Category: Civic Issues

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    • जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल
    • एफडीए छापेमारी लीक होने से बचने के लिए मंत्री नरहरि जिरवाल बनाएंगे निजी फ्लाइंग स्क्वाड
    • राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू
    • राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
    • Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई-
    राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?

    सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी

    मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा

    महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

  • Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट 

    मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना

    मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला

    म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई दुबई अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक… (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक अंडरवाटर ट्रेन चलेगी. इस ट्रेन की स्पीड 600 किमी प्रति घंटे से 1000 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और यह मुंबई से दुबई तक का सफर सिर्फ दो घंटे में तय कर सकेगी। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    तकनीकी चुनौतियां

    यह (Mumbai-Dubai Underwater Train) प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है, और इसे लेकर बड़े निवेश और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। आपने हवाई यात्रा का अनुभव तो किया होगा, लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि समुद्र के नीचे ट्रेन से यात्रा करना कैसा होगा? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    हालांकि यह प्रोजेक्ट बेहद रोमांचक है, लेकिन इसमें काफी सारे निवेश की आवश्यकता होगी। अनुमान के मुताबिक, इसे पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी। इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और इंजीनियरिंग की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो इस प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा किया जा सकता है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    भारत और दुबई के बीच रेल नेटवर्क

    आपको बता दें कि भारत और दुबई के बीच एक शानदार रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो समुद्र के नीचे लगभग 1200 मील (लगभग 2000 किलोमीटर) की दूरी तय करेगा। इस अंडरवाटर ट्रेन की मदद से यात्री समुद्र के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यद्यपि यह परियोजना अभी भी चर्चा में है और अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। आशा है कि यह यात्रा अगले कुछ वर्षों में शुरू हो सकेगा। यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा, जिससे उनकी यात्रा और भी खास हो जाएगी। इसपर किराया क्या होगा? सरकारी दस्तावेजों में क्या होगा? व्यापार पर इसका कितना असर पड़ेगा? सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे होंगे? ऐसे बहोत सारे मुद्दों पर विचार करना अभी बाकी है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)