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  • मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    मुंबई में कॉलेज के नाम को लेकर बवाल! गुजराती बोर्ड को लेकर ठाकरे गुट की चेतावनी

    कांदिवली के बालभारती कॉलेज के गुजराती साइनबोर्ड पर बवाल। मराठी अनिवार्य नियम की अनदेखी का आरोप, युवा सेना ने प्रशासन को दी सीधी चेतावनी। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में एक कॉलेज के नाम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में होने का मामला सामने आते ही राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में हलचल मच गई है। मराठी भाषा अनिवार्य होने के बावजूद कॉलेज ने अब तक मराठी में साइनबोर्ड नहीं लगाया, जिस पर ठाकरे गुट की युवा सेना ने आक्रामक रुख अपनाया है।

    क्या है पूरा साइनबोर्ड विवाद?

    राज्य सरकार के नियम के अनुसार महाराष्ट्र में सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।

    इसके बावजूद कांदिवली (पश्चिम) के इस कॉलेज का बोर्ड पूरी तरह गुजराती में लिखा हुआ है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह मराठी भाषा कानून (Marathi Language Law Maharashtra) का सीधा उल्लंघन है।

    मुंबई विश्वविद्यालय के आदेश का हवाला

    ठाकरे गुट की युवा सेना का कहना है कि मुंबई विद्यापीठ के परिपत्र क्र. संलग्नता/आय सी सी/(2021-22)/2022 के अनुसार महाविद्यालयों के नाम मराठी में होना अनिवार्य है।

    सवाल यह उठ रहा है कि जब विश्वविद्यालय का स्पष्ट आदेश है, तो फिर कॉलेज प्रशासन ने अब तक मराठी नामफलक क्यों नहीं लगाया?

    युवा सेना की आक्रामक एंट्री

    मामले ने तूल पकड़ा तो युवा सेना के पदाधिकारी सीधे कॉलेज पहुंच गए।

    युवा सेना के सिनेेट सदस्य प्रदीप सावंत, शशिकांत झोरे, पूर्व सिनेेट सदस्य राजन कोळंबेकर और कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक शिर्के ने कॉलेज के प्राचार्य से मुलाकात की और तुरंत मराठी में साइनबोर्ड लगाने की मांग की।

    उनका कहना था कि “राज्य में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना कानूनन अनिवार्य है। संस्थान का यह रवैया अस्वीकार्य है।”

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    विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मुलाकात

    युवा सेना के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. अजय भामरे (प्र-कुलगुरु) और डॉ. प्रसाद कारंडे (कुलसचिव) से भी मुलाकात की।

    उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि संबंधित कॉलेज को तत्काल मराठी नामफलक लगाने का निर्देश दिया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

    स्थानीय नागरिकों में नाराज़गी

    कांदिवली इलाके के कई स्थानीय नागरिकों ने भी इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब राज्य सरकार ने स्पष्ट कानून बनाया है, तो उसका पालन हर संस्था को करना चाहिए।

    सिर्फ गुजराती भाषा में बोर्ड रखना कानून का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।

    कॉलेज प्रशासन का क्या कहना है?

    सूत्रों के मुताबिक कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही मराठी में नामफलक लगाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। हालांकि, अभी तक जमीनी स्तर पर कोई बदलाव दिखाई नहीं दिया है।

    युवा सेना ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत मराठी साइनबोर्ड नहीं लगाया गया, तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

    मराठी भाषा कानून क्या कहता है?

    महाराष्ट्र शासन के नियमों के अनुसार:

    • सभी स्कूल, कॉलेज और संस्थानों को सबसे पहले मराठी भाषा में नामफलक लगाना अनिवार्य है।
    • मराठी को प्राथमिकता देना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
    • उल्लंघन की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।

    इसी आधार पर इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. विवाद किस कॉलेज को लेकर है?
    कांदिवली (पश्चिम) स्थित बालभारती कॉलेज ऑफ कॉमर्स।

    Q2. विवाद की वजह क्या है?
    कॉलेज का नामफलक पूरी तरह गुजराती भाषा में है, जबकि मराठी अनिवार्य है।

    Q3. किस संगठन ने विरोध किया?
    ठाकरे गुट की युवा सेना ने विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।

    Q4. विश्वविद्यालय का क्या आदेश है?
    मुंबई विश्वविद्यालय के परिपत्र के अनुसार कॉलेज का नाम मराठी में होना चाहिए।

    Q5. आगे क्या हो सकता है?
    अगर मराठी नामफलक नहीं लगाया गया तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

  • कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व के Lokhandwala White City में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और BMC द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर बड़ा बवाल। लोढ़ा ग्रुप के खिलाफ स्थानीय रहिवासी सड़कों पर, Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग, BJP नगरसेवक भी विरोध में।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व स्थित Lokhandwala White City में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। देखते ही देखते शांत रिहायशी इलाका विरोध और नारेबाजी का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिल्डर समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    🔥 सुबह की शांति टूटी, अचानक शुरू हुआ तोड़फोड़ का काम

    स्थानीय रहिवासियों के मुताबिक, सुबह इलाके में भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही देखी गई। कुछ ही देर में सोसायटी की बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को तोड़ा जाने लगा। लोगों का आरोप है कि यह काम बिना पूर्व सूचना और सहमति के किया गया।

    जैसे ही दीवार टूटी, वहां मौजूद कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। रहिवासियों का दावा है कि ये पेड़ बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त थे और इन्हें संरक्षित श्रेणी में रखा गया था।

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    🌳 “पेड़ों को क्यों तोड़ा?” — पर्यावरण को लेकर भड़का गुस्सा

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पेड़ों को लेकर उठा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हरियाली खत्म की जा रही है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां ग्रीन कवर लगातार कम हो रहा है, वहां बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना लोगों को नागवार गुजरा।

    स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सोसायटी सदस्यों ने मौके पर ही काम रुकवाने की कोशिश की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।

    📢 लोढ़ा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

    कुछ ही घंटों में मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

    लोगों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है। “दीवार तोड़ी क्यों?”, “पेड़ों का हिसाब दो”, “नियम सबके लिए बराबर” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।

    स्थिति इतनी गर्म हो गई कि आसपास पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ानी पड़ी।

    🚔 Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग

    विरोध कर रहे स्थानीय रहिवासी सीधे Samta Nagar Police Station पहुंचे।

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    वहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना है कि

    • बिना अनुमति बाउंड्री वॉल तोड़ना,
    • बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना,
    • स्थानीय निवासियों को पूर्व सूचना न देना —

    ये सब गंभीर उल्लंघन हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    🏛️ भाजपा नगरसेवक भी विरोध में?

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के कुछ नगरसेवक भी मौके पर पहुंचे और निवासियों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

    हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

    ⚖️ अब आगे क्या?

    पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है।

    • क्या पुलिस FIR दर्ज करेगी?
    • क्या बीएमसी इस पर कार्रवाई करेगी?
    • क्या बिल्डर पक्ष अपनी सफाई देगा?

    इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांदिवली पूर्व का यह मामला अब सिर्फ एक दीवार या कुछ पेड़ों का नहीं रहा — यह नागरिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और बिल्डर जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


    📌 FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 कांदिवली पूर्व, Lokhandwala White City परिसर का।

    Q2. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 बाउंड्री वॉल तोड़ने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में FIR दर्ज हो।

    Q3. शिकायत कहां की गई?
    👉 Samta Nagar Police Station, कांदिवली पूर्व।

    Q4. क्या राजनीतिक समर्थन मिला है?
    👉 स्थानीय स्तर पर भाजपा नगरसेवकों के समर्थन की चर्चा है।

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  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • 6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    6 साल के रचित ने बॉडीबिल्डिंग स्टेज पर मचाया धमाल, पिता का अधूरा सपना किया पूरा

    मुंबई के 6 वर्षीय रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लेकर सबको चौंका दिया। पिता उमेश पंचाल के एक्सीडेंट के बाद बेटे ने उनका अधूरा बॉडीबिल्डिंग सपना पूरा किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने फिटनेस इंडस्ट्री, बॉडीबिल्डिंग जगत और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सिर्फ 6 साल के रचित पंचाल ने Junior Mumbai Shree 2026 में हिस्सा लेकर 30 से ज्यादा एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। 55 किलो वेट कैटेगरी और अंडर-23 एज ग्रुप में एंट्री लेकर रचित ने साबित कर दिया कि जज़्बा उम्र नहीं देखता।

