Category: Cyber Security

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  • Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।

    फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल

    पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी की फोटो पर कई अनगिनत नाम

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”

    बिहार से दो गिरफ्तार

    पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।

    झारखंड से एक गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।

    आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।