Category: Civic Issues

  • मुंबई में फिर एक बार हुआ मराठी भाषा को लेकर विवाद, बीच सड़क पर लड़की को किया परेशान: Video Viral

    मुंबई में फिर एक बार हुआ मराठी भाषा को लेकर विवाद, बीच सड़क पर लड़की को किया परेशान: Video Viral

    मुंबई की सड़कों पर एक बार फिर से मराठी भाषा को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया। जिसमें मराठी ना बोलने पर एक लड़की को बीच सड़क पर एक युवक धमका रहा था। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बार फिर मराठी भाषा को लेकर विवाद होने शुरू हो गए हैं। कहीं कोई पिज्जा डिलीवरी बॉय को मराठी के नाम पर परेशान करते हुए मुफ्त का पिज़्ज़ा हथिया ले रहा है तो कहीं बीच सड़क पर एक लड़की को मराठी के नाम पर लताड़ रहा है। जबकि देश या राज्य का कानून इसका समर्थन नही करता। एक तरफ देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील कर रहा है तो दूसरी तरफ मुंबई जैसे आधुनिक शहर में जात-पात, धर्म और भाषा को लेकर लोग विवाद खड़ा कर रहे हैं। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

    रफ्तारभरी जिंदगी

    मुंबई की रफ्तारभरी ज़िंदगी में एक बार फिर भाषा बहस का मुद्दा बन गई है। हाल ही में एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें एक युवक बीच सड़क पर एक लड़की को केवल इसलिए अपशब्द कहता और डराता-धमकाता नजर आ रहा है क्योंकि वो मराठी भाषा में बात नहीं कर रही थी। दिलचस्प बात तो ये है कि ये वीडियो उस घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जिसमें एक कपल ने पिज्जा डिलीवरी एजेंट को मराठी में बात करने की शर्त पर भुगतान देने से इनकार कर दिया और मुफ्त का पिज़्ज़ा रख लिया। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

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    मराठी में बात करने की जबरदस्ती

    वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सड़क पर खड़ी एक युवती पर सिर्फ इसलिए आग-बबूला हो जाता है क्योंकि वो मराठी में बात नहीं कर रही थी। युवक उसे आक्रामक लहजे में धमकाता है, उसकी भाषा पर सवाल उठाता है और उसके मूल राज्य के बारे में जानने की कोशिश करता है। इस पर लड़की शांत लेकिन स्पष्ट जवाब में कहती है कि मुझे मराठी नहीं आती। यह सूनते ही युवक का बर्ताव और उग्र हो जाता है, लड़की उसे कहती है कि वो महाराष्ट्र में रहती है और यहां उसका खुद का घर है। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

    सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    वीडियो को @AshishGupta325 नाम के एक्स (पूर्व ट्विटर) यूजर ने शेयर किया था, जो अब लाखों व्यूज बटोर चुका है। बाकी यूज़र्स इस वीडियो को लेकर बुरी तरह बंट गए हैं। जहां एक यूजर ने लिखा- “मैं पुणे में खुद ऐसी स्थिति झेल चुका हूं। स्थानीय भाषा थोपना बिल्कुल गलत है।” वहीं एक और यूजर ने कहा कि “महाराष्ट्र अब बाहरी लोगों से तंग आ चुका है, चाहे वो मराठी सीख भी लें, फिर भी हम नहीं चाहते कि वे यहां रहें।” Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

    केस दर्ज करने की अपील

    एक मराठी यूजर ने लड़की का समर्थन करते हुए कहा कि “मैं खुद मराठी हूं, लेकिन इस मामले में मैं लड़की के साथ हूं। ये वही लोग हैं जो कभी महाराष्ट्र से बाहर नहीं गए।” एक अन्य ने लिखा, कि “लड़की उस मराठी युवक के खिलाफ केस दर्ज करा सकती है, ये सीधा भाषाई उत्पीड़न है।” Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

    कहां और कब का है वीडियो ?

    हालांकि ये वीडियो कहां और कब का है, इसकी अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन जिस तरह से ये वायरल हुआ है और लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उसने एक बार फिर महाराष्ट्र में भाषा को लेकर असहिष्णुता की बहस को हवा दे दी है। Once again there was a dispute over Marathi language in Mumbai, a girl was harassed on the road: Video Viral

  • भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    भाजपा ने उत्तर भारतीय वोटरों को किया नाराज, महाराष्ट्र में चुनाव से पहले जिलाध्यक्षों का ऐलान

    महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के साथ अगले कुछ समय में नगरपालिका चुनाव होने जा रहे है। इस बीच बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष घोषित कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिलाध्यक्ष के लिए उत्तर भारतीय लोगों को किनारे रखने की योजना बीजेपी के लिए कितना कारगर साबित होती है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में नगरपालिका और पंचायती चुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र चुनाव आयोग से चार सप्ताह के भीतर राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसी के मद्देनजर सियासी दलों ने चुनाव को लेकर तैयारी करनी शुरू कर दी है। चुनाव की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में अपने जिला संगठन को नए सिरे से दुरुस्त कर रही है। लेकिन इस लिस्ट में उत्तर भारतीयों को शामिल नहीं किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    नुकसान का खतरा

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपने जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की है। बीजेपी ने महाराष्ट्र के 78 जिलों में से 58 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया जबकि 20 जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा नहीं हो सकी। बीजेपी ने 58 जिलाध्यक्षों में से 19 पुराने नेताओं को फिर से मौका दिया जबकि 39 नए चेहरों को जिले की कमान सौंपी है। इसमें बीजेपी ने किसी भी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष की कमान नहीं दी। ऐसे में उत्तर भारतीयों को इग्नोर करने को लेकर बीएमसी चुनाव में नुकसान होने का डर सताने लगा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    भाजपा जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव होने की उम्मीद जगी है। मुंबई में बीएमसी चुनाव भी होने है। ऐसे में बीजेपी ने अपने जिन 58 जिलाध्यक्ष की घोषणा की है, उसमें मुंबई रीजन के छह जिलों में से तीन जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं और तीन जिले को पेंडिंग रखा गया है। कोंकण इलाके के कुल 14 जिलाध्यक्ष हैं, जिसमें 12 के नाम घोषित किए हैं। इसमें 5 नेताओं को फिर से मौका मिला है जबकि 2 जिलाध्यक्षों के बारे में पार्टी ने कोई फैसला नहीं लिया। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    पश्चिम महाराष्ट्र क्षेत्र के 13 जिलों में से बीजेपी ने 11 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान किया। इन 11 में से 4 जिलाध्यक्ष पुराने नेताओं में से बनाए गए हैं, जबकि दो जिलाध्यक्षों के नाम घोषित नहीं किए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के विदर्भ के कुल 19 जिलाध्यक्षों में से 15 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इसमें दो पुराने चेहरों पर भरोसा जताया बाकी नए लोगों को शामिल किया गया है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीय को किया इग्नोर

    बीजेपी ने उत्तर महाराष्ट्र इलाके के 12 जिलों में से 9 जिलाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया। नासिक जिले में विवाद के चलते अध्यक्ष की घोषणा नहीं हुई है। उत्तर महाराष्ट्र के 4 जिलाध्यक्षों को दोबारा से मौका दिया गया है। मराठवाड़ा इलाके के 15 जिलों में से 8 जिलाध्यक्षों के नाम घोषित किए गए हैं। जिसमें तीन पुराने चेहरों को कमान सौंपी गई है जबकि 7 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान नहीं हो सका है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई का हाल

    मुंबई के बीएमसी चुनाव होने हैं, जिसके चलते बीजेपी ने मुंबई रीजन की ज्यादातर जिलों में बीजेपी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने उत्तर मुंबई से दीपक तावडे और उत्तर मध्य से विरेंद्र म्हात्रे का नाम घोषित किया जबकि उत्तर पूर्व मुंबई से दीपक दलवी को फिर से अवसर दिया गया है। बीजेपी ने दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिला अध्यक्ष के नाम घोषित नहीं किए हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    क्या कहते हैं कार्यकर्ता ?

    बीजेपी ने मुंबई के छह जिलों में से तीन जिले के अध्यक्ष बनाए हैं, उसमें किसी भी उत्तर भारतीय नेता का नाम शामिल नहीं है। इस तरह से बीजेपी ने किसी उत्तर भारतीय नेता को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। हालांकि, दक्षिण मुंबई, दक्षिण मध्य मुंबई और उत्तर पश्चिम मुंबई के जिलाध्यक्षों की घोषणा पार्टी ने नहीं की है, ऐसे में दक्षिण मुंबई और दक्षिण मध्य मुंबई जिले से उत्तर भारतीय अध्यक्ष देने की संभावना कम ही है, लेकिन उत्तर पश्चिम मुंबई से बीजेपी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष बना सकती है। ऐसा भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    दूसरी लिस्ट पर नजर

    उत्तर भारतीय समाज की पैनी नजर बीजेपी के दूसरी जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर टिकी है। बीजेपी अगर किसी उत्तर भारतीय को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया तो बीएमसी चुनाव में उत्तर भारतीय की नारजगी देखने को मिल सकती है। उत्तर भारतीय वोटों की नाराजगी महानगरपालिका के चुनाव में बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों समेत बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय समाज के लोग मुंबई में रहते हैं और इनके वोट बैंक बीजेपी के लिए हमेशा से फायदेमंद रहा है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    मुंबई में कितने है उत्तर भारतीय वोटर्स ?

    मुंबई में करीब 30 लाख उत्तर भारतीय वोटर्स हैं। 2024 के चुनाव में मुंबई में दोनों ही गठबंधनों से 14 उम्मीदवार उत्तर भारतीय मैदान में उतरे थे, जिनमें से 6 विधायक बनने में कामयाब रहे। कलीना, कुर्ला, दहिसर, चारकोप, कांदिवली-ईस्ट, बोरीवली, मागाठणे, वर्सोवा, गोरेगांव, दिंडोशी, जोगेश्वरी-पूर्व और अंधेरी ईस्ट इलाके में उत्तर भारतीय निर्णायक भूमिका अदा करते रहे हैं। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

    उत्तर भारतीयों की भूमिका

    मुंबई से बाहर महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भी बड़ी संख्या में उत्तर भारतीय वोटर रहते हैं। नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, अकोला, औरंगाबाद इसमें शामिल हैं। यहां उत्तर भारतीयों के वोट नतीजों पर प्रभाव डालने वाली स्थिति में हैं। मुंबई की बीएमसी से लेकर पुणे, नागपुर, औरंगाबाद और ठाणे नगर निगम की सीटों पर उत्तर भारतीयों का प्रभाव रहा है। इस तरह मुंबई ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के अन्य कई शहरों में भी उत्तर भारतीय वोटर मुख्य भूमिका में हमेशा से रहे है। (BJP angered North Indian voters, announced district presidents before elections in Maharashtra)

  • भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

    भारत के वैज्ञानिक रोबोट सैनिकों का आविष्कार कर रहे हैं। फ्रंट लाइन में होंगे ये सैनिक

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    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक सैन्य मिशनों के लिए मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं ताकि सैनिकों के लिए जोखिम कम किया जा सके। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक एक मानव रोबोट पर काम कर रहे हैं। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, कि ये रोबोट अग्रिम कतार के सैन्य मिशन का हिस्सा हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि डीआरडीओ के तहत एक प्रमुख प्रयोगशाला, अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (इंजीनियर्स) एक ऐसी मशीन विकसित कर रहे है, जो सीधे मानव आदेश के तहत जटिल कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। जिसका उद्देश्य उच्च जोखिम वाले वातावरण में सैनिकों के जोखिम को कम करना है। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    जानकारी देते हुए, अनुसंधान एवं विकास (इंजीनियर्स) के अंतर्गत उन्नत रोबोटिक्स के लिए सिस्टम और प्रौद्योगिकी केंद्र के समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा कि टीम चार वर्षों से इस परियोजना में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हमने ऊपरी और निचले शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटोटाइप विकसित किए हैं और आंतरिक परीक्षणों के दौरान कुछ निश्चित कार्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।” (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    रोबोट कैसे काम करता है?

    उन्होंने आगे कहा कि यह मानवरूपी रोबोट जंगल जैसे कठिन इलाकों में भी काम करने में सक्षम होंगे। हाल ही में पुणे में आयोजित उन्नत लेग्ड रोबोटिक्स पर राष्ट्रीय कार्यशाला में रोबोट का प्रदर्शन किया गया। वर्तमान में अपने उन्नत विकास चरण में, टीम ऑपरेटर के आदेशों को समझने और निष्पादित करने की रोबोट की क्षमता को परिष्कृत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह प्रणाली तीन प्रमुख घटकों पर निर्भर करती है: एक्ट्यूएटर जो मानव मांसपेशियों की तरह गति उत्पन्न करते हैं, सेंसर जो आसपास से वास्तविक समय का डेटा एकत्र करते हैं, और नियंत्रण प्रणाली जो इस जानकारी की व्याख्या करके कार्यों का मार्गदर्शन करती है। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?

    समूह निदेशक एस ई तलोले ने कहा, “सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि रोबोट वांछित कार्यों को सुचारू रूप से कर सके, जिसके लिए संतुलन, तेजी से डेटा प्रोसेसिंग और जमीनी स्तर पर निष्पादन में महारत हासिल करना आवश्यक है।” डिजाइन टीम का नेतृत्व करने वाली वैज्ञानिक किरण अकेला ने कहा कि शोधकर्ता इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि वे 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    किन-किन कार्यों में उपयोग किया जा सकता है?

    डीआरडीओ अधिकारियों ने कहा कि पैरों वाले रोबोट, द्विपाद और चौपाया दोनों, रक्षा और सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सहायता, अंतरिक्ष अन्वेषण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं प्रदान करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वायत्त, कुशल पैरों वाले रोबोट बनाने में महत्वपूर्ण तकनीकी बाधाएं आती हैं। वैज्ञानिकों ने बताया कि मानव जैसा दिखने वाले रोबोट के ऊपरी शरीर में गोलाकार घुमावदार संयुक्त विन्यास के साथ हल्के हाथ होंगे, जो 24 डिग्री की स्वतंत्रता प्रदान करेंगे – प्रत्येक हाथ में 7, ग्रिपर में 4 और सिर में 2. (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    रोबोट की खासियत क्या होगी ?

    उन्होंने कहा कि रोबोट बंद लूप ग्रिपिंग के साथ जटिल स्वायत्त कार्यों को करने में सक्षम होंगे और वस्तुओं को मोड़ने, धकेलने, खींचने, दरवाजे खिसकाने, वाल्व खोलने और खासकर उच्च जोखिम वाले वातावरण में बाधाओं को दूर करने के लिए हेरफेर करेगा। दोनों हाथ खदानों, विस्फोटकों और तरल पदार्थों जैसी खतरनाक सामग्रियों को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

    यह प्रणाली दिन हो या रात, घर के अंदर या बाहर निर्बाध रूप से काम करेगी और इसमें प्रोप्रियोसेप्टिव और एक्सटेरोसेप्टिव सेंसर, डेटा फ्यूजन क्षमताएं, सामरिक संवेदन और ऑडियो-विजुअल धारणा शामिल होगी। मानव जैसा दिखने वाला यह द्विपाद गिरने और धक्का लगने पर रिकवरी, वास्तविक समय में मानचित्र निर्माण, स्वायत्त नेविगेशन और एक साथ स्थानीयकरण और मानचित्रण (SLAM) के माध्यम से पथ नियोजन जैसी विशेषताएं शामिल करेगा, जिससे यह चुनौतीपूर्ण, उच्च जोखिम वाले वातावरण में जटिल स्वायत्त संचालन करने में सक्षम होगा। (Indian scientists are inventing robot soldiers. These soldiers will be on the front line)

  • “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    मुंबई में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद का मामला सामने आया है, यहां एक कस्टमर ने एक पिज्जा डिलीवरी बॉय को मराठी नहीं आने के कारण पिज्जा के पैसे देने से इनकार कर दिया। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    मुंबई: देश में जहां एक ओर भारत आतंकवाद से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ अंदरूनी लोग अभी भी जात-पात, धर्म और भाषा को मुद्दा बनाकर आपस में विवाद कर रहे हैं। ताजा मामला मुंबई के भांडुप से सामने आ रहा है। जहां एक ग्राहक ने डिलीवरी बॉय से पिज्जा तो ले लिया लेकिन मराठी में बोलने को कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया और तो और पैसे देने से मना कर दिया क्योंकि उसे मराठी नहीं आती। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    पिज्जा तो ले लिया पर पैसे नही दिए

    मिली जानकारी के मुताबिक, भांडुप इलाके में साईं राधे नाम की बिल्डिंग में डोमिनोज़ पिज्जा के डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे सोमवार की रात यानी 12 मई पिज्जा डिलीवर करने गया था। लेकिन कस्टमर ने उसे मराठी नहीं आने को लेकर बवाल खड़ा कर दिया और कहा कि मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे। हालांकि कस्टमर ने पिज्जा रख लिया और पैसे देने में नाटक करने लगे। डिलीवरी बॉय ने इसका एक वीडियो भी बनाया, जिसमें एक पुरुष और महिला उससे भाषा को लेकर विवाद कर रहे हैं। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    कपल ने डिलीवरी बॉय से किया भाषा पर विवाद

    डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे से महिला कस्टमर ने कहा कि पैसे चाहिए तो मराठी बोलनी पड़ेगी, वीडियो में महिला साफ-साफ कहती हुई सुनाई दे रही है, “मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे।” वहीं, डिलीवरी बॉय कह रहा कि उसे मराठी नहीं आती जबरदस्ती क्यों कर रहे हैं। अगर आर्डर में कोई दिक्कत है तो बताओ। जबकि पूरी वीडियो में महिला हिंदी में बात समझ भी रही थी और बात भी कर रही थी। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    वायरल हुआ वीडियो

    डिलीवरी बॉय ने यह पूरा मामला अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में कस्टमर कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि मराठी में ही बात करनी होगी। जिसके बाद डिलीवरी बॉय को बिना पैसे लिए ही वापस लौटना पड़ा। अब यह वीडियों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

  • Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Mumbai Local Train: हाल ही में, एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आ रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन मुंबई लोकल ट्रेन की ऐसी ऐसी वीडियोज वायरल होती रहती हैं, जिसे देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक व्यक्ति अपने दिनचर्या वाले काम को करने के लिए किस रास्ते तक जा सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन इनमें होने वाली भीड़ कई बार यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। अब हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं मजबूरन चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के X पर ‘Mumbai Railway Users’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें कुछ महिलाएं भीड़ के कारण ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर दरवाजे के बाहर लटक कर यात्रा करती दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि यह घटना कल्याण स्टेशन से रवाना होने वाली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन की है, जो उस दिन करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची थी। देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और महिलाओं को मजबूरी में दरवाजे पर लटकना पड़ा। इसमें लटकी हुई महिला भी अंदर की भीड़ को जगह देने के लिए चिल्ला रही थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई हिल भी नहीं पा रहा था। कहीं उस महिला का हाथ छूट जाता तो मौके पर ही उसकी मौत हो जाती। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    रेलवे ने तुरंत दी प्रतिक्रिया

    वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया दी गई। रेलवे सेवा के आधिकारिक अकाउंट ‘Railway Seva’ ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मुंबई सेंट्रल रेलवे के डिविजनल मैनेजर (@Drmmumbaicr) को टैग किया और जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी जांच के लिए टैग किया गया। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    लोगों ने दी मजेदार प्रतिक्रिया

    इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ट्रेनों की समय पर न आने और भीड़भाड़ को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं कुछ ने यात्रियों की तरफ से उठाए गए जोखिम भरे कदम की आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे खतरनाक तरीकों से बचना चाहिए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सतर्क रहने की है जरूरी

    भारतीय रेलवे पहले भी कई बार यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने या बाहर लटकने से मना कर चुका है। यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसे हालात बने रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

  • Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

    Mumbai: बोरीवली में बुलडोजर ऐक्शन, BMC ने तोड़ा अवैध शादी का हॉल

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    बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में मैंग्रोव की झाडियों को नष्ट करके बनाए गए अवैध शादी हॉल (wedding hall) पर BMC ने कार्रवाई करते हुए पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। क्षेत्र के आरटीआइ कार्यकर्ता, समाजसेवक और शिकायतकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मुंबई: बोरीवली (पश्चिम) से एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आर-मध्य और आर-दक्षिण विभाग ने बोरीवली पश्चिम के एक्सर गांव में बड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने सीआरजेड क्षेत्र में बने अवैध वेडिंग बैंक्वेट हॉल को तोड़ दिया है। ये हॉल, मैंग्रोव (mangrove) की झाडियों को नुकसान पहुंचाकर बनाया गया था। इस तोड़क कार्यवाही के बाद क्षेत्र के समाजसेवक एवं आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    पिछले दो सालों से क्या हो रहा था ?

    आप को बता दें कि पिछले दो सालों से इन अवैध निर्माणों को हटाने की मांग हो रही थी। मनपा द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इस अवैध निर्माण के मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टे हटते ही नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे के निगरानी में अवैध बैंक्वेट हॉल पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

    मैंग्रोवस पर कानूनी सुरक्षा

    एक वन अधिकारी ने बताया कि एक्सर गांव के मैंग्रोव ‘नोटिफाइड’ नहीं हैं। इसका मतलब है कि उन्हें कानूनी सुरक्षा नहीं मिली हुई थी। इसलिए उन्हें अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा आसानी से नष्ट कर दिया गया और उन पर कब्जा कर लिया गया। तोड़फोड़ के समय पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मौजूद थी। वहीं समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं ने नए ज़ोनल डीएमसी संजय कुरहाडे को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने राजनेताओं के समर्थन वाली विरोधी लॉबी के दबाव के बावजूद तोड़क कार्यवाही सुनिश्चित की और कानून व्यवस्था को बरकरार रखा। (Mumbai: Bulldozer action in Borivali, BMC demolished illegal wedding hall)

  • Mumbai BMC: खिचड़ी घोटाले में शिवसेना सांसद का बेटा भी शामिल, 8 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

    Mumbai BMC: खिचड़ी घोटाले में शिवसेना सांसद का बेटा भी शामिल, 8 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका खिचड़ी घोटाले में शिवसेना शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के बेटे सहित 8 लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। जबकि गजानन किर्तिकर का बेटा अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट का नेता है। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    मुंबई: कोविड महामारी के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की खिचड़ी वितरण योजना में 14.57 करोड़ रुपये की हेराफेरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ किला कोर्ट में मुंबई पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और सरकारी रेकॉर्ड में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी विस्तृत जांच के बाद EOW ने यह चार्जशीट दायर की है। कल्याण के रहने वाले 36 वर्षीय गोपाल पांडुरंग लवाने ने इसको लेकर शिकायत दर्ज की थी। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    क्या है घोटाला?

    श्री वैष्णवी किचन और सह्याद्री रिफ्रेशमेंट के पार्टनर गोपाल पांडुरंग लवाने की शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2020 से जुलाई 2020 के बीच कोविड संकट के दौरान आरोपियों ने खिचड़ी के 100 और 200 ग्राम वजन के पैकेटों की आपूर्ति की थी और BMC से 300 ग्राम प्रति पैकेट के हिसाब से भुगतान वसूला। इसमें आरोपियों ने 6.27 करोड़ रुपये का घपला किया। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

    इन आठ के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    आठ आरोपियों में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के सांसद गजानन किर्तिकर के सुपुत्र अमोल किर्तिकर भी शामिल हैं। बता दें कि अमोल किर्तिकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता हैं। जिन्होंने हालही में गोरेगांव पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़ा था। इसके अलावा आरोप पत्र में सुनील कदम उर्फ बाला कदम, राजीव सालुंखे, सुजीत पाटकर, संजय चंद्रकांत माशेलकर, प्रांजल माशेलकर, प्रीतम माशेलकर और सूरज चव्हाण का नाम दर्ज है। आरोपियों ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे। इसके कारण मामले में आईपीसी की धारा 465, 468, 471 (जालसाजी और दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा) भी जोड़ दी गई हैं। (Mumbai BMC: Shiv Sena MP’s son also involved in Khichdi scam, chargesheet filed against 8)

  • No PUC No Fuel: अब महाराष्ट्र में QR Code के बगैर नही मिलेगा फ्यूल। नई पोलिसी

    No PUC No Fuel: अब महाराष्ट्र में QR Code के बगैर नही मिलेगा फ्यूल। नई पोलिसी

    New policy of Maharashtra Government:: महाराष्ट्र सरकार QR Code रहित नया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट शुरू करने का प्लान बना रही है। हर पेट्रोल पंप पर गाड़ियों के प्रमाणपत्र की वैधता तुरंत जांची जाएगी। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

    Maharashtra Government New Policy: हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने और पॉल्यूशन को कम करने के लिए देश और अलग-अलग राज्यों की सरकारें नए कदम उठा रही हैं। इसमें पूरानी गाडिय़ों को पूरे तरीके से हटाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दिया जा रहा है तो वहीं आईसीई व्हीकल पर हेल्थ को लेकर नए नियम बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब महाराष्ट्र सरकार ने पॉल्यूशन फैलाने वाले गाडिय़ों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री का कहना है कि दोषपूर्ण और वायु प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को अब पेट्रोल पंपों पर फ्यूल (ईंधन) नहीं दिया जाएगा। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

    आईसीई व्हीकल किसे कहते हैं?

    आईसीई व्हीकल एक ऐसा वाहन है जो आंतरिक दहन इंजन (ICE) द्वारा संचालित होता है। यह इंजन पेट्रोल या डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन को जलाकर ऊर्जा पैदा करता है। यह ऊर्जा फिर पहियों को घुमाने के लिए प्रयोग में आता है। इसमें पेट्रोल, डीजल से चलने वाली सभी गाडियाँ होती है। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

    वायु प्रदूषण पर खतरा

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंत्रालय में समीक्षा बैठक के दौरान इस मामले पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बहुत से गाड़ियों के मालिक प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) या तो गलत तरीके से बनवा रहे हैं या फिर नकली सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में वायु प्रदूषण और भी तेजी से फैल रहा है। इसके साथ ही राज्य का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार गिरता जा रहा है। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

    किन गाड़ियों को नहीं मिलेगा फ्यूल?

    परिवहन मंत्री का कहना है कि इन व्हीकल के ऊपर सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पेट्रोल पंप पर फ्यूल (ईंधन) लेने से रोका जाएगा। इसके साथ ही अब सरकार QR Code बेस्ड नया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट शुरू करने का प्लान बना रही है। इस क्यूआर कोड के जरिए हर पेट्रोल पंप पर गाड़ियों के प्रमाणपत्र की वैधता तुरंत जांची जा सकेगी। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

    हवा की गुणवत्ता में होगा सुधार

    इसके साथ ही जिनके पास वैध PUC नहीं होगा, उन्हें फ्यूल नहीं दिया जाएगा। मंत्री के मुताबिक आने वाले समय में No PUC, NO Fuel जैसे कड़े नियमों को लागू किया जाएगा। इस नई तकनीक के जरिए खराब वाहनों को रोका जा सकेगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। प्रताप सरनाइक का कहना है, कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है और हमें ऐसे कदम उठाने होंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों को साफ हवा मिल सके। (No PUC No Fuel: Now fuel will not be available in Maharashtra without QR Code. New policy)

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  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई? (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी। (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर
    आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।” (How did the attack happen in Pahalgam despite receiving intelligence reports? The Prime Minister had cancelled his Kashmir visit)

  • BMC Election, महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव का रास्ता हुआ साफ, 4 हफ्ते में जारी होंगे अधिसूचना,

    BMC Election, महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव का रास्ता हुआ साफ, 4 हफ्ते में जारी होंगे अधिसूचना,

    मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में नगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा फैसला सुना दिया है। महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को नगरपालिका चुनाव की अधिसूचना 4 हफ्तों के भीतर जारी करने का निर्देश दिया है। ओबीसी आरक्षण का मुद्दा 2022 की रिपोर्ट से पहले जैसा ही रहेगा। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र नगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा फैसला सुना दिया है। मंगलवार को केस की सुनवाई के दौरान महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को राज्य में स्थानीय नगरपालिका चुनाव की अधिसूचना 4 हफ्तों के भीतर जारी करने का निर्देश दिया। न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की बैंच ने कहा कि महाराष्ट्र के स्थानीय नगर निगम के चुनावों में ओबीसी आरक्षण का विवादास्पद मुद्दा 2022 की रिपोर्ट से पहले जैसा ही रहेगा। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)

    कब होगा चुनाव?

    कोर्ट ने स्थानीय नगरपालिका चुनाव संपन्न कराने को लेकर समयसीमा तय करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से इसे चार महीने में संपन्न करने को कहा है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को उचित मामलों में अधिक समय मांगने की स्वतंत्रता दी है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने को लेकर जोर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र स्थानीय नगरपालिका चुनावों के नतीजे शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित याचिकाओं के फैसलों पर निर्भर करेंगे। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 22 अगस्त, 2022 को एसईसी और महाराष्ट्र सरकार को राज्य में स्थानीय नगर निगम को लेकर चुनाव प्रक्रिया के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)

    सुप्रीम कोर्ट ने किया सवाल?

    सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या आप चुनाव कराना ही नहीं चाहते हैं? कोर्ट ने कहा कि चुनाव रोकने का कोई कारण नहीं दिखता। पहले ओबीसी आरक्षण की वजह से चुनाव रुके हुए थे। लेकिन अब चुनाव शुरू करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि नए प्रभाग के अनुसार चुनाव होंगे या पुराने के अनुसार, इस पर सुनवाई होती रहेगी। कोर्ट ने चुनाव आयोग को चार हफ़्तों में चुनाव की अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)

    कौन कराएगा चुनाव?

    महाराष्ट्र चुनाव आयोग की राज्य चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी तरिके से पूरा कराने की जिम्मेदारी रहेगी। चार हफ़्तों के अंदर चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता कानून लागू कर दिया जाएगा। सितंबर महीने तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। मुंबई की बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और राज्य की अन्य महानगरपालिकाओं के चुनाव कोरोना काल से ही लंबित पड़े हुए हैं। इसलिए सभी महानगरपालिकाओं में प्रशासक ही काम कर रहे हैं। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)

    बीजेपी की तैयारी

    भारतीय जनता पार्टी ने राज्य भर के जिला परिषदों पर अपना झंडा फहराने के लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है। फिर भी बीजेपी ने राज्य भर में मंडल अधिकारियों की संख्या चार गुना बढ़ा दी है। इसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का टार्गेट रखा गया है। राजस्व मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुळे ने ग्रामीण लोगों को जिला मुख्यालय आने की परेशानी से बचाने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारियों की नियुक्ति की है। इससे लोगों को अपने काम के लिए मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये दोनों फैसले राज्य स्तर पर हुए हैं, इसलिए BJP इसका फायदा उठाने की भरपूर कोशिश करने वाली है। (BMC Election, The way for municipal elections in Maharashtra is cleared, notification will be issued in 4 weeks)