Category: Finance & Banking

Read the latest finance and banking news, market updates and expert insights from India and around the world. Stay informed with coverage on banking, personal finance, investments, loans, insurance, stock markets, digital payments, economic trends and financial policies on Indian FastTrack.

  • Mumbai Crime: Borivali Builder को Dubai से Death Threat! ₹1.5 Crore Extortion Case में Fashion Designer का नाम आया सामने

    Mumbai Crime: Borivali Builder को Dubai से Death Threat! ₹1.5 Crore Extortion Case में Fashion Designer का नाम आया सामने

    Mumbai crime news: Borivali के builder को Dubai-based couple ने दी जान से मारने की धमकी, ₹1.5 crore extortion का आरोप। Fashion designer Riyaz Gangji का भी नाम FIR में शामिल।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक हाई-प्रोफाइल क्राइम मामला सामने आया है, जिसमें रियल एस्टेट और फैशन इंडस्ट्री का कनेक्शन भी जुड़ गया है। Mumbai के Borivali West में रहने वाले एक बिल्डर ने दुबई में रह रहे कपल पर जान से मारने की धमकी और ₹1.5 करोड़ की उगाही (extortion) का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में Mumbai Police ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    क्या है पूरा मामला? (Extortion Case Mumbai)

    शिकायतकर्ता समीर भुबे (49), जो Navkar Builders and Developers के मालिक हैं, उन्होंने बताया कि साल 2016 में एक प्रॉपर्टी डील के दौरान यह विवाद शुरू हुआ।

    दुबई में रहने वाले आरोपी Akil Mukhi और Fajila Mukhi ने Marol में स्थित Royal Green प्रोजेक्ट में ₹72 लाख का फ्लैट बुक किया था।

    शुरुआत में उन्होंने ₹45 लाख का भुगतान किया, लेकिन बाकी रकम लंबे समय तक बकाया रही, जिससे विवाद बढ़ता गया।

    Project Delay बना विवाद की वजह (Real Estate Dispute)

    बिल्डर के मुताबिक, प्रोजेक्ट में देरी प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कारणों से हुई। इसी वजह से फ्लैट का पजेशन समय पर नहीं दिया जा सका।

    हालांकि, बिल्डर ने 2025 में देरी की भरपाई के तौर पर ₹4.2 लाख किराया भी कपल को दिया।

    नवंबर 2025 की मीटिंग में यह तय हुआ कि 5 जनवरी तक पजेशन दे दिया जाएगा, भले ही पूरी पेमेंट अभी बाकी थी।

    Underworld लिंक का दावा और धमकी (Death Threat Allegation)

    आरोप है कि 7 जनवरी को आरोपी कपल ने फोन कर बिल्डर को धमकाया और अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन होने का दावा किया।

    इस दौरान उन्होंने ₹1.5 करोड़ की मांग की और पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

    यहीं से मामला एक सिविल विवाद से निकलकर क्रिमिनल केस बन गया।

    Fashion Designer का नाम भी आया सामने (Riyaz Gangji Role)

    इस केस में एक बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब मशहूर फैशन डिजाइनर Riyaz Gangji का नाम सामने आया।

    समीर भुबे का आरोप है कि:

    • रियाज गंगजी ने कपल का समर्थन किया
    • उन्होंने बिल्डर को धमकी दी कि उनके प्रोजेक्ट्स में अड़चन डाली जाएगी
    • सरकारी सिस्टम पर दबाव डालकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जाएगी

    Defamation का भी आरोप (Image Tarnishing Claim)

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि:

    • बिल्डर की छवि खराब करने के लिए एक नकारात्मक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित करवाई गई
    • उसका हेडलाइन व्हाट्सएप पर भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की गई

    इससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है।

    कानूनी कार्रवाई (FIR & Investigation)

    Mumbai Police ने 9 अप्रैल को FIR दर्ज कर ली है।

    आरोपियों पर निम्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है:

    • Bharatiya Nyaya Sanhita
    • Extortion (उगाही)
    • Criminal Intimidation (धमकी)
    • Defamation (मानहानि)
    • Common Intention

    फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

    International Angle से बढ़ी गंभीरता (Dubai Connection)

    चूंकि आरोपी दुबई में रह रहे हैं, इसलिए यह मामला अब इंटरनेशनल एंगल ले चुका है।

    Experts का मानना है कि:

    • Cross-border investigation की जरूरत पड़ सकती है
    • Enforcement agencies की भूमिका बढ़ सकती है
    • Real estate sector में ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखी जाएगी

    Useful Links (Official Resources):


    FAQ Section

    1. यह मामला कहां का है?

    Borivali West, मुंबई का।

    2. आरोपी कौन हैं?

    Akil Mukhi और Fajila Mukhi, जो दुबई में रहते हैं।

    3. कितना पैसा मांगा गया?

    ₹1.5 करोड़ की उगाही की मांग की गई।

    4. क्या किसी सेलिब्रिटी का नाम जुड़ा है?

    हाँ, Riyaz Gangji का नाम भी FIR में आया है।

    5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

    FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

  • Kandivali Station Shock Video: 20 साल की लड़की ने भीड़ में उड़ाया 2 लाख का मंगलसूत्र, लोगों ने मौके पर दबोचा

    Kandivali Station Shock Video: 20 साल की लड़की ने भीड़ में उड़ाया 2 लाख का मंगलसूत्र, लोगों ने मौके पर दबोचा

    Mumbai के Kandivali railway station पर 20 वर्षीय युवती ने भीड़ का फायदा उठाकर 2 लाख का gold mangalsutra चुराया। Viral Video के बाद हड़कंप, लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

    मुंबई: Kandivali Railway Station पर दिनदहाड़े हुई एक चौंकाने वाली चोरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीड़भाड़ का फायदा उठाते हुए एक 20 वर्षीय युवती ने एक महिला के गले से करीब 2 लाख रुपये कीमत का सोने का मंगलसूत्र चुरा लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    Viral Video से खुला पूरा मामला

    इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन परिसर की सामान्य भीड़ दिखाई दे रही है। इसी दौरान अचानक एक महिला जोर-जोर से चिल्लाती नजर आती है, जब उसे अपने गले से मंगलसूत्र गायब होने का अहसास होता है।

    कुछ ही देर में वहां मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों को शक होता है और वे तुरंत एक युवती का पीछा करना शुरू कर देते हैं।

    भीड़ का फायदा उठाकर की गई चोरी

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवती ने भीड़भाड़ का फायदा उठाकर बेहद शातिर तरीके से यह चोरी की। स्टेशन जैसे भीड़ वाले इलाके में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन दिन के समय इस तरह की वारदात ने लोगों को और ज्यादा डरा दिया है।

    लोगों की सतर्कता से पकड़ी गई आरोपी

    मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी युवती को पकड़ लिया। उसे भागने का मौका नहीं दिया गया और तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    इस मामले में Mumbai Police ने आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह अकेले काम कर रही थी या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा है।

    बढ़ती चोरियों से यात्रियों में डर

    कांदिवली स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी की घटनाएं बढ़ने की बात सामने आ रही है। खासकर महिलाओं के गहनों को निशाना बनाने वाले गिरोह सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

    यात्रियों के लिए चेतावनी (Safety Tips)

    इस घटना के बाद यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

    • भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने कीमती सामान का ध्यान रखें
    • शक होने पर तुरंत आसपास के लोगों या पुलिस को सूचना दें
    • ज्यादा महंगे गहने पहनकर यात्रा करने से बचें

    Useful Links


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. घटना कहां हुई?
    A: मुंबई के Kandivali Railway Station पर।

    Q2. क्या चोरी हुआ था?
    A: करीब 2 लाख रुपये कीमत का सोने का मंगलसूत्र।

    Q3. आरोपी कौन है?
    A: 20 वर्षीय युवती, जिसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

    Q4. आरोपी को कैसे पकड़ा गया?
    A: स्थानीय लोगों और यात्रियों ने पीछा करके पकड़ा।

    Q5. क्या यह किसी गिरोह का हिस्सा है?
    A: पुलिस इसकी जांच कर रही है।

  • Malad में ₹600 के विवाद ने लिया खौफनाक मोड़: ‘केमिकल होली’ में 6 मजदूर झुलसे

    Malad में ₹600 के विवाद ने लिया खौफनाक मोड़: ‘केमिकल होली’ में 6 मजदूर झुलसे

    मुंबई के मालाड पूर्व में अवैध केमिकल यूनिट के मजदूरों के बीच ₹600 के उधार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर एसिड फेंका, जिसमें 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मुंबई पुलिस ने केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    मुंबई: मालाड पूर्व के पालनगर इलाके में गुरुवार शाम एक मामूली ₹600 का विवाद अचानक खौफनाक “Acid Attack” में बदल गया। अवैध केमिकल यूनिट में काम करने वाले मजदूरों के दो गुट आपस में भिड़ गए और गुस्से में एक-दूसरे पर तेजाब फेंक दिया। इस घटना में 6 मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।

    🔴 विवाद की चिंगारी: ₹600 बना ‘Trigger Point’

    जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला एक छोटे से “Money Dispute” से शुरू हुआ। पालनगर स्थित अवैध प्लेटिंग/केमिकल यूनिट में काम करने वाले दो समूहों के बीच ₹600 की उधारी को लेकर बहस हुई।

    देखते ही देखते यह बहस “Violent Clash” में बदल गई। गुस्से में आकर दोनों पक्षों ने यूनिट में रखे खतरनाक केमिकल (Acid) के डिब्बे उठाए और एक-दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया।

    ⚠️ ‘Chemical Holi’: खतरनाक हमला और अफरा-तफरी

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह नज़ारा किसी डरावनी “Chemical Holi” जैसा था।
    तेजाब फेंकने से मजदूरों के चेहरे, हाथ और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए।

    इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। कुछ राहगीर भी इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे, जबकि कुछ को हल्की चोटें आईं।

    🏥 घायलों की हालत: एक की स्थिति गंभीर

    घायलों में संदीप सरोज नामक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे माऊली अस्पताल में भर्ती किया गया है।

    बाकी 5 घायलों का इलाज शताब्दी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों को “Deep Chemical Burns” हुए हैं, जिनका इलाज लंबा चल सकता है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

    🚓 पुलिस एक्शन: Attempt to Murder का केस दर्ज

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस की कुरार पुलिस स्टेशन टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने IPC की धारा 307 (Attempt to Murder), 323 और 324 के तहत मामला दर्ज किया है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ Cross FIR दर्ज की है और साधू चव्हाण नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

    🔍 आरोपियों की तलाश: छापेमारी जारी

    पुलिस की स्पेशल टीमें इलाके में लगातार छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई जगहों पर दबिश दी जा रही है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
    “Acid Attack जैसे संगीन अपराध को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”

    🏭 अवैध केमिकल यूनिट्स पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद पालनगर इलाके में चल रही अवैध केमिकल यूनिट्स पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां 100 से ज्यादा “Illegal Chemical Factories” चल रही हैं, जहां बिना सुरक्षा के खतरनाक एसिड का इस्तेमाल होता है।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन यूनिट्स पर तुरंत कार्रवाई हो और “Industrial Safety Rules” को सख्ती से लागू किया जाए।

    😨 स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा

    घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर ₹600 के विवाद पर लोग एसिड फेंक सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे होगी?

    निवासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और कहा है कि ऐसी घटनाएं “Public Safety” के लिए बड़ा खतरा हैं।

    📢 प्रशासन का रुख: सख्ती के संकेत

    सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अवैध फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    आने वाले दिनों में “Illegal Units Crackdown” देखने को मिल सकता है।


    🔗 Related Links (Useful Resources)


    ❓ FAQs

    प्र. यह घटना कहाँ हुई?
    उ. मालाड पूर्व के पालनगर इलाके में अवैध केमिकल यूनिट में।

    प्र. झगड़े की वजह क्या थी?
    उ. ₹600 की मामूली उधारी का विवाद।

    प्र. कितने लोग घायल हुए?
    उ. कुल 6 मजदूर झुलस गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है।

    प्र. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    उ. IPC 307 सहित कई धाराओं में केस दर्ज, Cross FIR और आरोपियों की तलाश जारी।

    प्र. स्थानीय लोगों की क्या मांग है?
    उ. अवैध केमिकल यूनिट्स पर तुरंत कार्रवाई और सख्त सुरक्षा नियम।

  • MHADA Lottery 2026: मुंबई में 2,640 सस्ते घर, 30 मार्च से आवेदन शुरू

    MHADA Lottery 2026: मुंबई में 2,640 सस्ते घर, 30 मार्च से आवेदन शुरू

    MHADA Lottery 2026 Mumbai: 2,640 affordable homes के लिए 30 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू। जानिए location, price, eligibility, last date और full schedule।

    मुंबई: घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी खबर है। MHADA Lottery 2026 के तहत इस बार 2,640 affordable homes बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 30 मार्च 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें अलग-अलग income group के लोग हिस्सा ले सकते हैं।

    किन-किन इलाकों में मिलेंगे घर

    इस साल MHADA के फ्लैट मुंबई के कई प्रमुख इलाकों में उपलब्ध होंगे, जिनमें शामिल हैं:

    • विक्रोली (Vikhroli)
    • गोरेगांव (Goregaon)
    • बोरीवली (Borivali)
    • पवई (Powai)
    • वडाला (Wadala)
    • घाटकोपर (Ghatkopar)
    • बांद्रा (Bandra)
    • दादर (Dadar)
    • चेंबूर (Chembur)
    • गोरााई (Gorai)

    यह Mumbai Real Estate Market में affordable housing के लिहाज से बड़ा मौका माना जा रहा है।

    कब से शुरू होंगे आवेदन और कब आएगा रिजल्ट

    MHADA के अनुसार:

    • Application Start Date: 30 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे)
    • Last Date Apply: 29 अप्रैल 2026
    • EMD Payment Last Date: 30 अप्रैल 2026
    • Provisional List: 5 मई 2026
    • Claims/Objections Window: 8 मई 2026 तक
    • Final List: 12 मई 2026
    • Lottery Result Date: 15 मई 2026

    यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

    कहां करें आवेदन (Official Website)

    यहीं पर रजिस्ट्रेशन, आवेदन और फ्लैट की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।

    कितने फ्लैट किस कैटेगरी में

    MHADA के अनुसार 2,640 घरों का वितरण इस तरह है:

    • EWS (Economically Weaker Section): 145 फ्लैट
    • LIG (Lower Income Group): 858 फ्लैट
    • MIG (Middle Income Group): 1,408 फ्लैट
    • HIG (High Income Group): 229 फ्लैट

    कंस्ट्रक्शन और स्टॉक डिटेल

    • 1,762 फ्लैट: Under Construction
    • 559 फ्लैट: Private Developers से मिले
    • 319 फ्लैट: Scattered Apartments

    इससे साफ है कि buyers को ready और under-construction दोनों options मिलेंगे।

    Income Eligibility (कौन कर सकता है आवेदन)

    • EWS: ₹6 लाख तक सालाना आय
    • LIG: ₹6–9 लाख
    • MIG: ₹9–12 लाख
    • HIG: ₹12 लाख से ज्यादा

    यह income-based housing scheme है, जिसमें हर वर्ग के लिए अलग कोटा तय है।

    क्या है MHADA Lottery सिस्टम?

    MHADA Lottery एक government housing scheme है, जिसमें कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए लोगों को फ्लैट अलॉट किए जाते हैं।

    यह योजना हर साल मुंबई सहित

    • पुणे
    • ठाणे
    • नाशिक
    • नागपुर

    जैसे शहरों में लागू होती है।

    2025 में नहीं हुई थी लॉटरी

    ध्यान देने वाली बात यह है कि 2025 में मुंबई MHADA Lottery नहीं हुई थी, लेकिन 2024 में 2,000 से ज्यादा फ्लैट उपलब्ध थे, जिनकी कीमत ₹29 लाख से ₹6.82 करोड़ तक थी।

    MHADA का रिकॉर्ड और भूमिका

    MHADA महाराष्ट्र में affordable housing के लिए nodal agency है।
    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:

    • 1977 से लेकर नवंबर 2025 तक
    • 5.27 लाख से ज्यादा घर बनाए जा चुके हैं

    यह Affordable Housing India सेक्टर में बड़ा योगदान माना जाता है।

    होमबायर्स के लिए बड़ा मौका

    मुंबई में बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच MHADA Lottery 2026 एक बड़ा मौका है, खासकर उन लोगों के लिए जो budget home Mumbai या low-cost flats की तलाश में हैं।

    Related Links (Useful Resources)


    FAQ Section

    Q1. MHADA Lottery 2026 के लिए आवेदन कब शुरू होगा?

    30 मार्च 2026 से दोपहर 3 बजे से आवेदन शुरू होगा।

    Q2. कितने घर उपलब्ध हैं?

    कुल 2,640 फ्लैट उपलब्ध हैं।

    Q3. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?

    29 अप्रैल 2026।

    Q4. रिजल्ट कब आएगा?

    15 मई 2026 को लॉटरी रिजल्ट घोषित होगा।

    Q5. आवेदन कहां करें?

    https://housing.mhada.gov.in वेबसाइट पर।

  • Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad हनीट्रैप केस: नेता से 1.49 लाख की उगाही, पूरा गैंग गिरफ्तार

    Malad Honeytrap Case Mumbai: BMC चुनाव हार चुके नेता को फंसाकर 1.49 लाख की उगाही, पुलिस ने पूरे गैंग का किया पर्दाफाश। जानिए modus operandi, आरोपी और पुलिस जांच की पूरी कहानी।

    मुंबई: मालाड पश्चिम इलाके से एक चौंकाने वाला Honeytrap Extortion Case सामने आया है, जिसमें एक स्थानीय नेता को फंसाकर करीब ₹1.49 लाख की उगाही की गई। शुरुआत में एक महिला की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन अब पुलिस जांच में पूरा organized honeytrap gang बेनकाब हो चुका है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके काम करने का तरीका भी सामने आया है।

    कैसे फंसा नेता हनीट्रैप के जाल में

    यह मामला एक ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता से जुड़ा है, जिसने BMC Election 2026 लड़ा था लेकिन हार गया। दिसंबर 2025 में उसकी मुलाकात एक 43 वर्षीय महिला से करवाई गई।

    धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, भरोसा बना और फिर मुलाकातें शुरू हुईं। महिला ने प्लान के तहत उसे होटल में मिलने के लिए तैयार किया, जहां दोनों के बीच कई बार निजी संबंध बने।

    छुपे कैमरे से रिकॉर्डिंग, फिर ब्लैकमेल शुरू

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने पहले से प्लानिंग के तहत इन मुलाकातों के दौरान intimate photos और videos secretly record किए।

    कुछ दिनों बाद उसने WhatsApp पर पीड़ित को उसकी आपत्तिजनक फोटो भेजी और धमकी दी—
    अगर पैसे नहीं दिए तो फोटो सोशल मीडिया और परिवार तक पहुंचा दिए जाएंगे।

    यहीं से शुरू हुआ blackmailing racket।

    डर के चलते शुरू हुआ पैसों का खेल

    इज्जत जाने के डर से पीड़ित ने शुरुआत में ₹9,000 online transfer किए। इसके बाद लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल आने लगे।

    कॉल करने वाले खुद को

    • पत्रकार
    • सामाजिक कार्यकर्ता
    • पुलिस अधिकारी

    बताकर दबाव बनाते थे। हर बार एक ही धमकी—
    “पैसे दो, नहीं तो फोटो वायरल।”

    ‘सेटलमेंट’ का जाल और कैश वसूली

    कुछ समय बाद गैंग ने एक final settlement offer दिया—
    ₹1 लाख देकर मामला खत्म करने का झांसा।

    डर के चलते पीड़ित तैयार हो गया। गैंग ने एक दूसरी महिला को भेजा, जिसने ₹1 लाख cash collect किए।

    लेकिन इसके बाद भी ब्लैकमेलिंग बंद नहीं हुई।

    कुल उगाही और नई मांग

    जांच में सामने आया कि गैंग ने कुल ₹1,49,500 वसूले:

    • ₹1,00,000 (Cash)
    • ₹49,500 (Online Transfer)

    इसके बाद आरोपियों ने ₹3 लाख और मांग की। जब पीड़ित ने मना किया, तो धमकियां और बढ़ गईं।

    मानसिक तनाव के बाद पुलिस में शिकायत

    लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के बाद पीड़ित ने 27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

    इसके बाद पुलिस ने extortion, cheating और IT Act के तहत केस दर्ज किया।

    पहली गिरफ्तारी से खुला पूरा राज

    सबसे पहले मुख्य महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने पूरे गैंग का खुलासा कर दिया।

    इसके आधार पर पुलिस ने एक-एक कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।

    गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

    इस गैंग में शामिल थे:

    • मुख्य महिला (43 वर्ष): टारगेट फंसाना और वीडियो बनाना
    • दूसरी महिला: कैश कलेक्शन
    • मास्टरमाइंड: प्लानिंग और धमकी कॉल
    • कॉलर गैंग (2–3 सदस्य): फर्जी पहचान से दबाव
    • टेक्निकल एक्सपर्ट: WhatsApp, fake numbers, digital payments संभालना

    (कुछ नाम पुलिस ने सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किए हैं)

    Modus Operandi: ऐसे चलता था पूरा रैकेट

    1. Target Selection – प्रतिष्ठित और डरने वाले लोग
    2. Contact Setup – महिला के जरिए दोस्ती
    3. Trap Creation – निजी मुलाकात और संबंध
    4. Recording – छुपे कैमरे से वीडियो
    5. Blackmailing – फोटो भेजकर धमकी
    6. Pressure Calls – fake journalist/police identity
    7. Money Collection – cash + online + settlement

    क्या और लोग भी बने शिकार?

    पुलिस अब जांच कर रही है कि यह गैंग और किन लोगों को निशाना बना चुका है।

    जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डिवाइस से संकेत मिले हैं कि यह serial honeytrap racket हो सकता है।

    पुलिस का बयान

    सीनियर अधिकारियों के मुताबिक:

    • यह एक organized crime network है
    • सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं
    • डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है
    • और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं

    कानूनी धाराएं और सजा

    आरोपियों पर लगे हैं:

    • Extortion
    • Criminal Intimidation
    • Cheating
    • IT Act

    दोष साबित होने पर कई साल की जेल हो सकती है।

    सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह

    • अनजान लोगों से ऑनलाइन/ऑफलाइन दूरी रखें
    • Private photos/videos शेयर न करें
    • Honeytrap या blackmail होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें
    • Social media पर सावधानी रखें

    Related Links (Useful Resources)


    FAQ Section

    Q1. हनीट्रैप क्या होता है?

    हनीट्रैप एक ऐसा जाल होता है जिसमें किसी व्यक्ति को रिश्ते या आकर्षण के जरिए फंसाकर बाद में ब्लैकमेल किया जाता है।

    Q2. इस केस में कितनी उगाही हुई?

    कुल ₹1,49,500 की उगाही की गई।

    Q3. क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं?

    हाँ, पुलिस ने पूरे गैंग को गिरफ्तार कर लिया है।

    Q4. पीड़ित ने कब शिकायत की?

    27 जनवरी 2026 को मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई।

    Q5. अगर कोई ब्लैकमेल करे तो क्या करें?

    तुरंत पुलिस या cybercrime portal पर शिकायत करें।

  • मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    मुंबई ब्रेकिंग: कांदिवली पुलिस ने सेना के जवान को दिलाए 7.25 लाख रुपये, Online Investment Scam का बड़ा खुलासा

    Mumbai Kandivali Cyber Cell ने Army soldier के साथ हुए ₹7.25 lakh online investment scam में पूरी रकम recover कर वापस दिलाई। जानिए कैसे हुई कार्रवाई, Cyber Crime Helpline 1930 की पूरी जानकारी।

    मुंबई: कांदिवली इलाके से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां Cyber Crime के शिकार हुए भारतीय सेना के जवान को उनकी पूरी ठगी गई रकम वापस मिल गई है। Kandivali Police Cyber Cell ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ₹7,25,000 की पूरी रकम recover कर पीड़ित के खाते में जमा कर दी।

    🪖 Army जवान से Online Investment के नाम पर ठगी

    कांदिवली पश्चिम, साईनगर निवासी श्री मनोज पाल, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उच्च क्षेत्र में देश की सेवा दे रहे हैं, अप्रैल 2025 में Online Investment Scam का शिकार हो गए थे।

    ठगों ने उन्हें “High Return Investment” का लालच देकर टप्पों में कुल ₹7,25,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और बाद में संपर्क तोड़ दिया।

    📞 Cyber Helpline 1930 पर शिकायत, तुरंत हुई कार्रवाई

    घटना के बाद मनोज पाल ने तुरंत Cyber Crime Helpline 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही कांदिवली साइबर सेल हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई।

    👉 आधिकारिक लिंक:

    🔍 Bank Accounts ट्रैक कर रकम को किया गया Hold

    कांदिवली साइबर सेल के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक कादबाने और उनकी टीम ने तुरंत जांच करते हुए उन सभी बैंक खातों का पता लगाया जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

    👉 संबंधित बैंकों से संपर्क कर पूरी रकम को “Hold” कराया गया ताकि पैसे आगे ट्रांसफर न हो सकें।

    ⚖️ कोर्ट ऑर्डर के बाद पूरी रकम वापस

    इसके बाद बोरिवली के 17वें न्यायालय (प्रथम वर्ग न्यायाधीश) से आदेश प्राप्त कर पूरी ₹7,25,000 की रकम वापस मनोज पाल के बैंक खाते में जमा कर दी गई।

    यह कार्रवाई Cyber Crime मामलों में एक मिसाल मानी जा रही है।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी सफलता

    यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई:

    • पुलिस उपायुक्त (Zone 11) – श्री संदीप जाधव
    • सहायक पुलिस आयुक्त (मालवणी विभाग) – श्रीमती नीता पाडवी
    • वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक – करण सोनकवडे
    • पुलिस निरीक्षक (क्राइम) – शेखर शिंदे

    👉 टीम में शामिल अधिकारी:

    • API दीपक कादबाने
    • पुलिस हवलदार बाळकृष्ण खाडे
    • पुलिस कर्मचारी संकेत सावंत
    • महिला पुलिस कर्मचारी जयश्री तलवारे

    इन सभी ने मिलकर बेहद तेजी और सूझबूझ से काम करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की।

    🚨 Cyber Fraud से बचने के लिए जरूरी टिप्स

    • Unknown investment offers से दूर रहें
    • High return का लालच = Scam का संकेत
    • किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले जांच करें
    • तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Cyber Fraud होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

    Q2. क्या ठगी के पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 हां, अगर समय रहते शिकायत की जाए तो बैंक ट्रांजैक्शन ट्रैक कर पैसे होल्ड किए जा सकते हैं।

    Q3. Investment Scam कैसे पहचानें?
    👉 High returns, unknown apps/websites, जल्दी पैसा कमाने का लालच – ये सभी Scam के संकेत हैं।

    Q4. Mumbai में Cyber Crime की शिकायत कहां करें?
    👉 मुंबई पुलिस की वेबसाइट या Cyber Cell में सीधे संपर्क करें।

  • Mumbai Honeytrap: अंधेरी के कैफे से Tinder Honeytrap रैकेट का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार

    Mumbai Honeytrap: अंधेरी के कैफे से Tinder Honeytrap रैकेट का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: Andheri East के Heaven Terrace 72 Cafe में Tinder Honeytrap Scam का खुलासा। Sakinaka Police ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया, डेटिंग ऐप के जरिए पुरुषों को फंसाकर लाखों की ठगी का आरोप।

    मुंबई: Dating App Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Andheri East के एक कैफे से चल रहे Tinder Honeytrap Racket का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

    Sakinaka Police ने गुप्त सूचना के आधार पर Heaven Terrace 72 Restaurant पर छापा मारकर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह कथित तौर पर Tinder Dating App के जरिए पुरुषों को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने किया स्टिंग ऑपरेशन

    पुलिस को सूचना मिली थी कि Tinder Social Media Platform के जरिए कुछ लोग पुरुषों को डेट के बहाने कैफे में बुलाते हैं और फिर उनसे फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिल वसूलते हैं।

    Mumbai-Honeytrap-Tinder-racket-busted-Andheri-cafe-13-arrested-news

    इस सूचना के आधार पर पुलिस ने एक पंच गवाह और एक नकली ग्राहक (Decoy Customer) की मदद से पूरा स्टिंग ऑपरेशन किया।

    खार वेस्ट के कारोबारी बने नकली ग्राहक

    इस ऑपरेशन में खार वेस्ट के बिजनेसमैन पंकज गोविंद यादव (38) को नकली ग्राहक बनाया गया।

    पुलिस अधिकारियों ने उन्हें Tinder App के जरिए एक महिला से संपर्क करने और उससे मिलने के इच्छा जाहिर करने का निर्देश दिया।

    कैफे में पहुंचते ही सामने आई ठगी की सच्चाई

    जब पंकज यादव और महिला Heaven Terrace 72 Cafe के अंदर पहुंचे, तो पुलिस टीम भी उनके पीछे-पीछे पहुंच गई।

    अंदर जाकर पुलिस ने देखा कि दो कर्मचारी जमीन पर बैठे एक व्यक्ति से बहस कर रहे थे।

    उस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसने सिर्फ एक पेग शराब पिया था, लेकिन उससे 25,000 रुपये का बिल मांगा जा रहा था।

    पानी परोसकर बना दिया 18 हजार का बिल

    जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई।

    पुलिस के मुताबिक कैफे के कर्मचारी शराब की जगह पानी परोसते थे और उसके लिए भारी-भरकम बिल बनाते थे।

    पंकज यादव के मामले में सिर्फ पानी के लिए 18,616 रुपये का बिल बनाया गया था।

    कैफे के पास शराब परोसने का लाइसेंस भी नहीं

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कैफे के पास शराब परोसने का लाइसेंस नहीं था, इसके बावजूद वहां शराब परोसी जा रही थी।

    यह भी आरोप है कि कैफे के कर्मचारी और महिलाएं मिलकर डेटिंग ऐप के जरिए पुरुषों को जाल में फंसाते थे।

    ऐसे काम करता था पूरा Tinder Honeytrap Gang

    पुलिस पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि शोएब और अज़ीम सिद्दीकी Tinder पर पुरुषों की प्रोफाइल ढूंढने में उनकी मदद करते थे।

    इसके बाद महिलाएं उन पुरुषों से संपर्क कर उन्हें डेट के बहाने कैफे में बुलाती थीं।

    जब पीड़ित कैफे पहुंचता, तो वहां मौजूद गिरोह बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाकर पैसे वसूलता था।

    कैफे मालिक और कर्मचारी भी शामिल

    पुलिस जांच में पता चला कि मयूर डिडोले और नितेश अमदासकर कैफे चलाते थे।

    इसके अलावा मयंक कटुरिया (20) कैफे मैनेजर, मोहसीन खान (28) कर्मचारी और जतिन कुमार (24) बाउंसर के रूप में काम कर रहे थे।

    13 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेजा

    Sakinaka Police ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।

    सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम

    पुलिस ने जिन 13 लोगों को गिरफ्तार किया है उनके नाम इस प्रकार हैं:

    • अश्मिन मलिक
    • परी उपाध्याय
    • निहारिका कौर
    • मोहसीन खान
    • मयंक कटुरिया
    • मयूर डिडोले
    • नितेश अमदासकर
    • जतिन कुमार
    • फैज़ल अली
    • दीपक दास
    • साहिल कुशवाहा
    • शोएब
    • अज़ीम सिद्दीकी

    इनमें से तीन महिलाएं दिल्ली की रहने वाली हैं, जबकि बाकी आरोपी मुंबई के निवासी हैं।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    मुख्य धाराएं:

    • Section 308(2) – जबरन वसूली (Extortion)
    • Section 318(4) – धोखाधड़ी (Cheating)
    • Section 3(5) – सामान्य आशय (Common Intention)

    इसके अलावा Information Technology Act के तहत भी केस दर्ज किया गया है।


    FAQ

    Q1: मुंबई में Tinder Honeytrap केस क्या है?

    अंधेरी ईस्ट के Heaven Terrace 72 Cafe से एक गिरोह Tinder Dating App के जरिए पुरुषों को फंसाकर उनसे पैसे वसूल रहा था।

    Q2: इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?

    इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

    Q3: यह गिरोह कैसे ठगी करता था?

    महिलाएं Tinder पर पुरुषों से संपर्क कर उन्हें कैफे में बुलाती थीं, जहां बढ़ा-चढ़ाकर बिल बनाकर पैसे वसूले जाते थे।

    Q4: पुलिस ने किन धाराओं में केस दर्ज किया है?

    BNS की धारा 308(2), 318(4), 3(5) और Information Technology Act के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    Q5: आरोपियों को कितने दिन की पुलिस हिरासत मिली है?

    कोर्ट ने सभी आरोपियों को 16 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

  • RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA का बड़ा आदेश: Omaxe को घर खरीदारों को देने होंगे ₹53.65 लाख, 3BHK पजेशन में 5 साल की देरी

    RERA Order Against Omaxe – Chandigarh Extension Developers को 3BHK फ्लैट की पजेशन में देरी के मामले में ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश। Mumbai के Andheri East के होमबायर्स को मिला बड़ा राहत।

    मुंबई: रियल एस्टेट सेक्टर में देरी से परेशान होमबायर्स के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Punjab Real Estate Regulatory Authority (RERA) ने Omaxe Chandigarh Extension Developers को आदेश दिया है कि वह मुंबई के Andheri East में रहने वाले दो घर खरीदारों को करीब ₹53.65 लाख का मुआवजा (compensation) दे। यह फैसला New Chandigarh, Mohali में स्थित “The Lake Project” में 3BHK फ्लैट की पजेशन में पांच साल से ज्यादा की देरी के कारण सुनाया गया है।

    मुंबई के होमबायर्स ने RERA में दर्ज कराई थी शिकायत

    यह मामला Reena Thakur और Sujit Thakur, जो मुंबई के Andheri East के निवासी हैं, द्वारा दायर शिकायत के बाद सामने आया।

    दोनों ने Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की Section 31 के तहत RERA में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ताओं की ओर से Advocate M Shahnawaz Khan ने पैरवी की, जबकि डेवलपर की ओर से Advocate Tejeshwar Singh अदालत में पेश हुए।

    2015 में बुक किया था 3BHK फ्लैट

    शिकायत के अनुसार, होमबायर्स ने 9 जुलाई 2015 को The Lake Project के Tower Caspean-B की 12वीं मंजिल पर एक 3BHK residential unit बुक किया था।

    इस फ्लैट की कुल कीमत ₹82,11,487 तय की गई थी।

    खरीदारों का कहना है कि उन्होंने कुल रकम का 90% से ज्यादा यानी ₹76,05,041 पहले ही डेवलपर को भुगतान कर दिया था।

    जनवरी 2019 तक मिलनी थी फ्लैट की पजेशन

    Buyer Agreement के अनुसार, डेवलपर को 42 महीने के भीतर यानी 8 जनवरी 2019 तक फ्लैट का पजेशन देना था।

    लेकिन प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई और पांच साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भी घर खरीदारों को फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

    RERA ने ₹53.65 लाख ब्याज के रूप में देने का आदेश दिया

    मामले की सुनवाई के बाद Punjab RERA ने Omaxe डेवलपर को निर्देश दिया कि वह खरीदारों को जमा की गई राशि पर Highest MCLR Rate + 2% के हिसाब से ब्याज दे।

    इस गणना के अनुसार कुल मुआवजा करीब ₹53,65,000 बनता है, जिसे डेवलपर को होमबायर्स को देना होगा।

    हर महीने बढ़ता रहेगा मुआवजा

    RERA के आदेश में यह भी कहा गया है कि जब तक डेवलपर Occupation Certificate (OC) या Completion Certificate (CC) लेकर फ्लैट का वैध पजेशन नहीं देता, तब तक मुआवजा बढ़ता रहेगा।

    आदेश के मुताबिक हर महीने करीब ₹62,383 की दर से compensation बढ़ता रहेगा।

    Covid-19 को अनंत समय तक बहाना नहीं बना सकता डेवलपर

    RERA ने अपने आदेश में साफ कहा कि डेवलपर कोविड-19 महामारी को हमेशा के लिए देरी का कारण नहीं बता सकता।

    अथॉरिटी ने कहा कि अगर प्रोजेक्ट में देरी हुई है तो उसके लिए डेवलपर जिम्मेदार होगा और उसे खरीदारों को उचित मुआवजा देना पड़ेगा।

    आदेश का पालन नहीं किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    RERA ने चेतावनी दी है कि अगर डेवलपर इस आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ RERA Act की Section 63 के तहत अलग से non-compliance proceedings शुरू की जा सकती हैं।

    इसका मतलब है कि कंपनी को भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    1. RERA ने Omaxe को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया है?

    RERA ने करीब ₹53.65 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है।

    2. यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

    यह मामला The Lake Project, New Chandigarh (Mohali) से जुड़ा है।

    3. शिकायत किसने दर्ज कराई थी?

    मुंबई के Andheri East के निवासी Reena Thakur और Sujit Thakur ने शिकायत दर्ज कराई थी।

    4. फ्लैट कब तक मिलना था?

    Agreement के अनुसार 8 जनवरी 2019 तक पजेशन मिलना था।

    5. हर महीने कितना अतिरिक्त मुआवजा बढ़ेगा?

    जब तक पजेशन नहीं मिलता, ₹62,383 प्रति माह मुआवजा बढ़ता रहेगा।

  • Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai Hospital Controversy: Borivali के HCG Hospital पर ‘Dead Body रोकने’ का आरोप, बिल बकाया को लेकर परिवार का हंगामा

    Mumbai के Borivali स्थित HCG Hospital पर मृत मरीज का शव देने से इनकार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने करीब 6 घंटे तक शव रोके रखा, जबकि ₹5 लाख का Mediclaim पहले ही मंजूर था।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के एक Hospital Billing Controversy ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। HCG Hospital पर आरोप लगा है कि उसने मृत मरीज का शव परिवार को देने से इनकार कर दिया, क्योंकि अस्पताल का कुछ बिल बाकी था।

    यह घटना I.C. Colony, Borivali स्थित अस्पताल में बताई जा रही है। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति Mumbai Police से मदद की अपील करता नजर आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    बताया जा रहा है कि यह वीडियो Vinod Pal नाम के सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया है।

    वीडियो में एक व्यक्ति दावा करता दिखाई दे रहा है कि अस्पताल ने बकाया मेडिकल बिल के कारण मृत मरीज का शव करीब 6 घंटे तक रोके रखा और परिवार को तुरंत भुगतान करने के लिए कहा।

    ₹5 लाख Mediclaim के बावजूद मांगे गए अतिरिक्त पैसे

    वीडियो में व्यक्ति का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    लेकिन मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मौत की वजह बताने की बजाय बकाया भुगतान के बारे में पूछना शुरू कर दिया।

    परिवार का दावा है कि अस्पताल ने लगभग ₹1 से ₹2 लाख की अतिरिक्त रकम की मांग की और जब परिवार तुरंत भुगतान नहीं कर पाया तो शव देने से इनकार कर दिया।

    “Dead Body Held Hostage” का आरोप

    वीडियो में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने मृत शरीर को ‘Hostage’ की तरह रोककर रखा है।

    परिवार का कहना है कि यह व्यवहार अमानवीय (Inhuman) है और अस्पताल को ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पुलिस को बुलाया गया, लेकिन दखल नहीं दिया गया

    परिवार के मुताबिक जब अस्पताल ने शव देने से इनकार किया तो पुलिस को बुलाया गया।

    हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने भी पहले बकाया बिल चुकाने की सलाह दी।

    लिखित गारंटी देने की भी पेशकश

    परिवार ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से कहा कि वे लिखित में गारंटी देने को तैयार हैं कि बाकी रकम बाद में चुका दी जाएगी।

    उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मृतक की मां को अंतिम संस्कार के लिए शव सौंप दिया जाए, लेकिन कथित तौर पर इस पर भी तुरंत सहमति नहीं बनी।

    “कानून व्यवस्था का मामला नहीं” – पुलिस का जवाब

    परिवार का दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि जब तक मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनता, वे हस्तक्षेप नहीं कर सकते।

    व्यक्ति ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को अप्रत्यक्ष रूप से ज्यादा विवाद न करने की चेतावनी भी दी।

    “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शव नहीं लेंगे”

    वीडियो में व्यक्ति ने कहा कि अगर अधिकारियों ने एक घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो परिवार शव लेने से ही इनकार कर देगा।

    Mumbai Police ने मामले को आगे बढ़ाया

    इस मामले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Mumbai Police ने कहा कि शिकायत को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    निष्पक्ष जांच की मांग

    वीडियो पोस्ट करने वाले Vinod Pal ने पुलिस के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले की जल्द और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि बकाया अस्पताल बिल के कारण मृत शरीर को रोकना बेहद गंभीर और अमानवीय मुद्दा है, इसलिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

    वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार का सदस्य है या नहीं।

    पुलिस मामले की तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।


    FAQ (People Also Ask)

    1. मामला किस अस्पताल का है?

    यह मामला Borivali के HCG Hospital से जुड़ा बताया जा रहा है।

    2. परिवार का आरोप क्या है?

    परिवार का आरोप है कि ₹1–2 लाख के बकाया बिल के कारण अस्पताल ने मृत मरीज का शव देने से इनकार कर दिया।

    3. क्या Mediclaim पहले से मंजूर था?

    हाँ, इलाज के दौरान ₹5 लाख का Mediclaim Approval पहले ही मिल चुका था।

    4. पुलिस ने क्या कहा?

    Mumbai Police ने बताया कि मामले को Borivali Police Station के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है।

    5. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कौन है?

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मृतक के परिवार से जुड़ा है या नहीं।

  • Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Boat Investment Scam: Goa के शख्स ने Mumbai के बिजनेसमैन को ₹1.48 करोड़ का चूना लगाया, Borivali Police ने किया गिरफ्तार

    Mumbai के Borivali में बड़ा Investment Scam सामने आया है। Goa के रहने वाले S Naik ने Abu Dhabi में Passenger Boat Contract के नाम पर Shipping Businessman से ₹1.48 करोड़ की ठगी की। Borivali Police ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

    मुंबई: Investment Fraud और Business Scam का एक बड़ा मामला सामने आया है। Borivali इलाके में रहने वाले एक Shipping Businessman को Passenger Boat Investment के नाम पर करीब ₹1.48 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया।

    इस मामले में Mumbai Police की Borivali Police Station ने Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

    Shipping Businessman को दिया गया Boat Investment का लालच

    पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता Tariq Pathan (40) Borivali में रहते हैं और Shipping Business से जुड़े हुए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि S Naik और Tariq Pathan एक-दूसरे को कई सालों से जानते थे, इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने यह ठगी की।

    Abu Dhabi Passenger Boat Contract का दिया झांसा

    पुलिस के मुताबिक अक्टूबर 2025 में आरोपी S Naik ने Pathan के सामने एक बिजनेस प्रपोजल रखा।

    उसने दावा किया कि वह Abu Dhabi में एक कंपनी के साथ Passenger Crew Boat Contract लेने वाला है और अगर इस प्रोजेक्ट में निवेश किया जाए तो भारी मुनाफा (High Return Investment) मिल सकता है।

    भरोसा जीतकर पहले लिए ₹20 लाख

    Naik की बातों पर भरोसा करते हुए Tariq Pathan ने शुरुआत में ₹20 लाख रुपये निवेश के तौर पर दिए।

    पुलिस के अनुसार यह रकम एक कॉमन दोस्त की मौजूदगी में आरोपी को दी गई थी।

    बाद में और पैसे की मांग

    इसके बाद आरोपी ने Pathan से कहा कि Abu Dhabi की कंपनी के साथ Contract Secure करने और Capital बढ़ाने के लिए और पैसों की जरूरत है।

    इस पर Pathan ने अतिरिक्त ₹3 लाख रुपये और दे दिए।

    Pathan ने खुद भी दिलाया Contract

    एफआईआर के मुताबिक Tariq Pathan ने अपने संपर्कों के जरिए Abu Dhabi की कंपनी से Contract भी हासिल कर लिया, क्योंकि उन्हें Naik की बातों पर भरोसा था कि जल्द ही Passenger Boat खरीदी जाएगी।

    Boat नहीं खरीदी, उल्टा देना पड़ा 1.50 लाख डॉलर का जुर्माना

    लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि Passenger Boat कभी खरीदी ही नहीं गई।

    इस वजह से Contract पूरा नहीं हो सका और Abu Dhabi की कंपनी को Pathan को 1,50,000 US Dollar (लगभग करोड़ों रुपये) का Penalty देना पड़ा, ताकि उनकी कंपनी को Blacklist होने से बचाया जा सके।

    अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलता रहा धोखा

    पुलिस के अनुसार अक्टूबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच आरोपी Naik ने Pathan का भरोसा जीतकर Passenger Boat खरीदने के नाम पर कुल ₹23 लाख रुपये लिए।

    लेकिन इस पूरे मामले में देरी, नुकसान और पेनल्टी सहित Pathan को लगभग ₹1.25 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ, जबकि कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ तक पहुंच गया।

    पैसे वापस न मिलने पर पुलिस में शिकायत

    जब Pathan ने आरोपी से कई बार पैसे वापस मांगे, तब भी Naik ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।

    इसके बाद Pathan ने Borivali Police Station में पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई।

    Borivali Police ने किया आरोपी को गिरफ्तार

    पुलिस ने शिकायत की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद Goa निवासी S Naik को गिरफ्तार कर लिया।

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे शनिवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है और मामले की Further Investigation जारी है।


    FAQ

    1. Boat Investment Scam क्या है?

    इस मामले में आरोपी ने Passenger Boat Investment और Abu Dhabi Contract का झांसा देकर पैसे लिए और ठगी कर ली।

    2. कुल कितने रुपये की ठगी हुई?

    इस मामले में कुल नुकसान करीब ₹1.48 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है।

    3. आरोपी कौन है?

    आरोपी की पहचान Goa निवासी S Naik के रूप में हुई है।

    4. शिकायत किसने दर्ज कराई?

    Borivali के Shipping Businessman Tariq Pathan ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    5. केस की जांच कौन कर रहा है?

    मामले की जांच Borivali Police Station की टीम कर रही है।