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  • Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    Sanjay Gandhi National Park Encroachers Notice 2026: दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 28 फरवरी

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park (SGNP) में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्वसन प्रक्रिया तेज। 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी, 17 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य।

    मुंबई: Sanjay Gandhi National Park (बोरीवली) क्षेत्र में रहने वाले अतिक्रमणधारकों के लिए वन विभाग ने बड़ी और अहम सूचना जारी की है। मा. उच्च न्यायालय, मुंबई के आदेश (जनहित याचिका क्र. 305/1995) के तहत पुनर्वसन प्रक्रिया को अंतिम चरण में लाया जा रहा है। अब सर्वे के आधार पर बनी प्राथमिक सूची के अनुसार दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

    📌 क्या है पूरा मामला? | Bombay High Court Order Update

    Bombay High Court के 07 मई 1997 के आदेश के अनुसार SGNP क्षेत्र में बचे हुए अतिक्रमणों का सर्वे कर पुनर्वसन की प्रक्रिया लागू की जानी है। इसी आदेश के पालन में सरकार ने अधिकृत एजेंसी M/s. Grant Thornton Bharat LLP के माध्यम से सर्वे कराया।

    इस सर्वे में कुल 16,478 अतिक्रमणधारकों की प्राथमिक सूची तैयार की गई है।


    📝 16,478 लोगों की प्राथमिक सूची जारी | Check Name Online

    Sanjay-Gandhi-National-Park-Encroachers-Notice-2026-Last-date-for-submission-of-documents-is-February-28-news

    वन विभाग ने यह प्राथमिक सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट
    👉 www.mahaforest.gov.in
    पर प्रकाशित कर दी है।

    साथ ही यह सूची SGNP बोरीवली के वन कार्यालयों और संबंधित पुनर्वसन कक्षों के नोटिस बोर्ड पर भी उपलब्ध है।

    अगर आपका नाम लिस्ट में है या नहीं है, लेकिन आप वन क्षेत्र में रह रहे हैं — तो यह आखिरी मौका है दस्तावेज जमा करने का।


    📂 कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं? | Required Documents for SGNP Rehabilitation

    पात्रता तय करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज अनिवार्य हैं:

    1. 01 जुलाई 1995 की वोटर लिस्ट में नाम (फोटो कॉपी)
    2. पहले जमा किए गए ₹7,000 की रसीद (यदि लागू हो)
    3. वन विभाग द्वारा दिया गया झोपड़ी नंबर
    4. 01.07.1995 से 01.01.2011 तक वोटर लिस्ट में नाम का प्रमाण
    5. वोटर आईडी कार्ड
    6. आधार कार्ड / राशन कार्ड / अन्य पहचान पत्र

    👉 बिना दस्तावेज के पुनर्वसन पात्रता तय नहीं होगी।

    मुंबई के Sanjay Gandhi National Park क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जारी पुनर्वसन नोटिस के अनुसार जिन-जिन अतिक्रमित नगरों/पाड़ों (Encroached Areas) को शामिल किया गया है, उनकी पूरी विस्तृत सूची नीचे दी जा रही है। यह जानकारी उन सभी रहिवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पात्रता तय करने के लिए दस्तावेज जमा करने वाले हैं।


    📍 1️⃣ बोरीवली मुख्य प्रवेशद्वार क्षेत्र (SGNP Main Gate Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    पुनर्वसन कक्ष, जुने वनपरिक्षेत्र कार्यालय, मुख्य प्रवेशद्वार, SGNP बोरीवली

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • चिचपाडा
    • नवापाडा
    • रावणपाडा
    • केल्डाईपाडा
    • तुमणीपाडा
    • मलेपाडा
    • तलेपाडा
    • चुनापाडा
    • डॅमपाडा
    • धारखाडी
    • केतकी पाडा
    • केशव नगर
    • पांडे कम्पाउंड
    • अन्य आसपास के अतिक्रमित क्षेत्र

    📍 2️⃣ गौतम नगर – दामू नगर बेल्ट (Gautam Nagar Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    गौतमनगर संरक्षण कुटी, दामूनगर नाले के पास, लहुगड रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • दामू नगर
    • भीमनगर
    • सातारा कॅम्प
    • गांधी नगर
    • पाताचे पानी
    • आकारची भट्टी
    • देवी पाडा
    • चुनापाडा (इस बेल्ट का हिस्सा)
    • लहूगड
    • गौतम नगर
    • रामगड

    📍 3️⃣ अप्पापाडा – आनंदनगर क्षेत्र (Appapada Zone)

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    अप्पापाडा संरक्षण कुटी, आनंदनगर बस स्टॉप रोड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • क्रांती नगर
    • फुले नगर
    • आदिवासी नगर
    • कटिंग नं. 10
    • आंबेडकर नगर

    📍 4️⃣ मालाड – संजयनगर (पठाण वाडी) वन परिमंडल क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल कार्यालय, संजयनगर (पठाण वाडी), मालाड

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • जाम ऋषी नगर
    • पिंपरी पाडा
    • मावळे नगर / मोचीपाडा
    • बंजारी पाडा
    • संजयनगर / आंबा पाडा
    • वायशेत पाडा
    • मातंग गड
    • कलमाचा फोंडा
    • निंबोणी पाडा
    • बारीक पायरी / भाटूकली पाडा 1 व 2
    • डुक्कर भुजी पाडा

    📍 5️⃣ मुलुंड पश्चिम – खिंडीपाडा वन क्षेत्र

    दस्तावेज जमा केंद्र:
    वन परिमंडल अधिकारी कार्यालय, खिंडीपाडा दरगाह रोड, मुलुंड पश्चिम

    शामिल अतिक्रमित नगर/पाड़े:

    • खिंडीपाडा
    • हनुमान पाडा
    • पंचशील नगर
    • राहुल नगर
    • शंकर टेकडी
    • पळस पाडा
    • घाटी पाडा
    • गणेश नगर
    • उलटन पाडा
    • साईबांगोड़ा रोड क्षेत्र

    ⚠️ जरूरी सूचना

    • ऊपर दिए गए सभी क्षेत्र SGNP वन सीमा (Forest Land) के अंतर्गत आते हैं।
    • इन सभी इलाकों के रहिवासियों को 17 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
    • केवल निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता/अपात्रता तय की जाएगी।
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    ⚠️ अंतिम चेतावनी | Last Chance for SGNP Encroachers

    वन विभाग ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज जमा करने वालों की ही पात्रता तय की जाएगी।
    यह मौका चूकने पर पुनर्वसन का दावा कमजोर हो सकता है।

    उपसंचालक (दक्षिण) किरण पाटील द्वारा 13 फरवरी 2026 को यह नोटिस जारी किया गया है।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या सभी अतिक्रमित पाड़ों के नाम जारी कर दिए गए हैं?

    हाँ, वन विभाग द्वारा नोटिस में उल्लेखित सभी क्षेत्र ऊपर सूचीबद्ध हैं।

    Q2. अगर मेरा इलाका इस लिस्ट में है तो क्या करना होगा?

    निर्धारित केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।

    Q3. क्या अलग-अलग इलाकों के लिए अलग केंद्र बनाए गए हैं?

    हाँ, बोरीवली, गौतम नगर, अप्पापाडा, मालाड और मुलुंड के लिए अलग पुनर्वसन कक्ष निर्धारित हैं।

    Q4. SGNP में दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख क्या है?

    👉 28 फरवरी 2026।

    Q5. क्या जिनका नाम लिस्ट में नहीं है वे भी आवेदन कर सकते हैं?

    👉 हां, यदि वे वन क्षेत्र में रह रहे हैं तो दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

    Q6. सूची कहां चेक करें?

    👉 www.mahaforest.gov.in और SGNP वन कार्यालयों में।

    Q7. कौन सा कोर्ट ऑर्डर लागू है?

    👉 बॉम्बे हाई कोर्ट, जनहित याचिका क्र. 305/1995।

  • BMC Water Cut News: 30 घंटे पानी कटौती, 12–13 फरवरी को सप्लाई रहेगी बंद

    BMC Water Cut News: 30 घंटे पानी कटौती, 12–13 फरवरी को सप्लाई रहेगी बंद

    Mumbai Water Cut News: एम पूर्व और एम पश्चिम विभाग में 12 से 13 फरवरी 2026 तक 30 घंटे पानी सप्लाई बंद रहेगी। BMC ने जारी की पूरी लिस्ट।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) एम पूर्व और एम पश्चिम विभाग में रहने वाले हजारों नागरिकों को अगले हफ्ते पानी की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मुंबई बीएमसी की ओर से पानी सप्लाई को और मजबूत बनाने के लिए 12 फरवरी की मध्यरात्रि से 13 फरवरी सुबह 8 बजे तक करीब 30 घंटे पानी आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इस दौरान कई रिहायशी इलाकों, वसाहतों और औद्योगिक क्षेत्रों में नल पूरी तरह सूखे रहेंगे।

    क्यों बंद रहेगा पानी? जानिए वजह

    BMC प्रशासन के मुताबिक, एम पूर्व और एम पश्चिम विभाग की जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने के लिए तुर्भे लो लेवल रिज़र्वायर (Turbe LLR) पर अहम तकनीकी काम किए जा रहे हैं।
    इसमें—

    • 1200 मिमी व्यास की इनलेट वॉटर पाइपलाइन पर नया जलद्वार (Valve) लगाना
    • 1200 मिमी व्यास की पाइपलाइन को AMT-II टनल शाफ्ट से जोड़ने का काम

    शामिल है। ये काम बेहद जरूरी होने के कारण पानी सप्लाई अस्थायी रूप से बंद रखी जा रही है।

    कब से कब तक रहेगी पानी कटौती

    • शुरुआत: गुरुवार, 12 फरवरी 2026 – रात 2 बजे
    • समाप्ति: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 – सुबह 8 बजे
    • कुल अवधि: लगभग 30 घंटे

    एम पूर्व विभाग में पानी बंद रहने वाले इलाके

    एम पूर्व (वार्ड 146, 147 और 148) के कई हिस्सों में इस दौरान पानी सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।

    प्रमुख इलाके:

    • HPCL रिफाइनरी और कॉलोनी
    • BPCL कॉलोनी, IOCL, BARC
    • गव्हाणपाड़ा, भारत नगर, जे प्लॉट
    • हशू अडवाणी नगर, आणिक गांव
    • सह्याद्री नगर, विष्णु नगर
    • म्हाडा वसाहतें, प्रयाग नगर
    • ओम-गणेश नगर, राहुल नगर, अशोक नगर
    • RCF कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र

    इन इलाकों में जहां 24 घंटे या तय समय पर पानी मिलता है, वहां भी इस अवधि में सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी।

    एम पश्चिम विभाग में पानी बंद रहने वाले इलाके

    एम पश्चिम (वार्ड 154 और 155) के भी कई प्रमुख इलाके पानी कटौती की चपेट में रहेंगे।

    प्रमुख इलाके:

    • माहुल गांव, माहुल SRA
    • BPCL, BPT, टाटा क्षेत्र
    • वाशी नाका, आर.सी. मार्ग
    • सिंधी सोसायटी, चेंबूर कैंप
    • गणेश नगर, अशोक नगर
    • म्हाडा इमारतें, मुकुंद नगर SRA
    • लक्ष्मी नगर, विजय नगर
    • म्हैसूर कॉलोनी, कोकण नगर

    इन क्षेत्रों में भी 12 फरवरी रात 2 बजे से 13 फरवरी सुबह 8 बजे तक पानी सप्लाई बंद रहेगी।

    BMC की नागरिकों से अपील

    महानगरपालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—

    • पहले से जरूरी पानी का स्टॉक कर लें
    • मरम्मत अवधि के दौरान पानी का कम से कम उपयोग करें
    • एहतियात के तौर पर अगले 3 दिनों तक पानी उबालकर और छानकर पिएं
    • BMC प्रशासन को सहयोग करें

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई में पानी कब से बंद रहेगा?
    👉 12 फरवरी 2026 रात 2 बजे से 13 फरवरी सुबह 8 बजे तक।

    Q2. पानी कितने घंटे बंद रहेगा?
    👉 लगभग 30 घंटे।

    Q3. किन इलाकों में पानी सप्लाई बंद रहेगी?
    👉 एम पूर्व (146,147,148) और एम पश्चिम (154,155) के कई इलाके प्रभावित रहेंगे।

    Q4. पानी बंद रहने की वजह क्या है?
    👉 तुर्भे जलाशय में 1200 मिमी पाइपलाइन और वाल्व से जुड़े जरूरी तकनीकी काम।

    Q5. क्या पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है?
    👉 हां, अगले 3 दिनों तक पानी उबालकर पीने की अपील की गई है।

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  • अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    अंधेरी स्टेशन पर चाकू की नोंक पर लूट, CCTV से खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai News: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 22 साल के कारपेंटर से चाकू दिखाकर मोबाइल और ATM से कैश लूटा गया। CCTV फुटेज के आधार पर RPF ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, मास्टरमाइंड फरार।

    मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर 30 जनवरी की रात उस वक्त दहशत फैल गई, जब एक 22 वर्षीय कारपेंटर को चाकू की नोंक पर लूट लिया गया। यह सनसनीखेज वारदात रात करीब 9:30 बजे स्टेशन के ब्रिज पर, भीड़ के बीच अंजाम दी गई। तीन युवकों ने पीड़ित से पहले मोबाइल छीना, फिर ATM कार्ड और PIN लेकर पास के ATM से कैश भी निकाल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरों में कैद हो गई, जिसकी मदद से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 3 फरवरी को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीसरा आरोपी और कथित मास्टरमाइंड अभी फरार है।

    कैसे हुई पूरी वारदात?

    पीड़ित सिराज खान, जो पेशे से कारपेंटर हैं, जोगेश्वरी में दिनभर काम करने के बाद अपने दो दोस्तों के साथ साकीनाका जाने के लिए मेट्रो पकड़ने अंधेरी स्टेशन पहुंचे थे।
    स्टेशन के ब्रिज पर ही तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया।

    सिराज के मुताबिक,

    “एक आरोपी ने कमर में चाकू फंसाया हुआ था और बोला – ‘मेरे पास चाकू है, मैं तुम्हें मार दूंगा’। डर के मारे मुझे अपना मोबाइल देना पड़ा।”

    ATM से भी निकलवाए पैसे

    मोबाइल छीनने के बाद आरोपियों ने सिराज को धमकाकर ATM कार्ड और उसका PIN भी उगलवा लिया। इसके बाद तीनों ने पास के ATM से कैश निकाला और जाते-जाते सिराज को धमकी दी कि वह वहीं खड़ा रहे और हिले नहीं।

    पीड़ित ने बताया कि यह सब अंधेरी ब्रिज जैसी बेहद व्यस्त जगह पर हुआ, जिससे वह पूरी तरह सदमे में आ गया।

    दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन…

    जब सिराज को लूटा जा रहा था, उसके दोस्तों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन चाकू से लैस आरोपियों ने उन्हें भी डरा-धमकाकर पीछे हटा दिया। वारदात रेलवे परिसर में होने के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने किसी से डर महसूस नहीं किया।

    CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

    पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। बाद में जब सिराज ने अंधेरी GRP से संपर्क किया, तो GRP ने RPF को मेमो देकर CCTV फुटेज खंगालने को कहा।

    इसके बाद RPF के

    • सब-इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी
    • इंस्पेक्टर राजीव सलारिया

    ने आरोपियों पर नजर रखनी शुरू की।

    3 फरवरी को 2 आरोपी दबोचे गए

    3 फरवरी को प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर CCTV में दिख रहे हुलिए से मिलते-जुलते दो युवक घूमते नजर आए।
    RPF के कॉन्स्टेबल अंकित पटेल और दीपक वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

    पूछताछ के दौरान और CCTV फुटेज दिखाने पर दोनों ने अपराध कबूल कर लिया

    FIR दर्ज, तीसरा आरोपी फरार

    हालांकि वारदात 30 जनवरी को हुई थी, लेकिन FIR 4 फरवरी को अंधेरी GRP में दर्ज की गई।
    GRP के वरिष्ठ निरीक्षक नितिन लोंढे ने बताया:

    • FIR धारा 309(4) के तहत दर्ज
    • गिरफ्तार आरोपी: अयान शेख और अभिषेक केवट
    • फरार आरोपी: अनस शेख (19), धारावी निवासी

    उन्होंने यह भी बताया कि अयान शेख पहले भी मोबाइल चोरी के मामले में बांद्रा GRP द्वारा पकड़ा जा चुका है।

    मोबाइल और ATM कार्ड अब तक बरामद नहीं

    दोनों आरोपियों को अंधेरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
    फिलहाल पुलिस पीड़ित का मोबाइल फोन और ATM कार्ड बरामद करने की कोशिश में जुटी है।


    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. अंधेरी स्टेशन पर लूट कब हुई?
    👉 30 जनवरी को रात करीब 9:30 बजे।

    Q2. पीड़ित कौन है?
    👉 22 वर्षीय कारपेंटर सिराज खान।

    Q3. कितने आरोपी थे और कितने पकड़े गए?
    👉 कुल 3 आरोपी थे, 2 गिरफ्तार, 1 फरार।

    Q4. पुलिस को सबूत कैसे मिला?
    👉 स्टेशन के CCTV फुटेज से।

    Q5. क्या पीड़ित का मोबाइल और ATM कार्ड मिल गया है?
    👉 नहीं, अभी बरामदगी बाकी है।

  • इन्फिनिटी मॉल मलाड में लाइव परफॉर्म करेंगी Madhubanti Bagchi, 21 फरवरी को सजेगी सुरों की शाम

    इन्फिनिटी मॉल मलाड में लाइव परफॉर्म करेंगी Madhubanti Bagchi, 21 फरवरी को सजेगी सुरों की शाम

    इन्फिनिटी मॉल मलाड में 21 फरवरी 2026 को मशहूर प्लेबैक सिंगर Madhubanti Bagchi का लाइव कॉन्सर्ट। ‘आज की रात’ और ‘नजरिया की मारी’ जैसी हिट्स पर थिरकेगा मुंबई। टिकट BookMyShow पर उपलब्ध।

    मुंबई: मलाड़ पश्चिम के इन्फिनिटी मॉल में 21 फरवरी 2026 को म्यूजिक लवर्स के लिए खास शाम होने जा रही है। बॉलीवुड की चर्चित प्लेबैक सिंगर और कंपोज़र Madhubanti Bagchi यहां लाइव परफॉर्म करेंगी। ‘स्त्री 2’ का सुपरहिट गाना ‘आज की रात’ और ‘हीरामंडी’ का ‘नजरिया की मारी’ जैसी दिल छू लेने वाली आवाज़ अब मुंबईकरों को लाइव सुनने को मिलेगी। इस म्यूजिकल इवेंट के टिकट BookMyShow पर उपलब्ध हैं।

    🎶 Madhubanti Bagchi: सुरों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम

    क्लासिकल म्यूजिक की मजबूत ट्रेनिंग और मॉडर्न एक्सप्रेशन के साथ Madhubanti Bagchi ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी आवाज़ में एक खास ठहराव और गहराई है, जो हर गाने को इमोशनल बना देती है।
    हाल ही में ‘आज की रात’ (Stree 2) ने म्यूजिक चार्ट्स पर धमाल मचाया और उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा में और मजबूत जगह दिलाई।

    🏬 इन्फिनिटी मॉल मलाड में फिर सजेगा लाइव म्यूजिक

    इन्फिनिटी मॉल मलाड अब सिर्फ शॉपिंग और डाइनिंग तक सीमित नहीं रहा।
    मॉल लगातार लाइव एंटरटेनमेंट, म्यूजिक इवेंट्स और कल्चरल प्रोग्राम्स के जरिए लोगों को नया अनुभव देने पर फोकस कर रहा है।
    Madhubanti Bagchi जैसे नेशनल लेवल आर्टिस्ट का लाइव शो इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।

    🎟️ टिकट और एंट्री डिटेल्स

    • इवेंट: Madhubanti Bagchi Live Concert
    • तारीख: 21 फरवरी 2026
    • स्थान: इन्फिनिटी मॉल, मलाड (मुंबई)
    • टिकट: BookMyShow पर उपलब्ध

    👉 म्यूजिक पसंद करने वालों के लिए ये इवेंट मिस करना मुश्किल होगा।

    📌 क्यों खास है ये कॉन्सर्ट?

    • बॉलीवुड की लेटेस्ट चार्टबस्टर आवाज़ लाइव
    • क्लासिकल टच के साथ मॉडर्न म्यूजिक
    • मॉल के अंदर फैमिली और यूथ-फ्रेंडली इवेंट
    • वीकेंड से पहले परफेक्ट म्यूजिकल प्लान

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Madhubanti Bagchi का लाइव शो कब है?
    👉 21 फरवरी 2026 को।

    Q2. इवेंट कहां आयोजित होगा?
    👉 इन्फिनिटी मॉल, मलाड (मुंबई) में।

    Q3. टिकट कहां मिलेंगे?
    👉 BookMyShow पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या ये फैमिली के साथ जाने लायक इवेंट है?
    👉 हां, ये फैमिली और यूथ दोनों के लिए उपयुक्त है।

    Q5. कौन-कौन से गाने सुनने को मिल सकते हैं?
    👉 ‘आज की रात’, ‘नजरिया की मारी’ समेत उनके पॉपुलर और सोलफुल ट्रैक्स।

  • मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA के 120 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध, पहले आओ-पहले पाओ योजना

    मुंबई में MHADA 120 फ्लैट First Come First Served आधार पर बेच रही है। मलाड, कांदिवली, अंधेरी समेत कई इलाकों में ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक के घर।

    मुंबई: घर खरीदने का सपना देख रहे मुंबईकरों के लिए बड़ी खबर है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 120 फ्लैट First Come First Served (पहले आओ-पहले पाओ) आधार पर बेचने का ऐलान किया है। ये वे फ्लैट हैं जो पहले लॉटरी में आए थे लेकिन नहीं बिके थे। अब इन्हें सीधे ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खरीदा जा सकेगा।

    🏙️ किन इलाकों में मिलेंगे MHADA फ्लैट

    MHADA के अनुसार ये फ्लैट मुंबई के कई प्रमुख और रिहायशी इलाकों में स्थित हैं, जिनमें शामिल हैं:

    • मलाड
    • कांदिवली
    • अंधेरी
    • चारकोप
    • शिंपोली
    • अंटोप हिल
    • वडाला
    • पवई
    • मानखुर्द
    • घाटकोपर
    • विक्रोली
    • बायकुला
    • टारदेव
    • लोअर परेल
    • सायन
    • जुहू

    इन इलाकों में फ्लैट की कीमत ₹38 लाख से लेकर ₹8 करोड़ तक रखी गई है।

    💰 पहले लॉटरी में आए थे ये घर

    MHADA ने साफ किया है कि ये सभी फ्लैट पहले लॉटरी स्कीम के तहत उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आवेदन न मिलने या अन्य कारणों से अनसोल्ड रह गए थे। अब इन्हें डायरेक्ट सेल के लिए खोला गया है।

    🖥️ आवेदन कब और कैसे करें

    MHADA फ्लैट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

    📅 जरूरी तारीखें

    • 5 फरवरी 2026: रजिस्ट्रेशन शुरू
    • 12 फरवरी 2026:
    • ऑनलाइन आवेदन
    • सिक्योरिटी डिपॉजिट
    • आवेदन शुल्क
    • फ्लैट सिलेक्शन की प्रक्रिया शुरू

    👉 आधिकारिक वेबसाइट: bookmyhome.mhada.gov.in

    🧾 फ्लैट बुक करने की प्रक्रिया

    1. पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
    2. सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना
    3. “Book My Home” विकल्प से
    • बिल्डिंग / विंग
    • फ्लोर
    • फ्लैट नंबर चुनना
    1. फ्लैट फाइनल होने के 48 घंटे के भीतर 10% राशि जमा करना अनिवार्य

    अगर 48 घंटे में भुगतान नहीं किया गया तो:
    ❌ फ्लैट की बुकिंग रद्द
    ❌ पूरी सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त

    📄 पात्रता और जरूरी दस्तावेज

    MHADA के अनुसार:

    ✅ पात्रता

    • आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल
    • भारतीय नागरिक होना जरूरी

    📑 दस्तावेज

    • अविवाहित आवेदक:
    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • विवाहित आवेदक:
    • पति-पत्नी दोनों का आधार और पैन
    • डिक्री सर्टिफिकेट:
    • फ्लैट अलॉटमेंट के लिए अनिवार्य

    🏦 होम लोन लेने वालों के लिए नियम

    जो आवेदक होम लोन लेना चाहते हैं, उन्हें:

    • बैंक/वित्तीय संस्था का Pre-Sanction Letter अपलोड करना होगा
    • सत्यापन के बाद MHADA की ओर से NOC (No Objection Certificate) जारी की जाएगी

    🏡 कब्जा कब मिलेगा

    • पूरी रकम और स्टांप ड्यूटी भुगतान के बाद
    • MHADA की ओर से
    • अलॉटमेंट लेटर
    • पजेशन लेटर जारी किया जाएगा

    ❓ FAQ

    Q1. MHADA के फ्लैट कितने हैं?
    👉 कुल 120 फ्लैट।

    Q2. फ्लैट की कीमत कितनी है?
    👉 ₹38 लाख से ₹8 करोड़ तक।

    Q3. आवेदन कहां करना है?
    👉 bookmyhome.mhada.gov.in पर।

    Q4. क्या लॉटरी होगी?
    👉 नहीं, यह First Come First Serve आधार पर है।

  • गरीब फेरीवाले भी नागरिक हैं: मुंबई में नो-फेरीवाला जोन की तैयारी पर सवाल

    गरीब फेरीवाले भी नागरिक हैं: मुंबई में नो-फेरीवाला जोन की तैयारी पर सवाल

    मुंबई में फेरीवालों के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। नो-फेरीवाला जोन बनाने की योजना, बुलडोजर कार्रवाई और लाइसेंस के सवाल पर गरीब फेरीवालों का भविष्य फिर संकट में है।

    मुंबई: एक बार फिर गरीब फेरीवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पूरी मुंबई को नो-फेरीवाला जोन बनाने की तैयारी चल रही है। रेलवे स्टेशन इलाकों से अभियान की शुरुआत होगी। सवाल यह है कि जब प्रधानमंत्री से लेकर सरकारें फेरीवालों को सुरक्षा देने की बात करती हैं, तो ज़मीन पर बुलडोजर ही क्यों गरजता है?

