बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट करते हुए मुस्लिम व्यक्ति और उसके परिवार पर दर्ज FIR को रद्द कर दिया, कि तलाक-ए-अहसन 2019 के एकसाथ तत्काल तीन तलाक पर लगे प्रतिबंधित अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 केवल तत्काल तीन तलाक को ही अपराध की श्रेणी में लाता है। इस तरह के तलाक को तलाक-ए-बिद्दत या ट्रिपल तलाक भी कहा जाता है। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत तलाक-ए-अहसन जैसे अन्य वैध इस्लामी तलाक के तरीकों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इस फैसले के तहत, हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
क्या है तलाक-ए-अहसन?
यह निर्णय उस मामले में आया जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता पर 2019 के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि व्यक्ति ने तलाक-ए-अहसन की प्रक्रिया अपनाई थी। तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक कहा जाता है, जिसके बाद महिला को इद्दत या तीन महीने की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
कानून का दुरुपयोग
खबरों के मुताबिक, न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख की पीठ ने कहा, “जब तथ्यों को स्वीकार किया गया है और कानून को ध्यान में रखा गया है, तो यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध केवल तलाक-ए-बिद्दत पर है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। ऐसे में यदि आरोपियों को मुकदमे का सामना करने को कहा जाए तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।” (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
पति-पत्नी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। कुछ महीनों तक साथ रहने के बाद वैवाहिक मतभेद उत्पन्न हुए। दिसंबर 2023 में पति ने तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक बोला और गवाहों की उपस्थिति में नोटिस भेजा। 90 दिन की इद्दत अवधि के दौरान पति-पत्नी ने पुनः साथ नहीं रहना शुरू किया, जिससे तलाक प्रभावी हो गया। हालांकि, पत्नी ने बाद में भुसावल बाजार पेठ पुलिस स्टेशन (जलगांव) में एफआईआर दर्ज कराते हुए दावा किया कि यह तलाक 2019 के अधिनियम के अंतर्गत अवैध है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने भी इसमें भूमिका निभाई। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
कोर्ट का निर्णय
कोर्ट ने कहा कि 2019 का कानून केवल तलाक-ए-बिद्दत पर लागू होता है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। तलाक-ए-अहसन मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक मान्य प्रक्रिया है, जिसमें सुलह की संभावना बनी रहती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ससुरालवालों पर एफआईआर करना उचित नहीं है क्योंकि तलाक का निर्णय पति द्वारा अकेले लिया गया होता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) को भी इस मामले में लागू नहीं माना गया। आखिरकार हाईकोर्ट ने एफआईआर और भुसावल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सरकार अब सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अहम बैठक कर पांच बड़े फैसले किए हैं। जिसमें सिंघु जल समझौते पर रोक, उच्चायोग बंद, नागरिकों के वीजा रद, अटारी बॉर्डर भी बंद का ऐलान कर दिया है। (India’s big action after Pahalgam attack)
नई दिल्ली- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गाए हैं। विदेश साचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सार्क वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सिंघु जल समझाते पर रोक लगाई गई है। अटरी वाघा बॉर्डर को बंद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अथिकारी भी शामिल हुए। वैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी दी। (India’s big action after Pahalgam attack)
अबू तालाह है मास्टरमाइंड
इलाके में एक साल से सक्रिय थे आतंकी पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय थे और इन्हीं आतंकियों ने मई 2024 में पुंछ में वायु सेना के काफिले पर हुए हमले को अंजाम दिया था। सूत्रों के मु्तबिक, जुलाई 2024 में इन आतंकियों ने जम्मू से कश्मीर की तरफ मुवमेंट किया था और फिर ये श्रीनगर के डाचीगाम जंगल क्षेत्र में जाकर छिप गए थे। दिसंवर 2024 में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस दौरान तीन आतंकी भागने में सफल हो गए थे। अब जांच में सामने आया है कि पहलगाम हमले को उन्हीं बचे हुए आतेकियों ने अंजाम दिया है। जिसमें उन्हें उनके पाकिस्तानी हैंडलर की मद मिली। इस हमले का मास्टरमाइंड अबू तालाह पाक अधिकृत कश्मीर से आतांकियों को निर्देश दे रहा था। (India’s big action after Pahalgam attack)
भारत के पांच सख्त फैसले
सबसे पहला फैसला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक वड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।
दुसरा फैसला है कि पाकतिस्तान में मौजूद भारत का दूतवास अव बंद किया जाएग। यह कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
भारत ने तीसरा कडा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (जल संधि) को भी रोक दिया है। इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा।
चौथा फैसला यह है कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छेड़ने का आदेश दिया गया है।
पादवां और अहम फैसला है कि अब पाकिस्तानियों को भारत का वीजा नही मिलेगा।
रक्षा मत्री राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी
ऐसा जवाब देंगे कि दुनिया देखेगी केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंनि सख्त लफ्जो में कहा, कि पहलगाम में आतंक्रियों ने थर्म को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। इसमें हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खोया है। जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम सिर्फ उन लोगों तक ही नहीं पहुंचेंगे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जो पर्द के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक साजिश रची है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी टेरेरिज्म के खिलाफ जीरो टोलरेंस की पॉलिसी है। भारत का एक एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जवाब, हमले के जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से दिया जाएगा। (India’s big action after Pahalgam attack)
आतंकियों की तस्वीर
पहलगाम के जल्लादों की हुई पहचान
जम्मू-कक्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की हत्या करने वाले आतकियों के स्केच पहले जारी किए गए थे, अब तरवीर भी जारी कर दी गई हैं। इन आतकवादियों की पहचान आसिक फौजी, सुलेमान शाह और अबू तालाह के रूप में हुई है। एक आतंकवादी मारा गया है। अब पहचान होने के बाद आतंकी कानून की पकड़ से दूर नही है, ऐसे में उन 27 लोगों की मौत को भी न्याय मिल सकेगा। सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। प्रात जानकारी के अनुसार इन 4 लोगों में से एक की मौत हो गई है। पुलिस शेष तीन लोगों की तलाश कर रही है जिनके पास के जंगल में छिपे होने का संदेह है। (India’s big action after Pahalgam attack)
आईबी अधिकारी मनीष रंजन को पल्नी और बच्चों के सामने मारी गोली
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलें में खुकिया ब्यरो के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष रंजन बिहार के रहने वाले थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्री से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी फ्नी और बच्चे के समने गोली मारी गई मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईंबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे। (India’s big action after Pahalgam attack)
घाटी के जंगलों में उतरे पैरा कमांडो
भारतीय सेना, सीआरपीएक और जमू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें ऑपरेशन को अंजाम दे रहीं हैं। सुरक्षा एजीसियां इस हमले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)
टुरिस्ट तेजी से कैसिल कर रहे ट्रैवल प्लान
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद, गर्मियों में कश्मीर घूमने का सपना देख रहे हजारो टूरिस्ट अब अपने ट्रैवल प्लान कैसिल कर रहे हैं। हमले के बाद से घाटी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ गई है। टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक, सिरफ 24 घटों में ही कशमीर ट्रिप की कैसिलेशन रिक्वेस्ट में करीब 25 फीसदी की बढोतरी हुई है। लोगों में डर इस कदर है कि वे अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखड़ जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)
फिल्मी सितारों का बयान
नर्क में बदलता जा रहा है स्वर्ग सलमान खन ने एवस पर लिखा- कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन अब यह नर्क में बदलता जा रहा है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, मेरी सवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं। मासूम को मारना कायनात को मारना है।
हम एकजुट होकर मजबूत बनें शहरुख खान ने लिखा- पहलगाम में हुई हिंसा पर दुख और गुस्से को शब्दो में बया करना मुश्किल है। ऐसे समय में, हम केवल भगवान से पीड़ित परिवारों के लिए प्राथना कर सकते हैं। हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बने।
आमिर खान ने की हमले की निंदा आमिर खान प्रोडकशंस ने एक्स पर लिखा- हम पहलगाम में हाल ही में हूए आतंकी हमले से बहुत स्तब्ध और दुखी है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोगों को दुख और पीड़ा हुई। हमारी सवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।
नवी मुंबई से एक चलती बस का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पीछे की सीट पर बैठा एक कपल अश्लील हरकत करते कैमरे में कैद हो गया। सरकारी एसी बस होने की वजह से अधिकारियों ने आनन-फानन में कंडक्टर पर कार्रवाई कर दी। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
नवी मुंबई- शहर में एक अजीब घटना सामने आई है। यहां पनवेल की एक बस में यूथ कपल सेक्स करते हुए पाया गया। जबकि यह बस नवी मुंबई महानगरपालिका परिवहन (NMMT) की थी और वातानुकूलित (AC) बस थी। खबरों के अनुसार, यह कपल बस में पीछे की तरफ, खिड़की के पास वैठा था। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे एक व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया। यह वीडियो 22 सेकंड का था। वीडियो बनाने वाले का कहना है कि उसने यह वीडियो इसलिए बनाया क्योंकि उसे कपल की हरकतें ठीक नहीं लगीं। यह वीडियो जल्दी ही इंटरनेट पर वायरल हो गया। जब यह वीडियो नवी मुंबई महानगरपालिका के बड़े अधिकारियों तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। बस में लगेज रखने की जगह पर यह सब हो रहा था। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
विभागीय कारवाई शुरू
एनएमएमटी के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि बस के कंड़क्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि कंडक्टर ने इस घटना को रोकने के लिए कुछ नहीं किया, इसलिए उस पर कार्रवाई हो रही है। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
बस कंडक्टर की सफाई
अधिकारी ने कंडक्टर का नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि कंडक्टर को चेतावनी दी गई है और उससे लिखित में जवाब मांगा गया है, कि उसकी ड्यूटी के दौरान ऐसी हरकत कैसे हुई। अधिकारी ने यह भी बताया कि कंडक्टर बस में आगे बैठा था और उसे पीछे क्या हो रहा था, इसकी जानकारी नहीं थी। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
महाराष्ट्र के आरटीआई कार्यकर्ता अनारजित चौहान ने इस मामले को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बस पनवेल से कल्याण जा रही थी और उसमें ज्यादा भीड़ नहीं थी। ट्रफिक बहुत ज्यादा होने के कारण बस धीरे चल रही थी। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे व्यक्ति ने जोड़े को खिड़की के पास आपत्तिजनक हालत में देखा और वीडियो बना लिया। फिर उसने यह वीडियो नागरिक अधिकारियों को भेज दिया। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
क्या बोले अधिकारी
जब चौहान से पूछा गया कि नागरिक निकाय ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी, तो उन्होंने कहा कि कंडक्टर को लापरवाही के लिए दोषी ठहराया गया है। सार्वजनिक परिवहन ऐसी हरक्तों के लिए जगह नहीं है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हुआ । एनएमएमसी कमिश्नर कैलाश शिंदे से इस बारे में बात नहीं हो पाई । लेकिन एक बड़े नागरिक अधिकारी ने कहा कि मैं सीधे परिवहन विभाग को नहीं देखता, लेकिन मुझे लगता है कि आजकल के युवाओ को सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार के बारे में ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
सार्वजनिक जगहों पर ऐसी हरकतें गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं। चौहान ने युवाओं के सार्वजनिक व्यवहार के बारे में भी बात की। उनहोंने कहा कि मैं अक्सर युवा जोडों, यहां तक कि स्कूल के छात्रों को भी सागर विहार या पाम बीच रोड केि पास हाथ पकड़ते या किस करते हुए देखता हूं। माता-पिता और शिक्षकों को उन्हें सार्वजनिक जगहों पर सही व्यवहार के बारे में बताना चाहिए। (Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)
Zeeshan Siddique Death Threat: एनसीपी अजित पवार गुट के नेता और पूर्व विधायक जीशान बाबा सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी मिली है। जीशान को ईमल के जरिए 10 करोड़ रुपये की डिमांड के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकीभरे मेल में लिखा गया कि जो हाल बाबा सिद्दीकी का किया वही तुम्हारा करेंगे। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)
अंजाम भुगतने की धमकी
बताया जा रहा है कि धमकी भरा यह मैसेज किसी अज्ञात मेल आईडी से भेजा गया है और इसमें जीशान को धमकी दी गई, कि अगर मांगी गई रकम नहीं दी गई तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जीशान सिद्दीकी ने तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस को दी, जिसके बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन की एक टीम उनका बयान दर्ज करने के लिए उनके घर पहुंची। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)
सुरक्षा पर सवाल
मुंबई की बांद्रा पुलिस जीशान सिद्दीकी के घर पहुंच कर जांच में जुट गई है। धमकी में 10 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिससे प्रमुख राजनीतिक हस्ती की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बता दें कि जीशान सिद्दीकी के पिता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की पिछले साल 12 अक्टूबर को हत्या हुई जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। उसके बाद से बाबा सिद्दीकी परिवार की सुरक्षा मुंबई पुलिस ने बढ़ा दी गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)
साइबर सेल सक्रिय
मुंबई पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है, साइबर सेल सक्रिय रूप से जांच कर रही है और धमकी भरे संदेश के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अधिकारी एक बड़े संगठित जबरन वसूली रैकेट की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। इस बीच, बांद्रा पुलिस ने जीशान सिद्दीकी के घर का दौरा किया और समानांतर जांच शुरू की। अधिकारी वर्तमान में इसके स्रोत का पता लगाने के लिए ईमेल का विश्लेषण कर रहे हैं। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)
मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
सस्ती चिकित्सा का लाभ
गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
राजनीतिक दलों का विरोध
बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)
BMC प्रशासन द्वारा जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने पर सामुदायिक विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी सहायक आयुक्त नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया। अब मंदिर वहीं बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन द्वारा शहर के विले पार्ले क्षेत्र में एक जैन मंदिर को गिराए जाने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार को जैन समाज के लोगों ने लाखों की संख्या में मोर्चा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मनपा प्रशासन ने उसी दिन आनन फानन में वार्ड के सहायक आयुक्त का तबादला कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
शनिवार को वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। महाराष्ट्र गौशाला संघ के परेश शाह ने दावा किया कि धार्मिक नेताओं और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा, स्थानीय भाजपा विधायक पराग अलवानी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं सहित 20,000 से अधिक लोगों ने मार्च में भाग लिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
परेश शाह ने कहा, “बीएमसी की कार्रवाई से पूरा जैन समुदाय व्यथित है।” उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका अधिकारी को निलंबित करे। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्टियों को जवाब देने का समय दिए बिना ही मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, कि बीएमसी पर मुख्यमंत्री कार्यालय और शहरी विकास मंत्री का कार्यालय पूरी तरह से और सीधे तौर पर नियंत्रण रखता है, जिससे पता चलता है कि इस घटना के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
The Jain Community is protesting against the @mybmc demolishing a Derasar in Mumbai, 2 days ago.
The BMC is now fully and directly controlled by the Chief Minister’s office and UD minister’s office.
शहरी विकास विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख हैं।
खुद के खिलाफ विरोध का ढोंग
“संरक्षक मंत्री (लोढ़ा) किसके खिलाफ विरोध कर रहे थे? वह जो कर रहे हैं वह डेरासर (मंदिर) को बचाने के बजाय संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करके नाटक कर रहे हैं! “उनके पास बीएमसी में ही एक अवैध कार्यालय है, और उन्हें रियल एस्टेट और ऐसे मामलों का बहुत बड़ा अनुभव है। डेरासर की रक्षा करने के बजाय, अब वह विरोध का नाटक कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर कोई यह समझेगा – भाजपा किसी की नहीं है। यह भाजपा सरकार है जो सीएम कार्यालय के माध्यम से बीएमसी चला रही है, “श्री ठाकरे ने आरोप लगाया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों और धार्मिक ग्रंथों का भी “अपमान” किया गया और इस “षड्यंत्र” के लिए “भाजपा गठबंधन की बुलडोजर सरकार” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बात की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उसी स्थान पर एक नया मंदिर बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर “अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिना उचित नोटिस दिए किसी ढांचे को गिराना गलत है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)
खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)
महायुति गठबंधन की सरकार
महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)
Mumbai BJP News: मुंबई बीजेपी में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं। बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी कर रही है और युवाओं को प्राथमिकता दे रही है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में भारतीय जनता पार्टी अपने पदाधिकारियों की सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी करने जा रही है और युवाओं को प्राथमिकता देने वाली है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को भाजपा की ओर से नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
मुंबई शहर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कुल 36 मंडल अध्यक्ष हुआ करते थे। जो इस बार बढ़ा कर इसे 100 कर दिया गया है। बीजेपी अब 100 बूथ के आसपास एक मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर रही है। यानि मुंबई की छह लोकसभा, 36 विधानसभा और 227 वार्ड में 100 से ज्यादा मंडल अध्यक्ष हो जाएंगे जो, वर्तमान में 36 मंडल अध्यक्ष के मुकाबले लगभग 3 गुना बढ़ा दिया गया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
अमित शाह की नाराजगी
महाराष्ट्र में पदाधिकारियों की नियुक्ति और सदस्यता अभियान बहुत ही धीमी गति से चला, जिस पर अमित शाह ने नाराजगी व्यक्त की थी। उनकी नाराजगी के बाद मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने आनन फानन में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई। लेकिन बैठक के दौरान कई सारे विधायक व पदाधिकारी नदारद रहे। एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक की पूर्व जानकारी नहीं थी। जल्दबाजी में बैठक बुलाई गई, परंतु वे शहर से बाहर होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सभी छह जिलों में निरीक्षक गए थे। बताया जाता है कि निरीक्षण में हर वार्ड के लिए 3 नाम का चयन किया गया है। सभी का नाम बंद लिफाफे में भेज दिया गया है। 20 अप्रैल को मुंबई सहित महाराष्ट्र भर के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा की जाएगी। महाराष्ट्र में 1196 मंडल अध्यक्ष बनाए हैं। पहले जहां एक विधानसभा में एक मंडल अध्यक्ष होता था, वहीं अब 100 बुथ पर एक मंडल अध्यक्ष कर दिया है। यानी एक विधानसभा में दो से तीन मंडल अध्यक्ष होंगे। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
उम्र की सीमा तय
बीजेपी ने अनुभव रखने वाले उम्रदराज पदाधिकारियों को साइड कर युवाओं को प्राथमिकता दे रही है। 35 साल से कम उम्र का कार्यकर्ता बीजेपी युवा में काम करेगा। वार्ड अध्यक्ष की उम्र 35 से 45 वर्ष तय की है और 55 साल जिला अध्यक्ष के लिए तय किया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)
एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc चुनाव की संभावना
इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
Bmc बजट पर काबू
बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
खर्च पर ध्यान देना जरूरी
लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।
दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।
BMC का कमिटेड फंड
बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।
BMC के खजाने पर बोझ
ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।
बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC ने की सरकार से गुजारिश
निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
अधिनियम में संशोधन पर विचार
BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का प्लान
BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC की सेवाएं
BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस् और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
BMC का Water Sistema
BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
आश्चर्यजनक
आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निष्कर्ष
कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget
निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget