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  • BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    BMC चुनाव 2025: 50 हजार कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए BMC प्रशासन पूरी तरह तैयार

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2025-26 को लेकर BMC प्रशासन ने करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की पूरी तैयारी कर ली है। 29 दिसंबर से 7 जगहों पर शुरू होंगे ट्रेनिंग सेशन, जानिए पूरी डिटेल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए महानगरपालिका प्रशासन ने कमर कस ली है। चुनाव में शामिल होने वाले करीब 50 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है। यह प्रशिक्षण सत्र सोमवार, 29 दिसंबर 2025 से शुरू होंगे और मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए 7 प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों पर आयोजित किए जाएंगे।

    निष्पक्ष चुनाव के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम

    BMC चुनाव 2025-26 की प्रक्रिया में किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए महानगरपालिका प्रशासन ने पहले से ही गहन तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षित स्टाफ ही निष्पक्ष चुनाव की सबसे बड़ी ताकत होता है। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद व्यवस्थित और चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है।

    मास्टर ट्रेनर सिस्टम से होगा प्रशिक्षण

    इस बार चुनाव प्रशिक्षण में “मास्टर ट्रेनर सिस्टम” अपनाया गया है।
    चुनाव का लंबा अनुभव रखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया है। ये मास्टर ट्रेनर आगे मतदान केंद्राध्यक्ष (PRO), सहायक मतदान केंद्राध्यक्ष (APRO), मतदान अधिकारी (PO) और अन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे।
    इसका मकसद है—हर स्तर पर चुनाव प्रक्रिया की पूरी और एक जैसी समझ बनाना।

    7 अलग-अलग जगहों पर होंगे ट्रेनिंग सेशन

    BMC प्रशासन ने मुंबई के अलग-अलग परिमंडलों में 7 प्रशिक्षण केंद्र तय किए हैं, ताकि कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र के पास ही ट्रेनिंग मिल सके। ये केंद्र हैं:

    • अण्णाभाऊ साठे सभागृह, भायखला
    • न. म. जोशी मार्ग महानगरपालिका शाळा, करी रोड (लोअर परेल)
    • लोकमान्य टिळक महानगरपालिका सर्वसाधारण रुग्णालय सभागृह, शीव (पूर्व)
    • बालगंधर्व सभागृह, लिंक रोड, बांद्रा (पश्चिम)
    • मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह, विलेपार्ले
    • महाकवि कालिदास नाट्यगृह, मुलुंड (पश्चिम)
    • प्रबोधनकार केशव सीताराम ठाकरे नाट्यगृह, बोरीवली (पश्चिम)

    कब तक चलेगा प्रशिक्षण?

    प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा:

    • 29 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026
    • 5 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026

    इन दिनों में हजारों कर्मचारियों को अलग-अलग बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया जाएगा?

    प्रशिक्षण सत्रों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर अहम बात को शामिल किया गया है, जैसे:

    • आदर्श आचार संहिता का पालन
    • मतदान केंद्र का प्रबंधन
    • मतदान की पूरी प्रक्रिया
    • मतगणना की प्रक्रिया
    • कानून और व्यवस्था बनाए रखना
    • शिकायत निवारण की प्रक्रिया

    साथ ही, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों और नियमों का सख्ती से पालन कैसे करना है, इस पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    मॉक पोल और EVM की पूरी जानकारी

    सहायक आयुक्त गजानन बेल्लाळे ने बताया कि प्रशिक्षण में कंप्यूटर प्रेजेंटेशन के जरिए मतदान वाले दिन की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझाया जाएगा।
    मॉक पोल कैसे लिया जाता है, उसकी एंट्री कैसे होती है और मॉक पोल के बाद मतदान मशीन (EVM) को सील करने की प्रक्रिया—इन सब बातों पर खास फोकस रहेगा।

    वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में समीक्षा बैठक

    28 दिसंबर 2025 को आयोजित समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:

    • सह आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार
    • अतिरिक्त जिल्हाधिकारी (कोकण) फरोग मुकादम
    • उप जिल्हाधिकारी अंजली भोसले
    • 23 रिटर्निंग ऑफिसर (RO)
    • परिमंडल उप आयुक्त (DMC) और सहायक आयुक्त (AC)

    शामिल थे।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव के लिए कितने कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है?
    करीब 50 हजार अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    Q2. ट्रेनिंग कब से शुरू होगी?
    29 दिसंबर 2025 से प्रशिक्षण सत्र शुरू होंगे।

    Q3. ट्रेनिंग कहां-कहां होगी?
    मुंबई में 7 अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी।

    Q4. ट्रेनिंग में किन विषयों पर जोर रहेगा?
    मतदान प्रक्रिया, मॉक पोल, मतगणना, आचार संहिता और शिकायत निवारण पर।

  • BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    BMC चुनाव 2025-26: चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 दाखल

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2025-26 में नामांकन प्रक्रिया तेज। चौथे दिन 1,294 नामांकन अर्जों का वितरण, अब तक कुल 10,343 अर्ज वितरित और 44 नामांकन दाखल।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सार्वत्रिक चुनाव 2025-26 की नामांकन प्रक्रिया लगातार रफ्तार पकड़ रही है। शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को शहर के 23 निर्वाचन निर्णय अधिकारी (RO) कार्यालयों से कुल 1,294 नामांकन अर्ज वितरित किए गए, जबकि 35 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखल किए। इसके साथ ही अब तक कुल 10,343 नामांकन अर्ज वितरित हो चुके हैं और 44 नामांकन पत्र जमा किए जा चुके हैं।

    नामांकन वितरण की प्रक्रिया जारी

    राज्य चुनाव आयोग, महाराष्ट्र द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 से नामांकन अर्जों का वितरण शुरू हुआ है। नामांकन दाखल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस दौरान उम्मीदवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक अपने नामांकन पत्र जमा कर सकते हैं।

    अब तक कितने अर्ज वितरित हुए?