    🏙️ मुंबई में फेरीवालों की समस्या: पुरानी, लेकिन अनसुलझी

    मुंबई में फेरीवालों की समस्या कोई नई नहीं है। दशकों से लाखों लोग फल, सब्ज़ी, कपड़े और रोजमर्रा का सामान बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं।
    हकीकत यह है कि फेरीवाले शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा मार भी इन्हीं पर पड़ती है।

    BMC-takes-strict-action-on-Andheri-Irla-Road-removes-200-illegal-hawkers
    अंधेरी पश्चिम बीएमसी तोडफोड की ताजा तस्वीर

    🧨 बुलडोजर, तोड़-फोड़ और डर का माहौल

    जहां देखो वहीं BMC के तोड़क दस्ते, ट्रॉली तोड़ना, रेहड़ी जब्त करना और सामान फेंक देना—ये सब अब आम बात हो चुकी है।
    चुनाव से पहले कार्रवाई रोक दी जाती है और चुनाव खत्म होते ही फिर से अभियान शुरू हो जाता है। गरीब फेरीवालों के लिए यह सिलसिला कभी खत्म नहीं होता।

    🗳️ चुनाव से पहले राहत, बाद में कार्रवाई

    महानगरपालिका चुनाव से पहले फेरीवालों को हटाने के लिए विशेष दस्ते तैनात किए गए थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई रोक दी गई।
    अब चुनाव खत्म होते ही फिर से फेरीवालों को शहर से हटाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

    🚉 रेलवे स्टेशन पहले निशाने पर

    सूत्रों के अनुसार, अभियान के पहले चरण में

    • रेलवे स्टेशन परिसर
    • स्टेशन रोड
    • प्रमुख जंक्शन

    से फेरीवालों को हटाया जाएगा। इसके लिए मनपा की अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी जा रही है।

    🏢 गुप्त आदेश, गुप्त कार्रवाई

    बताया जा रहा है कि

    • कार्रवाई की योजना सहायक आयुक्त स्तर तक ही सीमित रहेगी
    • किस इलाके में कब कार्रवाई होगी, इसकी जानकारी बाहर नहीं जाएगी
    • हर विभाग को अपने स्तर पर प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं

    इसका मकसद यह बताया जा रहा है कि फेरीवालों को पहले से भनक न लगे

    💸 हफ्ता, राजनीति और दोहरा मापदंड

    हकीकत यह भी है कि

    • कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग फेरीवालों से हफ्ता वसूलते हैं
    • कई जगह मनपा कर्मी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर मुफ्त फल-सब्ज़ी लेते हैं
    • प्रांतीयता और भाषा के आधार पर भी भेदभाव होता है

    इस सिस्टम में सबसे आसान शिकार हमेशा गरीब फेरीवाले ही बनते हैं।

    ❓ लाइसेंस क्यों नहीं?

    सबसे बड़ा सवाल यही है—
    अगर सरकार और मनपा चाहें तो फेरीवालों को लाइसेंस देकर “अवैध” शब्द खत्म किया जा सकता है।
    लेकिन ऐसा नहीं किया जाता, क्योंकि अवैध रहेंगे तो

    • हफ्ता वसूली चलेगी
    • दबाव बनाना आसान रहेगा
    • तोड़क कार्रवाई का डर बना रहेगा

    🏗️ अवैध इमारतें सुरक्षित, गरीब असुरक्षित

    मुंबई में हजारों इमारतें ऐसी हैं

    • जिनका नक्शा पास नहीं
    • जिनके पास NOC नहीं
    • जो सरकारी ज़मीन पर बनी हैं

    लेकिन उन पर बुलडोजर चलाने की हिम्मत कोई नहीं करता।
    वहीं गरीब फेरीवाले पर कार्रवाई सबसे आसान मानी जाती है।

    🏚️ झोपड़ी मुक्त आदेश की खुलेआम अवहेलना

    आरोप यह भी है कि

    • झोपड़ी मुक्त आदेश के बावजूद
    • लाखों रुपये के लेन-देन से
    • झोपड़ियां और कमर्शियल गाले बनवाए जाते हैं
    • और उन्हें संरक्षण दिया जाता है

    यह दोहरा रवैया गरीबों के खिलाफ व्यवस्था की सोच को उजागर करता है।

    ⚖️ नागरिक अधिकारों का सवाल

    गरीब फेरीवाले भी भारत के नागरिक हैं।
    राज्य का दायित्व लोगों को रुलाना नहीं, बल्कि रोजगार और आय के साधन देना है।
    संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार सिर्फ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर भी दिखने चाहिए।


    ❓ FAQ

    Q1. क्या पूरी मुंबई को नो-फेरीवाला जोन बनाया जाएगा?
    सूत्रों के अनुसार, ऐसी योजना पर काम चल रहा है, हालांकि आधिकारिक घोषणा बाकी है।

    Q2. कार्रवाई की शुरुआत कहां से होगी?
    पहले चरण में रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों से फेरीवालों को हटाया जाएगा।

    Q3. फेरीवालों को लाइसेंस क्यों नहीं दिया जाता?
    आरोप है कि सिस्टम में अवैध स्थिति बनाए रखना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद है।

    Q4. क्या यह कार्रवाई सभी अवैध निर्माणों पर होगी?
    जमीनी हकीकत में कार्रवाई ज़्यादातर गरीब फेरीवालों तक ही सीमित रहती है।

  • FDA को मिला फुल-टाइम आयुक्त, डूबे-पाटील से कड़े एक्शन की उम्मीद

    FDA को मिला फुल-टाइम आयुक्त, डूबे-पाटील से कड़े एक्शन की उम्मीद

    करीब तीन महीने बाद महाराष्ट्र FDA को स्थायी आयुक्त मिला। IAS अधिकारी श्रीधर डूबे-पाटील की फुल-टाइम नियुक्ति से प्रशासनिक मजबूती, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर सख्ती की उम्मीद बढ़ी।

