Category: Crime News

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  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • मुंबई में 50 ऑटोरिक्शा का वितरण, अब महिलाएं चलाएगी यात्रियों के लिए रिक्शा

    मुंबई में 50 ऑटोरिक्शा का वितरण, अब महिलाएं चलाएगी यात्रियों के लिए रिक्शा

    autorickshaws-distributed-in-Mumbai-now-women-will-drive-rickshaws-for-passengers

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका और दिव्याज़ फाउंडेशन की अध्यक्षा अमृता फड़नवीस की अध्यक्षता में टीवीएस कंपनी की मदद से 50 महिला बचत गट के महिलाओं को ऑटोरिक्शा वितरण किया गया। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में महिला बचत गट की महिलाएं अब यात्रियों के लिए ऑटो रिक्शा चलाएंगी। मंगलवार, 8 अप्रैल को 50 ऑटोरिक्शा का वितरण विधायक मंगेश कुडालकर, दिव्याज़ फाउंडेशन की अध्यक्षा अमृता फड़नवीस और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के निदेशक (योजना) डॉ. प्राची जांभेकर के हाथों किया गया। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने महिलाओं को रिक्शा चलाने का निःशुल्क प्रशिक्षण और सभी प्रकार के लाइसेंस उपलब्ध कराए। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    क्या है योजना?

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत स्थापित नारी शहर समूह-राष्ट्रीय नागरी उपजीविका अभियान और टीवीएस ने संयुक्त रूप से स्वरोजगार के लिए इन महिलाओं को पैसेंजर ऑटोरिक्शा का वितरण किया गया। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    कैसे मिली रिक्शा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका मुंबई में महत्वाकांक्षी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को विभिन्न मंच प्रदान करता है। इसमें बचत गट समूहों को विभिन्न माध्यमों से रोजगार उपलब्ध किया जाता हैं। इसके तहत अब बैंकों द्वारा महिलाओं को कम ब्याज दरों पर ये रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    फ्री मे क्या दिया?

    ये रिक्शा अब इन महिला चालकों द्वारा यात्रियों को ले जाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण, आवश्यक लाइसेंस, रिक्शा पंजीकरण बैज आदि सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं है। इन 50 महिलाओं में से अधिकतर भांडुप और कुर्ला इलाके की निवासी महिलाएं हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

  • Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai water supply tankers strike
    पानी सप्लाई टैंकर की फाइल तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने निजी कुओं के मालिकों को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद गुरुवार को Mumbai Water Tanker Association ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर के निजी कुआ मालिकों को पानी सप्लाई से जुड़ी कुछ नियमों और शर्तों से संबंधित नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मुंबई जल टैंकर संघ (MWTA) ने गुरुवार को शहर में पानी की आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए रोक दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    यह कदम टैंकरों को पानी की आपूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में उठाया गया। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर संघ ने क्या कहा?

    Mumbai Water Tanker Association के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि संघ के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जिनकी क्षमता 500 से 20,000 लीटर की है। ये सभी टैंकर शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं, जिसमें दक्षिण मुंबई के ऊंचाई वाले इलाके भी शामिल हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा कि सभी ने ‘अनिश्चितकालीन छुट्टी’ ले लिया है। साथ ही अपने कारोबार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    नोटिस में क्या कहा?

    शर्मा ने बताया कि बीएमसी अधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर भूमि, कुएं के पट्टे या स्वामित्व का प्रमाण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा, ‘मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी।’ (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर कारोबार हुआ बंद

    उन्होंने कहा कि एमडब्ल्यूटीए ने अपने मुद्दों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य प्राधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई उपनगरीय जिला संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने भी जल शक्ति बोर्ड को निजी कुओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के बारे में एक पत्र लिखा था, लेकिन उनके मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

  • Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।

    फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल

    पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी की फोटो पर कई अनगिनत नाम

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”

    बिहार से दो गिरफ्तार

    पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।

    झारखंड से एक गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।

    आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    • जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल
    • एफडीए छापेमारी लीक होने से बचने के लिए मंत्री नरहरि जिरवाल बनाएंगे निजी फ्लाइंग स्क्वाड
    • राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू
    • राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
    • Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई-
    राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?

    सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी

    मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा

    महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

  • Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur Sexual Harassment: बदलापुर यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी का एनकाउंटर केस का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल रहे पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।

    Badlapur Sexual Harassment: बम्बई उच्च न्यायालय ने बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अक्षय शिंदे की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इसी के साथ ही पुलिस को एसआईटी टिम का गठन कर जांच करने के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में ‘अनिच्छा’ के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राज्य की वैधता और आम आदमी के आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करती है।

    पुलिस की गोली से हुई मौत

    अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई आरोपी की मौत पर गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था। पीठ ने कहा कि केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। अदालत ने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच हो। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

    पीठ ने कहा कि जब प्रथम दृष्टया अपराध का खुलासा हो तो उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने पुलिस के अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त को पुलिस उपायुक्त की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सरकार के वकील अमित देसाई द्वारा अदालत के आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    फर्जी एनकाउंटर

    आप को बता दें कि ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी शिंदे की 23 सितंबर, 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई। खबरों के मुताबिक फर्जी एनकाउंटर का भी मामला प्रकाश मे आया था। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

  • 4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या, 25 वर्षीय युवक गुजरात से गिरफ्तार

    4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या, 25 वर्षीय युवक गुजरात से गिरफ्तार

    कांदीवली पश्चिम से 4 साल के बच्चे का अपहरण कर हत्या के मामले में कांदीवली पुलिस ने मालाड़ पश्चिम के रहने वाले 25 वर्षीय युवक को गुजरात से किया गिरफ्तार। आरोपी युवक पीड़ितों का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    मुंबई- कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके की घटना ने यहां लोगों को हैरान कर दिया है। एक 4 साल के बच्चे का अपहरण और हत्या के बाद से यहां मातम पसर गया है। 22 मार्च की देर रात हुई घटना में आखिरकार पुलिस ने बड़ी मशक्कत के साथ आरोपी को गुजरात के सुरत से गिरफ्तार कर लिया है। घटना की पड़ताल के लिए कांदीवली पुलिस ने कुल 6 अलग-अलग टीम गठित किया था। मामले की पड़ताल जारी। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    कांदीवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कुल 6 टीमों का गठन किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने तांत्रिक विश्लेषण के जांच पड़ताल शुरू की तो आरोपी का लोकेशन बार बार बदल रहा था। इस बीच पुलिस की टीमों ने कांदीवली, बोरीवली, मालाड़, अंधेरी, सांताक्रूज़ और विरार होते हुए गुजरात के कुछ हिस्सों तक के लगभग 150 से 200 सीसीटीवी कैमरों की तलाशी ली। पुलिस ने बताया कि आखिरकार आरोपी के सूरत में छिपे होने की जानकारी मिली। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    उत्तर प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त अभिषेक त्रिमुखे, मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी विभाग की एसीपी श्रीमती निता पाडवी से निर्देश लेकर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र अडाणे ने कांदीवली पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक नारायण खाडे, पुलिस सिपाही तिजारे और चौहाण को सुरत के लिए रवाना किया और वहां से 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ को गिरफ्तार किया। अपहर और हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नही हुआ है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 22 मार्च की रात लगभग 1:45 से 4 बजे के बीच कांदीवली पश्चिम के इरानी वाडी 3 नंबर इलाके में 4 साल का बच्चा अपने रिश्तेदारों के साथ सो रहा था। इस बीच बच्चा अचानक गायब हो गया और बाद में मृत पाया गया। पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्ही के रिश्तेदार ने बच्चे का अपहरण कर हत्या की है, जो मालाड़ पश्चिम के वलनई वसाहत में “सी” वार्ड का रहने वाला है। पुलिस ने गु.र.क्र.221/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा  140, 103 के तहत मुकदमा दर्ज जांच शुरू की तब तक आरोपी फरार हो चुका था। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

    कांदीवली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार 25 वर्षीय आरोपी अशोक गरुड़ पेशे से नौकरी करता है। रिश्तेदारों के बीच आपसी रंजीश का मामला हो सकता है। फिलहाल आरोपी काफी डरा और घबराया हुआ है। जल्द ही बच्चे के अपहरण और हत्या के पीछे का मकसद पता कर लिया जाएगा। फिलहाल तफतिश जारी है। ( 4 year old child kidnapped and murdered, 25 year old youth arrested from Gujarat)

  • Mumbai Crime: वकीलों का ‘स्पेशल 26’ मुम्बई के व्यापारी से 11.5 लाख रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

    Mumbai Crime: वकीलों का ‘स्पेशल 26’ मुम्बई के व्यापारी से 11.5 लाख रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: मुम्बई पुलिस ने चार फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक सीन जैसी डकैती की। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो वकील हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सोने के कारोबारी से 11 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए।

    मुम्बई: चार नकली आईबी के अधिकारियों ने भायखला में एक सोने के कारोबारी की शॉप पर छापा मारा। खुफिया इकाई का अधिकारी होने का दावा करते हुए उन्होंने शॉप पर सोना तस्करी का आरोप लगाया। उनमें से एक ने लैपटॉप पर कुछ नोट किया और फिर व्यवसायी के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देने लगा। उन्होंने 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी और 11 लाख 50 हजार रुपए जबरन वसूल लिये। मुंबई पुलिस ने चार नकली बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक दृश्य जैसी डकैती की थी। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो पेशे से वकील हैं। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    स्पेशल 26 की रेड

    भायखला में रहने वाले एक व्यापारी की बालाजी गोल्ड नामक सोने चांदी के गहनों की दुकान है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे व्यापारी अपने दो कर्मचारियों के साथ बैठा था। तभी चार लोग शॉप में घुस गए। चारों ने अपने पहचान पत्र दिखाते हुए बताया कि वे खुफिया ब्यूरो के अधिकारी हैं। चारों ने दुकान और वर्कशॉप की तलाशी ली और किसी को भी वहां से बाहर न जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि वे नकदी के बदले सोना बेच रहे हैं और सोने की तस्करी कर रहे हैं। चारों में से एक ने अपने बैग से लैपटॉप निकाला और स्टोर में मौजूद सामान को रिकॉर्ड करने लगा।

    किडनैपिंग और फिरौती

    उन्होंने व्यापारी को अपने साथ ले लिया और कहा कि तुम्हें हमारे साथ चलना होगा। केस दर्ज कराने की धमकी देकर 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी। जब व्यापारी ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं तो समझौता होने के बाद 11.5 लाख रुपए देना तय हुआ। वे चारों व्यापारी के साथ गिरगांव पहुंचे। व्यापारी ने अपने कर्मचारी से यह रकम लाने को कहा। कर्मचारी की ओर से पैसे देने के बाद चारों ने व्यापारी को विनय होटल के सामने टैक्सी से उतार दिया और फरार हो गये। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार

    व्यापारी सीधा-साधा कारोबार करता है। उसे पता था कि अधिकारी झूठे उसको फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। खुद के साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए इसके लिए व्यापारी ने मौके पर पैसे देकर अपना छुटकारा कर लिया। बाद में इसकी शिकायत उसने वीपी रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तांत्रिक विश्लेषण के जरिए आरोपियों का पता लगाकर सबसे पहले आजाद मैदान इलाके से किशन शेलार को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पवन चौधरी, सूर्यकांत शिंदे और श्रीजीत गायकवाड़ को गिरफ्तार किया गया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    आरोपियों में से दो निकले वकिल

    पुलिस ने बताया कि सूर्यकांत और श्रीजीत दोनों पेशे से वकील हैं। फर्जी अधिकारी बनकर अपराध दर्ज कराने की धमकी देकर व्यवसायी से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। समझौता होने के बाद 11 लाख 50 हजार रुपए देना तय हुआ। तदनुसार, यह राशि प्राप्त करने पर आरोपी भाग निकले और व्यापारी को छोड़ दिया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)