    चुनाव विभाग से मिली जानकारी के अनुसार:

    • 23 दिसंबर 2025: 4,165 नामांकन अर्ज वितरित
    • 24 दिसंबर 2025: 2,844 नामांकन अर्ज वितरित
    • 26 दिसंबर 2025: 2,040 नामांकन अर्ज वितरित, 9 नामांकन दाखल
    • 27 दिसंबर 2025: 1,294 नामांकन अर्ज वितरित, 35 नामांकन दाखल

    👉 कुल: 10,343 अर्ज वितरित | 44 नामांकन पत्र दाखल

    BMC विभागवार स्थिति: कहां कितने अर्ज?

    शनिवार को विभिन्न प्रभागों में नामांकन अर्ज वितरण और प्राप्ति की स्थिति इस प्रकार रही:

    • ए+बी+ई विभाग (RO-23): 64 वितरित / 3 प्राप्त
    • सी+डी विभाग (RO-22): 72 / 9 प्राप्त
    • एफ दक्षिण (RO-21): 46 / 3 प्राप्त
    • जी दक्षिण (RO-20): 31 / 1 प्राप्त
    • जी उत्तर (RO-19): 44 / 2 प्राप्त
    • एफ उत्तर (RO-18): 47 वितरित
    • एल विभाग (RO-17): 50 वितरित
    • एल विभाग (RO-16): 53 / 2 प्राप्त
    • एम पूर्व (RO-15): 69 / 5 प्राप्त
    • एम पूर्व+एम पश्चिम (RO-14): 81 / 1 प्राप्त
    • एन विभाग (RO-13): 28 / 2 प्राप्त
    • एस विभाग (RO-12): 53 / 2 प्राप्त
    • टी विभाग (RO-11): 77 / 2 प्राप्त
    • एच पूर्व (RO-10): 61 वितरित
    • के पूर्व+एच पश्चिम (RO-9): 68 वितरित
    • के पश्चिम+के पूर्व (RO-8): 116 / 2 प्राप्त
    • के पश्चिम (RO-7): 69 वितरित
    • पी दक्षिण (RO-6): 49 / 1 प्राप्त
    • पी पूर्व (RO-5): 90 वितरित
    • पी उत्तर (RO-4): 14 वितरित
    • आर दक्षिण (RO-3): 44 वितरित
    • आर मध्य (RO-2): 33 वितरित
    • आर उत्तर (RO-1): 35 वितरित

    👉 कुल: 1,294 वितरित | 35 प्राप्त

    आने वाले दिनों में बढ़ेगी रफ्तार

    चुनाव अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे अंतिम तारीख नजदीक आएगी, नामांकन दाखल करने वालों की संख्या में तेजी आएगी। राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. BMC चुनाव 2025-26 के लिए नामांकन कब तक किए जा सकते हैं?
    ➡️ 30 दिसंबर 2025 तक।

    Q2. नामांकन दाखल करने का समय क्या है?
    ➡️ सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

    Q3. अब तक कितने नामांकन पत्र जमा हुए हैं?
    ➡️ कुल 44 नामांकन पत्र दाखल हुए हैं।

    Q4. सबसे ज्यादा नामांकन अर्ज किस दिन वितरित हुए?
    ➡️ 23 दिसंबर 2025 को 4,165 अर्ज वितरित हुए।

    Q5. क्या अभी और नामांकन की उम्मीद है?
    ➡️ हां, अंतिम दिनों में संख्या बढ़ने की संभावना है।

  • बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    बोरीवली–कांदिवली सेक्शन पर असर: वेस्टर्न रेलवे की 30 दिन की ब्लॉक, रोज़ 70–80 लोकल ट्रेनें रद्द

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर। बोरीवली–कांदिवली के बीच छठी रेलवे लाइन के काम के चलते 21 दिसंबर से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक लगाया गया है। इस दौरान रोज़ 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी, कई ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली वेस्टर्न रेलवे लोकल से रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों को अगले एक महीने तक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में प्रस्तावित छठी रेलवे लाइन के काम के चलते वेस्टर्न रेलवे ने 30 दिनों का मेगा नाइट ब्लॉक लगाया है। इस दौरान रोज़ाना 70 से 80 लोकल ट्रेनें रद्द, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा।

    कब से कब तक रहेगा ब्लॉक

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह ब्लॉक 20–21 दिसंबर की रात से शुरू होकर 18 जनवरी 2026 तक चलेगा।
    ब्लॉक मुख्य रूप से रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा, ताकि दिन के पीक आवर्स में कम से कम असर पड़े।

    कितनी लोकल ट्रेनें होंगी प्रभावित

    • 21 से 25 दिसंबर के बीच रोज़ 94 लोकल सेवाएं (अप और डाउन मिलाकर) प्रभावित होंगी
    • 26 दिसंबर को 87 लोकल ट्रेनें प्रभावित रहेंगी
    • शुरुआती रात 20/21 दिसंबर को सिर्फ 7 ट्रेनें प्रभावित हुई थीं
    • कुल मिलाकर रोज़ाना 35–40 अप और 35–40 डाउन लोकल ट्रेनें रद्द होने की संभावना

    इसके अलावा, करीब 100 से ज्यादा मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें भी अलग-अलग तरह से प्रभावित होंगी।

    छठी रेलवे लाइन का काम क्यों जरूरी

    वेस्टर्न रेलवे के अनुसार, बोरीवली–कांदिवली सेक्शन में:

    • ट्रैक का री-अलाइनमेंट
    • कई क्रॉसओवर लगाने और हटाने
    • सिग्नलिंग सिस्टम, इंजीनियरिंग वर्क
    • ओवरहेड इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पांचवीं लाइन (STA लाइन) को नई छठी लाइन से जोड़ने के लिए अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है।

    किन लाइनों पर क्या बदलाव

    • बोरीवली–कांदिवली के बीच पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनें बंद
    • मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें फास्ट लाइन से चलाई जाएंगी
    • अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू
    • कुछ लोकल ट्रेनें बोरीवली पर नहीं रुकेंगी, बल्कि अंधेरी या वसई रोड पर स्टॉप देंगी

    यात्रियों के लिए रेलवे की अपील

    वेस्टर्न रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि यात्रियों की असुविधा कम करने की कोशिश की जा रही है, खासकर 31 दिसंबर और नए साल के दौरान, जब यात्रियों की संख्या बढ़ती है।
    यात्रियों को सलाह दी गई है कि:

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल देखें
    • स्टेशन अनाउंसमेंट पर ध्यान दें
    • रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया अपडेट चेक करें

    भविष्य में क्या फायदा होगा

    रेलवे अधिकारियों और यात्री संगठनों का मानना है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बड़ा फायदा देगी।
    नेशनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य सुभाष गुप्ता ने कहा,
    “कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। भविष्य में ज्यादा लोकल ट्रेनें चलेंगी, इसलिए यह काम जरूरी है।”

    क्यों अहम है छठी रेलवे लाइन

    • लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों का अलग-अलग संचालन
    • फास्ट कॉरिडोर पर भीड़ में कमी
    • लोकल ट्रेनों की पंक्चुअलिटी बेहतर
    • भविष्य में 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ने की संभावना

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बोरीवली–कांदिवली ब्लॉक कब तक रहेगा?
    👉 20/21 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. रोज़ कितनी लोकल ट्रेनें रद्द होंगी?
    👉 लगभग 70–80 लोकल ट्रेनें रोज़ाना।

    Q3. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q4. क्या दिन में भी असर पड़ेगा?
    👉 मुख्य असर रात में है, लेकिन दिन में भीड़ और देरी संभव है।

    Q5. यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 छठी रेलवे लाइन को पूरा करने और भविष्य में भीड़ कम करने के लिए।

  • कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर 30 दिन का मेगा ब्लॉक, आज से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें होंगी प्रभावित

    मुंबई वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी लाइन के काम के लिए 20 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का नाइट ब्लॉक रहेगा। कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के समय व स्टॉपेज में बदलाव होगा।

    मुंबई: लोकल रेल यात्रियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। वेस्टर्न रेलवे के कांदिवली–बोरीवली सेक्शन पर छठी रेलवे लाइन के काम को पूरा करने के लिए 20 दिसंबर 2025 यानी आज की रात से 18 जनवरी 2026 तक 30 दिन का ब्लॉक लगाया जाएगा। यह ब्लॉक रोज़ाना रात 11 बजे से सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। इस दौरान कई लोकल, पैसेंजर और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें रीशेड्यूल, रेगुलेट, शॉर्ट टर्मिनेट या कैंसिल की जाएंगी।

    🚧 क्यों लगाया जा रहा है 30 दिन का ब्लॉक?

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक,
    कांदिवली और बोरीवली के बीच छठी लाइन को पूरी तरह चालू करने के लिए

    • ट्रैक स्लीविंग
    • क्रॉसओवर का इंसर्शन और रिमूवल
    • सिग्नलिंग
    • ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE)
      जैसे बड़े तकनीकी काम किए जाएंगे।

    👉 इसी वजह से रात के समय मेगा ब्लॉक जरूरी बताया गया है।

    🚆 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों पर क्या असर पड़ेगा?

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    रेलवे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:

    • 8 अप (Up) ट्रेनें और 10 डाउन (Down) ट्रेनें रीशेड्यूल होंगी
    • 112 अप ट्रेनें और 9 डाउन ट्रेनें रेगुलेट की जाएंगी
    • 1 ट्रेन रद्द रहेगी
    • 2 डाउन ट्रेनें बीच के स्टेशन से शॉर्ट ओरिजिनेट होंगी
    • कुछ ट्रेनें बोरीवली स्टेशन पर नहीं रुकेंगी

    इसके अलावा,
    👉 पांचवीं लाइन पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा
    👉 अन्य लाइनों पर स्पीड रिस्ट्रिक्शन लागू किया जाएगा

    🛤️ छठी लाइन का अब तक का सफर

    • पांचवीं लाइन: बांद्रा टर्मिनस–बोरीवली (पहले ही चालू)
    • छठी लाइन:
    • नवंबर 2022: गोरेगांव तक चालू
    • अक्टूबर 2023: कांदिवली तक एक्सटेंड
    • फिलहाल: बांद्रा टर्मिनस–कांदिवली के बीच चालू

    इस छठी लाइन पर अभी रोज़ाना करीब 20 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

    अब कांदिवली–बोरीवली सेक्शन का काम पूरा होते ही यह लाइन पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगी।

    🎯 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग होने का सपना होगा पूरा

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक छठी लाइन पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।

    इसके बाद:

    • बांद्रा से बोरीवली के बीच
    • मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें लोकल लाइनों पर नहीं चलेंगी

    इससे वेस्टर्न रेलवे पर भीड़ और देरी दोनों में कमी आएगी।

    ✅ छठी लाइन के बड़े फायदे

    🔹 1. भीड़ में कमी

    एक अतिरिक्त ट्रैक मिलने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा, खासकर वेस्टर्न लाइन के व्यस्त सेक्शन में।

    🔹 2. एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग रास्ता

    मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें अलग लाइन पर चलेंगी, जिससे लोकल ट्रेनों को राहत मिलेगी।

    🔹 3. टाइम पर ट्रेनें

    लोकल और एक्सप्रेस के अलग होने से देरी कम होगी और पंक्चुअलिटी सुधरेगी।

    🔹 4. भविष्य में ज्यादा लोकल सेवाएं

    रेलवे भविष्य में करीब 20% तक लोकल सेवाएं बढ़ाने की संभावना जता रहा है।

    🔹 5. कुल क्षमता में इजाफा

    बोरीवली से बांद्रा कॉरिडोर की कुल यात्री क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

    ⚠️ यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह

    रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि

    • सफर से पहले अपडेटेड टाइमटेबल जरूर देखें
    • मोबाइल ऐप और रेलवे की वेबसाइट से जानकारी लें
    • रात के समय यात्रा करते वक्त अतिरिक्त समय रखें

    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली–बोरीवली ब्लॉक कब से कब तक है?
    👉 20 दिसंबर 2025 की रात से 18 जनवरी 2026 तक।

    Q2. ब्लॉक किस समय रहेगा?
    👉 रोज़ रात 11:00 बजे से सुबह 4:30 बजे तक।

    Q3. क्या दिन की लोकल सेवाएं प्रभावित होंगी?
    👉 मुख्य रूप से रात की सेवाएं प्रभावित होंगी, लेकिन कुछ ट्रेनों के समय और स्टॉपेज बदल सकते हैं।

    Q4. छठी लाइन कब तक चालू होगी?
    👉 जनवरी 2026 के आखिर तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।

  • 2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    2025 में खरीदा कार लेकिन 2023 का कैसे मिला चालान? मुंबई के ई-चालान सिस्टम पर सवाल

    मुंबई के कांदीवली निवासी को 2025 में खरीदी कार पर 2023 का हेलमेट चालान मिला। इस अजीब मामले ने ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर किया।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में ई-चालान सिस्टम की एक चौंकाने वाली गलती सामने आई है। कांदीवली के रहने वाले एक स्कूल प्रिंसिपल को ऐसी कार पर हेलमेट न पहनने का चालान भेजा गया, जो उन्होंने चालान काटने के करीब दो साल बाद शो रूम से नई कार खरीदी की थी। मामला सामने आने के बाद अब ट्रैफिक पुलिस के डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    कार खरीदी 2025 में, चालान आया 2023 का

    कांदीवली निवासी राजेश यादव, जो पेशे से स्कूल प्रिंसिपल हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने महिंद्रा XUV कार 14 फरवरी 2025 को खरीदी थी। लेकिन अक्टूबर 2025 में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

    जब उन्होंने चालान की जानकारी खोली, तो हैरान रह गए। चालान की तारीख थी 5 जून 2023, यानी उस वक्त उनकी कार अस्तित्व में ही नहीं थी।

    Why-did-I-buy-a-car-in-2025-but-get-an-invoice-for-2023-Questions-about-Mumbai-e-challan-system-kandivali

    हेलमेट चालान और फोटो में दिखी बाइक

    राजेश यादव ने बताया कि चालान में लिखा था कि हेलमेट नहीं पहनने का अपराध किया गया है। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा,
    “एक पल के लिए मुझे लगा कि शायद अब कार चलाने वालों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा।”

    लेकिन जब उन्होंने चालान के साथ अटैच की गई तस्वीर देखी, तो उसमें साफ तौर पर दो लोगों की बाइक नजर आ रही थी, जिनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। तस्वीर में दिख रहा वाहन उनकी कार से बिल्कुल अलग था।

    स्पीडिंग चालान सही थे, लेकिन ये मामला अलग

    यादव ने बताया कि अगस्त 2025 में वह अपनी मां को कोस्टल रोड के रास्ते बॉम्बे हॉस्पिटल ले जा रहे थे। उस दौरान उन्हें ओवरस्पीडिंग के दो चालान मिले थे, जिन्हें उन्होंने बिना किसी विवाद के तुरंत भर दिया।

    लेकिन अक्टूबर में आया यह हेलमेट चालान न सिर्फ गलत था, बल्कि कार के रजिस्ट्रेशन से पहले का था, इसलिए उन्होंने इसे भरने से इनकार कर दिया।

    ट्रैफिक विभाग ने माना “मानवीय गलती”

    ट्रैफिक विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह चालान असल में एक दोपहिया वाहन चालक के खिलाफ जारी किया गया था।
    वाहन नंबर में समानता होने की वजह से यह चालान गलती से राजेश यादव के मोबाइल नंबर पर चला गया।

