Category: Finance & Banking

  • BMC Election 2025: नामांकन के बाद रोज़ खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य- सहायक आयुक्त गजानन बिल्लाळे

    BMC Election 2025: नामांकन के बाद रोज़ खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य- सहायक आयुक्त गजानन बिल्लाळे

    BMC Election 2025-26 में उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से रोज़ाना चुनावी खर्च का हिसाब रखना होगा। खर्च नियंत्रण के लिए वार्ड स्तर पर टीम गठित, गजानन बेल्लाळे ने दी सख्त हिदायत।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की नगर सेवकिय चुनाव 2025-26 को लेकर चुनावी खर्च पर सख्त निगरानी शुरू हो गई है। नामांकन पत्र दाखिल करने के पहले दिन से ही उम्मीदवारों को रोज़ाना अपने चुनावी खर्च का पूरा हिसाब रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सहायक आयुक्त (कर निर्धारण व संकलन) गजानन बेल्लाळे ने साफ किया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक खर्च की निगरानी के लिए हर वार्ड में अलग-अलग खर्च नियंत्रण टीमें तैनात की गई हैं।

    नामांकन के साथ ही खर्च का हिसाब जरूरी

    BMC चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन के दिन से ही रोज़ाना खर्च का लेखा-जोखा रखना होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रचार सामग्री, सभाएं, रैलियां, प्रचार वाहन और अन्य गतिविधियों की प्रचलित दरसूची पहले ही तय कर दी गई है।

    गजानन बेल्लाळे ने कहा कि उम्मीदवारों के हर खर्च की जांच की जाएगी ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या गैरकानूनी लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

    BMC-Election-2025-26
    बैठक की तस्वीर

    BMC वार्ड स्तर पर खर्च नियंत्रण पथक गठित

    चुनावी खर्च पर सख्ती से नजर रखने के लिए BMC ने हर प्रभाग (Ward) में Election Expenditure Monitoring Team बनाई है।

    इन टीमों में:

    • लेखाधिकारी
    • लेखापाल
    • खर्च निरीक्षक
    • उड़नदस्ता (Flying Squad)
    • वीडियो निगरानी टीम

    शामिल हैं। इन सभी की बैठक BMC मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें खर्च निगरानी की पूरी कार्यप्रणाली पर चर्चा हुई।

    बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

    इस अहम बैठक में:

    • प्रमुख लेखापाल (वित्त) वैशाली देसाई
    • दादासाहेब फाळके चित्रनगरी, गोरेगांव की वित्तीय सलाहकार व प्रमुख लेखाधिकारी चारुलेखा खोत
    • प्रशासनिक विभाग के वरिष्ठ लेखाधिकारी

    मौजूद रहे। बैठक में सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    चुनाव आयोग की गाइडलाइंस क्या कहती हैं?

    राज्य चुनाव आयोग के 15 फरवरी 2024 के आदेश के अनुसार:

    • उम्मीदवार को अलग बैंक अकाउंट से ही चुनावी खर्च करना होगा
    • खर्च और आय का पूरा विवरण तय फॉर्मेट (नमूना) में देना अनिवार्य
    • प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियों की स्थानीय दरों के अनुसार सूची तैयार

    यह नियम सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों पर लागू है।

    कौन-कौन से फॉर्म भरना जरूरी?

    उम्मीदवारों को चुनाव के बाद 30 दिनों के भीतर ये दस्तावेज जमा करने होंगे:

    • नमूना क्रमांक 1: प्राप्त निधि का विवरण
      (स्वनिधि, पार्टी फंड, दान, कर्ज)
    • नमूना क्रमांक 2: चुनाव में किया गया खर्च
    • नमूना क्रमांक 3: शपथपत्र (Affidavit)
    • नमूना क्रमांक 4: खर्च जमा करने की रसीद

    BMC अधिकारियों और उम्मीदवार – दोनों को ये दस्तावेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई

    चुनाव प्रचार के दौरान अगर किसी तरह का:

    • संदिग्ध खर्च
    • बेहिसाब पैसा
    • गैरकानूनी प्रचार

    पाया जाता है, तो खर्च नियंत्रण टीम तुरंत कार्रवाई करेगी। उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम लगातार नजर रखेगी।


    FAQ Section

    ❓ नामांकन के बाद खर्च का हिसाब कब से रखना होगा?

    ➡️ नामांकन पत्र दाखिल करने के उसी दिन से रोज़ाना खर्च का हिसाब रखना अनिवार्य है।

    ❓ क्या अलग बैंक अकाउंट जरूरी है?

    ➡️ हां, चुनावी खर्च के लिए अलग बैंक खाता अनिवार्य किया गया है।

    ❓ खर्च का विवरण कब जमा करना होगा?

    ➡️ चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर।

    ❓ खर्च की निगरानी कौन करेगा?

    ➡️ वार्ड स्तर पर गठित खर्च नियंत्रण पथक, उड़नदस्ते और वीडियो निगरानी टीम।

  • दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    दहिसर में ऑर्केस्ट्रा बार से उगाही, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई के दहिसर ईस्ट में ऑर्केस्ट्रा बार संचालक से फर्जी शिकायतों की धमकी देकर उगाही करने के मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हर महीने पैसे मांगकर कारोबार में रुकावट डालने की धमकी दे रहे थे।

    मुंबई: दहिसर ईस्ट इलाके में एक ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट संचालक से लगातार उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी शिकायतों की धमकी देकर पैसे वसूलने के आरोप में एक महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और बीएमसी में झूठी शिकायतें करने का डर दिखाकर बार संचालक से हजारों रुपये ऐंठने का आरोप है।

    🧑‍💼 शिकायतकर्ता और कारोबार की पृष्ठभूमि

    इस मामले में शिकायतकर्ता चंद्रशेखर गुरुनाथ शेट्टी (47) हैं, जो दहिसर ईस्ट के रावलपाड़ा इलाके में रहते हैं।
    वह अपने चचेरे भाई के ऑर्केस्ट्रा बार और रेस्टोरेंट का संचालन संभालते हैं, जो दहिसर चेक पोस्ट के पास प्रभात इंडस्ट्रियल एस्टेट में स्थित है।

    शेट्टी के अनुसार, उनका ऑर्केस्ट्रा बार पूरी तरह से वैध है और उसके पास FL-III लाइसेंस समेत सभी जरूरी सरकारी अनुमति मौजूद हैं। बार में काम करने वाले स्टाफ और महिला कलाकारों से जुड़े सभी नियमों का भी पालन किया जाता है।

    💰 उगाही की शुरुआत और धमकियां

    शिकायत में बताया गया है कि मई 2025 में एक महिला रीमा राजेश मोहिते और उसका साथी अनिल यादव बार में पहुंचे।
    दोनों ने कथित तौर पर बार को “शांतिपूर्वक चलाने” के बदले हर महीने एक तय रकम देने की मांग की।

    आरोप है कि उन्होंने साफ धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो वे पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड और नगर निगम (BMC) में बार के खिलाफ बार-बार शिकायतें दर्ज कराएंगे और उसे अवैध गतिविधियों में फंसाएंगे।

    🔁 फर्जी शिकायतों से परेशान करने का आरोप

    शेट्टी ने बताया कि बाद में उन्हें इलाके के अन्य बार मालिकों से जानकारी मिली कि यही आरोपी पहले भी कई बार और रेस्टोरेंट्स को इसी तरह फर्जी शिकायतों के जरिए परेशान कर चुके हैं।

    शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने अपने नए कारोबार को परेशान न करने की विनती भी की, लेकिन इसके बावजूद आरोपी लगातार दबाव बनाते रहे और पैसे की मांग जारी रखी।

    🚨 फर्जी इमरजेंसी कॉल से मचा हड़कंप

    19 मई 2025 की रात एक फर्जी इमरजेंसी कॉल के बाद हालात और बिगड़ गए।
    शिकायत के अनुसार, देर रात पुलिस, फायर ब्रिगेड और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के अधिकारी अचानक होटल पहुंच गए। इससे बार में अफरा-तफरी मच गई और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    इस घटना के बाद आरोपियों ने अपनी धमकियां और तेज कर दीं और रकम बढ़ाने का दबाव बनाने लगे।

    📲 दबाव में किए गए भुगतान

    शेट्टी का आरोप है कि अपने व्यवसाय को बचाने के लिए उन्होंने मई से दिसंबर 2025 के बीच कई बार पैसे दिए।

    • शुरुआत में ₹2,000 प्रति माह
    • बाद में रकम बढ़ाकर ₹3,000 की गई
    • फिर ₹10,000 प्रति माह की मांग की जाने लगी

    पैसे UPI ट्रांजैक्शन और नकद दोनों माध्यमों से दिए गए। कुल मिलाकर करीब ₹22,000 की उगाही की गई।

    🚓 दहिसर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    शिकायत और डिजिटल पेमेंट के सबूतों के आधार पर दहिसर पुलिस ने रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव के खिलाफ

    • उगाही
    • आपराधिक धमकी
    • अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन्होंने इलाके के अन्य बार और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इसी तरह निशाना बनाया था।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के दहिसर ईस्ट इलाके का।

    Q2. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीमा राजेश मोहिते और अनिल यादव।

    Q3. उगाही किस तरह की जा रही थी?
    👉 फर्जी पुलिस, फायर ब्रिगेड और BMC शिकायतों की धमकी देकर।

    Q4. कितनी रकम वसूली गई?
    👉 कुल ₹22,000।

    Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    👉 दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की गई है।

  • कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    कनाडा वर्क वीज़ा के नाम पर 1.63 करोड़ की ठगी, मालाड से पति-पत्नी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड में कनाडा वर्क वीज़ा दिलाने के नाम पर 37 लोगों से 1.63 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी डेढ़ साल से फरार थे।

    मुंबई: कनाडा में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का सपना दिखाकर 37 लोगों से करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले पति-पत्नी को मालाड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को वीज़ा कंसल्टेंट बताकर लोगों को फंसाते थे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए रकम ऐंठते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह से जुड़े और भी मामले सामने आ सकते हैं।

    डेढ़ साल से फरार थे आरोपी

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रीना गौरव शाह और गौरव शाह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही दोनों फरार हो गए थे और करीब डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। हाल ही में मालाड पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को दबोच लिया।

    कैसे हुआ ठगी का खुलासा

    इस मामले की शिकायतकर्ता सारिका हैं, जो मालवणी इलाके में अपनी मां के साथ रहती हैं। करीब दो साल पहले वह बोरीवली स्थित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रही थीं और कनाडा में नौकरी की तलाश में थीं।

    इसी दौरान उन्होंने मालाड के काचपाड़ा इलाके में स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ नामक कंपनी का विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर उन्हें ऑफिस बुलाया गया, जहां उनकी मुलाकात कंपनी की मालकिन बताई जा रही रीना शाह और गौरव शाह से कराई गई।

    7 लाख में वर्क वीज़ा का लालच

    आरोपियों ने सारिका को भरोसा दिलाया कि वे 7 लाख रुपये में कनाडा वर्क वीज़ा दिलवा देंगे। उन्हें कंपनी का ई-मेल आईडी भी दिया गया और कुछ दिनों बाद कथित तौर पर कनाडा की एक कंपनी से जॉब ऑफर भेजा गया।

    सारिका को पहला ऑफर संदिग्ध लगा, लेकिन बाद में दूसरा ऑफर भेजा गया, जिस पर भरोसा कर उन्होंने वीज़ा प्रक्रिया के लिए किस्तों में 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

    वर्क वीज़ा की जगह मिला विज़िटर वीज़ा

    11 जून 2024 को आरोपियों ने बताया कि सारिका का कनाडा वर्क वीज़ा मंजूर हो गया है। जब वह मुंबई के महालक्ष्मी स्थित कनाडा कांसुलेट पहुंचीं, तो वहां पता चला कि दिया गया वीज़ा वर्क नहीं बल्कि विज़िटर वीज़ा है।

    इसके बाद वह जब मालाड स्थित ‘द वीज़ा मेंशन’ के ऑफिस पहुंचीं, तो वह बंद मिला। फोन कॉल और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं मिला।

    37 लोगों से 1.56 करोड़ से ज्यादा की ठगी

    जांच में सामने आया कि सारिका अकेली पीड़िता नहीं थीं। ठीक इसी तरह 36 अन्य लोगों को भी कनाडा वर्क वीज़ा का झांसा देकर ठगा गया था।
    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कुल ₹1,56,70,400 की रकम वसूल की और उसे हड़प लिया।

    मालाड पुलिस की कार्रवाई

    सभी सबूत जुटाने के बाद मालाड पुलिस ने रीना और गौरव शाह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लंबे समय तक फरार रहने के बाद आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस का कहना है कि:

    • आरोपियों के बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है
    • अन्य पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है
    • इस रैकेट से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है

    FAQ

    Q1. यह ठगी किस इलाके में हुई?
    👉 मुंबई के मालाड इलाके में।

    Q2. कुल कितने लोग ठगी का शिकार हुए?
    👉 37 लोग।

    Q3. ठगी की कुल रकम कितनी है?
    👉 करीब 1.63 करोड़ रुपये।

    Q4. आरोपी कौन हैं?
    👉 रीना गौरव शाह और गौरव शाह।

    Q5. पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
    👉 अन्य पीड़ितों, बैंक ट्रांजैक्शन और इस रैकेट से जुड़े लोगों की जांच।

  • ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    ₹10 करोड़ की वसूली की साजिश नाकाम, फर्जी छेड़छाड़ केस में दो महिलाएं गिरफ्तार

    मुंबई में एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने वाली दो महिलाओं को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

    मुंबई: मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो एक कारोबारी के बेटे को फर्जी छेड़छाड़ के केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही करने की कोशिश कर रही थीं। पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    कौन हैं आरोपी महिलाएं?

    गिरफ्तार महिलाओं की पहचान

    • हेमलता आदित्य पाटकर उर्फ हेमलता बाने (39)
    • अमरिना इक़बाल ज़वेरी उर्फ एलिस उर्फ अमरिना मैथ्यू फर्नांडिस (33)
      के रूप में हुई है।

    क्या है पूरा मामला?

    शिकायतकर्ता अरविंद गोयल, गोरेगांव पश्चिम में स्थित Goyal & Sons Infra LLP नाम की कंपनी चलाते हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे रितम गोयल की सगाई 5 नवंबर को यश्वी शाह से हुई थी।

    इस खुशी में 14 नवंबर की रात अंबोली इलाके के एक होटल में पार्टी रखी गई थी।

    लिफ्ट में हुआ विवाद, दर्ज हुआ केस

    पार्टी खत्म होने के बाद 15 नवंबर तड़के करीब 2:40 बजे, रितम, उनकी मंगेतर, उसका भाई और एक दोस्त लिफ्ट में थे। उसी दौरान एक अज्ञात महिला लिफ्ट में आई और रितम पर लेज़र लाइट दिखाने का आरोप लगाया।

    लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचते ही महिला ने हंगामा किया, जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया।

    ₹10 करोड़ की मांग, डराने-धमकाने का आरोप

    पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों महिलाओं ने इस मामले को “सेटल” करने के बदले गोयल परिवार से ₹10 करोड़ की मांग की।
    20 दिसंबर को हेमलता पाटकर ने अंधेरी पश्चिम के एक कैफे में अरविंद गोयल को धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनके बेटे को उम्रकैद हो सकती है।

    बातचीत के बाद रकम घटाकर ₹5.5 करोड़ तय की गई।

    लोअर परेल में बिछाया गया जाल

    इसके बाद कारोबारी की शिकायत पर एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जाल बिछाया।
    आरोपियों को लोअर परेल बुलाकर ₹1.5 करोड़ नकद देने का नाटक किया गया, जिसमें कुछ नकली नोट भी शामिल थे।

    जैसे ही पैसे लेने की कोशिश हुई, पुलिस ने दोनों महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और एफआईआर दर्ज की।

    तीसरा आरोपी फरार

    पुलिस ने बताया कि इस गिरोह में उत्कर्ष नाम का एक तीसरा आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।


    FAQ

    Q1. आरोपी महिलाओं पर क्या आरोप है?
    फर्जी छेड़छाड़ केस में फंसाने की धमकी देकर ₹10 करोड़ की उगाही का।

    Q2. गिरफ्तारी किसने की?
    मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने।

    Q3. घटना कहां की है?
    अंबोली, अंधेरी और लोअर परेल इलाके से जुड़ा मामला है।

    Q4. क्या कोई आरोपी फरार है?
    हां, उत्कर्ष नाम का तीसरा आरोपी फरार है।

  • मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड में 25 लाख की नकली सोने की ठगी, इंटर-स्टेट गैंग गिरफ्तार

    मालाड (वेस्ट) में खुदाई के दौरान सोना मिलने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया। गुजरात और पालघर से आरोपियों की धरपकड़, 15.45 लाख रुपये बरामद।

    मुंबई: जमीन की खुदाई के दौरान सोने के आभूषण मिलने का झांसा देकर मालाड इलाके में 25 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर इंटर-स्टेट गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई पुलिस ने गुजरात और पालघर से इस गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। मामले में अब तक 15.45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह ठगी नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत के बीच की गई थी।

    Inter-state-gang-arrested-for-fake-gold-fraud-worth-Rs-25-lakh-in-Malad-news

    खुदाई में सोना मिलने का झांसा देकर ठगी

    पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता दिनेश मेहता (51), जो मालाड (वेस्ट) के सोमवारी बाजार स्थित अंकुर बिल्डिंग में रहते हैं, उनसे मुख्य आरोपी बाबूलाल भालाराम वाघेला (55) ने संपर्क साधा।
    आरोपी ने खुद को राजस्थान से जुड़ा बताते हुए राजस्थानी भाषा में बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। उसने दावा किया कि नासिक में एक मंदिर के पीछे खुदाई के दौरान करीब 900 ग्राम सोने के आभूषण मिले हैं

    नमूना दिखाकर बनाया विश्वास

    आरोपी ने या तो आभूषण बेचने में मदद करने या सीधे बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उसने कुछ पीले धातु के मोती नमूने के तौर पर दिए, जो जांच में असली सोना निकले। इसी भरोसे में आकर दिनेश मेहता ने 25 लाख रुपये नकद दे दिए और आभूषण अपने पास ले लिए।

    जौहरी की जांच में निकला नकली सोना

    कुछ समय बाद जब इन आभूषणों को जौहरी को दिखाया गया, तो वे पूरी तरह नकली पाए गए। ठगी का अहसास होते ही शिकायतकर्ता ने मालाड पुलिस से संपर्क किया।
    इसके बाद 5 दिसंबर 2025 को मालाड पुलिस स्टेशन में क्राइम रजिस्टर नंबर 883/25 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    कानूनी धाराएं और जांच

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
    जांच के दौरान क्राइम डिटेक्शन टीम ने मालाड और कांदिवली (ईस्ट) सहित कई इलाकों के 100 से ज्यादा सरकारी और निजी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

    CCTV, कॉल डिटेल और चाल-ढाल से पहचान

    हालांकि CCTV फुटेज साफ नहीं थी, लेकिन पुलिस ने

    • शरीर की बनावट
    • चलने की चाल (gait analysis)
    • कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल डंप डेटा

    के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार तीन दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।

    गुजरात और विरार से गिरफ्तारियां

    जांच में कुल पांच आरोपियों की पहचान हुई।

    • मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला को कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया।
    • उसके घर की तलाशी में 15.45 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
    • उसकी पत्नी कोकुबाई वाघेला (50) की भूमिका सामने आने पर उन्हें BNS की धारा 35(3) के तहत नोटिस दिया गया है।

    इसके बाद विरार (ईस्ट) से तीन अन्य आरोपी—
    मंगलाराम वागरी, केसराराम वागरी और भवरलाल वागरी—को गिरफ्तार किया गया।

    राजस्थान से जुड़े, पेशे से फोटो फ्रेम बनाने वाले आरोपी

    पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी मूल रूप से राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं और अलग-अलग राज्यों में घूम-घूमकर ऐसी ठगी करते हैं।
    गिरफ्तार आरोपी पेशे से फोटो फ्रेम बनाने का काम करते हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल वाघेला के खिलाफ गुजरात के कालोल तालुका और साबरमती पुलिस स्टेशन में पहले से भी ठगी के मामले दर्ज हैं।

    एक आरोपी फरार, तलाश जारी

    इस केस में गोविंद (उम्र करीब 30 वर्ष) नाम का एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
    बरामद रकम के अलावा बाकी पैसे और अन्य संपत्ति की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

    पुलिस अधिकारियों की भूमिका

    इस पूरे मामले की जांच एपीआई अभिजीत काले और दीपक रैवाडे कर रहे हैं, जो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दुष्यंत चव्हाण के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं।


    FAQ सेक्शन

    Q1. ठगी की रकम कितनी थी?
    25 लाख रुपये नकद।

    Q2. अब तक कितनी रकम बरामद हुई है?
    15.45 लाख रुपये।

    Q3. मुख्य आरोपी कहां से गिरफ्तार हुआ?
    कालोल, गांधीनगर (गुजरात) से।

    Q4. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार।

    Q5. कौन-सी धाराओं में केस दर्ज है?
    BNS की धारा 316(2), 318(4) और 3(5)।

  • Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    Malad में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, विदेशियों को बैन दवाइयां बेचने वाले 5 गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड स्थित चिनचोली बंदर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस ने छापा मारकर पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी विदेशों में बैन दवाओं की सप्लाई का झांसा देकर भारी रकम वसूल रहे थे। पुलिस ने IT Act, BNS और टेलीग्राफ एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    मुंबई: मालाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एक अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिका सहित कई देशों के ग्राहकों को बैन दवाइयां भेजने का दावा करते थे और उनसे भारी रकम वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IT Act और नई दंड संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

    Malad में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर, विदेशी ग्राहकों को बनाया जा रहा था निशाना

    मुंबई के चिंचोली बंदर, मालाड स्थित एक ऑफिस में यह फर्जी कॉल सेंटर ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर विदेशी ग्राहकों से संपर्क करते थे।

    वे ग्राहक को कहते थे कि उनके लिए ऐसी दवाइयां उपलब्ध हैं जो आमतौर पर बैन हैं या ऑनलाइन बेचना गैरकानूनी है। इसी बहाने उनसे डॉलर में भुगतान भी ले लिया जाता था।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए पाँच आरोपी—

    • अयूब शेख (30)
    • फैजान भलीम (27)
    • फारुख शेख (29)
    • मोइन अहमद शेख (32)
    • ज़ीशान नासिर अंसारी (22)

    ये सभी मिलकर लंबे समय से ये फर्जीवाड़ा चला रहे थे।
    ये सभी मिलकर अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को फंसाकर लाखों की ठगी कर रहे थे।

    कैसे करते थे ठगी? पुलिस ने खोला पूरा खेल

    • संदिग्ध वेबसाइट या डेटा के जरिए विदेशी ग्राहकों तक पहुँच बनाना
    • खुद को इंटरनेशनल ऑनलाइन फार्मेसी का अधिकारी बताना
    • मेडिकल कंसल्टेशन का झांसा देना
    • “बैन मेडिसिन उपलब्ध” कहकर ऑनलाइन पेमेंट वसूलना
    • पैसे लेने के बाद उत्पाद न भेजना

    यह पूरा नेटवर्क फार्मा से जुड़े अवैध कारोबार + साइबर फ्रॉड का कॉम्बिनेशन था।

    कौन-कौन सी धाराओं में केस दर्ज?

    बांगुर नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है—

    • BNS की धाराएँ 318(4), 319(2), 3(5)
    • IT Act 2000 की धाराएँ 66(A), 66(D), 75
    • Indian Telegraph Act की धारा 20

    पाँचों आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

    मालाड और मुंबई में बढ़ते साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस अलर्ट

    इस तरह के कॉल सेंटर लगातार मुंबई के कई इलाकों में पकड़े जा रहे हैं। विदेशी ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि—

    • वे दवाओं की कीमत ज़्यादा चुकाते हैं
    • वे शिकायत भारत में दर्ज नहीं करा पाते
    • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मुश्किल होती है

    पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े और लोगों की तलाश कर रही है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या गिरफ्तार कॉल सेंटर वास्तव में दवाइयां सप्लाई करता था?

    नहीं, आरोपी सिर्फ भुगतान लेते थे और बाद में उत्पाद नहीं भेजते थे। यह पूरा रैकेट फर्जीवाड़ा था।

    2. क्या ग्राहकों को किसी तरह की मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा दी जाती थी?

    वे खुद को इंटरनेशनल फार्मेसी बताकर नकली कंसल्टेशन की बात करते थे, जो पूरी तरह अवैध था।

    3. क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हो सकते हैं?

    पुलिस के अनुसार यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जाँच जारी है।

    4. क्या विदेशी ग्राहक भारत में केस दर्ज कर सकते हैं?

    तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन शिकायत प्रक्रिया जटिल होने के कारण अक्सर ठगी की रिपोर्ट नहीं होती।

  • Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    Mumbai: तीन फर्जी पुलिस गिरफ्तार, 2 करोड़ 24 लाख का सोना बरामद

    मुंबई के मुलुंड में 71 वर्षीय बुजुर्ग से फर्जी पुलिस बनकर 2 करोड़ 24 लाख का सोना ठगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार। CCTV और तकनीकी जांच से 24 घंटे में पूरा सोना बरामद।

    मुंबई: मुलुंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे ठगों को गिरफ्तार किया है जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से ₹2,24,000 के सोने के गहने ठगकर फरार हो गए थे। पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते घटना के 24 घंटे के भीतर पूरा चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है

    🔍 घटना कैसे हुई?

    यह घटना 2 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग जटाशंकर डोसा रोड, मुलुंड वेस्ट के पास स्थित अतिथि होटल के पास अपने व्यक्तिगत काम से आए थे। इसी दौरान तीन अज्ञात लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया।

    उन्होंने बुजुर्ग को “सुरक्षा जांच” के नाम पर गले की चेन और दो सोने की अंगूठियां हटाने को कहा और मौका देखकर वहां से फरार हो गए।

    🎥 CCTV फुटेज ने खोला राज

    शिकायत दर्ज होने के बाद मुलुंड पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले। जांच में एक संदिग्ध की गतिविधि कैमरे में कैद मिली, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और जानकारी के लिए मरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, जहां आरोपी पहले भी ऐसी वारदात में पकड़ा जा चुका था।

    🚓 तकनीकी जांच और कमाल की तेजी में तीनों सलाखों के पीछे

    • सबसे पहले पुलिस की टीम मीरा रोड (ईस्ट) पहुंची, जहां पहला आरोपी तौफीक मोफिद सिद्दीकी (41) पकड़ा गया।
    • पूछताछ में उसने बताया कि चोरी किए गए गहने उसके साथी के पास हैं जो वसई (ईस्ट) में है।
    • पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए उसी रात दूसरे आरोपी सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस (63) को गिरफ्तार किया।
    • इसके बाद टीम कुर्ला (ईस्ट) पहुंची और तीसरे आरोपी मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी (52) को भी हिरासत में लिया।

    पुलिस ने तीनों से 100% चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया है।

    ⚖ कानूनी कार्रवाई

    तीनों आरोपियों पर धारा 318(4), 204 और 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

    🏷 मुख्य आरोपी और उनके पते:

    आरोपी का नामउम्रक्षेत्र
    तौफीक मोफिद सिद्दीकी41मीरा रोड (ईस्ट)
    सिमोन गैब्रियल गोंसाल्वेस63वसई (ईस्ट)
    मोहम्मद शरीफ मुनिर अहमद सिद्दीकी52कुर्ला (ईस्ट)

    ❓ FAQ SECTION

    Q1. क्या आरोपी पहले भी अपराध में शामिल थे?
    हाँ, एक आरोपी पर पहले भी मेरिन ड्राइव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है।

    Q2. क्या पूरा चोरी किया गया सोना वापस मिल गया?
    हाँ, पुलिस ने 24 घंटे में पूरा ₹2,24,000 का सोना बरामद कर लिया।

    Q3. क्या पीड़ित सुरक्षित हैं?
    हाँ, पीड़ित पूरी तरह सुरक्षित हैं और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

    Q4. आरोपियों को कितने दिन की कस्टडी मिली है?
    कोर्ट ने तीनों को 6 दिसंबर 2025 तक पुलिस कस्टडी में भेजा है।

  • सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “ज्येष्ठ नागरिकों को 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट” वाले संदेश को BMC ने फर्जी बताया। निगम ने अपील की—नागरिक वॉर्ड ऑफिस न पहुंचें।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उस संदेश को BMC ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि महाराष्ट्र सरकार के हाउसिंग पॉलिसी 2025 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% टैक्स छूट दी जा रही है। BMC ने साफ कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1888 में ऐसी कोई भी प्रावधान नहीं है और वरिष्ठ नागरिक अनावश्यक रूप से वॉर्ड ऑफिसों में भीड़ न लगाएँ।

    सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज से बढ़ी वॉर्ड ऑफिसों में भीड़

    पिछले कुछ दिनों से WhatsApp, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा था।
    उसमें लिखा था कि “ज्येष्ठ नागरिक को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट मिलेगी”।

    इस संदेश को सच मानकर कई वरिष्ठ नागरिक मुंबई के अलग–अलग BMC वॉर्ड ऑफिसों में जानकारी के लिए पहुंच रहे थे।
    प्रशासन को अचानक बढ़ी भीड़ से दिक्कतें भी हुईं।

    BMC ने दिया स्पष्ट बयान: यह मैसेज 100% फर्जी

    बीएमसी ने प्रेस नोट जारी कर कहा—

    • नगर निगम अधिनियम 1888 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का कोई नियम नहीं है।
    • नागरिक ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें।
    • किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए वॉर्ड ऑफिस न आएँ, ताकि उन्हें बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े।

    प्रशासन ने इसे सोशल मीडिया अफवाह करार दिया है।

    कौन-सी छूट वास्तव में लागू है? BMC ने बताया

    BMC ने सही जानकारी साझा करते हुए कहा—

    ✔ 1. 500 sq ft से कम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट

    1 जनवरी 2022 से मुंबई में 500 वर्ग फुट या उससे कम क्षेत्र वाली रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को टैक्स में छूट दी गई है।

    ✔ 2. माजी सैनिक और शहीद परिवार को भी छूट

    • पूर्व सैनिक
    • उनकी विधवा
    • शहीद सैनिकों के अविवाहित परिवारजन
      इनकी एक प्रॉपर्टी को टैक्स में छूट मिलती है (शासन के टैक्स को छोड़कर)।

    ✔ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग से छूट नहीं

    बीएमसी ने दोहराया कि ज्येष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का संदेश पूरी तरह गलत है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या मुंबई में वरिष्ठ नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में 30% छूट मिलती है?

    नहीं, बीएमसी ने साफ कहा है कि ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है। वायरल मैसेज पूरी तरह फर्जी है।

    2. क्या इस फर्जी मैसेज के कारण बीएमसी कार्यालयों में भीड़ बढ़ी?

    हाँ, कई वरिष्ठ नागरिक वॉर्ड ऑफिस पहुंच गए थे, इसलिए बीएमसी ने स्पष्टीकरण जारी किया।

    3. वास्तव में मुंबई में किसे टैक्स छूट मिलती है?

    500 sq ft से कम क्षेत्र वाली रिहायशी प्रॉपर्टी को और पूर्व सैनिक/शहीद परिवार को छूट मिलती है।

    4. वरिष्ठ नागरिकों को कोई विशेष टैक्स छूट है?

    नहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई छूट लागू नहीं है।

    5. सही जानकारी कहाँ से लें?

    बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट, प्रेस नोट या वॉर्ड ऑफिस में अधिकृत अधिकारियों से।

  • मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी करने वाले कुख्यात चोर मोनू उर्फ़ आज़न खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर व मिठाई दुकानों को निशाना बनाने वाला यह आरोपी सिर्फ़ कैश चुराता था। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई लंबे समय से फरार चल रहे 38 वर्षीय अजान खान उर्फ़ मोनू को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो शहर में 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी कर चुका है। यह आरोपी सिर्फ़ नकदी चुराता था और चोरी के तुरंत बाद ड्रग्स और फिज़ूलखर्ची में पैसे उड़ा देता था। पुलिस की 10 दिन की निगरानी के बाद उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा गया।

    मोनू का अनोखा चोरी करने का तरीका

    पुलिस के मुताबिक, मोनू की चोरी करने की शैली बाकी चोरों से अलग थी।
    वह सिर्फ़ उन दुकानों को निशाना बनाता था जहां नकदी मिलने की संभावना अधिक हो—जैसे मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर शॉप, मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर व छोटी दुकानें
    खास बात यह थी कि वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान नहीं चुराता था
    चोरी में हाथ लगते ही वह पूरा पैसा ड्रग्स और पार्टी में खर्च कर देता था और फिर दो दिन तक गायब रहता था।

    कई इलाकों की पुलिस कर रही थी तलाश

    मोनू मलवानी क्षेत्र में रहता था, लेकिन परिवार के साथ नहीं रहता था।
    मुंबई के कांदिवली, मालाड और बांगुर नगर में उसने कई चोरी की वारदातें की थीं।
    कई पुलिस टीमें एक साल से उसकी तलाश में थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।

    10 दिन तक पुलिस ने की लगातार निगरानी

    DCP संदीप जाधव और ACP नीता पाडवी के मार्गदर्शन में
    सीनियर इंस्पेक्टर करण सोनकवडे,
    असिस्टेंट इंस्पेक्टर हेमंत गीते
    और सब-इंस्पेक्टर नितिन साटम की टीम ने आरोपी पर करीब 10 दिन तक लगातार नज़र रखी।

    CCTV फुटेज में सामने आया कि वह हर रात लगभग 2.30 बजे मार्वे रोड, स्थित मालवनी कब्रिस्तान के पास वाले सिग्नल से गुजरता है
    पुलिस टीम उसकी रूटीन मूवमेंट का पीछा करते हुए शनिवार की रात उसे पकड़ने में सफल रही।

    रंगे हाथों गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद

    शनिवार देर रात पुलिस ने उसे एक दुकान का शटर उठाते समय रंगे हाथों पकड़ लिया।
    जांच में पता चला कि जिस बाइक से वह घूमता था वह भी मटुंगा इलाके से चोरी की गई थी
    अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और चोरी की रकम व सामान की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।

    कई मामलों का खुलासा

    कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब तक
    10 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं,
    जिनमें छह मामले कांदिवली के, जबकि बाकी मालाड और बांगुर नगर के हैं।
    पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी मामले खुल सकते हैं।


    FAQ सेक्शन

    1. मोनू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?

    मोनू उर्फ़ आज़न खान पर मुंबई में 100 से ज़्यादा दुकानों में चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा।

    2. वह किस तरह की दुकानों को निशाना बनाता था?

    वह सिर्फ़ मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर दुकानें, मिठाई और किराना दुकानों में सेंध लगाता था और सिर्फ़ नकदी चुराता था।

    3. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    करीब 10 दिन की निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से उसकी हर रात की मूवमेंट ट्रैक की गई। अंत में उसे शटर उठाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

    4. क्या चोरी का सामान बरामद हुआ है?