    6-year-old-Rachit-dazzles-on-the-bodybuilding-stage-fulfilling-his-father-unfulfilled-dream-news

    Junior Mumbai Shree 2026 में 6 साल का चैंपियन

    Junior Mumbai Shree 2026 का आयोजन मलाड ईस्ट में जय भवानी जिम और Greater Bombay Bodybuilding Association द्वारा किया गया था। इसी मंच पर रचित पंचाल ने अपनी दमदार फिजीक, कट्स और ऑन-स्टेज कॉन्फिडेंस से सबको हैरान कर दिया।

    करीब 30 से ज्यादा सीनियर बॉडीबिल्डर्स के बीच एक 6 साल का बच्चा बिना डरे स्टेज पर खड़ा था — ये नज़ारा देखने लायक था।

    पिता का अधूरा सपना, बेटे ने किया पूरा

    रचित के लिए ये सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि उनके पिता Umesh Madhusudan Panchal का अधूरा सपना था।

    परेल निवासी उमेश पंचाल खुद बॉडीबिल्डिंग में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। 9 मार्च 2024 को उन्हें Mumbai Shree Bodybuilding Competition में हिस्सा लेना था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

    सड़क हादसे ने बदल दी जिंदगी

    • 9 मार्च 2024 को उमेश को मुंबई श्री प्रतियोगिता में उतरना था।
    • उससे दो दिन पहले, 7 मार्च 2024 को, अंधेरी स्थित अपने ऑफिस से वसई क्लाइंट मीटिंग के लिए बाइक से जाते वक्त उनका एक्सीडेंट हो गया।
    • हादसे में उनके बाएं पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई।
    • उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी — पहली मार्च 2024 में और दूसरी सितंबर 2024 में।
    • करीब 8 महीने तक वे बिस्तर पर रहे और लंबी रिकवरी से गुजरे।

    जिस मंच पर उमेश उतरने वाले थे, उसी मंच पर अब उनका 6 साल का बेटा खड़ा था।

    अप्रैल 2025 से शुरू हुई नई कहानी

    अप्रैल 2025 में गिरगांव में हुई एक बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में जब रचित पहली बार स्टेज पर उतरे, तो उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे।

    मां सोनल और पिता उमेश ने उस पल को अपनी जिंदगी का सबसे भावुक और गर्वभरा लम्हा बताया।

    स्कूल स्टूडेंट, लेकिन फिटनेस में प्रोफेशनल

    रचित पंचाल St Joseph’s High School, Wadala में सीनियर केजी के छात्र हैं। स्कूल यूनिफॉर्म में स्पीच देने वाला यही बच्चा जब जिम में ट्रेनिंग करता है तो प्रोफेशनल एथलीट जैसा दिखता है।

    रोजाना जिम ट्रेनिंग और मल्टी-स्पोर्ट एक्टिविटी

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    • रचित अपने पिता के साथ जिम में ट्रेनिंग करते हैं।
    • साइक्लिंग और रनिंग में भी एक्टिव रहते हैं।
    • उनकी ट्रेनिंग कराते हैं विशाल परब, जिन्होंने पहले उनके पिता को भी ट्रेन किया था।

    ये कहानी सिर्फ बॉडीबिल्डिंग की नहीं, बल्कि फैमिली सपोर्ट, डेडिकेशन और मुंबई स्पिरिट की मिसाल है।

    क्यों वायरल हो रही है ये खबर?

    • 6 साल का बॉडीबिल्डर
    • पिता के एक्सीडेंट के बाद बेटे का कमबैक
    • Junior Mumbai Shree 2026 में एडल्ट्स के बीच मुकाबला
    • सोशल मीडिया पर वायरल फिटनेस स्टोरी
    • मुंबई की इंस्पिरेशनल न्यूज़

    ये स्टोरी गूगल पर तेजी से सर्च हो रही है — “6 year old bodybuilder Mumbai”, “Rachit Panchal bodybuilding”, “Junior Mumbai Shree 2026 news” जैसे कीवर्ड ट्रेंड में हैं।


    FAQ

    Q1: रचित पंचाल की उम्र कितनी है?
    रचित की उम्र 6 साल है और वे सीनियर केजी के छात्र हैं।

    Q2: उन्होंने किस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया?
    उन्होंने Junior Mumbai Shree 2026 में 55 किलो कैटेगरी और अंडर-23 ग्रुप में हिस्सा लिया।

    Q3: उनके पिता के साथ क्या हुआ था?
    मार्च 2024 में बाइक एक्सीडेंट में उनके पिता उमेश पंचाल के पैर (टिबिया) में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें दो सर्जरी करानी पड़ी।

    Q4: रचित की ट्रेनिंग कौन कराता है?
    उन्हें विशाल परब ट्रेन करते हैं, जो पहले उनके पिता के कोच भी रह चुके हैं।

    Q5: यह खबर क्यों खास है?
    क्योंकि 6 साल के बच्चे ने एडल्ट बॉडीबिल्डर्स के बीच स्टेज पर उतरकर पिता का अधूरा सपना पूरा किया।

  • BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव नामकरण से जुड़े होने पर कांग्रेस नेता अशरफ आज़मी ने भाजपा-शिंदे महायुति पर निशाना साधा। प्रदूषण, ट्रैफिक, पानी, गड्ढे और स्वास्थ्य जैसे मुंबई के बड़े मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा और शिंदे गुट की महायुति सत्ता में है, लेकिन मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। यह आरोप मनपा में कांग्रेस के गटनेता अश्रफ आज़मी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि पहली ही बैठक से साफ हो गया कि महायुति का फोकस विकास कार्यों से ज्यादा नामकरण पर है।

    पहली BMC बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव सिर्फ नामकरण के

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की पहली सभा में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य जगहों के नाम बदलने से जुड़े थे।
    उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पानी संकट और गड्ढों से जूझ रहा है, तब नाम बदलना क्या सबसे बड़ी प्राथमिकता है?

    प्रदूषण बना बड़ा संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल

    कांग्रेस नेता के मुताबिक इस समय मुंबई का सबसे बड़ा मुद्दा एयर पॉल्यूशन है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
    खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग नागरिक श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा और ठोस एक्शन प्लान की जरूरत है।

    ट्रैफिक जाम, फुटपाथ अतिक्रमण और अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट

    मुंबई की सड़कों पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
    फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट कई सालों से जारी हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
    साथ ही, सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। निर्माण कार्य, मेट्रो वर्क और खराब सड़कों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है।

    पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी गंभीर

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई में पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की परेशानियां और शिक्षा से जुड़े सवाल भी अहम हैं।
    लेकिन महायुति सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।

    कांग्रेस करेगी जवाबतलबी

    उन्होंने कहा कि पहली ही कार्यवाही से यह दिखना चाहिए था कि सत्ता पक्ष मुंबईकरों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है।
    “मुंबईकरों को असली विकास चाहिए, सिर्फ नाम बदलना नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी BMC में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और महायुति से जवाब मांगेगी।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अशरफ आज़मी ने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि BMC की पहली बैठक में विकास कार्यों के बजाय नामकरण प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।

    Q2: कितने प्रस्ताव नाम बदलने से जुड़े थे?
    कुल 27 प्रस्तावों में से 20 प्रस्ताव नामकरण से संबंधित थे।

    Q3: मुंबई के प्रमुख मुद्दे कौन से बताए गए?
    प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पीने का पानी, गड्ढे, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और शिक्षा।

    Q4: कांग्रेस की क्या रणनीति है?
    कांग्रेस ने कहा है कि वह BMC में इन मुद्दों पर महायुति से जवाब मांगेगी और मुंबईकरों के हक के लिए आवाज उठाएगी।

  • यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    यूपी: 33 नाबालिगों का यौन शोषण और डार्क वेब पर वीडियो बेचने के मामले में पति-पत्नी को फांसी की सज़ा

    उत्तर प्रदेश के बांदा में 33 मासूम नाबालिगों को बरसों तक यौन शोषण कर उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले पूर्व जूनियर इंजीनियर और उसकी पत्नी को POCSO कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामला मानते हुए मृत्युदंड सुनाया। कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।

    उत्तर प्रदेश: बांदा जिले की एक विशेष पीओसीएसओ अदालत (Protection of Children from Sexual Offences Act) ने 20 फरवरी 2026 को एक ऐसे दर्दनाक और जघन्य अपराध में दोषी पाए गए पति-पत्नी को मौत तक की सज़ा सुनाई है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

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    राम भवन (50), जो पहले सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर थे, और उनकी पत्नी दुर्गावती (47) को 33 नाबालिग लड़कों के साथ यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाकर बेचने के दोष में फांसी की सज़ा दी गई।

    मामला कितना भयानक था?

    अदालत ने इस मामले को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” यानी सबसे दुर्लभ और घृणास्पद माना, क्योंकि:

    • यह अपराध लगभग 10 साल (2010-2020) तक चला।
    • 33 से अधिक नाबालिग लड़कों को शोषित किया गया।
    • कुछ बच्चों की उम्र केवल 3 साल तक थी।
    • आरोपी जो वीडियो और फ़ोटो बनाते थे, उन्हें डार्क वेब पर बेचते थे, जिनकी पहुँच लगभग 47 देशों तक थी।
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    आरोपी पति पत्नी की तस्वीर

    वे बच्चों को कैसे फँसाते थे?

    जांच में सामने आया कि आरोपी दंपति बच्चों को लुभाने के लिए ऑनलाइन वीडियो-गेम, पैसे, खिलौने या मिठाई जैसी चीज़ें देते थे। फिर उन्हें अपने किराए के कमरे में ले जाकर यौन शोषण करते और उस दौरान वीडियो-फ़ोटो बनाकर डिजिटल रूप से स्टोर करते थे।

    डार्क वेब और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क

    इस भयावह कृत्य के वीडियो और फ़ोटो को डार्क वेब जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्मों पर बेचा गया, जिससे यह सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध मामला भी बन गया।

    अदालत का विश्लेषण: “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” क्यों?

    अदालत ने फ़ैसला सुनाते समय कहा कि इस तरह के व्यवस्थित, लंबे समय तक चलने वाले और बच्चों को गहरा मानसिक तथा शारीरिक आघात पहुंचाने वाले अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं हो सकती। इसलिए इसे सबसे दुर्लभ और घृणास्पद मामला माना गया और मृत्युदंड सुनिश्चित किया गया।

    जांच-प्रक्रिया और सबूतों का महत्व

    सीबीआई ने 2020 में इस मामले की गहन जांच शुरू की। तलाशी के दौरान मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड-डिस्क और अन्य डिजिटल डिवाइसेज़ मिले, जिनमें बच्चों के शोषण की सामग्री पाई गई। जांच के बाद 2021 में चार्जशीट दायर की गई, और 2023 में आरोप तय हुए।

    पीड़ितों को मुआवज़ा और पुनर्वास के निर्देश

    अदालत ने 33 पीड़ित बच्चों को ₹10-10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही जेल में मिले नकदी हिस्से को बंटवाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि बच्चों के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक उपचार और सुरक्षित भविष्य के लिए कदम उठाए जा सकें।

    ख़बर का सामाजिक प्रभाव

    इस फ़ैसले को बच्चों की सुरक्षा और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्याय मिलने से पीड़ित परिवारों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन उनके दर्द के निशान जीवन भर नहीं मिटेंगे।


    FAQ (Accurate Information for Readers)

    Q1: इस मामले में कितने बच्चों का यौन शोषण हुआ?
    A1: लगभग 33 नाबालिग लड़कों का यौन शोषण किया गया, जिनमें कुछ बच्चे केवल 3 साल के थे।

    Q2: अदालत ने दंपति को किस वजह से मौत की सज़ा दी?
    A2: अदालत ने अपराध की गंभीरता, लंबे दौर, मानसिक-शारीरिक पीड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामग्री बेचने को देखते हुए इसे सबसे दुर्लभ मामला मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई।