    अधिकारी के मुताबिक,
    “यह मानवीय त्रुटि है। वाहन मालिक MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द करवा सकता है।”

    ई-चालान सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद नागरिकों का कहना है कि कम से कम चालान भेजने से पहले यह तो जांच होनी चाहिए कि वाहन दोपहिया है या चारपहिया। बिना बुनियादी जांच के भेजे जा रहे चालान आम लोगों को मानसिक परेशानी और समय की बर्बादी का कारण बन रहे हैं।

    Timeline: पूरा मामला एक नज़र में

    • 📅 कथित अपराध की तारीख: 5 जून 2023
    • 🚗 कार खरीदने की तारीख: 14 फरवरी 2025
    • 📲 चालान मिलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2025

    FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1: क्या कार पर हेलमेट चालान लगाया जा सकता है?
    👉 नहीं, हेलमेट चालान केवल दोपहिया वाहनों पर लागू होता है।

    Q2: इस मामले में गलती किसकी थी?
    👉 ट्रैफिक विभाग के अनुसार, यह मानवीय गलती और नंबर मैचिंग की वजह से हुआ।

    Q3: गलत चालान मिलने पर क्या करें?
    👉 MTP ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर चालान रद्द कराया जा सकता है।

    Q4: क्या चालान भरना जरूरी है?
    👉 नहीं, अगर चालान गलत है तो पहले स्पष्टीकरण लें।

  • BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC का हेल्थ चॅटबॉट लॉन्च, मुंबईकरों को मिलेगी डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा

    BMC ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की। पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों लोकार्पण। अब मुंबईकरों को स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी एक ही नंबर पर।

    मुंबई: स्वास्थ्य सेवाओं को और आसान व डिजिटल बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी ने नागरिकों के लिए हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की है, जिसका लोकार्पण राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी व सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिले के पालकमंत्री आशिष शेलार के हाथों किया गया। इस चॅटबॉट के जरिए अब नागरिक घर बैठे स्वास्थ्य से जुड़ी अहम जानकारी और सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।

    डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बीएमसी का कदम

    BMC लगातार अपने कामकाज में तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर रही है। इसी डिजिटल पहल के तहत हेल्थ चॅटबॉट सेवा शुरू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों तक सुविधाएं तेजी से पहुंच सकें।
    बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने यह डिजिटल सुविधा तैयार की है।

    क्या है BMC हेल्थ चॅटबॉट?

    बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट नागरिकों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने वाला एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
    इसके लिए 9892993368 नंबर उपलब्ध कराया गया है, जिस पर व्हाट्सऐप या चैट के माध्यम से जानकारी ली जा सकती है।

    इन सुविधाओं की मिलेगी जानकारी

    हेल्थ चॅटबॉट के माध्यम से नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी मिलेगी, जैसे—

    • बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता
    • बीएमसी की स्वास्थ्य योजनाएं और अभियान
    • नजदीकी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र
    • स्वास्थ्य केंद्र में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट
    • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और लाइसेंस की प्रक्रिया
    • जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र
    • विवाह पंजीकरण
    • दिव्यांग प्रमाणपत्र
    • प्रसूतिगृह और स्वास्थ्य परवाने से जुड़ी जानकारी

    ऑनलाइन पंजीकरण से बचेगा समय

    इस चॅटबॉट के जरिए नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इससे लंबी कतारों से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। आपातकालीन स्थिति में यह सुविधा निर्णय लेने में भी मददगार साबित होगी।

    राज्य और केंद्र की योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी

    आने वाले समय में इस चॅटबॉट के जरिए राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
    इसके साथ ही बीएमसी जल्द ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग वेबसाइट और OPD व बेड उपलब्धता डैशबोर्ड भी शुरू करने जा रही है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी हेल्थ चॅटबॉट का नंबर क्या है?
    9892993368

    Q2. इस चॅटबॉट से क्या जानकारी मिलेगी?
    स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल जानकारी, प्रमाणपत्र, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और योजनाओं की जानकारी।

    Q3. क्या यह सेवा मुफ्त है?
    हां, यह सेवा नागरिकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क है।

    Q4. इसका फायदा किसे होगा?
    मुंबई के सभी नागरिकों को।

  • योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    योग के ज़रिये सेवा की मिसाल: डॉ. बिजय महाराणा को राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ और ‘मिशन टू सक्सेस’ पुस्तक के लेखक डॉ. बिजयकुमार महाराणा को गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा और सामाजिक सेवा के लिए वर्ष 2025 का राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान नई दिल्ली में प्रदान किया गया।

    नई दिल्ली: गरीब और जरूरतमंद कैंसर रोगियों के लिए निःशुल्क योग चिकित्सा और जागरूकता फैलाने वाले जाने-माने अंतरराष्ट्रीय योग विशेषज्ञ डॉ. बिजयकुमार महाराणा को वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” प्रदान किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में दिया गया। गृह कल्याण केंद्र के माध्यम से किए जा रहे उनके परोपकारी योग कार्यों को देशभर में सराहना मिली है।

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    भव्य सम्मान समारोह

    यह प्रतिष्ठित सम्मान गृह कल्याण केंद्र द्वारा प्रदान किया गया, जो भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के तत्वावधान में कार्यरत एक पंजीकृत संस्था है। समारोह में देशभर से सामाजिक, चिकित्सा और योग क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    ओडिशा के गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर

    ओडिशा के क्योंझर जिले के खलियामेंटा गांव से आने वाले डॉ. बिजयकुमार महाराणा वर्तमान में गृह कल्याण केंद्र (जी.के.के.) में योग प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।

    100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान

    मुंबई स्थित गृह कल्याण केंद्र के प्रभारी जे. एम. सिंह ने बताया कि डॉ. महाराणा को योग गतिविधियों के संचालन और सामाजिक सेवा के लिए अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार व सम्मान मिल चुके हैं।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान गृह कल्याण केंद्र से जुड़े सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।

    गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग सेवा

    डॉ. महाराणा ने अपने कार्यकाल में कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम चलाए, जिनका उद्देश्य शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संबल भी देना रहा है।
    नई दिल्ली स्थित मां कल्याणी सेवा संगठन के त्रिलोक कुमार झा और अरुण अग्रवाल ने कैंसर रोगियों के लिए आयोजित योग गतिविधियों हेतु गृह कल्याण केंद्र का आभार व्यक्त किया।

    राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता भी हैं डॉ. महाराणा

    गृह कल्याण केंद्र, नई दिल्ली के सचिव कर्नल राजीव वर्मा ने बताया कि डॉ. बिजयकुमार महाराणा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं और वर्तमान में मुंबई के जी.के.के. केंद्र में योग सिखाकर समाज में योग जागरूकता फैला रहे हैं।

    सीपीडब्ल्यूडी मुंबई का सहयोग

    मुंबई स्थित सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा ने कहा कि गरीब कैंसर रोगियों को निःशुल्क योग चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सीपीडब्ल्यूडी मुंबई ने आवश्यक सुविधाएं प्रदान की हैं।
    उन्होंने डॉ. महाराणा के कार्य को प्रेरणादायक बताया।

    युवाओं के आदर्श बने डॉ. बिजय महाराणा

    नेशनल यूथ अवॉर्डीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (NYAFI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जावेद जमादार ने कहा कि डॉ. महाराणा देश के युवाओं के लिए एक आदर्श हैं और माननीय प्रधानमंत्री के योग मिशन को जमीनी स्तर पर साकार कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. डॉ. बिजय महाराणा को कौन सा सम्मान मिला है?
    उन्हें वर्ष 2025 का “राष्ट्रीय चिकित्सा गौरव सम्मान” मिला है।

    Q2. यह सम्मान कहां प्रदान किया गया?
    नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में।

    Q3. डॉ. महाराणा किस क्षेत्र में कार्य करते हैं?
    वे योग प्रशिक्षक हैं और गरीब कैंसर रोगियों के लिए योग चिकित्सा प्रदान करते हैं।

    Q4. क्या उन्हें पहले भी पुरस्कार मिले हैं?
    हां, उन्हें 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।

  • KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    KEM अस्पताल में आधुनिक बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन

    मुंबई के केईएम अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया। यहां अब महिला, पुरुष और बच्चों समेत सालाना 150 से अधिक जले हुए मरीजों का आधुनिक इलाज संभव होगा।

    मुंबई: परेल स्थित केईएम अस्पताल में जले हुए मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया है। इस केंद्र में अब महिलाओं और बच्चों के साथ-साथ पुरुष मरीजों को भी इलाज की सुविधा मिलेगी। अत्याधुनिक आईसीयू, वेंटिलेटर और संक्रमण से बचाव की विशेष व्यवस्था के साथ यह केंद्र हर साल करीब 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज में सक्षम होगा।

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    केईएम अस्पताल में बर्न केयर सेंटर का लोकार्पण

    राजे एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में नवीनीकरण किए गए बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन 13 दिसंबर 2025 को श्री शैलेश लिमडी के हाथों किया गया। इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ डॉक्टर उपस्थित थे।

    महिला, बच्चे और पुरुष मरीजों को समान सुविधा

    इस बर्न केयर सेंटर में अब जले हुए मरीजों के लिए सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहले जहां सुविधाएं सीमित थीं, वहीं अब महिला, बालक और पुरुष सभी मरीजों को एक ही केंद्र में उच्च स्तरीय इलाज मिलेगा।

    सालाना 150 से 170 मरीजों के इलाज की क्षमता

    नवीनीकरण किए गए इस केंद्र की क्षमता सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों के इलाज की है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर और सही इलाज मिल सके, इसके लिए इस केंद्र को विशेष रूप से विकसित किया गया है।

    आईसीयू में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इस बर्न केयर सेंटर में कुल 12 बेड उपलब्ध कराए गए हैं।
    यहां मौजूद सुविधाओं में शामिल हैं—

    • पूरी तरह सुसज्जित अतिदक्षता उपचार कक्ष (ICU)
    • वेंटिलेटर सपोर्ट सिस्टम
    • मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर
    • डायलिसिस मशीन
    • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

    इन सुविधाओं के चलते जले हुए मरीजों में इलाज के दौरान आने वाली जटिलताओं पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण संभव होगा।

    संक्रमण से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

    जले हुए मरीजों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए—

    • वार्ड में नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था
    • मरीजों की सुरक्षित आवाजाही
    • अलग और संरक्षित उपचार कक्ष

    की योजना बनाई गई है, जिससे मरीजों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    मरीजों की मानसिक स्थिति का भी रखा गया ध्यान

    इलाज के दौरान मरीजों को दर्द और तनाव से कुछ राहत मिले, इसके लिए—

    • बेहतर प्रकाश व्यवस्था
    • आधुनिक फर्नीचर
    • मरीजों का ध्यान भटकाने के लिए टीवी की सुविधा

    भी उपलब्ध कराई गई है।

    बीएमसी आयुक्त के निर्देश पर हुआ नवीनीकरण

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Bmc) आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने जले हुए मरीजों को समय पर और आधुनिक इलाज देने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में इस बर्न केयर सेंटर का नवीनीकरण पूरा किया गया।

    सरकारी योजनाओं के तहत गरीब मरीजों को इलाज

    उपायुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) शरद उघडे ने बताया कि इस केंद्र के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    डॉक्टरों का कहना

    प्लास्टिक सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता पुरी ने कहा कि जले हुए मरीजों को शारीरिक चोट के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक आघात भी झेलना पड़ता है। यह बर्न केयर सेंटर मरीजों को इलाज के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और नई उम्मीद देने का प्रयास करेगा।


    FAQ

    प्रश्न 1: बर्न केयर सेंटर का उद्घाटन कब हुआ?
    उत्तर: 13 दिसंबर 2025 को।

    प्रश्न 2: यहां कितने मरीजों का इलाज हो सकता है?
    उत्तर: सालाना 150 से 170 जले हुए मरीजों का।

    प्रश्न 3: क्या पुरुष मरीजों को भी इलाज मिलेगा?
    उत्तर: हां, अब पुरुष मरीजों को भी सुविधा उपलब्ध है।

    प्रश्न 4: इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
    उत्तर: आईसीयू, वेंटिलेटर, डायलिसिस मशीन और संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था।

  • 40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    40 वर्षीय मरीज की मौत, शताब्दी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कांदिवली शताब्दी अस्पताल में समय पर उपचार न मिलने से 40 वर्षीय मरीज की मौत का आरोप। परिवार का आरोप—वरिष्ठ डॉक्टर नहीं थे, इसलिए दूसरे अस्पताल भेजा गया। BMC अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था और अन्य गंभीर बीमारी की आशंका।

    मुंबई: कांदिवली के शताब्दी अस्पताल में एक 40 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजन भड़क गए। उनका आरोप है कि सोमवार रात पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द के साथ भर्ती किए गए मरीज को समय पर उचित उपचार नहीं मिला और डॉक्टरों ने “वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं” कहकर दूसरे अस्पताल भेज दिया। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई।

    रजनीकांत यादव (40) को सोमवार रात तेज पेट दर्द के बाद शताब्दी अस्पताल लाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में केवल प्राथमिक इलाज करके उन्हें कूपर, KEM या नायर अस्पताल जाने की सलाह दी गई। परिवार उन्हें पहले प्राइवेट अस्पताल ले गया, फिर हालत बिगड़ने पर बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर में भर्ती किया, लेकिन सुबह उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अगर शताब्दी अस्पताल ने समय पर और सही इलाज किया होता तो मरीज की जान बच सकती थी।

    🟥 मरीज को शताब्दी में लाया गया, पर वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिले

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे रजनीकांत यादव को तेज पेट दर्द के कारण शताब्दी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया।

    • ड्यूटी डॉक्टर ने प्राथमिक जांच की
    • बताया कि वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं हैं
    • और मरीज को “उच्च स्तरीय उपचार” के लिए कूपर, KEM या नायर अस्पताल ले जाने को कहा

    परिवार ने डॉक्टरों से बार-बार विनती की कि मरीज की हालत खराब है, लेकिन उन्हें आगे का इलाज नहीं दिया गया।

    🟥 निजी अस्पताल और ट्रॉमा केयर के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

    वरिष्ठ डॉक्टर नहीं मिलने पर मरीज को परिजन मजबूरी में निजी अस्पताल ले गए।
    लेकिन—

    • रात में हालत अचानक बिगड़ गई
    • उन्हें बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर ले जाया गया
    • जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

    परिवार का आरोप—
    “अगर शताब्दी में समय पर इलाज मिला होता तो वह बच जाते।”

    🟥 नातेवाईकों का आक्रोश—एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकाते रहे

    परिजनों का कहना है—
    “रात भर हम लोग अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे। शताब्दी के डॉक्टरों ने सही से इलाज नहीं किया और सीधे रेफर कर दिया। अगर तुरंत ट्रीटमेंट शुरू होता तो ऐसा नहीं होता।”

    🟥 अस्पताल प्रशासन का दावा—मरीज स्थिर था, गंभीर बीमारी की आशंका

    शताब्दी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय गुप्ता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा—

    • मरीज के पास पहले से ही कुछ जांच रिपोर्ट थीं
    • इसलिए टेस्ट में समय नहीं लगाया
    • प्राथमिक इलाज दिया गया
    • DNB परीक्षा होने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे
    • मरीज स्थिर था इसलिए “हायर सेंटर” की सलाह दी गई

    डॉ. गुप्ता का दावा—
    “सिर्फ पित्ताशय के दर्द से मौत नहीं हो सकती। उन्हें कोई अन्य गंभीर बीमारी रही होगी।”


    FAQ

    1. मरीज को किस बीमारी की शिकायत थी?

    उन्हें पित्ताशय (गॉलब्लैडर) के दर्द की शिकायत थी।

    2. मौत किस अस्पताल में हुई?

    बाळासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल में।

    3. परिजनों का आरोप क्या है?

    कि शताब्दी अस्पताल ने समय पर इलाज नहीं दिया और दूसरे अस्पताल भेज दिया।

    4. अस्पताल प्रशासन क्या कहता है?

    मरीज स्थिर था और घबराने जैसी स्थिति नहीं थी। मौत की वजह कोई अन्य गंभीर बीमारी हो सकती है।

    5. क्या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थे?

    नहीं। DNB परीक्षा चलने के कारण वरिष्ठ डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे।

  • BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC ने मतदाता सूचियों की 10,668 आपत्तियों पर फैसला दिया

    BMC चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर दर्ज 11,497 आपत्तियों में से 10,668 पर निर्णय हो चुका है। 829 मामले डुप्लीकेट वोटरों से जुड़े हैं। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से पहले कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव 2025 की प्रारूप मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 पर निर्णय हो गया है। शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। बीएमसी ने 26 वार्डों के अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी है और अंतिम मतदाता सूची के लिए कंट्रोल चार्ट तैयार किया जा रहा है। जिन प्रभागों में 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे हैं, उनकी Google Map पर सीमाओं के अनुसार फील्ड-वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC चुनाव 2025: मतदाता सूची पर आई आपत्तियों पर तेज़ी से काम

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 2025 के आगामी चुनावों के लिए तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची पर लोगों से मिली आपत्तियों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई की है। बीएमसी की ओर से कुल 11,497 हरकतियाँ और सुझाव मिले थे, जिनमें से 10,668 मामलों पर निर्णय दे दिया गया है। यह जानकारी बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी ने मीडिया को दी।

    प्रेस वार्ता के दौरान सह आयुक्त (करनिर्धारण व संकलन) विश्वास शंकरवार और सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे भी मौजूद थे।

    BMC-decides-on-10668-objections-to-voter-lists-news

    26 प्रशासनिक विभागों से आई थीं शिकायतें

    बीएमसी के 26 प्रशासनिक विभागों में मतदाता सूची को लेकर लोगों ने बदलाव और सुधार से जुड़ी 11,497 आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।

    • इनमें से 10,668 का निपटारा कर दिया गया है।
    • शेष 829 मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं, जिनकी अलग से जांच की जा रही है।

    इसके लिए हर वॉर्ड के सहायक आयुक्तों को “प्राधिकृत अधिकारी” नियुक्त किया गया है।

    अंतिम मतदाता सूची से पहले तैयार हो रहा ‘कंट्रोल चार्ट’

    डॉ. जोशी ने बताया कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्णयों के आधार पर अंतिम मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए “कंट्रोल चार्ट” बनाया जा रहा है, जो अंतिम सूची का आधार होगा।

    जहां 100 से ज्यादा मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य

    बीएमसी ने खास तौर पर उन प्रभागों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है, जहां
    100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिख रहे हैं।

    इस प्रक्रिया में—

    • Google Map पर दिखाई गई प्रभाग सीमाएँ
    • ज़मीन पर मौजूद घर, इमारतें, चॉल, वसाहतें
      इनकी भौतिक जांच कराई जाएगी, ताकि कोई गलती न रहे।
      सभी संबंधित उपायुक्तों और सह आयुक्तों को
      फोटो और प्रमाण-पत्र सहित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    डुप्लीकेट मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर जांच

    बीएमसी ने डुप्लीकेट वोटर मामलों के लिए एक मानक प्रक्रिया तय की है।

    • BLO (Booth Level Officer) और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
    • मतदाता से “परिशिष्ट-1” फॉर्म भरवाया जाएगा।
    • यदि मतदाता घर पर नहीं मिले, तो उनके घर के दरवाज़े पर नोटिस चिपकाया जाएगा।
    • नोटिस में वॉर्ड कार्यालय से संपर्क करने की अपील होगी।

    बीएमसी ने मतदाताओं से इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने की अपील की है।

    BMC का लक्ष्य: अंतिम मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिविहीन बनाना

    मोटे तौर पर देखें, तो बीएमसी की कोशिश है कि 2025 के चुनाव से पहले मतदाता सूची से—

    • डुप्लीकेट नाम
    • गलत पतों वाले मतदाता
    • स्थानांतरित लोग
    • गलत प्रविष्टियाँ

    इन सभी को हटाकर एक सटीक और साफ मतदाता सूची बनाई जाए।


    FAQ Section

    1. बीएमसी को कुल कितनी आपत्तियाँ मिली थीं?

    मतदाता सूची पर कुल 11,497 आपत्तियाँ और सुझाव मिले थे।

    2. इनमें से कितने मामलों पर फैसला हो चुका है?

    10,668 आपत्तियों का निपटारा कर दिया गया है।

    3. 829 शेष आपत्तियाँ किस बारे में हैं?

    ये सभी मामले डुप्लीकेट मतदाताओं से संबंधित हैं।

    4. डुप्लीकेट वोटरों की जांच कैसे होगी?

    BLO और वॉर्ड कर्मचारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और परिशिष्ट-1 फॉर्म भरवाएँगे। उपलब्ध न होने पर घर पर नोटिस लगाया जाएगा।

    5. बीएमसी गूगल मैप का उपयोग क्यों कर रही है?

    उन प्रभागों में, जहाँ 100 से अधिक मतदाता स्थानांतरित दिखे, वहां Google Map पर सीमाओं की तुलना कर फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा।