • पाकिस्तान में मोदी बने बिन बुलाये मेहमान।
    • सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए।
    • क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?
    • जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?
    • अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।
    • भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?
    • सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान
    • सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी
    • देश की जनता को है सच जानने का अधिकार।
    • सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।
    • मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मुंबई: जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी अपने पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे तब भारत के जन्मजात शत्रु पाकिस्तान से दोस्ती करने की कोशिश करते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था।जबकि इसके पूर्व हमारे किसी भी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया था।मोदी ने सहृदयता दिखाते हुए आमंत्रित किया।प्रयास अच्छा जरूर रहा। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    बिन बुलाए मेहमान

    फिर भी मोदी ने विदेश यात्रा से लौटते समय बिन बुलाए मेहमान की तरह पाकिस्तान चले गए। लेकिन कहावत है कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती। उसी तर्ज पर पाकिस्तान पहले भी आतंकी हमले भारत में किए थे और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की बातें कहते रहे थे। फिर पाकिस्तान से दोस्ती का प्रयास ही बेमानी थी। हमारे प्रधानमंत्री कांग्रेस शासन की बात छोड़ भी देते और अपनी पार्टी के अटल बिहारी वाजपेयी के समय संसद पर आतंकी हमला याद रखते तो भूलकर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से दोस्ती की पेग नहीं बढ़ाते। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    अब मोदी के ही शासनकाल में पठानकोट, उरी, पुलवामा और अभी हालही के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों का स्याह चेहरा सामने आया, जिसकों देख उनकी आँखें खुल गईं होंगी, कि सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?

    पाकिस्तान के आतंकवादियों को अमेरिका पालता है। अमेरिका बनिया देश है। वह दूसरे देशों को लड़ाकर अपने हथियार बेचता है। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तोड़ने के कारण ही अब चीन ब्रह्मपुत्र के पानी को रोकने जा रहा है। वैसे भी सिंधु और उसकी सहायक नदियों में पानी तिब्बत से ही आता है जिसपर चीन का कब्जा है। वैसे भी भारत पाकिस्तान का पानी तभी रोक पाएगा जब बहुत बड़े बांध बनायेगा। लेकिन अड़चन यही होगी कि तब तक चीन पांच नदियों का पानी रोक चुका होगा। चीन की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है, कि वह जब चाहे भारत की नदियों को सुखा कर सकता है। सिंधु नदी संधि तोड़ना प्रतीकात्मक हो सकता है। मनोवैज्ञानिक दबाव संभव है। लेकिन जब तक चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है भारत उसका पानी रोक ही नहीं पाएगा। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?

    जब दो देश युद्ध लड़ते हैं तो नुकसान दोनों का होता है। ब्लूम वर्ग को इंटरव्यू में भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान ने कहा, पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारतीय जेट गिरने की बात महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि विमान गिरे ही क्यों? भारत ने अपनी गलतियों को पहचाना, उन्हें जल्दी सुधारा और फिर दो दिन के भीतर दुश्मन के ठिकानों को लंबी दूरी से निशाना बनाकर एक बार फिर प्रभावी तरीके से जवाब दिया। लेकिन एयर मार्शल ने सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा, जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?उन्होंने पूछा जब समय से एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ और पूरा ही नही कर सकते तो वादा ही क्यों करते हो? दरअसल समय पर युद्धक विमान नहीं मिलने की ओर इशारा कर रहे थे जिसमें सरकार फेल हुई। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।

    मोदीजी की एक विशेषता है, वे सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं लेकिन अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश करते रहते हैं।ऑपरेशन सिंदूर हमारी जांबाज़ सेना ने चलाया। पाकिस्तानी आतंकवादियों को और उनके ठिकाने नष्ट करने के साथ पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हवाईअड्डों को क्षति पहुंचाई ताकि उसके लड़ाकू विमान उड़ ही नहीं सकें। यहां तक कि पाकिस्तानी पायलट अपने विमानों को बचाने के लिए दौड़े परन्तु भारतीय सेना ने उनके हैंगर पर हमला करके विमानों को ही नष्ट कर दिया। सेना कहती है आज का युद्ध जमीन, आसमान, पानी और अंतरिक्ष में लड़ा जाता है। यहां तक कि साइबर द्वारा प्रोपोगंडा फैलाकर लड़ा जाता है जैसा चीन ने पाकिस्तानी पक्ष में किया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?

    पाकिस्तानी एंकर्स भारत की गोदी मीडिया के एंकरों से ज्यादे समझदार हैं जो भारत के जेट और राफेल गिराने के दावे कर रहे थे जिससे पाकिस्तानी सेना का हौसला बुलंद हो सके। भले भारतीय सेना की मार से पाकिस्तानी फ़ौजी भागते नजर आए। लेकिन गोदी मीडिया के अनुसार हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर लाहौर, इस्लामाबाद और कराची तक जीत लेने का झूठ बोलकर भारत को हमलावर बताने में लगे थे। मजबूर होकर सरकार को सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल भेजकर दुनिया को बताना पड़ा कि हमलावर हम नहीं पाकिस्तान द्वारा पाले गए आतंकी हैं जिन्होंने बार बार कायराना हरकते करके निरीह भारतीयों को मारा है। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान

    सरकार फौज के ऑपरेशन सिंदूर को बीजेपी का बताने के लिए सेना का अपमान बार-बार किया और सैनिक वर्दी में मोदी की फोटो लगाकर पोस्टर टंगवाए। खुद मोदी भी सेना के शौर्य को अपना बताने में चुनाव प्रचार करते रहते हैं। अपना शौर्य बताने वाले बीजेपी के प्रधानमंत्री हमारे जेट जिसमे राफेल भी थे, इसे छुपाते क्यों हैं? सेना ने साफ साफ कहा संघर्ष में नुकसान होता है। कितने विमान गिरे यह मुद्दा नहीं है। क्यों गिरे यह प्रमुख मुद्दा है। एयर मार्शल ने तो बीजेपी सरकार के बड़बोले पन की पोल खोलकर रखते हुए कहा जब समय पर मुहैय्या ही नहीं कर सकते तो वादे ही क्यों करते हो? How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी

    विपक्ष विशेषकर राहुल गांधी और राष्ट्रभक्त जनता जब सवाल पूछती है तो बीजेपी की ट्रोल कंपनी देशद्रोही कहने लगते हैं। अमित मालवीय में तनिक भी नैतिकता बची हो तो एयर मार्शल और C D S की ओर उंगली उठाकर दिखाएं। दिन में ही तारे नजर आने लगे हैं। जो सच हमारे सेना के बड़े अधिकारी कह रहे हैं पीएम मोदी उन्हें छुपा क्यों रहे? विपक्ष विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग कर रहा, तो भाग क्यों रहे? संसद का विशेष सत्र मत बुलाइए लेकिन विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए सभी विपक्षी दलों के नेताओं को एक बड़े कमरे में जहां कैमरे लगे हों, बुलाकर विपक्षी नेताओं को तो जवाब दे ही सकते हैं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। किरकिरी तो हमारे सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी है। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    देश की जनता को है सच जानने का अधिकार

    अगर बीजेपी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने की हिम्मत करे तो सारा सच देश के सामने आ जायेगा। सच क्या है? यह जानने का अधिकार विपक्षी दलों को ही नहीं 145 करोड़ जनता को भी है। बीजेपी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के खिलाफ संपूर्ण देशवासी और पूरा विपक्ष सरकार और सेना के साथ खड़ा होकर देशभक्ति दिखा चुका है। अब बीजेपी को अपनी देशभक्ति दिखाने की जरूरत है। सच क्या है? क्या सचमुच राफेल मार गिराया गया, जिसे बीजेपी सरकार ने यूरोपीय संगठन के राष्ट्र फ्रांस से खरीदा था। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

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    सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।

    सरकार ने चूक किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा। जबकि मनमोहन सिंह की सरकार ने बेहद कम मूल्य पर राफेल खरीदी की बात की थी, वह भी सोर्स कोड सहित। ताकि टेक्नोलॉजी भारत को मिले और उस पर भारत निर्मित मिसाइलें तैनात की जा सकें। लेकिन नाटो संगठन अमेरिका के पिट्ठू राष्ट्रों का संगठन है। मोदी के मित्र ट्रंप ने अपना बदसूरत चेहरा पाकिस्तान का सपोर्ट कर दिखा दिया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर सवा सौ बार विदेश यात्रा से मोदी ने कौन सी उपलब्धि हासिल की? क्योंकि एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आया। यहां तक कि सदाबहार दोस्त रूस भी क्यों खुलकर भारत के साथ नहीं आया? जो पाकिस्तान में स्टील प्लांट सहित कई प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। बीजेपी सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध इतने कड़वे कर लिए हैं जिससे भारत के साथ कोई पड़ोसी देश तक नहीं आया। How did Modi’s friendship with Pakistan fail?

  • दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों को अपने कब्जे में ले लें दिल्ली सरकार

    दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों को अपने कब्जे में ले लें दिल्ली सरकार

    • सरकार से डर नहीं लगता शिक्षा माफियाओं को..!
    • दिल्ली का DPS द्वारका स्कूल सुर्खियो में..
    • गेट पर बॉउंसर तैनात कर बढाई मनमानी फीस

    नई दिल्ली: जब सरकारें निशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भागेगी और शिक्षा माफियाओं को आजाद कर देगी तो लूटने के लिए, तो क्या होगा? शिक्षा माफियाओं को न तो सरकार से डर लगता है और न ही शिक्षा विभाग से और न किसी कोर्ट से। बेलगाम घोड़े बन गए हैं। खासकर दिल्ली में सरकारी जमीन पर खुले हुए प्राइवेट स्कूल जो किसी की परवाह किए बिना ही हर वर्ष मनमाने तरीके से फीस बढ़ाते जा रहे हैं। यहां तक कि डायरेक्टरेट ऑफ एज्युकेशन से अनुमति लेने की भी जहमत नहीं उठाते। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

    माता-पिता नौकरी करने पर मजबूर

    आज कल दिल्ली का D.P.S द्वारका स्कूल सुर्खियों में है जो गेट पर बाउंसर तैनात करके बढ़ाई गई मनमानी फीस जमा नहीं करने वाले अभिभावकों के बच्चों को गेट पर ही रोककर जबरन बस में उनके घर पहुंचा रहे हैं। चाहे घर में ताला ही क्यों न लगा हो। कारण माता पिता दोनों ही मंहगाई बढ़ाए जाने के कारण नौकरी करने के लिए मजबूर हैं। स्कूल गेट पर तैनात बाउंसर कितने बदतमीज और बेहूदे होंगे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे लड़कियों की बांह तक पकड़कर स्कूल के भीतर जाने से रोकते है। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

    कब-कितना फीस बढ़ाया गया?

    D.P.S द्वारका स्कूल की मनमानी देखिए। पिछले पांच वर्षों में बच्चों की फीस को 139630 रुपए से बढ़ाकर 190000 रुपए कर दिया गया है। इसी कड़ी में हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को पैसे कमाने की मशीन और बच्चों के साथ बाउंसरों और स्कूल संचालकों द्वारा पर यातना तक बताया जा रहा है। D.P.S स्कूल द्वारका के द्वारा पिछले पांच वर्षों में फीस मनमाने तरीके से कैसे बढ़ाया गया? इसका नमूना वर्ष 2020/21 में फीस थी 139630 रुपए , 2021/22 में उतनी ही रही, लेकिन 2022/23 में 152510 रुपए कर दी गई। फिर वर्ष 2023/24 में 164844 रूपये, 2024/25 में 176340 रुपए और 2025/26 में पूरे 190000 रुपए कर दी गई है। इसमें विवरण देखा जाए तो ट्यूशन फीस 142800 रुपए, इन्यूअल चार्ज 32016 रुपए और डेवलपमेंट फीस 14280 रुपए जो पैरेंट टीचर मीटिंग की फीस केवल एक बार होने की है। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

    क्यों नाम काटा गया?

    इतना ही नहीं, फीस बढ़ाने की सूचना नहीं देने के कारण फीस जमा नहीं कर पाने वाले 32 बच्चों के नाम काट दिए गए। नाम काट देना किस एज्युकेशन मैनुएल में लिखा है? नियमानुसार सरकारी जमीन पर बने स्कूल हॉस्पिटल में 15% लोगों को निःशुल्क सुविधा देनी चाहिए। विवाद डेवलपमेंट फीस को लेकर है। डायरेक्टरेट ऑफ एज्युकेशन के अनुसार दस प्रतिशत फीस बढ़ाई जा सकती है वह भी अनुमति लेकर, लेकिन शिक्षा माफिया कब मानते हैं? जिन बच्चों के नाम काटे गए, उनके मित्र फोन कर पूछते हैं, कि क्यों नाम काटा गया? बच्चों को अकेले घर जबरन छोड़ने के कारण बच्चों के मन में भय उत्पन्न होता है। मानसिक उत्पीड़न होती है और बच्चों को भारी सदमा पहुंचता हैं। इंफ्रियोरिटी कॉम्प्लेक्स पैदा होता है। मनोवैज्ञानिक दबाव से बच्चों के मानसिक संतुलन बिगड़ने का डर रहता है। लेकिन दौलत कमाने की हवस प्राइवेट स्कूल संचालकों में इस कदर हावी है कि उनके बच्चों पर पढ़ने वाले कॉम्प्लेक्स से कोई मतलब नहीं। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

    जनता को ही दंडित किया जा रहा है।

    जब सैकड़ों अभिभावक कोर्ट गए तो स्कूल में छुट्टी घोषित कर संचालक फरार हो गए। अभिभावकों ने पुलिस बुलाई तो बिना नेम प्लेट वाली पुलिस पहुंची लेकिन वह खुद बच्चों और उनके अभिभावकों को टॉर्चर करने लगी। पुलिस और स्कूल संस्थापकों द्वारा लगाए गए गुंडों के द्वारा दुर्व्यवहार को अलग अलग नहीं किया जा सकता। दोनों ने ही अमानवीयता का परिचय दिया है। पुलिस जो जनता की रक्षा के लिए होती है उसे जनता के विरुद्ध कर दिया गया। सरकार की तरह उसका प्रशासन भी जनता को ही दंडित करने में लगा है।

    आम आदमी पार्टी की सरकार

    आम आदमी पार्टी का शासन था तब, केंद्र सरकार ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली आप सरकार से संसद में कानून बनाकर सारे प्रशासनिक अधिकार छीन लिए और मुख्यमंत्री, शिक्षा, स्वास्थ्य मंत्री सहित झूठे शराब मामले में ई डी द्वारा जेल भेजवाया गया था। इसलिए मनमानी फीस बढ़ाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का दोष नहीं दिया जा सकता। सारा प्रशासन एल जी के हाथ में दे दिया गया। इसलिए एल जी को संज्ञान लेना चाहिए था, लेकिन नहीं लिया। दुनिया ने देखा किस प्रकार आम आदमी सरकार को बदनाम करने के लिए यमुना नदी की सफाई के लिए एल जी ने कुछ भी नहीं किया और सारा दोष अरविंद केजरीवाल पर मढ़ते रहे। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

    सरकार का दायित्व

    जब दिल्ली में बीजेपी सरकार बनी तब कितनी जल्दी मशीनें लगाकर यमुना को साफ करने का ढिंढोरा पीटा गया, जबकि आज भी दिल्ली के गंदे नाले लगातार कई घाटों के पास नाले का गंदा पानी यमुना में छोड़ रहे हैं।
    शुक्र है बीजेपी की दिल्ली सरकार कम से कम प्राइवेट स्कूलों की ऑडिट करने लगी है। लेकिन यह भी अपर्याप्त है। शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा निःशुल्क देना सरकार का दायित्व है।

    स्कूल कॉलेज बने लूट के धंधे

    लेकिन केंद्र सरकार ने अपने दायित्व निभाने के स्थान पर शिक्षा को प्राइवेट हाथों में सौप कर लूटने के लिए खुला छोड़ दिया। जिसके कारण समूचे देश में शिक्षा माफिया स्कूल कॉलेज को लूट का धंधा बना लिए हैं। इन माफियाओं पर लगाम लगाने का दायित्व सरकार का है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ही नहीं समूचे देश के मुख्यमंत्रियों का दायित्व बनता है कि वह समान शिक्षा नीति अपनाए और सभी प्राइवेट स्कूलों को अधिग्रहीत कर लें ताकि जनता का शोषण नहीं हो। Delhi government should take over all the private schools in Delhi

  • Mumbai Shocker: बुजुर्ग महिला ने की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने किया बेटे के खिलाफ केस दर्ज

    Mumbai Shocker: बुजुर्ग महिला ने की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने किया बेटे के खिलाफ केस दर्ज

    गोरेगांव में 78 वर्षीय महिला ने अपने बड़े बेटे द्वारा लंबे समय से गाली-गलौज किए जाने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के अनुसार, गोरेगांव पुलिस ने बेटे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की है। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

    मुंबई: गोरेगांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसको सुन कर आप भी चौक जाओगे। यहां एक 78 वर्षीय महिला काम करके अपना घर चला रही है। 23 मई को ऐसा क्या हुआ कि बुजुर्ग महिला घर में मेहमान आने का बहाना बनाकर अपने मालिक से 500 रूपये उधार लिए और चूहे मारने की दवाई लेकर आत्महत्या की कोशिश की। हालाकि महिला मेडिकल ट्रीटमेंट से बच गई। लेकिन गोरेगांव पुलिस ने उसी के बेटे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

    क्यों किया आत्महत्या?

    गोरेगांव में 78 वर्षीय महिला ने अपने बड़े बेटे द्वारा लंबे समय से गाली-गलौज दिए जाने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम के अनुसार, गोरेगांव पुलिस ने बेटे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज की है। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

    बड़ा बेटा बेरोजगार

    खबर के मुताबिक, महिला अपने 91 वर्षीय पति, दो बेटों, उनके परिवारों और अन्य रिश्तेदारों के साथ एक बड़े संयुक्त परिवार में रहती है। उनका बड़ा बेटा बेरोजगार है और शराब की लत से जूझ रहा है, जबकि वह और उसकी बेटी परिवार का भरण-पोषण करने के लिए काम करती हैं। पुलिस शिकायत में दावा किया गया है कि वह छोटी-छोटी बातों पर अपनी मां और पिता से बहस करते समय नियमित रूप से चिल्लाता और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

    घर से निकल जाने को कहा

    23 मई की सुबह महिला के बड़े बेटे ने उसे गाली दी, उस पर अपनी ज़िंदगी बर्बाद करने का आरोप भी लगाया और घर से निकल जाने को कहने लगा। पीड़ित बुजुर्ग महिला उस समय झगड़े से बचने की कोशिश की और बहुत दुखी होकर अपना दिन गुजारा। बाद में उसने अपने मालिक से घर में मेहमान आने का बहाना बनाकर 500 रुपये उधार लिया और चूहे मारने की दवा खरीदी। बुजुर्ग महिला ने 25 मई को जहरीला पानी पी लिया, जबकि उस वक्त उसकी बेटी डॉक्टर के पास गई हुई थी। जब उसकी बेटी वापस लौटी, तो उसने देखा की मां को उल्टियाँ हो रही है। तुरंत उसने एक प्राइवेट अस्पताल मे ले जाकर भर्ती करवाया। जहां बुजर्ग महिला को गहन क्रिटिकल केयर यूनिट (ICCU) में उपचार किया जा रहा है। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

    दहिसर में प्रॉपर्टी विवाद

    हालिया खबरों के मुताबिक, यह मुंबई में परिवार के सदस्यों द्वारा बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार का दूसरा मामला है। इससे पहले, दहिसर में एक 73 वर्षीय व्यक्ति पर उसके ही बेटे ने संपत्ति विवाद को लेकर हमला किया था, जिसके परिणामस्वरूप उसे गंभीर चोटें आई थीं। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम के तहत उपलब्ध कानूनी सुरक्षा के बारे में अधिक जागरूकता की जरूरत है। बुजुर्गों के उत्पीड़न पर पुलिस को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार है। गोरेगांव की घटना में पुलिस ने बताया कि महिला का परिवार जाँच के दायरे में है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai Shocker: Elderly woman tries to commit suicide, police registers case against her son

  • कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    FYJC 11th Admission Maharashtra: राज्य सरकार ने ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसा नियम लागू किया है, जो सीधे तौर पर इन-हाउस कोटे को प्रभावित कर दिया है। साथ ही केंद्र से मराठी भाषा को प्रावधान देने की अपील.. Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के कई शहरों में कक्षा 11वीं में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बढ़ी खबर है। 11वीं के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एडमीशन प्रकृया में अब इन-हाउस कोटे को हटाकर ऑनलाइन एडमीशन के जरिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। इसमें मैरिट के आधार पर एडमीशन प्रकृया होगी। साथ ही पोर्टल की समस्या को भी दूर कर दिया गया है। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    क्या है बदलाव?

    अब तक जिन छात्रों को एक ही संस्था के स्कूल से 10वीं पास करने के बाद उसी संस्था के कॉलेज में आसानी से दाखिला मिल जाता था, अब उनके सामने एक नई चुनौती आ सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इन-हाउस कोटे का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनका स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही कैंपस में स्थित होगा। यानी अगर कोई संस्था अलग-अलग जगहों पर स्कूल और कॉलेज चला रही है, चाहे वह कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर क्यों न हो, तो भी उन्हें अब इन-हाउस कोटा नहीं मिलेगा। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    एक साथ होने चाहिए स्कूल और कॉलेज

    महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 11वीं की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक नया नियम लागू किया है, जिससे राज्य के कई जूनियर कॉलेजों में इन-हाउस कोटे से दाखिले पर असर पड़ सकता है। नए नियम के मुताबिक, अब केवल उन्हीं संस्थानों में इन-हाउस कोटा लागू होगा, जहां स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही परिसर (कैंपस) में स्थित हैं। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    अबतक क्या हो रहा था?

    अब तक की यह व्यवस्था थी कि अगर स्कूल और कॉलेज एक ही संस्था द्वारा संचालित हैं, तो अलग-अलग कैंपस में होने पर भी इन-हाउस कोटे का लाभ उन स्कूल और कॉलेज के बच्चों को मिलता था। लेकिन अब यह सुविधा केवल उन्हीं को मिलेगी जिनका स्कूल और कॉलेज एक ही जगह है। इससे राज्य भर के कई प्रमुख कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर स्कूल और कॉलेज चलाते हैं। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    छात्रों को होगा फायदा

    पुणे में बच्चों की किताबों की एक प्रदर्शनी के दौरान महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने कहा, “यह बदलाव छात्रों के भले के लिए किया गया है। अगर किसी संस्था को कोई आपत्ति है, तो हम उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।” Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    मेरिट के आधार पर मिलेगा एडमिशन

    मंत्री दादा भूसे ने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम को इस तरह से बदला गया है जिससे अब सभी छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा, कि “पहले कई बार देखा गया कि अच्छे नंबर लाने वाले छात्र प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते थे। अब ऐसा नहीं होगा।” Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    पोर्टल की परेशानी हुई दूर

    मंत्री ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में 100 रुपये फीस भरने में आ रही तकनीकी परेशानी अब ठीक कर दी गई है। उन्होंने कहा,”मैंने खुद इसकी निगरानी की है। अब यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के चलेगी।” Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    अब पूरे महाराष्ट्र में लागू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

    पहले यह ऑनलाइन एडमिशन प्रणाली मुंबई, पुणे, नागपुर और अमरावती जैसे शहरों में ही लागू थी। इस साल इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जा रहा है। मंत्री ने माना कि ग्रामीण इलाकों में छात्रों को नेटवर्क और स्मार्टफोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार छात्रों के हित में लंबे समय के सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    मराठी भाषा को लेकर भेजा प्रस्ताव

    भूसे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को तीन प्रमुख सुझाव भेजे हैं। पहला, छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, दूसरा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिले और तीसरा गैर-मराठी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि “CBSE द्वारा मराठी को अनिवार्य करना इसी दिशा में हमारी कोशिशों का नतीजा है।” Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

  • बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    Mumbai News: बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूँ। नहीं काटने दूंगा बकरा ..

    मुंबई: बकरी ईद के मद्देनजर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैय्या रहिवासी चालों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रविवार 25 मई को घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी और दामोदर पार्क का दौरा किया। इसी परिसर में बकरा ईद को लेकर पहले भी दो गुटों के बीच विवाद देखने को मिला था। अब एक बार फिर कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिल रहा है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    बकरा नहीं काटने दूंगा ..

    बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा, कि “एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए ऐसा कोई काम करेगा, यानी बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे।

    हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    किरीट सोमैया हुए हमलावर

    उन्होंने आगे कहा, कि “पिछली बार महानगरपालिका अधिकारियों और माफिया ने पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटा था। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूं। एनसीपी शरद पवार, उद्धव की सेना या राहुल गांधी की कांग्रेस का यहां पर टारगेट ही है वोट जिहाद करने का।” उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद हमने जो जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्‌बुद्धि दे।

    हिजरी कैलेंडर का आखिरी महीना

    ईद उल-अजहा मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए अहम हिस्सा है। इस पर आम बोलचाल की भाषा में बकरा ईद भी कहा जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक बकरी ईद का त्योहार जुल हिज्जा (Dhul Hijjah) महीने की दसवीं तारीख को मनाया जाता है, जोकि हिजरी कैलेंडर का 12वां या आखिरी महीना होता है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    कब है बकरी ईद ?

    इस साल बकरी ईद का त्योहार 6 या 7 जून को मनाने की संभावना है। इस त्योहार को लेकर तारीख की आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी। बकरी ईद का अर्थ सिर्फ जानवरों की कुर्बानी मात्र से नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक अर्थ बहुत ही गहरा है। यह पर्व अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता है कि बकरा ईद पर कुर्बानी के हिस्से को तीन भागों में तकसिम किया जाया है। पहला गरीब और जरूरतमंदों को, दूसरा हिस्सा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरी हिस्सा अपने घर-परिवार के लिए रखा जाता है। साथ ही ईद की नमाज़ से पहले जकत, फितरे का पैसा निकाला जाता है। जो ज़रूरतमंदों को देकर उनकी मदद की जाती है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

  • हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को मेजबानी देने से रोक दिया गया है। उसे छह शर्तों का पालन करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। इसमें भारत के लगभग 800 छात्रों को हद्द पार किया जा सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    देश विदेश-
    अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए दरवाज़े बंद कर दिए हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने विदेशी छात्रों को होस्ट करने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रमाणन को रद्द कर दिया है, जो प्रमुख आइवी लीग विश्वविद्यालयों में से एक के लिए एक बड़ा झटका है। यह कार्रवाई पिछले महीने DHS द्वारा हार्वर्ड के लिए DHS अनुदान में 2.7 मिलियन डॉलर समाप्त करने के बाद की गई है। 800 Indian students of Harvard will face trouble; 72 hours ultimatum to the university

    अमेरिकी विरोध प्रदर्शन

    होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने डीएचएस को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) सर्टिफिकेशन को समाप्त करने का आदेश दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यूनिवर्सिटी पर अमेरिकी विरोधी प्रदर्शनों और कथित यहूदी हिंसा के बीच सुरक्षित परिसर बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

    विदेशी छात्रों को दाखिला

    इसका मतलब यह है कि हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और मौजूदा विदेशी छात्रों को अपना कानूनी दर्जा खोना होगा या उन्हें स्थानांतरित होना होगा। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा विदेशी छात्रों को जल्द ही किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की ज़रूरत नहीं होगी। 800 Indian students of Harvard will face trouble; 72 hours ultimatum to the university

    छात्रों को क्या करना होगा?

    हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता है, तथा मौजूदा विदेशी छात्रों को स्थानांतरित होना होगा, अन्यथा उन्हें अपनी कानूनी स्थिति खोनी होगी।

    SEVP प्रमाणन समाप्त होने के साथ, F-1 वीज़ा या J वीज़ा पर छात्रों को अमेरिका में रहने के लिए किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय की तलाश करनी होगी, जबकि कोई भी नया अंतर्राष्ट्रीय छात्र हार्वर्ड में 2025-26 के लिए F/J वीज़ा नहीं प्राप्त कर सकता। यदि वे छात्र किसी अन्य विश्वविद्यालय में दाखिला लेने में विफल रहते हैं, तो उनका वीज़ा रद्द किया जा सकता है और उन्हें अमेरिका से हद्द पार का सामना करना पड़ सकता है। 800 Indian students of Harvard will face trouble; 72 hours ultimatum to the university

    छात्र और विनिमय आगंतुक कार्यक्रम (SEVP) जानकारी एकत्र करता है, बनाए रखता है, विश्लेषण करता है और जानकारी प्रदान करता है ताकि केवल वैध विदेशी छात्र या विनिमय आगंतुक ही संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश पा सकें। हार्वर्ड की SEVIS तक पहुँच, जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर नज़र रखने और वीज़ा स्थिति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है इसे अब रद्द कर दिया गया है।

    भारत के 800 छात्र प्रभावित

    अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा SEVP प्रमाणीकरण रद्द करने के निर्णय से हार्वर्ड के लगभग 6,800 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का भविष्य सीधे तौर पर खतरे में पड़ गया है, जिनमें लगभग 800 छात्र भारत से हैं। 800 Indian students of Harvard will face trouble; 72 hours ultimatum to the university

    अधिकांश भारतीय छात्र ग्रेजुएट या डॉक्टरेट कार्यक्रमों में हैं और ट्रम्प प्रशासन की हालिया कार्रवाई के कारण उन्हें शैक्षणिक व्यवधान का सामना करना पड़ेगा, जिससे वैकल्पिक विकल्पों के लिए बहुत कम समय दिया गया है।

    72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तो का पालन

    नोएम ने हार्वर्ड को छात्र रिकॉर्ड की मांग को पूरा करने के लिए 72 घंटे का समय दिया है, जिसमें अनुशासनात्मक डेटा और विरोध प्रदर्शन फुटेज शामिल है, ताकि वह अपनी SEVIS पहुँच को बहाल कर सके। हार्वर्ड को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा विदेशी छात्रों का नामांकन फिर से शुरू करने के लिए 72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तों को पूरा करने का काम सौंपा गया है। 800 Indian students of Harvard will face trouble; 72 hours ultimatum to the university

    कैसे मिलेगा फिर से मौका?

    यदि विश्वविद्यालय अमेरिकी प्राधिकारियों को कुछ अभिलेख प्रस्तुत कर दे दें तो उसे विदेशी छात्रों को दाखिला देने का मौका मिल जाएगा।

    • 1- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, चाहे वे आधिकारिक हों या अनौपचारिक, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, जो पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई अवैध गतिविधि से संबंधित हैं।
    • 2- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई खतरनाक या हिंसक गतिविधि के संबंध में।
    • 3- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर में या बाहर अन्य छात्रों या विश्वविद्यालय कर्मियों को दी गई धमकियों के संबंध में।
    • 4- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में नामांकित किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा, चाहे वह परिसर में हो या बाहर, अन्य सहपाठियों या विश्वविद्यालय कर्मियों के अधिकारों के हनन के संबंध में।
    • 5- पिछले पांच वर्षों में नामांकित सभी गैर-आप्रवासी छात्रों के सभी अनुशासनात्मक रिकॉर्ड।
    • 6- पिछले पांच वर्षों में हार्वर्ड विश्वविद्यालय परिसर में किसी गैर-आप्रवासी छात्र से संबंधित किसी भी विरोध गतिविधि का हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध कोई भी ऑडियो या वीडियो फुटेज
  • एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर खुल्लम-खुल्ला सेक्स कांड मामले में वीडियो वायरल करने के ज़ुर्म मे 8 लेन कंट्रोल रुम के तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें पैसों की डिमांड पूरी नही होने के 8 दिनों बाद वीडियो वायरल करने का खुलासा हो रहा है। 28 लाख रुपये की डिमांड ..

    नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहरलाल धाकड़ के एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों ने धाकड़ को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो लीक कर दिया गया। इस मामले में पुलिस बाकि कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 3 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि उन लोगों ने नेता का डांस वाला दूसरा वीडियो लिक नही किया। Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

    क्या हुआ था उस रात ?

    मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 13 मई को भानपुरा के नीमथूर वाले पॉइंट पर सफेद कलर की बलेनो कार क्रमांक: MP-14-CC-4782 से उतरने के बाद 8 मिनट तक धाकड़ व महिला बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए थे। इससे पहले की दोनों कार से वापस निकल जाते, मौके पर एनएचएआई के 10 से 15 कर्मचारी पहुंच गए। दोनों से कहा कि तुम्हारी करतूत रोड पर लगे कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। रिकॉर्डिंग के कुछ अंश भी बताए। वीडियो वायरल न करने के लिए रुपए मांगे।

    उस समय सौदा नहीं हुआ तो धाकड़ से मोबाइल नंबर ले लिए। 8 दिन तक रुपए को लेकर बात होती रही। धाकड़ रिकॉर्डिंग मिटाने की शर्त पर रुपए देने को तैयार था। एनएचएआई का सेंट्रल सर्वर होने से वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारी सिर्फ उसे वायरल नहीं करने का कहते रहे। यह उलझन पूरे 8 दिन (13 से 20 मई) तक चली। जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने 9वें दिन पहले स्क्रीन शॉट और कुछ घंटे बाद वीडियो वायरल कर दिया।

    ब्लैकमेल

    28 लाख रुपये की मांग की गई थी सूत्रों के मुताबिक नही देने पर वीडियो वायरल कर दिया। इसी मामले मे युवा नेता जो कि बहुचर्चित है उनके कई कारनामे हुवे है पर उनका नाम अभी तक ओपन नही हुवा। इसपर सवाल उठ रहे हैं, कि क्या उनके नाम गुप्त रखने में भी रिश्वतखोरी की गई है? जाहिर है कि यह सत्य ही होगा तभी तो डांस वाला वीडियो वायरल नही हुवा। सूत्रों के हवाले से, पहले 5 लाख, फिर दो और आखिर में एक, नहीं देने पर वीडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि ब्लेकमैलिंग हुई, बात नहीं बनी तो वीडियो वायरल कर दिया गया।

    नंगा डांस वाला वीडियो

    इस बीच शनिवार को वीडियो का पार्ट-2 भी सामने आया है। 28 सेकंड के इस वीडियो में मनोहरलाल धाकड़ व महिला 8 लेन के बीच आपत्तिजनक स्थिति में डांस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। संदीप पाटीदार, एरिया प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई का कहना है की मंदसौर पुलिस ने हमसे संपर्क किया है और हमने जानकारी भी दी है। कंट्रोल रूम के ऑपरेटरों वाली स्टाफ की सूची, शिफ्ट का डिटेल भी भेज दी है। जो वीडियो सामने आया है वो मोबाइल के जरिए कम्प्यूटर स्क्रीन से रिकॉर्डिंग कर बनाया गया है। उसमें जो आवाज सुनाई दे रही है उस आधार पर 3 लड़कों को सेवा से टर्मिनेट भी कर दिया गया है। पुलिस को भी यह जानकारी सौंप दी गई है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।

    पुलिस ने क्या कहा?