    Q3: क्या पीड़ितों को मुआवज़ा मिलेगा?
    A3: हाँ, हर पीड़ित को ₹10-10 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया है।

    Q4: मामला कब से चल रहा था?
    A4: यह कृत्य 2010 से 2020 तक लगभग 10 साल तक चलता रहा।

  • मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित विजय साळसकर उद्यान का नवीनीकरण पूरा, शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के प्रयास से आम जनता के लिए खोला गया। बच्चों के लिए रॉक क्लाइंबिंग, वॉकिंग ट्रैक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था।

    मुंबई: मालाड पूर्व के दिंडोशी क्षेत्र में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय साळसकर उद्यान को अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। दिंडोशी से शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इस उद्यान का नवीनीकरण कर इसे लोकाग्रह के चलते जनता को समर्पित किया।

    📍 दिंडोशी वॉर्ड 36 में था जर्जर हाल

    दिंडोशी विभाग के वॉर्ड क्रमांक 36, मालाड ईस्ट स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स इलाके के नागरिक लंबे समय से इस उद्यान की खराब स्थिति से परेशान थे। मॉर्निंग वॉक के लिए समुचित जगह नहीं थी और बच्चों के खेलने की भी कोई खास व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    🏗️ विधायक सुनील प्रभू का लगातार फॉलोअप

    स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए विधायक सुनील प्रभू ने BMC के समक्ष लगातार पाठपुरावा किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के बजट में इस उद्यान के नवीनीकरण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
    इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

    🌳 4600 वर्गमीटर में तैयार हुआ आधुनिक गार्डन

    करीब 4600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस मैदान को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उद्यान को बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

    🛝 बच्चों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं

    • रॉक क्लाइंबिंग गेम
    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • सुरक्षित और आकर्षक खेल क्षेत्र

    🚶 मॉर्निंग वॉक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्था

    • सुगम वॉकिंग ट्रैक (पथ वे)
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था
    • व्यूइंग गैलरी
    • हरे-भरे घास का मैदान
    • आकर्षक रंगरोगन से सजी उद्यान की दीवारें

    इन सुविधाओं से अब यह गार्डन स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक और फिटनेस स्पॉट बन गया है।

    👥 उद्घाटन के दौरान मौजूद रहे कई गणमान्य

    उद्यान के उद्घाटन अवसर पर पूर्व नगरसेवक प्रमुख सुधीर गुजर, शिवसेना की पूर्व नगरसेविका रीना सुर्वे, उपविधान संघटिका रुचिता आरोस्कर, उपशाखा प्रमुख अल्पेश चव्हाण, उपविभाग समन्वयक कृष्णकांत सुर्वे सहित रहेजा परिसर के अनेक नागरिक उपस्थित थे।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए विधायक सुनील प्रभू का आभार व्यक्त किया।

    🌆 मालाड ईस्ट के लिए क्यों अहम है यह उद्यान?

    तेजी से विकसित हो रहे मालाड ईस्ट और दिंडोशी इलाके में ओपन स्पेस की कमी एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में विजय साळसकर उद्यान का पुनर्विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।
    यह उद्यान अब फिटनेस, बच्चों के मनोरंजन और सामुदायिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: विजय साळसकर उद्यान कहाँ स्थित है?

    मालाड पूर्व के दिंडोशी वॉर्ड 36 में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास।

    Q2: उद्यान का नवीनीकरण कब शुरू हुआ?

    29 अप्रैल 2025 को काम शुरू हुआ।

    Q3: उद्यान में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

    रॉक क्लाइंबिंग, व्यायाम उपकरण, वॉकिंग ट्रैक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्यूइंग गैलरी और हरा-भरा लॉन।

    Q4: इस परियोजना के पीछे किसका प्रयास रहा?

    शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार फॉलोअप से यह काम संभव हुआ।

    Q5: कुल क्षेत्रफल कितना है?

    करीब 4600 वर्गमीटर।

  • मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था का ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन: बोरीवली में जुटीं राजनीतिक और सामाजिक दिग्गज हस्तियां

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह में पत्रकार, विधायक, पूर्व सांसद, समाजसेवक और उद्योगपति शामिल हुए। कॉमेडियन सुनील पाल और कवि रामजी कनौजिया ने कार्यक्रम में रंग जमाया।

    मुंबई: बोरीवली वेस्ट स्थित अटल स्मृति उद्यान में मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के 7वें ‘लिट्टी चोखा’ स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन हुआ। इस खास कार्यक्रम में पत्रकारों के साथ-साथ राजनेता, समाजसेवक, वकील और उद्योगपति बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन में अपनापन, भाईचारा और हंसी-मजाक का अलग ही माहौल देखने को मिला।

    🎉 7वां स्नेह मिलन समारोह बना यादगार

    मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था द्वारा आयोजित इस वार्षिक कार्यक्रम का यह सातवां वर्ष था। ‘लिट्टी चोखा’ जैसे पारंपरिक व्यंजन के साथ संवाद और संबंधों को मजबूत करने का यह आयोजन पत्रकार जगत और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का माध्यम बना।

    🏛️ राजनीतिक और सामाजिक दिग्गजों की मौजूदगी

    कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें प्रमुख रूप से:

    • अमित साटम (मुंबई भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक)
    • संजय उपाध्याय (विधायक)
    • मुरजी पटेल (काका)
    • गोपाल शेट्टी (पूर्व सांसद)
    • असलम शेख (कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री)
    • संजय घाडी (मनपा उप- महापौर)
    • गणेश खनकर
    • सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी
    • भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक बाला तावड़े
    • कमलेश यादव
    • नगरसेविका डॉ. शिल्पा संगोरे
    • नगरसेवक शिवानन्द शेट्टी
    • शिवसेना नेता राम यादव
    • भारतीय हिंदूसेना के महाराष्ट्र अध्यक्ष डॉ. प्रमोद सिंह
    • भाजपा नेता निखिल व्यास

    सभी गणमान्य अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए पत्रकारों की एकजुटता की तारीफ की।

    📰 वरिष्ठ पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति

    इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिवशंकर तिवारी, जयप्रकाश सिंह, हरीश तिवारी, राकेश त्रिवेदी, अशोक पांडे, इकबाल ममदानी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने मीडिया जगत के आपसी तालमेल और संवाद को नई मजबूती दी।

    😂 कॉमेडी और कविता ने बांधा समां

    कार्यक्रम का खास आकर्षण रहे मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल। उन्होंने अपने चुटकुले अंदाज से सबको खूब हंसाया और माहौल को खुशनुमा बना दिया।

    वहीं कवि रामजी कनौजिया ने अपनी शानदार कविता से कार्यक्रम में साहित्यिक रंग भर दिया।

    🍲 ‘लिट्टी चोखा’ के स्वाद के साथ बढ़ा अपनापन

    कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पारंपरिक ‘लिट्टी चोखा’ का स्वाद लिया। खाने-पीने के साथ हल्की-फुल्की बातचीत और हंसी-मजाक ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। ऐसे आयोजन पत्रकारों और समाज के अन्य वर्गों के बीच घनिष्ठता बढ़ाने का जरिया बनते हैं।

    👥 आयोजन समिति का नेतृत्व

    इस सफल आयोजन का नेतृत्व मुंबई उपनगर पत्रकार संस्था के अध्यक्ष गोविंद ठाकुर, कोषाध्यक्ष रामकुमार गुप्ता और महासचिव जटाशंकर सिंह ने किया। उनके साथ सभी सहयोगी पत्रकार साथियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


    ❓ FAQ Section

    Q1: कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

    बोरीवली वेस्ट के अटल स्मृति उद्यान में।

    Q2: यह कौन-सा वर्ष था?

    यह स्नेह मिलन समारोह का 7वां वर्ष था।

    Q3: किन-किन प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया?

    अमित साटम, संजय उपाध्याय, मुरजी पटेल, गोपाल शेट्टी, असलम शेख सहित कई नेता मौजूद रहे।

    Q4: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्या रहा?

    कॉमेडियन सुनील पाल की प्रस्तुति और कवि रामजी कनौजिया की कविता।

    Q5: कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?

    पत्रकारों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संबंध मजबूत करना।