    पुलिस ने उसकी चोरी की बाइक बरामद की है, और बाकी चोरी की रकम व सामान की तलाश जारी है।

    5. आरोपी पर अब तक कितने केस दर्ज हैं?

    कांदिवली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ 10 चोरी के केस सुलझा लिए हैं, और संख्या बढ़ सकती है।

  • BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    मुंबई में BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। 23,704 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 ने ही डिपॉज़िट जमा किया। जानिए क्यों नहीं बिक रहे 55 लाख से 1 करोड़ तक के ये फ्लैट्स।

    मुंबई: बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी 2024 को इस बार कमजोर रिस्पॉन्स मिला है। कुल 23,704 नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 लोगों ने ही ₹11,000 का डिपॉज़िट पेमेंट किया है। जबकि आवेदन की अंतिम तारीख में अब केवल चार दिन बाकी हैं।
    यह फ्लैट्स डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (DCPR), 2034 के तहत विकसित किए गए हैं। कुल 426 फ्लैट्स में से 381 EWS (Economically Weaker Section) और 45 LIG (Low Income Group) के लिए रखे गए हैं।

    🏠 महंगे दामों से खरीदार पीछे हटे

    BMC ने 16 अक्टूबर को इन 426 फ्लैट्स की बिक्री की घोषणा की थी, जिनकी कीमतें ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच रखी गई हैं।
    इन फ्लैट्स से BMC को करीब ₹308 करोड़ की आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन उच्च दामों के कारण खरीदारों की रुचि कम देखी जा रही है।
    BMC के मुताबिक, कीमतें स्थानीय रेडी रेकनर रेट से लगभग 10% ज़्यादा हैं, जो मिडल क्लास और लो-इनकम परिवारों के लिए भारी पड़ रही हैं।

    स्थान:
    इन फ्लैट्स के लोकेशन में मरोल (अंधेरी), मजास गांव (जोगेश्वरी ईस्ट), गोरेगांव वेस्ट, कांदिवली वेस्ट, भांडुप वेस्ट, भायखला, दहिसर और कांजुरमार्ग शामिल हैं।

    📉 BMC कर सकती है फ्लैट के रेट्स में कमी

    एक वरिष्ठ BMC अधिकारी के अनुसार —

    “अगर खरीदार नहीं मिलते हैं, तो हम कीमतों में कमी पर विचार कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम मार्केट की स्थिति और अन्य सरकारी हाउसिंग इन्वेंटरी का रिव्यू करेंगे।”

    यह फ्लैट्स DCPR 2034 की रेग्युलेशन 15 और 33(20)(b) के तहत डेवेलपर्स से लिए गए हैं, जिसमें उन्हें 4000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए देना होता है।

    पहले ऐसे फ्लैट्स MHADA लॉटरी के जरिए अलॉट किए जाते थे, लेकिन इस बार BMC ने खुद यह प्रक्रिया संभाली है।

    🗓️ ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी का शेड्यूल

    • अंतिम तारीख: 14 नवंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक)
    • योग्य आवेदकों की सूची: 18 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • लॉटरी ड्रॉ: 20 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • सफल आवेदकों की घोषणा: 21 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • आधिकारिक वेबसाइट: https://housing.mcgm.gov.in

    📊 BMC आवेदन डेटा (16 अक्टूबर – 10 नवंबर तक)

    विवरणसंख्या
    कुल रजिस्टर्ड आवेदक23,704
    रजिस्ट्रेशन फीस (₹1,180) भरने वाले1,644
    डिपॉज़िट (₹11,000) जमा करने वाले855

    🧩 क्यों नहीं मिल रही है जनता की रुचि?

    • फ्लैट्स की कीमतें आमदनी के मुकाबले ज्यादा
    • 269 से 489 वर्गफुट के छोटे आकार
    • EMI और ब्याज दरों में बढ़ोतरी
    • निजी बिल्डर्स के सस्ते ऑफर्स से मुकाबला
    • जगहों की सीमित कनेक्टिविटी

    🏡 EWS और LIG के लिए उम्मीदें अभी बाकी

    हालांकि शुरुआत धीमी रही है, लेकिन BMC को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अंतिम तिथि करीब आएगी, आवेदकों की संख्या बढ़ेगी।
    इसके अलावा, अगर कीमतों में कमी की घोषणा होती है, तो यह मिडल क्लास खरीदारों के लिए बड़ा मौका बन सकता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी क्या है?
    यह एक सरकारी योजना है जिसमें मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने सस्ते घरों को लॉटरी सिस्टम के जरिए पात्र नागरिकों को आवंटित किया जाता है।
    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    14 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और डिपॉज़िट किया जा सकता है।
    Q3. किन इलाकों में फ्लैट्स उपलब्ध हैं?
    मरोल, जोगेश्वरी, गोरेगांव, कांदिवली, भांडुप, बायकुला, दहिसर और कांजुरमार्ग में।
    Q4. फ्लैट्स की कीमतें कितनी हैं?
    ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच, क्षेत्र और साइज के अनुसार।
    Q5. क्या BMC दरें घटा सकती है?
    हां, BMC ने संकेत दिए हैं कि अगर खरीदार नहीं मिलते हैं तो दरों में कमी पर विचार किया जाएगा।