    अभिषेक आनंद, एसपी, मंदसौर का कहना है की 8 लेन वीडियो के आधार पर धाकड़ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कार जब्त कर ली गई है। वह मौके पर नहीं मिला। महिला की शिनाख्त भी कर रहे हैं। मामले में एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वहां से वीडियो कैसे वायरल हुआ। ड्यूटी रजिस्टर भी मांगा है कि कब-किस समय कितने कर्मचारी वहां मौजूद थे। मामले में जानकारियां एकत्र कर रहे हैं और जांच जारी है।Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

  • ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जेपीसी ने बताया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम बाकी हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वक्फ संशोधन कानून, 2025 के विरोध में दाखिल याचिकाओं पर गुरुवार (22 मई, 2025) को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने बेहद अहम टिप्पणी की है। जस्टिस मसीह ने कहा कि कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। जज ने केंद्र की उस दलील पर यह बात कही, जिसमें कहा गया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाला अनुसूचित जनजाति का मुस्लिम समुदाय इस्लाम का उस तरह पालन नहीं करता है, जैसे देश के बाकी हिस्सों में पालन किया जाता है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    लगातार हो रही है सुनवाई

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच लगातार तीन दिन से वक्फ कानून मामले की सुनवाई कर रही है। तीसरे दिन की सुनवाई में केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नए कानून के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मुस्लिम समुदाय के लोगों की जमीनों को संरक्षण देना सही है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले अनुसूचित वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, जो वैध कारणों से उन्हें मिला है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    ST मुसलमानों को लेकर केंद्र की दलील

    एसजी तुषार मेहता ने कहा, “वक्फ का मतलब होता है खुदा के लिए स्थाई समर्पण। मान लीजिए मैंने अपनी जमीन बेची और पाया गया कि अनुसूचित जनजाति (ST) के शख्स के साथ धोखा हुआ है तो इस मामले में जमीन वापस की जा सकती है, लेकिन वक्फ अपरिवर्तनीय है।” उन्होंने बताया कि “जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) का कहना है कि इन ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम, देश के बाकी हिस्सों में रह रहे मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है।” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    इस्लाम पर अहम टिप्पणी

    एसजी तुषार मेहता की इस दलील पर जस्टिस एजी मसीह ने कहा, “इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। कोई कहीं भी रहे धर्म एक ही है। अलग-अलग हिस्सों में रहने वालों की सांस्कृतिक प्रथाओं में अंतर हो सकता है।” इस पर एसजी मेहता ने कहा, “मैं बस पूछ रहा हूं कि क्या कानून पर रोक लगाने का यह कोई आधार हो सकता है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही जमीनें- तुषार मेहता

    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ट्राइबल संगठनों ने दलील दी है कि उनको प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जमीन वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही हैं। तुषार मेहता ने कोर्ट से सवाल करते हुए कहा, कि “क्या यह पूरी तरह से असंवैधानिक नहीं है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    मंगलवार से नए सीजेआई बी आर गवई की बेंच ने वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने के लिए दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की है। इससे पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इस मामले को देख रहे थे, लेकिन रिटायरमेंट से पहले उन्होंने मामला जस्टिस बी आर गवई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

  • महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    देश में फिर एक बार कोरोना की लहर जोर पकड़ रही है। स्वास्थ्य की कमजोरी पर वायरस सीधे तौर पर हमलावर हो रही है। महाराष्ट्र के साथ साथ केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा लक्षण सामने आ रहे हैं।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। हालही में कोविड-19 से जुड़ी महाराष्ट्र में दो मौतें हुई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों मौतें मुंबई में हुई हैं और दोनों मरीजों को पहले से ही अन्य बीमारियां थीं। जब किसी व्यक्ति को एक साथ दो या उससे ज्यादा बीमारियां होती हैं तो उसे सह-रुग्णता (कोमोरबिडिटीज) कहा जाता है। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक मरीज को नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी से जुड़ी बीमारी) के साथ हाइपोकैल्सीमिया (शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाला दौरा) था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर से पीड़ित था। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    महाराष्ट्र में 106 केस एक्टिव

    स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 6,066 लोगों के ‘स्वैब सैंपल’ की जांच की गई, जिनमें से 106 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 101 मामले मुंबई से हैं, बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से हैं। जब डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी आपकी नाक या गले के अंदर से रुई की एक स्टिक की मदद से थोड़ा सा स्राव (लार) लेते हैं, तो उसे स्वैब सैंपल कहते हैं। इस समय 52 मरीजों का उपचार हल्के लक्षणों के साथ चल रहा है, जबकि 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और कई देशों में भी कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    केरल में 182 मामले दर्ज

    वहीं, केरल में इस मई महीने में अब तक कुल 182 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि सबसे ज्यादा मामले कोट्टायम जिले से 57 मामले मिले हैं, जबकि एर्नाकुलम में 34 और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए हैं। जॉर्ज ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है, इसलिए केरल में भी मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन देशों में ओमिक्रॉन JN.1, LF.7 और NB 1.8 वैरिएंट फैल रहे हैं। ये सभी सिमटम्स जल्दी फैल सकते हैं, लेकिन बीमारी उतनी गंभीर नहीं है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश

    उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जुकाम, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सार्वजनिक स्थानों पर और सफर के दौरान मास्क पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मास्क पहनना जरूरी है। राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीपीसीआर किट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के आदेश भी दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों को डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस (चूहों से फैलने वाला बुखार) और पानी से फैलने वाली बीमारियों से भी सावधान रहना चाहिए। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai