Category: Finance & Banking

  • BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026: 672 पदों पर भर्ती, ₹29,200 सैलरी — 2 अप्रैल तक करें ऑनलाइन आवेदन

    BFUHS Staff Nurse Vacancy 2026: Baba Farid University of Health Sciences, Faridkot ने 672 Staff Nurse पदों पर भर्ती निकाली है। सैलरी ₹29,200 से ₹92,300 तक। जानिए eligibility, age limit, selection process और apply online link।

    नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे Nursing Diploma (GNM) धारकों के लिए बड़ी खबर है। Baba Farid University of Health Sciences (BFUHS), Faridkot ने Department of Health and Family Welfare, Punjab के तहत Staff Nurse के 672 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

    इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आवेदन कर सकते हैं।

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 के मुख्य Highlights

    यह भर्ती Punjab Government Health Department के लिए की जा रही है, जिसके तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्स की नियुक्ति होगी।

    • Post Name: Staff Nurse
    • Total Vacancies: 672
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300
    • Job Location: Government Hospitals in Punjab
    • Application Mode: Online
    • Last Date: 2 April 2026

    Category-wise Vacancy Details

    BFUHS द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 672 पद अलग-अलग श्रेणियों में बांटे गए हैं।

    CategoryMaleVacancies
    General (UR)113187
    OBC5674
    SC (Mazbi & Balmiki)2441
    SC (Ravidasia & Others)1327
    BC2441
    EWS2767
    ESM / LDESM2754
    Sports Quota1117
    Freedom Fighter47
    PwBD1627

    Total Vacancies:
    351 (Male) + 321 (Female) = 672 Posts

    BFUHS Staff Nurse 2026 के लिए Eligibility Criteria

    इस सरकारी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कुछ जरूरी योग्यता पूरी करनी होगी।

    Educational Qualification

    • उम्मीदवार Senior Secondary (10+2) पास होना चाहिए
    • Diploma in General Nursing and Midwifery (GNM) मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए
    • Punjab Nursing Registration Council में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी
    • Punjabi language proficiency जरूरी है

    उम्मीदवारों को या तो Matriculation में Punjabi subject पास होना चाहिए या भर्ती परीक्षा के साथ होने वाले Punjabi qualifying test में कम से कम 50% अंक लाने होंगे

    Age Limit (1 January 2026 के अनुसार)

    • Minimum Age: 18 Years
    • Maximum Age: 37 Years

    Age Relaxation

    • SC / BC: 5 साल
    • PwBD: 10 साल
    • Punjab Govt Employees: 45 साल तक
    • Widows / Divorcees: 40 साल तक

    BFUHS Staff Nurse Salary 2026

    BFUHS में Staff Nurse पद की सैलरी Punjab Health and Family Welfare Technical (Group C) Service Rules 2025 के तहत दी जाएगी।

    • Basic Pay: ₹29,200 प्रति माह
    • Pay Level: Level 5
    • Salary Range: ₹29,200 – ₹92,300

    Allowances

    • Dearness Allowance (DA)
    • House Rent Allowance (HRA)
    • Transport Allowance (TA)

    इन सभी को मिलाकर In-hand salary लगभग ₹38,000 से ₹48,000 प्रति माह तक हो सकती है।

    अन्य Benefits

    • NPS (National Pension System)
    • Medical reimbursement
    • Leave encashment
    • Punjab Govt employee benefits

    Selection Process और Exam Pattern

    BFUHS Staff Nurse भर्ती में चयन written test और experience marks के आधार पर होगा।

    Stage 1: Written Exam (90 Marks)

    • लिखित परीक्षा BFUHS Faridkot द्वारा आयोजित होगी
    • उम्मीदवारों को कम से कम 33% अंक लाने होंगे

    Stage 2: Punjabi Qualifying Test

    • Matric level Punjabi test अनिवार्य होगा
    • कम से कम 50% अंक जरूरी

    Stage 3: Experience Marks (10 Marks)

    • संबंधित काम के अनुभव के लिए अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे

    Stage 4: Document Verification

    • Original documents verification
    • Police verification
    • Medical fitness test

    Application Fees

    CategoryFee
    General / OBC / BC / EWS / PwBD₹2,360
    SC₹1,180

    Payment Mode: Online

    Important Dates

    EventDate
    Notification Release13 March 2026
    Online Application Start13 March 2026
    Last Date to Apply2 April 2026

    BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 Apply Online

    आवेदन करने से पहले ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें:

    • 10+2 Certificate
    • GNM Diploma
    • Punjab Nursing Registration Certificate
    • Category Certificate (अगर लागू हो)
    • Passport size photo
    • Signature scan

    Apply करने के Steps

    1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    2. Recruitment Section में Staff Nurse Recruitment 2026 पर क्लिक करें
    3. Email ID और मोबाइल नंबर से Registration करें
    4. Personal details और qualification भरें
    5. Photo और signature upload करें
    6. Application fee online pay करें
    7. Form submit कर confirmation slip download करें

    Online Apply Link


    FAQ

    Q1: BFUHS Staff Nurse Recruitment 2026 में कितनी vacancies हैं?

    इस भर्ती में कुल 672 Staff Nurse पद हैं।

    Q2: BFUHS Staff Nurse की सैलरी कितनी है?

    Basic salary ₹29,200 से ₹92,300 के बीच है।

    Q3: आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?

    2 अप्रैल 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q4: चयन प्रक्रिया क्या है?

    Selection written exam (90 marks) + experience marks (10 marks) के आधार पर होगा।

    Q5: क्या Punjabi language जरूरी है?

    हाँ, Punjabi language qualifying test में कम से कम 50% अंक जरूरी हैं

  • Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Police Action: अंतरराज्यीय चोरी गैंग गिरफ्तार, 25 लाख की चोरी की माल बरामद

    Mumbai Crime News: Mata Ramabai Marg Police ने बिहार और पश्चिम बंगाल से अंतरराज्यीय चोरी गैंग के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। करीब 25.60 लाख रुपये की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद, 7 चोरी के केस सुलझे।

    मुंबई: चोरी और घरफोडी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए Mata Ramabai Marg Police Station की टीम ने एक Interstate Burglary Gang का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार और पश्चिम बंगाल से 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 25.60 लाख रुपये की चोरी की मालमत्ता बरामद की है।

    पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गैंग ने मुंबई में कुल 7 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था, जिन्हें अब पुलिस ने सुलझा लिया है।

    23 फरवरी को दर्ज हुआ था चोरी का केस

    पुलिस के अनुसार 23 फरवरी 2026 को Siddhat Mahesh Shetde (39) ने Mata Ramabai Marg Police Station में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।

    सिद्धात शेटदे Aastha Guru Auction Firm में नौकरी करते हैं। उनकी शिकायत पर CCTNS Crime No.101/2026 के तहत Bharatiya Nyaya Sanhita 2023 की धारा 305(3), 331(4), 3(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

    खिड़की का ग्रिल तोड़कर की गई थी चोरी

    जांच में पता चला कि यह चोरी रात के समय हुई थी। आरोपियों ने खिड़की का ग्रिल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां ऑक्शन के लिए रखी गई महंगी ब्रांडेड घड़ियां और फोटोग्राफी के कैमरे चोरी कर लिए

    50 CCTV फुटेज की जांच से मिला सुराग

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे करीब 50 CCTV कैमरों के फुटेज की जांच की

    फुटेज में आरोपी चेहरा पूरी तरह ढककर घूमते हुए दिखाई दिए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई।

    चोरी के बाद फ्लाइट से भाग जाते थे आरोपी

    पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपी फ्लाइट से अपने राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल भाग जाते थे

    इस जानकारी के बाद DCP Zone 1 के मार्गदर्शन में पुलिस की दो टीमें तुरंत बिहार और पश्चिम बंगाल रवाना की गईं

    दुर्गम गांवों में 10 दिन तक वेश बदलकर रही पुलिस

    पुलिस को पता चला कि आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्र के बेहद दुर्गम गांवों में छिपे हुए थे, जहां चारपहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते थे

    काफी मुश्किल हालात के बावजूद पुलिस टीम ने लगातार 10 दिन तक गांव में वेश बदलकर रहकर निगरानी की और आखिरकार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया

    25.60 लाख की महंगी घड़ियां और कैमरे बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस ने ₹25,60,141 की चोरी की मालमत्ता बरामद की

    बरामद सामान में शामिल हैं:

    • Sony कंपनी का कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹3,70,070
    • Rolex कंपनी की लग्जरी घड़ी – ₹11,20,000
    • TAG Heuer कंपनी की घड़ी – ₹72,000
    • Vacheron Constantin कंपनी की घड़ी – ₹7,50,000
    • Sony कंपनी का पुराना कैमरा और कैमरा किट (Model A74) – ₹2,48,071

    कुल बरामद माल की कीमत ₹25,60,141 बताई गई है।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

    1. Chhotu Miyan Mubarak Hussain (23) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल
    2. Munawar Tushnududdin Sheikh (42) – वर्तमान पता कामाठीपुरा, नागपाड़ा मुंबई / मूल निवासी पश्चिम बंगाल
    3. Mohammad Rajiful Mohammad Rahim Sheikh (32) – निवासी परमपुर, बिहार
    4. Achabul Charu Sheikh (34) – निवासी उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल

    7 अन्य चोरी के मामले भी सुलझे

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी मुंबई में कई अन्य चोरी की वारदातों में शामिल थे

    अब तक कुल 7 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं और पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई Additional CP South Region Dr. Abhinav Deshmukh,
    DCP Zone 1 Dr. Pravin Munde,
    ACP Azad Maidan Division Jagdish Kulkarni

    और Senior Police Inspector Yogesh Sable (Mata Ramabai Marg Police Station) के मार्गदर्शन में की गई।

    इन पुलिस अधिकारियों ने निभाई अहम भूमिका

    इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से इन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही:

    • API Dhanesh Satardekar
    • API Pravin Shinde
    • Police Havaldar Sameer Sankukhe
    • Police Havaldar Krishna Gawde
    • PSI Bhagwat Pakhare
    • PSI Sagar Hemade
    • PSI Prakash Hake
    • PSI Sachin Mandale
    • PSI Rahul Kamble
    • Police Havaldar Sachin Patil (Technical Support)

    इन सभी की तकनीकी जांच और लगातार ऑपरेशन के चलते इस Interstate Burglary Gang को पकड़ने में सफलता मिली।


    FAQ

    Q1: मुंबई में किस गैंग को गिरफ्तार किया गया?

    मुंबई पुलिस ने Interstate Burglary Gang के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    Q2: आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?

    आरोपियों को बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया

    Q3: कितनी चोरी की मालमत्ता बरामद हुई?

    पुलिस ने करीब ₹25,60,141 की चोरी की घड़ियां और कैमरे बरामद किए

    Q4: कितने केस सुलझे?

    इस कार्रवाई में मुंबई के 7 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है

    Q5: यह कार्रवाई किस पुलिस स्टेशन ने की?

    यह कार्रवाई Mata Ramabai Marg Police Station, Mumbai ने की।

  • Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime: Goregaon में scrap के पैसों के झगड़े में कचरा बीनने वाले की हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Goregaon के Hanuman Tekri इलाके में एक homeless scrap collector की हत्या के मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पत्थर से हमला कर हत्या की गई।

    मुंबई: Goregaon इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक बेघर कचरा बीनने वाले की हत्या कर दी गई। इस मामले में Vanrai Police ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

    Hanuman Tekri के पास मिला घायल व्यक्ति

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि Goregaon के Hanuman Tekri इलाके के पास एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है

    पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को तुरंत Jogeshwari East के Trauma Care Hospital ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

    पहले ADR केस दर्ज, बाद में हत्या का शक

    शुरुआत में Vanrai Police ने मामले को Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया था।

    लेकिन शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को मृतक के सिर पर गंभीर चोटें दिखाई दीं। यह चोटें संदिग्ध लगने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।

    मृतक की पहचान शुरू में नहीं हो सकी

    मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं था, इसलिए कुछ समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

    इसके बाद पुलिस ने दो अलग-अलग investigation teams बनाईं और मृतक की तस्वीरें Goregaon-Dahisar belt में काम करने वाले scrap collectors के बीच दिखाई गईं।

    पुलिस ने करीब 50 से 70 कचरा बीनने वालों को फोटो दिखाए। आखिरकार उनमें से कुछ लोगों ने मृतक की पहचान Azhar के रूप में की।

    Azhar के साथ काम करते थे दो साथी

    जांच में सामने आया कि Azhar scrap collection का काम करता था और उसके साथ दो लोग अक्सर काम करते थे —

    • Suresh उर्फ “Kaliya”
    • Salim उर्फ “Nepali”

    पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि घटना वाले दिन से ही दोनों साथी लापता थे, जिससे उन पर शक और मजबूत हो गया।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि

    अस्पताल से आई post-mortem report में पुष्टि हुई कि Azhar की मौत सिर पर हमले से लगी चोटों के कारण हुई

    इसके बाद पुलिस ने unknown persons के खिलाफ murder case दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    Haryana और Malad से दोनों आरोपी गिरफ्तार

    जांच के दौरान पुलिस ने Suresh उर्फ “Kaliya” को Haryana से ट्रेस कर हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपराध कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी Salim उर्फ “Nepali” के साथ मिलकर Azhar की हत्या की थी।

    इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी Salim को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार कर लिया।

    पत्थर से सिर पर वार कर की हत्या

    पुलिस के अनुसार, scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ था।

    बहस के दौरान आरोपियों ने पत्थर से Azhar के सिर पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    अब पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान Azhar के रूप में हुई है, जो scrap collector का काम करता था।

    Q2. हत्या किस वजह से हुई?
    पुलिस के अनुसार scrap बेचने से मिले पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
    इस केस में दो आरोपी — Suresh उर्फ Kaliya और Salim उर्फ Nepali को गिरफ्तार किया गया है।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    एक आरोपी को Haryana से और दूसरे को Malad के Pathanwadi इलाके से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. मामले की जांच कौन कर रहा है?
    इस केस की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against OmaxeChandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।

  • Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Borivali KYC Scam: फर्जी KYC अपडेट के नाम पर वरिष्ठ नागरिक से ₹9.75 लाख की ठगी

    Mumbai के Borivali में Fake KYC Update Scam का बड़ा मामला सामने आया है। Tata Power के नाम पर आए फोन कॉल और WhatsApp लिंक के जरिए 69 वर्षीय Senior Citizen के बैंक खाते से ₹9.75 लाख उड़ा लिए गए। Borivali Police और Cyber Cell मामले की जांच में जुटी है।

    मुंबई: Online Fraud और KYC Scam का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले 69 वर्षीय Senior Citizen को Fake KYC Update के नाम पर ठग लिया गया। ठग ने खुद को Tata Power का अधिकारी बताकर पीड़ित को एक फर्जी लिंक भेजा और KYC अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 निकाल लिए।

    इस मामले में Mumbai Police के Borivali Police Station में केस दर्ज कर लिया गया है और Cyber Cell आरोपी की तलाश में जुट गई है।

    फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा Online Fraud

    पुलिस के मुताबिक पीड़ित बुजुर्ग Borivali इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं

    24 फरवरी को जब वह घर पर थे, तभी उन्हें एक अनजान नंबर से फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को Tata Power Electricity का अधिकारी बताया और कहा कि उनका KYC Update Pending है, जिसे तुरंत पूरा करना जरूरी है।

    WhatsApp पर भेजा गया Fake KYC Link

    फोन कॉल के बाद आरोपी ने पीड़ित को WhatsApp पर एक लिंक भेजा और कहा कि उसी लिंक पर जाकर KYC Update Process पूरा करें।

    क्योंकि बुजुर्ग को इस प्रक्रिया की ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलर के बताए अनुसार लिंक ओपन किया और अपनी Personal Details भर दीं

    ₹10 UPI ट्रांजेक्शन के बहाने शुरू हुई ठगी

    फर्जी वेबसाइट पर फॉर्म भरने के बाद पीड़ित से कहा गया कि KYC Verification के लिए ₹10 का UPI Payment करना होगा।

    बुजुर्ग ने निर्देशों का पालन करते हुए ₹10 ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कॉलर ने फोन काट दिया।

    दोस्त की चेतावनी के बाद डिलीट किया चैट

    बाद में जब पीड़ित ने इस घटना के बारे में अपने एक दोस्त को बताया तो उसने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसे लिंक अक्सर Cyber Fraud के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं

    इस बात से घबराकर पीड़ित ने WhatsApp चैट और लिंक दोनों डिलीट कर दिए

    3 मार्च को बैंक मैसेज देख उड़े होश

    कुछ दिन बाद 3 मार्च को पीड़ित के मोबाइल पर Bank Transaction Alerts आने लगे।

    जब उन्होंने मैसेज चेक किए तो वह यह देखकर हैरान रह गए कि उनके बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये डेबिट हो चुके थे

    Borivali Police में दर्ज हुई शिकायत

    अपने साथ हुई ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित तुरंत Borivali Police Station पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई।

    पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ Cheating और Information Technology Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

    Cyber Cell कर रही आरोपी की तलाश

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक Borivali Police Station की Cyber Cell टीम इस मामले की जांच कर रही है।

    जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी लिंक कहां से भेजा गया और बैंक खाते से पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए

    पुलिस की नागरिकों को चेतावनी

    पुलिस ने इस मामले के बाद एक बार फिर नागरिकों को सावधान रहने की सलाह दी है।

    अधिकारियों का कहना है कि:

    • किसी भी Unknown Caller पर भरोसा न करें
    • KYC Update Link पर बिना जांच क्लिक न करें
    • Banking Details, OTP या Personal Information किसी से साझा न करें
    • संदेह होने पर तुरंत Police या Cyber Cell से संपर्क करें

    FAQ (People Also Ask)

    1. Borivali KYC Scam में कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में बुजुर्ग के बैंक खाते से ₹9,75,955 रुपये निकाल लिए गए।

    2. आरोपी ने ठगी कैसे की?

    आरोपी ने खुद को Tata Power अधिकारी बताकर Fake KYC Link भेजा और उसी के जरिए बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए।

    3. घटना कब हुई?

    फोन कॉल 24 फरवरी को आया था, जबकि 3 मार्च को बैंक मैसेज से ठगी का पता चला।

    4. केस कहां दर्ज हुआ?

    इस मामले में Borivali Police Station में केस दर्ज किया गया है।

    5. पुलिस क्या जांच कर रही है?

    Cyber Cell आरोपी की पहचान और पैसे किस अकाउंट में ट्रांसफर हुए, इसकी जांच कर रही है।

  • Mumbai Traffic Police ने Holi पर 16,727 Challans जारी किए; ₹1.99 करोड़ से ज़्यादा Fines Recovery — Drunk Driving एवं Overspeeding पर सख्त कार्रवाई

    Mumbai Traffic Police ने Holi पर 16,727 Challans जारी किए; ₹1.99 करोड़ से ज़्यादा Fines Recovery — Drunk Driving एवं Overspeeding पर सख्त कार्रवाई

    Mumbai Traffic Police ने होली (Holi 2026) और Dhulivandan के दौरान city-wide special enforcement drive चलाकर 16,727 challans जारी किए और ₹1,99,91,650 से अधिक जुर्माना वसूला। इसके तहत ड्रंक ड्राइविंग, हेल्मेट न पहनना, ट्रिपल राइडिंग, सिग्नल जंपिंग जैसे violations पर कड़ी कार्रवाई हुई।

    मुंबई: होली (Holi 2026) और धुलिवंदन के त्योहार के दौरान Mumbai Traffic Police ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए city-wide special traffic enforcement drive चलाया, जिसमें 16,727 challans जारी किए गए और लगभग ₹1.99 करोड़ का जुर्माना (penalty/fine) वसूला गया। जांच में drunk driving, overspeeding, helmet-less riding, triple riding और traffic signals के उल्लंघन जैसे मुख्य violations पर कड़ी कार्रवाई की गई।

    📍 Drive का Scope और Enforcement Strategy

    Special nakas और check posts city के बुधवारियों, junctions, मुख्य arterial roads और high-traffic highways पर लगाए गए थे। CCTV surveillance, e-challan systems और मोबाइल enforcement tools के ज़रिये violations का real-time पता लगाया गया और तुरंत challan जारी किये गए।

    🚔 मुख्य Viola­tions और Challans की संख्या

    Drive के दौरान अलग-अलग traffic offences पर challans इस प्रकार जारी किए गये:

    • 🏍️ Without Helmet: 4,317 challans — ₹42,97,000 approx
    • 🚗 Speed Limit Violation (Overspeeding): 4,486 challans — ₹8,29,100 approx
    • 🚦 Jumping Signal: 610 challans — ₹5,90,000 approx
    • 🧑‍✈️ Triple Seat Riding: 530 challans — ₹5,27,000 approx
    • 📄 Without Valid Driving Licence: 431 challans — ₹3,89,500 approx
    • 🚧 Obstructing Traffic Flow: 2,532 challans — ₹29,64,000 approx
    • No Entry in One-Way: 278 challans — ₹3,12,500 approx
    • 🚘 Wrong Side Driving: 20 challans — Sent to court
    • 📢 Honking Violation: 2 challans — ₹1,000
    • 🧾 Other Violations: 2,603 challans — ₹18,67,650 approx

    (कुल: 16,727 challans — ₹1,99,91,650+ fines)

    🍷 Drunk Driving (DUI) पर Zero Tolerance Policy

    Drive के दौरान 159 motorists/drivers को Drunk Driving के आरोप में FIR के तहत booked किया गया और उनकी Driving Licence suspension की कार्रवाई भी शुरू की गई। DUI जैसी गंभीर违规 गतिविधियों पर legal penalty और Licence suspension procedures लागू किये गये।

    📈 Mumbai City में Traffic Discipline और Safety Awareness

    Mumbai Traffic Police ने citizens से appeal की है कि हर ड्राइवर और commuter safety first रखें, traffic rules को strictly follow करें और खासकर त्योहारों के समय reckless driving से बचें ताकि road accidents और दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

    📊 ये डेटा क्यों ज़रूरी है?

    गाड़ियों की बढ़ती संख्या और holiday season में reckless driving के कारण city में accidents की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में ये special drive public safety और law enforcement को balance करने का एक अहम प्रयास है।

    Holi Traffic Enforcement – FAQs (Frequently Asked Questions)

    Q1. होली enforcement drive कब और क्यों चलाया गया?
    👉 Holi 2026 और Dhulivandan के दौरान increased traffic violations और accidents की आशंका को देखते हुए specially traffic enforcement drive Mumbai Traffic Police द्वारा चलाया गया।

    Q2. सबसे ज़्यादा challans किस उल्लंघन के लिए जारी हुए?
    👉 Without helmet और overspeeding violations के लिए सबसे ज़्यादा challans जारी हुए।

    Q3. Drunk driving पर क्या कार्रवाई हुई?
    👉 159 drunk drivers को booked किया गया और licence suspension proceedings शुरू की गई।

    Q4. Wrong side driving के मामलों में क्या कार्रवाई?
    👉 Wrong side driving के 20 मामलों को court भेजा गया।

    Q5. E-challan system कैसे मदद करता है?
    👉 CCTV footage, e-challan digital tools से real-time violation detection होता है जिससे on-spot enforcement आसान होता है।

  • Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali: ₹6.79 करोड़ ज्वेलरी चोरी केस: 45 दिन में राजस्थान से 4 आरोपी गिरफ्तार

    Borivali IC Colony के My Gold Point jewellery shop से ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी मामले में MHB Colony Police की बड़ी कार्रवाई। 45 दिन की technical investigation के बाद Rajasthan के Rajsamand जंगल से 4 आरोपी गिरफ्तार, ₹4.65 करोड़ का माल बरामद।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम स्थित IC Colony में My Gold Point jewellery shop से करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। MHB Colony Police ने लगातार 45 दिन की investigation के बाद राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अब तक ₹4.65 करोड़ का चोरी का माल बरामद कर लिया है, जबकि बाकी की recovery जारी है।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news1

    📍 कैसे सामने आया Jewellery Theft Case?

    14 जनवरी 2026 को MHB Colony Police Station में शिकायतकर्ता राकेश शांतिलाल पोरवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13 जनवरी 2026 की रात 10:30 बजे से 14 जनवरी 2026 दोपहर 1:26 बजे के बीच Borivali West, IC Colony, Holy Cross Road स्थित My Gold Point ज्वेलरी शॉप की तिजोरी से सोना, चांदी और डायमंड के दागिने चोरी हो गए।

    चोरी की कुल अनुमानित कीमत ₹6,79,85,000 बताई गई। पुलिस ने इस मामले में BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत FIR (CR No. 23/2026) दर्ज की।

    🕵️‍♂️ दुकान के ही सेल्समैन निकले मास्टरमाइंड

    शिकायत के मुताबिक, दुकान में सेल्समैन के तौर पर काम करने वाले प्रभू सिंग नारायण सिंग ने साजिश रचकर चोरी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर तिजोरी से कीमती ज्वेलरी चुरा ली और बिना मालिक की जानकारी के फरार हो गए।

    🎥 CCTV और Technical Surveillance से मिला सुराग

    वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। CCTV फुटेज और technical investigation के जरिए पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभू गोप सिंग दसाणा और नारायण मोहन सिंग राजस्थान भाग गए हैं।

    तुरंत एक Crime Detection Team को राजस्थान रवाना किया गया।

    🌲 राजसमंद के जंगल में ड्रोन से सर्च ऑपरेशन

    28 जनवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिली कि एक आरोपी राजसमंद जिले के कुवारीया गांव के पास घने जंगल में एक मंदिर में छिपा है। पुलिस ने वहां trap बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news2

    पूछताछ में पता चला कि चोरी की साजिश में गणपत सिंह मोहन चंदाना, विशन सिंह वग्गालाल रेवारी, मोडसिंग चुनसिंग दसाना और देवी सिंह गोपसिंग दसाणा (सभी निवासी राजसमंद, राजस्थान) शामिल थे।

    राजस्थान पुलिस की मदद से राजसमंद जिले के तीन जंगल इलाकों में joint search operation चलाया गया। इस दौरान private thermal drone का भी इस्तेमाल किया गया। सर्च के दौरान मोडसिंग को भी पकड़ा गया।

    🚨 1 मार्च को दो और आरोपी दबोचे

    लगातार human intelligence और technical surveillance के जरिए 1 मार्च 2026 को खबर मिली कि फरार आरोपी गणपत सिंह और किशन सिंह कुवारीया गांव के आसपास देखे गए हैं।

    पुलिस ने गांव के जंगल से आने-जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी कर trap लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    💰 ₹4.65 करोड़ का माल बरामद

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों से करीब:

    • 3 किलोग्राम सोने के दागिने (कीमत लगभग ₹4.50 करोड़)
    • 5 किलोग्राम चांदी के दागिने (कीमत लगभग ₹15 लाख)

    कुल ₹4,65,00,000 की संपत्ति बरामद की गई है। बाकी चोरी का माल बरामद करने की कार्रवाई जारी है।

    👮‍♂️ किन अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला Borivali Operation?

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (Law & Order) सत्यनारायण चौधरी, अपर पुलिस आयुक्त शशिकुमार मीना, डीसीपी संदीप जाधव (परिमंडल 11), एसीपी संतोष धनवटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवळी के मार्गदर्शन में हुई।

    Borivali-6-79-crore-worth-4-homeless-people-arrested-from-Rajasthan-in-45-days-news

    Operation में PI (Crime) अतुल आव्हाड, PSI निलेश पाटील, संदीप गोरडे, वसीम शेख, मंगेश किरपेकर, संतोष भोसले, API संभाजी खरात, हवालदार बबलू सालुंखे, संदीप परिट, तिरुपती रेकुळवाड, सतीश देवकर, अर्जुन आहेर सहित कई पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई।

    🔎 Mumbai Crime News में बड़ा खुलासा

    Borivali IC Colony Jewellery Theft Case ने एक बार फिर दिखा दिया कि अंदरूनी साजिश (insider conspiracy) किस तरह बड़े crime को अंजाम दे सकती है।

    Police investigation, technical surveillance और drone search operation की मदद से 45 दिन में आरोपियों को पकड़ना Mumbai Police के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. चोरी कितनी रकम की थी?
    करीब ₹6.79 करोड़ की gold, silver और diamond jewellery चोरी हुई थी।

    Q2. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    राजस्थान के राजसमंद जिले के जंगलों से।

    Q3. अब तक कितना माल बरामद हुआ है?
    करीब ₹4.65 करोड़ का सोना और चांदी बरामद हुआ है।

    Q4. क्या दुकान के कर्मचारी शामिल थे?
    हाँ, दुकान के सेल्समैन पर साजिश रचने का आरोप है।

    Q5. कौन सी धाराओं में केस दर्ज हुआ?
    BNSS 2023 की धारा 306 और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है।

  • Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Redevelopment विवाद: MSFC ने Developer पर कसा शिकंजा

    Kandivali Samata Nagar staff quarters redevelopment मामले में MSFC ने SD Corporation के खिलाफ legal action शुरू किया। MahaRERA और Bombay High Court में मामला, consent agreement breach और ₹88 लाख के rent-deposit विवाद ने बढ़ाई हलचल।

    मुंबई: Kandivali के Samata Nagar में स्थित staff quarters के redevelopment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Financial Corporation (MSFC) ने developer SD Corporation के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला अब Bombay High Court और MahaRERA तक पहुंच चुका है, जहां consent agreement breach और alleged misconduct के आरोपों की जांच चल रही है।

    📍 क्या है पूरा Kandivali Staff Quarters Dispute?

    MSFC ने अपने Kandivali स्थित staff quarters के redevelopment के लिए SD Corporation को नियुक्त किया था। शर्त साफ थी — redevelopment के बाद 40 flats MSFC को सौंपे जाएंगे।

    लेकिन 2019 में मामला उस वक्त उलझ गया जब यह सामने आया कि MSFC के आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से ₹88 लाख rent और deposits के रूप में allegedly मिले थे।

    💰 ₹88 लाख Rent-Deposit और ₹12.45 लाख का नया खुलासा

    जांच में यह भी सामने आया कि चार कर्मचारियों ने MSFC से ही ₹12.45 लाख का rent वसूला।

    इतना ही नहीं, developer ने तय 40 flats में से आठ flats इन्हीं कर्मचारियों को उनके इस्तेमाल के लिए सौंप दिए थे।

    MSFC ने इसे redevelopment agreement का सीधा breach और कर्मचारियों की misconduct करार दिया।

    📜 MSFC ने Developer को भेजा Notice

    इन घटनाओं के बाद MSFC ने SD Corporation को औपचारिक notice जारी किया।

    Corporation का कहना है कि redevelopment terms का उल्लंघन हुआ है और बिना consent के flats कर्मचारियों को देना agreement breach है।

    ⚖️ Bombay High Court में मामला, Arbitrator की नियुक्ति

    सितंबर 2023 में Bombay High Court ने इस मामले में retired chief justice RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया।

    मामला अदालत में लंबित रहते हुए भी developer ने MSFC के साथ consent agreement करने की इच्छा जताई। यह consent agreement 21 जून 2025 को execute किया गया।

    🤝 Consent Agreement में क्या था?

    Consent agreement के तहत developer ने 40 redevelopment flats के अलावा 650 sq ft carpet area के 12 और flats MSFC को देने पर सहमति दी।

    साथ ही यह भी तय हुआ कि अगर समय पर delivery नहीं हुई तो developer एक और अतिरिक्त flat MSFC को देगा।

    ❌ फिर हुआ Agreement Breach

    MSFC का आरोप है कि consent agreement के बावजूद developer ने शर्तों का पालन नहीं किया।

    40 flats में से आठ flats MSFC की अनुमति के बिना कर्मचारियों को दे दिए गए।

    इसके बाद MSFC ने उन कर्मचारियों को notice भेजा जो इन flats में रह रहे हैं और उनसे rent वापस करने को कहा है।

    🏠 Retired Employees से Recovery की मांग

    MSFC ने उन retired कर्मचारियों से भी रकम की recovery की मांग की है, जो allegedly अवैध रूप से premises में रह रहे हैं और जिन्होंने developer से रकम ली थी।

    🏛️ MahaRERA और High Court में Legal Action

    राज्य के industries minister Uday Samant ने legislative council में लिखित जवाब में बताया कि MSFC ने developer के खिलाफ legal process शुरू कर दिया है।

    Samant के अनुसार:

    • MSFC ने High Court में consent agreement breach के खिलाफ जाने के लिए legal counsel नियुक्त किया है।
    • साथ ही MahaRERA (Maharashtra Real Estate Regulatory Authority) से developer के खिलाफ regulatory action की मांग की है।

    🔎 Urban Redevelopment और Governance पर सवाल

    Kandivali redevelopment dispute ने Mumbai redevelopment projects में transparency, accountability और governance को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Experts का कहना है कि staff quarters और सरकारी जमीनों के redevelopment में clear compliance और monitoring बेहद जरूरी है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. विवाद किस प्रोजेक्ट को लेकर है?
    Kandivali के Samata Nagar स्थित MSFC staff quarters के redevelopment को लेकर।

    Q2. MSFC ने developer पर क्या आरोप लगाए हैं?
    Agreement breach, बिना consent flats सौंपने और कर्मचारियों को rent-deposit देने के आरोप।

    Q3. ₹88 लाख का मामला क्या है?
    आठ कर्मचारियों को developer की तरफ से allegedly ₹88 लाख rent और deposit के रूप में मिले थे।

    Q4. मामला किस कोर्ट में है?
    Bombay High Court में मामला लंबित है और RD Dhanuka को arbitrator नियुक्त किया गया है।

    Q5. MahaRERA की क्या भूमिका है?
    MSFC ने developer के खिलाफ regulatory action के लिए MahaRERA से संपर्क किया है।