    मुंबई: करीब तीन महीने तक प्रभारी व्यवस्था में चल रहे महाराष्ट्र खाद्य एवं औषध प्रशासन (FDA) को आखिरकार फुल-टाइम आयुक्त मिल गया है। राज्य सरकार ने IAS अधिकारी श्रीधर डूबे-पाटील को FDA का स्थायी आयुक्त नियुक्त किया है। अब तक वे प्रभारी आयुक्त की भूमिका निभा रहे थे। लंबे समय से नेतृत्व के अभाव में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे, ऐसे में इस नियुक्ति को प्रशासनिक सख़्ती, पारदर्शिता और सुधारों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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    🔹 तीन महीने बाद मिली स्थायी कमान

    पूर्व FDA आयुक्त राजेश नार्वेकर पिछले लगभग तीन महीनों से अवकाश पर थे। इस दौरान विभाग प्रभारी व्यवस्था के तहत चल रहा था। ऐसे में श्रीधर डूबे-पाटील को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, जो महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं।
    अब सरकार ने इसी अस्थायी व्यवस्था को खत्म करते हुए उन्हें फुल-टाइम आयुक्त बना दिया है।

    🔹 प्रभारी व्यवस्था से बिगड़ी प्रशासनिक रफ्तार

    प्रभारी आयुक्त के भरोसे चल रहे FDA में नीतिगत फैसलों, निरीक्षण और कार्रवाई की गति पर असर पड़ने की चर्चा लंबे समय से थी। सूत्रों के मुताबिक, इसी दौर में विभाग के भीतर बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले बढ़ गए थे।
    निगरानी ढीली पड़ने से शिकायतों की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई, जिससे आम जनता और व्यापारियों दोनों में नाराज़गी देखी गई।

    🔹 राजेश नार्वेकर की छुट्टी और उठते सवाल

    पूर्व आयुक्त राजेश नार्वेकर के लंबे अवकाश को लेकर प्रशासनिक गलियारों में कई सवाल उठते रहे। उनके अवकाश के पीछे अलग-अलग कारण बताए जाते हैं।
    सूत्रों का कहना है कि वे FDA के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज़ थे। एक ईमानदार अधिकारी की सराहना करना उन्हें महंगा पड़ गया, क्योंकि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने इसे तोड़-मरोड़कर विधानसभा तक पहुंचा दिया।

    🔹 भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें उजागर

    इस पूरे घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि FDA में कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की जड़ें कितनी गहरी हैं।
    इतना ही नहीं, FSO उत्तरेश्वर बड़े जैसे अधिकारियों को लेकर व्यापारियों द्वारा कई शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक उन पर जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। इससे विभाग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।

    🔹 श्रीधर डूबे-पाटील से क्यों हैं ज्यादा उम्मीदें

    श्रीधर डूबे-पाटील पहले ही प्रभारी आयुक्त के तौर पर FDA की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में विभाग की आंतरिक समस्याओं, अधिकारियों की भूमिका और सिस्टम की कमजोरियों से वे भली-भांति परिचित हैं।
    सरकारी हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि वे अपने कार्यकाल में—

    • FDA की प्रशासनिक पकड़ मजबूत करेंगे
    • भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे
    • खाद्य सुरक्षा और दवा नियंत्रण को प्रभावी बनाएंगे
    • जनहित से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस अपनाएंगे

    🔹 जनहित से जुड़ा अहम विभाग

    FDA ऐसा विभाग है जिसका सीधा संबंध आम जनता के स्वास्थ्य से है। मिलावटी खाद्य पदार्थ, नकली दवाएं और अवैध कारोबार पर लगाम लगाना इसकी मुख्य जिम्मेदारी है।
    ऐसे में फुल-टाइम आयुक्त की नियुक्ति से न सिर्फ प्रशासनिक स्थिरता आएगी, बल्कि भरोसा भी मजबूत होगा।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. महाराष्ट्र FDA के नए फुल-टाइम आयुक्त कौन बने हैं?
    👉 IAS अधिकारी श्रीधर डूबे-पाटील।

    Q2. FDA को फुल-टाइम आयुक्त मिलने में देरी क्यों हुई?
    👉 पूर्व आयुक्त राजेश नार्वेकर के लंबे अवकाश के कारण विभाग प्रभारी व्यवस्था में चल रहा था।

    Q3. नई नियुक्ति से क्या बदलाव उम्मीद की जा रही है?
    👉 भ्रष्टाचार पर सख्ती, तेज़ कार्रवाई और प्रशासनिक पारदर्शिता।

    Q4. किन अधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं?
    👉 FSO उत्तरेश्वर बड़े सहित कुछ अधिकारियों पर व्यापारियों ने शिकायतें की हैं।

  • कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में बिना रजिस्ट्रेशन लैब टेक्नीशियन, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

    कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में पांच लैब टेक्नीशियन बिना महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन के काम करते पाए गए. शिकायत के बाद MPC ने कार्रवाई के निर्देश दिए. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (शताब्दी अस्पताल) में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अस्पताल में कम से कम पांच लैब टेक्नीशियन ऐसे पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल (MPC) में रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसके बावजूद वे इमरजेंसी लैब में भी सेवाएं दे रहे थे. एक शिकायत के बाद MPC ने संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है.

    कैसे सामने आया पूरा मामला?

    यह मामला तब उजागर हुआ जब स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अधिवक्ता तुषार भोसले ने “आपले सरकार” पोर्टल के जरिए महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोप लगाया गया कि शताब्दी अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन वाले लैब टेक्नीशियन मरीजों के सैंपल, जांच और इमरजेंसी मामलों को संभाल रहे हैं, जो कानून और मरीजों की सुरक्षा—दोनों के खिलाफ है.

    शिकायत मिलने के बाद MPC ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

    MPC के निर्देश के बाद अस्पताल का आदेश

    पैरामेडिकल काउंसिल के निर्देश के बाद शताब्दी अस्पताल प्रशासन ने एक आंतरिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि सभी लैब टेक्नीशियन के लिए MPC रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.

    हालांकि, इस आदेश का विरोध अस्पताल के कुछ स्थायी और वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है, जो वर्षों से सेवा में हैं लेकिन जरूरी योग्यता और मान्यता प्राप्त डिग्री के अभाव में रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे.

    अस्पताल प्रशासन की दुविधा

    अस्पताल प्रशासन इस समय असमंजस में है. एक ओर कानून का पालन करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का भविष्य भी सवालों में है.

    इस मुद्दे पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कुल 18 लैब टेक्नीशियन कार्यरत हैं, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ भी शामिल है. इनमें से पांच टेक्नीशियन फिलहाल महाराष्ट्र पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड नहीं हैं.

    पांच टेक्नीशियन ने किया आवेदन, फिर भी अड़चन

    डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार,

    • सभी पांच टेक्नीशियन ने MPC रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है
    • प्रत्येक ने ₹2,000 की निर्धारित फीस जमा की है
    • आवेदन की रसीद भी उन्हें मिल चुकी है

    लेकिन समस्या यह है कि इनमें से कुछ के पास BSc माइक्रोबायोलॉजी की डिग्री है या वे ऐसे संस्थानों से पासआउट हैं, जो MPC की मान्यता सूची में शामिल नहीं हैं. इसी वजह से उनके रजिस्ट्रेशन पर अंतिम फैसला अटका हुआ है.

    DMLT अनिवार्य, कानून साफ

    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मुताबिक,
    ब्लड बैंक टेक्नीशियन और लैब टेक्नीशियन के लिए सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) अनिवार्य है.

    अतीत में कई भर्तियां इन नियमों को दरकिनार कर की गईं, जिसका खामियाजा अब कर्मचारियों और अस्पताल—दोनों को भुगतना पड़ रहा है.

    कानूनी चेतावनी: अपराध है बिना रजिस्ट्रेशन काम करना

    इस मामले पर शिकायतकर्ता अधिवक्ता तुषार भोसले ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:

    “कानून के मुताबिक लैब टेक्नीशियन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, भले ही इसके लिए उन्हें अब DMLT करना पड़े. बिना रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है. महाराष्ट्र स्टेट पैरामेडिकल एक्ट पूरे राज्य में लागू है, जिसमें BMC भी शामिल है. इस पर कोई भ्रम नहीं है.”

    उन्होंने बताया कि MPC ने इस बाबत BMC आयुक्त को भी अनिवार्य रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और CMS ने भी समर्थन में सर्कुलर जारी किया है.

    मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

    बिना रजिस्टर्ड टेक्नीशियन द्वारा इमरजेंसी लैब सेवाएं संभालना सीधे तौर पर मरीजों की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जरा-सी चूक भी गंभीर परिणाम ला सकती है.


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. शताब्दी अस्पताल में कितने लैब टेक्नीशियन बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए?
    👉 कुल पांच लैब टेक्नीशियन MPC में रजिस्टर्ड नहीं थे.

    Q2. क्या वे इमरजेंसी सेवाओं में काम कर रहे थे?
    👉 हां, आरोप है कि वे इमरजेंसी लैब में भी कार्यरत थे.

    Q3. लैब टेक्नीशियन के लिए कौन-सी योग्यता जरूरी है?
    👉 सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त DMLT अनिवार्य है.

    Q4. क्या बिना रजिस्ट्रेशन काम करना अपराध है?
    👉 हां, यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है.

    Q5. अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    👉 MPC के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और सभी पांच टेक्नीशियन ने आवेदन किया है.

  • कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली में मुंबई का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट, 53 सोसाइटी होंगी शामिल

    कांदिवली पश्चिम के एकतानगर में 12 एकड़ में फैले छत्रपती शिवाजी राजे संकुल का समूह पुनर्विकास प्रस्तावित है। 53 हाउसिंग सोसाइटी, 3,488 परिवारों को नए घर और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में शहर का अब तक का सबसे बड़ा क्लस्टर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट आकार ले रहा है। एकतानगर के छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में मौजूद 53 गृहनिर्माण संस्थाओं का एक साथ पुनर्विकास प्रस्तावित है। करीब 12 एकड़ में फैले इस संकुल में 3,488 परिवार रहते हैं, जिन्हें इस परियोजना के जरिए बड़े, सुरक्षित और आधुनिक घर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

    🏙️ क्या है कांदिवली का यह मेगा क्लस्टर रिडेवलपमेंट?

    क्लस्टर रिडेवलपमेंट यानी कई हाउसिंग सोसाइटी एक साथ मिलकर पुनर्विकास करना। इससे:

    • बेहतर प्लानिंग
    • ज्यादा खुली जगह
    • चौड़ी सड़कें
    • आधुनिक सुविधाएं
    • और मजबूत इमारतें

    उपलब्ध कराई जा सकती हैं। कांदिवली में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट इसी मॉडल पर आधारित है।

    📍 छत्रपती शिवाजी राजे संकुल: 12 एकड़ में बसा बड़ा आवासीय परिसर

    यह संकुल साल 2000 में MHADA के भूखंड पर बसाया गया था। इसमें:

    • कुल 53 हाउसिंग सोसाइटी
    • लगभग 3,488 छोटे फ्लैट (करीब 220 स्क्वायर फीट)
    • करीब 26 साल पुरानी इमारतें

    मौजूद हैं, जो अब काफी हद तक जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।

    🚧 जर्जर इमारतें और संकरी सड़कें बनीं बड़ी समस्या

    स्थानीय निवासियों के मुताबिक:

    • इमारतों की उम्र 25 साल से ज्यादा हो चुकी है
    • कई जगह सीपेज और स्ट्रक्चरल दिक्कतें हैं
    • आंतरिक सड़कें बेहद संकरी हैं
    • पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है

    इन्हीं कारणों से लंबे समय से पुनर्विकास की मांग की जा रही थी।

    🤝 53 में से 34 सोसाइटी ने दी सहमति

    अब तक:

    • 34 गृहनिर्माण संस्थाओं ने पुनर्विकास को मंजूरी दे दी है
    • 19 सोसाइटी अभी विचार-विमर्श की स्थिति में हैं

    जैसे-जैसे सहमति का आंकड़ा बढ़ेगा, प्रोजेक्ट को और रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

    🏠 हर परिवार को मिलेगा 610 स्क्वायर फीट का नया घर

    प्रस्तावित योजना के मुताबिक:

    • हर सदस्य को 610 स्क्वायर फीट का फ्लैट
    • आधुनिक लेआउट और सुविधाएं
    • लिफ्ट, पार्किंग, गार्डन और कॉमन एरिया

    उपलब्ध होंगे, जो मौजूदा घरों से लगभग तीन गुना बड़े होंगे।

    💰 भाड़ा और कॉर्पस फंड का पूरा गणित

    पुनर्विकास की अवधि में:

    • पहले साल: ₹25,000 प्रति माह भाड़ा
    • दूसरे साल: ₹27,000 प्रति माह
    • तीसरे साल: ₹30,000 प्रति माह

    इसके अलावा:

    • ₹2.25 लाख कॉर्पस फंड
    • हर एक फ्लैट मालिक को दिया जाएगा

    🏗️ डेवलपर को भी मिलेगा बिक्री का अधिकार

    इस प्रोजेक्ट में:

    • जितनी सदनिका निवासियों को मिलेंगी
    • उतनी ही यानी 3,488 फ्लैट्स
    • डेवलपर को ओपन मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी

    जिससे प्रोजेक्ट की आर्थिक व्यवहार्यता सुनिश्चित होगी।

    🏢 मुंबई में क्लस्टर रिडेवलपमेंट का बढ़ता चलन

    MHADA और निजी डेवलपर्स द्वारा:

    • मोतीलाल नगर
    • अभ्युदयनगर
    • आदर्शनगर
    • बांद्रा रिक्लेमेशन
    • GTB नगर
    • कामाठीपुरा

    जैसे इलाकों में भी क्लस्टर रिडेवलपमेंट पर काम चल रहा है।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. यह क्लस्टर रिडेवलपमेंट कहां हो रहा है?
    ➡️ कांदिवली स्थित छत्रपती शिवाजी राजे संकुल में।

    Q2. कुल कितनी सोसाइटी शामिल हैं?
    ➡️ 53 गृहनिर्माण संस्थाएं।

    Q3. हर परिवार को कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?
    ➡️ 610 स्क्वायर फीट का नया फ्लैट।

    Q4. पुनर्विकास के दौरान रहने का क्या इंतजाम होगा?
    ➡️ डेवलपर द्वारा मासिक भाड़ा दिया जाएगा।

    Q5. कॉर्पस फंड कितना मिलेगा?
    ➡️ ₹2.25 लाख प्रति सदनिका।

  • Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    Vidyavihar Flyover Update: 25 जून 2026 तक पूरा होगा विद्याविहार उड्डाणपुल

    BMC ने विद्याविहार फ्लाईओवर का काम 25 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने मौके पर निरीक्षण कर मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे करने के निर्देश दिए।

    मुंबई: विद्याविहार में पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित विद्याविहार रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस परियोजना को 25 जून 2026 तक पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है। इस संबंध में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को साफ निर्देश दिए कि मानसून से पहले सभी जरूरी काम पूरे किए जाएं।

    Vidyavihar Flyover क्यों है इतना अहम?

    विद्याविहार और घाटकोपर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए यह फ्लाईओवर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
    यह उड्डाणपुल—

    • पूर्व में रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग
    • पश्चिम में लालबहादुर शास्त्री मार्ग (LBS रोड)

    को सीधे जोड़ता है।
    अभी रेलवे फाटक और वैकल्पिक रास्तों के कारण लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद पूर्व-पश्चिम यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।

    कब तक पूरा होगा काम? BMC का स्पष्ट टाइमलाइन

    BMC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार—

    • पूर्वी हिस्से का सारा काम: 28 फरवरी 2026 तक
    • मानसून से पहले जरूरी काम: 31 मई 2026 तक
    • पूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन: 25 जून 2026 तक

    अभिजीत बांगर ने कहा कि मानसून को देखते हुए स्ट्रक्चरल और जरूरी काम पहले पूरे किए जाएं और बाद में फिनिशिंग की जाए।

    फ्लाईओवर की पूरी डिटेल: लंबाई से लेकर लेन तक

    यह फ्लाईओवर कुल 650 मीटर लंबा है और इसमें—

    • रेलवे लाइनों पर बना 100 मीटर का मुख्य पुल
    • पूर्व दिशा में 220 मीटर का अप्रोच रोड
    • पश्चिम दिशा में 330 मीटर का अप्रोच रोड

    शामिल है।
    यह दो लेन का फ्लाईओवर होगा, जिससे ट्रैफिक स्मूद तरीके से चल सकेगा।

    रेलवे स्टेशन से सीधा कनेक्शन भी मिलेगा

    इस परियोजना की एक खास बात यह है कि—

    • फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पैदल पहुंच
    • दोनों ओर नए टिकट काउंटर,
    • स्टेशन मास्टर ऑफिस
    • और नई सीढ़ियों (सीढ़ी मार्ग) का निर्माण

    भी किया गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।

    पश्चिमी हिस्से में काम बना चुनौती

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर के पश्चिमी हिस्से में—

    • अब तक 6 पिलर तैयार हो चुके हैं
    • अभी 4 पिलर, स्पैन और अप्रोच रोड का काम बाकी है

    यहां सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक डाइवर्जन और
    प्रभावित रिहायशी व व्यावसायिक निर्माणों को हटाना है।

    अभिजीत बांगर ने निर्देश दिए कि पहले सड़क चौड़ीकरण और रियलाइन्मेंट पूरा किया जाए, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।

    मानसून से पहले क्यों है इतनी जल्दी?

    मुंबई में बारिश के दौरान—

    • कंस्ट्रक्शन स्लो हो जाता है
    • सेफ्टी रिस्क बढ़ जाता है
    • ट्रैफिक और ज्यादा बिगड़ता है

    इसी वजह से BMC चाहती है कि 31 मई 2026 तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि मानसून में परेशानी न हो।

    अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    निरीक्षण के दौरान अभिजीत बांगर ने साफ कहा—

    “किसी भी हालत में 25 जून 2026 तक फ्लाईओवर पूरा कर ट्रैफिक के लिए खोला जाए।”

    इस मौके पर मुख्य अभियंता (पुल) उत्तम श्रोते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    विद्याविहार फ्लाईओवर मुंबई के पूर्व-पश्चिम ट्रैफिक के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अगर तय समयसीमा में काम पूरा होता है, तो घाटकोपर-विद्याविहार इलाके में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


    FAQ – Vidyavihar Flyover

    Q1. विद्याविहार फ्लाईओवर कब तक पूरा होगा?
    ➡️ BMC के अनुसार 25 जून 2026 तक।

    Q2. फ्लाईओवर की कुल लंबाई कितनी है?
    ➡️ लगभग 650 मीटर।

    Q3. यह फ्लाईओवर किन सड़कों को जोड़ता है?
    ➡️ रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और LBS रोड।

    Q4. मानसून से पहले क्या काम पूरे होंगे?
    ➡️ सभी जरूरी स्ट्रक्चरल काम 31 मई 2026 तक।