Category: Finance & Banking

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  • Mumbai Honeytrap: अंधेरी के कैफे से Tinder Honeytrap रैकेट का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार

    Mumbai Honeytrap: अंधेरी के कैफे से Tinder Honeytrap रैकेट का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Andheri East के Heaven Terrace 72 Cafe में Tinder Honeytrap Scam का खुलासा। Sakinaka Police ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया, डेटिंग ऐप के जरिए पुरुषों को फंसाकर लाखों की ठगी का आरोप।

    मुंबई: Dating App Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Andheri East के एक कैफे से चल रहे Tinder Honeytrap Racket का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

    Sakinaka Police ने गुप्त सूचना के आधार पर Heaven Terrace 72 Restaurant पर छापा मारकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह कथित तौर पर Tinder Dating App के जरिए पुरुषों को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था

    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने किया स्टिंग ऑपरेशन

    पुलिस को सूचना मिली थी कि Tinder Social Media Platform के जरिए कुछ लोग पुरुषों को डेट के बहाने कैफे में बुलाते हैं और फिर उनसे फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिल वसूलते हैं

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    इस सूचना के आधार पर पुलिस ने एक पंच गवाह और एक नकली ग्राहक (Decoy Customer) की मदद से पूरा स्टिंग ऑपरेशन किया।

    खार वेस्ट के कारोबारी बने नकली ग्राहक

    इस ऑपरेशन में खार वेस्ट के बिजनेसमैन पंकज गोविंद यादव (38) को नकली ग्राहक बनाया गया।

    पुलिस अधिकारियों ने उन्हें Tinder App के जरिए एक महिला से संपर्क करने और उससे मिलने के इच्छा जाहिर करने का निर्देश दिया।

    कैफे में पहुंचते ही सामने आई ठगी की सच्चाई

    जब पंकज यादव और महिला Heaven Terrace 72 Cafe के अंदर पहुंचे, तो पुलिस टीम भी उनके पीछे-पीछे पहुंच गई।

    अंदर जाकर पुलिस ने देखा कि दो कर्मचारी जमीन पर बैठे एक व्यक्ति से बहस कर रहे थे

    उस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसने सिर्फ एक पेग शराब पिया था, लेकिन उससे 25,000 रुपये का बिल मांगा जा रहा था

    पानी परोसकर बना दिया 18 हजार का बिल

    जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई।

    पुलिस के मुताबिक कैफे के कर्मचारी शराब की जगह पानी परोसते थे और उसके लिए भारी-भरकम बिल बनाते थे

    पंकज यादव के मामले में सिर्फ पानी के लिए 18,616 रुपये का बिल बनाया गया था

    कैफे के पास शराब परोसने का लाइसेंस भी नहीं

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कैफे के पास शराब परोसने का लाइसेंस नहीं था, इसके बावजूद वहां शराब परोसी जा रही थी।

    यह भी आरोप है कि कैफे के कर्मचारी और महिलाएं मिलकर डेटिंग ऐप के जरिए पुरुषों को जाल में फंसाते थे

    ऐसे काम करता था पूरा Tinder Honeytrap Gang

    पुलिस पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि शोएब और अज़ीम सिद्दीकी Tinder पर पुरुषों की प्रोफाइल ढूंढने में उनकी मदद करते थे।

    इसके बाद महिलाएं उन पुरुषों से संपर्क कर उन्हें डेट के बहाने कैफे में बुलाती थीं

    जब पीड़ित कैफे पहुंचता, तो वहां मौजूद गिरोह बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाकर पैसे वसूलता था

    कैफे मालिक और कर्मचारी भी शामिल

    पुलिस जांच में पता चला कि मयूर डिडोले और नितेश अमदासकर कैफे चलाते थे

    इसके अलावा मयंक कटुरिया (20) कैफे मैनेजर, मोहसीन खान (28) कर्मचारी और जतिन कुमार (24) बाउंसर के रूप में काम कर रहे थे।

    13 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेजा

    Sakinaka Police ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया

    सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    पुलिस ने जिन 13 लोगों को गिरफ्तार किया है उनके नाम इस प्रकार हैं:

    • अश्मिन मलिक
    • परी उपाध्याय
    • निहारिका कौर
    • मोहसीन खान
    • मयंक कटुरिया
    • मयूर डिडोले
    • नितेश अमदासकर
    • जतिन कुमार
    • फैज़ल अली
    • दीपक दास
    • साहिल कुशवाहा
    • शोएब
    • अज़ीम सिद्दीकी

    इनमें से तीन महिलाएं दिल्ली की रहने वाली हैं, जबकि बाकी आरोपी मुंबई के निवासी हैं

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुख्य धाराएं:

    • Section 308(2) – जबरन वसूली (Extortion)
    • Section 318(4) – धोखाधड़ी (Cheating)
    • Section 3(5) – सामान्य आशय (Common Intention)

    इसके अलावा Information Technology Act के तहत भी केस दर्ज किया गया है।


    FAQ

    Q1: मुंबई में Tinder Honeytrap केस क्या है?

    अंधेरी ईस्ट के Heaven Terrace 72 Cafe से एक गिरोह Tinder Dating App के जरिए पुरुषों को फंसाकर उनसे पैसे वसूल रहा था

    Q2: इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

    Q3: यह गिरोह कैसे ठगी करता था?

    महिलाएं Tinder पर पुरुषों से संपर्क कर उन्हें कैफे में बुलाती थीं, जहां बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाकर पैसे वसूले जाते थे

    Q4: पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?

    BNS की धारा 308(2), 318(4), 3(5) और Information Technology Act के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5: आरोपियों को कितने दिन की पुलिस हिरासत मिली है?

    कोर्ट ने सभी आरोपियों को 16 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है

  • Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Crime News: Mata Ramabai Marg Police ने बिहार और पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय चोरी गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। करीब 25.60 लाख रुपये की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद, 7 चोरी के केस सुलझे।

    मुंबई: चोरी और घरफोडी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Mata Ramabai Marg Police Station की टीम ने एक Interstate Burglary Gang का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार और पश्चिम बंगाल से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 25.60 लाख रुपये की चोरी की मालमत्ता बरामद की है।

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंग ने मुंबई में कुल 7 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था, जिन्हें अब पुलिस ने सुलझा लिया है।

    23 फरवरी को दर्ज हुआ था चोरी का केस

    पुलिस के अनुसार 23 फरवरी 2026 को Siddhat Mahesh Shetde (39) ने Mata Ramabai Marg Police Station में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।

    सिद्धात शेटदे Aastha Guru Auction Firm में नौकरी करते हैं। उनकी शिकायत पर CCTNS Crime No.101/2026 के तहत Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धारा 305(3), 331(4), 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

    खिड़की का ग्रिल तोड़कर की गई थी चोरी

    जांच में पता चला कि यह चोरी रात के समय हुई थी। आरोपियों ने खिड़की का ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां ऑक्शन के लिए रखी गई महंगी ब्रांडेड घड़ियां और फोटोग्राफी के कैमरे चोरी कर लिए

    50 CCTV फुटेज की जांच से मिला सुराग

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 50 CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की

    फुटेज में आरोपी चेहरा पूरी तरह ढककर घूमते हुए दिखाई दिए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई।

    चोरी के बाद फ्लाइट से भाग जाते थे आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपी फ्लाइट से अपने राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल भाग जाते थे

    इस जानकारी के बाद DCP Zone 1 के मार्गदर्शन में पुलिस की दो टीमें तुरंत बिहार और पश्चिम बंगाल रवाना की गईं

    दुर्गम गांवों में 10 दिन तक वेश बदलकर रही पुलिस

    पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्र के बेहद दुर्गम गांवों में छिपे हुए थे, जहां चारपहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते थे

    काफी मुश्किल हालात के बावजूद पुलिस टीम ने लगातार 10 दिन तक गांव में वेश बदलकर रहकर निगरानी की और आखिरकार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

    25.60 लाख की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने ₹25,60,141 की चोरी की मालमत्ता बरामद की

    बरामद सामान में शामिल हैं:

    • Sony कंपनी का कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹3,70,070
    • Rolex कंपनी की लग्जरी घड़ी – ₹11,20,000
    • TAG Heuer कंपनी की घड़ी – ₹72,000
    • Vacheron Constantin कंपनी की घड़ी – ₹7,50,000
    • Sony कंपनी का पुराना कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹2,48,071

    कुल बरामद माल की कीमत ₹25,60,141 बताई गई है।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

    1. Chhotu Miyan Mubarak Hussain (23) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल
    2. Munawar Tushnududdin Sheikh (42) – वर्तमान पता कामाठीपुरा, नागपाड़ा मुंबई / मूल निवासी पश्चिम बंगाल
    3. Mohammad Rajiful Mohammad Rahim Sheikh (32) – निवासी परमपुर, बिहार
    4. Achabul Charu Sheikh (34) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल

    7 अन्य चोरी के मामले भी सुलझे

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी मुंबई में कई अन्य चोरी की वारदातों में शामिल थे

    अब तक कुल 7 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं और पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई Additional CP South Region Dr. Abhinav Deshmukh,
    DCP Zone 1 Dr. Pravin Munde,
    ACP Azad Maidan Division Jagdish Kulkarni

    और Senior Police Inspector Yogesh Sable (Mata Ramabai Marg Police Station) के मार्गदर्शन में की गई।

    इन पुलिस अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका

    इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से इन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही:

    • API Dhanesh Satardekar
    • API Pravin Shinde
    • Police Havaldar Sameer Sankukhe
    • Police Havaldar Krishna Gawde
    • PSI Bhagwat Pakhare
    • PSI Sagar Hemade
    • PSI Prakash Hake
    • PSI Sachin Mandale
    • PSI Rahul Kamble
    • Police Havaldar Sachin Patil (Technical Support)

    इन सभी की तकनीकी जांच और लगातार ऑपरेशन के चलते इस Interstate Burglary Gang को पकड़ने में सफलता मिली।


    FAQ

    Q1: मुंबई में किस गैंग को गिरफ्तार किया गया?

    मुंबई पुलिस ने Interstate Burglary Gang के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    Q2: आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?

    आरोपियों को बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया

    Q3: कितनी चोरी की मालमत्ता बरामद हुई?

    पुलिस ने करीब ₹25,60,141 की चोरी की घड़ियां और कैमरे बरामद किए

    Q4: कितने केस सुलझे?

    इस कार्रवाई में मुंबई के 7 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है

    Q5: यह कार्रवाई किस पुलिस स्टेशन ने की?

    यह कार्रवाई Mata Ramabai Marg Police Station, Mumbai ने की।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali IC Colony के My Gold Point jewellery shop से ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी मामले में MHB Colony Police की बड़ी कार्रवाई। 45 दिन की technical investigation के बाद Rajasthan के Rajsamand जंगल से 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹4.65 करोड़ का माल बरामद।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित IC Colony में My Gold Point jewellery shop से करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। MHB Colony Police ने लगातार 45 दिन की investigation के बाद राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक ₹4.65 करोड़ का चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि बाकी की recovery जारी है।

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    📍 कैसे सामने आया Jewellery Theft Case?

    14 जनवरी 2026 को MHB Colony Police Station में शिकायतकर्ता राकेश शांतिलाल पोरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 की रात 10:30 बजे से 14 जनवरी 2026 दोपहर 1:26 बजे के बीच Borivali West, IC Colony, Holy Cross Road स्थित My Gold Point ज्वेलरी शॉप की तिजोरी से सोना, चांदी और डायमंड के दागिने चोरी हो गए।

    चोरी की कुल अनुमानित कीमत ₹6,79,85,000 बताई गई। पुलिस ने इस मामले में BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत FIR (CR No. 23/2026) दर्ज की।

    🕵️‍♂️ दुकान के ही सेल्समैन निकले मास्टरमाइंड

    शिकायत के मुताबिक, दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करने वाले प्रभू सिंग नारायण सिंग ने साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तिजोरी से कीमती ज्वेलरी चुरा ली और बिना मालिक की जानकारी के फरार हो गए।

    🎥 CCTV और Technical Surveillance से मिला सुराग

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज और technical investigation के जरिए पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभू गोप सिंग दसाणा और नारायण मोहन सिंग राजस्थान भाग गए हैं।

    तुरंत एक Crime Detection Team को राजस्थान रवाना किया गया।

    🌲 राजसमंद के जंगल में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन

    28 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली कि एक आरोपी राजसमंद जिले के कुवारीया गांव के पास घने जंगल में एक मंदिर में छिपा है। पुलिस ने वहां trap बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

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    पूछताछ में पता चला कि चोरी की साजिश में गणपत सिंह मोहन चंदाना, विशन सिंह वग्गालाल रेवारी, मोडसिंग चुनसिंग दसाना और देवी सिंह गोपसिंग दसाणा (सभी निवासी राजसमंद, राजस्थान) शामिल थे।

    राजस्थान पुलिस की मदद से राजसमंद जिले के तीन जंगल इलाकों में joint search operation चलाया गया। इस दौरान private thermal drone का भी इस्तेमाल किया गया। सर्च के दौरान मोडसिंग को भी पकड़ा गया।

    🚨 1 मार्च को दो और आरोपी दबोचे

    लगातार human intelligence और technical surveillance के जरिए 1 मार्च 2026 को खबर मिली कि फरार आरोपी गणपत सिंह और किशन सिंह कुवारीया गांव के आसपास देखे गए हैं।

    पुलिस ने गांव के जंगल से आने-जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर trap लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    💰 ₹4.65 करोड़ का माल बरामद

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब:

    • 3 किलोग्राम सोने के दागिने (कीमत लगभग ₹4.50 करोड़)
    • 5 किलोग्राम चांदी के दागिने (कीमत लगभग ₹15 लाख)

    कुल ₹4,65,00,000 की संपत्ति बरामद की गई है। बाकी चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई जारी है।

    👮‍♂️ किन अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला Borivali Operation?

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (Law & Order) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव (परिमंडल 11), एसीपी संतोष धनवटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी के मार्गदर्शन में हुई।

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    Operation में PI (Crime) अतुल आव्हाड, PSI निलेश पाटील, संदीप गोरडे, वसीम शेख, मंगेश किरपेकर, संतोष भोसले, API संभाजी खरात, हवालदार बबलू सालुंखे, संदीप परिट, तिरुपती रेकुळवाड, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।

    🔎 Mumbai Crime News में बड़ा खुलासा

    Borivali IC Colony Jewellery Theft Case ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंदरूनी साजिश (insider conspiracy) किस तरह बड़े crime को अंजाम दे सकती है।

    Police investigation, technical surveillance और drone search operation की मदद से 45 दिन में आरोपियों को पकड़ना Mumbai Police के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. चोरी कितनी रकम की थी?
    करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी हुई थी।

    Q2. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से।

    Q3. अब तक कितना माल बरामद हुआ है?
    करीब ₹4.65 करोड़ का सोना और चांदी बरामद हुआ है।

    Q4. क्या दुकान के कर्मचारी शामिल थे?
    हाँ, दुकान के सेल्समैन पर साजिश रचने का आरोप है।

    Q5. कौन सी धाराओं में केस दर्ज हुआ?
    BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreement breach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।

    मुंबई: Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।

    📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?

    MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।

    लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।

    💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा

    जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।

    इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।

    MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।

    📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice

    इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।

    Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।

    ⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति

    सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।

    मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।

    🤝 Consent Agreement में क्या था?

    Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।

    साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।

    ❌ फिर हुआ Agreement Breach

    MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।

    40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।

    इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।

    🏠 Retired Employees से Recovery की मांग

    MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।

    🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action

    राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।

    Samant के अनुसार:

    • MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
    • साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।

    🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल

    Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है?
    Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।

    Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं?
    Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।

    Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है?
    आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।

    Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है?
    MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।

  • अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस ने मंदिर और मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन ठगने वाले ईरानी आरोपी वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम इरानी को गिरफ्तार किया। 2017 से फरार चल रहे इस शातिर पर मुंबई और उपनगरों में 30 ठगी के मामले दर्ज। जानिए पूरा खुलासा।

    मुंबई: अंधेरी इलाके में मंदिर और मस्जिद में दान देने के नाम पर लोगों को झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले एक सराईत आरोपी को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी साल 2017 से पुलिस की नजरों से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मुंबई शहर और उपनगरों में दर्ज 30 ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है।

    यह कार्रवाई अंधेरी पुलिस स्टेशन की क्राइम डिटेक्शन टीम ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर की।

    कैसे देता था वारदात को अंजाम?

    24 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के मुताबिक, 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे एक अनजान व्यक्ति शिकायतकर्ता के पास आया। उसने कहा,
    “इधर किधर मस्जिद है क्या? मैंने नया सोने का दुकान शुरू किया है, मस्जिद में खैरात देना है।”

    उसने 500-500 रुपये की दो नोटें शिकायतकर्ता को दीं और गले की सोने की चेन उन नोटों में लपेटने को कहा। नोटों में चेन लपेटने के बहाने वह 71 तोला वजन की सोने की चेन लेकर फरार हो गया।

    इस मामले में अंधेरी पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 68/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।

    तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

    Andheri-Police-arrests-Iranian-man-who-allegedly-cheated-people-under-the-pretext-of-donating-to-temples-and-mosques-news

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और फील्ड इनपुट के जरिए आरोपी का लोकेशन ट्रैक किया।

    आखिरकार उसे अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे इलाके से शातिराना तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने कई वारदात कबूल कीं।

    आरोपी की पहचान

    गिरफ्तार आरोपी का नाम:
    वसीम अब्बास सिराज उर्फ वसीम जाफरी उर्फ वसीम इरानी

    Andheri-Police-arrests-Iranian-man-who-allegedly-cheated-people-under-the-pretext-of-donating-to-temples-and-mosques-1

    पता:
    रूम नं. 103, ब्राइट बिल्डिंग, गणेश चौक के पास, अडीवली, कल्याण पूर्व, ठाणे
    मूल पता: इंदिरानगर, संतोषी माता मंदिर रोड, वाल्मिकि स्कूल के पास, अटाली, आंबिवली, कल्याण, ठाणे

    गिरफ्तारी दिनांक: 17 फरवरी 2026
    फिलहाल आरोपी न्यायालयीन हिरासत में है।

    2017 से दर्ज हैं कई गंभीर मामले

    आरोपी पर पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी और ठगी के केस शामिल हैं। उसके खिलाफ निम्न पुलिस थानों में केस दर्ज रहे हैं:

    • वाकोला पुलिस स्टेशन (मुंबई) – धारा 379, 34
    • मानगांव पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420
    • पोलादपुर पुलिस स्टेशन (रायगढ़) – धारा 420, 406, 34
    • कर्जत पुलिस स्टेशन
    • पहाड़ी शरीफ पुलिस स्टेशन (तेलंगाना)
    • शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • टिलक नगर पुलिस स्टेशन (मुंबई)
    • भुसावल रेलवे पुलिस (जलगांव)
    • मुंब्रा पुलिस स्टेशन (ठाणे)
    • कासारवडवली पुलिस स्टेशन
    • महिधरपुरा पुलिस स्टेशन (सूरत)

    इन सभी मामलों में आरोपी पर चोरी (Theft), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) जैसी धाराएं लगी थीं।

    मुंबई में 30 केस का खुलासा

    अंधेरी पुलिस की पूछताछ में मुंबई और उपनगरों के कुल 30 केस का खुलासा हुआ। इनमें प्रमुख रूप से निम्न पुलिस स्टेशन शामिल हैं:

    • अंधेरी पुलिस स्टेशन
    • ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन
    • एमआईडीसी पुलिस स्टेशन
    • विले पार्ले पुलिस स्टेशन
    • दहिसर पुलिस स्टेशन
    • जोगेश्वरी पुलिस स्टेशन
    • वर्सोवा पुलिस स्टेशन
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन
    • वनराई पुलिस स्टेशन
    • कुरार पुलिस स्टेशन
    • मेघवाड़ी पुलिस स्टेशन

    इन सभी जगहों पर मंदिर/मस्जिद में दान देने का बहाना बनाकर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाया गया।

    पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती के मार्गदर्शन में की गई।

    साथ ही पुलिस सह आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) सत्यनारायण, अपर पुलिस आयुक्त पश्चिम प्रादेशिक विभाग परमजीत सिंह दहिया, पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े (परिमंडल 10), सहायक पुलिस आयुक्त गजानन पवार (अंधेरी डिवीजन) के मार्गदर्शन में टीम ने काम किया।

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मरचिडर और पुलिस निरीक्षक (गुन्हे) विनोद पाटिल की देखरेख में
    पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाले, समाधान मुंगे, स. फौजदार पेडणेकर, कांबळे, पुजारी, घडवले, शिंदे, पाटील, म्हात्रे, गवली, लोंढे, राके, तिघोटे, घुले, नरबट, मोरे और तकनीकी सहायता में विशाल पिसाळ ने यह ऑपरेशन सफल बनाया।

    जनता के लिए जरूरी चेतावनी

    • अजनबी व्यक्ति अगर मंदिर/मस्जिद में दान या सोना दिखाकर बात करे तो सतर्क रहें
    • किसी भी हालत में अपनी चेन या गहने हाथ में न दें
    • तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें
    • बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपी कितने साल से फरार था?
    साल 2017 से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था।

    Q2. आरोपी किस तरह ठगी करता था?
    मंदिर/मस्जिद में दान देने के बहाने सोने की चेन नोटों में लपेटने को कहकर फरार हो जाता था।

    Q3. कितने केस का खुलासा हुआ?
    मुंबई शहर और उपनगरों में कुल 30 मामलों का खुलासा हुआ।

    Q4. आरोपी अभी कहां है?
    फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में है।

  • Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    Borivali Flat Scam: पती-पत्नी ने किराए के फ्लैट को बेचा अपना बताकर, 60 लाख की ठगी,

    मुंबई के बोरीवली में फ्लैट बेचने के नाम पर 60 लाख की कथित धोखाधड़ी। आरोपी दंपती किरायेदार निकले, फ्लैट पर पहले से 35 लाख का होम लोन। पुलिस जांच जारी।

    मुंबई: बोरिवली इलाके से प्रॉपर्टी फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लैट खरीद के नाम पर करीब 60 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप एक पती-पत्नी पर लगा है। इस मामले में बोरिवली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

    आरोपी दंपती के खिलाफ FIR

    पुलिस के अनुसार, आरोपी गणेश केशव रहाटे और सविता गणेश रहाटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता बोरिवली में रहने वाले एक वरिष्ठ पद पर कार्यरत व्यक्ति हैं।

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता की मेहुणी और साडू ने न्यू एमएचबी कॉलोनी स्थित एक सोसायटी में आरोपी दंपती से फ्लैट खरीदने का सौदा किया था।

    60 लाख रुपये लेने के बाद भी नहीं दिया कब्जा

    शिकायत के मुताबिक, फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर करीब 60 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। लेकिन पूरी रकम देने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

    जब बार-बार टालमटोल होने लगी तो खरीदार पक्ष को शक हुआ और उन्होंने सोसायटी में जाकर जांच-पड़ताल की।

    जांच में सामने आया बड़ा खुलासा

    सोसायटी से मिली जानकारी ने सभी को हैरान कर दिया। पता चला कि गणेश रहाटे ने उसी फ्लैट पर एक निजी बैंक से 35 लाख रुपये का होम लोन लिया हुआ है।

    सबसे बड़ा खुलासा यह था कि वह फ्लैट उनकी खुद की प्रॉपर्टी ही नहीं थी। दोनों आरोपी उस फ्लैट में मालिक नहीं बल्कि किरायेदार के रूप में रह रहे थे।

    कैसे हुआ शक और फिर शिकायत?

    पूरी रकम चुकाने के बाद भी जब रजिस्ट्री और कब्जा नहीं मिला तो खरीदार पक्ष ने दस्तावेजों की जांच कराई। इसी दौरान बैंक लोन और असली मालिक की जानकारी सामने आई।

    इसके बाद सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

    प्रॉपर्टी डील में सावधानी की जरूरत

    मुंबई जैसे बड़े शहर में फ्लैट खरीदते समय टाइटल क्लियरेंस, ओनरशिप डॉक्युमेंट और बैंक लोन स्टेटस की जांच बेहद जरूरी है। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि बिना लीगल वेरिफिकेशन के करोड़ों का निवेश करना कितना जोखिम भरा हो सकता है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के बोरिवली स्थित न्यू एमएचबी कॉलोनी का है।

    Q2. कितनी रकम की कथित ठगी हुई?

    करीब 60 लाख रुपये फ्लैट और मेंटेनेंस के नाम पर लिए गए।

    Q3. आरोपियों ने क्या किया?

    कथित तौर पर किराए के फ्लैट को अपना बताकर बेचा और उसी पर 35 लाख का होम लोन भी लिया।

    Q4. पुलिस क्या कर रही है?

    बोरिवली पुलिस ने FIR दर्ज कर दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

  • Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    Malad SRA Project में ₹5 करोड़ का घोटाला, शाह हाउसकॉन के दो डायरेक्टर पर FIR

    मुंबई के मलाड स्थित SRA प्रोजेक्ट में ₹5.15 करोड़ की कथित धोखाधड़ी। शाह हाउसकॉन प्राइवेट लिमिटेड के दो डायरेक्टरों पर केस दर्ज, जांच EOW को ट्रांसफर।

    मुंबई: मलाड के SRA (Slum Rehabilitation Authority) रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में करीब ₹5 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में कस्तूरबा मार्ग पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। जांच की गंभीरता को देखते हुए केस को अब मुंबई पुलिस आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को ट्रांसफर कर दिया गया है।

    पिता-पुत्र पर लगा ठगी का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी कंपनी Shah Housecon Private Limited के डायरेक्टर मनसुख शाह और आकाश मनसुख शाह हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों ने कथित तौर पर इसी तरह के फर्जी एग्रीमेंट कर कई बिल्डरों से बड़ी रकम वसूली है।

    शिकायतकर्ता कौन हैं?

    शिकायतकर्ता निलेश नरेंद्र राघाणी, जो कांदिवली के ठाकुर विलेज में रहते हैं, एक रियल एस्टेट डेवलपर हैं। वह अपनी कंपनी क्लासिक ट्रेजर प्राइवेट लिमिटेड अपने पार्टनर जिगर देसाई के साथ मिलकर SRA और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं।

    ऐसे रचा गया कथित निवेश जाल

    शिकायत के मुताबिक, मार्च 2025 में एक साझा परिचित के जरिए राघाणी की मुलाकात आरोपियों से हुई। आरोपियों ने दावा किया कि वे मलाड के रानी सती मार्ग स्थित खोथोडोंगरी SRA सोसायटी के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।

    बताया गया कि 5,600 वर्ग मीटर के प्लॉट पर निर्माण होना है। डील के अनुसार, निर्माण खर्च राघाणी की कंपनी उठाएगी, जबकि आरोपियों की कंपनी परमिशन और झोपड़पट्टी निवासियों के पुनर्वास की जिम्मेदारी संभालेगी। बदले में राघाणी को सेल कंपोनेंट एरिया दिया जाना था।

    ₹5.15 करोड़ ट्रांसफर, लेकिन काम शुरू नहीं

    मई से जुलाई 2025 के बीच राघाणी ने कुल ₹5.15 करोड़ आरोपियों को ट्रांसफर किए। लेकिन एग्रीमेंट के तीन महीने बाद भी न तो झोपड़पट्टी खाली कराई गई और न ही टाइटल क्लियर हुआ।

    शक होने पर राघाणी ने खुद जांच कराई तो पता चला कि प्लॉट का मालिकाना हक आरोपियों की कंपनी के पास नहीं, बल्कि एक चैरिटेबल ट्रस्ट के पास है।

    फर्जी कब्जे और किराया वसूली का आरोप

    जांच में यह भी सामने आया कि प्लॉट पर दिखाए गए कई “कब्जाधारी” असली निवासी नहीं थे। आरोप है कि स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी अतिक्रमण करवाए गए और उनसे किराया वसूला जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, इसी तरह के एग्रीमेंट कर अन्य डेवलपर्स से भी करीब ₹14 करोड़ की रकम हड़पी गई।

    पैसे मांगने पर मिली धमकी

    जब राघाणी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें प्रोजेक्ट से बाहर करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद राघाणी ने DCP कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।

    EOW करेगी विस्तृत जांच

    FIR दर्ज होने के बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को जल्द पूछताछ के लिए समन जारी किया जा सकता है। पुलिस पूरे SRA प्रोजेक्ट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है।


    FAQ Section

    Q1. यह मामला किस इलाके से जुड़ा है?

    यह मामला मुंबई के मलाड स्थित SRA रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा है।

    Q2. कितनी रकम की कथित धोखाधड़ी हुई है?

    करीब ₹5.15 करोड़ की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    Q3. जांच कौन कर रहा है?

    मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपा गया है।

    Q4. आरोपियों पर क्या आरोप हैं?

    फर्जी एग्रीमेंट, निवेश ठगी, फर्जी कब्जे दिखाकर रकम वसूलना और धमकी देने के आरोप लगे हैं।