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Free Computer Training Scheme: डिजिटल भारत मिशन के तहत भारत सरकार ने फ्रि कंप्यूटर कोर्स के साथ 15 हजार रुपये के आर्थिक मदद देने ऐलान कर दिया है। यह स्कॉलरशिप 12वीं पास युवाओं के लिए आरक्षित कर दी गई है। आईये जानते हैं कैसे और कहां करें आवेदन?
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: भारत सरकार ने डिजिटल भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए 12वीं पास युवाओं के लिए एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की है। फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना 2025 के अंतर्गत अब युवाओं को मुफ्त में कंप्यूटर कोर्स करने का अवसर मिलेगा, साथ ही 15000 रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
बेसिक से एडवांस
इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल बेसिक से लेकर एडवांस कंप्यूटर स्किल्स सीख सकेंगे, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। यह मदद सीधे छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाऐंगे ताकि वे कोर्स के दौरान आर्थिक बोझ से मुक्त रह सकें।
किन्हें मिलेगा योजना का लाभ?
फ्री कंप्यूटर ट्रेनिंग योजना का लाभ केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जो भारत के नागरिक होंगे। जिन्होंने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनकी उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच होगी। इसके साथ ही, परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आवेदक ने पहले से किसी संस्थान से कंप्यूटर कोर्स नहीं किया होना चाहिए।
इस योजना के अंतर्गत युवाओं को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, इंटरनेट का उपयोग, डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा, टाइपिंग, ईमेलिंग और सरकारी पोर्टल्स पर कार्य करना सिखाया जाएगा। कोर्स की अवधि 3 से 6 महीने की होगी और यह पूरी तरह से सरकारी मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा कराया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?
इच्छुक उम्मीदवार अपने राज्य की स्किल डेवलपमेंट या श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “Free Computer Training Scheme” दर्शाया गया होगा। उसी पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन करें। इसी के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे – आधार कार्ड, 12वीं की मार्कशीट, फोटो, बैंक पासबुक आदि अपलोड करें और आवेदन सबमिट कर दें। कुछ राज्यों में यह सुविधा CSC केंद्रों पर भी उपलब्ध हो चुकी है।
योजना के प्रमुख लाभ
योजना के तहत युवाओं को न केवल मुफ्त कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि कोर्स पूरा करने के बाद एक सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलेगा। साथ ही 15000 रुपये तक की स्कॉलरशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट भी मुहैया कराया जाएगा, जिससे युवाओं को करियर की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें।
यह योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में लागू हो चुकी है। अन्य राज्यों में भी इसे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार में लाभ
इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली ट्रेनिंग से छात्र सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में रोजगार के लिए तैयार होंगे। डिजिटल इंडिया, CSC केंद्र, बैंकिंग, बीमा, डेटा एंट्री और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों में इन युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
युवाओं का अनुभव और आत्मविश्वास
कई युवाओं ने बताया कि इस कोर्स के माध्यम से उन्हें न केवल टेक्निकल स्किल्स मिलीं बल्कि नौकरी पाने में भी आसानी हुई। कुछ छात्रों को स्थानीय कंपनियों में 10000 रुपये से 15000 रुपये प्रति माह की शुरुआती नौकरी भी मिली है।
मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।
कैसे बनता था शिकार ?
अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।
कैसे हुई आरोपी की पहचान ?
क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।
क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।
नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.
पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।
मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations
क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?
ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations
बार्डर की सुरक्षा
मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का?
विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे।
नग्नता को परिचित
सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया।
चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे
हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे।
पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा।
मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार?
चीन का खतरा
चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है।
सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations
चुनावी रणनीति
अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे।
हर घर सिंदूर बांटने की योजना
अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है।
तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की?
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।
Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।
रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?
वक्फ कानून अधिनियम 40
वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।
इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।
यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी हस्तक्षेप नहीं
सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।
इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।
सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा
वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।
इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।
वक्फ कानून मे संशोधन का असर
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।
IPS संजय वर्मा बने महाराष्ट्र के नए DGP, अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे
गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज, कर्नाटक पुलिस के ADGP को धमकाने का आरोप
अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बताने के मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
असम में 2 हाथियों के शव बरामद, बिजली के झटके से मौत होने की आशंका
बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस के हाथ लगा एक और हथियार, एक पिस्टल और तीन कारतूस की अभी भी तलाश
त्रिपुरा में घुसपैठ, 5 लोगों में 3 भारतीय और 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत
न्यूज़ डेस्क देश की राजनीति से लेकर क्राईम, हादसे, तबादले से लेकर सीमावर्ती भागों में घुसपैठ की 10 बड़ी खबर हम कवर करने जा रहे हैं। जो निम्नलिखित है। आईये अब हम इसपर नज़र डालते हैं। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी के पांच बागी नेताओं को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट से बाहर निकल दिया। पांचों नेता टिकट नहीं मिलने के कारण अपनी ही पार्टी और गठबंधन दल के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है। पार्टी ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। लेकिन पार्टी के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए बगावत पर उतर आए थे। उद्धव ठाकरे गुट के इन नेताओं में भिवंडी के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे समेत विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे शामिल हैं। जिन्हें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
IPS संजय वर्मा बने महाराष्ट्र के नए DGP, अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे
मंगलवार को 1990 बैच के IPS अधिकारी संजय वर्मा को महाराष्ट्र का नया DGP बनाया गया है। वर्तमान में IPS अधिकारी संजय वर्मा डीजी कानून और तकनीकी के पद पर कार्यरत हैं। IPS अधिकारी संजय वर्मा अप्रैल 2028 में रिटायर होने वाले है। महाराष्ट्र चुनाव 2024 से पहले चुनाव आयोग ने राज्य के कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले की शिकायत पर पूर्व DGP रश्मि शुक्ला के तबादले का आदेश दिया था। उन्हें हटाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से महाराष्ट्र कैडर के तीन सीनियर IPS अधिकारियों के नाम मांगे थे, जिनमें संजय वर्मा का नाम भी शामिल था। बाकी दो सीनियर IPS अधिकारियों में संजीव कुमार सिंघल और उनके बैचमेट रितेश कुमार का नाम भी शामिल था। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।
भारत सरकार ने मंगलवार को विकिपीडिया को नोटिस भेजकर कुछ शिकायतों पर जवाब मांगा है। विकिपीडिया पर एकतरफा और गलत जानकारी देने का आरोप है। सरकार ने सवाल पूछा है, कि विकिपीडिया को पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट की जगह कंटेंट पब्लिशर्स वेबसाइट क्यों नहीं माना जाना चाहिए? हालांकि, इसका भारत सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं हुआ है। विकिपीडिया की तरफ से भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज, कर्नाटक पुलिस के ADGP को धमकाने का आरोप
भारी उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ बेंगलुरु के संजय नगर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को FIR दर्ज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे निखिल पर कर्नाटक पुलिस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) एम. चंद्रशेखर को अवैध खनन घोटाले मामले की जांच के दौरान धमकी देने के आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि कुमारस्वामी और उनके बेटे निखिल ने मामले की जांच में बाधा डालने की कोशिश की। कुमारस्वामी 2006 से 2008 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान उन पर 550 एकड़ की खनन जमीन को पट्टे पर गैरकानूनी तरीके से मंजूरी देने का आरोप है। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बताने के मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता को सोमवार रात 8 बजे फोन कॉल पर जान से मारने की धमकी मिली है। कॉलर ने विष्णु को अजमेर कोर्ट में 23 सितंबर को दायर मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका वापस लेने को कहा है। धमकी मिलने के बाद विष्णु ने क्रिश्चयन गंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
असम में 2 हाथियों के शव बरामद, बिजली के झटके से मौत होने की आशंका
असम के पश्चिम कामरूप जिले के पखारापारा इलाके में मंगलवार सुबह खेत में दो हाथियों के शव मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नर हाथी 10 साल से कम उम्र के हैं। खेत में लगी बिजली की तारों के झटके लगने के कारण हाथियों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हाथियों के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस के हाथ लगा एक और हथियार, एक पिस्टल और तीन कारतूस की अभी भी तलाश
बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में सोमवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी रूपेश मोहोल के पुणे वाले घर से एक और पिस्टल बरामद किया है। इस केस में बरामद यह पांचवां हथियार है। क्राइम ब्रांच को इस मामले में अभी भी एक और हथियार और तीन कारतूस की तलाश है। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने मुंबई कोर्ट से रूपेश मोहोल समेत अन्य चार आरोपी अमित कुमार, शिवम कोहाड़, करण साल्वे और सुजीत सिंह की रिमांड मांगी है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
त्रिपुरा में घुसपैठ, 5 लोगों में 3 भारतीय और 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार
त्रिपुरा के सबरूम जिले के जलकुंबा गांव में सोमवार को अवैध तरीके से बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ करते 5 लोग पकड़े गए हैं। इसमें 2 बांग्लादेशी और 3 भारतीय नागरिक शामिल हैं। पूछताछ में तीनों भारतीय नागरिकों ने बताया कि वे बांग्लादेश अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे, लेकिन बांग्लादेश में चल रही हिंसा के कारण वही फंसे रह गए। अब बांग्लादेश में स्थिति शांत होने के कारण वे लोग वापस लौट रहे थे। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कालाकोट क्षेत्र में बडोग के पास 63 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) का वाहन सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में एक सेना के जवान की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य घायल हुआ है। घायल जवान का कालाकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इलाज चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत
दिल्ली में सोमवार देर रात DTC की बस ने पुलिस कांस्टेबल और राहगीर को कुचल दिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि घटना रिंग रोड के मोनेस्ट्री मार्केट के पास हुई है। बस डिवाइडर से भी टकरा गई थी। 27 वर्षीय मृतक पुलिस कांस्टेबल का नाम विक्टर है, पुलिस कांस्टेबल नागालैंड का रहने वाला था। वो जून 2023 से सिविल लाइंस थाने में तैनात था। दूसरे मृतक की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: A legitimacy rundown will likewise be delivered for half of all India standard seats, it will be arranged in view of the imprints got by the competitor.
NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.
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The NEET PG 2024 assessment was directed on August 11, 2024. Around 2,28,540 applicants showed up for the assessment which was held in two movements around the same time. For all the inclusion encompassing NEET PG Results 2024, applicants can follow our live updates here:
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मुम्बई के सायन अस्पताल से जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे ड्यूटी के वक़्त हमला किया गया। आरोपी मरीज के चेहरे पर चोट लगी थी। इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आये लोगों ने डॉक्टर से अभद्रता की। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
इस्माईल शैख़मुम्बई – कोलकाता के बाद मुम्बई से अप्रत्याशित खबर आई है। रविवार सुबह सायन अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मरीज और उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर एक महिला इंटर्न की पिटाई कर दी। माना जा रहा है कि ये सभी लोग नशे में थे। इस बात की जानकारी सायन अस्पताल के डॉक्टरों ने दी। हम आपको बताना चाहेंगे कि हाल ही में आर.जी. के एक प्रशिक्षु डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कलकत्ता में कर के साथ बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महिला डॉक्टर पर हमला
सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे हमला किया गया। वह उस वक्त ड्यूटी पर थीं। बताया गया है, कि आरोपी को चेहरे पर चोटें आई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आए लोगों ने डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। मरीज के साथ करीब पांच-छह लोग आए हुए थे जो सभी नशे में थे। माना जा रहा है कि मरीज के साथ आये लोगों ने भी डॉक्टर पर हमला किया और वहां से भागने की कोशिश में डॉक्टर भी घायल हो गई। पुलिस ने बताया की मारपीट की घटना के बाद दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD), बृहन्मुम्बई नगर निगार (BMC) के प्रमुख अक्षय मोरे ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि घटना सुबह साढ़े तीन बजे की है, जब महिला डॉक्टर पर नशे की हालत में मरीज़ और उसके साथ आए पांच से छे लोगों ने हमला कर दिया। डॉ. मोरे ने कहा, कि मरीज और उसके कुछ रिश्तेदारों को शराब के नशे में अस्पताल लाया गया था। मरीज और उसके साथ आए लोगों ने पैरामेडिक से चर्चा की बाद में महिला डॉक्टर पर हमला करने के बाद मरीज और उसका परिवार मौके से भाग गए। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
घटना के संबंध में महिला डॉक्टर ने सायन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने पुलिस स्टेशन जाकर डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर अक्षय मोरे ने कहा, “हमारे डॉक्टरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
सायन पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति महिला चिकित्सक पर चिल्लाया, जिसके बाद बहस शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि मरीज के साथ आईं दो महिलाओं और एक पुरुष ने महिला चिकित्सक से मारपीट की जिसके बाद अस्पताल के कर्मियों को पुलिस बुलानी पड़ी। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
कांदीवली पुलिस ने मुंबई शहर के साथ-साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के 54 मोबाइल फोन जब्त कर फरियादियों को चोरी का सामना वापस किया है।
इस्माईल शेख मुंबई- कांदीवली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन मामले में मुंबई शहर के साथ साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों से जानकारी इकट्ठा कर चोरी के मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहें लोगों पड़ताल कर कुल 54 मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही उच्च अधिकारियों द्वारा संबंधित मोबाइल फोन के फरियादियों को बुला कर उनका सामना वापस किया गया है।
कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के बराबर मोबाइल फोन की जानकारी देते हुए कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन टीम के पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम की निगरानी में पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण, महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने गुमशुदा मोबाइल फोन के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर निरंतर तफतिश कर उक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे लोगों का पता लगाया और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुंबई शहर और अन्य राज्यों से चोरी के मोबाइल फोन जब्त किया है।
कांदीवली पुलिस द्वारा जब्त चोरी के मोबाइल फोन फरियादियों को वापस करते हुए तस्वीर
कांदीवली पुलिस का सराहनीय कार्य ..
बता दें कि कांदीवली पुलिस ने सराहनीय कार्य परिमंडल-11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शैलेंद्र धिवार के मार्गदर्शन में कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे, क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक आनंद कांबळे की देखरेख में पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम, पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण एवं महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने पार किया है। मुंबई पुलिस महकमे में इनकी प्रशंसा की जा रही है। गुम हो चुके मोबाइल फोन को वापस पाकर फरियादियों ने कांदीवली पुलिस को धन्यवाद दिया। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं। जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।
लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।
Indian fasttrack newsकांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर
उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।
देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।
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चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।