Category: Mumbai News

  • मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई BMC Net Zero Plan: 2050 तक नगर भवन होंगे Net-Zero, Nair Hospital और R/Central Ward से होगी शुरुआत

    मुंबई में BMC का बड़ा क्लाइमेट एक्शन प्लान – 2050 तक सभी म्युनिसिपल बिल्डिंग होंगी Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon. Nair Hospital और R/Central Ward Office में पायलट प्रोजेक्ट शुरू, जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की इमारतों में बिजली खपत को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। ‘Net Zero Action Plan for Municipal Buildings of Mumbai and Panvel’ स्टडी के मुताबिक, मुंबई के म्युनिसिपल स्कूल, ऑफिस, अस्पताल और ऑडिटोरियम मिलकर BMC की कुल बिजली खपत का 14.7 प्रतिशत हिस्सा लेते हैं। वहीं C40 की आकलन रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाली इमारतें कुल नगरपालिका बिजली खपत का 19 प्रतिशत उपयोग करती हैं।

    🔎 मुंबई क्लाइमेट वीक में हुआ ऐलान

    यह एक्शन प्लान राज्य सरकार ने Mumbai Climate Week के दौरान घोषित किया। इस योजना का मकसद 2050 तक सभी मौजूदा नगर निगम भवनों को Net-Zero Energy और नए भवनों को Net-Zero Carbon में बदलना है।

    इस रिपोर्ट को ग्लोबल क्लाइमेट नेटवर्क C40 ने तैयार किया है।

    ⚡ सबसे ज्यादा बिजली खाते हैं BMC अस्पताल

    रिपोर्ट के मुताबिक BMC की बिजली खपत का बंटवारा इस तरह है:

    • 🏥 म्युनिसिपल अस्पताल – 9.8%
    • 🏢 म्युनिसिपल ऑफिस – 3.8%
    • 🏫 म्युनिसिपल स्कूल – 1.2%
    • 🎭 ऑडिटोरियम – 1%

    यानी अस्पताल और ऑफिस सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहे हैं, इसलिए पहले इन्हीं पर फोकस किया जाएगा।

    🏫 किन-किन इमारतों का हुआ एनर्जी ऑडिट?

    स्टडी के तहत कई प्रमुख भवनों में एनर्जी ऑडिट वॉकथ्रू किया गया:

    स्कूल

    • LK Waghji Mumbai Public School
    • Chhatrapati Shivaji Maharaj Nag. School No.1
    • Sodawala Municipal School

    अस्पताल

    • KEM Hospital
    • Nair Hospital

    वार्ड ऑफिस

    • R/Central Ward Office
    • H/West Ward Office

    ऑडिटोरियम

    • Kalidas Natyagriha
    • Prabodhankar Natyagriha

    🏗️ नए BMC भवनों के लिए 5 बड़ा फॉर्मूला

    नई म्युनिसिपल बिल्डिंग को Net-Zero Carbon बनाने के लिए रिपोर्ट में पांच अहम सुझाव दिए गए हैं:

    1. Passive Design (प्राकृतिक रोशनी और हवा का इस्तेमाल)
    2. Active Energy Efficient सिस्टम
    3. Low-Carbon Construction Material
    4. Renewable Energy Integration (Rooftop Solar)
    5. Clean Energy Procurement

    💡 पुराने भवनों में कम खर्च वाले उपाय

    BMC के बजट दबाव को देखते हुए रिपोर्ट ने लो-कॉस्ट एनर्जी सेविंग उपाय सुझाए हैं:

    • पारंपरिक लाइट की जगह LED
    • सामान्य पंखों की जगह BLDC Fans (30-40% कम बिजली खपत)
    • पुराने AC की जगह Energy Efficient AC
    • Green Cess Revenue का इस्तेमाल

    🔄 फेज़ वाइज पंखों की बदली

    • पहले चरण में 6–10 साल पुराने पंखे बदले जाएंगे
    • दूसरे चरण में 5 साल से कम पुराने पंखे

    💰 क्लाइमेट बजट में सोलर के लिए सिर्फ 0.1%

    रिपोर्ट बताती है कि BMC के कुल कैपिटल बजट का 32.18% हिस्सा क्लाइमेट संबंधित गतिविधियों में जाता है।
    लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ 0.1% (करीब 32.5 करोड़ रुपये) ही Rooftop Solar और LED रेट्रोफिट के लिए रखा गया है।

    🎯 2030 और 2040 के टारगेट

    2050 के अंतिम लक्ष्य से पहले चरणबद्ध योजना बनाई गई है:

    • 2030 तक: बेसलाइन ऑडिट और लो-कॉस्ट उपाय पूरे करना
    • 2040 तक: 50% भवनों को Rooftop Solar और एनर्जी एफिशिएंसी से Net-Zero की ओर लाना
    • 2050 तक: सभी पुराने भवन Net-Zero Energy, नए भवन Net-Zero Carbon

    🏥 Nair Hospital और BMC R/Central Ward में पायलट प्रोजेक्ट

    ऊर्जा खपत ज्यादा होने के कारण पायलट प्रोजेक्ट इन दो जगहों पर शुरू होगा:

    • Nair Hospital
    • R/Central Ward BMC Office

    प्रस्तावित बदलाव:

    • AC का तापमान नियंत्रण
    • पुराने पंखों की बदली
    • AC अपग्रेड
    • Rooftop Solar Installation

    ⏳ Payback Period

    • Nair Hospital: 2.5 से 5 साल
    • R/Central Ward Office: 6 से 10 साल

    📊 क्यों अहम है यह योजना?

    मुंबई जैसे महानगर में बढ़ते बिजली बिल, कार्बन उत्सर्जन और क्लाइमेट चेंज के खतरे को देखते हुए यह योजना शहर को ग्रीन और सस्टेनेबल बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

    अगर यह मॉडल सफल रहा तो इसे BMC की सभी इमारतों में लागू किया जाएगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: BMC की कितनी बिजली खपत म्युनिसिपल भवनों में होती है?

    करीब 14.7% बिजली खपत स्कूल, अस्पताल, ऑफिस और ऑडिटोरियम में होती है।

    Q2: सबसे ज्यादा बिजली कौन-सा विभाग खर्च करता है?

    म्युनिसिपल अस्पताल 9.8% बिजली खर्च करते हैं।

    Q3: Net-Zero Energy और Net-Zero Carbon में क्या फर्क है?

    Net-Zero Energy में जितनी ऊर्जा खपत होती है, उतनी ही रिन्यूएबल ऊर्जा से बनाई जाती है।
    Net-Zero Carbon में निर्माण से लेकर संचालन तक कार्बन उत्सर्जन शून्य के करीब लाया जाता है।

    Q4: पायलट प्रोजेक्ट कहाँ शुरू होगा?

    Nair Hospital और R/Central Ward Office में।

    Q5: क्या इससे बिजली बिल कम होगा?

    हाँ, LED, BLDC Fan और Solar Rooftop से बिजली बिल में भारी कमी संभव है।

  • Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    Mumbai: कोंकण वासियों के लिए नई सौगात, होली से पहले चलेगी Ro-Ro Ferry

    मुंबई से विजयदुर्ग तक Ro-Ro फेरी सेवा 1 मार्च से शुरू। M2M Princess जहाज से 7 घंटे में सफर, गाड़ियों के साथ यात्रा की सुविधा। होली और समर सीजन से पहले बड़ा फैसला।

    मुंबई: कोंकण जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। महाराष्ट्र पोर्ट्स विभाग ने 1 मार्च से मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro (Roll-on/Roll-off) फेरी सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेवा होली और समर वेकेशन सीजन से ठीक पहले शुरू की जा रही है, जबकि इसी समय हजारों लोग मुंबई से सिंधुदुर्ग और कोंकण के अपने गांवों की ओर रुख करते हैं।

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    7 घंटे में पूरा होगा सफर, गाड़ियां भी साथ जाएंगी

    नई जल सेवा में हाई-स्पीड वेसल M2M Princess को तैनात किया जाएगा। यह जहाज दक्षिण एशिया की सबसे तेज़ पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक माना जाता है।

    यात्री अपनी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों के साथ मुंबई के भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से बोर्ड कर सकेंगे और सीधे विजयदुर्ग में उतर सकेंगे। सड़क मार्ग से जहां 10-12 घंटे लगते हैं, वहीं फेरी से यह सफर लगभग 7 घंटे में पूरा होगा।

    पहले सितंबर में होना था लॉन्च, क्यों टला था प्लान?

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    इस सेवा की घोषणा पहले राज्य के पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे ने गणेशोत्सव से पहले 1 सितंबर को लॉन्च करने की बात कही थी। लेकिन कम एडवांस बुकिंग और पब्लिक रिस्पॉन्स कमजोर रहने के कारण इसे टाल दिया गया था।

    अब विभाग ने ऑपरेशनल मॉडल में बदलाव कर सही टाइमिंग के साथ दोबारा शुरुआत करने का फैसला लिया है।

    16 दिन का पायलट प्रोजेक्ट, 8-8 ट्रिप

    मार्च में 16 दिन का पायलट रन रखा गया है, जिसमें मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 ट्रिप होंगी। अधिकारियों के मुताबिक 140 से ज्यादा रेगुलेटरी क्लियरेंस हासिल किए जा चुके हैं।

    मंजूरी मुंबई पोर्ट अथॉरिटी, महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड और शिपिंग से जुड़े केंद्रीय विभागों से ली गई है।

    क्या सरकार देगी Viability Gap Funding?

    पायलट फेज के दौरान ईंधन खर्च महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड उठाएगा। इसके बाद राइडरशिप, रेवेन्यू और ऑपरेशनल लागत का आकलन किया जाएगा।

    अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार से Viability Gap Funding (VGF) मांगी जाएगी, ताकि सेवा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।

    कोंकण के लिए नया ट्रैफिक-फ्री विकल्प

    मुंबई-गोवा हाईवे पर अक्सर जाम और लंबा सफर लोगों को परेशान करता है। ऐसे में यह Ro-Ro फेरी सेवा ट्रैफिक-फ्री, तेज और आरामदायक विकल्प मानी जा रही है।

    पोर्ट्स मंत्री नितेश राणे खुद उद्घाटन यात्रा में मुंबई से विजयदुर्ग तक मौजूद रहेंगे।


    FAQ Section

    Q1. मुंबई-विजयदुर्ग Ro-Ro फेरी कब शुरू होगी?

    यह सेवा 1 मार्च से शुरू होगी।

    Q2. सफर में कितना समय लगेगा?

    करीब 7 घंटे में मुंबई से विजयदुर्ग पहुंचा जा सकेगा।

    Q3. क्या गाड़ियां साथ ले जा सकते हैं?

    हां, दोपहिया और चारपहिया वाहन फेरी में ले जाए जा सकते हैं।

    Q4. पहले यह सेवा क्यों टली थी?

    कम एडवांस बुकिंग और कमजोर पब्लिक रिस्पॉन्स के कारण सितंबर में लॉन्च टाल दिया गया था।

  • Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    Mogra Pumping Station Project अटका, VDLR से टकराव के बाद BMC नई जगह की तलाश में

    मुंबई में Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट Versova-Dahisar Link Road से टकराव के कारण रुका। BMC नई साइट फाइनल कर रही है, पर्यावरण मंजूरी में लगेंगे 7-8 महीने।

    मुंबई: मुंबई में बाढ़ नियंत्रण के लिए बेहद अहम माने जा रहे Mogra Pumping Station प्रोजेक्ट पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) को इस प्रोजेक्ट की साइट बदलनी पड़ रही है, क्योंकि प्रस्तावित जमीन का हिस्सा Versova-Dahisar Link Road (VDLR) के एलाइनमेंट से टकरा गया है। अब नई जगह फाइनल की जा रही है और ताजा पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    Mogra-Pumping-Station-Project-stalled-BMC-looking-for-new-site-after-conflict-with-VDLR-news

    BRIMSTOWAD योजना के तहत था अहम प्रोजेक्ट

    Mogra और Mahul Pumping Station , जुलाई 2005 की भीषण बारिश के बाद बनाई गई BRIMSTOWAD (Brihanmumbai Stormwater Disposal System) योजना के तहत प्रस्तावित आठ पंपिंग स्टेशनों में शामिल हैं।

    Mogra Nullah पर बनने वाला यह स्टेशन वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे इलाकों में हर साल होने वाले जलभराव को कम करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

    393 करोड़ मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं

    साल 2021 में इस प्रोजेक्ट के लिए 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे और 24 महीने की कॉन्ट्रैक्ट अवधि तय की गई थी, जिसमें मानसून भी शामिल था। लेकिन जमीन अधिग्रहण और कानूनी अड़चनों के कारण अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

    हाईकोर्ट केस और 33 करोड़ की जमा राशि

    जमीन अधिग्रहण के दौरान एक निजी मालिक ने मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। दिसंबर 2024 में कोर्ट ने 33 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर काम शुरू करने की अनुमति दी।

    BMC ने मार्च 2025 में राशि जमा कर प्रारंभिक काम शुरू किया, लेकिन बाद में पता चला कि साइट का हिस्सा VDLR (मुंबई कोस्टल रोड नॉर्थ फेज 2) से ओवरलैप हो रहा है।

    अब फिर से लेनी होगी पर्यावरण मंजूरी

    नई साइट तय होने के बाद BMC को Coastal Zone Management Authority के साथ राज्य और केंद्र सरकार से ताजा पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    पहले वाली साइट को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन लोकेशन बदलने के कारण प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी होगी। इससे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और पीछे खिसक गई है।

    हाई टाइड के समय पंपिंग स्टेशन की अहम भूमिका

    मुंबई में हाई टाइड के दौरान फ्लडगेट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि समुद्र का पानी शहर में न घुसे। ऐसे समय में पंपिंग स्टेशन नालों का पानी समुद्र में पंप करके शहर को डूबने से बचाते हैं।

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    प्रतिक्रियात्मक फ़ाइल तस्वीर

    अब तक इरला (जुहू), हाजी अली, क्लीवलैंड, लवग्रोव (वर्ली), रे रोड-ब्रिटानिया और गजधरबांध (खार दांडा) जैसे पंपिंग स्टेशन चालू हैं। Mogra स्टेशन शुरू होने से पश्चिमी उपनगरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी।

    क्या फिर मानसून में डूबेगा वेस्टर्न सबर्ब?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल भारी बारिश में वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी में पानी भर जाता है। अगर Mogra Pumping Station में और देरी हुई तो आने वाले मानसून में भी लोगों को जलभराव की समस्या झेलनी पड़ सकती है।


    FAQ Section

    Q1. Mogra Pumping Station क्यों रुका है?

    प्रस्तावित साइट Versova-Dahisar Link Road के एलाइनमेंट से टकरा गई है, इसलिए नई जगह तलाश की जा रही है।

    Q2. प्रोजेक्ट की लागत कितनी है?

    करीब 393 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे।

    Q3. पर्यावरण मंजूरी में कितना समय लगेगा?

    अधिकारियों के अनुसार 7 से 8 महीने का समय लग सकता है।

    Q4. यह प्रोजेक्ट किन इलाकों के लिए अहम है?

    वर्सोवा, अंधेरी और जोगेश्वरी जैसे पश्चिमी उपनगरों के लिए।

  • BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    मुंबई BMC में 212 में से 163 कार्यकारी अभियंता पद रिक्त, उपमहापौर संजय शंकर घाड़ी ने आयुक्त को लिखा पत्र। वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया तेज करने की मांग।

    मुंबई: बृहनमुंबई महानगरपालिका (BMC) में इंजीनियरों और कानूनी विशेषज्ञों के खाली पदों को लेकर अब प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नवनिर्वाचित उप महापौर संजय शंकर घाड़ी ने पदभार संभालते ही मनपा आयुक्त को पत्र लिखकर लंबित नियुक्तियों को तुरंत पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि इंजीनियरिंग और विधि विभाग में भारी रिक्तियों की वजह से विकास कार्य और प्रशासनिक फैसले प्रभावित हो रहे हैं।

    212 में से 163 पद खाली, 77% रिक्तियां

    उपमहापौर घाड़ी ने अपने पत्र में साफ कहा है कि कार्यकारी अभियंता (सिविल) कैडर में कुल 212 पदों में से 163 पद खाली पड़े हैं। यानी लगभग 77% पद रिक्त हैं। यह स्थिति सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने के कारण बनी हुई है।

    मुंबई जैसे महानगर में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड डेवलपमेंट, ड्रेनेज सिस्टम, ब्रिज निर्माण और पब्लिक वर्क्स जैसे अहम काम कार्यकारी अभियंताओं के जिम्मे होते हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में पद खाली रहना सीधे तौर पर विकास कार्यों की रफ्तार पर असर डाल रहा है।

    उप मुख्य अभियंता तक 87% पद रहेंगे खाली

    पत्र में यह भी बताया गया है कि कार्यकारी अभियंता से उप मुख्य अभियंता तक के 21 पदों का प्रस्ताव अभी अनुमोदन प्रक्रिया में है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो 87% तक पद खाली रह सकते हैं।

    अनुभवी इंजीनियरों की सेवानिवृत्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। पिछले एक वर्ष में 14 वरिष्ठ इंजीनियर रिटायर हो चुके हैं और अगले 6 महीनों में 7-8 और सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे विभागीय कामकाज और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    कानूनी मामलों में देरी बनी बड़ी वजह

    उपमहापौर ने यह भी माना है कि विधि विभाग और नगर अभियंता कार्यालय की ओर से अदालती मामलों की निगरानी में ढिलाई के कारण पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हुई है।

    उन्होंने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता मिलिंद साठे या अधिवक्ता रवि कदम जैसे अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया जाए, ताकि कोर्ट में मनपा का पक्ष मजबूती से रखा जा सके और पदोन्नति प्रक्रिया में अड़चनें दूर हों।

    तत्काल बैठक और एक्शन प्लान की मांग

    इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए उपमहापौर ने संबंधित विभागों की तत्काल बैठक बुलाने और एक ठोस कार्य योजना बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियुक्तियां नहीं की गईं तो मुंबई की चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं में बड़ी बाधा आ सकती है।

    उन्होंने भरोसा जताया है कि मनपा आयुक्त महानगर के हित में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर जल्द निर्णय लेंगे, जिससे योग्य अधिकारियों को उनका अधिकार मिल सके और नागरिक सुविधाएं प्रभावित न हों।


    FAQ Section

    Q1. BMC में कितने कार्यकारी अभियंता पद खाली हैं?

    कुल 212 पदों में से 163 पद खाली हैं, यानी लगभग 77% रिक्तियां हैं।

    Q2. पदोन्नति प्रक्रिया कब से लंबित है?

    सितंबर 2021 से पदोन्नति प्रक्रिया प्रलंबित है।

    Q3. उपमहापौर ने क्या मांग की है?

    उन्होंने तत्काल नियुक्तियां पूरी करने, वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ नियुक्त करने और विभागीय बैठक बुलाने की मांग की है।

    Q4. इससे मुंबई पर क्या असर पड़ेगा?

    यदि रिक्तियां नहीं भरी गईं तो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, रोड वर्क और अन्य विकास योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

  • Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    मुंबई के कांदिवली इलाके में BMC ने पुलिस की मदद से एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर अवैध निर्माण हटाए। महावीर नगर में भारी पुलिस तैनाती के बीच कार्रवाई, जानें पूरा अपडेट।

    मुंबई: मुंबई के पश्चिमी उपनगर कांदिवली में शुक्रवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने पुलिस की मदद से महावीर नगर इलाके में एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चलाकर कई अवैध ढांचों को हटाया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त रखा गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    📍 कहां और कैसे चला BMC का अभियान?

    यह अभियान बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड के अधिकारियों ने मिलकर चलाया। स्थानीय Mumbai Police के कांदिवली पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर मौजूद रही।

    अधिकारियों के मुताबिक, महावीर नगर में फुटपाथों और सार्वजनिक सड़कों पर अवैध रूप से बनाए गए शेड, टीन शेड, बढ़ाए गए प्लेटफॉर्म और अनधिकृत दुकानों को हटाया गया।

    🚨 भारी पुलिस बंदोबस्त, कोई अप्रिय घटना नहीं

    अधिकारियों ने बताया कि ड्राइव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इलाके में पहले से ही लाउडस्पीकर के जरिए सूचना दी गई थी।

    “कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई, किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है,” एक अधिकारी ने कहा।

    🏗️ क्यों जरूरी है एन्क्रोचमेंट हटाना?

    मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में फुटपाथ और सड़कें पहले ही ट्रैफिक और भीड़ के दबाव में हैं।

    • अवैध दुकानें और ढांचे ट्रैफिक जाम बढ़ाते हैं
    • पैदल चलने वालों के लिए खतरा बनते हैं
    • फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के रास्ते में बाधा डालते हैं

    बीएमसी समय-समय पर ऐसे ड्राइव चलाकर सार्वजनिक जगहों को खाली कराने की कोशिश करती है।

    📊 पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    सूत्रों के मुताबिक, कांदिवली और आसपास के इलाकों में हाल के महीनों में कई बार एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव चल चुकी है।

    जनवरी और फरवरी में भी अवैध पान स्टॉल्स और अस्थायी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बीएमसी का कहना है कि शिकायतों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाती है।

    🗣️ स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

    कुछ स्थानीय निवासियों ने कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि फुटपाथ खाली होने से पैदल चलना आसान होगा।

    हालांकि, जिन दुकानदारों के ढांचे हटाए गए, उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका दावा है कि रोज़ी-रोटी पर असर पड़ेगा।

    ⚖️ कानूनी प्रक्रिया क्या है?

    बीएमसी नियमों के अनुसार:

    • पहले नोटिस जारी किया जाता है
    • तय समय में अवैध निर्माण हटाने को कहा जाता है
    • अनुपालन न होने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाती है

    अधिकारियों का कहना है कि इस ड्राइव में भी तय प्रक्रिया का पालन किया गया।

    🔎 आगे क्या?

    बीएमसी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। खासकर उन इलाकों में जहां बार-बार शिकायतें मिल रही हैं।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली इलाके में।

    Q2: किस विभाग ने ड्राइव चलाई?
    बीएमसी के आर साउथ और आर सेंट्रल वार्ड ने, पुलिस की मदद से।

    Q3: क्या कोई झड़प हुई?
    नहीं, कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हुई।

    Q4: क्या आगे भी ड्राइव चलेगी?
    बीएमसी के अनुसार, शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    Kandivali West में BJP MLA Yogesh Sagar का सरप्राइज चेक, गांजा-हुक्का मटेरियल बिक्री पर 5 केस दर्ज

    कांदिवली वेस्ट के महावीर नगर में BJP विधायक योगेश सागर ने अचानक निरीक्षण किया। गांजा, हुक्का मटेरियल और बैन तंबाकू की खुलेआम बिक्री के आरोप। पुलिस ने 5 मामले दर्ज किए, पहले 99 पान स्टॉल्स पर भी कार्रवाई।

    मुंबई: शहर के पश्चिमी उपनगर कांदिवली वेस्ट में बैन तंबाकू, गांजा और हुक्का मटेरियल की खुलेआम बिक्री की शिकायतों के बीच BJP विधायक Yogesh Sagar ने गुरुवार को अचानक निरीक्षण किया। महावीर नगर इलाके में तीन पान दुकानों की जांच के दौरान कई प्रतिबंधित सामान मिलने का दावा किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने पांच अपराध दर्ज किए हैं।

    🔎 जांच के दौरान क्या मिला?

    विधायक योगेश सागर ने आरोप लगाया कि:

    • बैन तंबाकू उत्पाद (गुटखा, लूज तंबाकू)
    • हुक्का से जुड़ा मटेरियल
    • संदिग्ध नशीला पाउडर
    • अवैध गांजा सप्लाई

    खुलेआम बेचे जा रहे थे। उनका कहना है कि कुछ दुकानदार पड़ोसी दुकानों में प्रतिबंधित सामान छिपा रहे थे।

    🚔 पुलिस का बयान

    स्थानीय पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जनवरी से फरवरी के बीच, गुरुवार की कार्रवाई को छोड़कर, 99 पान स्टॉल्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें से 18 अवैध स्टॉल्स को तोड़ दिया गया।

    गुरुवार की कार्रवाई में 5 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू पर हुई थी।

    🏛️ राजनीतिक दबाव और नाराजगी

    यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में इलाके के ही एक अन्य विधायक Sanjay Upadhyay ने भी:

    • अवैध हुक्का पार्लर
    • खुले में शराबखोरी
    • देर रात तक चलने वाले कैफे
    • ट्रैफिक नियम तोड़ते शेयर ऑटो

    को लेकर शिकायत उठाई थी।

    लगातार आ रही शिकायतों से साफ है कि सत्ताधारी दल के विधायकों में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

    🗣️ MLA Yogesh Sagar का आरोप

    योगेश सागर ने कहा, “लोकल लेवल पर सबको पता है क्या चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। कानून तोड़ने वालों में डर नहीं है। पुलिस को सख्त कदम उठाने चाहिए।”

    उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आसपास की दुकानें भी प्रतिबंधित सामान छिपाने में मदद करती पाई गईं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

    📌 सरकार की नीति बनाम जमीनी हकीकत

    मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पहले ही अवैध हुक्का, तंबाकू और ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।

    लेकिन लगातार हो रही विधायकों की शिकायतें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि नीति और जमीनी अमल के बीच अंतर है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: यह कार्रवाई कहां हुई?
    महावीर नगर, कांदिवली वेस्ट में तीन पान दुकानों पर।

    Q2: कितने केस दर्ज हुए?
    पुलिस ने पांच मामले दर्ज किए हैं।

    Q3: पहले भी कार्रवाई हुई थी?
    जनवरी-फरवरी में 99 पान स्टॉल्स पर कार्रवाई और 18 को हटाया गया।

    Q4: क्या मादक पदार्थ मिले?
    पुलिस के अनुसार पहले इन दुकानों से मादक पदार्थ नहीं मिले थे, अधिकतर कार्रवाई बैन तंबाकू पर थी।

  • Maharashtra: 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द, हाई कोर्ट में चुनौती

    Maharashtra: 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द, हाई कोर्ट में चुनौती

    महाराष्ट्र सरकार ने 5% मुस्लिम आरक्षण खत्म करने का GR जारी किया। फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में सिविल रिट पिटिशन 5063/2026 दायर। जानिए पूरा कानूनी और राजनीतिक अपडेट।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दिया जा रहा 5% मुस्लिम आरक्षण रद्द करने के फैसले ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है। 17 फरवरी 2026 को जारी एक Government Resolution (GR 181) के जरिए यह निर्णय लागू किया गया। अब इस फैसले को Bombay High Court में चुनौती दी गई है।

    📜 क्या है पूरा मामला?

    मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक एवं विशेष न्याय विभाग ने एक GR जारी कर 5% मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने की घोषणा की।

    यह आरक्षण 2014 में कांग्रेस-एनसीपी सरकार के दौरान लागू किया गया था, जिसमें मराठा समुदाय को 16% और मुस्लिम समुदाय को 5% आरक्षण “Special Backward Class” कैटेगरी में दिया गया था।

    बाद में मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां मराठा आरक्षण रद्द कर दिया गया, लेकिन मुस्लिम आरक्षण को शिक्षा क्षेत्र में आंशिक राहत मिली थी।

    🏛️ हाई कोर्ट में कानूनी चुनौती

    सरकार के इस ताजा फैसले के खिलाफ Civil Writ Petition No. 5063/2026 दायर की गई है।

    याचिकाकर्ता हैं Syed Ejaz Abbas Naqvi, जिन्होंने इस GR को “असंवैधानिक और सामुदायिक विभाजन बढ़ाने वाला कदम” बताया है।

    यह याचिका 23 फरवरी 2026 को जस्टिस Riyaz I. Chagla की बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।

    याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता Nitin Satpute और Ejaj Naqvi पेश होंगे।

    🗳️ सियासी प्रतिक्रिया

    विपक्षी दलों ने इस फैसले का विरोध किया है।

    • कांग्रेस ने इसे “लोकतंत्र के लिए हानिकारक” बताया।
    • राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) ने भी इसे सामाजिक न्याय के खिलाफ कदम कहा।

    सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार का तर्क है कि यह फैसला “कानूनी और संवैधानिक समीक्षा” के आधार पर लिया गया है।

    📚 2014 का इतिहास क्या कहता है?

    2014 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने अध्यादेश जारी कर मराठा और मुस्लिम समुदाय को आरक्षण दिया था।

    मामला अदालत में गया और बॉम्बे हाई कोर्ट ने:

    • मराठा आरक्षण को निरस्त किया
    • मुस्लिम आरक्षण को शिक्षा क्षेत्र तक सीमित राहत दी

    बाद में सत्ता में आई बीजेपी-शिवसेना सरकार ने मुस्लिम आरक्षण का विरोध किया था।

    🔎 अब आगे क्या?

    23 फरवरी की सुनवाई में यह तय होगा कि:

    • क्या GR 181 पर अंतरिम रोक लगेगी?
    • क्या सरकार से जवाब तलब किया जाएगा?
    • क्या आरक्षण फिलहाल बहाल रहेगा या रद्द ही रहेगा?

    इस मामले का असर हजारों छात्रों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ सकता है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मुस्लिम आरक्षण कब रद्द किया गया?
    17 फरवरी 2026 को जारी GR 181 के जरिए।

    Q2: किसने हाई कोर्ट में याचिका दायर की?
    एडवोकेट सैयद एजाज़ अब्बास नक़वी ने सिविल रिट पिटिशन 5063/2026 दायर की।

    Q3: सुनवाई कब है?
    23 फरवरी 2026 को जस्टिस रियाज़ चागला की बेंच के सामने संभावित सुनवाई।

    Q4: क्या आरक्षण फिलहाल लागू है?
    यह कोर्ट के अंतरिम आदेश पर निर्भर करेगा।

  • Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    Dharavi Redevelopment: मलाड में 118 एकड़ जमीन SRA को, 10 लाख लोगों के पुनर्वास की तैयारी

    धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर में 118 एकड़ जमीन SRA को सौंपी। 10 लाख लोगों के पुनर्वास, 1.5 लाख नए घर और अडानी ग्रुप की भूमिका पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: शहर के सबसे बड़े और चर्चित धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार ने मलाड-मालवणी के मुक्तेश्वर इलाके में स्थित 118 एकड़ जमीन का कब्जा आधिकारिक तौर पर Slum Rehabilitation Authority (SRA) को सौंप दिया है। यह जमीन खास तौर पर उन धारावी निवासियों के पुनर्वास के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जो धारावी के भीतर “इन-सीटू” पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

    📍 मलाड की जमीन पर क्यों हुआ फैसला?

    सूत्रों के मुताबिक, मुक्तेश्वर (मलाड-मालवणी) में कुल 140 एकड़ जमीन चिन्हित की गई थी। इनमें से 118 एकड़ जमीन SRA को ट्रांसफर कर दी गई है, जबकि 22 एकड़ जमीन अब भी कानूनी विवाद में है।

    इस जमीन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। विकास अधिकार (Development Rights) के बदले प्रोजेक्ट की SPV ने ₹135 करोड़ प्रीमियम भी जमा कर दिया है।

    🏢 किसे मिलेगा यहां घर?

    सरकारी प्लान के मुताबिक:

    • जो लोग 1 जनवरी 2011 के बाद और 15 नवंबर 2022 से पहले धारावी में बसे हैं
    • जो ऊपरी मंजिलों पर रहते हैं और इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं

    उन्हें मलाड साइट पर शिफ्ट किया जाएगा।

    महाराष्ट्र के स्लम रिहैबिलिटेशन एक्ट के अनुसार, हर पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का घर मिलेगा, जो पहले के 300 वर्गफुट से बड़ा अपग्रेड है।

    🤝 अडानी ग्रुप की क्या भूमिका है?

    यह मेगा प्रोजेक्ट Adani Group की कंपनी Navbharat Mega Developers Pvt Ltd (NMDPL) द्वारा किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र सरकार के साथ जॉइंट वेंचर है।

    Dharavi-redevelopment-118-acres-of-land-in-Malad-given-to-SRA-preparing-to-rehabilitate-1-million-people-news

    जमीन का मालिकाना हक SRA के पास रहेगा, लेकिन डेवलपमेंट राइट्स NMDPL के पास होंगे।

    जानकारी के मुताबिक, मलाड की जमीन के एक हिस्से पर ओपन मार्केट में बेचने के लिए सेल कंपोनेंट के फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

    🌆 540 एकड़ जमीन और 1.5 लाख नए घर

    धारावी प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में करीब 540 एकड़ जमीन चिन्हित की है। इसमें शामिल हैं:

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    • कुर्ला की जमीन
    • कांजूर, भांडुप और मुलुंड के सॉल्ट पैन
    • देवनार डंपिंग ग्राउंड के हिस्से

    अधिकारियों के अनुसार, करीब 1.25 से 1.5 लाख नए घर बनाए जाएंगे, जिससे लगभग 10 लाख लोगों का पुनर्वास होगा।

    ⏳ टाइमलाइन क्या है?

    Systematica-Dharavi-Redevelopment-Road-Network-and-Proposed
    • NMDPL को रिहैब के घर बनाने के लिए 7 साल की डेडलाइन
    • पूरे धारावी रिडेवलपमेंट को पूरा करने के लिए 17 साल का मास्टर प्लान

    यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रीजुवेनेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है और इसे “मुंबई को स्लम-फ्री बनाने की दिशा में बड़ा कदम” कहा जा रहा है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: मलाड की 118 एकड़ जमीन किसके लिए है?
    यह जमीन धारावी के उन निवासियों के पुनर्वास के लिए है जो इन-सीटू रिहैब के पात्र नहीं हैं।

    Q2: हर पात्र परिवार को कितना बड़ा घर मिलेगा?
    प्रत्येक पात्र निवासी को 350 वर्गफुट का फ्लैट मिलेगा।

    Q3: क्या इस जमीन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट भी होगा?
    हां, एक हिस्सा सेल कंपोनेंट के तहत ओपन मार्केट के लिए इस्तेमाल होगा।

    Q4: प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    रिहैब हाउसिंग 7 साल में और पूरा प्रोजेक्ट 17 साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

  • पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    पहले हुई लापता अब वीडियो के जरिए दिया पुलिस और परिवार को धमकी, मचा हड़कंप

    ललितपुर की 20 वर्षीय हिमांशी सेंगर लापता होने के बाद वायरल वीडियो में प्रेमी राहुल यादव के साथ आई सामने। लव मैरिज का दावा, पुलिस और परिवार पर उत्पीड़न के आरोप, आत्महत्या की चेतावनी से मचा हड़कंप।

    उत्तर प्रदेश: ललितपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय प्रशासन तक हलचल मचा दी है। 13 फरवरी को लापता हुई 20 वर्षीय युवती हिमांशी सेंगर अब एक वायरल वीडियो के जरिए सामने आई है। वीडियो में वह राहुल यादव नाम के युवक के साथ नजर आ रही है और उसे अपना पति बता रही है। युवती ने साफ कहा है कि उसने अपनी मर्जी से लव मैरिज की है और उसे किसी ने अगवा नहीं किया।

    ललितपुर से लापता हुई थी युवती

    यह मामला ललितपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है। 13 फरवरी की रात हिमांशी अचानक अपने घर से गायब हो गई थी। बेटी के अचानक लापता होने पर परिवार ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कई दिनों से तलाश में जुटी थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।

    वायरल वीडियो में प्रेमी के साथ आई नजर

    लापता होने के कुछ दिनों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में हिमांशी सेंगर राहुल यादव नाम के युवक के साथ दिखाई दे रही है। युवती ने कैमरे के सामने कहा कि वह बालिग है और उसने अपनी इच्छा से शादी की है।

    उसने दावा किया कि यह “लव मैरिज” है और उसे किसी प्रकार का दबाव या डर नहीं है। वीडियो में वह भावुक नजर आई और बोली कि उसके इस फैसले की सजा उसके पति और ससुराल वालों को न दी जाए।

    पुलिस और मायके पक्ष पर गंभीर आरोप

    वीडियो में हिमांशी ने आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस प्रशासन और मायके पक्ष के लोग उसके ससुराल पक्ष को झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

    उसका कहना है कि उसके पति के दोस्तों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उसने पुलिस से अपील की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष लोगों को प्रताड़ित न किया जाए।

    आत्महत्या की चेतावनी से बढ़ी टेंशन

    वीडियो के अंत में हिमांशी ने बेहद गंभीर चेतावनी दी। उसने कहा कि अगर उसके ससुराल वालों को परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगी।

    उसने साफ कहा कि ऐसी किसी भी घटना के लिए उसके मायके वाले और स्थानीय पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होंगे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर #LalitpurCase और #LoveMarriageCase जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

    ससुराल पक्ष की स्थिति भी बताई

    हिमांशी ने वीडियो में यह भी बताया कि उसकी सास गर्भवती हैं और इस हालात में भी उन्हें मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। युवती का कहना है कि उसने पूरी समझदारी से अपना जीवनसाथी चुना है और वह अपने फैसले पर कायम है।

    पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, युवती बालिग है तो उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    अब सबकी नजर पुलिस की अगली कानूनी कार्रवाई और युवती की सुरक्षा पर टिकी है।


    ❓ FAQ Section

    1. हिमांशी सेंगर कब लापता हुई थी?

    वह 13 फरवरी की रात ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई थी।

    2. क्या हिमांशी ने शादी की है?

    वायरल वीडियो में उसने राहुल यादव को अपना पति बताया है और लव मैरिज का दावा किया है।

    3. पुलिस का क्या कहना है?

    पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

    4. युवती ने आत्महत्या की चेतावनी क्यों दी?

    उसका आरोप है कि उसके ससुराल पक्ष को परेशान किया जा रहा है। यदि यह बंद नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है।

  • Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    Kandivali में भूकंप के झटकों के बाद Coastal Road Piling रोकी गई

    कांदीवली पश्चिम के चारकोप में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road की पाइलिंग का काम रोका गया। IIT और VJTI के एक्सपर्ट करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट, सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही काम शुरू होगा।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में इमारतों में झटके महसूस होने के बाद Versova-Dahisar Coastal Road प्रोजेक्ट का पाइलिंग वर्क फिलहाल रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत और विधायक Sanjay Upadhyay के हस्तक्षेप के बाद बीएमसी ने तुरंत काम बंद करने का आदेश दिया। अब आसपास की इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा।

    Coastal-Road-Piling-Stopped-After-Tremors-in-Kandivali-news

    📍चारकोप में दहशत, 11 फरवरी को महसूस हुए झटके

    चारकोप सेक्टर 8, कांदिवली वेस्ट में 11 फरवरी को कई इमारतों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह झटके Coastal Road के पाइलिंग वर्क की वजह से आए। इसके बाद इलाके में डर का माहौल बन गया और लोगों ने काम रुकवाने की मांग की।

    🏗️ IIT और VJTI करेंगे स्ट्रक्चरल ऑडिट

    सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अब इमारतों की जांच के लिए

    • Indian Institute of Technology Bombay
    • Veermata Jijabai Technological Institute

    के एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है।

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, VJTI की टीम साइट का निरीक्षण करेगी और उनकी ग्रीन सिग्नल के बाद ही काम दोबारा शुरू होगा।

    🏛️ हाई-लेवल मीटिंग में क्या हुआ फैसला?

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त Bhushan Gagrani की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक Sanjay Upadhyay और वरिष्ठ बीएमसी अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में तय किया गया कि:

    • सभी नजदीकी इमारतों की तकनीकी जांच होगी
    • काम तय समय सीमा और घंटों में ही होगा
    • हर घटना का लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा
    • साइट पर जिम्मेदार अधिकारी तैनात होगा
    • पब्लिक सेफ्टी के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे

    🌊 20,000 करोड़ का Coastal Road प्रोजेक्ट

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    मुंबई का 20 किलोमीटर लंबा Coastal Road प्रोजेक्ट करीब ₹20,000 करोड़ की लागत से बन रहा है।

    • फेज I: मरीन ड्राइव से वर्ली एंड तक (पहले से चालू)
    • फेज II: वर्सोवा से दहिसर तक कनेक्टिविटी

    यह प्रोजेक्ट वेस्टर्न सबर्ब्स और आइलैंड सिटी के बीच ट्रैफिक कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। पहले भी हजारों पेड़ों पर असर को लेकर विवाद हो चुका है।

    🛑 सेफ्टी क्लियरेंस के बाद ही शुरू होगा काम

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) Abhijeet Bangar ने कहा कि काम शुरू करने से पहले इलाके का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब स्वतंत्र जांच की मांग को देखते हुए VJTI के विशेषज्ञ साइट पर जाकर प्रभाव का आकलन करेंगे।

    उन्होंने बताया:

    • 15 फीट ऊंची प्रोटेक्टिव शीट लगाई जाएगी
    • धूल नियंत्रण के लिए विशेष उपाय
    • जिम्मेदार अधिकारी निगरानी करेगा
    • सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होंगे

    जब तक एक्सपर्ट टीम क्लियरेंस नहीं देती, तब तक पाइलिंग वर्क शुरू नहीं होगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पाइलिंग वर्क क्यों रोका गया?
    👉 इमारतों में झटके महसूस होने की शिकायत के बाद काम रोका गया।

    Q2. कौन करेगा इमारतों की जांच?
    👉 IIT और VJTI के विशेषज्ञ स्ट्रक्चरल ऑडिट करेंगे।

    Q3. Coastal Road प्रोजेक्ट कितना लंबा है?
    👉 लगभग 20 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट है।

    Q4. काम कब दोबारा शुरू होगा?
    👉 VJTI से सेफ्टी क्लियरेंस मिलने के बाद।