महाराष्ट्र में पुलिस की इस छापामारी और ड्रग्स के खिलाफ कार्यवाही को सबसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से राज्य के अन्य हिस्सों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, अंढेरा पुलिस थाना क्षेत्र में एक किसान अफीम की अवैध खेती कर रहा था। पुलिस ने खुफिया जानकारी के बाद मौके पर छापा मारा और बड़ी संख्या में अफीम के पौधे बरामद किए। (Opium cultivation under the nose of police in Maharashtra, plants worth Rs 12.61 crore seized)
बुलढाणा में अफीम की खेती को लेकर यह कार्रवाई राज्य में सबसे बड़ी मानी जा रही है। हालांकि, इस छापेमारी के बाद अंढेरा पुलिस की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि अफीम की खेती अंढेरा पुलिस थाने की सीमा में ही हो रही थी और यह पूरी प्रक्रिया पुलिस की नाक के नीचे चल रही थी। इससे यह भी सवाल उठता है कि क्या पुलिस विभाग ने इस मामले में लापरवाही बरती थी? या फिर जानबूझकर देर से कार्रवाई की गई। अंढेरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब उच्च अधिकारियों की ओर से जांच की संभावना भी जताई जा रही है। (Opium cultivation under the nose of police in Maharashtra, plants worth Rs 12.61 crore seized)
मुम्बई: मालाड़ पुलिस ने 40 लाख रुपये की चोरी मामले में 32 वर्षीय आशीष बूटीराम सयाल को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती के ऑफिस में काम करता था। 4 फरवरी को ऑफिस में रखे पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गया था। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
4 फरवरी को ऑफिस के कुछ पेपरों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए मैनेजर प्रीतम के घर गया हुआ था। उसी वक्त ऑफिस में काम करने वाले आरोपी आशीष बूटीराम सयाल पैसों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गया। ऑफिस के बाकी लोगों ने पूछा तो बताया कि वह मालिक के घर पैसों से भरा बैग पहुंचाने के लिए जा रहा है। जबकि वह पैसे लेकर फरार हो गया। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
कश्मीर से गिरफ्तार
पुलिस ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषणों और गुप्तचरों की मदद से आरोपी के जम्मू-कश्मीर में होने की जानकारी मिली। पुलिस की एक टिम कश्मीर जाकर आशीष को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। जबकि चोरी का लगभग 95 प्रतिशत पैसा बरामद कर लिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात मालाड़ पुलिस कर रही है। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)
राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
5 साल की बच्ची का बलात्कार
जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
अपहरण और बलात्कार
2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
बच्ची का रेप के बाद मौत
1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)
हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)
मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)
नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा इंटरव्यू छूट के लिए पात्रता विंडो, जिसे आमतौर पर ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इसे अब 48 महीने से घटाकर 12 महीने के लिए कर दिया है। इस बदलाव से हजारों नोन इमीग्रेंट वीजा धारकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें एच-1बी, एफ-1 और बी1/बी2 वीजा धारक भी शामिल हैं। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
एटलिस के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया, कि “हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलाव अब लागू किया जा रहा है और 12 महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुके आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
वीज़ा प्रोसेसिंग पर दबाव
पहले, यदि व्यक्ति का पिछला वीज़ा 48 महीनों के भीतर समाप्त हो जाता था, तो वह ड्रॉपबॉक्स प्रणाली का उपयोग करके अपने वीज़ा को नवीनीकृत कर सकता था। यह विस्तारित नीति कांसुलर बैकलॉग को कम करने के लिए महामारी के दौरान पेश की गई थी। नवीनतम बदलाव का मतलब है कि कई आवेदकों को अब व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा, जिससे वीज़ा प्रणाली पर और दबाव पड़ सकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
द नेशनल लॉ रिव्यू के अनुसार, इस बदलाव से नोन इमीग्रेंट वीज़ा धारकों के लिए देरी और यात्रा में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित परेशानियां शामिल हैं:
एच-1बी – विशिष्ट क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों के लिए एक कार्य वीजा, जिसके लिए अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी की पेशकश की आवश्यकता होती है।
एफ-1 – अमेरिका में शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक छात्र वीजा, जो परिसर में सीमित रोजगार की अनुमति देता है।
बी1/बी2 – व्यापार (बी1) या पर्यटन (बी2) के लिए एक अल्पकालिक वीजा, जो रोजगार की अनुमति नहीं देता है।
एल-1 – एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर अमेरिकी कार्यालय में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक वीजा, जो अधिकारियों, प्रबंधकों या विशेष ज्ञान वाले श्रमिकों पर लागू होता है।
O-1 – विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा।
क्या बदल गया है?
आवेदक अब ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के लिए तभी अर्हता प्राप्त करते हैं, जब उनका वीज़ा पिछले 12 महीनों के भीतर समाप्त हो गया हो और उसी श्रेणी में हो। जो लोग इस आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं उन्हें एक व्यक्तिगत इंटरव्यू निर्धारित करना होगा, जिसके कारण ये हो सकते हैं:
अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत नियुक्तियों की मांग में वृद्धि।
विशेष रूप से उच्च मात्रा वाले शहरों में वीज़ा इंटरव्यू के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करना।
व्यावसायिक यात्रियों और तेजी से नवीनीकरण की आवश्यकता वाले पेशेवरों के लिए संभावित व्यवधान।
इस बदलाव का असर अमेरिका में भारतीय छात्रों पर भी पड़ने की उम्मीद है।
वनस्टेप ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, “छात्रों (एफ-1) के लिए अमेरिकी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया में हालिया नीति बदलाव खासकर भारत में आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरव्यू छूट की पात्रता अब पिछले 48 महीनों से घटकर 12 महीने हो गई है, कुछ छात्रों को अपने वीजा को नवीनीकृत करते समय लंबे समय तक इंतजार और अतिरिक्त कदमों का अनुभव हो सकता है। हालांकि यह समायोजन पूर्व-महामारी नियमों की वापसी को दर्शाता है, यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की मांग अधिक है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
उन्होंने कहा, “इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन यह उन छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है जो अद्यतन पात्रता विंडो से बाहर हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई छात्रों के पास अभी भी नियमित प्रक्रिया के माध्यम से अपने वीजा को नवीनीकृत करने के पर्याप्त अवसर होंगे।” “जो लोग इस परिवर्तन से प्रभावित हैं, उन्हें सूचित रहना चाहिए, अपने नवीनीकरण की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, और मार्गदर्शन के लिए अपने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों या वीज़ा सलाहकारों तक पहुँचना जारी रखना चाहिए।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
भारत में वीज़ा अपाइंटमेंट में देरी
भारत में वीज़ा अपॉइंटमेंट प्राप्त करना पहले से ही एक लंबी प्रक्रिया है। 2022 में B1/B2 (व्यवसाय और पर्यटन) वीज़ा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय 999 दिनों से अधिक हो गया। हालाँकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन प्रतीक्षा समय अभी भी लंबा है:
दिल्ली और मुंबई: 440 दिन से अधिक
चेन्नई: 436 दिन
हैदराबाद: 429 दिन
कोलकाता: 415 दिन
वीज़ा नीति में बदलाव क्यों?
दिल्ली में एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी दूतावास ने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग कार्यकारी आदेश 14161 के तहत निर्देशित सभी वीजा कार्यक्रमों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है। इस समय हमारे पास यही सारी जानकारी है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14161 का शीर्षक है “संयुक्त राज्य अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से बचाना।” आदेश संघीय एजेंसियों को इमीग्रेशन स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने का निर्देश देता है। यह पिछले ट्रम्प प्रशासन की कुछ नीतियों को बहाल करता है और सुरक्षा जोखिमों के लिए वीज़ा और इमीग्रेशन नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)
इसमें शामिल है:
संभावित प्रवेश प्रतिबंधों के लिए उच्च जोखिम वाले देशों की पहचान करना।
शरणार्थी स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
सुरक्षा कमजोरियों के लिए वीज़ा कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना।
अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी नागरिकों पर निगरानी बढ़ाना।
अमेरिकी समाज में आप्रवासी समावेशन को प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करना।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road
एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
मालाड़ में भीड़ की समस्या
बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर
इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)
दरअसल, 30 वर्षीय स्वानुभूति जैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थी, उन्होंने अपनी याचिका में मां की जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जैन यह साबित नहीं कर सकीं कि उनका पालन-पोषण केवल मां ने किया था। अदालत ने पाया कि जैन के पिता, जो एक बैंक अधिकारी हैं, उनकी परवरिश में पूरी तरह शामिल रहे और उनकी मां ने 2022 में ही अपना ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया था। (Big decision of Bombay High Court, now caste certificate will be given on the basis of mother’s caste also)
नालासोपारा के ‘ओम साईं जूनियर कॉलेज’ में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड (flying squads) ने सरप्राइज दौरा किया। इस दौरान एक डमी कैंडिडेट पेपर देते हुए पकड़ा गया। सूचना के बाद परीक्षा केंद्र को पुलिस में शिकायत दर्ज करने का निर्देश दिया गया। (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
मुम्बई: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (MSBSHAE) की उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (HSC) परीक्षा के लगभग एक सप्ताह बाद, सोमवार को मुम्बई डिवीजन के परीक्षा हॉल में नकल का पहला मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के दिन मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में परीक्षा के दौरान एक डमी अभ्यर्थी को फिजिक्स (Physics) का पेपर देते हुए पकड़ा गया। राज्य बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्र ने पेल्हार पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है। (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
फ्लाइंग स्क्वाड का सरप्राइज दौरा
यह मामला नालासोपारा के ओम साईं जूनियर कॉलेज (Om Sai Junior College) में बोर्ड एक्जाम्स (Bord exams) के दौरान नकल विरोधी फ्लाइंग-स्क्वाड के सरप्राइज दौरे के दौरान सामने आया। बोर्ड के मुम्बई डिवीजन के अध्यक्ष, राजेंद्र अहिरे ने कहा, “फ्लाइंग-स्क्वाड दौरे के लिए बीना पूर्व सूचना के ऐसे ही किसी भी परीक्षा केंद्रों (Exam Center) का चयन करते हैं। सोमवार को ऐसी ही एक सरप्राइज विज़िट के दौरान, फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने सुबह के सत्र में आयोजित फिजिक्स के पेपर लिखते हुए एक डमी उम्मीदवार को देखा। इसका पता तब चला जब फ्लाइंग-स्क्वाड के सदस्यों ने अचानक हॉल-टिकट और परीक्षार्थियों की जांच की।” (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
यह पूछे जाने पर कि क्या पहले से अधिकारियों को गडबडी की सूचना मिली थी? जिसके कारण हॉल टिकट और परीक्षा देने आए उम्मीदवारों की जांच की गई? अहिरे ने कहा, “यह विशेष जूनियर कॉलेज संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के रूप में पहचाने गए केंद्रों में से भी नहीं था। यह इस केंद्र में फ्लाइंग-स्क्वाड का एक अचानक सरप्राइज दौरा था और ऐसे दौरों में हॉल-टिकट की जांच भी शामिल होता है।” (Maharashtra HSC exam, Dummy candidate caught during Physics paper in Nalasopara)
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके से एक किराना स्टोर के दुकानदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह चावल की आड़ में ड्रग्स बेचने का काम करता था। हालांकि आरोपी एक थर्ड इयर स्टूडेंट हैं और अपने पिता के दुकानदारी में हाथ बटाने का काम करता था। लेकिन 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल की किमत ने पुलिस को हैरान कर दिया। जब छापामारी की गई तो मौके से 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
चावल की जगह गांजे का इस्तेमाल
गोराई में एक जनरल स्टोर को 1500 रुपये में 50 ग्राम चावल बेचते हुए पाया गया। यहां चावल का इस्तेमाल खाना पका कर खाने के लिए नही, बल्कि ड्रग्स के व्यापार को छिपाने के लिए किया जा रहा था। ग्राहकों को चावल की जगह चोरी-छिपे गांजा सप्लाई कराया जा रहा था। अवैध संचालन का खुलासा तब हुआ जब बोरीवली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से लगभग 750 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय दुकानदार को गिरफ्तार कर करीब 15 हजार रुपये का गांजा जब्त किया है। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
दुकान कहां पर है ?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 21 वर्षीय आरोपी की पहचान महिपाल सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। मुम्बई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोइटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे के मार्गदर्शन में, पुलिस निरीक्षक मिलिंद नागपुरे और पीएसआई परमोद निंबालकर (Atc) के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह बोरीवली पश्चिम के गोराई इलाके में सेक्टर 2, प्लॉट 188, त्र्यंबकेश्वर सोसायटी के एक किराने की दुकान पर की गई। जहां पुलिस की टीम ने दुकान से 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के अलग-अलग पैकेट में कुल 749 ग्राम गांजा बरामद किया। (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “पूछताछ के दौरान, महिपाल सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि वह पिछले एक महीने से अपनी दुकान से गांजा बेच रहा था। एक खरीदार के माध्यम से, उसने एक सप्लायर से संपर्क किया और पिछले महीने में 1 किलो गांजा खरीद कर बेच दिया। 12,000 रुपये से 13,000 रुपये प्रति किलोग्राम उसे मुनाफा मिलने लगा तो उत्साहित होकर, उसने एक और किलोग्राम खरीदा, जिसमें से वह पहले ही लगभग एक चौथाई किलो बेच चुका था। वह इसे 7 ग्राम, 20 ग्राम और 50 ग्राम के छोटे पैकेटों में बांट देता था, जिन्हें क्रमशः 200 रुपये, 500 रुपये और 1,500 रुपये में बेचा जाता था।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
200 रुपये का चावल
पुलिस ने यह भी बताया, कि “संदेह से बचने के लिए, लेन-देन कोड शब्दों का उपयोग करके किया जाता था। खरीदार खास कीमतों पर “चावल” की मांगे करते थे। उदाहरण के लिए, 7 ग्राम जिसे चाहिए होता वह ‘200 रुपये के चावल’ की मांग करता। इसी तरह, अन्य मात्राओं के ऑर्डर दिए जाते थे।” आरोपी इन कोड की मांग को समझते हुए, भुगतान एकत्र करता और सावधानी से ड्रग्स के पैकेट सौंप देता। ” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
पुलिस के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा (Distance Education) के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर रहा थर्ड इयर स्टूडेंट राठौड़ अपने पिता की दुकान संभाल रहा था। “राशन और अन्य खाद्य सामग्री बेचने के अलावा, राठौड़ सिगरेट और तंबाकू का भी स्टॉक रखता था। इसके अलावा, वह रोलिंग पेपर (रिज़ला) भी बेचता था, जिसे अक्सर गांजा पीने वाले खरीदते थे। जब भी ग्राहक रोलिंग पेपर खरीदने आते थे, तो वह मजाक में सुझाव देते थे कि गांजा भी बेचना चालू करे।” एक अन्य अधिकारी ने जानकारी में बताया, कि “हमने राठौड़ पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है।” (Mumbai Borivali police arrested a grocery shopkeeper for selling 50 grams of rice for Rs 1500)
मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी
इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)
नगरपालिका चुनाव
हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)